एक बच्चे की जान बचा मां के लिए रेलवे बनी मसीहा….

एक बच्चे की जान बचा मां के लिए रेलवे बनी मसीहा….
दिल्ली। भारतीय रेल इस देश की लाइफलाइन है। न जाने कितने लोगों के चेहरे पर रेलवे मुस्कान ले आती है। इस बार रेलवे ने जो किया है। आप सुनकर इसके प्रति सम्मान से भर उठेंगे।
दरअसल, पूरे देश में लॉकडाउन के चलते कई चीजों की किल्लत है। इसी के चलते मुंबई के चेंबूर में रहने वाली नेहा सिन्हा ने प्रधानमंत्री को टैग करते हुए एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, ‘सर मेरा साढ़े तीन साल का बेटा ऑटिज्म और गंभीर फूड एलर्जी से पीड़ित है। वह केवल ऊंटनी के दूध और सीमित मात्रा में दालों पर जिंदा रहता है। मेरे पास लंबे समय तक रखने के लिए पर्याप्त ऊंटनी का दूध नहीं था। राजस्थान के सादरी से ऊंटनी का दूध या उसका पाउडर लाने में कृपया मेरी मदद करें।’
ट्वीट के बाद रेलवे अधिकारी हरकत में आ गए। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक तरुण जैन ने राजस्थान से मुंबई तक फ्रोजन दूध भेजने के लिए लुधियाना से बांद्रा टर्मिनस को जाने वाली पार्सल मालगाड़ी संख्या 00902 को अजमेर के पास फालना स्टेशन पर स्टापेज न होने के बाद भी रूकवाया। इस बीच ऊंटनी का दूध सप्लाई करने वाले सप्लायर से फालना स्टेशन पर दूध पहुंचाने को बोला गया। रेलवे ने इसके लिए स्पेशल पार्सल काउंटर खोला। इसके बाद रेलवे ने बीस लीटर ऊंटनी का दूध और दूध पाउडर लेकर मालगाड़ी को मुंबई रवाना किया। इसके बाद बांद्रा रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों की टीम ने महिला को दूध और दूध पाउडर दे दिया। रेलवे के इस कारनामे को जिसने सुना वो सिर्फ तारीफ करता रहा। उधर भावुक मां के लिए रेलवे किसी मसीहा सरीखी नजर आई।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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