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  • छाया विधायक महेश साहू के हाथों छग श्रमजीवी पत्रकार संघ की पत्रिका का हुआ विमोचन…

    छाया विधायक महेश साहू के हाथों छग श्रमजीवी पत्रकार संघ की पत्रिका का हुआ विमोचन…


    खरसिया । छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार की पत्रिका दूरभाष निदेशिका स्मारिका 2025 का विमोचन साहू समाज के पूर्व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष छाया विधायक महेश साहू के कर कमलों और छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ खरसिया के अध्यक्ष प्रहलाद बंसल की अध्यक्षता और अतिथि मनोज राठौर, मोहन गबेल, नूतन पटेल, अजय बंसल, मोहन केवट, लक्ष्मी पटेल, एवं खरसिया क्षेत्र के पत्रकारों की उपस्थिति में किया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि महेश साहू ने कहा कि खरसिया के पत्रकारों ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया है मेरे प्रति हमेशा सम्मान का भाव रखते हुए सकारात्मक राजनीति करने और जन सेवा करने की राह दिखाई है आज इस स्मारिका विमोचन कार्यक्रम में बुलवाए जाने पर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं और सभी वरिष्ठ और सम्माननीय पत्रकार बंधुओ का दिल से आभार करते हुए उन्हें प्रणाम करता हूं मुझे आशा एवं विश्वास है कि यह दूरभाष निर्देशिका एवं स्मारिका सर्व संबंधितों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी श्रमजीवी पत्रकार संघ की निरंतर प्रगति और पत्रिका के प्रकाशन के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।

    सफल संचालन रामनारायण संटी सोनी द्वारा किया गया, इस अवसर पर प्रहलाद बंसल प्रेस क्लब यूनिटी के अध्यक्ष कैलाश गर्ग सचिव कैलाश शर्मा प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय बंसल सचिव सुनील अग्रवाल वरिष्ठ पत्रकार अमर अग्रवाल, जगदीश मित्तल, राघवेंद्र वैष्णव, मनीष अग्रवाल, धीरज राठौर, अमित साहू, पूजा जायसवाल, हेमलाल कुर्रे की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम के अंत में स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।

  • पीडब्ल्यूडी के छह सब इंजीनियरों का तबादला…

    पीडब्ल्यूडी के छह सब इंजीनियरों का तबादला…

    रायगढ़। लोक निर्माण विभाग छग शासन ने प्रदेश के कई कार्यपालन उपकरण, सहायक उपकरण, सहायक उपकरण का स्टॉक जारी करने का आदेश दिया है। इसमें रायगढ़ के छह सब इंजीनियर भी शामिल हैं। इसके अलावा एक ईई उपकरण विद्युत यांत्रिकी भी बनाया गया है। मिथकीय नीति लागू होने के बाद सबसे पहली सूची मिथ्या में आई है। एक साथ कई अधिकारी एक साथ आए। इसमें 8 कार्यपालन रचनाकार, 20 सहायक अभियंता और 4 सहायक अभियंता के नाम शामिल हैं।

    नवल किशोर पटेल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स रायगढ़ द्वारा निर्मित किया गया है। सबसे ज्यादा सारे सभी कारीगरों को एक साथ इधर-उधर किया गया है। रायगढ़ जिले से क्षीरसागर सेठ को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर का प्रभारी पदाधिकारी, महंत पटेल को ई लोनिवि कार्यालय से प्रभारी पदाधिकारी सेतु उपमहाप्रबंधक रायगढ़, उग्रसेन नायक को सेतु उपमहाप्रबंधक रायगढ़, शिमलाल सारथी को सेतु उपमहाप्रबंधक रायगढ़ से प्रभारी संयोजिका सेतु उपसंभाग रामानुजगंज और सुखसागर तांडे को सेतु महासचिव रायगढ़ से प्रभारी समिति सक्ती भेजा गया है। रायगढ़ से दूसरे उत्पाद का कोई भी इंजीनियर नहीं भेजा गया है। संभव है आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों का स्टॉक किया जाए।

  • जोगी कांग्रेस का हो सकता है छत्तीसगढ़ कांग्रेस में विलय.. घोषणा की औपचारिकता बाकी..

    जोगी कांग्रेस का हो सकता है छत्तीसगढ़ कांग्रेस में विलय.. घोषणा की औपचारिकता बाकी..

