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  • ट्रंप ने किया PM मोदी को फोन – मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जारी करने का अनुरोध, मलेरिया की दवा कोरोना में ज्यादा हो रही कारगर…

    ट्रंप ने किया PM मोदी को फोन – मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जारी करने का अनुरोध, मलेरिया की दवा कोरोना में ज्यादा हो रही कारगर…

    वाशिंगटन। कोरोना संकट में फंसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की। डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि वह अमेरिका द्वारा ऑर्डर की गई मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा को जारी करे। गौरतलब है कि भारत ने पिछले महीने दवाओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी से बात की और अमेरिका के लिएहाइड्रॉक्सीकोलोरोक्वीन दवा जारी करने का अनुरोध किया।ट्रम्प ने शनिवार को व्हाइट हाउस में अपने दैनिक समाचार सम्मेलन में कहा कि मैंने प्रधान मंत्री मोदी को फोन किया। वे बड़ी मात्रा में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा बनाते हैं। भारत इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। गौरतलब है कि भारत के विदेश व्यापार महानिदेशालय ने 25 मार्च को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन कहा कि मानवीय आधार पर कुछ शिपमेंट को विशेष आधार पर अनुमति दी जा सकती है।



    मलेरिया रोधी दवा के आ रहे अच्छे नतीजे: ट्रंप

    इससे पहले दिए गए अपने एक बयान में ट्रंप ने कहा कि मलेरिया के इलाज में दशकों से इस्तेमाल की जा रही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के कोरोना रोगियों के इलाज में अच्छे नतीजे आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम वायरस के इलाज और रोकथाम में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और दूसरे उपचारों के प्रभाव का निरंतर अध्ययन कर रहे हैं और अपने नतीजों के बारे में पूरी जानकारी देंगे।’ हालांकि ह्वाइट हाउस टास्क फोर्स के एक वरिष्ठ सदस्य ने अभी किसी नतीजे पर पहुंचने को लेकर आगाह किया है, क्योंकि इस संबंध में अभी परीक्षण चल रहे हैं।

    अमेरिका में कोरोना का कहर

    अमेरिका में कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना वायरस के 3 लाख से अधिक मामले और 8000 से अधिक मौतों की पुष्टि के बाद अमेरिका कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा प्रभावित देश के रूप में उभरा है, ऐसी बीमारी जिसका फिलहाल कोई इलाज नहीं है।

    कोरोना से लड़ने वाली हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा के निर्यात पर आखिर क्यों सरकार ने लगाई रोक?

    कोरोना (Corona Virus) से लड़ने में मदद करने वाली मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के निर्यात पर भारत सरकार ने रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि इस दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगाना जरुरी है।

    वहीँ, इस दवा को लेकर (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध या संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जिनमे डॉक्टर, नर्से, सफाई कर्मचारी, हेल्पर आदि शामिल हैं, के इलाज के लिए हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन को इस्तेमाल की सिफारिश की। जिसके बाद, भारतीय दवा महानियंत्रक (DGCI) ने इमरजेंसी जैसे हालात होने पर प्रतिबंधित (Restricted) रूप से इस दवा के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।

    क्या है हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन

    ये दवा एंटी मलेरिया ड्रग क्लोरोक्वीन से अलग दवा है। यह एक टेबलेट है जिसका उपयोग ऑटोइम्यून रोगों जैसे कि Arthritis) के उपचार में किया जाता है। लेकिन इसे कोरोना से बचाव में इस्तेमाल किये जाने की बात भी सामने आई है।ट्रम्प ने शनिवार को व्हाइट हाउस में अपने दैनिक समाचार सम्मेलन में कहा कि मैंने प्रधान मंत्री मोदी को फोन किया। वे बड़ी मात्रा में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा बनाते हैं। भारत इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। गौरतलब है कि भारत के विदेश व्यापार महानिदेशालय ने 25 मार्च को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन कहा कि मानवीय आधार पर कुछ शिपमेंट को विशेष आधार पर अनुमति दी जा सकती है।



    क्यों लगाया गया प्रतिबंध

    कोरोना को लेकर फैले खौंफ के बीच अचानक इस दवा को लेकर अफवाह उड़ी कि ये दवा कोरोना से बचा सकती है। जिसके बाद लोगों ने इस दवा को जमा करना शुरू कर दिया। परिणाम ये हुआ कि मेडिकल स्टोर से यह दवा गायब हो गई। वैसे, इस बात की शुरुआत तब हुई जब 19 मार्च को द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ में लिखे एक आर्टिकल में इस दवा के फायदे और बीमारियों से लड़ने की क्षमता के बारे में बताया गया। इस आर्टिकल मे इस बता पर जोर दिया गया कि यह दवा कोरोनोवायरस के खिलाफ एंटी-वायरल तरीके से काम करती है।

    इस दवा का खास असर SARS-CoV-2 पर पड़ता है। बता दें, यह वही वायरस है जो COVID-2 का कारण बनता है। ये भी बता दें कि इसी आर्टिकल के हवाले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 मार्च वाला ट्विट किया था।

    हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन का इस्तेमाल

    वहीँ इस दवा के बारे में शोधकर्ताओं का मानना है कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के साथ प्रोफिलैक्सिस का डोज लेने से SARS-CoV-2 संक्रमण और वायरल को बढ़ने से रोका जा सकता है। अमेरिका में प्रोफिलैक्सिस या एसएआरएस-सीओवी -2 संक्रमण के उपचार के लिए हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के कई एक्सपेरीमेंट करने की योजना बनाई गई है जो जल्द शुरू हो जाएगी।

    एक शोध यह भी कहता है कि सिर्फ हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन या अजिथ्रोमाइसिन को अकेले लेने से या दोनों को मिलाकर लेने से अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट (Upper respiratory infection) में SARS-CoV-2 RNA कम होते नजर आते हैं।

    हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के साइड इफेक्ट

    ऑनलाइन दवाइयों की जानकारी देने वाली अमरीका की मेडलाइनप्लस (Madeline Plus) के मुताबिक, हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन का बिना किसी लक्षण के इस्तेमाल करना सही नहीं है। मेडलाइनप्लस का कहना है कि इस दवा के कुछ साइड इफेक्ट भी हैं। सामान्य साइड इफ़ेक्ट की बात करें तो इसके अंतर्गत सिरदर्द, चक्कर आना, भूख मर जाना, मतली, दस्त, पेट दर्द, उल्टी और त्वचा पर लाल चकत्ते होना शामिल हैं। इसके अलावा इस दवा को अधिक या इसकी ओवरडोज लेने से दौरे भी पड़ सकते हैं या मरीज बेहोश हो सकता है।

  • मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट..कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ में एक अच्छी खबर ! 10 में 7 स्वस्थ होकर AIIMS से डिस्चार्ज !

    मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट..कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ में एक अच्छी खबर ! 10 में 7 स्वस्थ होकर AIIMS से डिस्चार्ज !

    कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ में एक अच्छी खबर आई है। छत्तीसगढ़ में 10 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए थे। जिसमें से 7 मरीज AIIMS से पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर इस बात की पुष्टि की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में लिखा है-

    “छत्तीसगढ़ में आज तीन COVID-19 पॉजिटिव मरीजों का पूर्णतः इलाज होने के बाद उन्हें AIIMS द्वारा डिस्चार्ज कर दिया गया है। 10 में से 7 मरीज इलाज करवाकर घर जा चुके हैं। मैं आशा करता हूँ कि बचे हुए 3 भी जल्द स्वस्थ होकर घर वापस लौटेंगे।”

  • कोरोना वायरस से हो रही मौतों पर फूटा लोगों का गुस्सा, चीनी दूतावास के सामने निकाल रहे अपनी भड़ास…

    कोरोना वायरस से हो रही मौतों पर फूटा लोगों का गुस्सा, चीनी दूतावास के सामने निकाल रहे अपनी भड़ास…

    नई दिल्ली। चीन के वुहान शहर से निकले कोरोना वायरस से पूरी दुनिया कराह रही है, लोगों का घर से निकलना मुहाल हो गया, और तो और लोग अपने परिजनों को इस वायरस की वजह से असमय खोते जा रहे हैं. ऐसे में लोगों का गुस्सा चीनियों पर फूट रहा है, जिसका नजारा चीनी दूतावास के सामने नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया में ऐसे दर्जनों वीडियो वायरल हो रहे हैं, इनमें से एक आस्ट्रेलिया का है, जिसमें सिडनी शहर में स्थित चीनी दूतावास के सामने एक काउब्वॉय कोड़े फटकारते हुए चीनियों के साथ-साथ चीनी सरकार के खिलाफ भारी-भरकम अपशब्दों का प्रयोग करते हुए बदला लेने की बात कह रहा है।

    केली नाम का यह व्यक्ति चीनी दूतावास के सामने खड़े होकर कह रहा है कि क्या तुम लोग दुनिया को बेवकूफ समझते हो. सब जानते हैं कि तुम लोगों ने यह जानबूझकर फैलाया है. तुम्हारे देश से पचास लाख लोग निकलकर पूरी दुनिया में कोरोना को फैलाया है. हम इसका बदला लेंगे।

    सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो पर पुलिस ने किसी तरह का कोई संज्ञान नहीं लिया है, क्योंकि इस घटना की किसी ने कोई शिकायत नहीं की है. लेकिन इतना साफ है कि कोरोना की वजह से चीन की पूरी दुनिया में किरकिरी हो रही है।

  • कोरबा के कोरोना पॉजिटिव युवक के पिता पर आइसोलेशन गाइडलाइन का उल्लंघन करने आरोप,बनाया गया सह अभियुक्त

    कोरबा के कोरोना पॉजिटिव युवक के पिता पर आइसोलेशन गाइडलाइन का उल्लंघन करने आरोप,बनाया गया सह अभियुक्त

    कोरबा।  कोरबा में कोरोना पॉजेटिव मरीज पर FIR के 72 घंटे बाद अब उसके पिता को सह आरोपी बनाया गया है। पिता पर आरोप है कि उसने अपने बेटे का गुनाह सिर्फ छुपाया, बल्कि उसने अपने बेटे को वो छूट भी दी, जिसकी वजह से कई अन्य लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल आरोपी मरीज रायपुर के एम्स में भर्ती है।

    युवक 18 मार्च को लंदन से कोरबा लौटा था और अपने विदेश से लौटने की बात जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से छुपायी थी। कमाल की बात तो ये रही कि युवक ने इस दौरान आइसोलेशन के गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा दी और बेरोक-टोक इधर-उधर घूमता रहा। इस दौरान उसके कमरे में नौकरों की भी आवाजाही बनी रही तो वो पिता के दफ्तर में जाकर मीटिंग भी करने लगा।

    इस पूरे मामले में कोतवाली पुलिस ने लोगों ने पूछताछ की तो उसके पिता की भी बड़ी लापरवाही सामने आयी, जिसके बाद उसके पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है। इससे पहले आरोपी युवक के खिलाफ पहले से ही 188, 269, 270, 271 की धारा पर मामला दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि लंदन में पढ़ने वाला ये छात्र 18 मार्च को कोरबा लौटा था, एयरपोर्ट पर युवक ने खुद के लंदन से लौटने की जानकारी देने के बजाय मुंबई से आने की बात कही। जिसके बाद उन्हें नियम के मुताबिक आइसोलेट नहीं किया जा सका।

  • 5 अप्रैल से खुल सकती है शराब दुकानें, सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे काउंटर

    5 अप्रैल से खुल सकती है शराब दुकानें, सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे काउंटर

    पिछले दो हफ्ते से लॉक डाउन के दौरान बंद पड़ी शराब दुकानों को अब खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। लॉक डाउन के दौरान शराब बिक्री पर प्रतिबंध के कारण कई जगहों से अवैध शराब पीने के कारण लोगों की मौत, शराब न मिलने से आत्महत्या का प्रयास करने सहित शराब दुकानों से चोरी की खबरें मिलने के बाद राज्य शासन ने शराब दुकानों को खोलने का निर्णय लिया है। सूत्रों से पता चला है कि 5 अप्रैल से शराब दुकानें खुलेंगी। इसका समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक तय किया गया है।

    छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति शराब दुकानों के संचालन के लिए जरूरी दिशा निर्देश तय करेगी। सीएसएमसीएल के उपमहाप्रबंधक अनिमेष नेताम को समिति का अध्यक्ष बनाया है। एनआईसी के तकनीकी निर्देशक शिशिर रायजादा, सीएसएमसीएल के वित्तीय सलाहकार श्रीनिवास मुदलियार और सीएसएमएल दुर्ग के उपमहाप्रबंधक अरविंद पाटले को सदस्य नियुक्त किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि कई स्थानों पर मदिरा प्रेमियों ने शराब न मिलने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया। कई मदिरा दुकानों से मदिरा प्रेमियों ने शराब चोरी की घटनाओं का पता चला। कुछ स्थानों पर अवैध शराब पीने से लोगों की मौत की खबर भी मिली है। लगातार ऐसे समाचार मिलने के बाद सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में जानमाल की संभावनाओं को रोकने शराब दुकानें खोलने की कार्यवाही की जा रही है।

  • विधायक जी ने एक महीने में जारी किए दो पत्र ! पहले डॉक्टर साहब की शिकायत कर खुद कराया ट्रांसफर..! दोबारा पत्र लिखा, लिखी डॉ साहब की तारीफे, फिर से कराई बहाली.. दोनों लेटर सोशल मीडिया में वायरल, विधायक साहब की हो रही किरकिरी…

    विधायक जी ने एक महीने में जारी किए दो पत्र ! पहले डॉक्टर साहब की शिकायत कर खुद कराया ट्रांसफर..! दोबारा पत्र लिखा, लिखी डॉ साहब की तारीफे, फिर से कराई बहाली.. दोनों लेटर सोशल मीडिया में वायरल, विधायक साहब की हो रही किरकिरी…

    जांजगीर। आज हम आपको चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव के उन 2 लेटर के बारे में बताएंगे जिसे देखकर आप भी हैरान हो जाएंगे कहेंगे, विधायक जी तो बड़े पलटीबाज हैं। दरअसल में हमें इसलिए कहना पड रहा है क्योंकि या तो विधायक जी अपने क्षेत्र से वाकिफ नहीं है या तो विधायक जी लेटर जारी करने से पहले कुछ सोचते समझते नहीं हैं। जयचंदो के भरोसे से पूरा उनका कामकाज चल रहा है।

    दरअसल मामला यह है कि विधायक महोदय द्वारा 26-02-2020 को सूबे के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव को एक पत्र लिखा जाता है। उस पत्र में जिक्र किया जाता है कि डॉक्टर संतोष पटेल चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालखरौदा को अन्य जगह पर स्थानांतरित करने हेतु इस लेटर में लिखा जाता है कि

    “डॉक्टर संतोष पटेल जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालखरौदा में चिकित्सक के रूप में पदस्थ हैं। उनके खिलाफ क्षेत्र के लोग शिकायत कर रहे हैं कि इनका कार्य व्यवहार ठीक नहीं है। इनके द्वारा मरीजों के इलाज के नाम पर अवैध रूप से कैसे लिया जाता है। तथा अपनी निजी गाड़ी को एंबुलेंस के रूप में पैसे लेकर चलाने की भी शिकायत बहुत ज्यादा मिल रही है। इस वजह से क्षेत्र की जनता बहुत परेशान हैं इसीलिए उन्हें अन्य जगह स्थानांतरण किया जाए।”पहला पत्र

    एक माह बाद दूसरा पत्र इसमे ये लिखा जाता है कि डॉक्टर संतोष पटेल का अनावश्यक रूप से संलग्नीकरण किया गया है। मतलब क्या विधायक महोदय का पहला पत्र जिसमें डॉक्टर साहब पर दोष मढ़ा गया था और उनके स्थानांतरण की बात कही गई थी। क्या वह बातें मिथ्या थी ??दूसरा पत्र

    फिर 1 माह बाद विधायक महोदय एक और पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जांजगीर-चांपा को जाता है। जिसमें खुद के द्वारा अनुशंसा किए गए जिसमें डॉक्टर संतोष पटेल का संलग्नीकरण आदेश को निरस्त कराने का पत्र जारी होता है।

    “जिसमें लिखा जाता है कि डॉक्टर संतोष पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालखरौदा जिला जांजगीर-चांपा में पदस्थ है। जिनका अनावश्यक रूप से संलग्न करण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रांगण में हुआ है जबकि हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालखरौदा में विश्वव्यापी कोरोनावायरस का संकट बढ़ता जा रहा है। उसको ध्यान में रखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मालखरौदा डॉक्टरों की कमी होते हुए अनुभवी एवं 24 घंटे सेवा देने वाले डॉक्टर संतोष पटेल को यथावत स्वास्थ्य केंद्र मालखरौदा में रखा जाए. आवश्यकता पड़ने पर डॉ कात्यानी सिंह का संलग्न किया जाए क्योंकि कई शिकायतें भी मेरे पास आ चुकी है।”

    विधायक महोदय का लेटर है तो डॉ संतोष पटेल को वापस भेज दिया जाता है। यू कहे तो संलग्न कर आदेश निरस्त हो जाता है।

    अब सोचिए जिस चिकित्सक के बारे में विधायक महोदय एक माह पहले कहते हैं कि उनका कार्यशैली ठीक नहीं है। मरीजों से पैसा लेते हैं। लेकिन उन्हीं के स्थानांतरण आदेश को पुनः निरस्त करने के लिए कहा जाता है। आखिर इस 1 महीने के बीच ऐसा क्या हुआ कि डॉक्टर संतोष पटेल जिनकी शिकायत कर स्वयं विधायक जी ने की थी। अचानक से वे महान कैसे हो गए। दूसरे पत्र में उनकी तारीफों के कसीदे गढ़े गए और उन्हें वापस बुलाने की अनुशंसा की गई।

    डॉ कात्यानी सिंह का हीं संलग्निकरण क्यो??

    दूसरे वाले पत्र में डॉक्टर कात्यायनी सिंह का जिक्र इसलिए किया जाता है क्योंकि डॉक्टर कात्यायनी सिंह के साथ बदतमीजी और अभद्रता पूर्ण व्यवहार चंद्रपुर विधायक के करीबी विधायक प्रतिनिधि देवा लहरें द्वारा की जाती है।जिसका ऑडियो सोशल मीडिया में भी वायरल होता है। जिसकी शिकायत डॉक्टर कात्यायनी सिंह द्वारा मालखरौदा थाने में भी की जाती है। इसीलिए चंद्रपुर विधायक डॉक्टर साहिबा के खिलाफ इस तरीके से शिकायत कर रहे हैं

    मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन चुका है राजनीति का अखाड़

    दरअसल में इस अस्पताल में खंड चिकित्सा अधिकारी के पद के लिए यहां के चिकित्सक आपस में लड़ भीड़ रहे हैं। कुछ दिन पहले अस्पताल में मरीजों के लिए बाहरी दवाई लिखने पर डॉक्टर संतोष पटेल को डॉक्टर कात्यायनी सिंह ने फटकार लगाई थी। कि मरीजों को बाहरी दवाई ना लिखें अस्पताल की ही दवाई दिया जाए जरूरत पड़ने पर ही बाहर की दवाई मंगाया जाए। इसपर डॉ संतोष पटेल भड़क गए थे और डॉ कात्यायनी सिंह के साथ सीनियारिटी जूनियरटी पर उतर गए थे। बस डॉ कात्यायनी सिंह का बस इतना कसूर था कि सरकारी अस्पताल में आए हुए मरीजों को बाहर से दवाई न लिखने की सलाह दे डाली।

    सोशल मीडिया में विधायक को सुनाई जा रही है खरी खोटी

    विधायक के एक ही मामले पर दो लेटर जिसे ट्रांसफर कराने के लिए पहले पत्र लिखा जाता है फिर माह भर बाद पुनः आदेश को निरस्त करने के लिए पत्र लिखा जाता है। यह पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो जाता है। जिसके बाद लोगों ने विधायक के कार्यशैली पर ही सवाल उठा दिए सोशल मीडिया पर लोग यह कह रहे हैं कि जिस का लिफाफा भारी उसी ने बाजी मारी। वह विधायक के दो लेटर को लेकर लोग तरह-तरह की बातें कह रहे हैं और बातें होनी भी क्यो न क्योंकि विधायक जैसे जिम्मेदार दायित्व पर होने के बावजूद भी इस तरीके से पत्र जारी करना भी समझ से परे है।

  • एयर इंडिया ने 30 अप्रैल तक करी उड़ाने रद्द,अफवाहों का बाजार गर्म, लोगो का सोचना लॉकडाउन की अवधि बढ़ेगी, इसलिए लिया फैसला

    एयर इंडिया ने 30 अप्रैल तक करी उड़ाने रद्द,अफवाहों का बाजार गर्म, लोगो का सोचना लॉकडाउन की अवधि बढ़ेगी, इसलिए लिया फैसला

    दिल्ली। कोरोना के भयावह संकट से निपटने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। ये 14 अप्रैल तक के लिए लागू किया गया था। जिसके चलते एयर इंडिया ने 14 अप्रैल तक सभी बुकिंग बंद कर दी थी। अब इस एयरलाइंस ने ये अवधि 30 अप्रैल कर दी है।
    एयर इंडिया ने अपने लेटेस्ट फैसले में तय किया है कि वो 30 अप्रैल तक के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर रही है। दरअसल, पहले ये उड़ानें केवल 14 अप्रैल तक के लिए बंद थीं। जिसके चलते लोग 14 अप्रैल के बाद बुकिंग कराने का प्लान बना रहे थे लेकिन अचानक एयर इंडिया ने फैसला लिया कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें 30 अप्रैल तक बंद रहेंगी।
    दरअसल, एयर इंडिया के इस ऐलान के बाद लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिये कि कहीं सरकार लॉकडाउन का पीरियड बढ़ाने तो नहीं जा रही है। जिसके चलते उसने ये फैसला लिया हो। एयर इंडिया के इस कदम से यात्रियों में अफरातफरी का माहौल है। उधर, सरकार ने ऐलान किया है कि वह लॉकडाउन खत्म होने के बाद हालात के आधार पर अंतरराष्ट्रीय उड़ान बहाल करने पर विचार करेगी।
  • कोरबा जिले के कटघोरा में दूसरे राज्य से आया एक व्यक्ति का सेंपल जांच में निकला कोरोना पाजिटिव, मस्जिद में था क्वारेंटाइन

    कोरबा जिले के कटघोरा में दूसरे राज्य से आया एक व्यक्ति का सेंपल जांच में निकला कोरोना पाजिटिव, मस्जिद में था क्वारेंटाइन

    कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा में एक व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव मिला है। जांच के लिए इसका सेंपल एम्स भेजा गया था। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने बताया कि यह व्यक्ति महाराष्ट्र से कटघोरा आया था और लॉक डाउन के समय से ही मज्सिद में ही क्वारेंटाइन पर था। इस व्यक्ति स्थानीय स्तर पर बाहर के लोगों से कोई संपर्क नहीं था।

  • घर से बेवज़ह निकलने वालों को चेतावनी,शाम 4 बजे के बाद 48 घंटे तक टोटल कर्फ्यू…..

    घर से बेवज़ह निकलने वालों को चेतावनी,शाम 4 बजे के बाद 48 घंटे तक टोटल कर्फ्यू…..

    रायपुर। 14 अप्रेल तक जारी लॉकडाउन के बीच अब अगले 48 घंटे तक टोटल कर्फ्यू रहेगा आज शाम 4 बजे के बाद से टोटल कर्फ्यू को लेकर चेतावनी जिला प्रशासन ने दे दी हैरायपुर जिला प्रशासन के सूत्रों की माने तो पूरी सख्ती की तैयारी कर ली गई है, आज कई जगहों पर पुलिस की ओर से फ्लैग मार्च किया गया है, घर से बेवज़ह निकलने वाले लोग पकड़े गए, तो फिर से सीधे जेल जाएंगे

    शनिवार शाम 4 बजे से लेकर सोमवार तक टोटल कर्फ्यू का ऐलान किया गया है, इस दौरान बहुत ही ज्यादा जरूरी सेवा को खुला रखा जाएगा. इसमें पूरी तरह से जाँच-पड़ताल के बाद लोगों को जरूरी सेवाओं के लिए निकलने दिया जाएगा. जरुरी सेवाओं को यथावत जारी रखा गया है

    जिला प्रशासन की ओर से यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि लॉकडाउन का लोग कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं, जरूरी सेवाओं के बहाने लोग घरो से मनमाने तरीके से निकल रहे हैं

    शहर में अचानक ट्रैफिक बढ़ गया है, लिहाजा कोरोना वायरस से बचाव के लिए सख्ती बेहद जरूरी है. ऐसे में लोगों को सावधान रहने को कहा गया है. इस दौरान अगर किसी ने भी  लापरवाही बरती, मनमानी करते हुए दिखे तो फिर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

  • रंगे हाथ ओवररेट पर मास्क और सेनेटाइजर बेचते पकड़ा गया मेडिकल स्टोर संचालक, हुई थी शिकायत…..

    रंगे हाथ ओवररेट पर मास्क और सेनेटाइजर बेचते पकड़ा गया मेडिकल स्टोर संचालक, हुई थी शिकायत…..

    रायपुर। कोरोना लॉकडाउन के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक मुनाफाखोरी पर उतर आए हैं। ऐसी ही शिकायत पर खाद्य एवम औषधि विभाग ने शंकर नगर स्थित विद्या मेडिकल स्टोर में छापा मारकर संचालक को अधिक दाम पर मास्क बेचते रंगे हाथ पकड़ा।

    विद्या मेडिकल स्टोर में कार्रवाई के दौरान खाद्य एवम औषधि विभाग के आधा दर्जन अधिकारी मौजूद हैं, जो अब मेडिकल स्टोर के आय-व्यय का ब्यौरा खंगालने में जुटे हैं।कार्रवाई में शामिल इंस्पेक्टर परमानंद वर्मा ने बताया कि मेडिकल स्टोर में ओवर रेट में मास्क और सर्जिकल आइटम को बेचने की शिकायत मिली थी. इस पर हमारी टीम ने दबिश दी, जिसमें दस रुपए वाले मास्क को 25 रुपए बेचते पाया गया, वहीं 50 रुपए वाले सेनेटाइज़र 200 रुपए में बेचा जा रहा था।

    मेडिकल स्टोर संचालक को बाकायदा बिल के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया है. रिपोर्ट सौंपने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

    इसके अलावा विद्या मेडिकल के साथ राज मेडिकल तेलीबांधा, प्रकाश मेडिकल भाटागाँव,
    मौली मेडिकल बीरगांव,  गुप्ता मेडिकल बीरगांव, और कोचेटा मेडिकल भट्टागाँव इन सभी मेडिकल स्टोर में ओवर रेट में बिक्री करने पर इस सभी के खिलाफ खाद्य एवं औषधि विभाग ने कार्रवाई की है।