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  • एसएसपी के मोबाइल पर गनमैन को किसने दी जान से मारने की धमकी

    एसएसपी के मोबाइल पर गनमैन को किसने दी जान से मारने की धमकी

    एसएसपी के गनमैन को जान से मारने की धमकी मिली है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली के एक वकील ने एसएसपी के मोबाइल पर गनमैन यह धमकी दी है। गनमैन की शिकायत पर गोल बाजार पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरू कर दी है।

    इस संबंध में गोल बाजार पुलिस ने बताया कि गुरुवार को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच रायपुर एसएसपी आरिफ शेख अपने ऑफिस से जयस्तंभ चौक होते हुए गांधी चौक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल में एक व्यक्ति ने फोन किया। एसएसपी दूसरे नंबर पर व्यस्त थे। इस कारण उन्होंने फोन अपने गनमैन दिनेश साहू को दे दिया। दिनेश ने उससे बात की।

    इस दौरान कॉल करने वाले ने दिनेश को जान से मारने व देख लेने की धमकी थी। और कॉल काट दिया। इसकी जानकारी दिनेश ने एसएसपी को दी। इसके बाद दिनेश ने फोन करने वाले के खिलाफ गोलबाजार थाने में शिकायत की। शिकायत के आधार पर गोलबाजार पुलिस ने आरोपी मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ धारा 189 और 507 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। एफआईआर के बाद पूरे मामले की साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फोन करने वाले के बारे में पता चला है कि वह दिल्ली का एक वकील है। हालांकि पुलिस इसे अभी सही नहीं मान रही। आशंका है कि धमकी देने वाले ने किसी और नाम से मोबाइल नंबर सेव करके रखा होगा। फिलहाल साइबर सेल के अलावा गोलबाजार की पुलिस भी इसकी जांच में जुटी है।

  • IPS उदय किरण को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

    IPS उदय किरण को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

    रायपुर। महासमुंद पदस्थापना के दौरान तत्कालीन विधायक से विवाद के बाद सुर्ख़ियों में आए IPS उदय किरण को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली हुई है। महासमुंद पदस्थापना के दौरान तत्कालीन विधायक से विवाद के बाद IPS उदय किरण के विरुद्ध हाईकोर्ट में रिट दायर किया गया था, जिसमें हाईकोर्ट ने अपराध दर्ज किए जाने के निर्देश दिए थे। IPS उदय किरण ने इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सुको ने स्टे दे रखा है।

    जस्टिस इंदू मल्होत्रा और जस्टिस एम आर शाह की संयुक्त बेंच ने यह स्थगन आदेश बीते 3 जून को दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के द्वारा रिट क्रमांक 480/2019 पर बीते 12 मार्च 2019 के जारी आदेश पर रोक लगा दिया है।

    दरअसल इस आशय की खबरें वायरल की जा रही थीं कि, IPS उदय किरण के विरुद्ध अपराध दर्ज हो गया है, और वे निलंबित भी हो सकते हैं।इन वायरल खबरों का आधार हाईकोर्ट का वही आदेश
    बताया गया था, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय का स्थगन मिला हुआ है।

    यह था पूरा मामला

    आपको बता दें कि गेट तोड़ने के एक विवाद से पूरा प्रकरण शुरू हुआ था। मिनी स्टेडियम के हैण्डबॉल फील्ड के गेट तोड़ने को लेकर कोच अंकित ने कुछ बच्चों को मारा था, जिसके बाद थाने से पहुंचे एसआई ने कोच अंकित की दो थप्पड़ रसीद दिये। बाद में तत्कालीन विधायक भी मौके पर पहुंचे और फिर विरोध प्रदर्शन और पुलिसकर्मियों के साथ वाद-विवाद शुरू हो गया। इस घटना के बाद लाठी चार्ज कर दिया गया, जिसमें विधायक सहित 10 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, वहीं कुछ पुलिसकर्मी भी पत्थरबाजी में चोटिल हुए थे।