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ में जनता जोगी कांग्रेस का जल्द ही कांग्रेस में विलय होने की चर्चा अंदरुनी खानों में गुपचुप तरीके से चल रही है। दिल्ली के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ महीने पहले जोगी कांग्रेस के द्वारा कांग्रेस आलाकमान को एक पत्र दिया गया था। इस पत्र को लेकर कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की बैठकें रायपुर से लेकर दिल्ली तक हो चुकी हैं।

    राजधानियों में चल रही बैठकों में आगामी दिनों में जोगी कांग्रेस के कांग्रेस में विलय के आसार देखें जा रहे है। सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं ने गुण दोष के आधार पर अपने राय से, दिल्ली में बैठे कांग्रेस के बड़े नेताओं को अवगत करा दिया है। जोगी परिवार ने पहले ही अपने दस्तक कांग्रेस के बड़े नेताओं के समक्ष उपस्थित होकर लिखित पत्र के साथ सौंप दिया है।

    ज्ञात हो की 1998 में अजीत जोगी रायगढ़ से लोकसभा सदस्य बने थे। जिसके बाद रायगढ़ जशपुर जिले सहित पूरे प्रदेश में उनके अलग टीम निरंतर बनी रही है। जिसमे ज्यादातर लोग आज भी इन  जिलों में कांग्रेस में यथास्थान है। जिनकी दिली ख्वाहिश आज भी है कि जोगी परिवार फिर से उनका नेतृत्व करें। मसलन निष्ठावान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर उपापोह है कि रायगढ़ जशपुर जिले में अब कांग्रेस का नेता कौन होगा..? कार्यकर्ता पहले से ही सत्ता से विमुख है और किस नेता की चौखट में इनकी बात सुनी जाएगी।

    झीरम कांड में शहीद हुए स्वर्गीय नंद कुमार पटेल के समर्थको के मध्य इस बात की चिंता है कि 2013 में हुई इस घटना के बाद रायगढ़ जिले में कौन सी कांग्रेस में अपनी निष्ठा दर्शाएंगे..?

  • पूर्व सीएम भूपेश के क़रीबी विजय भाटिया जेल भेजे गए…

    पूर्व सीएम भूपेश के क़रीबी विजय भाटिया जेल भेजे गए…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के आबकारी घोटाला मामले में ACB/EOW ने भिलाई के बड़े कारोबारी विजय भाटिया को रायपुर कोर्ट में पेश किया। विजय भाटिया को रायपुर जेल भेजा गया है। एसीबी/ईओडब्लू कल यानि सोमवार 2 जून को एसीबी स्पेशल कोर्ट से विजय भाटिया की रिमांड लेगी। आज रविवार होने की वजह से एसीबी स्पेशल कोर्ट नहीं खुली थी।

    आठ जगहों पर छापा

    एसीबी की ओर से जारी प्रेस ब्रीफिंग में यह बताया गया है कि, ACB/EOW की टीम ने विजय भाटिया के निवास तथा सहयोगियों के साथ साथ कंपनियों पर दबिश दी है। कुल आठ परिसरों में यह कार्यवाही जारी है। इन छापों में ACB/EOW को महत्वपूर्ण दस्तावेज, निवेश से संबंधित काग़ज़ात और डिजिटल डिवाइस मिले हैं।

    इस प्रकरण में गिरफ़्तार हुए विजय

    विजय भाटिया को एसीबी/ईओडब्लू की ईओडब्लू विंग ने गिरफ्तार किया है। विजय भाटिया आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के क्राइम नंबर 4/2024 के तहत दर्ज एफआईआर में गिरफ्तार हुए हैं। इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7,12 और आईपीसी की धारा 420,467,468,471 और 120 बी की धाराएँ प्रभावी हैं।

    कौन हैं विजय भाटिया

    विजय भाटिया भिलाई के बड़े व्यवसायी हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में उन्हें शराब व्यवसायी भी बताया गया है। लेकिन विजय भाटिया को पाटन के विधायक भूपेश बघेल के बेहद क़रीबी संबंधों की वजह से ज़्यादा बेहतर जाना जाता रहा है। विजय भाटिया का नाम ईडी की जांच के दौरान भी चर्चा में आया था। केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों के राडार पर रहने की वजह से ही विजय भाटिया तब भी चर्चित हो गए जबकि उनकी तस्वीरें भूपेश बघेल के साथ तब सार्वजनिक हुई जब भूपेश बघेल भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुँचे थे।

