बिलासपुर। जिले में आईसीआईसीआई बैंक की मंगला स्थित शाखा में 1.38 करोड़ रुपये की बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस मामले में बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने अपने पति के साथ मिलकर साजिश रची और उपभोक्ताओं के गोल्ड लोन में गिरवी रखे गए सोने को लेकर फरार हो गई।
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने ग्राहकों के एफडी और गोल्ड लोन से जुड़े खातों में गड़बड़ी करते हुए बैंक को भारी नुकसान पहुंचाया है। जब बैंक प्रबंधन ने दस्तावेजों और लॉकर की जांच की तो गोल्ड लोन के पाउच में असली सोने की जगह नकली आभूषण पाए गए, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।
इस घोटाले की जानकारी मिलते ही बैंक के ब्रांच मैनेजर ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज कर लिया है। घटना सिविल लाइन क्षेत्र के मंगला स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा की है। फिलहाल सिविल लाइन पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जांच में यह भी पता चला कि ग्राहकों के फर्जी हस्ताक्षर कर 87.95 लाख रुपए के 14 अवैध ट्रांजेक्शन किए गए। इसी तरह एफडी पर ओवरड्राफ्ट कर एक महिला ग्राहक की 30 लाख की जमा पूंजी में से बिना अनुमति 28.29 लाख रुपए निकाल लिए गए। जांच में यह भी पता चला कि कई ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश के वाउचर बैंक रिकॉर्ड से गायब पाए गए।
पूरे मामले में सभी ने मिलकर अगस्त 2024 से सितंबर 2025 तक 1.38 करोड़ रुपए की हेराफेरी को अंजाम दिया है। थाना प्रभारी एसआर साहू ने अरूप पाल की लिखित शिकायत पर आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर, उसके पति और अन्य के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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डिप्टी ब्रांच मैनेजर सोना लेकर फरार, बैंक में मचा हड़कंप…
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डॉ रामविजय शर्मा ने डोंगरगढ़ की विश्व सुंदरी नर्तकी कामकंदला पर किया शोध…
डोंगरगढ़। डॉ राम विजय शर्मा इतिहासकार, पुरातत्ववेता एवं अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ता रायपुर भारत में एक शोध कैंप का आयोजन कर डोंगरगढ़ की विश्व सुंदरी नर्तकी कामकंदला पर विस्तृत ऐतिहासिक शोध किया प्राचीन काल में डोंगरगढ़ को कामावती नगरी के नाम से जाना जाता था। राजा वीरसेन ने डोंगरगढ़ रियासत को बसाया था। उनकी कोई संतान नही थी इसलिए उन्होने शिव पार्वती की उपासना की जिसके फलस्वरूप मदन सेन पुत्र की प्राप्ति हुई। मदन सेन के पुत्र राजा कामसेन थे और उन्होने ही इस नगरी का नाम अपने नाम पर कामावती नगरी रखा था। राजा कामसेन के दरबार में विश्व सुंदरी नर्तकी कामकंदला नृत्य करती थी। उसके नृत्य संगीत को देखने के लिए देश-विदेश से राजा महाराजा आते थे। उस समय नृत्य संगीत का समाज में बहुत अधिक महत्व था क्योकि नृत्य संगीत केवल मनोंरंजन के साधन नही थें बल्कि इसके माध्यम से संस्कृति, इतिहास, एवं पौराणिक गाथाओं की प्रस्तुती की जाती थी। कामकंदला के संरक्षक के रूप में राजा कामसेन थे. उसी दरबार में संगीतज्ञ माधवानल अपनी संगीत की धारा बहाते थे, उसी बिच माधवानल का कामकंदला से प्रेम हुआ। एक बार दरबार में कामकंदला और माधवानल का संगीत कार्यक्रम चल रहा था। देश विदेश के राजा महाराजा संगीत का आनंद ले रहें थे, राजा कामसेन माधवानल के संगीत से खुश होकर एक किमती हीरे का हार माधवानल को पुरस्कार में दिया बाद में यह हार माधवानल में कामकंदला को दे दिया। राजा कामसेन इससे नाराज हो गये और माधवानल को देश से बाहर निकाल दिया। इधर-उधर भटकते हुए माधवानल उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के दरबार में पहुंचें और सारी घटना बताई और न्याय की गुहार लगाई। राजा विक्रमादित्य कामकंदला और माधवानल की प्रेम की परीक्षा लेना उचित समझा और उसके बाद मदद करने की बात बताई। मााधवानल की झूठी मृत्यु की समाचार फैला दी गई यह खबर डोंगरगढ़ में भी पहुंची और मृत्यु की खबर