CG Harassment Case: धमकी, दुर्व्यवहार और प्रताड़ना’ के आरोपों से घिरे कृषि विभाग के अधिकारी, महिला आयोग हुआ सख्त, निलंबन की कर दी सिफारिश

CG Harassment Case: धमकी, दुर्व्यवहार और प्रताड़ना’ के आरोपों से घिरे कृषि विभाग के अधिकारी, महिला आयोग हुआ सख्त, निलंबन की कर दी सिफारिश
CG Harassment Case: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में कृषि विभाग से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बन गया।  जिसमें महिला कर्मचारियों ने एक प्रभारी अधिकारी पर कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

CG Harassment Case: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में कृषि विभाग से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बन गया।  जिसमें महिला कर्मचारियों ने एक प्रभारी अधिकारी पर कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने संबंधित अधिकारी के निलंबन की अनुशंसा की है।

32 मामलों की हुई सुनवाई

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों से जुड़े कुल 32 प्रकरणों की संयुक्त जनसुनवाई की। सुनवाई के दौरान 15 मामलों का निराकरण किया गया, जबकि अन्य मामलों में आवश्यक निर्देश और अनुशंसाएं जारी की गईं।

महिला कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप

सुनवाई के दौरान कृषि विभाग से जुड़े एक मामले में कई महिला कर्मचारियों ने लखनपुर में पदस्थ प्रभारी एसएडीओ (सीनियर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर) विनायक पाण्डेय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी द्वारा कार्यस्थल पर अभद्र व्यवहार किया जाता था, अनावश्यक दबाव बनाया जाता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया कि कर्मचारियों से निर्धारित कार्य समय से इतर भी काम कराया जाता था तथा विरोध करने पर धमकी और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ता था।

सुनवाई में नहीं पहुंचे अधिकारी

महिला आयोग की सुनवाई के दौरान विनायक पाण्डेय उपस्थित नहीं हुए। आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए उनके तत्काल निलंबन की अनुशंसा की है। साथ ही उपसंचालक कृषि, अंबिकापुर को विभागीय जांच कराने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने जांच पूरी कर दो माह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है।

महिला आयोग अध्यक्ष ने क्या कहा?

महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने बताया कि 5 से 6 महिला कर्मचारियों ने लिखित शिकायत देकर प्रभारी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतों में दुर्व्यवहार, गाली-गलौज, धमकी देने और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिसके बाद आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए उनके निलंबन की अनुशंसा की है।

कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख

महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या उत्पीड़न को गंभीरता से लिया जाएगा। आयोग का कहना है कि सभी महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है। फिलहाल मामले में विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Sunil Agrawal

Chief Editor - Pragya36garh.in, Mob. - 9425271222

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