Blog

  • रायगढ़ के ट्रांसपोर्टर और गोदावरी का ठेका, इसमें मिला है राजनीति का तड़का, खुलकर हो रहा 2 नंबर का धंधा

    रायगढ़ के ट्रांसपोर्टर और गोदावरी का ठेका, इसमें मिला है राजनीति का तड़का, खुलकर हो रहा 2 नंबर का धंधा

    एनटीपीसी के अधिकारी और सरकार के कुछ सपूत , सपोलों से करवा रहे करोड़ों के कोयले की हेरा फेरीअधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत कर कोयले में चार कोल और मिट्टी मिक्सिंग का आरोपसरकारी साइडिंग छोड़ प्राइवेट साइडिंग पर आ रही कोयले की रेक

    रायगढ़। सरकार और प्रशासन के नाक के नीचे यह कोल तस्कर अपने मंसूबों पर कैसे कामयाब हो सकते हैं। यह तभी संभव है जब पूरा तंत्र इनकी सांठगांठ का हिस्सा हो और रायगढ़ में तो कुछ ऐसा ही हो रहा है। यहां सरकार के नुमाइंदों की बात करें या प्रशासन के अधिकारियों की सब एक से बढ़कर एक करामाती हैं । और तो और महारत्न कंपनी जिसका नाम और गुणगान पूरे देश भर में है, जिसका नाम एनटीपीसी है, उसके अधिकारी भी इस मिलीभगत का हिस्सा बन रहे हैं और ठेकेदार की ओर से करोड़ों की कोयला अफरातफरी के गुनाहगार एक दो नहीं बल्कि पूरा का पूरा सिस्टम है । अब इस गड़बड़ी को पकड़े तो पकड़े कौन, जब रेवड़ी ऊपर से लेकर नीचे तक बंट रही हो तो फिर सरकार की कंपनी को चूना लगे तो लगे, इससे किसी का कोई व्यक्तिगत नुकसान तो हो नहीं रहा है। सरकार की कंपनी है घाटा लगेगा तो लगता रहे । वैसे भी छत्तीसगढ़ सरकार को केंद्र सरकार से ज्यादा लेना देना नहीं है ऐसे में यहां की कोई जांच एजेंसी भी इतने करोड़ों के घोटालों को पकड़ने से रही बात रही सेंट्रल की तो सीबीआई को तो इस प्रदेश में घुसने की इजाजत भी नहीं है। फिर यहां जितने भी महारत्न हैं मसलन ठेकेदार ट्रांसपोर्टर और अधिकारी कर्मचारी वे सभी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं और भ्रष्टाचार की जो रेवड़ी यह बना रहे हैं उसमें इतनी ताकत है कि सब कुछ खुली आंखों से दिखाई देने के बावजूद कहीं कोई रोक टोक नहीं है।देश की महारत्न कंपनी एनटीपीसी के लारा एनटीपीसी के अधिकारियों पर मिलीभगत कर कोयले में अफरा-तफरी करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि स्टेशन के पास चार कोल डम्पिंग स्थल से इस मिक्सिंग के कारनामें को अंजाम दिया जा रहा है। यहां तक कि सरकारी कोल साइडिंग होने के बाद भी लारा एनटीपीसी के अधिकारियों ने देखा कि यहां से मिक्सिंग की बात उजागर हो रही है और शिकायत सामने आ गयी है तो आनन फानन में सरकारी साइडिंग की जगह प्राइवेट साइडिंग में रेक लाया जाने लगा। जिसमें निजी रेलवे साइडिंग को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी रेलवे साइडिंग पर रेक मंगवाना बंद कर दिया गया है। ताकि निजी रेलवे साइडिंग से एनटीपीसी लारा के लिए आये उच्चगुणवत्ता के कोयला की अफरा-तफरी की जा सके। बताया जा रहा है कि यह गोरखधंधा राजनैतिक रसूखदारों व एनटीपीसी के अधिकारियों के सरंक्षण में फल-फूल रहा है।

