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  • त्योहारी सीजन में सस्ते होम लोन से पूरा करें घर का सपना…ये रहे 10 बैंकों के ऑफर…

    त्योहारी सीजन में सस्ते होम लोन से पूरा करें घर का सपना…ये रहे 10 बैंकों के ऑफर…

    लगभग हर आदमी के लिए घर खरीदना एक बड़ा सपना होता है और होम लोन इसे पूरा करना आसान बना देता है। इसीलिए ज्यादातर लोग सपनों का घर खरीदने के लिए यह कर्ज को जरूर लेते हैं।
    इन दिनों वैसे भी उधारी दरें खासी कम हैं, साथ में त्योहारों के मौसम में बैंक और बिल्डर कई तरह की पेशकश भी कर रहे हैं। अगर आपने अभी तक घर नहीं खरीदा है तो आपके लिए अच्छा मौका है।
    दरअसल, मांग बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक (आरबीआई) वर्ष 2019 में प्रमुख नीतिगत दरो यानी रेपो दरों में 1.35 फीसदी की कटौती कर चुका है। वहीं, सरकारी और निजी बैंकों ने भी इसका फायदा ग्राहकों को देने का रास्ता साफ कर दिया है।

    ज्यादातर बैंक या तो अपनी बेंचमार्क उधारी दर में कटौती कर चुके हैं या फिर अपने हर तरह के कर्ज को बाह्य बेंचमार्क से जोड़ चुके हैं। इस प्रकार होमलोन की औसत उधारी दर लगभग 8.50 फीसदी के आसपास बनी हुई है। सुरक्षित होने के कारण बैंकों द्वारा खुदरा कर्जों में होमलोन पर ब्याज भी सबसे कम रखी जाती है।


    ईएमआई को समझें कल का निवेश
    हालांकि, होमलोन लेने के बाद आपके ऊपर भारी-भरकम ईएमआई का बोझ पड़ सकता है, जो कई मामलों में आपके मकान के किराये से भी ज्यादा हो सकता है। ऐसे में आपको अपनी ईएमआई को निवेश के तौर पर लेना चाहिए।
    भले ही इन दिनों प्रॉपर्टी की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन दीर्घावधि में इस बाजार में कीमतें बढ़ने की पूरी संभावना है। यह निवेश आपके लिए फायदेमंद भी होगा। खास बात यह है कि इस निवेश में जोखिम भी नहीं है।

    कौन-सा बैंक दे रहा प्रोसेसिंग फीस पर छूट
    पंजाब एंड सिंध बैंक होम लोन के लिए ग्राहकों से किसी प्रकार का प्रोसेसिंग शुल्क नहीं वसूल रहा है। वहीं सिंडिकेट बैंक 25 लाख तक के होमलोन पर महज 0.125 फीसदी या न्यूनतम 500 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क वसूल रहा है। वहीं यूनियन बैंक और सिंडिकेट बैंक का लोन सबसे सस्ता है। यूनियन बैंक 8.15 से 8.30 फीसदी तक और सिंडिकेट बैंक 8.15 से 8.40 फीसदी तक ब्याज दर वसूल रहा है।

    सस्ता लोन देने वाले टॉप 10 बैंक
    बैंक ब्याज दर (फीसदी में)
    1. यूनियन बैंक 8.15-8.30
    2. सिंडिकेट बैंक 8.15-8.40
    3. एसबीआई 8.20-8.55
    4. सेंट्रल बैंक 8.25-8.55
    5. पीएनबी 8.25-8.55
    6. बैंक ऑफ इंडिया 8.35
    7. ओबीसी 8.35-8.55
    8. एचडीएफसी बैंक 8.35-9.15
    9. बीओबी 8.35-9.35
    10. आंध्र बैंक 8.35-9.50

  • सिक्का नहीं लेना राजद्रोह है, करें 144040 पर शिकायत

    सिक्का नहीं लेना राजद्रोह है, करें 144040 पर शिकायत

    कोई दुकानदार या व्यक्ति आरबीआई द्वारा जारी सिक्कों नहीं लेता हैं, या लेने से इंकार करता हैं, तो उस पर राजद्रोह का मामला दर्ज कराया जा सकता हैं। भारत में वैध मुद्रा लेने से इनकार करने वालो पर आईपीसी की धारा 124(1) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। मुद्रा या नोट लेने का वचन भारत सरकार की तरफ से दिया जाता है। शिकायत दर्ज करवाने के लिए आरबीआई ने टॉल फ्री नम्बर 144040 भी जारी किया है। ग्राहक शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से सिक्कों को लेकर भ्रामक सूचना को दूर करने के लिए लोगों को मोबाइल पर मैसेज भेजकर जानकारी दी जा रही है। जिसमें बताया जा रहा है कि किसी भी तरह के सिक्के बंद नहीं किए गए हैं। सभी तरह के सिक्के मान्य हैं।