पाकर कामकंदला आत्महत्या कर ली। डोंगरगढ़ में निरासा फैल गई। कामकंदला की मृत्यु का समाचार पाकर माधवानल डोंगरगढ़ आया और उसने भी मृत्यु को गले लगाया। जब राजा विक्रमादित्य को दोनो की मृत्यु का समाचार मिला तो वे बहुत दुखी हुए उन्होने कामावती नगरी पर चढाई की और कामावती नगरी को नष्ट कर दिया। राजा विक्रमादित्य अपना प्राण त्यागने के लिए निश्चय किया । राजा की भक्ती से प्रसन्न होकर देवी बमलेश्वरी प्रकट हुई और माता बमलेश्वरी ने कामकंदला और माधवानल को पुर्नजिवित कर दिया। इसके पश्चात कामावती नगरी का नाम डोंगरगढ़ पड गया। राजा विक्रमादित्य उज्जैन लौट गए और कामकंदला तथा माधवानल पुन डोंगरगढ़ में नृत्य और संगीत की गंगा जमुना की धारा बहाने लगे। डोंगरगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई और बरसो बाद डोंगरगढ़ समृध्द हुआ। आज भी डोंगरगढ़ पहाडी के पास थोडा हटकर कामकंदला के नाम पर कामकंदला सरोवर है। जिसमे राजा रानी और कामकंदला स्नान करती थी। राजा के घोडे भी जल पिते थे, आज भी कामकंदला सरोवर के जल का पवित्र माना जाता है तथा उसे डोगरगढ़ में धार्मिक अनुष्ठान करने की परंपरा है। पहाड़ी पर दुसरी ओर तपसी काल नामक स्थान है जहां कामकंदला निवास करती थी।
इस शोध कैंप में पटवारी मोहन कोडोपी, संजीव यादव, रमेश यादव, दिपक सिंह, गजेंन्द्र वर्मा, पकलु एवं अन्य ग्ग्रमिण उपस्थित होकर शोध कैंप को सफल बनाया।
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अब ओवरस्पीड पर सीधे घर पहुंचेगा चालान, छत्तीसगढ़ में पहली बार LiDAR स्पीड कैमरे शुरु…
छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग ने पहली बार लेडार आधारित स्पीड कैमरे लगाए हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1 करोड़ 90 लाख की लागत से रायपुर समेत 5 जिलों में हाईटेक कैमरे स्थापित किए गए हैं, जो वाहनों की स्पीड रिकॉर्ड कर स्वतः ई-चालान जारी करेंगे।
सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए पहली बार लेडार आधारित स्पीड कैमरे
1 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से कैमरे स्थापित किए गए है
कैमरे रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी के प्रमुख मार्गों पर लगाए गए
ये कैमरे वाहनों की स्पीड रिकॉर्ड कर स्वतः ई-चालान जनरेट करेंगे
जल्द ही पूरे सिस्टम को पूरी तरह एक्टिव किया जाएगासड़क हादसों पर लगाम लगाने की नई पहल
छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए परिवहन विभाग ने पहली बार लेडार (LiDAR) आधारित आधुनिक स्पीड कैमरों का उपयोग शुरु किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से 7 हाईटेक कैमरे पांच जिलों के प्रमुख मार्गों पर लगाए गए हैं। इन कैमरों का उद्देश्य तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखते हुए हादसों में कमी लाना है।
इन शहरों और स्थानों पर लगाए गए कैमरे
राज्य सरकार के निर्देश पर कैमरे रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी जिले के प्रमुख ट्रैफिक मार्गों पर लगाए गए हैं।
रायपुर में खास तौर पर इन स्थानों को शामिल किया गया है:
मरीन ड्राइव
वीआईपी रोड
मंदिर हसौद क्षेत्र
इसके अलावाः
बिलासपुर बायपास अंबिकापुर का मुख्य मार्ग
जगदलपुर का मुख्य मार्ग धमतरी जिले का कुरुद तहसील क्षेत्र
इन स्थानों का चयन ट्रैफिक दबाव और हादसों की अधिक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
100 मीटर दूरी से रिकॉर्ड होगी स्पीड
वाई-फाई से लैस ये आधुनिक कैमरे परिवहन विभाग के वाहन सॉफ्टवेयर से सीधे जुड़े हुए हैं। ये 100 मीटर दूरी से वाहन की गति माप सकते हैं, दो लेन की सड़कों पर एक साथ कई वाहनों की निगरानी कर सकते हैं, वाहन की पूरी जानकारी सिस्टम में दर्ज करते हैं। इससे ट्रैफिक नियम उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
लेडार तकनीक से स्वतः बनेगा ई-चालान
लेडार तकनीक (LiDAR Technology) आधारित ये कैमरे प्रकाश किरणों (Light Beams) की मदद से वाहन की गति और दूरी का सटीक आकलन करते हैं। यदि कोई वाहन तय सीमा से अधिक स्पीड में चलता है तो नंबर प्लेट स्कैन होती है, फोटो और वीडियो रिकॉर्ड होता है, स्वतः ई-चालान जनरेट होता है।
