जशपुर। जिले के कुनकुरी नायब तहसीलदार ने एक अधिवक्ता के खिलाफ गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए कुनकुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया है।
कुनकुरी थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 30 अक्टूबर के दोपहर करीब 3 बजे नायब तहसीलदार अपने कार्यालय में शासकीय कार्य कर रहे थे. उसी समय अधिवक्ता नजारियुस टोप्पो ने शराब के नशे में अभद्र व्यवहार एवं गाली गलौज कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाया है. अधिवक्ता के साथ आवेदक विरेन्द्र खेस्स अपने प्रकरण के मामले में आया था. प्रकरणों में वैधानिक तथ्यों को बताने के बजाय अभद्र व्यवहार करने लगे.नायब तहसीलदार का कहना है कि अधिवक्ता के इस कृत्य से न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचा है और वहां उपस्थित अन्य पक्षकारों पर भी गलत प्रभाव पड़ा है. अधिवक्ता नजारियुस टोप्पो ने शराब पीकर न्यायालय में अभद्र व्यवहार गाली गलौज एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई है, जो न्यायालय की अवमानना एवं दण्डनीय अपराध है।
रायपुर। भाजपा अध्यक्ष हनीट्रैप के शिकार हुए हैं. एक महिला के साथ उनका अश्लील वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है. जिसकी जांच वे निजी स्तर पर करा रहे हैं. गोपाल टंडेल ने इस मामले में किसी तरह की शिकायत से इनकार किया है. लेकिन वीडियो वायल होने के बाद भाजपा में हड़कंप जरूर मच गया है. 36 सेकंड के इस वीडियो में वो एक महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में नजर आ रहे हैं।
दरअसल गुजरात के दमण के भाजपा अध्यक्ष गोपाल टंडेल का इन दिनों सोशल मीडिया में एक महिला के साथ अश्लील वीडियो वायरल किया जा रहा है. इस वीडियो में टंडेल, महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस अश्लील वीडियो को वायरल करने के पीछे एक हनीट्रैप ग्रुप की कारस्तानी मानी जा रही है।
चर्चा है कि वीडियो के बदले रकम नहीं मिलने पर वीडियो को सार्वजनिक कर दिया. इसके वायरल होने के बाद गोपाल ने अपना मोबाइल बंद कर दिया लेकिन इससे पहले उन्होंने किसी तरह की शिकायत से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वे अपने स्तर पर इसकी जांच करा रहे हैं।
गौरतलब है कि सूरत के कांग्रेस नेता दिनेश काछडिया का अश्लील वीडियो भी इसी तरह कुछ समय पहले वायरल किया गया था. काछडिया ने वीडियो के बदले किसी तरह की रकम देने से साफ इनकार कर दिया था. माना जा रहा है कि हनीट्रेप चलाने वाले गिरोह ने रकम नहीं मिलने के बाद यह वीडियो वायरल किया है।
व्हाट्सएप्प और अन्य सोशल मीडिया के जरिये सरकार द्वारा की गई कथित जासूसी के गिरफ्त में छत्तीसगढ़ और रायगढ़ के भी कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम सामने आने की खबर है।
बताया जाता है कि रायगढ़ निवासी व पीयूसीएल के अध्यक्ष डिग्री चौहान, सामाजिक कार्यकर्ता बेल भाटिया, सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने वाली व पीयूसीएल के सचिव शालिनी गेरा का भी नाम सामने आ रहा है।
देश के करीब 15 लोगों के नाम अब तक सामने आए हैं जिनके साथ यह खेल खेला गया है। मानवाधिकार व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसके लिये सीधे सरकार को जिम्मेदार माना है, उनका कहना है कि जासूसी सॉफ्टवेयर जिसे इज़राइल ने ईजाद किया है के अनुसार यह जासूसी सॉफ्टवेयर सिर्फ सरकारों को दी जाती है। किसी संस्था को यह सॉफ्टवेयर नहीं दी जा सकती। हालांकि सरकार ने व्हाट्सएप्प द्वारा किसी की जासूसी किये जाने के आरोपों का खंडन किया है।यह बात तब सामने आई जब लोगों के पास व्हाट्सएप्प ने मैसेज भेजकर यह बताया कि आपके व्हाट्सएप्प को हैक किये जाने का प्रयास हो रहा है। इसके अलावा टोरेंटो से कॉल के द्वारा भी यूज़र्स को सचेत किया गया। यही नहीं व्हाट्सएप्प की ओर से अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के एक अदालत में इस जासूसी के खिलाफ केस भी दायर किया गया है।
पीयूसीएल के अध्यक्ष डिग्री चौहान ने कहा कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। हमें सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ बोलने की आजादी है, यह आज़ादी हमें लोकतंत्र ने दी है ऐसे में सरकार की ओर से इस तरह की जासूसी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम चूंकि आदिवासियों और दलितों के लिए काम करते हैं इसलिए हमें टारगेट किया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया और शालिनी गैरा के अलावा कुछ और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कहा है कि उनके व्हाट्सएप्प पर ऐसे मैसेज आये हैं।
व्हाट्सएप्प जासूसी कांड के शिकार सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बातचीत के दौरान इसे सर्विलांस नहीं बल्कि षड्यंत्र का हिस्सा बताया है।
छत्तीसगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला, शालिनी गेरा और बेला भाटिया से बातचीत से मिली जानकारी के बाद और जानना चाहा कि यदि सरकार यह जासूसी करवा रही है तो आप उनके टारगेट में क्यों हैं ?
सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला ने कहा कि हम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हैं, अडानी जैसे औद्योगिक घरानों के आतंक के खिलाफ हैम सरगुजा में खड़े हैं ऐसे में सरकार को यह लगता है कि इनकी जासूसी कर इन्हें अपने ग्रिप में लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम अपनी लड़ाई खुलेआम लड़ रहे हैं, लोगों के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं लेकिन हमारी जासूसी करना हमारे निजता के अधिकार का उलंघन है जिसे हमें संविधान ने दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी इसे सरकारी इस्तेमाल के लिए होना बात रही है उससे साफ जाहिर है सरकार को हमारी आवाज जो जनहित में है रास नहीं आ रही है ।
पीयूसीएल के सचिव शालिनी गेर ने मुनादी को बताया कि ज्यादातर वे लोग इस सॉफ्टवेयर की चपेट में आये हैं जो भीमा कोरेगांव केस से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब पूरा मोबाइल पर उनका अदृश्य कब्जा है तो वे कुछ भी करके हमें फंसा सकते हैं। किसी को मेल कर सकते हैं, किसी को कुछ भी उल्टा पुल्टा संदेश भेज सकते हैं और फिर हमसे पूछा जाएगा कि आपने ऐसा कैसे किया ? जबकि हमें पता भी नहीं चलेगा कि यह कैसे हो गया। अब सरकार किसी को फंसाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकती है। ऐसे में जबकि हम अपने मोबाइल से बैंकिंग भी करते हैं हो सकता है वह भी कभी टारगेट में आ जाय और हमारा पैसा गायब हो जाय। सरकार का यह तरीका हमारे अधिकारों का हनन और षड्यंत्रपूर्वक किया गया कृत्य लगता है।
बस्तर में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली बेल भाटिया ने कहा कि हमारा कोई भी काम छुपा हुआ नहीं होता, हम खुलकर मानवाधिकारों के लिए काम करते हैं और मानवाधिकार के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी न सिर्फ निजता के अधिकारों का हनन है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात भी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि केंद्र सरकार यह साफ कर की की क्या उसने इस्रायल से #pegasus सॉफ्टवेयर खरीद है या नहीं। यह ज्यादा खतरनाक है क्योंकि सभी जानते हैं कि इस्रायल ने किस तरह पिलिस्तीनिओं के खिलाफ मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई है।
बहरहाल सरकार के तमाम खंडन के बाद भी यह मामला उनका पीछा छोड़ते नहीं दिख रहा है। इस मामले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी तंज कसा है और इस बीच सरकार ने भी व्हाट्सएप्प से सफाई मांगी है लेकिन सरकार फिर भी इस विवाद के केंद्र में आ गयी है।
दिल्ली। टेलीकाम सेक्टर में चल रही प्रतिस्पर्धा के चलते पहले सस्ती कॉल रेट आई. इसके बाद फ्री में कॉल करने की सुविधा आई. अब कॉल करने पर पैसा मिलने की सुविधा भी आ गई है, हालांकि यह सुविधा रिलायंस जियो ने नहीं सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड ने दी है. कंपनी के इस प्लान से अन्य मोबाइल कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है. इस नए प्लान के अनुसार बीएसएनएल अब उन लोगों को 6 पैसे प्रति काल देगा जो 5 मिनट से ज्यादा की कॉल करेंगे।
रिलायंस जियो को मिलेगी टक्कर हाल ही में रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों से दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने पर प्रति कॉल 6 पैसे लेने का फैसला किया है. लेकिन दूसरी तरफ बीएसएनएल ने यह नया प्लान जारी कर दिया है. कंपनी के इस प्लान से जियो सहित अन्य मोबाइल कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की आशंका है. अब बीएनएनएल के जो भी कस्टमर 5 मिनट से ज्यादा समय की कोई भी कॉल करेंगे तो उन्हें कंपनी ऐसी प्रति काल के बदले 6 पैसे प्रति कॉल के हिसाब से भुगतान करेगी. किसको मिलेगा इस तरह की कॉल का फायदा बीएनएनएल अपने सभी ग्राहकों को यह ऑफर दे रहा है. इसका फायदा बीएसएनएल वायर लाइन, ब्रॉडबैंड और एफटीटीएच ग्राहकों को मिलेगा. उम्मीद है कि आर्थिक दिक्कत में चल ही बीएसएनएल को इस नए प्लान से ज्यादा ग्राहक और रेवेन्यू मिल सके.
