Category: राष्ट्रीय

  • सरकार का एक और बड़ा झटका, ‘भारत पेट्रोलियम’ का भी होने जा रहा निजीकरण

    दिल्ली।सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) अब पूरी तरह से निजी हाथों में चली जाएगी। सरकार बीपीसीएल के राष्ट्रीकरण संबंधी कानून को 2016 में रद्द कर चुकी है। ऐसे में अब बीपीसीएल को निजी या विदेशी कंपनियों को बेचने के लिए संसद की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, एक वक्त ये कहा जा रहा था कि बीपीसीएल के निजीकरण के लिए संसद की मंजूरी लेनी होगी। निरसन एवं संशोधन कानून, 2016 के तहत 187 बेकार और पुराने कानूनों को समाप्त किया गया है। इसमें 1976 कानून भी शामिल है जिसके जरिये पूर्ववर्ती बुरमाह शेल का राष्ट्रीयकरण किया गया था।

    ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बीपीसीएल के निजीकरण से घरेलू ईंधन खुदरा बिक्री कारोबार में काफी उथलपुथल आ सकती है। क्योंकि वर्षों से इस क्षेत्र पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का दबदबा रहा है।भारत पेट्रोलियम यूं तो देश की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी है लेकिन सरकार इसको जल्द ही निजी हाथों में देने जा रही है।

    केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि भारत पेट्रोलियम कॉर्रपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में अपनी 53 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी को वो बेच देगी. इसके लिए सरकार ने अपनी तरफ से सारी तैयारियां कर ली हैं. नवंबर के पहले हफ्ते में सरकार इसके लिए टेंडर निकालेगी, जिसके बाद कंपनी को निजी हाथों में देने का काम शुरु हो जाएगा.

    भारत पेट्रोलियम की कुल हैसियत करीब 55 हजार करोड़ रुपये की है. सरकार की मंशा अपना 53 फीसदी हिस्सा बेचकर करीब 65 हजार करोड़ रुपये कमाने का है. देखना है कि सरकार इसको आसानी से निजी हाथों में देने में सफल होगी या फिर इसको लेकर भी बवाल मचेगा.

  • वोडाफोन और आईडिया का जियो पर वार

    वोडाफोन-आइडिया ने कहा कि वह नहीं चाहते कि यूज़र जब भी फोन मिलाए, तो ये सोचे कि उसी नेटवर्क का नंबर है या दूसरे नेटवर्क का. बता दें कि रिलायंस जियो ने बुधवार को घोषणा की थी कि जियो के नेटवर्क के अलावा दूसरे नेटवर्क पर फोन करने से यूज़र्स को 6 पैसे प्रति मिनट के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा. बयान में वोडाफोन आइडिया ने कहा कि आईयूसी यानी इंटरकनेक्ट यूज़ेज चार्ज ऑपरेटर्स के बीच का मामला है और इसका भार ग्राहकों पर नहीं पड़ना चाहिए.

    वोडाफोन आइडिया ने आगे कहा कि कंपनी पूरे भारत में कस्टमर्स को 2जी,3जी और 4जी सर्विस दे रही है. कंपनी ने कहा कि अभी भी 50 फीसदी से ज्यादा कस्टमर्स अपने फीचर फोन पर 2जी नेटवर्क यूज़ करते हैं. फिर भी कंपनी उनको ये सर्विस देती है भले ही इसमें कोई प्रॉफिट नहीं है.

    आगे वोडाफोन आइडिया ने कहा कि कंपनी के 60 फीसदी से ज्यादा कस्टमर्स कम खर्च वाले ब्रैकेट में आते हैं और कंपनी यह नहीं चाहती कि उनके ऊपर अतिरिक्त भार डाला जाए. बता दें कि इस वक्त वोडाफोन कस्टमर को अपने मोबाइल कनेक्शन को बनाए रखने के लिए कम से कम 24 रुपये से रिचार्ज करना होता है जिसमें 28 दिनों की वैलिडिटी मिलती है. वहीं, वोडाफोन आइडिया के 119 रुपये के प्लान में 28 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड लोकल एसटीडी वॉइस कॉलिंग की सुविधा मिलती है, साथ ही 1 जीबी डेटा मिलता है.