यह चालान वाहन मालिक को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भेजा जाएगा।
रात और खराब मौसम में भी करेंगे निगरानी
इन हाईटेक कैमरों में नाइट विजन सुविधा, खराब मौसम में भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग, मल्टी-व्हीकल ट्रैकिंग क्षमता जैसी विशेषताएं मौजूद हैं, जिससे 24×7 निगरानी संभव होगी।
अभी टेस्टिंग जारी, जल्द होंगे पूरी तरह सक्रिय
परिवहन विभाग और पुलिस के समन्वय से फिलहाल कैमरों की टेस्टिंग की जा रही है। विभाग के अनुसार पहले चरण में लोगों को जागरुक किया जाएगा, उसके बाद ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।अधिकारियों ने क्या कहा
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पांच जिलों में सात कैमरे लगाए गए हैं। भविष्य में इस योजना का विस्तार अन्य जिलों में भी किया जाएगा।LIDAR (Light Detection and Ranging) कैमरे एक साथ कई वाहनों की स्पीड रिकॉर्ड कर सकते हैं।
नंबर प्लेट पहचान (ANPR)
तकनीक से वाहन की पहचान स्वतः होती है।
यह रेडार से ज्यादा सटीक तकनीक है।
ओवरस्पीड होने पर नंबर प्लेट स्कैन कर ऑटोमैटिक चालान बनाता है।
100 मीटर + दूरी और रात में भी काम करता है।
IMP FACTS
लागतः 1 करोड़ 90 लाख रुपए
कैमरों की संख्या: 7
जिले: 5 (रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, धमतरी)
स्पीड रिकॉर्डिंग दूरी: 100 मीटर
सुविधाः नाइट विजन + ऑटो ई-चालान
सिस्टम
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में LIDAR कैमरा सिस्टम की शुरुआत सड़क सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि तेज रफ्तार के कारण होने वाले हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है। आने वाले समय में इस तकनीक का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जा सकता है। -

खरसिया में वर्चुअल न्यायालय उद्घाटन एवं आधारशिला कार्यक्रम संपन्न…
खरसिया। न्यायिक क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज दिनांक 1 अप्रैल 2026 को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय खरसिया का वर्चुअल उद्घाटन तथा न्यायिक अधिकारियों के आवास एवं डिजिटल कंप्यूटर कक्ष के निर्माण हेतु आधारशिला कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ जस्टिस रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम में , न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, छत्तीसगढ़ एवं रायगढ़ जिले के पोर्टफोलियो जज की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर खरसिया न्यायालय से श्वेता श्रीवास्तव (एडीजे खरसिया), मृणालिनी (प्रथम श्रेणी न्यायाधीश), मीनाक्षी नाग सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिवक्ता संघ खरसिया से भोगीलाल यादव (अध्यक्ष) एवं युगल वैष्णव (सचिव) के साथ समस्त अधिवक्ता गण विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया। नई व्यवस्थाओं से क्षेत्र के आम नागरिकों को त्वरित एवं पारदर्शी न्याय मिलने की उम्मीद जताई गई।
इस आयोजन ने खरसिया एवं रायगढ़ जिले में न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक नई पहल के रूप में महत्वपूर्ण संदेश दिया। -

वेयर हाउस से बोर का केबल वायर एवं लोहे के एंगल की हुई चोरी…
खरसिया। खरसिया नगर के मौहापाली रोड स्थित प्रतिष्ठित फर्म जगन्नाथ प्रसाद अरूण कुमार का गौशाला मार्ग में एक वेयर हाउस है, जहां उनके द्वारा बोन खनन कराया गया है एवं वेयर हाउस की सरुक्षा की दृष्टि से परिसर का बाउण्ड्रीवाल कराकर लोहे के एंगल में कटीले तार का फेंसिंग कराया गया है एवं प्रकाश व्यवस्था की गई है। दिनांक 23.03.2026 को रात्रि 9.20 बजे से 9.40 बजे के बीच किसी अज्ञात चोरों द्वारा उक्त वेयर हाउस परिसर में लगे बोर, स्ट्रीट लाईट के केबल तथा सुरक्षा हेतु लगाये गये लोहे के एंगल एवं कटीले तार के फेंसिंग को चोरी कर लिया गया है। जिसकी कुल लागत 20000/- बीस हजार रूपये है। उक्त चोरी की जानकारी परिसर संचालक अंकित अग्रवाल पिता स्व. अरूण अग्रवाल को दिनांक 25.03.2026 को होने पर उनके द्वारा इसकी प्राथमिकी पुलिस चौकी खरसिया में दर्ज कराई गई है, पीडित पक्ष के रिपोर्ट पर खरसिया पुलिस द्वारा बीएनएस की धारा 302 (2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया जाकर मामले के विवेचना की जा रही है। पीडित पक्षकार अंकित अग्रवाल ने बताया कि इसके पूर्व भी मेरे वेयर हाउस से केबल तार एवं लोहे का एंगल चोरी हो चुका है। -