    दुकानदारों की ओर से सबसे ज्यादा भ्रम 10 के सिक्कों को लेकर भ्रामकता के बारे में पहले भी आरबीआई को शिकायतें मिल चुकी हैं। 10 के सिक्के का लेनदेन जारी रहेगा।

  • डेटा सुरक्षा कानून जल्द संसद में होगा पेश…रविशंकर प्रसाद

    डेटा सुरक्षा कानून जल्द संसद में होगा पेश…रविशंकर प्रसाद

    केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फिर एक बार डेटा सुरक्षा कानून को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, डेटा एक बड़ी सम्पत्ति के रूप में उभर रहा है। हम अपने डेटा सुरक्षा कानून पर काम कर रहे हैं और यह जल्द ही संसद में जाएगा।

    बता दें भारत में बड़े पैमाने पर डेटा चोरी के मामले हो चुके हैं, जैसे 2017 में याहू कम्पनी के करीब 3 अरब एकाउंट पर हैकर्स ने हाथ साफ कर दिया था।

  • सतर्क..मेडिकल स्टोर्स से दवा खरीदते वक्त ये लाल निशान जरूर देखें…

    सतर्क..मेडिकल स्टोर्स से दवा खरीदते वक्त ये लाल निशान जरूर देखें…

    डॉक्टर से बिना पूछे लोग अक्सर मेडिकल स्टोर से दवा खरीद लाते हैं, इसलिये सरकार इसको लेकर कई अहम जानकारियां दे रही है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दवा के पैकेट पर लाल निशान हो तो उस दवा का सेवन बिना डॉ के परामर्श के न करें। लाल निशान का मतलब होता है, ‘इस तरह की दवाए बिना डॉ. के पर्चे की नही दी जा सकती।’ एंटीबायोटिक दवाओ के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए ये लाल पट्टी दी जाती है।

  • झोलाछाप डॉक्टर्स के डिग्री-डिप्लोमा की होगी जाँच..स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की दो टूक.. जांच करें पर इलाज और दवाई की सलाह न दे..

    झोलाछाप डॉक्टर्स के डिग्री-डिप्लोमा की होगी जाँच..स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की दो टूक.. जांच करें पर इलाज और दवाई की सलाह न दे..

    रायपुर: प्रदेश में बढ़ रही मौसमी बीमारी के मद्देनजर जिलों में झोलाछाप चिकित्सको की बाढ़ सी आ गई. बिना किसी प्रैक्टिस और डिग्री-डिप्लोमा के यह कथित डॉक्टर्स घर-घर जाकर मरीजों का इलाज कर रहे है. बात करें कोरबा की तो पीछे कुछ महीने में दो ऐसे मामले सामने आये है जिनमे झोलाछाप डॉक्टर्स से इलाज कराने की कीमत मरीजों को अपने जान से हाथ धोकर चुकानी पड़ी है.
    इसी पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्री टीएस सिंहदेव से जानकारी प्राप्त हुई की झोलाछाप डॉक्टर्स पर उनकी सरकार उचित कार्रवाई कर रही है. उनका कहना था की यदि किसी के पास डिग्री या डिप्लोमा नहीं है तो वह मरीज की जाँच अपने अनुभव के आधार पर करता है लेकिन ऐसे हालत में उसे किसी तरह के इलाज करने या दवा दिए जाने का अधिकार नहीं है. उनका साफ़ कहना था की झोलाछाप डॉक्टर्स के इलाज से हो रहे नुकसान को लेकर वह चिंतित है और शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    डीएमएफ द्वारा भर्ती प्रक्रिया के सवाल पर उन्होंने बताया की उनका विभाग खनिज न्यास मद का सदुपयोग करते हुए बड़े जिलों के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर्स की भर्तियां कर रही है. इसका सीधा फायदा इलाके के शहरी और ग्रामीण दोनों ही वर्गों को होगा. उन्होंने बताया की बीजापुर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर में प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जबकि कोरबा, अंबिकापुर और सूरजपुर में भर्ती प्रक्रियाधीन है।

  • पुलिस विभाग में बड़ा घोटाला.. 20 लाख का डीज़ल पी गई कबाड़ गाड़ियां, PHQ ने दिए जांच के आदेश!.

