लोक निर्माण के अफसरों पर कार्यवाही, ठेकेदार को नोटिस देकर छोड़ा…

लोक निर्माण के अफसरों पर कार्यवाही, ठेकेदार को नोटिस देकर छोड़ा…

रायपुर। राजधानी रायपुर के मोवा ओवरब्रिज में घटिया डामरीकरण के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) ने जिम्मेदार इंजीनियरों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। पीडब्लूडी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर पीडब्लूडी सचिव आईएएस डा. कमलप्रीत सिंह ने ओवरब्रिज के डामरीकरण की जांच करवा दी थी। जांच रिपोर्ट में पूरे काम की क्वालिटी घटिया पाई गई है। इस आधार पर पीडब्लूडी विभाग ने कार्यपालन यंत्री विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) रोशन कुमार साहू तथा तीन उप अभियंता राजीव मिश्रा, देवव्रत यमराज और तन्मय गुप्ता को सस्पेंड कर दिया। मामले में घटिया काम करने वाले ठेकेदार को किसके इशारे पर नोटिस देकर ही छोड़ दिया गया।

पीडब्लूडी के इन इंजीनियरों के निलंबन में कहा गया है कि मोवा ओवरब्रिज के डामरीकरण व निर्माण की क्वालिटी खराब पाई थी। रायपुर ब्रिज डिवीजन के चीफ इंजीनियर की ओर से केंद्रीय गुणवत्ता अनुसंधान प्रयोगशाला से जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट दो दिन पहले मिली, जिसमें औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाइंड डेन्सिटी और मटेरियल का ग्रेडेशन मानक स्तर से कम पाया गया। पूरे मामले में सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार को केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया र्है। सूत्र बताते है कि ठेकेदार को अधिकारियों का शह होने के कारण उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग के ईएनसी जिन्होंने पूरे सर्विस काल में केवल ब्रिज और एनएच में काम किया।

बीएण्डआर में कभी काम नहीं किया। उनकी नजर में भवन और रोड निर्माण करने वाले अभियंता निठल्ले हैं। उन्हें जो अपने ठेकेदार जादवानी पर पूरा भरोसा है। अब ठेकेदार ने मोवा ब्रिज में जो घटिया डामर डाल वह ठंड में उड़ गया। धूल और गिट्टी अलग हो गई। जिस ब्रिज पर एक दिन में औसतन एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हो वहां पर पोतने वाले डामर की परत काम नहीं आने वाली। यह सबको मालूम था। ठेकेदार अपना खेल कर निकल गया। अब नोटिस का जवाब देकर अपने अफसर की चाकरी कर बच जाएगा। ईई और सब इंजीनियर के माथे पर डामरीकरण घोटाला मुंह पर कालिख की तरह उनकी सेवा काल तक लगा रहेगा। आखिर विभाग के बॉस के चहेते को कैसे ब्लैक लिस्टेड कियसा जा सकता था। अफसर तो सेट हो गए, लेकिन उप मुख्यमंत्री साव को भी उनके विभाग के अफसरों की कहानी के बारे पता है या नहीं यह तो वक्त बताएगा।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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