आमा पान के पतरी फेम दिलीप सड़ंगी एवं छम छम नाचे देखो वीर हनुमान के रस गायक नयन नंदवाना उदयपुर का आगमन खरसिया में 2 अप्रैल को…
खरसिया। धर्म की नगरी खरसिया में इस वर्ष भी श्री हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जा रहा है। 280 वर्षों से अधिक प्राचीन मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर जो कि गंज बाजार खरसिया में स्थित है। हनुमान जन्मोत्सव हेतु तैयारियां जोर शोर से प्रारंभ हो चुकी है। इस वर्ष भक्तों को अपने भजनों से रिझाने उदयपुर के नयन नंदवाना खरसिया आ रहे जिनके सैकड़ों भजन विश्व में प्रसिद्ध है नयन जी का आगमन प्रथम बार छत्तीसगढ़ में होने जा रहा है। वही छत्तीसगढ़ी जसगीत के जादूगर कोरी कोरी नारियल चढ़े, आमा पान के पत्तरि , पाताल चटनी जैसे अनेकों प्रसिद्ध भजनों के गायक दिलीप सड़ंगी का भी आगमन धर्म की नगरी खरसिया में होने जा रहा है। वही बता दे आपको की प्रातः 9 बजे मनोकामना निशान यात्रा बाबा के भजनों के साथ बाजों गाजे के साथ गंज बाजार से निकलेगी। एवं दोपहर में रायगढ़ की भजन मंडली द्वारा सुंदरकांड किया जाएगा एवं संध्या में बाबा का जन्मोत्सव मंदिर प्रांगण में मनाया जाएगा। वही रात्रि 6 बजे से भजनों की अमृत वर्षा विश्व प्रसिद्ध गायकों द्वारा की जाएगी, साथ ही फूलों की होली, अलौकिक दरबार, भव्य श्रृंगार, फूल मालों से लाइटिंग से साज सजावट कलकत्ता के कलाकारों द्वारा किया जाएगी । सियाराम सखा मंडल के सभी युवा पूरे जोर शोर से तैयारी में जुटे हुए है। सियाराम सखा मंडल के प्रमुख मनोज गोयल ने बताया कि नगर में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर काफी उत्साह है और हम हर वर्ष प्रयास करते है कि बाबा का जन्मोत्सव और धूम धाम से मनाया जाए उसी प्रयास में इस वर्ष भी सभी तैयारियां जोरो शोरों से चल रही है। आगे मनोज गोयल ने सभी अंचल वासियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में सभी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। वही मंदिर के महाराज बिट्टू शर्मा ने बताया कि बाबा की ज्योत एवं अखंड रामायण पाठ भी होगा ज्योत एवं मनोकामना निशान की रशीद हेतु आप मंदिर से संपर्क कर सकते है । आपको बता दे कि सियाराम सखा मंडल पिछले कई वर्षों से लगातार अनेकों धार्मिक आयोजन करते आ रहा है पिछले वर्ष भगवा रंग की मशहूर गायिका शहनाज अख्तर ने अपने भजनों से भक्तों को रिझाया था। सियाराम सखा मंडल निरंतर ही नए नए भजन सम्राटों को खरसिया निमंत्रण दे रहा है। सियाराम सखा मंडल के मनोज गोयल, अंकित अग्रवाल(हेल्पिंग हैंड्स), रतन अग्रवाल , राजेश अग्रवाल ,विनय कबूलपुरिया, हिमांशु अग्रवाल, राजेंद्र नूतन, संजय दीपक मेडिकल , दीपक अग्रवाल बुधराम, विक्की महाराज, राहुल अग्रवाल लाली, मनोज बाऊ, राजा अग्रवाल, अंबर अग्रवाल, विवेक कबूलपुरिया,अंकित चिंटू, संदेश बंसल, नीरज बोंदा, विनय पीवी,सुमित अग्रवाल, यश गुप्ता, अविचल अग्रवाल , संजय कंकरवाल, शुभम सहित सारे युवा पूरे जी जान से तैयारी में जुटे है। वही सियाराम सखी मंडली महिला मंडल द्वारा भी सुंदरकांड निशान यात्रा की तैयारी की जा रही है। आपको बता दे कि 3 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से महा भंडारे का आयोजन किया गया है। -

एक ही दिन, दो ट्रैप: 43 हजार की रिश्वत में फंसा सिस्टम—ACB ने इंजीनियर नेटवर्क और नगर पंचायत लेखापाल को रंगे हाथ पकड़ा…