  • भाजपा स्टार प्रचारक नहीं बनाने पर पूर्व सीएम रमन सिंह का करारा जवाब, कहा- छत्तीसगढ़ और हमारी चरित्र हत्या करना चाहते हैं…

    भाजपा स्टार प्रचारक नहीं बनाने पर पूर्व सीएम रमन सिंह का करारा जवाब, कहा- छत्तीसगढ़ और हमारी चरित्र हत्या करना चाहते हैं…

    रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का नाम महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं होने पर बयानबाजी हो रही है. रमन सिंह ने कहा कि तमाम आरोपों और झूठी बातें करके अगर मुख्यमंत्री भूपेश छत्तीसगढ़ और हमारी चरित्र हत्या करना चाहते हैं तो इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर रमन सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि स्टार प्रचारकों की सूची में किसका नाम होना है यह केंद्र तय करती है. रमन सिंह का नाम नहीं होने पर मुख्यमंत्री को आखिर परेशानी क्यों हो रही है ?


    पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इसमें मुख्यमंत्री को दुखी होने की क्या जरूरत है ? मुझे छत्तीसगढ़ के चुनाव अभियान में रहना है कि से कहां जाना है यह भूपेश बघेल या रमन तय नहीं करते है. यह पार्टी तय करती है.
    उन्होंने कहा कि चावल बांटने की योजना की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है. इन योजनाओं का क्रियान्वयन देशभर में हुआ है।

  • छोटे भूखण्डों की रजिस्ट्री से लोगों को बड़ी राहत, एक जनवरी से अब तक 74,673 छोटे-भूखण्डों का हुआ पंजीयन

    छोटे भूखण्डों की रजिस्ट्री से लोगों को बड़ी राहत, एक जनवरी से अब तक 74,673 छोटे-भूखण्डों का हुआ पंजीयन

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में छोटे भूखण्डों के पंजीयन शुरू करने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। इस व्यवस्था से भू-खण्ड खरीदने और बेचने वाले दोनो पक्ष बड़ी राहत महसूस कर रहे है। छत्तीसगढ़ सरकार के छोटे भूखण्डों के पंजीयन व्यवस्था के तहत इस साल एक जनवरी से 11 अक्टूबर तक 74 हजार 673 दस्तावेजों का पंजीयन किया जा चुका है। इससे छोटे भूखण्ड धारियों को बहुत लाभ हुआ है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 25 जुलाई 2019 से गाइड-लाइन दर में 30 प्रतिशत की कमी भी की गई। गाइड लाइन में कमी करने से 25 जुलाई से 11 अक्टूबर 2019 तक राज्य में 44 हजार 368 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है तथा 252.70 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि पिछले साल इसी अवधि में 29 हजार 744 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था तथा 155 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था।राज्य सरकार द्वारा मकान के विक्रय पर पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की छूट दी गई। जिसके तहत 1 अप्रैल से 11 अक्टूबर 2019 तक एक लाख 26 हजार 639 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है तथा 621.56 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि विगत वर्ष इसी अवधि में 96 हजार 193 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था तथा 427.57 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। राज्य शासन ने पंजीयन की ऑनलाईन व्यवस्था की भी शुरूआत की है इससे पंजीयन का कार्य पहले की तुलना में बहुत आसान हुआ है साथ ही इससे पारदर्शिता भी बढ़ी है साथ ही पक्षकारों को उसी दिन पंजीयन कर दस्तावेज प्रदाय किया जा रहा है। ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया में ई-स्टाम्प सुविधा का विस्तार किया गया है, इससे आम जनता को सभी मूल्यों के सभी प्रकार के स्टाम्प 1061 केन्द्रों से आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ई-पंजीयन प्रणाली में नेटवर्क प्रमुख समस्या रही है। इसके निराकरण के लिए बीएसएनएल के नेटवर्क में सुधार किया गया है, इससे अब नेटवर्क स्लो की समस्या दूर हो गई है। बीएसएनएल केबल कट की समस्या के निराकरण के लिए एयरटेल से वैकल्पिक कनेक्शन भी आगामी एक माह में चालू हो जाएगा, इससे यह समस्या भी दूर हो जाएगी। प्री रजिस्ट्रेशन प्रावधान को सॉफ्टवेयर में लागू कर दिया गया है। अक्टूबर माह में सभी उप पंजीयक स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान कर इसकी सुविधा सभी आमजन को मिलने लगेगी। इस व्यवस्था के तहत कोई भी पक्षकार घर बैठे अपने दस्तावेज अपलोड कर उप पंजीयक कार्यालय में उपस्थित होने हेतु अपॉइंटमेंट ले सकेगा, जिससे काफी कम समय में दस्तावेज का पंजीयन हो जाएगा। उप पंजीयन कार्यालयों में तथा पक्षकारों के लिए सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। यहां सर्वसुविधायुक्त प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल आदि सुविधाएं विकसित की जा रही है।
  • कलेक्टरों को अब करना होगा छात्रों के साथ मध्यान्ह भोजन, सीएम भूपेश बघेल ने जारी किया निर्देश