    पुलिस विभाग में बड़ा घोटाला.. 20 लाख का डीज़ल पी गई कबाड़ गाड़ियां, PHQ ने दिए जांच के आदेश!.

    कोरिया। जिले में पुलिस विभाग के वाहन शाखा में लगभग 20 लाख के घोटाले का मामला सामने आया है. वाहन शाखा में पदस्थ आरक्षक रमेश साहू के नाम पर पुलिस हेडक्वार्टर रायपुर से जांच का आदेश जारी किया गया है. जिसकी जांच जिले के एडिशनल एसपी पंकज शुक्ला द्वारा की जा रही है।

    बता दें कि, कोरिया जिले के पुलिस विभाग के वाहन शाखा में लगभग 20 लाख की गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर जांच शुरू कर दी गयी है. वाहन शाखा में पुलिस विभाग की सभी छोटी बड़ी गाड़ियों को फ्यूल देने का रिकार्ड वाहन शाखा में मेंटेन किया जाता है. जिसमे कई सालों से छुटपुट शिकायत आती रहती थी. लेकिन इस बाद जो मामला सामने आया है उसे सुनकर आप चौंक जाएंगे. वाहन शाखा में पदस्थ आरक्षक चालक रमेश साहू के नाम पर 20 लाख के गड़बड़ी की जांच चल रही है.

    बताया जा रहा है सरकारी वाहन में खड़ी गाड़ियों के नाम से भी डीजल पर्ची काटकर उपयोग किया गया है. सरकारी वाहन के मरम्मत में भी ग़लत बिल लगाया गया है. विधानसभा व लोकसभा चुनाव में सरकारी व अधिग्रहित वाहन में भी गड़बड़ी की गयी है.

    सबसे बड़ा घोटाला तो तब हो गया जब पुलिस विभाग में पानी सप्लाई टैंकर में पानी पिलाने के बजाय रमेश साहू खुद डीजल पी गये. जबकि उस टैंकर में पानी सप्लाई किसी अन्य चालक के द्वारा किया गया है. ड्राइवर डायरी डीजल डलवाने का काम रमेश साहू ने अपने नाम रिकार्ड मेंटेन किया है. साथ ही जो पुलिस लाइन में खड़ी शासकीय गाड़िया हैं वह भी रिकार्ड में डीजल पी रही हैं. गाडी मिस्त्री से अधिक बिल बनवाने, फर्जी बिल की बात कही जा रही है.

    एडिश्नल एसपी ने दिसंबर 2018 से सितंबर 2019 तक डीजल पर्ची सहित पीओएल बिल रजिस्टर, लोकसभा विधानसभा में लगने वाली गाड़ी, पीएलओ इशू रजिस्टर, टैंकर लाग् बुक, मासिक गोस्वारा व अन्य दस्तावेज़ मंगाया है. मामले की जांच जारी है.

    जाँचकर्ता एडिशनल एसपी पंकज शुक्ला ने बताया कि कुछ दिन पहले शिकायत मिला है. जिसमे वाहन शाखा में गड़बड़ी के आरोप लगाये गये हैं. जांच जारी है अभी प्रथम दृष्ट्या कुछ कह पाना मुश्किल है. जांच के बाद विस्तृत तरीके से समीक्षा करेंगे. यह देखना होगा डीजल आवटन किस तरह से हुआ है. उसका रिकार्ड किस प्रकार मेंटेन हुआ है. कई मौके पर गुमनाम शिकायत परेशान करने के लिए होती है. कई मौके पर अहम खुलासे भी होते हैं. अभी कुछ कह पाना संभव नही है जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

  • जब इस नगर पंचायत के कारनामे की खुली पोल तो सीएमओ ने कहा -गलती हो गयी…जशपुर में टेंडर का नया कारनामा उजागर

    जब इस नगर पंचायत के कारनामे की खुली पोल तो सीएमओ ने कहा -गलती हो गयी…जशपुर में टेंडर का नया कारनामा उजागर

    नगर पंचायतों में टेंडर का कैसा खेल चलता है इसका खुलाशा आज एक सरकारी नोटिस ने ही कर दिया। पूरा मामला जशपुर जिले के बगीचा नगर पंचायत का है।बिगत 19 सितंबर को जारी एक टेंडर गत 16 अक्टूबर को खुलना था लेकिन ऐन टाईम पर टेंडर लेने वाले आवेदकों और उच्चाधिकारियों को नोटिस जारी कर यह बता दिया कि 16 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से टेंडर नही खुल सकता और इसी नोटिस ने नगर पंचायत की पूरी चोरी उजागर कर दी। नोटिस जारी करने की तारीख 14 .10.2019 है लेकिन उस नोटिस में लिखा है कि आज दिनांक 16 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से टेंडर नही खोला जाएगा। जब नोटिस 14 अक्टूबर को जारी हुआ फिर नोटिस में आज दिनांक 16 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से टेंडर नही खोला जाएगा लिखा जाना कई सवालों को जन्म तो देता ही, साथ ही साथ इस नोटिस को लेकर ठेकेदार सवाल भी खड़े कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि 16 तारीख को आनन फानन में बैक डेट से नोटिस बनाया गया और टेंडर खोलने में जानबूझकर बहाना बनाया गया ।इस मामले में जब नगर पंचायत बगीचा के सीएमओ प्रवीण उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने लिखावट में गलती होना बताया और कहा कि इस गलती के लिए उन्होंने सम्बन्धित बाबू को डांट भी लगायी है।
  • नहीं बदलेगा ‘मोटर व्हीकल कानून’

    नहीं बदलेगा ‘मोटर व्हीकल कानून’

    सड़क एवं परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी ने मोटर व्हिकल कानून में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपने हिसाब से जुर्माने की राशि तय कर सकते है। गडकरी ने कहा कि इस बिल को लाने का मकसद राजस्व की प्राप्ति नहीं है, बल्कि देशभर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाना है। बता दें कि भारत मे हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 1.50 लाख लोगों की मौत हो जाती है।

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुलाई आपात बैठक, DGP डी एम अवस्थी, आईजी समेत कई आला अधिकारी मौजूद

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुलाई आपात बैठक, DGP डी एम अवस्थी, आईजी समेत कई आला अधिकारी मौजूद

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब से थोड़ी देर पहले ही सीएम हाउस में आपात बैठक बुलाई है. इस बैठक में डीजीपी डी एम अवस्थी, रायपुर आईजी आनंद छाबड़ा समेत कई आला अधिकारी मौजूद हैं. सूत्र बताते हैं कि कथित सेक्स सीडी कांड मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह बैठक बुलाई गई है. हालांकि बैठक में किन एजेंडों पर चर्चा होगी, इसका खुलासा नहीं हुआ है।

    बता दें कि आज ही सुप्रीम कोर्ट ने सेक्स सीडी कांड मामले में सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला दिया था, जिसमें सीबीआई ने राज्य से बाहर केस ट्रांसफर किए जाने की मांग की थी. सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तमाम ट्रायल पर रोक लगाते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

    इधर बैठक कितना महत्वपूर्ण है, इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि राजधानी की सुरक्षा में उठ रहे सवालों के बाद डीजीपी ने सभी थाना प्रभारियों को तलब किया था. कंट्रोल रूम में डीजीपी खुद बैठक लेने वाले थे, लेकिन आनन-फानन में उन्हें सीएम हाउस जाना पड़ा. इसके बाद रायपुर के प्रभारी एसएसपी अजय यादव थाना प्रभारियों की बैठक ले रहे हैं।

  • जिओ ने लॉन्च किया ‘आल इन वन’ प्लान, नही लगेगा IUC चार्ज….

    जिओ ने लॉन्च किया ‘आल इन वन’ प्लान, नही लगेगा IUC चार्ज….

    जिओ ने आज तीन नए प्लान्स लॉन्च किए हैं, इन्हें ‘आल इन वन’ प्लान का नाम दिया गया है। सबसे छोटा प्लान 222₹ का है, यह एक महीने की वैलिडिटी के साथ आता है। वहीं, 333₹ में दो महीने की एवं 444₹ में तीन महीने की वैलिडिटी मिलेगी।

    इन तीनों प्लान्स में रोजाना 2 जीबी डेटा मिलेगा, इसके अलावा जिओ ग्राहक को अन्य नेटवर्क पर बात करने के लिए 1000 मिनट फ्री मिलेगा। मतलब IUC चार्ज नही लगेगा।