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  • मोदी की मुहिम का असर, डीएम ने चाय पीकर खुद पर ही लगाया 5000 का जुर्माना

    महाराष्ट्र। बीड जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल यहां प्लास्टिक कप में चाय पीने का बाद जिलाधिकारी आस्तिक कुमार पांडे ने खुद के ऊपर 5000 रुपये का जुर्माना ठोक दिया. इस घटना की पूरे जिले में चर्चा हो रही है और लोग डीएम आस्तिक कुमार पांडे की ईमानदारी की प्रशंसा कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि यह महाराष्ट्र का ऐसा पहला मामला है जहां किसी अधिकारी ने प्लास्टिक से बने पदार्थ का उपयोग करने पर खुद के ऊपर जुर्माना लगाया है. दरअसल नरेंद्र मोदी सरकार ने 2 अक्टूबर गांधी जयंती के मौके पर देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए एक महात्वाकांक्षी मुहिम का आगाज किया है. सरकार के इस मुहिम का देश की कई बड़ी हस्तियों ने समर्थन किया है.


    रिपोर्ट्स के मुताबिक बीड जिले के डीएम आस्तिक कुमार पांडे ने चुनाव के बारे में पत्रकारों को सूचित करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्मचारियों ने मेहमानों को चाय देते समय प्लास्टिक कप का इस्तेमाल किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी पत्रकारों को प्लास्टिक कप में चाय दी गई. हालांकि आधे से ज्यादा पत्रकारों ने प्लास्टिक कप में चाय पीने से इनकार कर दिया है. इन सबके बीच एक पत्रकार ने कलेक्टर के अनुरोध पर एक सवाल उठाया. पत्रकार ने कहा कि एक गरीब किसान उम्मीदवार ने अपनी जमा राशि का भुगतान करने के लिए प्लास्टिक की थैली का इस्तेमाल किया था. उम्मीदवार पर तब प्रशासन की ओर से 5000 का जुर्माना लगाया था.

    पत्रकार ने इसी घटना का जिक्र करते हुए कलेक्टर कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्लास्टिक कप के उपयोग को लेकर सवाल किया, जो कि प्रतिबंधित है. पत्रकार के इस सवाल के बाद ही जिलाधिकारी आस्तिक कुमार पांडे ने सभी के सामने अपने ऊपर 5000 का जुर्माना लगा दिया।

  • कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान- हमारे नेता ने हमें छोड़ दिया

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने अपनी ही पार्टी की आलोचना करते हुए बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने पार्टी के भविष्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्या राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर जिम्मेदारियों से भाग गए?

    कम-से-कम सलमान खुर्शीद तो यही मानते हैं। पार्टी के इस वरिष्ठ नेता ने पहली बार वह बात खुलकर कह दी जो दबे अंदाज में कहा जा रहा था। खुर्शीद ने कहा, हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमारे नेता ही छोड़ गए। उन्होंने पार्टी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी के इस्तीफे से संकट बढ़ा है।
    खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी के इस फैसले के कारण पार्टी हार के बाद जरूरी आत्मनिरीक्षण भी नहीं कर पाई। कांग्रेस को लेकर चर्चा करते हुए पार्टी के सीनियर नेता ने कहा, हम विश्लेषण के लिए भी एकजुट नहीं हो सके कि हम लोकसभा चुनाव में क्यों हारे। हमारी सबसे बड़ी समस्या यही है कि हमारे नेता ने हमें छोड़ दिया।


    यह पहला मौका है, जब कांग्रेस के किसी नेता ने राहुल गांधी के इस्तीफे के लिए छोड़ जाने जैसे शब्द का इस्तेमाल किया है। खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद एक खालीपन पैदा हुआ है। यह संकट तब और बढ़ता दिखता है, जब सोनिया गांधी उनके स्थान पर अस्थायी तौर पर कमान संभाल रही हैं।
    पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर कहा, मैं नहीं चाहता था कि राहुल गांधी इस्तीफा दें। मेरी राय थी कि वह पद पर रहें। मैं मानता हूं कि कार्यकर्ता भी यही चाहते थे कि वह बने रहें और नेतृत्व करें। उन्होंने कहा, यह एक खालीपन जैसा है। सोनिया गांधी ने दखल दिया है, लेकिन साफ संदेश है कि वह एक अस्थायी व्यवस्था के तौर पर हैं। मैं ऐसा नहीं चाहता।