बिलासपुर। जांजगीर जिले में शुक्रवार 20 मार्च को एसीबी बिलासपुर ने एक ही दिन दो अलग-अलग ट्रैप ऑपरेशन कर भ्रष्टाचार के दो चेहरों को बेनकाब किया। एक ओर बिजली कनेक्शन के नाम पर इंजीनियरों का नेटवर्क रिश्वत लेते पकड़ा गया, तो दूसरी ओर नगर पंचायत नवागढ़ में भुगतान के चेक के लिए लेखापाल घूस लेते रंगे हाथ धराया। कुल मिलाकर 43 हजार रुपए की रिश्वत के साथ चार आरोपी एसीबी के शिकंजे में आए।
जांजगीर निवासी प्रदीप यादव फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट स्थापित करने के लिए ग्राम खोखसा में ट्रांसफॉर्मर लगवाना चाहता था। आवेदन और डिमांड नोट जमा होने के बावजूद काम आगे बढ़ाने के लिए पैसे की मांग सामने आई।
उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला ने 10 हजार रुपए, जबकि सहायक अभियंता विजय नोर्गे ने अपने सहायक देवेंद्र राठौर के माध्यम से 25 हजार रुपए की मांग रखी।शिकायत एसीबी तक पहुंची, सत्यापन हुआ और ट्रैप प्लान तैयार हुआ। 20 मार्च को शिकायतकर्ता ने तय योजना के तहत पहले 10 हजार रुपए शुक्ला को दिए, फिर 25 हजार रुपए राठौर को सौंपे। सिग्नल मिलते ही टीम ने तीनों को मौके पर दबोच लिया। 35 हजार रुपए बरामद हुए और तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई शुरू हुई।
चेक जारी करने के लिए सौदेबाजी
शुक्रवार को ही नवागढ़ नगर पंचायत में एक और ऑपरेशन चला। लेखापाल प्रकाश जायसवाल ने भुगतान के चेक जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की।नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी फर्म ने वित्त वर्ष 2024-25 में अधोसंरचना और मरम्मत कार्य किया था, जिसकी करीब 2 लाख 3 हजार रुपए की बिल राशि का भुगतान लंबित था।
लेखापाल ने 16 हजार रुपए की मांग की, जिसमें से 6 हजार पहले ही ले लिए गए थे। शेष 10 हजार की मांग पर शिकायतकर्ता ने एसीबी को सूचना दी। सत्यापन के दौरान सौदेबाजी के बाद आरोपी 8 हजार रुपए लेने पर राजी हुआ।
कार में रखे पैसे, बाहर खड़ी थी टीम
ट्रैप के तहत शिकायतकर्ता को रकम देने भेजा गया। आरोपी ने 8 हजार रुपए लेकर अपनी कार में रखे।जैसे ही संकेत मिला, सेमरा गांव के पास शाह क्रशर के नजदीक पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया।
पूरी राशि बरामद कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया।
एसीबी की अपीलडीएसपी एसीबी अजितेश सिंह के मुताबिक, दोनों मामलों में शिकायतों की पुष्टि के बाद सटीक रणनीति के तहत कार्रवाई की गई। उन्होंने अब जनता से निवेदन किया है कि किसी भी विभाग में काम के बदले रिश्वत की मांग होने पर तुरंत सूचना दें।
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घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति, आवक-जावक और वितरण पर रहेगी कड़ी निगरानी,
गलत उपयोग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई,
कलेक्टर के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच दल गठित…रायगढ़। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने और उपभोक्ताओं को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न विकासखंडों में राजस्व एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया है।
खाद्य शाखा रायगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह जांच दल जिले में संचालित गैस एजेंसियों से उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति, दैनिक आवक-जावक और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखेगा। साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी जांच की जाएगी, ताकि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग या अन्य प्रकार का दुरुपयोग रोका जा सके।