    यह भी बताया जा रहा है कि लारा स्थित एनटीपीसी के लिए भूपदेवपुर सरकारी रेलवे साइडिंग से कोल परिवहन का ठेका कोलकाता की गोदावरी कंपनी को मिला है। परिवहन ठेका होने के बाद भूपदेवपुर रेलवे साइडिंग पर एनटीपीसी की लगभग ११ रेक आयी और ठेकेदार के ईशारे पर साइडिंग पर रेक खाली होती रही। जिसके बाद ट्रेलरों में कोयला लोडकर साइडिंग से करीब १० किलोमीटर दूर काटा कराने के बाद उसे लारा एनटीपीसी ले जाया गया। इस दौरान मिलावट और अफरा-तफरी की बात सामने आ रही है। जिसकी शिकायत भी एनटीपीसी के अधिकारियों को की गयी है। लेकिन शिकायत के बाद दोषियों पर कार्यवाही न कर एनटीपीसी के अधिकारियों ने मिलीभगत कर योजनाबद्ध तरीके से साइडिंग ही बदल दी गयी।योजनाबद्ध तरीके से किये गये साइडिंग के फेरबदल का कारण यह बताया जा रहा है कि सरकारी साइडिंग से परिवहन करने के दौरान रास्ते में निजी जमीन के मालिक द्वारा रोका जा रहा है। जबकि निजी जमीन के मालिक का कहना है कि उसने अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करने के लिए रोका था। परिवहन के लिए उसने कभी नहीं रोका है यहां तक सरकारी साइडिंग पर अभी भी निजी कंपनियों की रेक आ रही है। जिसका परिवहन उसकी जमीन से आज भी हो रहा है। इस भ्रष्टाचार के खेल को अंजाम देने के लिए जो कारण बताया गया है, वह लोगों के गले नहीं उतर रहा है। साइडिंग को बदल कर एनटीपीसी के अधिकारियों ने ठेकेदार से मिलीभगत कर स्व लाभ लेते हुए भारत सरकार की कंपनी एनटीपीसी को करोड़ों का चूना लगाने का काम कर रहे हैं। चर्चा यह है कि निजी साइडिंग पर लोडिंग/ अनलोडिंग के दौरान एनटीपीसी का कोई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित नहीं रहता है और साइडिंग से कोयला ट्रेलर में मिक्सकर एनटीपीसी काटा ग्राउंड में खाली करने के बजाय सीधे हापर (बकट) में डाला जाता है। जिससे मिक्स कोयला का पता न चल सके और यह अफरा तफरी चलती रहे।

    चारकोल तो चारकोल मिट्टी पत्थर भी मिलाया जा रहा है

    जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक यह कॉल तस्कर ट्रांसपोर्टरों ठेकेदार सहित अधिकारियों की मिलीभगत का खेल ऐसा है कि एक कोयले में चारकोल तो मिलाते ही हैं बल्कि इसमें मिट्टी और पत्थर भी मिलाने का बड़ा खेल चल रहा है पूरे ट्रक में मिट्टी पत्थर चारकोल और ऊपर से कुछ टन कोयला इतना बड़ा कोयले का घोटाला जिले में कई सालों बाद देखने को मिल रहा है पूर्व में रायगढ़ स्थित एक कंपनी पर कोयले की अफरा-तफरी करने के बड़े आरोप लगते रहे लेकिन उसके बाद यह दूसरा मामला है जब खुलेआम यह सब कुछ हो रहा है शिकायतें भी हो रही हैं लेकिन कार्यवाही सिफर है।

  • वीडियो वायरल बोले दरोग़ा साहब – “देखो पाँच हज़ार रेट है मेरा.. नहीं दोगे खर्चा पानी तो.. जोड़ दूँगा धारा..” SP ने किया लाईन अटैच 

    वीडियो वायरल बोले दरोग़ा साहब – “देखो पाँच हज़ार रेट है मेरा.. नहीं दोगे खर्चा पानी तो.. जोड़ दूँगा धारा..” SP ने किया लाईन अटैच 

    दुर्ग। ज़िले के कुम्हारी थाने में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर साहब को अपना “रेट” बताना भारी पड़ गया है। विशेष सेवा शुल्क अदा करने वाले ने सेवा शुल्क तो अदा कर दिया पर पूरे संवाद और रक़म लेन देन का वीडियो बना कर उसे वायरल तो किया ही, साथ ही कप्तान के पास आवेदन मय सीडी पहुँच गया। प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए कप्तान दुर्ग प्रखर पांडेय ने सब इंस्पेक्टर को लाईन अटैच कर दिया है।