    कलेक्टरों को अब करना होगा छात्रों के साथ मध्यान्ह भोजन, सीएम भूपेश बघेल ने जारी किया निर्देश

    रायपुर। देश के कई हिस्सों में मध्यान्ह भोजन में गड़बड़ी की आ रही खबरों के बीच सीएम भूपेश बघेल ने कलेक्टरों को छात्रों के साथ ही भोजन करने के निर्देश दिये हैं. सीएम ने यह निर्देश मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर जारी किया गया है.सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर आवासीय शालाओं, छात्रावासों और आश्रमों में सभी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी शैक्षणिक आवासीय परिसरों के निरीक्षण के लिए रोस्टर और चेकलिस्ट तैयार करने तथा कलेक्टरों को भी स्वयं आकस्मिक निरीक्षण करने कहा है।

    मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को लिखे पत्र में कहा है कि वे आने वाले समय में स्वयं आश्रमों और छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। वहां भोजन की गुणवत्ता जांचने छात्रों के साथ भोजन भी करेंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा है कि शासकीय आश्रमों, छात्रावासों एवं अन्य आवासीय शालाओं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन परिसरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने सरकार द्वारा पर्याप्त आवंटन दिया जाता है। अनेक स्थानों से यह जानकारी मिली है कि इन परिसरों में सामान्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और रखरखाव पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे शासकीय परिसरों में रहने वाले छात्रों के प्रति संवदेनशीलता रखें और उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनके लिए अपेक्षित सभी सुविधाएं उन्हें निरंतर मुहैया कराने के लिए विशेष प्रसास करें।

    मुख्यमंत्री ने छात्रावासों में साफ-सफाई, रंग-रोगन, बच्चों के कपड़े, गद्दे, तकिए, चादर, टेबल, कुर्सी, पलंग, प्रकाश व्यवस्था, किताबें, कम्प्यूटर, इनवर्टर, फर्स्ट एड, टेलीविजन और गुणवत्तायुक्त भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को आवासीय शालाओं में विद्यार्थियों के रहने के लिए गरिमापूर्ण व्यवस्था करने कहा है जिससे कि उन्हें पढ़ाई का अनुकूल वातावरण मिल सके और वे उत्कृष्ट नागरिक बन सकें।

  • सवाल सुनकर भड़के शिक्षामंत्री…कोई दुकानदारी नहीं…सब नियम से हो रहा…मंत्री हटाना,बनाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार

    सवाल सुनकर भड़के शिक्षामंत्री…कोई दुकानदारी नहीं…सब नियम से हो रहा…मंत्री हटाना,बनाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार

    बिलासपुर—-  स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम आज अल्पप्रवास पर बिलासपुर रूके। इस दौरान पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होने कहा मंत्रीमण्डल में फेरबदल या मंत्री हटाने और बनाने का मुख्यमंत्री को विवेकाधिकार है। ओएसडी से मोहभंग नहीं हुआ है। सरकार पांच साल चलेगी। पुरानी सरकार के चलते ही शिक्षा विभाग पर लोड है। स्थानांतरण प्रक्रिया को दुकानदारी नहीं कह सकते है। इसके बाद मंत्री ने बीच में ही सवाल जवाब छोड़कर चले गए।

    स्कूली शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम आज अल्प प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे। उन्होने बताया कि विभाग में सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है। सरकार को किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। एक सवाल के जवाब में प्रेमसाय सिंह ने बताया कि मंत्रीमंडल में फेरबदल या हटाने रखने का मुख्यमंत्री को विवेकाधिकार है। मैं कैसे बताउं की मंत्रीमंडल में फेरबदल या हटाने रखने की बात हो रही है।

    जिले में शिक्षक ज्यादा हो गए हैं..एक जगह तीन तीन शिक्षक हो गए हैं। सब कुछ अव्यवस्थित हो गया है। कैसे व्यवस्थित करेंगे। सवाल के जवाब में प्रेमसाय ने कहा कि सारी परेशानी पुरानी सरकार की दी हुई है। पन्द्रह साल का लोड है…जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। लोग स्थानांतरण चाहते थे। इसलिए लोगों का स्थानांतरण किया गया।

                 आखिर पन्द्रह साल का लोड कैसे हुआ। आपके विभाग ने ही तो एक पद पर तीन शिक्षक भेजे हैं। क्या स्थानांतरण को दुकान बना दिया गया है। सवाल सुनते ही शिक्षा मंत्री भड़क गए। उन्होने कहा कि दुकानदारी या उद्योग नहीं चल रहा है। सामान्य प्रक्रिया के तहत स्थानांतरण हुआ है।

  • शराब के दामों को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने लगाए अपनी ही सरकार पर आरोप

    शराब के दामों को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने लगाए अपनी ही सरकार पर आरोप

    रायपुर। प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कन्हैया अग्रवाल ने आबकारी आयुक्त को पत्र लिख करशराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर शराब बेचे जाने की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही है। इस मामले की जानकारी देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि अवैध शराब बेचने वाले कोचियों को भी शराब दुकान का संचालन करने वाली प्लेसमेंट एजेंसी के द्वारा ही शराब की सप्लाई दिया जा रहा है कर्मचारी निर्धारित मात्रा से कई गुना ज्यादा शराब उपलब्ध करा रहे हैं। शराब दुकानों में कार्य करने वाली कंपनी शासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन कर रही है।

    कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि इस संदर्भ में मैंने आबकारी आयुक्त को पत्र द्वारा मामले की जानकारी दिया हु लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई ये चिंतनीय विषय है शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य सूची का बड़ा बोर्ड लगाने के बाद भी ज्यादा रेट लेने की शिकायत प्राप्त हो रही है जिस पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत की शराब दुकानों में कई जगह शराब पिलाने की सुविधा के लिए अहाता खुले हुए हैं। दुकानों में आहातो को विभाग के द्वारा लाइसेंस नहीं दिया गया है। यह आहते अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। यदि अहाता अवैध है तो उसे बंद कराने का अब तक कार्यवाही नहीं किया जाना चिंतनीय है।

  • एडिशनल एसपी ऋचा मिश्रा के खिलाफ रायपुर में एफआईआर दर्ज

    एडिशनल एसपी ऋचा मिश्रा के खिलाफ रायपुर में एफआईआर दर्ज

    रायपुर। राजधानी की कोतवाली पुलिस में बिलासपुर की अधिवक्ता और चर्चित एक्टिविस्ट प्रियंका शुक्ला ने दूर्ग रेंज में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋचा मिश्रा और रायपुर निवासी ममता शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कोतवाली पुलिस ने एडिशनल एसपी ऋचा मिश्रा और ममता शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।


    कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में उल्लेख है कि, दिनांक12 अक्टूबर की शाम 5 बजे श्रीमती प्रियंका शुक्ला अपने अधिवक्ता साथियों के साथ अपने मुवक्किल अंजलि जैन से मिलने जिला अस्पताल कालीबाड़ी रायपुर स्थित सखी सेंटर गई थी वहां ममता शर्मा एवं ऋचा मिश्रा पहले से ही मौजूद थे, वह मुझे देख कर बाहर आए और पूछने लगे कि तुम कौन हो अंजलि से तुम्हारा क्या काम है तुम शासकीय या प्राइवेट व्यक्ति हो कोर्ट के आदेश अनुसार तुम अंजलि से नहीं मिल सकते हो उसके माता-पिता ही मिल सकते हैं। मेरे द्वारा पूछने पर कि आप लोग कौन हैं क्या आप शासकीय हैं कहने पर ऋचा मिश्रा एवं ममता शर्मा ने मुझे गंदी गंदी गालियां देते हुए हाथ मुक्का से मारपीट करते हुए तुम जबरदस्ती मिलोगे तो जान से मार देंगे कहते हुए धक्का-मुक्की करने लगे तथा मेरे हाथ में रखे मोबाइल को लूटने की कोशिश भी करने लगे। ममता शर्मा बोलने लगी कि इसे अंदर कराओ पुलिस अधिकारी के ऊपर हाथ उठा रही है कहते हुए दोनों बांह को पकड़कर घसीटने लगे, घसीटने एवं मारपीट करने से मेरे बाएं हाथ कलाई कंधे में दर्द हो रहा है।


    पुलिस को दिए आवेदन मे उल्लेख है कि,अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला जिस पीड़िता से मिलने गईं थी, वो लगातार रो रही थी और उसे उक्त दोनों के द्वारा धमकाया जा रहा था।
    अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका शुक्ला ने बताया
    “मैं वहाँ जो कुछ हुआ उससे हतप्रभ हूँ.. मुझे मारते हुए अंदर खींचने और मोबाईल छिनने की कोशिश हुई क्योंकि जो कुछ हुआ उसकी मै रिकॉर्डिंग कर रही थी,मैं उस पीड़िता से मिलने गई थी, उस समय ऐसा करना स्तब्ध करता है”
    कोतवाली पुलिस ने प्रियंका शुक्ला के आवेदन पर 12 अक्टूबर की शाम 7 बजे अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक ऋचा मिश्रा और रायपुर निवासी ममता शर्मा के खिलाफ भादवि की धारा 294, 506, 323, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

  • मोनेट के कर्मचारी पर जुर्म दर्ज…. मां दुर्गा पर की थी आपत्तिजनक पोस्ट

    मोनेट के कर्मचारी पर जुर्म दर्ज…. मां दुर्गा पर की थी आपत्तिजनक पोस्ट

    रायगढ़। फेसबुक में हिंदुओं की आराध्य देवी मां दुर्गा पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले मोनेट कर्मी के विरुद्ध भूपदेवपुर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। राजू एस पाटिल जो कि मोनेट इस्पात कम्पनी नहरपाली का कर्मचारी है उसके द्वारा मां दुर्गा पर आपत्तिजनक व अश्लील टिप्पणी करने पर आपत्ति व्यक्त कर कार्यवाही करने हेतु जनकारवां सहित अनेकों सामाजिक संगठन तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा जिले के कप्तान सहित थानों में आवेदन दिया गया था, जिसके बाद आरोपी ने चक्रधरनगर थाने में लिखित में माफीनामा देकर कानूनी कार्यवाही से बचने का भी प्रयास किया था लेकिन जिले के संवेदनशील पुलिस कप्तान के निर्देश पर आज दिनांक 12.10.19 को थाना भूपदेवपुर में राजू एस पाटिल के विरूद्ध अप.क्र. 176/19 धारा 295-A IPC , 67 IT Act. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया और मामले की विवेचना प्रारम्भ कर दी गयी है ।

    खरसिया एसडीओपी पी एस पटेल
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