  • बच्चे तो बच्चे, अब जज भी होने लगे परीक्षा मे फेल

    हिस्सा लेने वाले 119 कार्यरत न्यायाधीश और 1,372 वकीलों में से कोई भी गुजरात हाइकोर्ट द्वारा आयोजित परीक्षा को पास नहीं कर पाया।

    दिल्ली. माना जाता है कि जज का काम बहुत ही प्रतिभा और योग्यता का होता है. उसका एक फैसला लोगों की जिंदगी बदल देता है लेकिन गुजरात में तो जज साहबों ने अपने पेशे की नाक ही कटा दी.

    गुजरात हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीशों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी. खास बात ये है कि इसके लिए 119 जजों ने परीक्षा दी थी और जब परिणाम आया तो सभी जज अच्छे नंबरों से एग्जाम में फेल हो चुके थे.

    यह परीक्षा 40 जिला जजों को चुनने के लिए आयोजित की गई थी. हैरानी की बात यह रही कि उसमें हिस्सा लेने वाले 119 कार्यरत न्यायाधीश और 1,372 वकीलों में से कोई भी इस परीक्षा को पास नहीं कर पाया.

    परीक्षा में फेल होने वाले 119 न्यायाधीशों में से 51 न्यायाधीश गुजरात में किसी न किसी अदालत में न्यायाधीश हैं. चार अगस्त को ये परीक्षा आयोजित की गई थी.

  • बिग बॉस – इस एक्टर ने अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में कहा – ” वह बार बार मेरे घर पर आकर बैठ जाती है”

    Bigg Boss 13: बिग बॉस 13 के पारस छाबड़ा की ‘स्पिलिस्टविला’ जीतने के बाद से ही लड़कियों के बीच जबरदस्त फैन फॉलोइंग हो गई थी. वही इस शो में भी देखने के मिल रहा है. पारस की माहिरा और शहनाज दोनों के साथ ही काफी अच्छी बॉन्डिंग है. हालांकि जहां माहिरा के साथ नजदीकियों का ये मामला दोस्ती तक की सीमित है वहीं शहनाज गिल के साथ पारस रोमांटिक अंदाज में दिखाई दे चुके हैं. दोनों ही साफ कर चुके हैं वो एक दूसरे को काफी पसंद कर चुके हैं. इतना ही नहीं पारस ने तो घर के अंदर यह तक कह दिया कि उनकी गर्लफ्रेंड के साथ उनका रिलेशन अच्छा नहीं चल रहा है.

    पारस ने कहा कि उनके और आकांक्षा के बीच प्यार है लेकिन ये रिश्ता नहीं चल सकता क्योंकि वो दोनों एक दूसरे से बिलकुल अपोजिट हैं. जब वो आकांक्षा से ये कहते हैं कि हम दोनों साथ नहीं रह सकते तो वो रोने लगती हैं. उन्होंने आगे कहा कि वो उसे हर्ट नहीं करना चाहते हैं. पारस ने कहा कि वो बार-बार मेरे घर में आकर बैठ जाती है


    जहां पारस के अनुसार रिलेशन ठीक नहीं है तो वहीं आकांक्षा ने मीडिया से बातचीत के दौरान साफ कहा है कि उनका और पारस का रिश्ता काफी खूबसूरत है. बीते दिनों पारस की रियल गर्लफ्रेंड ने आकांक्षा पुरी ने कहा था कि उन्हें पारस की संस्कारी प्लेबॉय छवि बहुत पसंद है. आकांक्षा के मुताबिक दोनों का रिलेशनशिप अच्छा है. लेकिन सोमवार को टेलीकास्ट हुए ऐपिसोड में पारस ने कहा कि वो अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप करने की कई बार कोशिश कर चुके हैं.