इस टोल फ्री नंबर पर ले सकते हैं जानकारी
BSNL ने अपने यूजर्स के लिए नए ऑनलाइन पोर्टल की भी घोषणा की है. यही नहीं, यूजर्स की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 18003451500 की भी घोषणा की है, ताकि यूजर्स कनेक्शन लेने से पहले सारी प्रक्रिया को जान सके. बीएसएनएल का एक और अच्छा प्लान बीएसएनएल का एक और अच्छा प्लान बीएसएनएल लगातार नए नए प्लान के जरिए उपभोक्ताओं को लुभाने में लगा है. बीएसएनएल ने 108 रुपये का फर्स्ट रिचार्ज प्लान पेश किया है. इस प्लान में उपभोक्ताओं को 180 दिनों की वैधता और 28 दिनों के लिए फ्री कॉलिंग, डेटा और एसएमएस की सुविधा दी जा रही है।
आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही है BSNL
बीएसएनएल इन दिनों आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही है. सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 69,000 करोड़ रुपये का एक विशेष पैकेज भी मंजूरी किया है. इसमें दोनों कंपनियों का मर्जर, संपत्तियों की बिक्री या लीज पर देना, कर्मचारियों के लिये वीआरएस की पेशकश जैसी बातें शामिल हैं।
दिल्ली। देशभर के पत्रकारों को केंद्र सरकार ने एक खास ‘तोहफा’ दिया है।
दरअसल, सरकार ने ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में संशोधन कर दिया है। इसके बाद अब यह देशभर के सभी पत्रकारों के लिए लागू हो गई है। इस योजना का लाभ यह है कि यदि किसी पत्रकार का निधन हो जाता है अथवा किसी कारण से वह दिव्यांग हो जाता है तो सरकार की ओर से उस पत्रकार के आश्रितों को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, इलाज के लिए भी पत्रकार को सरकार पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी।
संशोधन के तहत अब इस योजना में केंद्र या राज्य सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार होने का कोई बंधन नहीं है। वहीं, वेब और टीवी पत्रकारों को भी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा। सभी अखबारों के संपादक, उप संपादक, रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कैमरामैन, फोटो पत्रकार, फ्रीलांस जर्नलिस्ट, अंशकालिक संवाददाता और उन पर आश्रित परिजनों को भी इस योजना के दायरे में रखा गया है। इसका लाभ उन्हीं पत्रकारों को मिलेगा, जिन्होंने कम से कम पांच साल तक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दी होंगी।
बता दें कि इस योजना को केंद्र सरकार ने फरवरी 2013 में लागू किया था, लेकिन अब इसमें संशोधन किया गया है। इस योजना की पात्रता के लिए एक समिति भी गठित की गई है। इस समिति के संरक्षक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री होंगे। विभाग के सचिव अध्यक्ष होंगे और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उप सचिव अथवा निदेशक सदस्य इसके संयोजक होंगे। यह समिति पीड़ित पत्रकार या फिर उनके परिजनों के आवेदन पर विचार करेगी और उसके बाद आर्थिक सहायता देने का फैसला लेगी।
इस बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे लिंक दी जा रही है उसे क्लिक करके देखें अथवा महानिदेशक (मीडिया एवं संचार), प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो, ‘ए’ विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली -110001 से भी संपर्क किया जा सकता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पत्रकार अथवा उनके परिजन निर्धारित फॉर्म पर अपने आवेदन दिए गए पते पर भेज सकते हैं। इस फॉर्म का नमूना प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की वेबसाइट pib.nic.inपर उपलब्ध है।
सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वीकार किया कि वह जासूसी करा रही है. फोन टैपिंग करने से बड़ा अपराध क्या हो सकता है? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने लिखकर दिया है कि हम फोन टैपिंग कर रहे थे, भविष्य में नहीं करेंगे. यह बात पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कही.
रायपुर। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ जो आज तरक्की कर रहा है, यह भूपेश सरकार की वजह से नहीं है, ये बीते 15 सालों की कार्ययोजना का नतीजा है. 15 साल छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम दौर थे. 60 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया. इंफ्रास्ट्रक्चर में छत्तीसगढ़ ने काम किया. पावर हब बना. सरगुजा-बस्तर में नए मेडिकल कॉलेज बने. आदिवासी इलाकों को एजुकेशनल हब बनाया।
उन्होंने कहा कि 15 सालों तक छत्तीसगढ़ को सजाया, संवारा गया. नगरीय निकायों, महिलाओं को अधिकार दिया. जब कहा जाता है कि 15 सालों में छत्तीसगढ़ पिछड़ गया है. मैं बता दूं कि आरबीआई गवर्नर ने ये कहा था कि सामाजिक क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दस महीनों के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ भय और आतंक में डूब गया है।
डॉ. रमन सिंह ने नई उद्योग नीति पर कहा कि सिर्फ नीति बनाने से कुछ नहीं होता. बेहतर वातावरण बनाना होता है. मुझे नहीं लगता कि आने वाले तीन-चार सालों में छत्तीसगढ़ में कोई उद्योग आएगा. नक्सलवाद के मसले पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दौरान बस्तर से नक्सलवाद के खात्मा के लिए काम शुरू किया था. केंद्र का भी बहुत सहयोग मिला, यदि आज भी नक्सलवाद के खात्मा के लिए सरकार सकारात्मक प्रयास जारी रखेगी तो जल्द ही राज्य इससे मुक्त हो जाएगा।
डॉ. सिंह ने कहा कि नक्सली हमेशा खिलाफ ही रहेंगे. चुनाव में इसका असर भी दिखा. पहले बीजेपी, कांग्रेस समेत सभी दलों का विरोध करते थे अब सिर्फ बीजेपी के खिलाफ वोट देने का फरमान देते हैं. वहीं सरदार पटेल को लेकर दिए भूपेश बघेल के बयान पर रमन सिंह ने कहा कि पहले भूपेश बघेल महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चले. उन्होने कहा था कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए. सरदार पटेल सच्चे राष्ट्रवादी थे.वहीं शराब से जुड़े मामलों में जेल में बंद आदिवासियों को छोड़े जाने के फैसले पर रमन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने यह पहले ही कर दिया था. डेढ़ लाख ऐसे मामलों में जेलों में बंद आदिवासियों के जुर्माने को सरकारी खजाने से भरा था.
रायपुर। कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी के रायपुर स्थित सरकारी बंगले में बीते दिनों हुए चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सूत्रों के मुताबिक चोरी करने वाले शातिर आरोपियों को रायपुर पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें पकड़कर रायपुर लेकर आ गई है. आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद फ्लाइट से कोलकाता भाग गए थे. एसएसपी आरिफ शेख की इन चोरों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है. क्योंकि उनके ही नेतृत्व में टीम गठित कर कोलकाता से आरोपियों को पकड़ा गया है।
चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद एक चोर की एटीएम से पैसे निकालते समय सीसीटीवी कैमरे में तस्वीर कैद हो गई थी. यही उन तक पहुंचने का सबसे बड़ा सबूत पुलिस के हाथ लगा था. इसी सबूत के जरिए कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई और आखिरकार पुलिस इन तक पहुंच गई।
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से उस चोर का पीछा करना शुरु किया, तो चला कि वो फ्लाइट से कोलकाता भाग गए है. एसएसपी आरिफ शेख के नेतृत्व में टीम कोलकाता भेजा गया और रेकी कर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई. आरोपियों के पास से चोरी की गई ज्वेलरी और नगदी भी पुलिस ने बरामद कर लिया है. हालांकि पुलिस इस पूरे मामले की आज शाम तक खुलासा कर सकती है.
दरअसल बेमेतरा कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी के रायपुर के सरकारी बंगले शांतिनगर ई-8 में 29 अक्टूबर को अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर करीब 6 लाख 72 हजार रूपए के ज्वेलरी चुरा ले गए थे. उसके बाद कलेक्टर के घर की महिला केयरटेकर ऋतु बेहरा के एटीएम से 50 हजार रुपए निकाल लिए थे. जिस वक्त यह घटना हुई कलेक्टर शिखा राजपूत समेत घर के सभी सदस्य दीपावली मनाने बेमेतरा गए थे।
पुलिस के अनुसार 10 तोले का सोने का मंगलसूत्र, करीबन 5 तोला की पांच सोने की चैन, 4 तोला के पांच सोने की लॉकेट, करीब 10 तोले के 5 सोने के सिक्के कुल करीब 6 लाख 72 हजार रुपए की ज्वेलरी पर चोरों ने हाथ साफ किया. पुलिस ने कलेक्टर की शिकायत पर धारा 457,380 के तहत अपराध दर्ज किया है.
दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शुक्रवार को मोबाइल और लैंडलाइन पर इनकमिंग कॉल के दौरान रिंग बजने की समय सीमा तय की।
ट्राई ने कहा है कि कॉल आने पर मोबाइल फोन पर 30 सेकंड और लैंडलाइन फोन पर 60 सेकंड तक रिंगटोन बजना चाहिए। अगर ग्राहक फोन नहीं उठाता है, तब भी रिंगटोन तय वक्त से पहले बंद नहीं होनी चाहिए।लैंडलाइन और मोबाइल फोन के लिए गुणवत्ता और सेवा नियमों में संशोधन करते हुए ट्राई ने कहा, “वाइस कॉल आने पर अगर ग्राहक फोन नहीं काटता है या उसका उत्तर नहीं देता है, तो ऐसी स्थिति में अलर्ट का समय मोबाइल फोन के लिए 30 सेकंड और लैंडलाइन फोन के लिए 60 सेकंड होगा।”
रिलायंस जिओ ने भारती-एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसे पुराने ऑपरेटरों पर गैर-कानूनी ढंग से लैंडलाइन नंबरों को मोबाइल फोन नंबरों के तौर पर दिखाया। ऐसा करके उन्होंने अनुचित लाभ कमाया। जिओ ने ट्राई से लाइसेंस के नियम और मौजूदा कानून तोड़ने के लिए एयरटेल और आइडिया पर बड़ा जुर्माना लगाने की अपील भी की थी। एयरटेल ने पलटवार करते हुए जिओ पर ट्राई को भ्रमित करने का आरोप लगाया था। एयरटेल ने कहा- कॉल कनेक्ट चार्ज (इंटरकनेक्ट उपयोग चार्ज) लागू होने से पहले जिओ ने ऐसा किया है।
अब तक देश के अंदर कॉल करने पर रिंगटोन बजने की कोई सीमा निर्धारित नहीं थी। दूरसंचार कंपनियों ने एक-दूसरे पर मनमर्जी से रिंग टाइम को घटाने के आरोप लगाए थे। ऐसा करके वह दूसरे नेटवर्क के उपभोक्ता से वापस कॉल (कॉल बैक) कराने की रणनीति पर काम कर रही थीं, ताकि उन्हें फायदा हो सके।
दिल्ली। न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबड़े को मंगलवार को भारत का 47वां प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया। सरकार से संबद्ध सूत्रों ने बताया कि उनके नियुक्ति के वारंट पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और जल्द ही एक औपचारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है। 63 वर्षीय न्यायमूर्ति बोबड़े 18 नवंबर को सीजेआई पद की शपथ ग्रहण करेंगे। न्यायमूर्ति बोबड़े 17 महीने के लिए 23 अप्रैल 2021 तक इस पद पर बने रहेंगे। बता दें कि जस्टिस बोबड़े मुख्य न्यायाधीश के बाद उच्चतम न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। वह इससे पहले मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। परंपरा अनुसार वर्तमान मुख्य न्यायाधीश पत्र लिखकर अपने बाद इस कार्यभार को संभालने वाले न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करते हैं।
जस्टिस गोगोई ने 18 अक्तूबर को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जस्टिस बोबड़े के नाम की सिफारिश की थी। जस्टिस रंजन गोगोई ने तीन अक्तूबर 2018 को भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। जस्टिस गोगई के कार्यकाल में देश के सबसे ज्यादा संवेदनशील मुद्दे अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला आ सकता है। चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यकाल में उच्चतम न्ययालय ने कई ऐतिहासिक मामलों की सुनवाई की है। जिसमें अयोध्या मामला, एनआरसी, जम्मू-कश्मीर पर याचिकाएं शामिल हैं।
जानें कौन हैं जस्टिस एसए बोबड़े
जस्टिस शरद अवरिंद बोबड़े का जन्म 24 अप्रैल 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था।
उन्होंने 1978 में महाराष्ट्र बार काउंसिल ज्वाइन किया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट नागपुर बेंच में लॉ प्रैक्टिस की।
वर्ष 2000 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने। फिर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।
2013 में जस्टिस बोबड़े को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया।