दुनिया की कुल खपत में भारत की हिस्सेदारी 2050 तक बढ़कर 16 प्रतिशत हो सकती है, जो कि 2023 में 9 प्रतिशत थी.
2050 तक भारत की खपत 16% होगी।
उत्तरी अमेरिका ही भारत से आगे होगा।
भारत की युवा आबादी विकास का कारण।
मैकिन्से ग्लोबल इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट में बताया गया कि 2050 तक 17 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ केवल उत्तरी अमेरिका ही भारत से आगे होगा.
■ यह अनुमान क्रय शक्ति समता के आधार पर लगाया गया है, जो देशों के बीच मूल्य अंतर को बराबर करता है.
■ दुनिया की कुल खपत में भारत की हिस्सेदारी बढ़ने की वजह यहां अधिक युवा आबादी होना है.
■ डेमोग्राफिक शिफ्ट के कारण फर्स्ट-वेव रीजन में प्रजनन दर में गिरावट आई है, जिसके परिणामस्वरूप जनसंख्या वृद्ध हो रही है. 2050 तक केवल 26 प्रतिशत ही वैश्विक आबादी इन इलाकों में रहेगी, जो कि 1997 में 42 प्रतिशत से अधिक थी.
■ शेष आबादी बाद की लहर वाले क्षेत्रों में केंद्रित होगी, जिसमें भारत, लैटिन अमेरिका, पश्चिम एशिया और अफ्रीका शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में प्रजनन दर में गिरावट का अनुभव किया है.
■ इस जनसांख्यिकीय परिवर्तन में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है. 2050 तक, भारत की श्रम शक्ति वैश्विक कार्य घंटों का दो-तिहाई हिस्सा होगी. उभरते बाजारों, विशेष रूप से बाद की लहर वाले क्षेत्रों में, अगले 25 वर्षों के भीतर वैश्विक खपत में आधे से अधिक का योगदान करने की उम्मीद है, जो उनकी युवा आबादी और बढ़ती आय से प्रेरित है.
■ वैश्विक आबादी में भारत की हिस्सेदारी, जो 2023 में 23% थी, 2050 तक घटकर 17% रह जाएगी. हालांकि, भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश – कामकाजी उम्र की आबादी में वृद्धि के कारण प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि – ने 1997 और 2023 के बीच प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि में औसतन 0.7% की वृद्धि की.
*महत्वपूर्ण रूप से, रिपोर्ट में महिला कार्यबल भागीदारी में वृद्धि के संभावित प्रभाव को रेखांकित किया गया है. यह अनुमान है कि यदि भारत अपनी महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर को 10 प्रतिशत अंक बढ़ाता है, तो प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद में 4-5% की वृद्धि हो सकती है.
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भारत बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा बाजार, कुल खपत का 16% अकेले खाएगा देश! सिर्फ ये होंगे हमसे आगे…
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कंपनी ने टेबल पर बिछा दिया करोड़ों का बोनस, कर्मचारियों से कहा- ‘जितना ले जा सकते हो ले जाओ’
कंपनी ने 70 मीटर की एक लंबी टेबल लगाई. और उस पर लगभग 72 करोड़ रुपये की कीमत के नोट रख दिए. फिर 30-30 की टीम में कर्मचारियों को बांटा, और कहा कि जो जितने पैसे गिन सके उतने ले जाए.
कॉर्पोरेट ऑफिस, उसके मैनेजर, उसके HR को ‘रक्त पिपासु’ बताने वाले मीम्स की कोई कमी नहीं. बीच-बीच में बिजनेस जगत के दिग्गज भी ऐसे बयान दे देते हैं कि नौकरीपेशा तबका बुरी तरह भड़क जाता है. लेकिन इसी बीच-बीच में कुछ कंपनियां कॉर्पोरेट का उदार चेहरा बनकर सामने आती हैं. कोई कंपनी पूरे दिवाली वीक की छुट्टी देती है तो कोई मेंटल स्ट्रेस लीव की घोषणा कर देती है. फिर एंट्री होती है हेनान माइन क्रेन कंपनी की. इस चीनी कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए वो किया है जो संभवतः किसी और ‘उदार’ कंपनी ने नहीं किया होगा.