    आकांक्षा ने आगे कहा था, “अगर वह दो लोगों का शो से ध्यान हटा सकता है और लड़ाई करवा सकता है, तो मैं यह कह सकती हूं वह इस शो का असली विजेता है. मैं पारस को शो में देखकर बहुत खुश हूं.”

  • साल की शुरुवात में पीएम के खिलाफ पत्र लिखने वाली 49 हस्तियों को राहत

    सभी के खिलाफ दर्ज राजद्रोह (Sedition) का मामला बंद करने का पुलिस ने दिया आदेश

    मुजफ्फरपुर. ‘मॉब लिंचिंग’ (Mob Lynching) के खिलाफ साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को पत्र लिखने वाली 49 हस्तियों (49 Personalities) के खिलाफ दर्ज राजद्रोह (Sedition) का मामला बंद करने का पुलिस ने बुधवार को आदेश दिया. मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि मामला बंद करने का उन्होंने आदेश दिया है क्योंकि अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप ‘शरारतपूर्ण’ हैं और उनमें कोई ठोस आधार नहीं है. गौरतलब है कि स्थानीय अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा की एक याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पिछले हफ्ते सदर पुलिस थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

    शिकायतकर्ता वकील के खिलाफ दायर होगा मुकदमा

    एडीजी हेडक्वार्टर जीतेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायतकर्ता, सबूत उपलब्ध करा पाने में नाकाम रहा है। यहां तक कि वो वह पत्र भी नहीं दिखा सका जिसके आधार पर उसने केस किया था। इसके साथ यह भी पाया गया कि इस याचिका को दायर करने के पीछे उद्देश्य ठीक नहीं थे. उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 182 और 211 के तहत मुकदमा दायर किया जाएगा।

  • पुलिस मांगे रिश्वत, तो करें शिकायत – डीजीपी

    विभाग का नाम खराब करने वाले पुलिस अधिकारियों पर होगी कार्यवाही

    डीजीपी डीएम अवस्थी ने भ्रष्टाचार एवं कदाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक ओ को कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही समस्त थाना प्रभारियों को भी पत्र जारी कर चेताया गया है, डीजीपी ने तमाम जिलों के कप्तानों को निर्देश दिए हैं। कि यदि किसी भी पुलिस कर्मी द्वारा विभाग का नाम खराब करने की स्थिति निर्मित की गई तत्काल उस पर कार्यवाही किया जावे।



    साथ ही डीजीपी डीएम अवस्थी ने आम लोगों से अपील किया कि, यदि किसी भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपके पास शिकायत हो तो पुलिस मुख्यालय मैं शिकायत सेल का गठन किया जा चुका है वहां पर अपनी शिकायत पत्र को दिया जा सकता है। जांच के पश्चात यदि पुलिसकर्मी गलत पाए जाएंगे उन पर कठोर कार्यवाही भी की जाएगी।

  • CM भूपेश बघेल ने मितव्ययिता के लिए अपने सुरक्षा में की कटौती, कहा- फिजूलखर्ची रोककर आम जनता के हित में किया जा रहा खर्च

    रायपुर। सीएम बघेल का बड़ा बयान मितव्ययिता के लिए मैंने अपनी सुरक्षा में भी कटौती की है, कारकेड को कम किया है क्योंकि मितव्ययिता ही एकमात्र तरीका है, जिससे फिजूलखर्ची रोककर आम जनता के हित में खर्च किया जा सकता है। इसके अलावा वित्तीय अनुशासन से हमने कई काम किए हैं आगे भी करेंगे।

    मुख्यमंत्री आवास में आयोजित जनचौपाल के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि फिजूलखर्ची रोकने के लिए मैने अपने कारकेट में कटौती की है। लेकिन पुराने लोग आज भी लम्बी कारकेट में है,ऐसे लोगों को ख़ुद को सोचना चाहिए।
    सीएम भूपेश बघेल ने इसके अलावा कई मसलों पर रखी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि आर्थिक मदद और खेती-किसानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे ज्यादा आए हैं. विद्या मितानों की हड़ताल, जिले में खाली पदों पर उनको रखने की बात हुई थी, कहीं विसंगति होगी तो दिखाया जाएगा।

    चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव जीतने का जताया भरोसा

    उन्होंने नक्सल आपरेशन के लिए जवानों को शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि गांधी विचार यात्रा ब्लॉक स्तर पर भी शुरू की जाएगी, हर गाँव और गली में गांधी जी के योगदान की चर्चा होगी. वहीं उन्होंने कहा कि चित्रकोट चुनाव हम जीतेंगे. लोगों में बहुत उत्साह है, अभी तक राजनीतिक दलों का प्रचार शुरू नहीं हुआ है कल मैं चित्रकोट जा रहा हूँ और पूरा भरोसा है कि हम जीतेंगे.
    सड़कों पर मवेशी की समस्या को उन्होंने 5 साल के कुशासन का परिणाम बताते हुए कहा कि 35 लाख आवारा पशु खुले में हैं. 2000 से ज्यादा गौठान बन चुके हैं, अब शहरी निकायों में गौठान बनाना भी हमारा लक्ष्य है, सालभर में हम इसका निदान कर देंगे.

  • अपने वादे से पलटे अम्बानी

    रिलायंस जियो के ग्राहकों को दिया बड़ा झटका

    जिओ की लॉन्चिंग के समय मुकेश अम्बानी ने अपने कस्टमर्स से वायदा किया था कि जियो से डेटा बेस कॉल कनेक्ट होगी और उन्हें सिर्फ डेटा के पैसे ही देने होंगे इसका मतलब यह था कि जियो के ग्राहक आजीवन मुफ्त कॉल कर सकेंगे, उन्हें सिर्फ डेटा के लिए ही पैसे देने होंगे, इसी प्लान की वजह से जियो ने आज तक कोई रिचार्ज प्लान पेश नही किया था, लेकिन अपने ग्राहकों से किये वायदे को तोड़ते हुए जियो ने IUC का बहाना बनाते हुए दूसरे ऑपरेटर को किये जाने वाले आउटगोइंग कॉल करने पर अपने ग्राहकों से प्रति मिनट 6 पैसे चार्ज करने की घोषणा की है।

    रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए कॉलिंग के लिए पैसे लेने का एलान किया है। जियो के ग्राहकों को अब फोन पर बात करने के लिए पैसे देने होंगे। जियो के एक बयान के मुताबिक जियो के ग्राहकों को किसी दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर कॉल करने के  लिए प्रति मिनट 6 पैसे देने होंगे, हालांकि जियो से जियो के नेटवर्क पर कॉलिंग पहले की तरह ही फ्री रहेगी।जियो ने कहा है कि वह अपने 35 करोड़ ग्राहकों को आश्वस्त करता है कि आउटगोइंग ऑफ-नेट मोबाइल कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट का शुल्क केवल तब तक जारी रहेगा जब तक TRAI अपने वर्तमान रेगुलेशन के अनुरूप IUC को समाप्त नहीं कर देता। हम TRAI के साथ सभी डाटा को साझा करेंगे ताकि वह समझ सके कि शून्य IUC यूजर्स के हित में है।

    वर्तमान में 6 पैसे प्रति मिनट है IUC शुल्क

    बता दें कि यह पूरा मामला इंटरकनेक्ट यूजेज चार्ज से जुड़ा है। IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है। जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है। दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं।

    जियो नेटवर्क पर हर रोज आते हैं 40 करोड़ मिस्ड कॉल

    जियो नेटवर्क पर मुफ्त वॉयस कॉलिंग और 2G नेटवर्क पर अत्यधिक टैरिफ होने की वजह से Airtel और Vodafone-Idea के 35 – 40 करोड़ 2G ग्राहक, Jio ग्राहकों को मिस्ड कॉल देते हैं। Jio नेटवर्क पर रोजाना 25 से 30 करोड़ मिस्ड कॉल प्राप्त होते हैं। अन्य नेटवर्क से जियो पर रोजाना होने वाले 25 से 30 करोड़ कॉलिंग (मिस्ड कॉल) से Jio को 65 से 75 करोड़ मिनट इनकमिंग ट्रैफिक मिलना चाहिए था।

