रायगढ़। लैलूंगा के चर्चित थप्पड़कांड में नया कानूनी मोड़ आ गया है। सरकारी कॉलेज के सहायक प्राध्यापक रेमन भार्गव की शिकायत पर पुलिस ने उस युवती के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है, जिसने कुछ दिन पहले उन्हें सरेआम थप्पड़ मारने का आरोपित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया था। प्रोफेसर का आरोप है कि युवती ने उनसे रुपए मांगे, मना करने पर गाली-गलौज की, कॉलर पकड़कर मारपीट की और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 296 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासकीय महाविद्यालय कुंजारा में पदस्थ सहायक प्राध्यापक रेमन भार्गव ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि भागीरथी पटेल कॉलोनी में रहने वाली युवती का उनके घर आना-जाना था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवती कई बार उधार में रुपए मांग चुकी थी। प्रोफेसर का कहना है कि हाल में फिर पैसे मांगने पर उन्होंने इंकार किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवती ने उनके साथ अभद्रता की, कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारे और झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि घटना के बाद भय के कारण वे कुछ समय के लिए लैलूंगा छोड़कर रायगढ़ चले गए थे और बाद में पत्नी के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
यहीं से शुरू हुआ था पूरा विवाद
यह वही मामला है, जिसने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। वीडियो में एक युवती सहायक प्राध्यापक का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारते और तीखी नोकझोंक करते दिखाई दे रही थी। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि सहायक प्राध्यापक पिछले करीब डेढ़ साल से व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से अश्लील संदेश भेज रहे थे तथा उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहे थे। युवती ने खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने उस शिकायत के आधार पर प्रोफेसर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 और 79 के तहत मामला दर्ज किया था।
अब जांच के केंद्र में दोनों पक्षों के आरोप
ताजा एफआईआर के बाद यह मामला अब एकतरफा शिकायत का नहीं रहा। पुलिस रिकॉर्ड में दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज हैं और दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में जांच एजेंसी अब दोनों मामलों के तथ्यों, गवाहों के बयान, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों का परीक्षण करेगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।शासकीय महाविद्यालय कुंजारा के प्राचार्य एम.एल. पटेल ने कहा कि घटना कॉलेज परिसर की नहीं है और कॉलेज को इस संबंध में युवती की ओर से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी शिकायत मिलती तो नियमानुसार उच्च शिक्षा विभाग को अवगत कराया जाता।
जांच में जुटी पुलिस
लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि युवती की शिकायत पर पहले सहायक प्राध्यापक के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। अब प्रोफेसर की शिकायत पर युवती के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।