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  • पूज्य अतुल कृष्ण जी भारद्वाज ने पत्रकारों से की वार्ता, धार्मिक कथा आयोजन से बढ़ती है सामाजिक एकता

    पूज्य अतुल कृष्ण जी भारद्वाज ने पत्रकारों से की वार्ता, धार्मिक कथा आयोजन से बढ़ती है सामाजिक एकता

    खरसिया । श्रीमद् भागवत कथा वाचन के लिए श्रीधाम वृंदावन धाम से पधारे श्रीमद् भागवत कथा वाचक परम पूज्य आचार्य श्री अतुल कृष्ण जी भारद्वाज जो कि अपने शुरुआती जीवन में स्वयं भी देश के जाने-माने ख्याति प्राप्त पत्रकार रह चुके हैं उन्होंने कथा के आयोजक गर्ग परिवार नवापारा वाले द्वारा कन्या विवाह भवन में प्रेस वार्ता आयोजित की गई प्रेस वार्ता में पत्रकार बंधुओं से धर्म-कर्म, सामाजिक समरसता, और भारत के सर्वधर्म समभाव एवं सत्य सनातन हिंदू धर्म, गौ माता, पितरों के तर्पण, पितरों के मोक्ष के लिए किए जाने वाले उपाय, प्रभु की भक्ति, घरगृहस्थी में रहते हुए प्रभु का स्मरण, बच्चों को दिए जाने वाले संस्कार, सहित हिंदू धर्म के विषय में विस्तृत चर्चा की
    पूज्य अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने बताया कि जहां भागवत ज्ञान यज्ञ कथा होती है वह एक ऐसा स्थान है जहां हिंदू एकत्रित होकर सामाजिक एकजुटता का परिचय देते हुए लगातार 7 दिनों तक भागवत कथा का आनंद लेते हुए ज्ञान प्राप्त करते हैं। अन्य धर्मों में सप्ताह में एक या दो दिन सामूहिक प्रार्थना आयोजित की जाती है एवं उनके धर्मगुरुओं द्वारा प्रवचन, धर्म के विषय में ज्ञान, आदि दिया जाता है उस धर्म के बच्चे बूढ़े जवान और औरतें उसका पालन करते हैं अन्य धर्मों में सामाजिक एकता उनके धर्म स्थानों में ही दी जाती है जिससे उनकी सामाजिक एकता बनी रहती है। इसे देखते हुए इसी प्रकार की एकता हिंदुओं में भी होनी चाहिए आज हिंदू धर्म टुकड़ों में बटा हुआ है। जिसका लाभ दूसरों के द्वारा उठाया जाता है और हिंदू धर्म को तोड़ने की खत्म करने की साजिश की जाती है आज हिंदू धर्म में एकता नहीं है और आज के माहौल को देखते हुए हिंदुओं का भी अपने पृथ्वी के सबसे पुराने सत्य सनातन धर्म दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिक सनातन धर्म में लिखी बातों का अनुसरण करते हुए अपने वैज्ञानिक प्रयोग करते हैं उस सनातन हिंदू धर्म के प्रति आस्था रखते हुए हिंदुओं को सामाजिक एकता और सामाजिक अखंडता बनाए रखनी चाहिए जिसके लिए कथा आयोजन का एक महत्वपूर्ण स्थान है।
    अक्सर देखने में आता है कि हिंदू एक नहीं है मंदिरों में भी जाएंगे तो भगवान की पूजा करेंगे और वापस आ जाएंगे आसपास उस मंदिर में कौन है किस से मिलना है इस सब से वास्ता नहीं रखते इन्हें अपने से मतलब रहता है दूसरों से मतलब नहीं रहता है अतः हिंदुओं को भागवत ज्ञान कथा में आना चाहिए जिससे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति होने के साथ-साथ हिंदुओं की सामाजिक एकता का भी प्रचार प्रसार होता रहे।