    जिओ द्वारा जारी प्लान की लिस्ट

    जारी हुए 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के प्लान
    अन्य कंपनियों के नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए जियो 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के टॉप अप वाउचर भी जारी करेगी। 10 रुपये वाले प्लान में दूसरे नंबर पर 124 मिनट कॉलिंग की जा सकेगी। वहीं 20 रुपये वाले प्लान में 249 मिनट, 50 रुपये वाले प्लान में 656 मिनट और 100 रुपये वाले प्लान में 1,362 मिनट कॉलिंग की जा सकेगी

  • BSNL & MTNL के करोड़ों उपभोक्ता और 85 हजार कर्मचारियों के लिए बुरी खबर

    दिल्ली।दिवाली से पहले बीएसएनएल और एमटीएनएल के करोड़ों उपभोक्ता और करीब 85 हजार कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है. बुरी खबर इसलिए क्योंकि अब खबरें ये आ रही है कि केंद्र की मोदी सरकार बीएसएनएल के दफ्तरों में ताला लगाने की तैयारी कर रही है। वहीं 85 हजार कर्मचारियों को वीआरएस देने की भी तैयारी है। वहीं कुछ खबरें ये भी आ रही है कि रिवाइवल प्लान के तहत एमटीएनएल और बीएसएनएल के कर्मचारियों की संख्या घटाकर आधी की जाएगी।

    मिली जानकारी के अनुसार उपरोक्त नियम के संबंध में गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) के बीच सहमति बन गई है और जीओएम ने इस प्लान को हरी झंडी दे दी है। वहीं रिवाइवल प्लान के तहत सरकार एमटीएनएल और बीएसएनएल के कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र कम कर 58 साल करेगी। स्पेशल केस के तहत कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र कम होगी। इन सब के बीच इस बात से भी अवगत करा दें कि सरकार एमटीएनएल और बीएसएनएल के 50 साल से ऊपर के करीब 85 हजार कर्मचारियों को वीआरएस स्कीम देगी। इससे दोनों कंपनियों में 85 हजार कर्मचारी ही बचेंगे अभी दोनों में मिलाकर 1.80 लाख कर्मचारी हैं। वीआरएस पर सरकार 40 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी, सरकार अगले 8 साल के अंदर कर्मचारियों को रकम चुकाएगी।

    रिपोर्ट के मुताबिक अभी कुछ दिन पहले खबर आई थी कि दोनों (BSNL और MTNL) को फिर से पटरी पर लाने के लिए 74000 करोड़ के पैकेज को सरकार ने ख़ारिज कर दिया है, अब ख़बर आ रही है कि BSNL और MTNL बंद होगा। फ़ाइनेंशियल एक्सप्रेस किरण राठी ने सूत्रों के हवाले से ख़बर की है, कुछ लोगों को दूसरी जगहों पर एडजस्ट किया जाएगा और बाकी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देकर चलता कर दिया जाएगा। सरकार के पास इन दो कंपनियों को बचाने के पैसे भी नहीं है। कश्मीर पर फैसले के बाद वह बंद करने का जोखिम आसानी से ले सकती है, जैसे कश्मीर पर लोग चुप रहे वैसे ही इन पौने दो लाख लोगों के मामले में बाकी चुप रहेंगे।

  • नौ महीनों में टाटा मोटर्स ने बेची केवल एक नैनो कार

    टाटा मोटर्स ने बताया कि साल 2019 में उसने सिर्फ एक नैनो कार बेची है। ये कार भी फरवरी महीने में बिकी थी। कंपनी ने हालांकि अभी ये घोषणा नहीं की है कि उसने मॉडल को बंद कर दिया है।

    टाटा मोटर्स ने बड़े जोर शोर से लखटकिया कार नैनो को लांच किया था लेकिन कार की क्वालिटी और परफारमेंस ऐसी रही कि आज इसको पूछने वाला कोई नहीं है।

    टाटा मोटर्स ने कहा कि नैनो को आगे जारी रखना संभव नहीं होगा क्योंकि नए सुरक्षा नियमों और BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा करने में कार सक्षम नहीं है। कंपनी ने साल 2008 में वाहन प्रदर्शनी के दौरान इस गाड़ी को पेश किया था। इसे लोगों को काफी उम्मीदें भी थी।