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जनरेटर चलाने के लिए अनुमति लेना जरूरी
रायगढ़। जिले के राजस्व सीमा के भीतर शासकीय गैर शासकीय परिसर में स्थापित उच्च दाब विद्युत स्थापना एवं 10 केवीए से अधिक क्षमता के जनरेटर सोलर स्थापना को चालू करने के पूर्व, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण सुरक्षा एवं विद्युत आपूर्ति के नियम विनिमय 2010 के प्रावधानों के अनुपालन हेतु राज्य शासन के सक्षम विद्युत निरीक्षक से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है। कार्यपालन अभियंता एवं संभागीय विद्युत निरीक्षक संभाग रायगढ़ ने जनसामान्य को जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा विनिमयो का अनुपालन किए बिना, प्रचालन करता हुआ स्थापना पाए जाने पर इसकी सूचना सक्षम निरिक्षालय की ओर प्रेषित किया जा सकता है। यदि कोई उपभोक्ता एवं अधिष्ठान का मालिक विनिमय के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति स्थापना को चालू करता है, तो उनके विरुध्द विनिमय के प्रावधानों के अनुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी एवं शासकीय राजस्व की क्षति पहुंचाने का प्रकरण तैयार किया जा सकेगा। -

फिर से सुर्खियों में है ये तहसील ! वार एसोशिएशन एक्शन मूड में आया और थाने में हो गया
जशपुर। अभी कुछ दिन पहले रिश्वत कांड को लेकर सोशल मीडिया में काफी चर्चा में रहने वाला तहसील कार्यालय कुनकुरी इस बार वकील और नायब तहसीलदार के बीच गाली गलौज और तू तू मैं मैं को लेकर बेहद चर्चा में है। इस मामले की ज्यादा चर्चा होने का कारण ये भी है कि तहसील कार्यालय का हो हल्ला ,वार एसोशियसन और बेंच को छलांग लगाकर सीधे थाने पहुँच गया है। थाना कुनकुरी के मुताबिक नजारियूस नाम के एक अधिवक्ता पर शराब पीकर नायब तहसीलदार कुनकुरी को कार्य करने के दौरान ही शराब के नशे में धुत्त नायब तहसीलदार अविनाश चौहान को गाली गलौज करने का आरोप है ।घटना तकरीबन 5 दिन पहले की है । प्रार्थी चौहान की शिकायत पर अधिवक्ता निजारियूस टोप्पो के विरुद्ध 186 आईपीसी और 294 का अपराध दर्ज कर लिया है।इस मामले में जब वार एशोसिएशन के अध्यक्ष आद्याशंकर त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगर अधिवक्ता से कोई शिकायत थी तो सबसे पहले बेंच और वार एशोसिएशन को इसकी औपचारिक जानकारी तहसीलदार को लिखित में देना था लेकिन न तो उस मामले की शिकायत बेच से की गई न वार से ।त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर उन्होने इस मामले में मध्यस्थता करने की कोशिश की थी लेकिन मामला थाना पहुंच गया ।इस मामले में वार के सदस्यों की एक बैठक जल्द बुलाई जाएगी और सदस्यों की सहमति के बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले तहसील के एक बाबू के द्वारा मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 3000 की रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया में कई दिनों तक धूम मचाता रहा और अभी वो मामला खत्म भी नही हुआ और इस मामले के फिर से आ जाने के बाद तहसील कुनकुरी एक बार फिर से चर्चा में है । ये है पूरी शिकायत …… मै वर्तमान में नायब तहसीलदार कार्यपालिक दण्डाधिकारी कुनकुरी के पद पदस्थ होकर कार्यरत हूं कि दिनांक 30.10.19 के दोपहर करीब 03.00 बजे अपने कार्यालय में शासकीय कार्य निष्पादन कर रहा था उसी समय नजारियुस टोप्पो अधिवक्ता कुनकुरी मेरे साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली गलौज कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाया है इस संबंध में एक लिखित आवेदन पत्र पेश करता हूं कार्यवाही चाहता हूं । नकल आवेदन जैल है प्रति, थाना प्रभारी कुनकुरी, जिला जशपुर (छ0ग0) विषय :- अधिवकता नजारियुस टोप्पो के विरूद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज कर कार्यवाही करने बावत । महोदय, उपरोक्त विषयांतर्गत लेख है इस न्यायालय में आज दिनांक 30.10.19 को राजस्व न्यायालय के रा.प्र.क्र.18/2018-19 आवेदक विरेन्द्र खेस्स पिता जोहन खेस्स विरूद्ध विक्टोर खेस्स पिता जोहन एवं अन्य 01 में नजारियुस टोप्पो अधिवक्ता शराब के नशे में उपस्थित हुए थे तथा उक्त प्रकरणों में वैधानिक तथ्यों को बताने के बजाय अभद्र व्यवहार एवं गाली गलौज करने लगे । उनके इस कृत्य से न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचा है तथा उस समय वहां उपस्थित अन्य पक्षकारों पर भी गलत प्रभाव पडा है । उस समय न्यायालय में भृत्य शारदा बाई एवं वाजिद नवाज एवं अन्य अधिवक्तागण उपस्थित थे । अधिवक्ता नजारियुस टोप्पो ने शराब पीकर न्यायालय में अभद्र व्यवहार गाली गलौज एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई है जो न्यायालय की अवमानना एवं दण्डनीय अपराध है । अत:अधिवक्ता नजारियुस टोप्पो के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट कायम करते हुए कार्यवाही करना सुनिश्चित करें । हस्ताक्षर अंग्रेजी में अस्पष्ट, 01.11.2019 नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी कुनकुरी, जिला जशपुर (छ0ग0) प्रतिलिपि:- 1.कलेक्टर महोदय जिला जशपुर (छ0ग0) को सादर सूचनार्थ । 2. पुलिस अधीक्षक महोदय को सादर सूचनार्थ । 3. अनुविभागीय अधिकारी महोदय राजस्व/ दण्डाधिकारी तहसील कुनकुरी जिला जशपुर (छ0ग0) । -

कार कंपनी हुंडई के खिलाफ देश में पहली बार दर्ज हुई एफआईआर
दिल्ली। मशहूर कार निर्माता कंपनी हुंडई पर देश में पहली बार एफआईआर दर्ज की गई है. कार कंपनी के खिलाफ दिल्ली में एफआईआर दर्ज की गई है।
दिल्ली पुलिस ने हुंडई मोटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने के चलते ये एफआईआर दर्ज की गई है. दरअसल कंपनी ने ग्राहकों से एक खास कंपनी की सीएनजी किट खरीदने को कहा था. कंपनी ने ऐसा न करने वालों को गाड़ी की वारंटी नहीं देने की बात कही थी.जिसके चलते एक ग्राहक की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और धारा 34 के तहत मामला दर्ज किया है. अब कंपनी ने कहा है कि वह इस मामले से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
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मुख्य सचिव ने जारी किया पत्र, मीडिया में बयान नहीं दे पाएंगे सरकारी अधिकारी-कर्मचारी
राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारी व अधिकारियों के लिए नया फरमान जारी किया है. सरकार के नए फरमान के मुताबिक अब सरकारी कर्मचारी या अधिकारी मीडिया में शासन के खिलाफ कोई भी बयान नहीं देंगे. अगर दिया तो उसे गैरकानूनी माना जाएगा और संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई होगी. राज्य सरकार की ओर से राज्य के सभी विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों को इस बारे में सतर्क किया गया है।
मुख्य सचिव असित त्रिपाठी ने राज्य के सभी विभागों को पत्र लिखकर कहा है कि ओडिशा के सरकारी कर्मचारी आचार संहिता 1959 के मुताबिक राज्य सरकार की आलोचना करना, सरकार के खिलाफ बयान देना, केंद्र राज्य के बीच तनाव पैदा करने वाला कोई वयान देना व वैदेशिक संपर्क में बाधा पहुंचाने जैसे बयान किसी भी कर्मचारी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
मुख्य सचिव के मुताबिक यह नियम पहले से है. लेकिन कई कर्मचारी इसका उल्लंघन करते हुए बयानबाजी कर रहे हैं. जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ती हैं. इसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है. इसलिए सरकारी कर्मचारियों को आगे बयान देने से पहले सावधानी बरतनी होगी. इसके लिए आम प्रशासन विभाग के मुख्य सचिव ने निर्देश जारी कर चुके हैं. मुख्यसचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ सभी विभाग के प्रमुख अधिकारी से इस बारे में बात कर चुके हैं. जिलों के जिलाधीशों को भी इस बारे में पत्र लिखा जा चुका है।