    आगे उन्होंने गौ सेवा पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रारंभ से ही छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा गौ धन रहा हैं और छत्तीसगढ़ वासी सीधे सरल और गौ सेवा में आगे रहते हैं संपूर्ण भारत की तरह छत्तीसगढ़ में भी गाय को गरुवा माता कहा जाता है । आज गौ माता को वही स्थान दिलाना बहुत आवश्यक है जो श्री कृष्ण के द्वापर युग में था।
    गौ माता के खाने की समुचित व्यवस्था करने के लिए अतुल कृष्ण जी ने सुझाव दिया कि घरों की पहली रोटी बच्चों को दी जाए जो स्कूलों में ले जाकर इकट्ठा करें तथा उन्हीं रोटियों को गौशाला मैं पहुंचाया जाए इन रोटियों को भूसी में मिला कर दिया जाएगा तब गाय को पर्याप्त उर्जा और शक्ति प्राप्त होगी उन्होंने सभी लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अपने बच्चों के जन्मदिन अपने जन्मदिन या शादी की सालगिरह विवाह के उपलक्ष में गौशाला में सवामणी लगवाएं साथ ही होटलों में पार्टी न मनाकर गायों के साथ गौशाला में अपना समय व्यतीत करें आपको काफी शांति मिलेगी। गाय के गोबर का बना खाद से तैयार होने वाली उपज को अपने खाद्य पदार्थों में प्राथमिकता दें जिससे शरीर पुष्ट तो होगा ही तथा  विचारों में कोमलता भी आएगी ।
    आगे पितरों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने पितृ मोक्ष के बारे में कहा कि श्राद्ध के समय जो जल तर्पण करके पितरों को समर्पित किया जाता है उससे उनकी आत्मा को तृप्ति मिलती है श्राद्ध 3 पीढ़ियों तक किया जाता है जो भी श्राद्ध किया जाता है उसमें सारे पितरों को आह्वान कर भक्ति भाव से तर्पण किया जाना चाहिए जिससे पितृ देव खुश होते हैं और उन्हें तृप्ति मिलती है जिससे प्रसन्न होकर वह संतान वृद्धि और धन वृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। प्रत्येक अमावस के दिन भी पितरों को याद करते हुए उनका तर्पण किया जाना चाहिए जिससे  पितृ देव खुश होते हैं उन्हें तृप्ति प्राप्त होती है साथ ही उन्हें जल्द ही मोक्ष प्राप्त हो जाता है।
    कार्यक्रम के अंत में पूज्य महाराज जी द्वारा सभी पत्रकारों को आशीर्वाद देते हुए प्रसाद प्रदान किया गया।
    आज की पत्रकार वार्ता में खरसिया नगर के सभी पत्रकार साथियों सहित भागवत कथा के आयोजक गर्ग परिवार नवापारा  वाले की गरिमामय उपस्थिति रही।

  • घरों में सजा बाप्पा का दरबार जगह जगह विराजे विघ्नहर्ता…

    घरों में सजा बाप्पा का दरबार जगह जगह विराजे विघ्नहर्ता…


    खरसिया ।  नगर में गणेशोत्सव की धूम रही और लोगों ने ढोल ताशे और बाजे गाजे के साथ गणपति की प्रतिमा को लेकर विधिविधान से पूजन क्र बाप्पा की स्थापना की । विदित हो की आज से गणेश उत्सव शुरू हो गया है। मान्यता है कि भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि पर विध्नहर्ता और मंगलमूर्ति भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसी कारण से सभी चतुर्थी में इसका विशेष स्थान है। आज से घर-घर और बड़े-बड़े पंडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित करके उनकी विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हो गयी है। भगवान गणेश के भक्त अपने घरों और सार्वजनिक जगहों पर गणेशजी की भव्य प्रतिमाएं स्थापित करके विधि-विधान से पूजा कर रहै हैं। गणेशोत्सव का पर्व 9 सितंबर तक चलेगा। आने वाले 10 दिनों में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हुए भगवान गणपति से जीवन में सुख-समृद्धि और संपन्नता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

    इस साल गणेश चतुर्थी पर लंबोदर योग

    पंचांग के अनुसार 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी है इस दिन गणपति जी की स्थापना की जाती है। गणेश महोत्सव का पर्व चतुर्थी तिथि से प्रारंभ होकर अगले 10 दिनों तक चलता है। विदित हो कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को प्रथम देव गणपति के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है गणेश चतुर्थी से अगले 10 दिनों तक भगवान गणेश जी की मूर्ति स्थापित की जाती है। इसके साथ ही अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति भगवान की विधिवत पूजा अर्चना करके उनकी विदाई करके प्रतिमा का विसर्जन करते हैं और अगले साल आने के लिए आमंत्रित करते हैं।