दरअसल, चीन की इस क्रेन कंपनी ने अपने कर्मचारियों पर बोनस की बौछार कर दी है. बाकायदा बहुत बड़ी टेबल लगाकर करोड़ों का बोनस उस पर फैला दिया, और कर्मचारियों से कहा कि जिसका जितना बस चले उतना गिनकर उठा ले. कंपनी के इस कारनामे का वीडियो भी सामने आया है. इसमें कंपनी के एक कार्यक्रम में कई मीटर लंबी टेबल पर नोट ही नोट फैले हुए हैं. बताया गया है कि कंपनी ने कर्मचारियों के लिए 60 मिलियन युआन बिछा दिए. रुपये में बताएं तो करीब 72 करोड़ रुपये. और कहा कि वे जितना गिन सकते हैं उतना घर ले जाएं. बस एक शर्त है, हेनान माइन क्रेन ने अपने कर्मचारियों को साल के आखिर (चीनी कैलेंडर के हिसाब से) में मिलने वाले बोनस को देने का अलग तरीका निकाला है. बीती 25 जनवरी को हुई सालाना मीटिंग में कंपनी ने 70 मीटर की एक लंबी टेबल लगाई. और उस पर 60 मिलियन युआन (लगभग 72 करोड़ रुपये) की कीमत के नोट बिछा दिए. कंपनी ने 30-30 की टीम में कर्मचारियों को बांटा. इस दौरान ऐसे दो लोगों को आगे करना था, जो टीम के दूसरे सदस्यों द्वारा इकट्ठे किए गए पैसों को जल्दी गिन सकें. कर्मचारियों से कहा गया था कि वो 15 मिनट में जितना पैसा गिन पाएंगे, उसे घर लेकर जा सकते हैं.
एक टेबल पर सिर्फ पैसे ही पैसे फैलाए गए हैं. और कर्मचारी घर ले जाने के लिए पैसे उठा रहे हैं और गिन रहे हैं. इस खेल में एक शख्स काफी भाग्यशाली निकला, क्योंकि वो लगभग 1 लाख युआन यानी 12 लाख रुपये से ज्यादा पैसे पाने में कामयाब हुआ.
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गेरसा धान खरीदी केन्द्र आपरेटर ने लगाया जांच टीम पर लाखों रूपये घूस मांगने का गंभीर आरोप, कलेक्टर से हुई शिकायत …जांच अधिकारी नायाब तहसीलदार उज्जवल पांडे ने बताया आरोप निराधार …
छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग रायपुर के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर रायगढ़ द्वारा सभी जिले के धान उपार्जन केंद्रों में भौतिक सत्यापन के लिए जांच दल गठित किया गया है। जहां धरमजयगढ़ के सयुक्त जांच दल क्रमांक तीन में तहसीलदार उज्जवल पांडे, फूड इंस्पेक्टर रीता चौहान, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर गौरव शर्मा के सयुक्त टीम 29 जनवरी 2025 को गेरसा धान खरीद केन्द्र का भौतिक सत्यापन करने पहुंचे थे। जहां जांच टीम द्वारा भौतिक सत्यापन करने पर 1462 बोरी धान अतिरिक्त पाया जिसे टीम द्वार जप्त किया गया था। गेरसा धान खरीद केन्द्र के आपरेटर दयानंद साहू ने जांच टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए 2 लाख 40 हजार की मांग करने का आरोप लगाया है। धान खरीदी केन्द्र आपरेटर ने इसकी लिखित शिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं कलेक्टर रायगढ़ से किया है। आपरेटर ने अपने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि जांच अधिकारी द्वारा मानसिक रूप से परेशान करते हुए 2 लाख 40 हजार रूपये की