  • साल की शुरुवात में पीएम के खिलाफ पत्र लिखने वाली 49 हस्तियों को राहत

    सभी के खिलाफ दर्ज राजद्रोह (Sedition) का मामला बंद करने का पुलिस ने दिया आदेश

    मुजफ्फरपुर. ‘मॉब लिंचिंग’ (Mob Lynching) के खिलाफ साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को पत्र लिखने वाली 49 हस्तियों (49 Personalities) के खिलाफ दर्ज राजद्रोह (Sedition) का मामला बंद करने का पुलिस ने बुधवार को आदेश दिया. मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि मामला बंद करने का उन्होंने आदेश दिया है क्योंकि अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप ‘शरारतपूर्ण’ हैं और उनमें कोई ठोस आधार नहीं है. गौरतलब है कि स्थानीय अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा की एक याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पिछले हफ्ते सदर पुलिस थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

    शिकायतकर्ता वकील के खिलाफ दायर होगा मुकदमा

    एडीजी हेडक्वार्टर जीतेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायतकर्ता, सबूत उपलब्ध करा पाने में नाकाम रहा है। यहां तक कि वो वह पत्र भी नहीं दिखा सका जिसके आधार पर उसने केस किया था। इसके साथ यह भी पाया गया कि इस याचिका को दायर करने के पीछे उद्देश्य ठीक नहीं थे. उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 182 और 211 के तहत मुकदमा दायर किया जाएगा।

  • अपने वादे से पलटे अम्बानी

    रिलायंस जियो के ग्राहकों को दिया बड़ा झटका

    जिओ की लॉन्चिंग के समय मुकेश अम्बानी ने अपने कस्टमर्स से वायदा किया था कि जियो से डेटा बेस कॉल कनेक्ट होगी और उन्हें सिर्फ डेटा के पैसे ही देने होंगे इसका मतलब यह था कि जियो के ग्राहक आजीवन मुफ्त कॉल कर सकेंगे, उन्हें सिर्फ डेटा के लिए ही पैसे देने होंगे, इसी प्लान की वजह से जियो ने आज तक कोई रिचार्ज प्लान पेश नही किया था, लेकिन अपने ग्राहकों से किये वायदे को तोड़ते हुए जियो ने IUC का बहाना बनाते हुए दूसरे ऑपरेटर को किये जाने वाले आउटगोइंग कॉल करने पर अपने ग्राहकों से प्रति मिनट 6 पैसे चार्ज करने की घोषणा की है।

    रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए कॉलिंग के लिए पैसे लेने का एलान किया है। जियो के ग्राहकों को अब फोन पर बात करने के लिए पैसे देने होंगे। जियो के एक बयान के मुताबिक जियो के ग्राहकों को किसी दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर कॉल करने के  लिए प्रति मिनट 6 पैसे देने होंगे, हालांकि जियो से जियो के नेटवर्क पर कॉलिंग पहले की तरह ही फ्री रहेगी।जियो ने कहा है कि वह अपने 35 करोड़ ग्राहकों को आश्वस्त करता है कि आउटगोइंग ऑफ-नेट मोबाइल कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट का शुल्क केवल तब तक जारी रहेगा जब तक TRAI अपने वर्तमान रेगुलेशन के अनुरूप IUC को समाप्त नहीं कर देता। हम TRAI के साथ सभी डाटा को साझा करेंगे ताकि वह समझ सके कि शून्य IUC यूजर्स के हित में है।

    वर्तमान में 6 पैसे प्रति मिनट है IUC शुल्क

    बता दें कि यह पूरा मामला इंटरकनेक्ट यूजेज चार्ज से जुड़ा है। IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है। जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है। दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं।

    जियो नेटवर्क पर हर रोज आते हैं 40 करोड़ मिस्ड कॉल

    जियो नेटवर्क पर मुफ्त वॉयस कॉलिंग और 2G नेटवर्क पर अत्यधिक टैरिफ होने की वजह से Airtel और Vodafone-Idea के 35 – 40 करोड़ 2G ग्राहक, Jio ग्राहकों को मिस्ड कॉल देते हैं। Jio नेटवर्क पर रोजाना 25 से 30 करोड़ मिस्ड कॉल प्राप्त होते हैं। अन्य नेटवर्क से जियो पर रोजाना होने वाले 25 से 30 करोड़ कॉलिंग (मिस्ड कॉल) से Jio को 65 से 75 करोड़ मिनट इनकमिंग ट्रैफिक मिलना चाहिए था।