     इस साल की गणेश चतुर्थी है काफी खास

    31 अगस्त को पड़ने वाली इस बार की गणेश चतुर्थी काफी खास मानी जा रही है क्योंकि 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव में काफी शुभ योग बन रहे हैं इन दिनों में गणेश जी की पूजा करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होगी।

    31 अगस्त का दिन गणेश चतुर्थी के लिए इसलिए खास

    जानकारों का कहना है कि इस बार 31 अगस्त को वो सारे संयोग बन रहे हैं जो गणेश जी के जन्म के समय बने थे। पंचांग के अनुसार इस दिन बुधवार होने के साथ-साथ चतुर्थी नक्षत्र के साथ दोपहर का समय है जब माता पार्वती ने गणपति जी को बनाया था। गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्थी के बीच ऐसे 7 मुहूर्त बन रहे हैं तो काफी खास माने जाते हैं । माना जा रहा है कि ऐसा मुहूर्त करीब 300 सालों के बाद बन रहा है क्योंकि गणेश उत्सव के दौरान शनि बुध सूर्य और गुरु अपनी ही राशि में विराजमान रहेंगे।

  • आज धर्म ऐसे संकट में है कि इंसान भगवान् को भी बांटकर अपना बंटवारा करने में लगा है- देवी चित्रलेखा जी

    आज धर्म ऐसे संकट में है कि इंसान भगवान् को भी बांटकर अपना बंटवारा करने में लगा है- देवी चित्रलेखा जी

    खरसिया । दिनांक 29 अगस्त दिन सोमवार को बड़ा भैणिया परिवार द्वारा कराई जा रही पितृ मोक्षार्थ भागवत कथा के द्वितीय दिवस की कथा दोपहर 3 बजे शुरू हुई। कथा में व्यास पीठ से देवी चित्रलेखा ने कहा कि कथा इसलिए नहीं है क़ि जीवन परिवर्तित हो जाए, ये कथा सिर्फ प्रभु के आनंद को जीने के लिए है। आ जाओ कथा में और जब बैठो तब छोड़ दो प्रभु पर सब कुछ । चिंता इतनी करो की काम हो जाए,पर इतनी नही की जिंदगी तमाम हो। ‎मस्त रहिये, हरिनाम में व्यस्त रहिये।

    भगवान की आरती के साथ शुरू हुई श्रीमद भागवत कथा
    द्वितीय दिवस की कथा में उमड़ने लगा जनसैलाब


    श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन की कथा में भगवान के २४ अवतारों आदि परषु, चार सनतकुमार, वराह, नारद, नर-नारायण, कपिल, दत्तात्रेय, याज्ञ, ऋषभ, पृथु, मतस्य, कच्छप, धनवंतरी, मोहिनी, नृसिंह, हयग्रीव, वामन, परशुराम, व्यास, राम, बलराम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि का वर्णन किया गया। कलियुग के आरंभ में पांडवकुल भूषण राजा परीक्षित के तपस्यारत शमीक ऋषि के गले में सर्प डालने तथा ऋषि पुत्र के राजा को नाग द्वारा डसने संबंधी श्राप दिए जाने की कथा भी सुनाई। वहीं ऋषियों के परीक्षित को श्राप से मुक्ति दिलाने का उपाय का वर्णन करते हुए श्रीमद्भागवत कथा श्रवण को मुक्ति का सरल उपाय बताया। कथा के दौरान देवी चित्रलेखा जी ने लोगो को गौ माता की रक्षा करने का मूल मंत्र दिया युवाओ को प्रेणा देते हुए उन्हें गौ माता की रक्षा करने के लिए आगे आने को कहा साथ-साथ किसानो को भी खेती में विषैले उर्वरको की जगह गौ माता का स्वनिर्मित गोबर से बने खाद का उपयोग करने को कहा ताकि खेतो में अच्छी फसल के साथ प्राकृतिक हो जिससे खाद्य पर्दार्थ मानव शरीर को रोग मुक्त कर सके देवी जी ने कथा के दौरान गौ माता की दयनीय दशा की और ध्यान आकर्षित करते हुए लोगो को गौ माता को पलने के लिए प्रेणा दी गौ माता बचेगी तो देश बचेगा,लोगो को भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए प्रेरित किया। विदित हो कि बड़ा भेड़िया परिवार के द्वारा स्थानीय टाउन हॉल मैदान में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन दिनांक 28 अगस्त से कराया जा रहा है जिसमे भागवत कथा का वचन प्रख्यात वक्ता एवम भागवत मर्मज्ञ देवी चित्रलेखा जी के द्वारा किया जा रहा है।