    वीडियो में कुम्हारी थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर प्रकाश शुक्ला किसी वाहन पर चालानी कार्यवाही करते नजर आ रहे हैं। दरोग़ा साहब यह बता रहे हैं कि उनका रेट पाँच हज़ार है और यह “खर्चा पानी” नहीं देने पर वे ऐसी धारा जोड़ देंगे कि ड्रायवर की ज़मानत कराना पड़ेगी। वीडियो से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि, यह संवाद वे वाहन मालिक से कर रहे हैं।

    https://youtu.be/106sqVv_jpc

    कप्तान दुर्ग प्रखर पांडेय ने NPG से कहा
    “सुखवंत सिंह नामक एक व्यक्ति आवेदन और सीडी के साथ आए थे, मैंने सीएसपी छावनी को जाँच आदेशित किया है, प्रथम दृष्टया प्रकरण गंभीर लगने पर सब इंस्पेक्टर को लाईन अटैच किया गया है”

  • नवजात बच्चे को छोड़ने के मामले का खरसिया पुलिस ने किया खुलासा

    नवजात बच्चे को छोड़ने के मामले का खरसिया पुलिस ने किया खुलासा

    खरसिया। 30 अक्टूबर को 112 की टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम सोनबरसा झरना के किनारे प्रार्थिया को ग्राम सोनबरसा की सरपंच जयंती राठिया ने बताई की इसके चाचा ससुर फुलसाय राठिया दिनांक 30.10.19 को सुबह दिशा मैदान करने सोनबरसा पहाड़ किनारे झरना तरफ गया था, जहां प्रातः 05:30 बजे अज्ञात शिशु उम्र करीब 02 दिन की सागौन प्लांटेशन मेन रोड किनारे पड़ा था को घर लाया और प्रार्थिया मितानिन कुमारी सिदार को बुलाये व 112 को सूचना देकर बुलाये, जो अज्ञात माता – पिता द्वारा शिशु को असुरक्षित छोड़ने पर अपराध सदर धारा के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
    विवेचना दौरान आज दिनांक 01/11/2019 को सूचना के आधार पर ग्राम सोनबरसा की बेवा के साथ फुलसाय राठिया का लड़का संजय राठिया से संबंध था, जो दिनांक 29/10/2019 को एक पुत्री को अपने घर में जन्म दिया और डर से बच्ची को भरण पोषण हेतु फुलसाय के घर जाकर तुम लोगों का बच्ची है कहकर बच्ची को फुलसाय को सौंप दिया था। जो फुलसाय, सरपंच, मितानिन, संजय राठिया ने बच्ची को पहाड़ झरना किनारे मिली थी कहकर झूठा मनगढ़त कहानी बनाये थे। विवेचना में रिपोर्ट झुठा पाए जाने से संबंधितो के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जा रहा है। माँ के द्वारा जानकारी होने पर पुनः बच्ची को प्राप्त करने आवेदन दिया गया है। अग्रिम कार्यवाही की जाती है।
    उक्त मामले के खुलासे में पीताम्बर पटेल (एसडीओपी), सुम्मत राम साहू (थाना प्रभारी खरसिया), प्रदीप तिवारी, राजेश राठौर, सरोजनी राठौर तथा खरसिया थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही।
  • मंडल बने छत्तीसगढ के नए चीफ सिकरेट्री, खेतान बने राजस्व बोर्ड चेयरमैन, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

    मंडल बने छत्तीसगढ के नए चीफ सिकरेट्री, खेतान बने राजस्व बोर्ड चेयरमैन, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

