खरसिया। जिले की कार्मेल स्कूल की कक्षा 3 की छ़ात्रा कुमारी सौम्या शर्मा ने 13 वें कटक महोत्सव में सोलो जूनियर कत्थक नृत्य में राष्ट्रिय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर जिले को गौरान्वत किया है।
गौरतलब है कि राष्ट्रिय एवं अंतर्राष्ट्रिय स्तर पर मनाया जाने वाला कटक महोत्सव उड़ीसा के कटक में 3 जनवरी से 9 जनवरी तक मनाया गया। इस वर्ष आयोजित 13 वें कटक महोत्सव में भारत भर के प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया, जिसमें रायगढ़ जिले के कार्मेल स्कूल की कक्षा 3 की छ़ात्रा सौम्या शर्मा को भी अपनी प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त हुआ था। अमित कुमार शर्मा और श्रीमती सुनिता शर्मा की पुत्री कुमारी सौम्या शर्मा ने 13 वें कटक महोत्सव में सोलो जूनियर कत्थक नृत्य में राष्ट्रिय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। विदित हो कि कुमारी सौम्या ने वर्ष 2021 में पूणे में आयोजित राष्ट्रिय एवं अंतर्राष्ट्रिय महोत्सव में भी द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। सौम्या की इस उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है, माता पिता परिजन तथा नृत्य शिक्षिका श्रीमती पूजा जैन ने सौम्या की इस सफलता पर बधाई देते हुये उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
कटनी: मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के कटनी (katni) में विशेष न्यायालय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत रिश्वतखोर नायाब तहसीलदार को पांच साल की सजा सुनाई है। लोकायुक्त पुलिस ने तहसीलदार को 2015 में 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। तहसीलदार मनोज कुमार सिंह कटनी जिले की बरही तहसील में पदस्थ था। तहसीलदार को न्यायालय ने 5 साल की सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया.
दरअसल, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह साल 2015 में कटनी जिले की बरही तहसील में पदस्थ थे । तत्कालीन तहसीलदार मनोज कुमार सिंह की कोर्ट में भूमि का नक्शा काटने का एक मामला था । नक्शा सुधार किए जाने के एवज में मनोज कुमार सिंह ने पूर्व पटवारी रोहणी प्रसाद पटेल से एक लाख रुपये की मांग की थी । पटवारी रोहणी प्रसाद ने पहली किस्त में 50 हजार रुपए दे दिए और दूसरी क़िस्त देने के समय लोकायुक्त में शिकायत की थी । जिस पर लोकायुक्त पुलिस ने 30 दिसंबर 2015 को दूसरी क़िस्त लेते हुए तहसीलदार को उनके निवास पर रुपयों सहित रंगे हाथ पकड़ा था.
संस्था के निदेशक ने कही ये बात वहीं प्रकरण में पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार पटेल ने बताया कि मामले में प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1-डी) सहपठित धारा 13(2) के अपराध में मनोज कुमार सिंह को दोषी पाया और पांच साल के कठोर कारावास और पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है । तहसीलदार मनोज का जेल वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया है।
रायपुर। प्रदेश में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिला है। बीती शाम को राजधानी के कुछ हिस्सों समेत कई जिलों में हल्की बारिश। इससे पहले शहर में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक़ छग में आने वाले दो दिनों के भीतर ओलावृष्टि पड़ सकते हैं। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक़ प्रदेश में अगले 72 घंटे के लिए विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, पेंड्रा, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, बलौदाबाजार, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर व महासमुंद और उससे लगे जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और गर्जना के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इसके लिए मौसम विभाग ने आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि उत्तर पूर्व राजस्थान के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा स्थित है। यहीं से एक द्रोणिका का पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, होते हुए मराठवाड़ा तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। 10 जनवरी को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छीटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश के सरगुजा संभाग बिलासपुर संभाग, दुर्ग संभाग के उत्तरी भाग और रायपुर संभाग के उत्तरी भाग में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ ओलावृष्टि भी संभावित है। अधिकतम तापमान में सार्थक गिरावट होने की भी संभावना है।