  • नाम को भजकर ही भगवान् की प्राप्ति संभव – श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज

    नाम को भजकर ही भगवान् की प्राप्ति संभव – श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज

    खरसिया । खरसिया नगरी की धन्य धरा पर आयोजित श्रीमद भगवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पूज्य श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने बताया कि जन्म लेना और मृत्यु होना मृत मनुष्य के जीवन में 2 सबसे बड़े दुख हैं मनुष्य का जन्म बड़े दुखों के साथ होता है और मृत्यु भी दुखी करती है तो फिर भी मनुष्य यह जानते हुए संसार में सुख और आनंद की तलाश करते हैं वास्तव में उसने अपने जीवन का लक्ष्य कभी परमात्मा को बनाया ही नहीं कथा श्रवण कर यदि मनुष्य आत्म चिंतन कर उस पर अमल करें तो जीवन का अर्थ ही बदल जाएगा । श्रीमद् भागवत कथा में पूज्य कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा पान कराते हुए बताया कि आज मनुष्य अपने लक्ष्य से भटक गया है मनुष्य का लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति होना चाहिए।

    मृत्यु होने पर शरीर संसार में ही नष्ट हो जाता है शरीर के रिश्ते केवल संसार तक ही सीमित है और आत्मा को परमात्मा अपने साथ ले जाते हैं जीवन का लक्ष्य केवल परमात्मा की प्राप्ति का होना चाहिए और संसार में रहते हुए शरीर से जो भी कार्य हो रहे हो वह परमात्मा का मानकर करते रहना चाहिए श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने बताया कि कलियुग में भगवान को पाने का सबसे अच्छा तरीका है भगवान की भक्ति। भगवान की भक्ति से ही परमात्मा को पाया जा सकता है और यह भक्ति बिना राधा रानी के प्राप्त होने वाली नहीं है जो निस्वार्थ भाव से भगवान की भक्ति करता है उसे राधा कृष्ण राधा रानी की कृपा प्राप्त होती है। विदित हो की खरसिया में गर्ग परिवार के द्वारा श्रीमद भागवत कथा का आयोजन २८ अगस्त से कन्या विवाह भवन में कराया जा रहा है ।

  • सर्वेश्वरी समूह ने मनाई बाबा कीनाराम की जयंती

    सर्वेश्वरी समूह ने मनाई बाबा कीनाराम की जयंती

    खरसिया। बाबा कीनाराम की 423 जयंती की तैयारी को लेकर आश्रम को पूरी तरह सजाया गया वही श्री सर्वेश्वरी समूह के आश्रम प्रमुख बाबा आत्माराम के मार्गदर्शन में पूजा पाठकर हवन किया गया उसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। सर्वेश्वरी समूह से जुड़े दिनेश केशरी ने बताया प्रतिदिन बाबा के दर्शन पाने के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं, लेकिन गुरु पूर्णिमा और बाबा की जयंती के दिन खरसिया सहित आसपास से काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए आते है। ठाकुरदिया वार्ड नं.18 में श्री सर्वेस्वरी समूह में बाबा किनाराम का आश्रम है। अघोराचार्य बाबा कीनाराम का जन्म सन् 1693 भाद्रपद शुक्ल को चंदौली के रामगढ़ गाँव में अकबर सिंह के घर हुआ। बारह वर्ष की अवस्था में विवाह अवश्य हुआ पर वैराग्य हो जाने के कारण गौना नहीं कराया। ये देश के विभिन्न भागों का भ्रमण करते हुए गिरनार पर्वत पर बस गये।

    कीनाराम सिद्ध महात्मा थे और इनके जीवन की अनेक चमत्कारी घटनाएं प्रसिद्ध हैं। वाराणसी: जिले में अघोर आचार्य बाबा कीनाराम का आश्रम है. मान्यता यह भी है कि बाबा किनाराम को भगवान शिव का अवतार भी माना जाता है। कौशिक, दिनेश केशरी, नारायण चक्रधारी, नित्यानंद, धनसाय यादव, नंदलाल सहित सैकड़ों भक्तों ने इस अवसर पर पूजा पाठ कर प्रसाद ग्रहण किया।

  • श्रीमद भागवत कथा की तैयारी अंतिम चरण में, व्यास पीठ पर पं अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज होंगे विराजमान