    जिओ द्वारा जारी प्लान की लिस्ट

    जारी हुए 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के प्लान
    अन्य कंपनियों के नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए जियो 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के टॉप अप वाउचर भी जारी करेगी। 10 रुपये वाले प्लान में दूसरे नंबर पर 124 मिनट कॉलिंग की जा सकेगी। वहीं 20 रुपये वाले प्लान में 249 मिनट, 50 रुपये वाले प्लान में 656 मिनट और 100 रुपये वाले प्लान में 1,362 मिनट कॉलिंग की जा सकेगी

  • BSNL & MTNL के करोड़ों उपभोक्ता और 85 हजार कर्मचारियों के लिए बुरी खबर

    दिल्ली।दिवाली से पहले बीएसएनएल और एमटीएनएल के करोड़ों उपभोक्ता और करीब 85 हजार कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है. बुरी खबर इसलिए क्योंकि अब खबरें ये आ रही है कि केंद्र की मोदी सरकार बीएसएनएल के दफ्तरों में ताला लगाने की तैयारी कर रही है। वहीं 85 हजार कर्मचारियों को वीआरएस देने की भी तैयारी है। वहीं कुछ खबरें ये भी आ रही है कि रिवाइवल प्लान के तहत एमटीएनएल और बीएसएनएल के कर्मचारियों की संख्या घटाकर आधी की जाएगी।

    मिली जानकारी के अनुसार उपरोक्त नियम के संबंध में गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) के बीच सहमति बन गई है और जीओएम ने इस प्लान को हरी झंडी दे दी है। वहीं रिवाइवल प्लान के तहत सरकार एमटीएनएल और बीएसएनएल के कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र कम कर 58 साल करेगी। स्पेशल केस के तहत कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र कम होगी। इन सब के बीच इस बात से भी अवगत करा दें कि सरकार एमटीएनएल और बीएसएनएल के 50 साल से ऊपर के करीब 85 हजार कर्मचारियों को वीआरएस स्कीम देगी। इससे दोनों कंपनियों में 85 हजार कर्मचारी ही बचेंगे अभी दोनों में मिलाकर 1.80 लाख कर्मचारी हैं। वीआरएस पर सरकार 40 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी, सरकार अगले 8 साल के अंदर कर्मचारियों को रकम चुकाएगी।

    रिपोर्ट के मुताबिक अभी कुछ दिन पहले खबर आई थी कि दोनों (BSNL और MTNL) को फिर से पटरी पर लाने के लिए 74000 करोड़ के पैकेज को सरकार ने ख़ारिज कर दिया है, अब ख़बर आ रही है कि BSNL और MTNL बंद होगा। फ़ाइनेंशियल एक्सप्रेस किरण राठी ने सूत्रों के हवाले से ख़बर की है, कुछ लोगों को दूसरी जगहों पर एडजस्ट किया जाएगा और बाकी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देकर चलता कर दिया जाएगा। सरकार के पास इन दो कंपनियों को बचाने के पैसे भी नहीं है। कश्मीर पर फैसले के बाद वह बंद करने का जोखिम आसानी से ले सकती है, जैसे कश्मीर पर लोग चुप रहे वैसे ही इन पौने दो लाख लोगों के मामले में बाकी चुप रहेंगे।

  • नौ महीनों में टाटा मोटर्स ने बेची केवल एक नैनो कार

    टाटा मोटर्स ने बताया कि साल 2019 में उसने सिर्फ एक नैनो कार बेची है। ये कार भी फरवरी महीने में बिकी थी। कंपनी ने हालांकि अभी ये घोषणा नहीं की है कि उसने मॉडल को बंद कर दिया है।

    टाटा मोटर्स ने बड़े जोर शोर से लखटकिया कार नैनो को लांच किया था लेकिन कार की क्वालिटी और परफारमेंस ऐसी रही कि आज इसको पूछने वाला कोई नहीं है।

    टाटा मोटर्स ने कहा कि नैनो को आगे जारी रखना संभव नहीं होगा क्योंकि नए सुरक्षा नियमों और BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा करने में कार सक्षम नहीं है। कंपनी ने साल 2008 में वाहन प्रदर्शनी के दौरान इस गाड़ी को पेश किया था। इसे लोगों को काफी उम्मीदें भी थी।

  • अयोध्या टाइटल केस: निर्णायक पड़ाव पर सुनवाई,सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम जिरह के लिए सभी पक्षों से समय सारिणी मांगी