  • अनवर को सुको से फिलहाल राहत नहीं…

    अनवर को सुको से फिलहाल राहत नहीं…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। शराब घोटाले का यह मामला एसीबी/ईओडब्लू से जुड़ा हुआ है। अब अनवर ढेबर को पूर्व निर्धारित तारीख 23 जुलाई का इंतज़ार करना होगा जबकि उनकी रेगुलर बेल की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी।

    शीर्ष अदालत की दो टूक – रेगुलर बेंच सुनेगी

    अनवर ढेबर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका पेश की गई है। जस्टिस ओक ने नियमित जमानत की इस याचिका पर सुनवाई की तारीख 23 जुलाई तय की, लेकिन याचिकाकर्ता (अनवर ढेबर) को अंतरिम जमानत याचिका पेश करने की अनुमति दे दी। यही अंतरिम जमानत याचिका जस्टिस संजय करुल और जस्टिस सतीश चंद्र मिश्रा की बेंच में पेश हुई। सुप्रीम कोर्ट की इस वेकेशन बेंच ने कहा – “आपकी याचिका पर रेगुलर बेंच 23 जुलाई को सुनवाई करेगी।”

  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में EOW  की हिरासत में पूछताछ का सामना कर रहे विजय भाटिया पर जल्द ED भी कस सकती है शिकंजा…

    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में EOW  की हिरासत में पूछताछ का सामना कर रहे विजय भाटिया पर जल्द ED भी कस सकती है शिकंजा…

    रायपुर। भूपेश सरकार के समय हुए शराब घोटाला मामले में ACB/EOW की हिरासत में मौजूद विजय भाटिया को लेकर पुष्ट संकेत हैं कि, उनके खिलाफ जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय भी कार्यवाही कर सकती है।

    ACB/EOW को इस आधार पर मिली रिमांड

    ईओडब्लू/एसीबी ने कोर्ट से कहा है कि, विजय भाटिया आबकारी सिंडिकेट के सहयोगी हैं। विजय भाटिया ने घोटाले से प्राप्त अवैध धन को व्यवस्थित करने का षड्यंत्र किया और खुद के लिए भी बड़े पैमाने पर लाभ अर्जित किया है। विजय भाटिया उस ओम साई ब्रेवरेज में 51 फ़ीसदी की हिस्सेदारी रखते हैं जिसका उल्लेख आबकारी घोटाले की जांच में कई स्वरुप में है। कोर्ट ने ईओडब्लू को 6 जून तक की रिमांड पर विजय भाटिया को सौंपा है। ईओडब्लू / एसीबी के सूत्र ने संकेत दिए हैं कि, एजेंसी नियत अवधि के बाद और समय के लिए रिमांड देने का आग्रह करेगी।

    ईडी फिर सक्रिय

    आबकारी घोटाले की मूलतः जाँच प्रवर्तन निदेशालय ने की है, जो कि अब भी जारी है। ईडी की ओर से पुष्ट संकेत हैं कि, विजय भाटिया को जल्द ही ईडी की विधिक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। विजय भाटिया के विरुध्द ईडी की कार्यवाही ईओडब्लू की कार्यवाही (रिमांड के अंतिम दिन) के दौरान भी हो सकती है और न्यायिक हिरासत में जाने के बाद भी। यह गौरतलब है कि, ईडी ने विजय भाटिया के विरुध्द लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया था।

    दोनों एजेंसियों में गजब का समन्वय

    यदि अभिलेखों में मौजूद तथ्यों को क्रमबद्ध कर के देखें तो राज्य की एसीबी/ईओडब्लू और केंद्र की ईडी के बीच समन्वय साफ समझ आता है। विधि की समझ रखने वाले अनुभवी एडवोकेट्स का यह बात भी ग़ौरतलब है जिसमें विधिवेत्ता कह रहे हैं -“जबकि दो एजेंसियाँ एक ही मूल अपराध पर क्रियाशील हैं, भले उनकी प्रकृति पृथक हो, इनमें एक एजेंसी राज्य की हो और एक केंद्र की। पर समन्वय ग़ज़ब का है।” विदित हो कि, ईडी ने लुक आउट सर्कुलर जारी किया था, और ईओडब्लू के पास नॉन बेलेबल वारंट था। सूत्रों के अनुसार ईडी के लुक आउट नोटिस की वजह से विजय विदेश के लिए रखाना नहीं हो पाए और ईओडब्लू ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिस समन्वय की चर्चाएं हैं उसके केंद्र में यही मसला है। लुक आउट नोटिस प्रवर्तन निदेशालय का था, लेकिन पहली कार्यवाही ईओडब्लू कर गई है। क़ानूनी जानकार मानते हैं कि, यह सोचा समझा मसला लगता है कि, पहले कार्यवाही ईओडब्लू करे। आने वाले समय में जबकि कोर्ट में यह मामला विचारण के लिए पहुँचेगा तो मामले को एजेंसियाँ सहजता से क़ानूनी पेचीदगियों से भरपूर कर देंगी जो ज़ाहिर है आरोपी पक्ष के लिए समस्या ही बनेगा।

    पूरी कार्यवाही विधि विरुद्ध- फैजल

    बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता फैजल रिजवी के पास इस पूरे मामले को लेकर अपने तर्क हैं। उन्होंने ईडी के लुक आउट और ईओडब्लू के नॉन बेलेबल वारंट पर ही सवाल उठाए हैं। एडवोकेट फैजल रिजवी ने कहा- “विजय भाटिया कभी फरार रहे ही नहीं हैं। सीडी केस में उनकी लगातार उनकी उपस्थिति कोर्ट में रही है। एजेंसियों को कोर्ट में यह बताना पड़ेगा कि, किन परिस्थितियों में उन्हें यह आवश्यकता महसूस हुई कि, लुक आउट या नॉन बेलेबल वारंट जारी कराना पड़ा। विजय भाटिया ना तो गैर हाजिर हो रहे थे और ना ही कहीं छुपे हुए थे।”

  • खरसिया प्रीमियर लीग का भव्य शुभारंभ हुआ आज, एडिशनल एसपी सुरेशा चौबे रही मुख्य अतिथि

    खरसिया प्रीमियर लीग का भव्य शुभारंभ हुआ आज, एडिशनल एसपी सुरेशा चौबे रही मुख्य अतिथि


    खरसिया। धर्म की नगरी खरसिया में आज रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ हुआ। जिसमें लीग के आज 2 मैच संपन्न हुए। कार्यकम के भव्य  शुभारंभ में मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे जी का आगमन हुआ वही डीएसपी ब्रजेश तिवारी प्रमुख अतिथि एवं कार्यक्रम अध्यक्षता एसडीओपी प्रभात पटेल रहे विशिष्ट अतिथि के रूप में चौकी प्रभारी अमित तिवारी, हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के संरक्षक मनोज गोयल ,बीजेपी नेता महेश साहू, केसीसी के संरक्षक राजेश अग्रवाल , डॉक्टर दिलेश्वर पटेल रहे साथ ही केसीसी के संरक्षक मानस बंसल,केसीसी बंटी कबूलपुरिया, नगर मंडल बीजेपी अध्यक्ष विजय शर्मा , केसीसी कमलेश शर्मा , हेल्पिंग हैंड्स क्लब के अध्यक्ष अंकित अग्रवाल एवं केसीसी के अरकान खान, मिंटू शर्मा , वारिस अली, नंदू महंत, धवल, फरहाद अहमद , विक्की एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे। वही फीता काट कर सुरेशा चौबे ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया तत्पश्चात सभी खिलाड़ियों से मिले एवं ए एसपी, एसडीओपी, डीएसपी ने बल्लेबाजी एवं गेंदबाजी भी की।

    वहीं सुरेशा चौबे ने उद्बोधन करते हुए सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया एवं आयोजन समिति की प्रशंसा की। आज के दोनों ही मैच काफी रोमांचक रहे जिसमें प्रथम मैच पर टीम योद्धा ने विजय प्राप्त किया एवं द्वितीय मैच में टीम हंटर ने विजय प्राप्त किया। खरसिया क्रिकेट क्लब द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया । आज के मैच में दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था । वही केसीसी के संरक्षक मानस बंसल ने बताया कि टॉस का बॉस में हर मैच में टॉस करवाने हेतु सामाजिक संस्थाओं को निमंत्रित किया गया है इसी बेला में आज रोटरी अध्यक्ष अनिल गर्ग एवं सियाराम सखा मंडल मनोज गोयल द्वारा दोनों मैच में टॉस करवाया गया।

    वही बंटी कबूलपुरिया ने बताया कि इस टूर्नामेंट में अनेकों आकर्षक इनाम रखे गए है सर्व प्रथम फाइनल विजेता टीम के लिए 1,11,111 इनाम वेदांता वाशरी की और से द्वितीय इनाम 55,555 नगरपालिका अध्यक्ष कमल गर्ग की और से, मेन ऑफ द सीरीज दीपक मेडिकल की और से, हर मैच में मेन ऑफ द मैच सियाराम ऑटो डील की और से ,हैट्रिक छक्के हैट्रिक विकेट हैट्रिक चौके ,6 बाल पर 6 छक्के के ईनाम सियाराम ऑटो डील के तरफ से दिया जा रहा है। वही इनिंग की प्रथम बाल पर विकेट या छका मारने पर अरकान मोबाइल की और से ईनाम दिए जा रहे है। वही हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन द्वारा दर्शकों एवं खिलाड़ियों के लिए पेयजल का स्टाल लगाया गया है। वही हर मैच में अत्यधिक छक्के मारने वाले बल्लेबाज को बदमाश मेंस वियर की और से ईनाम दिया जा रहा है। इसके अलावा पूरे टूर्नामेंट में भी बेस्ट फील्डर से लेकर बेस्ट कीपर जैसे अनेकों इनाम रखे गए है।

  • खरसिया प्रीमियर लीग का शुभारंभ आज से, केसीसी द्वारा 7 दिवसीय रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन खरसिया में…

    खरसिया प्रीमियर लीग का शुभारंभ आज से, केसीसी द्वारा 7 दिवसीय रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन खरसिया में…




    खरसिया। धर्म की नगरी खरसिया यूँ तो धार्मिक आयोजन एवं सामाजिक आयोजन के लिए हमेशा ही आगे रहता है साथ ही खेल के प्रति भी खरसिया नगर में उत्साह अलग ही देखते बनता है। खेलों के लेकर खरसिया नगर में अलग ही माहौल रहता है, इस वर्ष खरसिया में खेल प्रेमियों के सहयोग से खरसिया क्रिकेट क्लब के द्वारा खरसिया प्रीमियर लीग के पहले सीजन की एक शानदार शुरुआत की जा रही है। खरसिया प्रीमियर लीग सीजन 1 जो कि 7 दिवसीय क्रिकेट लीग है,  सीजन 1 में 10 फ्रेंचाइजी टीम हिस्सा ले रही है। यह लीग खरसिया के महात्मा गांधी कॉलेज मैदान में होने जा रहा है। क्रिकेट लीग का शुभारंभ दिनांक 26 अप्रैल दिन सोमवार को शाम 6 बजे किया जाएगा। इस सीजन की खास बात यह कि क्रिकेट के इस टूर्नामेंट में प्रोफेशनल अम्पायर और कॉमेंटेटर बाहर से बुलाये गए हैं, साथ ही पूरा टूर्नामेंट का यूट्यूब चैनल में लाइव प्रसारण भी किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट में प्रथम इनाम 1,11,111 तथा द्वितीय इनाम 55,555 है साथ ही अनेक प्रकार के मेन ऑफ द सीरीज हैट्रिक सिक्स एवं अनेकों आकर्षक इनाम रखे गए है। नगर में होने जा रहे इस टूर्नामेंट को लेकर युवाओं में एवं नगरवासियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है, साथ ही प्रतियोगी टीमों का उत्साह भी देखते ही बन रहा है। खरसिया क्रिकेट क्लब समिति द्वारा इस टूर्नामेंट को भव्य रूप से सम्पन्न कराने के लिए जोर शोर से तैयारियों की जा रही है।

  • जमीन रजिस्ट्री के सिस्टम में 10 बदलाव:दान में रजिस्ट्री फीस ₹500 लिए जाएंगे, प्रॉपर्टी आधार से लिंक होगी…

    जमीन रजिस्ट्री के सिस्टम में 10 बदलाव:दान में रजिस्ट्री फीस ₹500 लिए जाएंगे, प्रॉपर्टी आधार से लिंक होगी…

    छत्तीसगढ़ में जमीन रजिस्ट्री से जुड़े 10 बड़े बदलाव लागू किए जा रहे हैं। सोमवार को इसकी जानकारी पंजीयन विभाग के मंत्री ओपी चौधरी ने दी। मंत्री चौधरी ने पंजीयन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के काम काज का रिव्यू भी किया।

    अफसरों से मंत्री ने कहा कि अर्जेंट केस जैसे कि पारिवारिक दान, हक त्याग में पंजीयन फीस मात्र 500 रुपए लिए जाएं। बैठक में अफसरों ने बताया कि पंजीयन विभाग ने राज्य के लिए 2 हजार 979 करोड़ का राजस्व हासिल किया है। विभाग में 85 नए पदों पर भर्ती की जानी है। मंत्री चौधरी ने इसे भी जल्द शुरू करने को कहा।

    विस्तार से जानिए ये 10 बदलाव-

    1. आधार लिंक सुविधा

    पंजीयन कार्यालय में पक्षकारों की शिनाख्ति (पहचान) दो गवाह के द्वारा की जाती है। संपत्तियों के पंजीयन में नकली लोगों का शामिल होना एक बहुत आम समस्या है। अक्सर देखने में आता है कि, किसी की संपत्ति दूसरे व्यक्ति ने बेच दी। इससे वास्तविक भूमि स्वामी को सालों कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। आधार लिंक होने से बायोमेट्रिक के माध्यम से पक्षकार की पहचान आधार डेटा बेस से की जाएगी।

    2. ऑनलाइन सर्च और डाउनलोड की सुविधा

    संपत्ति खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल जरूरी है। अभी रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होकर सर्च करना पड़ता है, इस प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है।

    संपत्ति खरीदने से पहले उसकी जांच पड़ताल पक्षकार खुद कर सकेंगे। निर्धारित शुल्क का भुगतान कर खसरा नंबर से पूर्व की सभी रजिस्ट्री का ब्योरा देखा जा सकेगा। साथ ही उसकी कॉपी को डॉउनलोड किया जा सकेगा।

    जनता को घर बैठे सर्च की सुविधा होने से पक्षकारों को रजिस्ट्री ऑफिस में भटकना नहीं पड़ेगा। इससे आम आदमी धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकेगा।

    3. भारमुक्त प्रमाण पत्र

    संपत्ति लेने से पहले पूर्व पक्षकारों को यह जानना जरूरी है कि संपत्ति पर किसी प्रकार का भार, बंधक या लोन तो नहीं है। संपत्ति किसी अन्य को पूर्व में बेच तो नहीं दी गई। पक्षकारों की सुविधा के लिए ऑनलाइन सर्च के साथ ही भारमुक्त प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी करने का प्रावधान किया गया है। ऑनलाइन ही भारमुक्त प्रमाण पत्र मिल भी जाएगा।

    4. कैशलेस पेमेंट की सुविधा

    वर्तमान में रजिस्ट्री ऑफिस में पंजीयन शुल्क का भुगतान कैश में किया जाता है। इसे कैशलेस बनाया गया है। स्टांप और पंजीयन शुल्क का भुगतान पक्षकार अपनी सुविधानुसार क्रेडिट-डेबिट कार्ड, POS मशीन, नेट बैंकिंग या UPI से कर सकेंगे।

    पक्षकार को स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन फीस का भुगतान अलग अलग करना पड़ता था, जिसमें पक्षकारों के साथ-साथ विभाग को भी कैश हैंडलिंग की समस्या होती थी। अब इंटीग्रेटेड कैशलेस पेमेंट सिस्टम से दोनों शुल्क एक साथ भुगतान हो सकेगा।

    5. वॉट्सऐप मैसेज सर्विसेज

    पंजीयन प्रणाली में पक्षकारों को (क्रेता/विक्रेता) को वॉट्सऐप के माध्यम से नोटिफिकेशन भेजने का प्रावधान किया गया है। पक्षकारों को स्लॉट बुकिंग, रजिस्ट्री की प्रगति और रजिस्ट्री होने की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

    6. डिजी-लॉकर की सुविधा

    रजिस्ट्री दस्तावेजों को भारत सरकार के डिजी-लॉकर सुविधा से सुरक्षित स्टोर किया जा सकेगा। वर्तमान में शासन और निजी क्षेत्र की कई सेवाओं के लिए रजिस्ट्री पेपर की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए पक्षकार को रजिस्ट्री ऑफिस आना पड़ता है। डिजी-लॉकर के माध्यम से इसका एक्सेस और नकल प्राप्त किया जा सकेगा।