    श्रीमद भागवत कथा की तैयारी अंतिम चरण में, व्यास पीठ पर पं अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज होंगे विराजमान

    गर्ग परिवार( नवापारा वाले) द्वारा 28 अगस्त से 3 सितंबर तक कन्या विवाह भवन में करवाया जा रहा है श्रीमद भागवत कथा का आयोजन

    खरसिया। कहा गया है कि भागवत कथा बड़े ही पुण्य कर्म करने वालों को प्राप्त होती है भागवत कथा का आयोजन करने तथा सुनने के अनेक लाभ हैं इसे आयोजित कराने तथा सुनने वाले व्यक्तियों परिवारों के पितरों को शांति और मुक्ति मिलती है इसे सुनने के क्रम में आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति करते हुए आप सांसारिक दुखों से निकल पाते हैं एवं सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।धर्म नगरी खरसिया की पावन धरा पर पितृमोक्षार्थ सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन गर्ग परिवार (नवापारा वाले) के द्वारा दिनांक 28 अगस्त से 3 सितम्बर तक स्थानीय कन्या विवाह भवन में करवाया जा रहा है।कथा स्थल पर भव्य वॉटरप्रूफ पांडाल का निर्माण कराया गया है जिसमें सुसज्जित मंच का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।

    कथा श्रवण हेतु पूरे नगर सहित अंचल के लोगो को निमंत्रण पत्र देकर कथा में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया गया है व्यास पीठ पर विराजमान बृन्दावन से पधार रहे मानस मर्मज्ञ परम् पूज्य आचार्य श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज के श्रीमुख से कथा का रसास्वादन कराया जाएगा। उक्त कथा का आयोजन गर्ग परिवार खरसिया,नवापारा,बोजिया,बांकीमोंगरा, कोटमी,चंद्रपुर, बरमकेला,बिलासपुर वाले द्वारा स्थानीय कन्या विवाह भवन में दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक करवाया जावेगा,जिसका लाइव प्रसारण यू ट्यूब के माध्यम भी किया जावेगा।

  • धूमधाम से मनाया जाएगा राणी सती दादी का भादवा अमावस्या उत्सव……

    धूमधाम से मनाया जाएगा राणी सती दादी का भादवा अमावस्या उत्सव……

     

    खरसिया। धर्म की नगरी खरसिया के छपरी गंज स्थित झुुंझनु वाली दादी राणी सती मंदिर में दादी जी का भादवा अमावस्या बड़ी धुम धाम से राणी सती सेवा समिति द्वारा 26 एवं 27 अगस्त दो दिन मनाया जावेगा। राणी सती सेवा समिति के अमोल अग्रवाल (भुरू) ने बताया कि दादी भक्तों के लिए भादवा अमावस्या के अवसर पर दो दिवसीय उत्सव दादी सती मंदिर में मनाने की तैयारी जोरो से चल रही है।

    26 अगस्त शुक्रवार को रतजगा एवमं 27 अगस्त को चुंदड़ी चूड़ा सिंगार सुबह 10 बजे, आरती पूजन सुबह 11 बजे इसके पश्चात भंडारे का प्रसाद दोपहर 12:30 बजे से प्रारम्भ होगा उसके बाद जमशेदपुर के प्रसिद्ध मंगल पाठ वाचक सूरज शर्मा व संतोष शर्मा आएगी। दादी जी के मंगल पाठ में भक्तों के लिए बैठने की व्यवस्था समिति द्वारा विशेष की गई है। दादी राणी सती जी के मंदिर को रंग बिरंगी विद्युत झालरो से सजाया गया है। श्री झुंझनु वाली राणी सती धर्मादा ट्रस्ट व राणी सती सेवा समिति के सभी लोग कार्यक्रम को भव्यता देने में दिन रात लगे हुए है।