    अयोध्या टाइटल केस: निर्णायक पड़ाव पर सुनवाई,सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम जिरह के लिए सभी पक्षों से समय सारिणी मांगी

    नई दिल्ली। अयोध्या टाइटल केस में मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी जा रही है। मंगलवार की सुनवाई में सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि अब सभी पक्ष अंतिम जिरह के लिए उन्हें समय सारिणी मुहैया कराएं ताकि वो इस विषय पर अंतिम फैसला कर सकें। सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्षकारों की तरफ से करीब 16 दिन दलील रखी गई और उसके बाद मुस्लिम पक्षकारों ने अपना पक्ष रखना शुरू किया।

    मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से जिरह करते हुए वकील राजीव धवन ने दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि और राम जन्म स्थान में फर्क है। राम जन्म स्थान का मतलब पूरी अयोध्या से है और उसमें कोई बदलाव नहीं कर सकता है, यहां तक कि बाबर, अंग्रेज या मौजूदा शासन जबकि रामजन्मभूमि का संबंध सिर्फ विवादित भूमि से है। लेकिन हिंदू पक्षकारों की तरफ से जो दलील दी गई है उसमें जन्मस्थान का जिक्र है। वो समझते हैं कि अगर जन्मस्थान को केंद्रबिंदू मानकर सुनवाई होगी तो कोई केस नहीं रह जाता है।

    जहां तक राम को देवता मानने का सवाल है तो वो खुद एक पक्षकार बनकर अपनी बात नहीं रख सकते हैं। उनकी तरफ से कोई व्यक्ति मुकदमा लड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने जिरह के दौरान पूछा था कि क्या मुस्लिम पक्षकारों के पास ऐसा कोई सबूत है जिससे यह पता चलता है कि वहां पर मस्जिद नहीं थी। इस सवाल के में राजीव धवन की तरफ से गोलमोल जवाब दिया गया था। 

    अदालत में हिंदू पक्षकारों ने कहा था कि पुरातात्विक साक्ष्य इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि विवादित जमीन पर मंदिर था और 16वीं शताब्दी में आक्रांता बाबर के सेनापति मीर बाकी ने मंदिर की जगह पर मस्जिद बनाई। इसके साथ ही मुस्लिम विधान की बात करें तो इसके बारे में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जहां पूजा अर्चना की जाती हो वहीं नमाज अता नहीं की जा सकती है। 

  • विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान, पीओके भारत का हिस्सा, एक न एक दिन जरूर लहराएगा तिरंगा

    विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान, पीओके भारत का हिस्सा, एक न एक दिन जरूर लहराएगा तिरंगा

    नई दिल्ली : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र महाधिवेशन (यूएजीए) से इतर वह अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी से मिलेंगे। विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पीओके भारत का हिस्सा है और वह उम्मीद करते हैं कि एक दिन देश का इस पर अधिकार होगा। विदेश मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान के साथ मुद्दा अनुच्छेद 370 का नहीं बल्कि आतंकवाद का है। 

    अपने मंत्रालय के पहले 100 दिन पूरे करने पर जयशंकर ने कहा, ‘घरेलू और विदेश नीति में काफी मजबूत संबंध है। हमारी राष्ट्रीय नीति के लक्ष्यों एं विदेश नीति के लक्ष्यों के बीच सह-संबंध और मजबूत हुआ है।’ विदेश मंत्री ने कहा, ‘हमारी विदेश नीति में भारतीय प्रवासियों का एक पहलू भी शामिल है। भारतीय प्रवासियों के महत्व को देखते हुए अमेरिका में एक बहुत बड़े कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय की भागीदारी से होने वाला है।’  

    पत्रकारों के इस सवाल पर कि कुरैशी के साथ मुलाकात पर क्या बात होगी। इस पर जयशंकर ने कहा, ‘मैं संयुक्त राष्ट्र महाधिवेशन से इतर पाकिस्तानी विदेश मंत्री से मिलूंगा। तब की तब देखेंगे।’ विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर हमारा रुख हमेशा स्पष्ट रहा है। पीओके भारत का हिस्सा है और हमें उम्मीद है कि एक दिन हमारा इस पर भौगोलिक प्रभुत्व होगा।

    पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर विदेश मंत्री ने कहा, ‘पाकिस्तान के सिंध में आज जो हो रहा है, ऐसा नहीं है कि पिछले 100 दिनों में होने वाली यह एक मात्र घटना है। आपके सामने सिख लड़कियों के अगवा होने के मामले आए हैं। मेरे मानना है कि आज के दिन में यदि मानवाधिकारों की ऑडिट की जाए तो असलियत सबके सामने आ जाएगी। यहां एक देश है जो दूसरे देशों के मानवाधिकारों को लेकर फिक्रमंद है। आप उनके यहां मानवाधिकारों की हालत देखिए।’ जयशंकर ने कहा, ‘मेरा मानना है कि पाकिस्तान में पिछले 70 वर्षों अल्पसंख्यकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। यह संख्या ऐसी हो गई है कि इसके बारे में खुद पाकिस्तान सार्वजनिक रूप से बयान जारी नहीं करेगा।’

    इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हिस्सा लेने पर विदेश मंत्री ने कहा कि ‘मेरा मानना है कि यह काफा सम्मान कि बात है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने समुदाय का निमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में आने का फैसला किया है।’ विदेश मंत्री ने कहा, ‘मेरा मानना है कि बहुपक्षीय मंचों जी-20, ब्रिक्स पर होने वाली बड़ी बहसों को देखें तो आप पाएंगे कि भारत की आवाज, उसके विचार आज पहले से ज्यादा तवज्जो के साथ सुने जाते हैं।’

  • फारुक अब्दुल्ला के समर्थन में उतरे राहुल गांधी, जल्द से जल्द रिहाई की मांग की

    फारुक अब्दुल्ला के समर्थन में उतरे राहुल गांधी, जल्द से जल्द रिहाई की मांग की

    नई दिल्ली। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत नजरबंद किया गया है। सरकार ने बताया था कि जम्मू-कश्मीर के हालात के मद्देनजर राजनीतिक नेताओं को नजरबंद किया गया है। लेकिन फारुक अब्दुल्ला के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी उतर पड़े हैं।

    राहुल गांधी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सरकार राष्ट्रवादी नेताओं को रास्ते से हटा रही है। फारुक अब्दुल्ला जैसे नेताओं को तत्काल रिहा करने की जरूरत है। फारुक अब्दुल्ला जैसे नेताओं की नजरबंदी से जो राजनीतिक निर्वात पैदा हुआ है उसे आतंकी भरेंगे। ऐसे हालात में कश्मीर को शेष भारत के साथ ध्रुवीकरण के लिए राजनीतिक औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। 

  • दिग्विजय सिंह का विवादित बयान-भगवाधारी मंदिरों में कर रहे रेप

    दिग्विजय सिंह का विवादित बयान-भगवाधारी मंदिरों में कर रहे रेप

    भोपाल : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। भोपाल में राज्य सरकार की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने मंगलवार को कहा कि ‘भगवा वस्त्र पहनकर लोग मंदिरों में बलात्कार कर रहे हैं।’ सिंह ने कहा, ‘लोग भगवा वस्त्र पहनकर आज चूरन बेच रहे हैं। भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं। मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है उन्हें ईश्वर भी माफ नहीं करेगा।’ समझा जाता है कि दिग्विजय सिंह का निशाना भाजपा के पूर्व सांसद चिन्मयानंद पर है। चिन्मयानंद पर एक लड़की ने रेप का आरोप लगाया है।दिग्विजय ने आगे कहा, ‘राजनीतिक हित रखने वाले लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे को हाईजैक कर लिया है। वास्तव में यह नारा जय सिया राम होना चाहिए। जब हम भगवान राम के नाम का जयकारा लगाते हैं तो हम सीता को क्यों भूल जाते हैं?’ इसके बाद वहां मौजूद साधुओं ने ‘जय सिया राम’ का जयकारा लगाया।

    राज्य सरकार आध्यात्मिक विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर के संत-साधुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में नर्मदा मंदाकिनी ट्रस्ट के चेयरमैन कंप्यूटर बाबा भी शामिल हुए। इस मौके पर कंप्यूटर बाबा ने सरकार से मंदिर के लिए हमेशा के लिए भूमि का आवंटन करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘मंदिर को मुफ्त बिजली और साधुओं को वृद्धावस्था पेंशन मिलना चाहिए।’  

    इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘हम उद्योगपतियों एवं कारोबारियों को जमीन देते हैं, तो हम साधुओं को जमीन क्यों नहीं देंगे? भविष्य में साधुओं को इस तरह की मांग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’