ओलावृष्टि गिरने की जताई जा रही आशंका
छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है। अरब सागर से आने वाली हवा और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं का मिश्रण होने के कारण मध्य भारत में रहने के कारण एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओले गिरने की भी संभावना बन रही है। साथ ही 10 जनवरी यानी की आज बस्तर संभाग के उत्तरी क्षेत्र से लेकर सरगुजा संभाग तक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में बादल छाए रहने के कारण गिरावट की भी संभावना बनी हुई है।
शनिवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री दर्ज किया गया था। जबकि रायपुर के लाभांडी का अधिकतम तापमान 28.5 दिन और न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं कई जिलों में बारिश के अलर्ट के चलते धान खरीदी पर भई रोक लगा दी गई है।
खरसिया । क्षेत्र के प्रसिद्द ठेकेदार एवं व्यवसायी राजेश अग्रवाल की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गयी, सुचना पर मौके पर पहुंची खरसिया पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, इस जघन्य हत्याकांड को लेकर नगर में आक्रोश का माहौल रहा और घटना के विरोध में शनिवार की शाम खरसिया नगर स्वस्फूर्त बंद रहा।
गौरतलब है की शनिवार की सुबह करीब 11:40 बजे थाना प्रभारी खरसिया सुम्मतराम साहू को सूचना मिली कि बानीपाथर क्रेशर संचालक राजेश अग्रवाल की क्षत-विक्षत लाश उसके क्रेसर खदान के पास पड़ी हुई है। थाना प्रभारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर तत्काल एसडीओपी खरसिया निमिषा पाण्डेय, चौकी प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंदकिशोर गौतम एवं हमराह स्टाफ के साथ मौके पर रवाना हुये। मौके पर पहुंची पुलिस टीम द्वारा शव पंचानामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल खरसिया भेजा गया, जहां पीएम बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया है। मृतक के चचेरे भाई ने बताया कि राजेश अग्रवाल पिता रामलाल अग्रवाल उम्र 54 वर्ष निवासी बानीपाथर खरसिया प्रतिदिन की तरह आज सुबह क्रेसर खदान गया था, जहां उसकी किसी ने धारधार हथियार से हत्या कर दिया गया है। मृतक के वारिसान बताये कि इनकी खदान से लगी हुई धोबीलाल मवार निवासी बानीपाथर की जमीन है, धोबीलाल मवार कसर खदान से जमीन प्रभावित होने पर राजेश अग्रवाल से रंजिश रखता था। पुलिस टीम द्वारा संदेही धोबीलाल मवार की पतासाजी उसके घर, गांव में की गयी जो घर एवं गांव से नदारद था। पुलिस को राजेश अग्रवाल की हत्या में धोबीलाल मंझवार होने का संदेह पुख्ता हुआ जिसकी गिरफ्तारी के लिये थाना खरसिया, थाना भूपदेवपुर, की खरसिया, जोबी एवं छाल पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से थानाक्षेत्र की घेराबंदी कर पुलिस की टीमें सुरक्षा उपाए के साथ बानीपाथर जंगल में संदेही की पतासाजी किया गया जिसे रक्त रंजित कपड़ों के साथ जंगल में घेराबंदी कर पकड़ा गया है।
आरोपी से घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी की जप्ती की गई है। आरोपी धोबीलाल मवार पिता अंजोर मवार उम्र 39 साल निवासी बानीपाथर थाना खरसिया जमीन संबंधी विवाद को लेकर कुल्हाड़ी से राजेश अग्रवाल के सिर, चेहरे गला पर ताबड़तोड़ हमला कर हत्या करना एवं गिरफ्तारी से बचने जंगल में छिपना कबूल किया गया है, जिसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एसडीओपी खरसिया के नेतृत्व में चंद घंटों में आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी खरसिया, थाना प्रभारी भूपदेवपुर, चौकी प्रभारी खरसिया, थाना प्रभारी छाल एवं थाना खरसिया, छाल, भूपदेवपुर, चौकी खरसिया के स्टाफ की अहम भूमिका रही है।
