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  • जरूरी काम से निकलने वाले हो जाये भयमुक्त, ट्रैफिक पुलिस नहीं काटेगी चालान, आदेश जारी

    जरूरी काम से निकलने वाले हो जाये भयमुक्त, ट्रैफिक पुलिस नहीं काटेगी चालान, आदेश जारी

    श्री अवस्थी ने कहा है कि केवल उन्ही प्रकरणों में चालानी कार्यवाही की जाये जिसके विरूद्ध चालानी कार्यवाही किया जाना अति आवश्यक हो. उद्दण्ड प्रकृति और अनावश्यक घूमने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाये. आम नागरिक जो कि आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति के लिये आवागमन कर रहें हों, उनके विरूद्ध अनावश्यक जुर्माना वसूलने की कार्यवाही फिलहाल स्थगित रखी जाये. उक्त संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर कठोर कार्यवाही की जायेगी

    श्री अवस्थी ने कहा है कि लंबे समय से लॉकडाऊन के कारण राज्य शासन द्वारा कुछ समय के लिये आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है. वर्तमान में दूध, दवा, सब्जी, किराना के अलावा कृषि कार्य इत्यादि में छूट प्रदान की गई है. ऐसे समय में आम नागरिक स्वयं के वाहनों से आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति के लिये आवागमन कर रहे हैं, जबकि समस्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद है. यातायात के कर्मचारियों को इस समय वाहनों का चालान कर जुर्माना वसूलने के बजाय  व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं

  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अपने ही सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री और वन मंत्री को भी बताया रिश्वतखोर….

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अपने ही सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री और वन मंत्री को भी बताया रिश्वतखोर….

     बलरामपुर बलरामपुर जिले की जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 03 के पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ब्लाक मुस्लिम विकास समिति को अध्यक्ष मुमताज अंसारी ने अपने ही सरकार पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और वन मंत्री को रिश्वतखोर बताकर फारेस्ट विभाग को योजना बनाकर लूटने वाली एक संस्था बताया है। साथ ही फॉरेस्ट के एक दरोगा के साथ अभद्रता करते हुए डीएफओ को सरकार का ठेकेदार भी बताया है।

    गौरतलब है कि क्षेत्र क्रमांक 03 के पूर्व जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुमताज अंसारी का एक ऑडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपने ही सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वन मंत्री अकबर को रिश्वतखोर तथा डीएफओ को सरकार का ठेकेदार घोषित करते हुए फॉरेस्ट विभाग को योजना बनाकर लूटने वाली संस्था बताया है, बता दें कि वायरल ऑडियो में मुमताज अंसारी विजयनगर सर्कल के दरोगा श्यामबिहारी मिश्रा को फोन करते हैं और गम्हरिया में हो रहे बांध निर्माण सहित बलरामपुर जिले भर में फारेस्ट विभाग द्वारा कराए जा रहे लगभग 100 करोड़ रूपए की समस्त कार्यों की कार्यस्थल पर बोर्ड लगाए जाने की जिक्र करते हुए कहते हैं कि यदि कार्यस्थल पर बोर्ड नहीं लगाया जाएगा तो आपको पेड़ से बांध दूंगा, जिस पर प्रतिउत्तर देते हुए श्यामबिहारी मिश्रा कहते हैं कि सर मैं सिर्फ विजयनगर में चल रहे कार्यों पर बोर्ड लगवा सकता हूँ बाकी क्षेत्र मेरे अधिकारी क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए बेहतर होगा एक छोटे से कर्मचारी को धमकाने के बजाए आप रेंजर साहब से या डीएफओ साहब से बात कर लेते तो ज्यादा बेहतर होता।  जिस पर भड़कते हुए मुमताज अंसारी रेंजर को गाली देते हुए कहते हैं कि पूरा ट्रेक्टर झारखण्ड से लाकर काम पर लगाया है, बीच में बहुत सारे अपशब्दों का प्रयोग भी करते हैं और अंत में मुमताज अंसारी कहते हैं कि जिले भर में लगभग 100 करोड़ का काम चल रहा है जो डीएफओ स्वयं करता है। आप कार्यस्थल पर बोर्ड लगाइए ताकि पता चल सके कि भूपेश बघेल को कितना दिए और मो. अकबर को कितना दिया, डीएफओ कितना लिया और कितने का काम हुआ।  
    यहां भी प्रति उत्तर देते हुए श्यामबिहारी मिश्रा कहते हैं कि सर ये सरकार भी आप ही का है और आप नेता भी उसी सरकार में हैं। आप कई वर्षों से क्षेत्र में जनप्रतिधि रहे हैं आपके मुंह से ऐसा अपशब्द सोभा नहीं देता है, लगभग 20 मिनट चले इस वार्तालाप को सुनने और जनश्रुति के अनुसार यह पूरा मामला निर्माण कार्यों में मुमताज अंसारी का और उनके करीबी लोगों का जेसीबी नहीं लगाए जाने का मामला प्रतीत होता है। लोगों की मानें तो फॉरेस्ट विभाग द्वारा कराए रहे गम्हरिया बांध निर्माण हो या विजयनगर तालाब निर्माण हो। उक्त दोनों कार्यों में मुमताज अंसारी के द्वारा जेसीबी मशीन लगाने का सिफारिश किया गया था परंतु नहीं लगाई गई। बताया जा रहा है कि अपने ही सरकार में अनदेखी किए जाने से ब्लाक मुस्लिम विकास समिति के अध्यक्ष मुमताज अंसारी अपने सरकार और स्थानीय नेताओं से बेहद नाराज चल रहे हैं।

    भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने कसा तंज –
    एक ओर जहां कांग्रेस के ही नेता अपने पार्टी के मुख्यमंत्री और वन मंत्री के ऊपर टिप्पणी कर रहे हैं तो वहीं दूसरे ओर भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने तंज कसते हुए कहा कि *लाचारी का सबब है, या सत्ता का नशा है ये..!*
    *ऐ वक्त-ए नजाकत, तू ही बता क्या है ये…!!

    मुमताज अंसारी का यह ऑडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने तंज कसना शुरू कर दिया है, भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने कहा कि जब सरकार में बैठे लोग ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वन मंत्री मो. अकबर को रिश्वतखोर तथा डीएफओ जैसे उच्चाधिकारियों को ठेकेदार और फॉरेस्ट विभाग को योजना बनाकर लूटने वाली संस्था बताया जाता है तो इससे बड़ी सरकार की विफलता और छतीसगढ़ प्रदेश के जनता के लिए इससे बड़ी दुर्भाग्य क्या होगी। फिलहाल इस पर कल और भी कई रोचक सवालों के साथ जनप्रतिनिधियों से चर्चा उपरांत बताएंगे कि क्या क्या जवाब मिला है।

  • होटल में बुलाई कॉलगर्ल, निकली खुद की बीवी, मियां-बीवी में जमकर हुआ घमासान….

    होटल में बुलाई कॉलगर्ल, निकली खुद की बीवी, मियां-बीवी में जमकर हुआ घमासान….

    दिल्ली। उत्तराखंड में एक अजीबो गरीब मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल यहां एक शख्स का खुद की बीवी से जब बतौर कॉलगर्ल सामना हुआ तो उसके होश उड़ गए। अब मामला पुलिस के पास है।

    उत्तराखंड के काशीपुर शहर में रहने वाली युवती का विवाह दिनेशपुर निवासी युवक के साथ हुआ था। पत्नी शादी के बाद से ही अपनी ससुराल के बजाए मायके में ज्यादा रहा करती थी। जिसे लेकर उसके पति ने छानबीन शुरू की त़ो उसे चौंकाने वाली जानकारी मिली कि उसकी पत्नी सेक्स रैकेट का हिस्सा है। अब पति ने अपनी पत्नी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई।

    पति ने पत्नी की सचाई पता करने की रणनीति बनाते हुए अपनी ही पत्नी को कस्टमर बनकर एक होटल का पता दे कर वहां बुलवाया। जैसे ही पत्नी होटल अपने कस्टमर के पास पहुंची, तो सामने अपने पति को देख कर उसके पैरो तले जमीन खिसक गई। होटल के कमरे में ही दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई और दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अब पुलिस ने दोनों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • खाकी की दबंगई- एसआई ने लाकडाउन में कार्यवाही का भय दिखाकर वसूले 20 हजार

    खाकी की दबंगई- एसआई ने लाकडाउन में कार्यवाही का भय दिखाकर वसूले 20 हजार

    युवक के पिता को भी पुराना काम नहीं करने और एजेंसी से स्कूटी कम दाम में बिकवाने पर धमकाया

    कोरबा। बालको थाना के एक आरक्षक पर 50 हजार की वसूली करने का मामला किसी तरह शांत कराया कर बैठे पुलिस अधिकारियों ने अभी चैन की सांस ली ही थी कि एक एसआई ने भी लाकडाउन के बहाने दबंगई दिखाकर वसूली कर ली। पुलिस अधिक्षक अभिषेक मीणा से पाली थाना में पदस्थ एसआई अशोक शर्मा द्वारा भयादोहन कर गन्दी-गन्दी गाली-गलौज करने एवं जेल में भेजने की धमकी दिये जाने की शिकायत का मामला सामने आया है।
    जिला मुख्यालय आकर निलेश गुप्ता पिता नारायण लाल गुप्ता, निवासी पाली तहसील पाली ने लिखित शिकायत में बताया है कि 23 अप्रैल 2020 को शाम 5 बजे अपने बीमार दादी के लिए दवाई लेने गया था, घर के सामने बाजार रोड पर दवाई लेके आ रहा था तभी पाली थाना में पदस्थ
    एसआई अशोक शर्मा एवं अन्य पुलिसगण द्वारा अपने वाहन से उसके घर के सामने बाजार रोड के पास पहुंच कर बहुत ही गन्दी-गन्दी मां बहन की गाली देने लगे तथा जेल भेजूंगा कहकर अपने गाड़ी में बैठा लिये । गाड़ी में बैठाकर सैला होते हुए लाफा ले गये और वहां पर दो शराब बनाने वाले को पकडे तथा मुझे भी अपने गाड़ी में ही बैठाकर तीन घंटे तक इधर-उधर घुमाये। तीन घंटे पश्चात थाना पाली लेकर आये, फिर मेरे पिता को बुलवाये। मेरे पिता अपने दोस्त के साथ थाना पहुंचे तब मेरे सामने ही मेरे पिता को भी बहुत ही गन्दी-गन्दी गाली गलौच किए। तब मेरे पिता को बोले की तुमको मेरे घर को पोतवाने के लिए बोला था, तुमने लेकिन नही पोतवाया और अपने वाहन एजेंसी में मेरे स्कुटी को कम रेट में काटे थे, इसलिए आज तेरे बेटे को कार्यवाही कर जेल भेजूंगा। तब बहुत ही हाथ पैर जोड़ने के बाद कहा कि 20,000/- (बीस हजार) दोगे तो तेरे बच्चे को छोडूंगा। 20,000/- रुपये नही देने पर तेरे बेटे को जेल में सड़ा दूंगा। तब मेरे पिता जी द्वारा 20,000/- पैसा लाकर एसआई शर्मा जी को दिया गया तब मेरे को रात्रि 10 बजे छोड़े एवं नगर पंचायत पाली द्वारा 1000/- रूपये का रसीद काटकर दिया गया, जो पैसा मैने अलग से दिया है जिसकी रसीद की कॉपी
    आवेदन के साथ सलग्न किया है।

  • निलंबित IPS मुकेश गुप्ता की बढ़ी मुसीबत, EOW ने कहा- गरीबों के निशुल्क इलाज के नाम पर सरकार से लिये 3 करोड़ रूपए, लेकिन इससे बैंक का कर्ज पटाया

    निलंबित IPS मुकेश गुप्ता की बढ़ी मुसीबत, EOW ने कहा- गरीबों के निशुल्क इलाज के नाम पर सरकार से लिये 3 करोड़ रूपए, लेकिन इससे बैंक का कर्ज पटाया

    रायपुर। मिक्की मेहता मेमोरियल ट्रस्ट में हुए आर्थिक अनियमितता के मामले में निलंबित आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि गुप्ता ने अपने प्रभाव का दुरूपयोग कर गरीब तबके को चिकित्सीय सुविधा दिलाने के ऐवज में सरकार से तीन करोड़ रूपए का अनुदान हासिल किया, लेकिन अनुदान राशि से बैंक का कर्ज पटा दिया. जांच में यह तथ्य भी ईओडब्ल्यू को मिले हैं कि नियम कानून को ताक पर रखकर चेरिटेबल ट्रस्ट का संचालन निजी लाभ के लिए किया जाता रहा. मानिक मेहता की शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू ने अपने प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता, एमजीएम के मुख्य ट्रस्टी जयदेव गुप्ता और डायरेक्टर डा.दीपशिखा अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 120 (बी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत एफआईआर दर्ज किया है।

    ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के मुताबिक एमजीएम ट्रस्ट ने गरीबों के निशुल्क मोतियाबिंद आपरेशन कराने, शासकीय कर्मचारियों को विशिष्ठ चिकित्सा सुविधा का लाभ देने तथा मेडिकल स्टाॅफ को प्रशिक्षण देने के नाम पर साल 2006 में दो करोड़ और 2007 में एक करोड़ रूपए का अनुदान राज्य शासन से प्राप्त किया था. बाद में इस राशि का उपयोग बैंक का कर्ज पटाने के लिए कर दिया गया।
    ईओडब्ल्यू के मुताबिक एमजीएम नेत्र संस्थान भवन को एसबीआई बैरन बाजार रायपुर में बंधक रखकर अस्पताल हेतु चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिये 3 करोड़ रूपये का टर्म लोन तथा 10 लाख रूपये का कैश क्रेडिट लोन ट्रस्ट द्वारा लिया गया था. दिनांक 13.09.2004 को लोन लेने के उपरांत अल्प अवधि में अप्रैल 2005 में ट्रस्ट का लोन एकाउण्ट अनियमित हो गया।
    ईओडब्ल्यू का कहना है कि लोन की प्रक्रिया में मुकेश गुप्ता आईपीएस का बिना किसी अधिकार के बैंक में हस्तक्षेप किया गया. बंधक भवन एमजीएम आई हास्पीटल का बैंक अधिकारियों को निरीक्षण कराया गया. बैंक के अभिलेख में मुकेश गुप्ता का नाम ट्रस्ट का मेन ड्राईविंग फोर्स एवं ट्रस्ट के संचालन के मुख्य कर्ता-धर्ता के रूप में उल्लेखित है. प्रभावशाली पुलिस अधिकारी शासकीय सेवा में रहते हुये मुकेश गुप्ता द्वारा ट्रस्ट का लोन एकाउण्ट अनियमित एवं एनपीए होने पर 13.09.2006 से कई बार बैंक के अधिकारियों को आश्वस्त कराते रहे कि, ट्रस्ट की आर्थिक स्थिति शीघ्र सुधर जाएगी एवं लोन एकाउण्ट नियमित होकर कर्ज अदायगी की जावेगी.  बैंक को न तो समय पर लोन की राशि का ब्याज मिल पा रहा था और न ही लोन की किस्त अदा हो रही थी. बैंक अधिकारियों ने कहा कि- यदि दिसम्बर 2006 तक ऋण/व्याज की अदायगी प्रारंभ नहीं हुई तो ट्रस्ट के विरूद्ध वसूली की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाएगी. साल 2005-06 में जब मिकी मेमोरियल ट्रस्ट की माली हालत खस्ता थी, ट्रस्ट एनपीए के दौर से गुजर रहा था, उसी दौरान एमजीएम आई इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर डॉ. दीपशिखा अग्रवाल के कंसलटेंसी फीस में अप्रत्याशित रूप से कई गुना वृद्धि हो रही थी. यह भी आश्चर्यजनक तथ्य है।
    जांच में यह भी कहा गया है कि मुकेश गुप्ता ने बैंक अधिकारियों को अपने पद का प्रभाव दिखाकर ट्रस्ट की संपत्ति की कुर्की की कार्यवाही को रूकवाया और ट्रस्ट का कर्ज सेटलमेंट प्रकरण खारिज होने के बाद भी बैंक अधिकारियों से पुनः समझौता प्रकरण को प्रक्रिया में लाने का दबाव बनाया. कर्ज सेटलमेंट में बैंक को नुकसान हुआ और ट्रस्ट को 24 लाख रूपए का लाभ पहुंचाया गया।

    ईओडब्ल्यू ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बताया है कि जयदेव गुप्ता महज औपचारिक मात्र ही मुख्य ट्रस्टी थी, लेकिन इसके संचालन में मुकेश गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका थी. ट्रस्ट के संचालन, भवन निर्माण समेत तमाम निर्णयों में मुकेश गुप्ता का प्रभाव होता था।

     

     

    मिक्की मेहता की मां को बनाना चाहते थे मुख्य ट्रस्टी
    ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि 9 सितंबर 2001 को नेत्र सर्जन रही डा.मिक्की मेहता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मुकेश गुप्ता ने उनके नाम पर एक चेरिटेबल ट्रस्ट बनाने की परिकल्पना की थी. वह चाहते थे कि इस मुख्य ट्रस्टी मिक्की मेहता की मां श्यामा मेहता बने, लेकिन उन्होंने इसके लिए मना कर दिया. बाद में गुप्ता ने अपने पिता जयदेव गुप्ता और अपने करीबी मित्रों के साथ मिक्की मेमोरियल ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन कराया. मिकी मेमोरियल ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी जयदेव गुप्ता स्वयं थे और ट्रस्ट डीड की शर्तो के अनुसार ट्रस्ट का कानूनी उत्तराधिकारी नियुक्त करने का अधिकार केवल ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी के अधिकार में था. अन्य ट्रस्टी या बोर्ड को कोई अधिकार नहीं था. इस प्रकार ट्रस्ट एवं टस्ट की संपत्ति को निजी नियंत्रण में एवं ट्रस्ट पर एक निजी परिवार को एकाधिकार रखने व वर्चस्व बनाये रखने की पूर्व नियोजित योजना थी. ट्रस्ट डीड के अनुसार ट्रस्ट के अगले कानूनी उत्तराधिकारी जयदेव गुप्ता के परिवार के ही सदस्य मुकेश गुप्ता को ही रहना था. ईओडब्ल्यू के मुताबिक ट्रस्ट पंजीयन होने के बाद ट्रस्ट को आयकर अधिनियम की धारा 12(ए) एवं 80(जी) की छूट एवं विदेशों से अनुदान व विनिमय के लिये एफसीआरए की मान्यता प्राप्त हो गई थी. मुकेश गुप्ता चूंकि प्रभावशाली अधिकारी थे, लिहाजा वह अप्रत्यक्ष रूप से ट्रस्ट का संचालन खुद ही करते थे. साल 2002 में पंजीयन होने के बाद मिकी मेमोरियल ट्रस्ट को छ.ग. राज्य व देश-विदेश से चंदा व दान मिलना प्रारंभ हो गया, जिससे ट्रस्ट की संपत्ति में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि होने लगी।
    इधर एफआईआर दर्ज होने के मामले में ईओडब्ल्यू के एसपी सदानंद कुमार ने कहा है कि-
    मुकेश गुप्ता औऱ मिक्की मेमोरियल ट्रस्ट पर एफआईआर दर्ज किया गया है. 3 करोड़ रूपए की हेराफेरी और पद का दुरूपयोग किए जाने का चार्ज है. विवेचना में जो बात सामने आएगी उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
  • खरसिया पुलिस को होमकिट गिफ्ट उपहार देकर किया अनोखा सम्मान

    खरसिया पुलिस को होमकिट गिफ्ट उपहार देकर किया अनोखा सम्मान


    खरसिया। नगर के गऊ प्रेमी राकेश केशरवानी द्वारा खरसिया कोरोना फाईटर्स, पुलिस विभाग के सभी देवदुत कर्मचारियों का राम नाम का दुपट्टा पहनाकर होमकिट उपहार के साथ सम्मान किया उनके साथ नगर के समाजसेवी अंकित अग्रवाल भी मौजूद रहे।


    गौरतलब है कि राकेश केशरवानी खरसिया पुलिसकर्मियो के कार्यशैली से काफी प्रभावित है वे हमेशा फेसबुक आदि में खरसिया पुलिस के लियेे देशभक्ति गीतों से सजा हुआ वीडियो आदि बना कर सभी का उत्साहवर्धन करते रहते है। जब से लाकडाऊन हुआ है राकेश के द्वारा हर रोज कुछ ना कुछ सेवा कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में उनके द्वारा खरसिया नगर के कोरोना फाईटर्स पुलिसकर्मियों को राम नाम का दुपट्टा पहना कर उपहार स्वरूप होमकिट देकर सम्मानित किया गया। किट में घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुओं जैसे फिनायल, टायलट व्रश, पानी बाटल, जग, साबुनदानी, चाकु, सोप स्टेडं, कपड़ा ब्रश, बाडी ब्रश, बाटल ब्रश, इत्यादी को सम्मिलित कर बनाया गया है। राकेश केशरवानी के इस सराहनीस प्रयास की नगर में भूरी भूरी प्रशंसा हो रही है।


    गौ सेवा चारों धाम से कम नहीं
    राकेश केशरवानी के द्वारा हर रोज सुबह पशुओ के लिऐ पानी और चारा का प्रबंध भी किया जा रहा है। उनके द्वारा पशुओं के लिये पानी का प्रबंध भी किया जा रहा है। राकेश का कहना है कि गऊमाता का सेवा करना चारधाम से कम नहीं है, उन्होंने अपील की है कि सभी को गऊसेवा करनी चाहिये। हर रसोई से कम से कम एक रोटी गऊमां के नाम का निकले।

  • नगरवासियों ने किया कोरोना योद्वाओं का सम्मान,छतों से फूल बरसा कर किया स्वागत

    नगरवासियों ने किया कोरोना योद्वाओं का सम्मान,छतों से फूल बरसा कर किया स्वागत

    खरसिया। कोरोना महामारी में जान की परवाह किये बगैर दिन-रात सेवा में लगे प्रशासन, पुलिसकर्मी, नगरपालिका पदाधिकारी व कर्मचारी एवं मिडिया के लोगो का बाबा के बंदे ग्रुप एवं नगरवासियों ने स्टेशन चौक से लेकर जैन मेडिकल चौक तक फुलो की वर्षा एवं पुष्प-गुच्छ देकर, तालियां बजाकर एवं भारत माता की जय के नारे लगाकर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।


    इस दौरान प्रशासन की ओर से प्रमुख रूप से एसडीएम गिरिश रामटेके तथा पुलिस प्रशासन की ओर से एसडीओपी पीताम्बर पटेल, टीआई एस. आर. साहू, चौकी प्रभारी नंद किशौर गौतम एवं पुरा पुलिस अमला मौजूद था। नगरपालिका के सीएमओ टाॅमसेन रात्रे व पार्षदगण तथा उनके प्रतिनिधी मौजूद थे। पत्रकार संघ का भी इस अवसर पर नगरवासियो के द्वारा सम्मान किया गया।

    उपरोक्त कोरोना योद्धाओं के सम्मान समारोह की नगर में चारो ओर चर्चा है एवं प्रशंसा की जा रही है। इस दौरान एसडीओपी पीताम्बर पटेल ने मिडिया से चर्चा करते हुए बताया कि लाॅकडाउन के दौरान पुलिस प्रशासन, सफाईकर्मी, स्वास्थ्य विभाग, मीड़िया व आमजनता के सहयोग से खरसिया नगर में कोरोना संक्रमण को रोकने में कामयाबी मिली है, लोगों ने भी जागरूकता दिखाते हुये कडाई से लाॅकडाउन का पालन किया जिसके परिणाम स्वरूप ही हमारा खरसिया नगर कोरोना संक्रमण से बचा हुआ है तथा ग्रीन जोन में है। नगरवासियों के द्वारा किये गये सम्मान से कोरोना योद्वाओं का मनोबल और बढ़ा है तथा वे तत्परता से अपने कार्यो को करने के लिये प्रेरित हुये है।

  • कोरोना महामारी या वरदान – श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल

    कोरोना महामारी या वरदान – श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल

    खरसिया। वैश्विक महामारी कोरोना, जिसने समस्त विश्व को घुटनों पर ला पटका है, और स्वयं को सर्वशक्तिमान समझने वाले मनुष्य को प्रकृति की शक्ति का एहसास कराया है, समस्त विश्व मानो इस बीमारी की वजह से थम सा गया है, इस बीमारी ने जहां मनुष्य को पंगु बना दिया है, वहीं उसे प्रकृति के करीब आने का अवसर भी प्रदान किया है, इस बीमारी की वजह से बदली जीवनशैली पर खरसिया नगर पालिका परिषद की वार्ड़ क्रमांक 5 की पार्षद श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल से चर्चा हुयी जिसमें उन्होंने बेबाकी से ने अपने विचार रखते हुये इस महामारी के संबंध में अपने अनुभव साझा किये।
    श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल ने बताया की मुझे इस संकट की घड़ी में अपने परिवार का साथ मिला अपने बच्चों और पति के साथ समय बिताने का अवसर मिला, नई नई चीजें सीखने को मिली। हम यह समझते थे कि बाहर के खाने के बिना हमारा जीवन नहीं चल सकता, यह भ्रम दूर हुआ कम खर्च में भी घर अच्छे से चलाया जा सकता है, इस बात का अनुभव मिला। बाहर घूमना ही सब कुछ नहीं है, घर में बैठकर भी बहुत कुछ किया जा सकता है। भारत की संस्कृति संस्कार जो हमारी पहचान है उन धार्मिक सीरियल को परिवार के साथ देखने का अवसर मिला। कोरोना का यह संकट गंभीर तो है लेकिन इस संकट ने हमें बहुत कुछ सिखा दिया, हम घर में रहकर भी अच्छा खा कर कम खर्चे में अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं, और अपना जीवनयापन कर सकते है। पहले हमारी दिन कि शुरूआत सुबह सैर करने से होती थी, परन्तु अब हम सुबह बड़ों एवं बच्चों के साथ बैठ कर पूरे दिन में क्या नया करना है इसकी चर्चा करते है, हमें क्या नया पकवान बनाना है कौन कौन से खेल खेलने है यह तय करते है, एवं सभी को कोरोना से बचने के उपायो से जागरूक करते है।
    उन्होंने आगे कहा कि मैंने घर पर रह कर बहुत चीजें सीखी जैसे की घर की सफाई के साथ साथ व्यायाम, योगा, बागवानी, चित्रकारी, साहित्य पढ़ना, धार्मिक सीरियल देखना,बुजुर्गों और बच्चों की देखरेख करना, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने युक्त भोजन करना अदरक ,हल्दी,गुड, विटामिन ब युक्त वाली चीजें ग्रहण करना। ये सब उपाय प्रत्येक ब्यक्ति को अपने दिनचर्या में शामिल करना चाहिये । हमें कोरोना के साथ जीवन जीना सीखना होगा क्योंकि भारत में इससे अलग तरह के और भी संक्रमण है। इंसान के द्वारा प्रकृति को आज तक अपने अनुकुल करने के प्रयास पर उसका दोहन किया गया जिसे प्रकृति ने स्वयं सुधारा है, इस समय पर वातावरण निश्चित रूप से विशुद्ध हुआ है।


    ’कुछ कुछ बना कर सब को परोस रही है नारी,’
    ’लॉक डाउन को सफल बनाने में इनकी पहली बारी।’


    वही एक भारतीय नारी कोरोना वारियर की तरह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से घर गृहस्थी संभाल कर अपने कर्तव्यों का पूर्ण आवहान कर रही है। परिवार के सभी सदस्यों को उनके मनपसंद व्यंजन बनाकर खिलाने मे ही महिलाओं का क्वारंटाइन और लॉक डाउन निकल रहा है। आज पूरा परिवार जो कभी एक टाइम पर साथ में खाना नहीं खाते थे वो आज एक साथ बैठ कर तीनो चारो टाइम का खाना खा रहे है, और समय बिता रहे है, जिसमे मुख्य योगदान हम नारियो का ही है।


    ’कैसे हुई प्रकृति और खुद को जानने की शुरुआत’


    जीवन की भागदौड़ के बीच हमने खबरों में सुना चीन के वुहान शहर में कोरोना नामक बीमारी दिन प्रति दिन फैल रही है। परंतु हमारी जिंदगी से इसपे कोई फर्क नहीं पड़ा। भारत में भी कोरोना का पहला मरीज ३१ जनवरी को केरला प्रांत में आया था ,पर फिर भी हमने सतर्कता नहीं दिखाई। हमारी आँखें तो तब खुली जब यह बीमारी भारत में भी दिन प्रति दिन फैलने लगी एवं जब मोदी जी ने २२ मार्च को पूरे भारत में जनता कर्फ्यू का ऐलान किया । २५ मार्च को फिर मोदी जी ने २१ दिन का भारत बंद का ऐलान किया। करोना से बचने के लिए अनेक प्रकार की सावधानिया बरतने की सलाह दी जा रही है, जिसमे हमने बहुत कुछ सीखा है जो हमेशा हमारे लिए फायदेमंद ही साबित होंगी, अंत में मैं आप सभी से भी यही कहना चाहूंगी जीवन बहुत अनमोल है इस संकट की घड़ी में अपने आप को भी बचाना है और अपने आसपास के सभी को बचाना है इसलिए घर पर रहे सुरक्षित रहें यह संकट भी चल जाएगा।

  • महिलाओं का ‘सेक्स हार्मोन्स’ कोरोना से बचा सकता है जान…

    महिलाओं का ‘सेक्स हार्मोन्स’ कोरोना से बचा सकता है जान…

    इस महामारी से जंग लड़ रहे विश्वभर के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के लिए अभी तक यह पहली बना हुआ था कि महिलाएं कैसे कोरोना वायरस के कहर से बच रही हैं। अब इसका खुलासा हो गया है

    अमेरिकी डॉक्टरों का कहना है कि यह महिलाओं का सेक्स हार्मोन्स है जो उनकी जान बचाए रखा हुआ है।

    लॉस एंजिलिस के सेडार्स सिनाई मेडिकल सेंटर की डॉक्टर सारा घंदेहरी ने न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में कहा कि कोरोना से संक्रमित करीब 75 प्रतिशत पुरुषों को आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से बेहद ज्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क में महिलाओं की तुलना में संक्रमित पुरुषों के मरने की तादाद लगभग दोगुना है।

    शोधकर्ताओं ने बताया कि एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन इंसान की बच्चों को पैदा करने की क्षमता के लिए बहुत अहम हैं लेकिन हाल ही में हुए शोध में पता चला है कि ये दोनों हार्मोन महिलाओं में ज्यादा तादाद में पाए जाते हैं।

    दोनों हार्मोन इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता और खराब हुए टिश्यूज को ठीक करने के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

    इसी वजह से महिलाएं जैविक रूप से पुरुषों की तुलना में कोरोना वायरस से ज्यादा अच्छे से सामना कर पा रही हैं।

    न भी इस तरह का शोध हुआ था और अब हाल ही में सेडार्स सिनाई एवं रेनाईसेंस स्कूल ऑफ मेडिसिन ने हार्मोन्स के अध्ययन के लिए क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने जा रहे हैं।

    इस ट्रायल का मकसद कोरोना वायरस के मरीजों के लिए हार्मोन्स के जरिए इलाज तलाश करना है। स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी की डॉक्टर शरोन नाचमन ने कहा, कोरोना के संबंध में हम संभवत: यह नहीं जान सकते हैं कि कैसे एस्ट्रोजेन काम करता है लेकिन हम यह देख सकते हैं कि कैसे मरीज करते हैं।

     

    अब इन हार्मोन्स को लेकर परीक्षण शुरू होने जा रहा है। इसमें 18 साल से ऊपर के पुरुषों और 55 साल के ऊपर की महिलाओं को शामिल किया जाएगा। 55 के ऊपर की महिलाओं का मेनोपॉज़ की वजह से हार्मोन लेवल बहुत कम हो जाता है।

    इस बीच आलोचकों ने चेतावनी दी कि इस इलाज से ज्यादा उम्मीद न लगाएं क्योंकि एक तथ्य यह भी है कि बुजुर्ग पुरुष उम्रदराज महिलाओं की तुलना में कोरोना वायरस से ज्यादा मर रहे हैं।

    पुरुषों पर कोरोना वायरस के संक्रमण का अध्ययन करने वाली साबरा क्लेइन ने कहा कि महिलाओं के कोरोना से लडऩे में सिर्फ हार्मोन्स ही कारण नहीं हैं। इसके अलावा कुछ जेनेटिक या कुछ और है।

    हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुरुषों में महिलाओं के सेक्स हार्मोन्स को डाला जाता है तो इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।

  • होटल संचालक ने बिना किसी वेरीफेशन के युवक-युवती को रंगरेलियां मनाने दे दिया था कमरा… पुलिस ने मारा छापा तो…

    होटल संचालक ने बिना किसी वेरीफेशन के युवक-युवती को रंगरेलियां मनाने दे दिया था कमरा… पुलिस ने मारा छापा तो…

    भिलाई। लॉकडाउन काल में होटल व लॉज के कमरों की बुकिंग पर पाबंदी होने के बावजूद , लोगों को कमरे उपलब्ध कराने वाले आकाशगंगा सुपेला स्थित एक लॉज संचालक व उसके केयर टेकर के खिलाफ सुपेला पुलिस ने कार्रवाई की।

    लॉज के एक कमरे में एक जोड़ा रंगरेलियां मना रहा था। इसकी सूचना मिलने पर सुपेला पुलिस ने वहां दबिश दी और शारदा पारा कैम्प 02 के जोड़े को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा।

    दोनों के बालिग होने का हवाला देने पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया और लॉज संचालक व केयर टेकर के खिलाफ भादवि की धारा 188,269,270,के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की।

    आकाशगंगा के लॉज के केयर टेकर हेमंत कुमार ने शारदा पारा कैंप-2 निवासी एक युवक 28 साल व एक युवती 24 साल को बिना किसी दस्तावेज और रजिस्टर में जानकारी एंट्री किए बिना ही उन्हें कमरा नंबर 202 दे दिया था।

    इसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने वहां दबिश दी और इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया। केयर टेकर हेमंत कुमार ने पुलिस को जानकारी दी कि लॉज संचालक विनोद कुमार बांधे के कहने पर ही उसने कमरा दिया था।

    पकड़े जाने के बाद दोनों आरोपित एप के माध्यम से ऑनलाइन कमरा बुक किए जाने की बात कहकर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि लॉकडाउन में एप से बुकिंग भी बंद है।

    पुलिस ने दोनों आरोपी हेमंत कुमार और विनोद कुमार बांधे के खिलाफ लॉक डाउन में लागू प्रतिबंध का उल्लंघन और संक्रामक रोग को फैलाने की धाराओं के तहत कार्रवाई की।