    रायपुरराजेंद्र प्रसाद मंडल छत्तीसगढ़ के नए चीफ सिकरेट्री होंगे। राज्य सरकार ने आज उनकी नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया।मंडल 87 बैच के आईएएस हैं। वे मध्यप्रदेश के दमोह समेत बिलासपुर, रायपुर के कलेक्टर रह चुके हैं। वे कई विभागों के सिकरट्री भी रह चुके हैं। सबसे पहले वे राजस्व सचिव बने थे। सचिव बनने के बाद उन्होंने एक बार कलेक्टरी की थी। सचिव रैंक में पहुंचने के बाद भी सरकार ने उन्हें रायपुर का कलेक्टर बनाया था। मंडल राजस्व, ट्रायबल, पंचायत, पीडब्लूडी, फॉरेस्ट, लेबर समेत कई विभागों के सिकरेट्री रह चुके हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास में वे दूसरी बार सचिव बने थे।मंडल हैं बिहार के। लेकिन, उनके पिता बिलासपुर रेल डिवीजन के अस्पताल में डाक्टर थे। इसलिए, उनकी स्कूली शिक्षा बिलासपुर के मल्टीपरपस हायर सेकेंड्री स्कूल में हुई। रायपुर इंजीनिरिंग कालेज से उन्होंने इलेक्ट्रिकल में बीई किया। इसके बाद खड़गपुर आईआईटी से एमटेक। एमटेक करने के बाद मंडल यूपीएससी में सलेक्ट होकर आईएएस बन गए। मंडल को सीएस बनने के बाद उनके बैच के सीके खेतान को राजस्व मंडल का चेयरमैन अपाइंट किया गया है। राजस्व मंडल के चेयरमैन अजय सिंह अब रायपुर लौट रहे हैं। वे योजना मंडल के डिप्टी चेयरमैन होंगे।
  • छुट्टी लिए पुलिसकर्मी खा रहे छठी मैया की कसम, कह रहे झूठ बोल रहे हो तो बच्चे पर घोर विपत्ति आ जाए

    छुट्टी लिए पुलिसकर्मी खा रहे छठी मैया की कसम, कह रहे झूठ बोल रहे हो तो बच्चे पर घोर विपत्ति आ जाए

    रायपुर। लोक आस्था के महापर्व छठ में पुलिसकर्मियों को छुट्टी पर जाने के लिए छठी मैया की कसम खाकर आवेदन करने का पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि समस्तीपुर पुलिस द्वारा ऐसे ही आवेदन पत्र भरने के बाद पुलिसकर्मियों को छठ पर्व में छुट्टी दी जा रही है. इस बीच समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले के प्रकाश में आने के बाद जांच के आदेश दिए हैं.
    पुलिस सूत्रों का कहना है कि छठ पर्व के लिए छुट्टी नहीं मिलने के कारण पुलिसकर्मियों द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाकर आवेदन किए जा रहे हैं. बिहार के एक पुलिसकर्मी का पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. पत्र में पुलिसकर्मी ने छठी मैया की कसम खाते हुए छुट्टी के लिए आवेदन दिया है. समस्तीपुर की एक पुलिस चौकी में पदस्थापित अवर निरीक्षक नारायण सिंह द्वारा विभाग को दिया गया एक शपथ पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नारायण सिंह ने शपथ पत्र में लिखा है, मैं पुलिस अवर निरीक्षक नारायण सिंह, छठी मैया को साक्षी मान कर शपथ लेता हूं कि मैं स्वयं छठ पिछले 40 साल से करता आ रहा हूं. हे छठी मैया, अगर मैं झूठ बोल कर छुट्टी ले रहा हूं, तो उसी समय मेरे बच्चों और मेरे समस्त परिवार पर घोर विपत्ति आ जाए. इस संबंध में जब समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक विकास वर्मन से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें भी इसकी सूचना मिली है. पुलिस अधीक्षक ने कहा, जिला मुख्यालय द्वारा ऐसे शपथ पत्र के साथ आवेदन पत्र लेने का कोई निर्देश या आदेश नहीं दिया गया है. इस मामले पर पुलिस लाईन सार्जेट को जांच के आदेश दिए गए हैं. ऐसा आवेदन दिया जाना कहीं से उचित नहीं है. जांच के बाद ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी.सूत्रों का कहना है कि छुट्टी लेने की चाहत रखने वाले 85 पुलिसकर्मियों ने ऐसे शपथ पत्र भरकर आवेदन जमा किए हैं, जिनमें लिखा गया है, हे छठी मैया अगर मैं झूठ बोल कर छुट्टी ले रहा हूं तो उसी समय मेरे बच्चे और मेरे समस्त परिवार पर घोर विपत्ति आ जाए. इसके बाद शपथ पत्र में संबंधित पुलिसकर्मी के हस्ताक्षर के लिए जगह छोड़ी गई है.
  • नगरीय निकायों में अब राइट टू रिकॉल खत्म

    नगरीय निकायों में अब राइट टू रिकॉल खत्म

    जनता वापस नहीं बुला पाएगी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को

    रायपुर। राज्य शासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नगरीय निकायों में राइट टू रिकॉल को खत्म कर दिया है। ज्ञात हो कि राइट टू रिकॉल के तहत आम जनता को यह अधिकार दिया गया था कि, निर्वाचित महापौर व अध्यक्षों को उनके काम से असंतुष्ट होने पर वापस बुला सकती थी आज नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि राज्य में अब राइट टू रिकॉल खत्म कर दिया गया है इससे पहले राज्य ने महापौर व अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का निर्णय लिया था इसका मतलब यह है कि पार्षद अब महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। राइट टू रिकॉल को लेकर शासन के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह आम जनता के अधिकारों का हनन है, उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक पद्धति से छेड़छाड़ कर रही है। सुनील सोनी ने भी इस फैसले की निंदा की है। चंद्रशेखर साहू ने कहा है की कांग्रेस सरकार अधिकारों का बेजा उपयोग कर रही है।

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अहम बदलाव जल्द

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी जल्द ही बड़ा बदलाव करने जा रही हैं, खबर है कि जल्द ही प्रदेश के सभी 27 जिलों के संगठन प्रमुख बदले जाएंगे संगठन ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करेगी। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चर्चा हुई थी, उन्होंने हम बदलाव को मंजूरी दे दी है बताया जा रहा है कि नए जिला अध्यक्षों के नाम भी लगभग तय हैं औपचारिक रूप से इसका ऐलान ही बाकी है।

    गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद सही मोहन मरकाम ने अपनी नई टीम का गठन नहीं किया था, पूर्व टीम के साथ ही उन्होंने संगठन के कामकाज को न केवल आगे बढ़ाया बल्कि दंतेवाड़ा और चित्रकूट जैसे उप चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की।

    क्योंकि अब दिसंबर में निकाय चुनाव और जनवरी-फरवरी में पंचायत चुनाव होने हैं, लिहाजा संगठन में ताजगी डालने के लिहाज से कुछ अहम बदलाव किए जा रहे हैं। संगठन सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से प्रदेश स्तर पर बदलाव नहीं किए गए थे, संगठन में बदलाव के साथ ही नए चेहरों को मौका दिए जाने से गतिशीलता आएगी। हालांकि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम से हुई बातचीत में कहा है कि अभी इस मामले पर सिर्फ चर्चा चल रही है।

  • एयरटेल डिटीएच ठग रहा उपभोक्ताओं को

    एयरटेल डिटीएच ठग रहा उपभोक्ताओं को

    कंपनी के आदमी फर्जी प्लान बता कर करा रहे रिचार्ज


    खरसिया। डिजिटल क्रांति के इस युग ने जहां आम आदमी के जीवन मे आमूलचूल परिवर्तन ला दिया है वहीं ठगों के लिए ऐसे ऐसे रास्ते भी खोल दिये हैं जहां से वे बिना किसी से मिले उन्हें अपना शिकार बना सकते हैं, लाख सावधानियों के बाद भी उनका प्रतिदिन ऐसे मामले सुनाई दे ही जाते है जब किसी व्यक्ति या कंपनी ने ऑनलाइन ठगी कर ली हो। उपभोक्ता भी जागरूकता दिखाते हैं और ऐसे लोगों से बचने का प्रयास करते हैं लेकिन तब क्या हो जब एक प्रतिष्ठित कंपनी अपने उपभोक्ताओं से धोखा करे, उन्हें कोई और प्लान बता कर भुगतान करा लें और बाद में उस प्लान का लाभ ग्राहक को न मिले। ऑनलाइन ठगी का ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जब एयरटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी ने फर्जी प्लान बताकर अपने उपभोक्ता को चुना लगा दिया और कस्टमर केअर में भी उपभोक्ता की कोई मदद नहीं कि जा रही है।


    ट्राई के आदेश के बाद भी एयरटेल डिजिटल टीवी, डिश टीवी, टाटा स्काई जैसी कंपनियों के महंगे प्लान से बचने का उपभोक्ताओं का सपना सिर्फ सपना ही बनकर रह गया है क्योंकि सरकारी फरमान के बाद भी या कंपनियां उपभोक्ताओं को ठगकर अपनी जेब भरने का रास्ता निकाल ही लेती हैं और उपभोक्ता इनके झांसे में आकर अपनी खून पसीने की कमाई से हाथ धो बैठता है। ऐसे ही एक मामले मे 25 अक्टूबर को एयरटेल डिटीएच उपभोक्ता के पास एक फ़ोन आता है और वह व्यक्ति स्वयं को कंपनी का व्यक्ति बताते हुए एयरटेल के ग्राहक सेवा के नंबर से यूजर की आईडी उपभोक्ता से रजिस्टर्ड नंबर पे भेजता है और उपभोक्ता को कंपनी का स्पेशल ग्राहक बताकर प्लान बताता है, उपभोक्ता ने कंपनी का नंबर देखकर उसपे विश्वास करते हुए प्लान लेने के लिए कंपनी को भुगतान कर देने के बाद पता चलता है कि जो भुगतान किया गया है वह दूसरे प्लान के एवज में जमा कर दिया गया है मतलब कोई और स्कीम बता कर ग्राहक से पैसे लेकर उसे दूसरी स्कीम में डाल कर उपभोक्तओं को ठगा जा रहा है, कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र में बात करने पर उनके द्वारा बताया जाता है कि भुगतान कंपनी को मिला है लेकिन प्लान बताने वाला व्यक्ति कंपनी का नहीं था। कंपनी के इस कृत्य से कंपनी की प्रतिष्ठा धूमिल तो हो ही रही है साथ ही उपभोक्ता भी ऐसी ठग कंपनी से दूरी बनाकर दूसरी कंपनी की सेवा लेना ज्यादा मुनासिब समझ रहें है जहां उनके साथ धोखाधड़ी न हो।

  • हाईकोर्ट से सरकार को बड़ा झटका, भीमा मंडावी के मौत की फाइल 15 दिन के भीतर NIA को सौंपने का दिया आदेश

    हाईकोर्ट से सरकार को बड़ा झटका, भीमा मंडावी के मौत की फाइल 15 दिन के भीतर NIA को सौंपने का दिया आदेश

    बिलासपुर। हाईकोर्ट से सरकार को एक और बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने नक्सली ब्लास्ट में मारे गए भाजपा विधायक भीमा मंडावी की फाइल 15 दिन के भीतर एनआईए को सौंपने का आदेश दिया है. भीमा मंडावी की मौत के बाद भाजपा नेताओं ने सीबीआई जांच की मांग की थी, राज्य में सीबीआई बैन होने की वजह केन्द्र सरकार ने 17 मई को एनआईए को जांच का आदेश दिया था.

    वहीं राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर एनआईए जांच पर पुनर्विचार किये जाने का आग्रह किया था, राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को जानकारी दी थी कि मामले में विशेष न्यायिक आयोग का गठन कर जांच कराई जा रही है.
    एनआईए द्वारा मामला रजिस्टर कर राज्य सरकार से भीमा मंडावी की मौत से जुड़ी फाइल की डिमांड की जा रही थी लेकिन आयोग द्वारा जांच किये जाने की वजह से सरकार ने वह फाईल एनआईए को नहीं सौंपी थी. जिसके बाद एनआईए ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में राज्य सरकार के खिलाफ याचिका दाखिल की थी. याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस आरसी सामन्त की बेंच ने 15 दिन के भीतर एनआईए को फाइल सौंपे जाने का सरकार को आदेश दिया.

    आपको बता दें दंतेवाड़ा में लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों ने विधायक भीमा मंडावी के काफिले में ब्लास्ट किया था. नक्सलियों के इस हमले में भाजपा विधायक भीमा मंडावी सहित पांच पुलिस कर्मियों की मौत हुई थी.