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रमन सिंह के बयान पर बिफरे CM भूपेश बघेल, कहा- उनके पास अलादीन का चिराग है, उन्हें प्रधानमंत्री बना देना चाहिए…
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को राज्य की तरक्की का अपनी 15 सालों की सरकार की कार्ययोजना का नतीजा बताया था. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस पर तंज कसते हुए कहा कि तब तो रमन सिंह को प्रधानमंत्री बना देना चाहिए. पांच साल में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में मंदी ला दिया है. रमन सिंह के पास अलादीन का चिराग है, जिससे वे मंदी को दूर कर देंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए रायपुर में आहुत कांग्रेस की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बहुत दुर्भाग्य की बात है कि उनकी नीतियों के कारण ही प्रदेश गरीब हुआ है. जब उनकी सरकार आई तो 36 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे थे. अब 40 प्रतिशत हो गया है. मान न्यूट्रीशन 37 प्रतिशत से ऊपर है. एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की 41.5 प्रतिशत है. तो इनके राज में गरीब और गरीब हुआ है. कमजोर और कमजोर हुआ है।
बता दें कि डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा में कहा था कि छत्तीसगढ़ जो आज तरक्की कर रहा है, यह भूपेश सरकार की वजह से नहीं है, ये बीते 15 सालों की कार्ययोजना का नतीजा है. 15 साल छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम दौर थे. 60 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया. इंफ्रास्ट्रक्चर में छत्तीसगढ़ ने काम किया. पावर हब बना. उन्होंने आरोप लगाया था कि बीते दस महीनों के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ भय और आतंक में डूब गया है।
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22 आईपीएस अफसरों का तबादला, एडीजी से लेकर आईजी, एआईजी और पुलिस अधीक्षकों का ट्रांसफर, देखिए सूची
रायपुर। भूपेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ी सर्जरी करते हुए 22 आईपीएस अधिकारियों के विभागों में व्यापक फेरबदल कर दिया है. जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है उसमें एडीजी से लेकर आईजी, एआईजी, एसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं. जिन अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया गया है, उसमें मुख्य रूप से एडीजी संजय पिल्ले, एडीजी अशोक जुनेजा, एडीजी पवन देव, आईजी हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर किया गया है।देखिये ट्रांसफर हुए अधिकारियों की पुरी सूची…



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भैय्या इस बैंक में पैसा जमा है तो तुरंत निकालें, दिवालिया होने की कगार पर खड़ी है बैंक
दिल्ली। देश में बैंकिंग सेक्टर के बुरे दिन आ गए हैं. ऐसा लगता है. एक के बाद एक बैंक दिवालिया होते जा रहे हैं और लोगों की मेहनत का पैसा डूबता जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार वित्तीय अनियमितताओं के चलते संकट में फंसी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन यानि कि डीएचएफएल के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी की जांच का आदेश दे सकती है. यदि ऐसा हुआ तो डीएचएफएल में एक लाख लोगों की जमा एफडी फंस सकती हैं।
कंपनी पर कुल 83,873 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. डीएचएफएल ने 25 ऐसी कंपनियों को 14 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बांटा है जिनका मुनाफा महज लाख रुपये था।
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निलंबित SP रजनेश सिंह को राहत… कैट ने कार्यवाही पर दिया स्टे
रायपुर। निलंबित SP रजनेश सिंह के विरुद्ध चल रही जाँच पर कैट ने स्टे दे दिया है। कैट ने विभागीय जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आदेश में लिखा है…
“प्रथम दृष्टया ही यह कार्यवाही नियम और प्राकृतिक न्याय के ख़िलाफ़ प्रतीत होती है”
कैट के रमेश सिंह ठाकुर की एकल सदस्यीय बेंच ने कार्यवाही पर स्थगन देते हुए प्रकरण की अगली तिथी 20 नवंबर घोषित की है।कैट ने विभागीय जाँच की प्रक्रिया को नियम विरुद्ध माना है और आरोप पत्र के साथ संबंधित अभिलेख नहीं दिए जाने के संबंधित कई अन्य ख़ामियों को गंभीर माना है।
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अमेजन’ ने लगाया भाजपा सांसद की बीवी को चूना, मोबाइल फोन की जगह भेजा ‘पत्थर’
दिल्ली। आजकल लोग आनलाइन शापिंग पर खूब भरोसा कर रहे हैं. इतना ही नहीं इनके चक्कर में लोगों को चूना भी लग रहा है. इसका ताजा शिकार भाजपा के सांसद की बीवी बन गई हैं।
दरअसल पश्चिम बंगाल के मालदा से बीजेपी सांसद खगेन मुरमू की बीवी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई हैं. खगेन मुरमू ने अपनी बीवी के लिए दीपावली के मौके पर अमेजन से सैमसंग मोबाइल फोन का ऑर्डर दिया था।
जब बीजेपी सांसद की बीवी ने मोबाइल फोन की डिलीवरी ली तो देखा कि कंपनी ने उन्हें सैमसंग मोबाइल फोन के बजाय रैडमी के डिब्बे में दो पत्थर भेज दिए हैं. भाजपा सांसद ने इस ठगी के मामले को लेकर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है।
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राज्य शासन ने पदोन्नति आरक्षण रोस्टर में संशोधन के संबंध में जारी किए निर्देश
रायपुर। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा (पदोन्नति) नियम -2003 के अपास्त किए गए नियम-5 के स्थान पर प्रतिस्थापित नए नियम-5 एवं नियम-9 की अनुसूची-3 में निर्धारित 100 बिन्दु आरक्षण रोस्टर में संशोधन संबंधी अधिसूचना के संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी निर्देशानुसार प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए निर्धारित 100 बिन्दु मॉडल आरक्षण रोस्टर को भी संशोधित आरक्षण के अनुसार संशोधित किया गया है. राजपत्र में प्रकाशित 22 अक्टूबर 2019 द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा पदोन्नति नियम-2003 में माननीय न्यायालय द्वारा अपास्त किए गए नियम-5 के स्थान पर नया नियम-5 प्रतिस्थापित किया गया है. संशोधित नियम-5 में पदोन्नति में अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के लिए 32 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है.सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासन के समस्त विभाग प्रमुखों से कहा गया है कि संशोधित पदोन्नति नियम-5 के अनुसार पदोन्नति की कार्यवाही करने के पूर्व विभाग द्वारा प्रत्येक संवर्ग में पूर्व में संधारित किए जा रहे आरक्षण रोस्टर में वर्तमान में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम नए आरक्षण रोस्टर में उसी क्रम में उनके प्रवर्ग के बिन्दुओं पर अंतरित कर लिए जाए. नए आरक्षण रोस्टर में नाम अंतरण के दौरान कोई भी अनारक्षित बिन्दु रिक्त नहीं रखा जाए. अनारक्षित रिक्त बिन्दु के विरूद्ध आरक्षित प्रवर्ग के आगामी अधिकारी-कर्मचारी का नाम दर्शाया जाए एवं ऐसे आरक्षित प्रवर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों को भविष्य में उनके प्रवर्ग के अधिकारी-कर्मचारी की पदोन्नति, सेवानिवृत्ति या अन्य कारण से रिक्त होने वाले बिन्दु के विरूद्ध समायोजित किया जाए। अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम नए रोस्टर में अंतरित होने के पश्चात ही नए रोस्टर के आगामी रिक्त बिन्दु से पदोन्नति की आगामी कार्यवाही संशोधित ‘‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा (पदोन्नति) नियम-2003‘‘ के प्रावधानों के अनुसार की जाए।