  • आनलाइन फ्राड को सतर्कता से रोका जा सकता है-निमिशा पांडेय

    आनलाइन फ्राड को सतर्कता से रोका जा सकता है-निमिशा पांडेय

    सायबर अपराध रोकने चैम्बर ने किया कार्यशाला का आयोजन

    सायबर अपराध को रोकने सरल तरीके से समझाया नंदकिशोर गौतम थाना प्रभारी ने

    खरसिया- ऑनलाइन फ्राड को केवल जागरूक होकर रोका जा सकता है।
    उक्त बातें छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कामर्स खरसिया एवं रायगढ़ पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऑनलाइन फ्राड सायबर एवं सिक्योरिटी जागरूकता कार्यशाला के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी पुलिस निमिशा पांडेय ने कही।
    उन्होंने चैम्बर द्वारा आयोजित किये जा रहे कार्यशाला में आयोजको को बधाई देते हुए कहा की फ्रॉड कभी भी किसी के साथ हो सकता है जिसे आप की सतर्कता से बहुत आसानी से रोका जा सकता है अन्यथा फ्राड होने के बाद उसे सुलझाना उतना ही कठिन है अतः हमें हमेशा सचेत रहने की जरूरत है।
    कार्यशाला में थाना प्रभारी नंदकिशोर गौतम ने विस्तार से समझाते हुए बताया कि डिजिटल डिजिटल अपराध को केवल आप ही रोक सकते हैं जागरूक होकर कोई अपराध होने से पहले उसे रोकने का प्रयास करना उचित होता है फर्जी खाता खुल जाते हैं और उस व्यक्ति को पता भी नहीं होता उन्होंने वर्तमान में विभिन्न तरीकों से हो रहे काट के बारे में जानकारी देते हुए बताया व्हाट्सएप में मैसेज में +92 से मैसेज आते हैं जिसमें लिंक होता है उसे बिना जानकारी की क्लिक न करें नए नए एप्लीकेशन डाउनलोड करवाए जाते हैं जिससे आपकी पूरी जानकारी उन्हें मिल जाती है मोबाइल में मिलने वाली लोन और लाटरी संबंधित मैसेजों से हमेशा बचे काल पर किसी भी व्यक्ति को अपनी अधिक जानकारी ना देवे उन्होंने ओटीपी शेयर ना करने की जानकारी देते हुए बताया कि भूलवश अगर ओटीपी शेयर हो जाता है तो इसके लिए हमें अपने बैंक के माध्यम से गई रकम को लौटाने में तत्काल एक्शन लेना पड़ता है अन्यथा वह रकम हमें बहुत मुश्किल से प्राप्त होती है।
    कार्यशाला में चौकी प्रभारी अमिताभ खांडेकर ने भी अपने अनुभव से उपस्थित व्यापारियों को ऑन लाईन फ्राड से बचने के विभिन्न सुझावों से अवगत कराया।


    उक्त अवशर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल,प्रदेश मंत्री सुनील शर्मा,खरसिया इकाई संरक्षक अशोक अग्रवाल(दीपक ट्रेडर्स) ने भी कहा कि सभी व्यापारी आज के इस अनुभव को अपने स्तर पर अपने परिचित लोगो को साझा कर जागरूकता अभियान को जन जन तक पहुँचा कर फ्राड होने से बचने हुतु प्रेरित करें।
    खरसिया ईकाई अध्यक्ष रामनारायण सोनी सन्टी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश चैंबर के आव्हान पर पुलिस विभाग के सहयोग से पूरे छत्तीसगढ़ में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिससे व्यापारियों के साथ हो रहे फ्राड जिसमे मुख्य रूप से व्यापारियों से मुख्यतः तीन प्रकार के फ्रॉड होते हैं बिजनेस संबंधी, खाता संबंधी, व्हाट्सएप संबंधी फ्रॉड, होते हैं। बदलते तकनीकी युग में बैंकिंग सुविधाओं का ऑनलाइन प्रयोग करते हुए हम अज्ञानता वस फर्जी वेबसाइटओं के चंगुल में आकर आर्थिक नुकसान के शिकार बन जाते हैं कुछ सावधानियां रखने पर ऐसे नुकसान से बचा जा सकता है । कार्यक्रम में उपस्थित खरसिया चैम्बर में जुड़े 44 नए सदस्यों को आजीवन सदस्यता प्रमाण पत्र एवँ कार्ड का वितरण मुख्य अतिथि निमिशा पांडेय के हाथों प्रदान किया गया।
    कार्यक्रम का आभार प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर सचिव जयप्रकाश अग्रवाल,मदन गर्ग,छेदी शर्मा, सुनील बगई,शंकर मेघानी,प्रमोद अग्रवाल, तरुण शर्मा,गोवर्धन ठाकुर,धीरज राठौर,हरसुख पटेल,जगदीश अग्रवाल,दिलीप साह,गणेश फोटवानी(एल्डरमैन),कोषाध्यक्ष नानक अम्बवानी,कैलाश शर्मा (पत्रकार),मुकेश लहरे (पत्रकार),गोपाल नायक (पत्रकार),राघवेंद्र वैष्णव (पत्रकार),लायंस क्लब अध्यक्ष अमित अग्रवाल, सराफा संघ अध्यक्ष विजय अग्रवाल,सहित अनेक व्यापारी,नागरिक उपस्थित थे।

  • मायुम ने चलाया नेत्रदान जागरूकता अभियान….

