शुक्ला हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर बसंतपुर थाना में अपराध दर्ज, तत्काल गिरफ्तारी की उठ रही मांग

शुक्ला हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर बसंतपुर थाना में अपराध दर्ज, तत्काल गिरफ्तारी की उठ रही मांग

राजनांदगांव।

शुक्ला मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल में डॉक्टरों की लापरवाही से हुई 23 वर्षीय पुलकेश साहू की मौत के मामले में आखिरकार एफआइआर हो ही गया। बसंतपुर पुलिस ने जांच रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत पर हास्पिटल प्रबंधन व डॉक्टरों पर 420, 304 ए और 34 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। हालांकि मामले में प्रबंधन व डॉक्टरों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस ने एफआइआर कर मामले को विवेचना में लिया है। वहीं परिजनों को आश्वस्त भी किया है कि कार्रवाई में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। इसके लिए परिजनों ने आइजी हिमांशु गुप्ता से भी फोन पर न्याय की मांग रखी। आइजी ने भी परिजनों को कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। बड़ी बात यह है कि यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें हास्पिटल प्रबंधन के साथ डॉक्टरों के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज हुआ है। इधर एफआइआर की खबर शहर में लगते ही निजी हास्पिटल के संचालकों में हड़कंप मच गया है। वहीं डॉक्टर भी सकते में आ गए हैं।

परिजनों ने दर्ज कराई रिपोर्ट

डोंगरगढ़ से लगे ग्राम बेलगांव के 23 वर्षीय पुलकेश पिता कृष्णकुमार साहू बीते 26 सितंबर को बालोद जिले के देवरी-जेवरतला गांव के पास सड़क हादसे में घायल हो गया था। इलाज के लिए उसे मेडिकल अस्पताल के बाद शुक्ला मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल में दाखिल कराया गया। भर्ती के दिन ही शाम को पुलकेश के पूरे शरीर का एक्स-रे किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने रिपोर्ट नार्मल मानकर इलाज में गंभीरता नहीं दिखाई। जबकि रिपोर्ट में पुलकेश के सिर पर अंदरूनी चोंट का निशान था। कान से ब्लड भी आ रहे थे। दूसरे दिन 27 सितंबर की सुबह जब डॉक्टरों को पुलकेश के गंभीर होने की खबर लगी, तो प्रबंधन भी हड़बड़ा गया। आखिर में इलाज के दौरान पुलकेश की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने हास्पिटल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हास्पिटल प्रबंधन के साथ डॉक्टरों को भी घेरा। हालांकि पुलिस की हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ था। इसके दूसरे ही दिन 28 सितंबर को परिजनों ने बसंतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

बुधवार को पुलकेश के परिजन जिला कार्यालय के सामने एकजुट हो गए इसमें पुलकेश के कई एमआर दोस्त भी थे। सभी एकजुट होकर बसंतपुर थाना पहुंचे, यहां कांग्रेस के युवा नेता निखिल द्विवेदी व भाजयुमो के युवा नेता मोनू बहादुर सिंह के साथ परिजनों ने थाना प्रभारी से घटना की शिकायत की। परिजनों की शिकायत और प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तत्काल हास्पिटल प्रबंधन व उनके दो डॉक्टर प्रतीक कौशिक और डा. चमन निषाद पर मामला दर्ज किया। इससे पहले परिजनों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निज सचिव से मोबाइल फोन पर थाना प्रभारी की बात भी कराई। जिसमें सीएम के निज सचिव ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।

डॉक्टरों की लापरवाही से 23 वर्षीय बेटे को खोने के बाद भी पुलकेश के पिता कृष्णकुमार साहू कमजोर नहीं हुए। मामले में पुलकेश के दोस्तों ने भी साथ दिया, जिसके कारण परिजनों ने जिला प्रशासन के साथ मामले की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी की। सीएम कार्यालय में की गई शिकायत पर मुख्यमंत्री के निज सचिव ने कलेक्टर को जांच के लिए निर्देशित किया। जिसमें कलेक्टर ने एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठित कर मामले की जांच कराई और रिपोर्ट सीएम के निज सचिव को भेजा। इसके बाद पुलकेश के परिजन जांच प्रतिवेदन लेकर सीएम के निज सचिव से मिले। सीएम कार्यालय के आश्वासन के बाद ही परिजनों ने बुधवार को बसंतपुर थाने में एफआइआर दर्ज कराने पहुंचे।

परिजन आज पुलिस को सौंपेंगे कई दस्तावेज

पुलकेश के परिजन गुरुवार को कई ऐसे दस्तावेज पुलिस को सौंपेगी, जिसमें हास्पिटल प्रबंधन व डॉक्टरों पर कई और धाराएं जुड़ सकती है। पुलकेश के चाचा प्रेम साहू ने बताया कि हास्पिटल प्रबंधन ने सीसीटीवी फूटेज के साथ दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर साक्ष्य छुपाने की कोशिश की है। लेकिन उनके पास कई ऐसे दस्तावेज है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रबंधन व डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की है। पुलकेश के चाचा ने बताया कि सीएम से शिकायत के बाद प्रबंधन के डॉक्टरों ने केस वापस लेने उन पर दबाव बनाने की कोशिश भी की है, जिसका आडियो पुलिस को सौंपेंगे। साथ ही घटनाक्रम से जुड़ी 27 सितंबर को दोपहर एक बजे तक की सीसीटीवी फूटेज है, उसकी वीडियो फूटेज भी पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को दी जाएगी।

सरकार ने कराई निष्पक्ष जांच

पुलकेश के परिजनों को लेकर बसंतपुर थाने पहुंचे एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव व कांग्रेस के युवा नेता निखिल द्विवेदी ने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने ऐसे मामले में निष्पक्ष जांच की। निखिल ने कहा कि पहले भी कई निजी व शासकीय हास्पिटल में डॉक्टरों की लापरवाही से मरीजों की मौत का मामला सामने आया, लेकिन कभी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई। यह पहला ऐसा मामला है, जिसकी शिकायत के बाद सीएम कार्यालय ने निष्पक्ष जांच कराकर हास्पिटल प्रबंधन व डॉक्टरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इससे डॉक्टरों में गंभीरता जरूर जाएगी।

पदमेश साहू, पुलकेश का बड़ा भाई ने कहा

इलाज में लापरवाही कर जिस तरह परिजन व प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की गई है। ऐसे मामले में तो हास्पिटल प्रबंधन व डॉक्टरों पर गैर जमानती धारा के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि मरीजों के इलाज के दौरान डॉक्टर गंभीर रहे। डॉक्टरों को सजा मिलने के बाद ही हमें न्याय मिलेगा।

नासिर बाठी, थाना प्रभारी बसंतपुर

शुक्ला मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल के प्रबंधन और दो डॉक्टर के खिलाफ एफआइआर किया गया है। परिजनों की शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर धारा 420, 304 ए और 34 के तहत मामला पंजीबद्ध हुआ है। मामले को जांच में लिया गया है। हास्पिटल की जांच कर प्रबंधन का बयान भी लेंगे। इसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई होगी।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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