रायगढ़ विकासखंड के लिए तहसीलदार शिव डनसेना (मो. 7987712715), नायब तहसीलदार हरनंदन बंजारे (मो. 9302180957) तथा सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी कुमार राव (मो. 9340346582) को जांच दल में शामिल किया गया है। इसी तरह पुसौर विकासखंड में तहसीलदार अनुराधा पटेल (मो. 8770810450) और खाद्य निरीक्षक चुड़ामणि सिदार (मो. 6265302312) जांच की जिम्मेदारी संभालेंगे। खरसिया विकासखंड के लिए तहसीलदार संदीप राजपूत (मो. 9818069610) और खाद्य निरीक्षक बनमाली यादव (मो. 6261494293) को जिम्मेदारी दी गई है। घरघोड़ा विकासखंड में तहसीलदार मनोज गुप्ता (मो. 8839836408) और खाद्य निरीक्षक श्रीमती प्राची सिन्हा (मो. 7587440074) को टीम में शामिल किया गया है। तमनार विकासखंड में तहसीलदार ऋचा सिंह (मो. 8085744738) और खाद्य निरीक्षक प्राची सिन्हा (मो. 7587440074) को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। धरमजयगढ़ विकासखंड में तहसीलदार हितेश कुमार साहू (मो. 9669924292) तथा खाद्य निरीक्षक सुधारानी चौहान (मो. 7974750654) तथा लैलूंगा विकासखंड में तहसीलदार शिवम पाण्डेय (मो. 8770697391) और खाद्य निरीक्षक खुशीराम नायक (मो. 7777801577) जांच दल में शामिल हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी संयुक्त जांच दल अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की नियमित जांच करें तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के उपयोग की जांच भी करें। यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग या अन्य दुरुपयोग पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -

बकाया बिजली बिल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: सरचार्ज पूरी तरह माफ, मूल राशि में भी मिलेगी भारी छूट…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से बकाया बिजली बिल से परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित जे.एल.एन. स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में किया।
राज्य की बिजली वितरण कंपनी(CSPDCL) द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को पुराने बकाया बिल से राहत देना तथा लंबे समय से लंबित बिजली देनदारियों का समाधान करना है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को सरचार्ज में पूरी छूट देने के साथ-साथ मूल राशि में भी बड़ी राहत दी जाएगी।उपभोक्ताओं को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ
सरकार की इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल पर लगने वाले सरचार्ज (अधिभार) को 100 प्रतिशत तक माफ कर दिया जाएगा। इसके अलावा कई मामलों में मूल बकाया राशि में भी 50 प्रतिशत या उससे अधिक तक छूट दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि आर्थिक कारणों से बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित होगी। इससे वे आसानी से अपना पुराना बकाया समाप्त कर सकेंगे और बिजली सेवा बिना किसी बाधा के जारी रख पाएंगे।
पुराने बकाया बिल पर अधिक छूट
योजना के तहत बकाया की अवधि के आधार पर अलग-अलग राहत तय की गई है-
• यदि बकाया बिल 5 वर्ष से अधिक पुराना है
मूल राशि में लगभग 75 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी सरचार्ज पूरी तरह 100 प्रतिशत माफ रहेगा
• यदि बकाया बिल 1 से 5 वर्ष के बीच का है
मूल राशि में लगभग 50 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी सरचार्ज पूरी तरह माफ रहेगा
इस व्यवस्था का उद्देश्य पुराने बकाया को खत्म करना और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को राहत देना है।
भुगतान के लिए तीन विकल्प
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भुगतान के लिए तीन विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं-
एकमुश्त भुगतान यदि उपभोक्ता एक साथ राशि जमा करते हैं तो उन्हें सरचार्ज में पूरी छूट मिलेगी और मूल राशि में भी विशेष राहत दी जाएगी। तीन किस्तों में भुगतान उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार तीन किस्तों में भी बकाया राशि जमा कर सकते हैं। छह किस्तों में भुगतान जिन उपभोक्ताओं के लिए एकमुश्त भुगतान संभव नहीं है, वे छह किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। इस व्यवस्था से अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकेंगे।
30 जून 2026 तक लागू रहेगी योजना
सरकार ने इस योजना को सीमित अवधि के लिए लागू किया है। उपभोक्ता 30 जून 2026 तक इस योजना का लाभ ले सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान करने पर ही उन्हें छूट का लाभ मिलेगा।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अतिथि रहे उपस्थित
योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि और अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला रायपुर के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने की।
इसके अलावा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सांसद और विधायकगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से
सांसद बृजमोहन अग्रवाल विधायक राजेश मूणत (रायपुर पश्चिम) विधायक सुनील सोनी(रायपुर दक्षिण) विधायक पुरंदर मिश्रा (रायपुर उत्तर) विधायक मोतीलाल साहू (रायपुर ग्रामीण) विधायक अनुज शर्मा (धरसींवा) विधायक इंद्र कुमार साहू (अभनपुर) भी उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निकायों की भी रही सहभागिता
कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल तथा क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्ना भी उपस्थित रहे।इसके साथ ही कई अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा आम नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
बिजली कंपनी ने किया कार्यक्रम का आयोजन
इस योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन CSPDCL द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सरकार ने की अपील
राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने पुराने बिजली बिल का निपटारा कर लें। इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और बिजली कंपनी को भी लंबे समय से बकाया राशि प्राप्त हो सकेगी। सरकार का मानना है कि यह योजना प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनेगी और बिजली व्यवस्था को भी अधिक मजबूत बनाएगी। -

IPS अंकिता शर्मा ने महिला थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक को किया सस्पेंड…
राजनांदगांव। शहर के बाजार क्षेत्र में पिता से बिछड़ी डेढ़ वर्षीय मासूम बालिका के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कड़ी कार्रवाई की है। मामले में त्वरित कार्रवाई न करने पर महिला थाना प्रभारी गीतांजलि सिंह और कोतवाली थाने के आरक्षक चंद्रेश सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है। साथ ही कोतवाली थाना प्रभारी नंदकिशोर गौतम का भी तबादला कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार शहर के मार्केट एरिया में एक व्यक्ति अपनी डेढ़ वर्षीय मासूम बालिका के साथ पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह नशे की हालत में था। नशे की वजह से वह अपनी बच्ची पर ध्यान नहीं दे पाया और इसी दौरान मासूम अपने पिता से बिछड़ गई। कुछ देर बाद वह सड़क किनारे खड़ी होकर रोती हुई मिली। इसी दौरान वहां से गुजर रहे दो युवकों की नजर रोती हुई बच्ची पर पड़ी। बच्ची को लावारिस स्थिति में देखकर दोनों युवकों ने मानवता का परिचय देते हुए उसे महिला थाने पहुंचाया, ताकि पुलिस उसकी मदद कर सके और परिजनों तक पहुंचा सके।बताया जाता रहा है कि महिला थाना पहुंचने पर पुलिस की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। आरोप है कि महिला थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय युवकों से कहा कि वे डायल 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। वहीं जब दोनों युवक बच्ची को लेकर कोतवाली थाना पहुंचे तो वहां मौजूद एक आरक्षक ने भी उनकी कोई विशेष मदद नहीं की। इसके बाद दोनों युवकों ने चीखली पुलिस चौकी के एक आरक्षक की मदद से चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क किया। चाइल्ड हेल्पलाइन की सहायता से बालिका को संपर्क गृह भेजा गया। बाद में पुलिस ने जानकारी जुटाकर बच्ची को उसके परिजनों से मिलवा दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए महिला थाना प्रभारी गीतांजलि सिंह और आरक्षक चंद्रेश सिन्हा को निलंबित कर दिया। जारी आदेश के अनुसार दोनों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने और नियमित गणना में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।