    मायुम ने चलाया नेत्रदान जागरूकता अभियान….

    खरसिया। सामाजिक धार्मिक कार्यों में अग्रणी रहने वाली संस्था मारवाड़ी युवा मंच द्वारा नगर में समय समय पर जरूरत मंदो के लिए डॉक्टरों के कैम्प कोरोना काल मे लोगों को मास्क वितरण व जरूरत मंदो को निःशुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर वितरण के साथ ही स्वच्छता जागरूकता अभियान भी चलाया गया था इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच का राष्ट्रीय प्रकल्प नेत्रदान अंगदान व देहदान 13 अगस्त से 21अगस्त तक मनाया गया इस बीच अपनी अपनी सुविधा के अनुसार मारवाड़ी युवा मंच की शाखाओं ने इस विषय से सम्बंधित कार्यक्रम करवाये वही खरसिया मायुम शाखा द्वारा दो कार्यक्रम करवाये गए है जिसमे पहला कार्यक्रम नेत्रदान करने के लिए लोगों में जागरूकता आये उसके लिए सार्वजनिक जगहों पर बैनरों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाएगा तो वही दूसरा कार्यक्रम में नेत्रदान जागरूकता मैसेज भेजकर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना जिससे लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता आये। आज 21 अगस्त को सिविल हॉस्पिटल खरसिया और सार्वजनिक जगहों में बैनरों के माध्यम से लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता आये उसके लिए मायुम साथियों के द्वारा प्रयास किया जा रहा है। आज हुए इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष जगदीश मित्तल, प्रहलाद बंसल, राकेश अग्रवाल (आस्था) मोहन गर्ग, महेश मित्तल, शिविल हॉस्पिटल प्रभारी डॉ दिलेश्वर पटेल, अमर सिंह जांगड़े मौजूद रहे।

  • अंचल में धूमधाम से मनाया गया राखी का त्यौहारबहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर लिया रक्षा का वचन….

    अंचल में धूमधाम से मनाया गया राखी का त्यौहारबहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर लिया रक्षा का वचन….

    खरसिया। सावन माह के अंतिम दिन 11 अगस्त को जिला मुख्यालय सहित जिले भर में भाई और बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन र्हष उल्लास के साथ मनाया गया, रिमझिम फुहारों के बीच बहनों ने अपने भाईयों की कलाई पर विश्वाश व जिम्मेदारी का धागा बांधा। रक्षाबंधन पर्व को लेकर अंचल में धूम रही, भाइयों की कलाई पर बहनों ने प्यार का धागा बांधा, इसके साथ बाजार में भी जमकर रौनक रही।


    रक्षाबंधन भाई बहन के स्नेह व प्रेम की ड़ोर में बंधा एैसा पर्व है जिसे परस्पर विश्वाश की ड़ोर ने सदियों से बांध रखा है। भाई बहन का स्नेह और लगाव हमेशा बरकरार रहता है, क्योंकि बहन कभी बाल सखा, कभी मां, तो कभी पथ प्रदर्शक बन भाई को रास्ता दिखाती है, तो वहीं भाई कभी पिता तो कभी मित्र बनकर बहन को आगे बढ़ने का हौंसला देता है। रक्षाबंधन का त्यौहार इस बार 11 और 12 अगस्त को मनाया गया बाहर रहने वाले भाइयों को बहने कोरियर और डाक के माध्यम से पहले ही राखी भेज चुकी हैं वही शहर के बाजारों में भी राखियों की दुकानें सजी रही बाजार के साथ घरों में भी इसकी तैयारियां पहले से ही शुरू हो चुकी थी।

    राखी के त्यौहार के लिये भाईयों में जहां विशेष उत्साह देखा गया वहीं बहनें भी इस पर्व के लिये पहले से तैयारी में जुटी हुयीं थी। राखी के त्यौहार में बाजार में रौनक रही, मिठाईयों के साथ साथ उपहारों के दुकानों में भी भारी भीड़ देखी गयी।