खरसिया। खरसिया रेलवे के अधिकारियों की मनमाने रवैये और लापरवाही का भुगतान खरसिया तथा आसपास के यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, स्टेशन परिसर में स्थित पूछ़ताछ़ खिडकी हमेशा बंद रहती है, जिससे यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी तक नहीं मिल पाती।
मुम्बई हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित खरसिया रेल्वे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ़ नहीं है, वर्षो की मांग के बाद भी आज तक इस स्टेशन में ड़िस्प्ले तक नहीं लगाया गया है, ट्रेन के संबंध में जानकारी लेने के लिये जब यात्री पूछ़ताछ़ खिड़की में जाते हैं तो वह हमेशा बंद मिलता है, स्टेशन मास्टर शतेन्दु कुमार से जब इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि स्टॉफ की कमी है, टिकट खिड़की में ही जानकारी दी जायेगी। गौरतलब है कि रायगढ़ झारसुगुड़ा के मध्य रेललाईन विस्तार की वजह से कई दिनों से अधिकतर सवारी गाड़ियां विलंब अथवा रद्द चल रहीं है, स्थिति यह है कि जो ट्रेनें चल रही हैं उनको भी अंतिम समय पर रद्द या मार्ग परिवर्तन कर दिया जा रहा है, एैसे में यात्रियों को जानकारी देने वाला तक खरसिया स्टेशन में रेल्वे का कोई कर्मचारी नहीं है जिससे आसपास एवं दूरदराज के क्षेत्रों से आये हुये यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अंतिम समय में ट्रेन रद्द होने से यात्रिगण अत्यधिक परेशान हो रहे है एैसे में क्या रेलवे प्रबंधन की यह जिम्मदारी नहीं है कि कम से कम यात्रियों को जानकारी तो प्रदान कर सके।
खरसिया। टेलीकॉम सेक्टर में आज जियो के नाम से भला कौन अंजान है, एैसा शायद ही कोई शख्स होगा जो इस नाम से अंजान होगा। बहुत ही कम समय में जियो ने टेलीकॉम सेक्टर में अपनी पकड़ बनाई है और नाम कमाया है। आज के दौर में किसी भी कंपनी के लिये अपने नाम को बरबकरार रखना इसलिये भी जरूरी है क्योंकि ये नाम की विश्वसनीयता का ही असर है कि उपभोक्ता सिर्फ नाम देखकर उसके उत्पादों पर यकीन करता है और उपयोग करता है, अैर बाजार की समझ रखने वाली कंपनियां अपने ब्राण्ड़ और नाम की विश्वसनीयता को बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छ़ोड़ना चाहती लेकिन कहते है ना कि नाम कमाना आसान होता है , मुश्किल होता है तो उस कमाये गये नाम और अपने ब्राण्ड़ की विश्वसनीयता को कायम और बरकरार रखना, एैसा ही एक मामला छ़त्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया से प्रकाश में आया है जहां प्रसिद्ध टेलीकॉम कंपनी जियो के कर्मचारी ने अपनी कंपनी के नाम को मिट्टी में मिलाने वाली हरकत करते हुये कंपनी की महिला उपभोक्ता को फोन करके गालियां दी, महिला के पति ने कॉल रिकार्ड़िग जियो कंपनी के अधिकारियों को भेज दी है, और कंपनी के इस कृत्य के लिये जियों कंपनी के विरूद्व कानूनी कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खरसिया निवासी एक महिला के जियो नंबर में एक युवती ने फोन किया और खुद को कोरबा हेड़ आफिस की कर्मचारी बताते हुये रिचार्ज कराने की बात कही गयी, महिला ने जवाब दिया कि उनके पास एक और नंबर है और उसमें उन्होंने रिचार्ज करा लिया है तो कॉल करने वाली युवती भड़क गयी और महिला के साथ गाली गलौच करने लगी, महिला ने तत्काल इस संबंध में अपने पति को बताया तथा जियों कंपनी के कर्मचारी की कॉल रिकार्ड़िग अपने पति को सुनाई, जिसके बाद जियों कंपनी के कोरबा ब्रांच के अधिकारियों से संपर्क कर उन्हे वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया, जब महिला के पति ने अधिकारियों को कॉल रिकार्ड़िग भेज कर कंपनी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया तो पहले तो कंपनी के अधिकारियों ने कॉल करने वाली युवती को जियो कंपनी की कर्मचारी मानने से ही इंकार कर दिया गया, बाद में उस युवती को बर्खास्त कर अपने कर्तव्यों से इति श्री कर ली गयी। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की बकायदा ट्रेनिंग होती है उन्हे ग्राहकों से बात करने के तौर तरीके सिखाये जाते है लेकिन उपरोक्त घटनाक्रम से स्पष्ट है कि जियों कंपनी के द्वारा भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और बिना ट्रेनिंग के एैसे अनुभवहीन और अप्रशिक्षित लोगों से काम कराया जा रहा है जो कंपनी के नाम को खराब कर रहे है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिये जियों कंपनी के छ़त्तीसगढ़ हेड़ अभिनंनदन नायक से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो कॉल रिकार्ड़िग सुनने के बाद उनके द्वारा कहा कि इस संबंध में कुछ़ भी कहने के लिये मैं अधिकृत नहीं हूं आप हमारे मीड़िया मैनेजर से बात कर लीजिये।
कंपनी से भरोसा टूटा
वहीं इस पूरे मामले में पीड़ित महिला के पति ने कहा कि अधिकारियों के रवैये की वजह से जियो से उनका भरोसा टूटा है और वे कंपनी के विरूद्व न्यायालय तथा भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) में मामला दर्ज करायेंगे जिसके लिये वे अपने वकील से सलाह ले रहे है। इस पूरे मामले में देखा जाये तो जियो कंपनी के अधिकारी इस मामले में कुछ़ भी बोलने से बच रहे है, जिससे यह स्पष्ट है कि कंपनी अपने उपभोक्ताओं के हितों के प्रति कितनी समर्पित है।
पटना के एक कस्बे में एक बीमा एजेंट के फोन पर एक वीडियो कॉल आई. युवक ने वीडियो कॉल रिसीव की. दूसरी तरफ से एक लड़की स्क्रीन पर आई. थोड़ी देर मुस्कुराई और फिर उसने एक-एक कर अपने सारे कपड़े उतार दिए. लड़की पूरी तरह निवस्त्र हो गई. युवक हैरान रह गया. मोबाइल स्क्रिन पर लड़की के साथ एक कोने में युवक की तस्वीर दिख रही थी. युवक को पता नहीं था. वीडियो कॉल रिकॉर्ड हो रही थी. फिर युवक ने कॉल काट दी लेकिन वहीं उसके साथ ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो गया.
मामला पटना से सटे दानापुर का है. जहां सोमवार ये घटना सामने आई. जिसका शिकार दानापुर में रहने वाला एक बीमा कंपनी का एजेंट बना. पीड़ित युवक ने इस संबंध में पटना के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है. उसने पुलिस को बताया कि उसे एक लड़की ने कॉल किया. और बताया कि उसके पूरे परिवार को हेल्थ और टर्म इंश्यूरेंस का प्लान लेना है. फिर लड़की ने अपने परिवार की डिटेल भेजने के लिए बीमा एजेंट का व्हाट्सएप नंबर लिया. युवक ने नंबर दे दिया. फिर युवक को उस लड़की ने वीडियो कॉल की. कॉल रिसीव करने के बाद मोबाइल स्क्रीन पर युवती ने लाइव एक एक कर सारे कपड़े उतार दिए. फिर वह पूरी तरह नग्न हो गई. कंप्रोमाइज मुद्रा में लड़की बीमा एजेंट से अश्लील बातें करने लगी. थोड़ी देर बाद युवक ने कॉल काट दी. उसे अंदाजा नहीं था कि वो लड़की उसके साथ क्या करने वाली है. कॉल कटने के कुछ देर बाद बीमा एजेंट युवक के मोबाइल पर वीडियो कॉल के स्क्रीन शॉट की सैकड़ों तस्वीरें आई गई. जिसमें लड़की नग्न अवस्था में बीमा एजेंट से बात कर रही थी. स्क्रीनशॉट के कई छोटे वीडियो देखने के बाद युवक के होश उड़ गए. थोड़ी देर बाद लड़की ने फोन कर बीमा एजेंट से फौरन 50 हजार रुपये उसके अकाउंट में डालने के लिए कहा.
लेकिन बीमा एजेंट युवक ने पैसे देने से मना कर दिया. लड़की ने फिर उसे फोन किया और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी. बीमा एजेंट के इनकार करने के बाद लड़की के गैंग मेंबर क्राइम ऑफिसर और अधिकारी बनकर युवक को फोन करने लगे. उन लोगों ने युवक को धमकाया. दिल्ली के साइबर सेल में काम करने का हवाला देकर उससे पैसे की मांग की. फोन करने वाला बीमा एजेंट को बताता है कि उसके खिलाफ दिल्ली के साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया है. वो जल्द से जल्द लड़की से समझौता कर ले, अन्यथा उसे पुलिस दिल्ली से पटना पहुंचकर गिरफ्तार कर लेगी. उसे जेल जाना पड़ेगा. फिर भी बीमा एजेंट नहीं माना. इसके बाद लड़की बीमा एजेंट को अपना खाता नंबर देती है. तत्काल युवक को उसमें पैसे डालने के लिए कहती है.
इसके बाद लड़की और उसके गैंग के लोग करीब पचास बार युवक को फोन करते हैं. लेकिन युवक पैसे देने को राजी नहीं होता. परेशान होकर बीमा एजेंट युवक पटना साइबर सेल में लड़की और उसके गैंग के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. अब पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है. हाल में ही बिहार के कई इलाकों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें लोग अपनी इज्जत का ख्याल कर मामला दर्ज नहीं करवाते हैं और ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते हैं. फिलहाल पुलिस इस मामले में बीमा एजेंट की शिकायत दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई है. जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे.
बिलासपुर. प्रदेश मुखिया भूपेश बघेल ने सीएम निवास कार्यालय से डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली का शुभारंभ किया है। अनुज्ञा प्रणाली के शुभारम्भ से प्रदेशवासियों को अब चन्द सेकन्ड में ही भवन अनुज्ञा मिल जाएगी। इस दरौरान सीएम ने बताया कि डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली से 5382 वर्ग फीट तक के आवासीय भूखंडों के लिए लोगों को अब कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
बताते चलें कि कानूनी दांव पेंच के चलते आम लोगों को भवन अनुज्ञा को लेकर काफी परेशानियों का सामना करने को मजबूर होना पड़ता था। लगातार मिल रही शिकायतों और लोगों की परेशानियों को देखते हुए सीएम ने आज अपने आवास कार्यालय से नव वर्ष में प्रदेशवासियों को आशियाना बनाने वालों को तोहफा दिया है।
सीएम आवास में एक गरिमामयी सादगी भरे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होने बताया कि अब लोगों को आने वाली कानूनी प्रक्रियाओं से निजात मिलेगी। लोगों को अब कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। आवासीय जमीन के 5382 वर्ग फिट यानि 500 मीटर पर आशियाना बनाने के भवन अनुज्ञा एक क्लिक पर हासिल कर लेगा। अनुुज्ञा प्रणाली के लागू होने से आम जनता ने खुशी जाहिर की है।
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज एक अहम बैठक बुलाई गई। बैठक में मुख्य सचिव समेत सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। सीएम भूपेश ने जनता से जुड़ी सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई थी। सीएम भूपेश बघेल बैठक में मौजूद अधिकारियों से कार्यों का लेखा-जोखा लिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- प्रदेश में राशन कार्ड बनाने का अभियान चलाया जाएगा। एपीएल नागरिकों का भी राशन कार्ड बनेगा। समय सीमा में कार्यवाही होगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए जल संसाधन विभाग में 400 सब इंजीनियर्स की भर्ती करने की घोषणा की है। इन पदों के लिए योग्यता, वेतनमान एवं आयु सीमा छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग भर्ती पर आवेदन करने के लिए आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्था/विश्वविद्यालय से संबंधित विषय/क्षेत्र में Engineering Degree/समकक्ष होना अनिवार्य होगा।
दिल्ली. भारत में होटल्स (Hotel) रूम की बुकिंग के लिए लोकप्रिय एप ओयो (OYO) का एक नया विवाद सामने आया है. यह एप ऐसी होटल्स में भी रूम बुक कर रहा है जो मौजूद ही नहीं हैं. ऐसी होटल्स के बारे में परेशान ग्राहकों ने शिकायत भी की है, लेकिन इस गड़बड़ पर ओयो एप ने कोई कार्रवाई नहीं की है. ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर अपने कड़वे अनुभव शेयर किए हैं. दरअसल यह मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट (social media post) से सामने आया है. हालांंकि ओयो की तरफ से सीईओ रोहित कपूर का मैसेज भी है कि उन्होंने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं. हमारे ग्राहकोंं को दिक्कत हुई इसके लिए हम माफी मांगते हैं.
अभिशांत पंत ने ओयो एप के बारे में अपने कड़वे अनुभव को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट की है. इसमें उन्होंने बताया है कि 24 दिसंबर को वे दोस्तों के साथ पुडुचेरी घूमने के लिए प्लान कर रहे थे और उन्होंने ओयो की मदद से वहां एक होटल में रूम बुक किए थे. लेकिन जब वे पुडुचेरी पहुंचे तो मालूम हुआ कि ऐसा कोई होटल मौजूद ही नहीं है. अभिशांत कहते हैं कि रात 11 बजे अनजान शहर के सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद आपको पता लगता है कि आप ठगे जा चुके हैं. जब कोई होटल ही नहीं है तो फिर आप क्या करेंगे. और जब ओयो कस्टमर केयर से बात करने की कोशिश की गई तो वे मदद करने की बजाए, साफ कहा कि अब हम आपकी मदद नहीं कर सकते.