  • चीफ सेक्रेटरी सुनील कुजूर को एक्सटेंशन देने डीओपीटी तैयार नहीं, जीएडी का लेटर खारिज किया, 31 को रिटायरमेंट है कुजूर का

    चीफ सेक्रेटरी सुनील कुजूर को एक्सटेंशन देने डीओपीटी तैयार नहीं, जीएडी का लेटर खारिज किया, 31 को रिटायरमेंट है कुजूर का

    केंद्र ने ठुकराया एक्सटेंशन का प्रस्ताव
    दावेदारों में खेतान,मंड़ल सबसे आगे

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर का सेवाकार 6 महीने के लिए बढ़ाने का राज्य सरकार का प्रस्ताव केंद्र ने नामंजूर कर दिया है। अब श्री कुजूर इसी माह के अंत में रिटायर हो जाएंगे। सरकार को उनके स्थान पर नए सीएस की नियुक्ति करनी होगी।
    राज्य सरकार ने करीब 3 माह पहले केंद्र के कार्मिक मंत्रालय को पत्र लिखकर श्री कुजूर का सेवाकाल बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं आया। हाल ही में केंद्र ने सेवावृद्धि देने से इनकार कर दिया है।

    खेतान रैंक में नंबर 1, मंडल 2

    बताया गया है कि 1987 बैच के आईएएस सीके खेतान तथा आरपी मंडल दोनों ही एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन रैकिंग में श्री खेतान आगे हैं। लिहाजा वरिष्ठता क्रम में उनका नबंर पहले आएगा। इसी तरह यह भी उल्लेखनीय है कि श्री मंडल का सेवाकाल भी श्री खेतान के मुकाबले कम है। उन्हें सीएस बनाने के पहले इस बात पर भी विचार किया जा सकता है। कम अवधि के लिए सीएस बनाने से की अपेक्षा अधिक अवधि वाले अधिकारी के रूप में श्री खेतान को प्रमुखता दी जा सकती है।

    अब लग सकता है इनका नंबर

    राज्य में एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे 1987 बैच के आईएएस सीके खेतान तथा उनके ही समकक्ष आरपी मंडल राज्य में सीएस पद के प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। अन्य अधिकारियों में वरिष्ठता क्रम में सबसे आगे 1983 बैच के अजय सिंह है, लेकिन कांग्रेस सरकार जनवरी 2019 में उन्हें सीएस पद से हटाकर लूप लाईऩ में भेज चुकी है। 1985 बैच के एन बैजेंद्र कुमार केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर एनएमडीसी में सीएमडी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी वापसी की संभावना कम है। बीवीआर सुब्रमण्यम 1987 बैच के अधिकरी हैे लेकिन वे केंद्र की प्रतिनियुक्ति पर जम्मू-कश्मीर के सीएस के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी वापसी की संभावना बेहद कम है। एक अन्य वरिष्ठ आईएएस केडीपी राव इसी माह के अंत में रिटायर हो रहे हैं। 1989 बैच के अधिकारी अमिताभ जैन एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वे भी दावेदारों में शामिल हैं। लेकिन वरिष्ठता क्रम में पीछे हैं।

  • दिवाली में नकली मिठाइयों की होगी जांच, स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने खाद्य विभाग को पत्र लिखकर दिए निर्देश

    दिवाली में नकली मिठाइयों की होगी जांच, स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने खाद्य विभाग को पत्र लिखकर दिए निर्देश

    रायपुर। दीपावली त्यौहार आते ही बाजारों में नकली मिठाइयों को खेप पहुंचने लगता है. यह नकली मिठाई दुकान के माध्यम से घर-घर तक पहुंचता है. जिसका बुरा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि है कि दीपावली त्यौहार में नकली मिठाई की सघन जांच कराए।
    स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने यह देखा जाता है कि दीपावली की त्यौहार में नकली खोवा और गुणवत्ताहीन मिठाई की बिक्री की जाती है. जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. जिसकी सभी जिलों में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से सघन जांच कराई जाए. जिससे नकली मिठाई पर रोक लग सके. दुकानों से ली गई मिठाई की सेम्पल को मोबाइल यूनिट से प्रतिदिन जांच कराई जाए. इसकी जानकारी प्रतिदिन अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें.