









रायपुर। राजधानी के डेंटल डॉक्टर को रेप केस में फंसाने की धमकी और ब्लैकमेलिंग कर 30 लाख मांगने वाले महिला के आरोप को राज्य उपभोक्ता फोरम ने बेबुनियाद माना है. पैसों के लालच में झूठे आरोप लगाने की बात कही गई है.महिला ने जूठे तथ्यों को लेकर जिला उपभोक्ता फोरम में डेंटल चिकित्सक के ऊपर मामला पंजीबद्ध कराया था. जिस पर आज राज्य उपभोक्ता फोरम ने आदेश पारित करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के मामले को खारिज कर दिया।
महिला द्वारा प्रस्तुत किए गए समस्त तथ्यों को आधारहीन बताया है. महिला द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन में प्रस्तुत तथ्यों की पुष्टि महिला द्वारा नहीं की जा सकी है.मामले की जाँच में पुलिस ने पाया कि महिला के आरोप झूठे हैं, वह 30 लाख रूपए में डेंटिस्ट को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है. पुलिस ने इसके बाद महिला और उसकी सहयोगी बहन के खिलाफ अपराध दर्ज किया।बता दें कि डॉक्टर अरविंद जैन के क्लीनिक में आरोपी महिला 28 जुलाई 2015 को दात का इलाज कराने आई थी. कई बार क्लिनिक में इलाज हुआ. इस दौरान उन्होंने गलत इलाज करने का आरोप लगाया और पैसे की मांग करने लगी. जब मांग पूरी नहीं की तो झूठे केस में फंसा देते हुए धमकी देकर ब्लैकमेलिंग कर 30 लाख रुपए की मांग की थी. बाद में डॉक्टर के खिलाफ रेप का केस भी दर्ज करा दिया था. जिसके बाद डॉक्टर अरविंद जैन में महिला के खिलाफ 14 अक्टूबर को ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए राजेंद्र नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराया था.

रायपुर। वर्ष 2015 में एक समारोह में फ़िल्म अभिनेता आमिर खान द्वारा एक वक्तव्य दिया गया था कि “पिछले कुछ समय से भारत मे असहिष्णुता का वातावरण निर्मित हो गया है जिसकी वजह से उनकी पत्नी के मन में भय व्याप्त रहता है एवं वे परिवार की सुरक्षा के लिए कही बाहर निवास करने के लिए कहतीं हैं, जिससे वे स्वयं भी सहमत हैं.” इस वक्तव्य से क्षुब्ध हो कर रायपुर के एक अधिवक्ता दीपक दीवान के द्वारा न्यायालय में आमिर खान के विरुद्ध भादवि की धारा 153 (क) एवं 153(ख) के अंतर्गत दण्डनीय अपराध करने का संज्ञान लेने न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था.
केंद्रीय सरकार अथवा संबंधित राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी के अभाव में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर द्वारा उक्त प्रस्तुत परिवाद निरस्त कर दिया गया था. अधिवक्ता दीपक दीवान द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को दाण्डिक पुनरीक्षण याचिका में चुनौती दी गई थी. न्यायालय द्वारा दाण्डिक पुनरीक्षण याचिका पंजीकृत करते हुए अभिनेता आमिर खान को नोटिस जारी किया गया एवं पुनरीक्षण याचिका को अंतिम सुनवाई हेतु स्वीकृत किया गया था.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, रायपुर लीना अग्रवाल के न्यायालय में अभिनेता आमिर खान की तरफ से अधिवक्ता आरके ग्वालरे एवं डीके ग्वालरे ने पैरवी करते हुए बचाव प्रस्तुत किया.प्रतिरक्षा अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए सत्र न्यायाधीश द्वारा अपने आदेश दिनांक 13/11/2019 के द्वारा दाण्डिक पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए यह अधिनिर्णीत किया गया कि केंद्रीय या संबंधित राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना परिवाद में आक्षेपित आरोपों के लिए संज्ञान नहीं लिया जा सकता एवं पूर्व में प्रस्तुत परिवाद में लगाये गए आरोप आरोपित अपराध के गठन के लिए पर्याप्त नहीं हैं. दाण्डिक पुनरीक्षण याचिका खारिज होने से फ़िल्म अभिनेता आमिर खान को बहुत बड़ी राहत मिली है.




बिलासपुर। हाईकोर्ट ने कारोबारियों समेत आम लोगों को बड़ी राहत दी है. बैंकों द्वारा सिक्के नहीं लेने पर लगी रिट पिटीशन में हाईकोर्ट ने जनहित में बड़ा फैसला सुनाया है. आरबीआई के सभी बैंकों को दिनभर में 100 सिक्के लेने के आदेश को हटाने के निर्देश दिए है।
बिलासपुर हाइकोर्ट ने आर बी आई के सिक्के जमा करने के लिमिट को हटाते हुए अनलिमिटेड सिक्के जमा करने के निर्देश दिए है. आरबीआई ने हलफनामा पेशकर सिक्के जमा करने की लिमिट हटाने की जानकारी दी है. राजधानी रायपुर के FMCG व्यापारी श्रेणिक पारख की याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है।


दिल्ली। राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब इसके स्थापत्य को लेकर उत्सुकता जागी हैं।
इसकी तैयारियां 90 के दशक यानी करीब 30 साल पहले से ही आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई ने शुरू कर दी थी। उन्होंने ऐसा विश्व हिंदू परिषद के अशोक सिंघल के साथ किया उनका दावा है कि, निर्माण के लिए अगर दो हजार कारीगर लगाए जाते हैं तो इसे ढाई साल में पूरा बनाया जा सकता है। निर्माण के लिए करीब 100 करोड रुपए के खर्च का आकलन किया गया है। गुजरात के रहने वाले चंद्रकांत सोमपुरा का परिवार पीढ़ियों से मंदिर ड्राइंग कर रहा है, उन्हीं के परिवार ने सोमनाथ मंदिर डिजाइन किया था, वहीं लंदन में स्वामीनारायण मंदिर केवल 2 साल में तैयार करवाया था। चंद्रकांत के मुताबिक उन्होंने 6 महीने में 6 किस्म के डिजाइन पर काम करते हुए राम मंदिर का नागर शैली मॉडल तैयार किया था। भारत में नागर, द्रविड़ और बेसर शैली में मंदिर का निर्माण होता है। उत्तर भारत में नागर शैली प्रसिद्ध है। मंदिर के लिए 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है,इसके गुंबद को अभी डिजाइन किया जा रहा है।

निर्माण में नहीं होगा लोहे का इस्तेमाल
राम मंदिर के निर्माण में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा इसकी वजह स्थापत्य को पत्थरों के जरिए मंदिरों को मजबूती देना बताई जाती है। वही भगवान राम की प्रतिमा और राम दरबार का निर्माण होगा मुख्य मंदिर में सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और भगवान गणेश की प्रतिमाएं भी उनके इर्द-गिर्द होंगी।
स्थापत्य की खासियत कुछ ऐसी होंगी
इसे डेढ़ सौ फुट चौड़ा, 270 फुट लंबा, और 270 फुट, ऊंचा गुंबद आकार में रचा जाएगा
इसमें सिंहद्वार नृत्य मंडप रंग मंडप कोली गर्भगृह के सुंदर प्रवेश द्वार होंगे
फर्श पर संगमरमर का इस्तेमाल होगा बाकी निर्माण पत्थर भरतपुर से लाए जाएंगे
मंदिर आधार से शिखर तक चार कोण का, और गर्भगृह आठ कोण का होगा,परिक्रमा वृत्ताकार होगी।
मॉडल दो मंजिला है, भूतल पर मंदिर और ऊपरी मंजिल पर राम दरबार होगा।
मंदिर में 221 स्तम्भ होंगे हर एक पर देवी-देवताओं की बारह आकृतियां बनी होंगी।
मंदिर में ही संत निवास, शोध केंद्र, कर्मचारी आवास, भोजनालय, आदि भी होगा।



नई दिल्ली । आज यानी शनिवार को अयोध्या विवाद पर फैसला आएगा आज सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट इसपर फैसला सुनाएगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच इसपर फैसला सुनाएगी इस बेंच में पांच जज शामिल हैं फैसले के लिए कल 1-नंबर कोर्ट खुलेगा, कोर्ट में सिर्फ मामले से जुड़े लोगों को आने की अनुमति मिलेगी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस धनंजय वाई चन्द्रचूड़ , जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय संविधान पीठ शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे यह फैसला सुनाएगी। 16 अक्टूबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर सुनवाई पूरी कर ली थी, 6 अगस्त से लगातार 40 दिनों तक इसपर सुनवाई हुई थी, गृह मंत्रालय अयोध्या मामले में फैसले को लेकर राज्यों को सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

भारत के सबसे संवेदनशील, धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों में से एक राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी। ये फैसला मुख्य न्यायाधीश गोगोई द्वारा उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों से राज्य में कानून-व्यवस्था की तैयारियों को पूरा करने के घंटों बाद किया गया। गोगोई के अलावा इस संविधानिक पीठ में एसए बोबडे, डी वाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एसए नाज़ेर जैसे न्यायाधीश शामिल हैं।
अयोध्या विवाद (Ayodhya Case) के फैसले के मद्देनज़र शुक्रवार को अयोध्या में सुरक्षा और कड़ी हो गई। राम जन्मभूमि मंदिर की तरफ जाने वाले सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं। अब वहां से सिर्फ़ पैदल गुज़रा जा सकेगा. सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में एक कंट्रोल रूम बनाने और लखनऊ और अयोध्या में दो हेलीकॉप्टर तैयार रखने के आदेश दिए हैं। पूरे यूपी में पुलिस दंगों से निपटने के लिए रिहर्सल कर रही है। टेंपरेरी जेलें बना दी गई हैं। वहां जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार लोगों को रखा जा सकेगा।
वहीं इस मामले में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, ‘हमारी अपील है, लोग शांति बनाए रखें। हम लोग साथ होंगे आज हम पूरी दुनिया को संदेश दे रहे हैं। हम भारत के वासी हैं, जो फैसला कोर्ट करेगा वह हम मानेंगे। हम हिन्दुस्तान को बड़ा देखना चाहते हैं. हमारे यहां कोई विवाद नहीं है, किसी के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं, तमाम साधू और मुस्लिम साथ दिखाई पड़ते हैं। पूरी दुनिया देख रही है हम एक हैं।