    7. ऑटो डीड जनरेशन की सुविधा

    मौजूदा प्रक्रिया में पक्षकार को दस्तावेज बनाने, स्टांप खरीदने, अपॉइंटमेंट लेने और पंजीयन के लिए अलग-अलग लोगों जैसे डीड राइटर, स्टांप वेंडर आदि का चक्कर लगाना पड़ता है। जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपर लेस बना दिया गया है।

    इस प्रक्रिया में विलेख प्रारूप (डीड) का चयन कर कंप्यूटर में एंट्री करने के दौरान दस्तावेज खुद तैयार हो जाता है। वहीं दस्तावेज पेपरलेस होकर उप पंजीयक को ऑनलाइन पेश होगा। रजिस्ट्री करने के बाद दस्तावेज खुद ही ऑनलाइन प्राप्त हो जाएगा।

    8. डिजी-डॉक्यूमेंट की सुविधा

    कई ऐसे दस्तावेज होते हैं जिसमें स्टाम्प लगाना जरूरी है, लेकिन पंजीयन नहीं होता है, जैसे कि शपथ पत्र, अनुबंध पत्र। कानूनी भाषा की जटिलता के कारण लोगों को स्वयं ऐसे दस्तावेज तैयार करने में कठिनाई होती है।

    इसके निराकरण के लिए डिजी-डॉक सेवा विकसित किया गया है। इस सेवा से जनता रोजाना उपयोग में आने वाले दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। डिजी-डॉक सुविधा के तहत डिजिटल स्टाम्प के साथ दस्तावेज तैयार जाता है।

    9. घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा

    ऑनलाइन विलेख निर्माण, साक्षात्कार और पंजीयन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। होम विजिट के माध्यम से पंजीयन कराए जाने की सुविधा और तत्काल अपॉइंटमेंट सहित पारिवारिक दान, हक त्याग आदि में पंजीयन फीस मात्र 500 रुपए लिए जाने का प्रावधान है।

    10.खुद से नामांतरण की सुविधा

    अचल संपत्ति के दस्तावेजों के पंजीयन के बाद उसे राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज कराना होता है। नामांतरण की कार्रवाई के लिए वर्तमान में पक्षकारों को लगभग 1 से 2 महीने तक का समय लग जाता है। कुछ केस में कई महीने भी लग जाते हैं।

    जनता की सुविधा के लिए पंजीयन के साथ ही नामांतरण के संबंध में राजस्व विभाग के साथ इंटीग्रेशन किया गया है। यह सुविधा अभी मात्र आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों में ही है। साथ ही हरियाणा में खुद नामांतरण 7 दिन बाद होता है।

    पंजीयन विभाग राजस्व विभाग और एनआईसी की टीम की ओर से इसे विकसित किया गया है। इससे पक्षकारों को बिचौलियों से मुक्ति के साथ नामांतरण की लंबी प्रक्रिया से होकर गुजरना नहीं पड़ेगा। समय और श्रम के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा।

  • खरसिया पुलिस ने की अवैध संदिग्ध प्रवासियों की जांच…

    खरसिया पुलिस ने की अवैध संदिग्ध प्रवासियों की जांच…

    खरसिया।  पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में अवैध रूप से निवासरत बाहरी व्यक्तियों पर लगातार कार्रवाई जारी है इसी तारतम्य में आज खरसिया पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया और चौंकी क्षेत्र में बिना सूचना रह रहे दर्जनों लोगों पर शिकंजा कसा। चौकी प्रभारी निरीक्षक राकेश जांगड़े के नेतृत्व में खरसिया के चौंकी क्षेत्र में घेराबंदी कर संघन जांच अभियान चलाया गया। खरसिया क्षेत्र में बड़ी संख्या में दूसरे प्रांत  के लोग चुपचाप रह रहे थे इस अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों को चौकी लाकर सभी के आधार कार्ड पहचान दस्तावेज की गहन जांच की गई। इस संबंध में निरीक्षक राजेश जांगड़े ने बताया कि लगभग 41 संदिग्ध लोगों को चौंकी लाया गया था तथा उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों जैसे कि राशन कार्ड आधार कार्ड की जांच की गई है।