मांग कर रहे हैं और अगर जांच टीम के अधिकारियों को उनके मांग अनुसार रूपये नहीं देने पर मनमानी तरीके से प्रकरण बनाने की बात कर रहे हैं, और जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। धान खरीदी केन्द्र के आपरेटर दयानंद साहू ने कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी से निवेदन किया है कि जांच टीम द्वारा जो कार्यवाही किया जा रहा है वह गलत है, हमे न्याय दिलाने की कृपा करें।
इस संबंध में जांच अधिकारी नायाब तहसीलदार उज्जवल पाण्डे से बात करने पर उन्होंने बताया कि धान खरीद केन्द्र से प्रबंधक और आपरेटर नदारत थे, जांच करने पर 1462 बोरी धान अतिरिक्त पाया गया। वहीं जांच के दौरान दबाव डाला जा रहा था कि प्रकरण ना बनाये इसके लिए कई जगह से फोन भी करवाया है। -

भारतीय बैंकों का एनपीए 12 साल के सबसे निचले स्तर पर, मुनाफे में 22.2 फीसदी की बढ़ोतरी : आर्थिक सर्वेक्षण…
भारत के बैंकिंग सेक्टर ने वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक सितंबर 2024 तक बैंकों का ग्रॉस NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां) घटकर 2.6% रह गई हैं जो पिछले 12 वर्षों में सबसे कम है।
इसके अलावा, बैंकों का मुनाफा सालाना आधार पर 22.2 फीसदी बढ़ा है जो बैंकिंग सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है।
आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष में बैंक क्रेडिट स्थिर गति से बढ़ रहा है और बैंकों की जमा राशि में भी तेजी आई है। नवंबर 2024 तक बैंकों की कुल जमा राशि में 11.1% की वृद्धि दर्ज की गई। विभिन्न सेक्टरों में कर्ज की स्थिति भी संतोषजनक रही है।
कृषि क्षेत्र में कर्ज की ग्रोथ रेट 5.1% रही, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में यह दर 4.4% तक पहुंच गई जो पिछले वर्ष 3.2% थी। वहीं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए कर्ज की वृद्धि दर 13% रही जबकि बड़ी कंपनियों के लिए यह 6.1% रही।
वहीं ग्रामीण वित्तीय संस्थानों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) का शुद्ध लाभ 2023 में ₹4,974 करोड़ से बढ़कर 2024 में ₹7,571 करोड़ हो गया। इससे यह संकेत मिलता है कि ग्रामीण इलाकों में भी बैंकिंग सिस्टम मजबूत हो रहा है।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच के मुताबिक मार्च 2025 तक भारतीय बैंकों का एनपीए और घटकर 2.4% हो सकता है। अगले साल इसमें 0.2% की और गिरावट की संभावना जताई गई है।
एनपीए में कमी का मतलब है कि बैंकों को दिए गए कर्ज की वापसी बेहतर हो रही है जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है।
इससे यह भी साफ होता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और बैंकिंग सेक्टर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। -

खराब CIBIL Score वालों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बैंकों को दिया बड़ा झटका!
क्या आपके CIBIL Score में कमी है और आप लोन के लिए बार-बार अस्वीकार हो रहे हैं? तो अब घबराने की कोई बात नहीं है! हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सिबिल स्कोर को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है, जिससे उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिनका CIBIL Score कम है और जिनके लिए बैंक लोन अप्रूव करने में हिचकिचाते हैं। इस फैसले ने बैंकों को झटका दिया है और अब उन्हें उन लोगों को लोन देने के लिए मजबूर किया गया है, जिनका पहले सिबिल स्कोर खराब था।
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने फैसले में कहा कि बैंकों को यह कहने का अधिकार नहीं है कि वे केवल अच्छे CIBIL Score वालों को ही लोन देंगे। यह फैसला विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए राहत लेकर आया है, जिनका CIBIL Score खराब है, लेकिन वे फिर भी लोन लेने की योग्यता रखते हैं। कोर्ट ने इस फैसले में बैंकों से यह भी कहा कि वे लोन की मंजूरी में सिबिल स्कोर के अलावा अन्य पहलुओं पर भी विचार करें, जैसे कि व्यक्ति की आय, नौकरी, वित्तीय स्थिति आदि। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि केवल CIBIL Score के आधार पर किसी व्यक्ति को लोन से वंचित करना न्यायिक रूप से उचित नहीं है।बैंक और CIBIL Score का संबंध
आमतौर पर बैंक लोन देते वक्त CIBIL Score को एक अहम मानक मानते हैं। सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच होता है, और यदि यह स्कोर 750 के आसपास या उससे अधिक होता है, तो लोन मिलना आसान होता है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति का CIBIL Score कम है, तो बैंक उसे लोन देने में संकोच करते हैं, भले ही वह व्यक्ति सही मायने में लोन चुकाने में सक्षम हो। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य किया गया है कि वे अन्य कारकों को भी ध्यान में रखें।
क्या इसका असर होगा?
इस फैसले का असर न केवल सिबिल स्कोर वाले व्यक्तियों पर पड़ेगा, बल्कि बैंकों के लोन देने की नीति में भी बदलाव आएगा। अब बैंक उन लोगों को लोन देने में संकोच नहीं करेंगे, जिनका CIBIL Score कम है, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति स्थिर है। इसके अलावा, यह फैसला ऐसे व्यक्तियों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर आया है, जिनके पास एक मजबूत आय स्रोत है, लेकिन उनका CIBIL Score खराब है।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारतीय बैंकिंग प्रणाली के लिए एक नया दिशा दिखाने वाला साबित हो सकता है। अब बैंकों को केवल CIBIL Score Check के आधार पर निर्णय लेने की बजाय अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लोन देने की आवश्यकता होगी। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, लेकिन CIBIL Score की वजह से लोन प्राप्त नहीं कर पा रहे थे। -

कौहाकुंडा में आवासीय नशा मुक्ति केन्द्र है संचालित…
मोबाइल नंबर-8109924593 पर कर सकते है संपर्क
टोल फ्री नंबर 1800-233-8989 पर कॉल कर ली जा सकती है जानकारी
रायगढ़। रायगढ़ में नशा पीडि़तों हेतु नशा मुक्ति के लिए समाज कल्याण विभाग अंतर्गत नवजीवन व्यसन मुक्ति केन्द्र (नशा मुक्ति केन्द्र) कौहाकुण्डा, पहाड़ मंदिर रोड, 15 बिस्तरों का अंत:वासी संस्था का संचालन किया जा रहा है। जिसमें नशा से पीडि़त व्यक्तियों के लिए नि:शुल्क चिकित्सकीय उपचार, देखभाल, भोजन की व्यवस्था, वस्त्र एवं आवासीय सुविधाओं सहित नियमित रूप से हितग्राहियों को व्यायाम, योगा, खेलकूद एवं मनोरंजन व शिक्षा के माध्यम से नशो के दुष्प्रभावों को बताते हुए नशा छोडऩे के लिए प्रेरित किया जाता है। समस्याओं के निराकरण हेतु हेल्पलाईन नंबर 155-326 एवं टोल फ्री नंबर 1800-233-8989 में जानकारी प्राप्त की जा सकती है एवं नवजीवन नशामुक्ति केन्द्र के समन्वयक के मोबाइल नंबर 8109924593 पर संपर्क किया जा सकता है। -

नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए स्थापित किया गया कंट्रोल रूम…
07762-223750 में कॉल कर दर्ज करा सकते हैं शिकायतें
सभी निकायों के लिए गठित की गई है आदर्श आचार संहिता समिति
नगरीय निकाय के रिटर्निंग ऑफिसर और आदर्श आचार संहिता समिति से भी कर सकते हैं शिकायत
सोशल मीडिया पर रहेगी नजर, अपुष्ट जानकारी और अफवाह फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
रायगढ़। नगरीय निकाय/त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024.25 हेतु प्रभावी आदर्श आचार संहिता को दृष्टिगत रखते हुए जिला स्तरीय 24&7 कंट्रोल रूम कार्यालय कलेक्टर कक्ष क्रमांक 19 में स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष 07762-223750 है। नगरीय निकाय/ त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024-25 हेतु निर्वाचन कार्यक्रम संबंधित सुझाव एवं शिकायतें उक्त दूरभाष के माध्यम से दर्ज कराया जा सकता है।
इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित कराने प्रत्येक नगरीय निकाय क्षेत्र के लिए समिति का गठन किया गया है। इसमें समिति के अध्यक्ष के रूप में अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। आचार संहिता उल्लंघन के मामले में संबन्धित नगरीय निकाय के रिटर्निंग ऑफिसर के साथ ही आदर्श आचार संहिता समिति के अध्यक्ष से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आदर्श संहिता पालन के लिए प्रत्येक निकाय के लिए गठित है समिति
आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित कराने हेतु प्रत्येक नगरीय निकाय के लिए एम.सी.सी.(मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) समिति का गठन किया है। रायगढ़ के लिए गठित एमसीसी समिति में नगर निगम क्षेत्र के लिए आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश कुमार क्षत्रिय को अध्यक्ष बनाया गया है। नगर पालिका खरसिया के लिए एसडीएम डॉ प्रियंका वर्मा, नगर पंचायत घरघोड़ा के लिए एसडीएम श्री रमेश कुमार मोर, नगर पंचायत धरमजयगढ़ के लिए एसडीएम श्री धनराज मरकाम, नगर पंचायत लैलूंगा के लिए एसडीएम सुश्री अक्षा गुप्ता, नगर पंचायत पुसौर और नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर के लिए एसडीएम रायगढ़ श्री प्रवीण तिवारी को आदर्श आचार संहिता समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उक्त क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए ये हैं रिटर्निंग ऑफिसर
रायगढ़ नगर निगम के लिए अपर कलेक्टर श्री रवि राही रिटर्निंग ऑफिसर हैं। खरसिया नगर पालिका के लिए एसडीएम डॉ प्रियंका वर्मा, धरमजयगढ़ नगर पंचायत के लिए एसडीएम श्री धनराज मरकाम, घरघोड़ा नगर पंचायत के लिए एसडीएम श्री रमेश कुमार मोर, नगर पंचायत लैलूंगा के लिए एसडीएम सुश्री अक्षा गुप्ता, नगर पंचायत पुसौर के लिए तहसीलदार श्रीमती नेहा उपाध्याय और नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर के लिए अतिरिक्त तहसीलदार श्री हितेश साहू रिटर्निंग ऑफिसर हैं।
सोशल मीडिया पर होगी कड़ी नजर, अफवाह फैलाने पर होगी कानूनी कार्यवाही
नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों पर एमसीएमसी समिति की कड़ी नजर होगी। सोशल मीडिया में किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी, फेक न्यूज या अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। -

नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2024-25
अध्यक्ष पद के लिए नगर पालिका/नगर पंचायत में 22 अभ्यर्थियों ने जमा किया नामांकन….
पार्षद पद के लिए नगर निगम रायगढ़ में 177 तथा नगर पालिका एवं नगर पंचायत में 251 अभ्यर्थियों ने जमा किया नामांकन
रायगढ़। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कार्तिकेया गोयल के निर्देशन में नगरीय निकायों के लिए जा रहे नाम निर्देशन प्रक्रिया के तहत आज 28 जनवरी अंतिम दिवस तक नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए कुल 22 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया। वहीं नगर निगम रायगढ़ अंतर्गत पार्षद पद के लिए कुल 177 तथा नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में पार्षद हेतु 251 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया है।
नगर पालिका परिषद खरसिया में अध्यक्ष पद के लिए 5 अभ्यर्थी, नगर पंचायत पुसौर में 04, नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर में 3, नगर पंचायत धरमजयगढ़ में 5, नगर पंचायत घरघोड़ा में 3 एवं नगर पंचायत लैलूंगा में 2 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया। वहीं अध्यक्ष पद के लिए 32 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र खरीदे थे।
नगर निगम रायगढ़ पार्षद पद हेतु 177 अभ्यर्थियों ने किया नामांकन दाखिल
रायगढ़ नगर निगम अंतर्गत कुल 48 वार्डो के लिए पार्षद पद हेतु 177 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया। जिनमें वार्ड क्रमांक 1 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 2 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 3 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 4 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 5 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 6 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 7 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 8 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 9 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 10 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 11 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 12 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 13 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 14 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 15 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 16 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 17 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 18 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 19 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 20 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 21 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 22 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 23 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 24 में 08 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 25 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 26 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 27 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 28 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 29 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 30 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 31 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 32 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 33 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 34 में 04 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 35 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 36 में 08 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 37 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 38 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 39 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 40 में 07 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 41 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 42 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 43 में 05 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 44 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 45 में 02 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 46 में 03 अभ्यर्थी, वार्ड क्रमांक 47 में 06 अभ्यर्थी एवं वार्ड क्रमांक 48 में 02 अभ्यर्थी शामिल है। वहीं कुल 48 वार्डो के लिए 221 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र खरीदे थे।
नगर पालिका एवं नगर पंचायत में पार्षद पद हेतु 251 अभ्यर्थियों ने किया नामांकन दाखिल
नगर पालिका परिषद खरसिया में पार्षद पद के लिए 59 अभ्यर्थी, नगर पंचायत पुसौर में 37, नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर में 30, नगर पंचायत धरमजयगढ़ में 39, नगर पंचायत घरघोड़ा में 45 एवं नगर पंचायत लैलूंगा में 41 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया। वहीं नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत अंतर्गत 316 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र खरीदे थे। -

CG: कलेक्ट्रेट में टाईम मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने का असर, रायपुर कलेक्ट्रेट में एप से शुरु हुई हाजिरी के दिखने लगे नतीजे, 486 कर्मचारियों में केवल एक गैरहाजिर….
कार्यालयीन समय पर दफ़्तर में हाजिर नहीं होने वाले कर्मचारियों अधिकारियों के लिए अब यह आरामतलबी बीते दिनों की बात है। कलेक्ट्रेट रायपुर में कर्मचारियों अधिकारियों की उपस्थिति ठीक दस बजे सुनिश्चित करने के लिए BAS एप प्रभावी हो गया है। यह एप ना केवल उपस्थित दर्ज करता है बल्कि कितने बजे उपस्थिति हुई यह भी दर्ज कर लेता है। BAS एप में ऑफिस से जाते समय भी एंट्री करना अनिवार्य कर दिया गया है जिससे अब यह भी यह भी स्पष्ट होता है कि, कर्मचारी कितने देर तक कार्यालय में रहा। बीते 22 जनवरी से प्रभावी किए गए एप में दर्ज आँकड़ों की खुद कलेक्टर गौरव कुमार सिंह मॉनिटरिंग करते हैं।
पचास मीटर तक एक्टिव है एप
BAS एप को फ़िलहाल कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक्टिव किया गया है। कलेक्ट्रेट का अर्थ है समूचा कलेक्ट्रेट। इसमें जिला पंचायत भी शामिल है। कलेक्टर रायपुर में मौजूद हर शाखा याने विभाग प्रमुख से लेकर कर्मचारियों तक के मोबाइल में यह एप डाउनलोड है। यह एप फ़िलहाल कलेक्ट्रेट परिसर में सौ मीटर के दायरे में संचालित है। लेकिन कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने इस एप के चालू होने के पांचवें दिन अब इसे पचास मीटर तक सीमित कर दिया है। दरअसल कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने खुद मोबाईल लेकर यह परीक्षण किया कि, यदि एप की रेंज सौ मीटर रहे तो आरामतलब कर्मचारी अधिकारी बगैर ऑफिस पहुँचे तो हाज़िरी नहीं भर लेंगे। ऐसी किसी भी आशंका को निर्मूल करने एप को कलेक्ट्रेट के पचास मीटर के भीतर सीमित किया गया है। इसके मायने यह है कि कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट पहुँच कर ही एप पर उपस्थिति और वापसी दर्ज करनी होगी वर्ना एप खुलेगा ही नहीं।
अब पंचायत भवन भी जुड़ेगा
सारे जिला स्तरीय ऑफिस की मैपिंग के बाद अब जल्द ही एप को रायपुर जिले की सभी जनपदों, तहसील कार्यालयों के साथ साथ पंचायत भवनों तक में प्रभावी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
विंडो 10 से उपर हर एप्लीकेशन में डाउनलोड होता है एप
BAS एप मौजूदा प्रचलन के हर मोबाईल में उपलब्ध होता है। इसे विंडो 10 से उपर के हर एप्लीकेशन में आसानी से डाउनलोड किया जाता है। इसमें उपस्थित पर हरा, वीकली ऑफ पर ब्लू और अफ़सेंट पर रेड ऑप्शन है। कर्मचारी की स्थिति के हिसाब से एप में वह ऑप्शन दर्ज हो जाता है। इस एप में यह भी देखा जा सकता है कि कर्मचारी यदि अवकाश पर हैं तो कब से कब तक हैं और अवकाश का प्रकार कौन सा है।
कलेक्टर से लेकर प्यून तक सब दस बजे हाजिर
कार्यालय में उपस्थित होने का समय दस बजे तय किया गया है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस के साथ साथ इस एप के प्रभावी होने का परिणाम यह है कि, कलेक्टर से लेकर चपरासी तक सभी दस बजे या अधिकतम दस बजकर सात मिनट तक हाजिर हो जाते हैं। एप में उपस्थिति के आँकड़े के साथ साथ उपस्थिति के समय और जाने के समय को लेकर दर्ज आँकड़े को भी पूरी गंभीरता से ना केवल देखा जा रहा है बल्कि गड़बड़ी की आशंका दिखने पर विभाग प्रमुखों को तलब कर आड़े हाथों भी लिया जा रहा है।
कामचोरी लापरवाही होगी तो कार्यवाही करेंगे-गौरव सिंह
कलेक्टर गौरव सिंह के प्रतिदिन के कार्यों में एक काम इस एप में दर्ज आकंडो की मॉनिटरिंग है। आज याने सोमवार 27 जनवरी को जबकि आँकड़ा 486 कर्मचारियों में से केवल एक के गैर हाजिर होने और 424 के उपस्थित होने का आया तो विभाग प्रमुखों को तलब कर यह निर्देशित किया गया कि, यदि कुछ कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में हैं तो उसकी मियाद टेक्निकल ऑपरेटर को बताई जाए और यदि कोई अवकाश पर है तो उसका ब्यौरा भी दर्ज कराया जाए। रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने द हिट डॉट इन से कहा – “समय पर कार्यालय पहुंचना अनिवार्य है। इस अनिवार्यता के दायरे में मैं भी हूँ और अन्य कर्मचारी भी। एप के जरिए सब कुछ पारदर्शी है और स्पष्ट भी। अब कामचोरी नहीं चलेगी। जल्द ही यह व्यवस्था भी प्रभावी करेंगे कि यदि कोई निर्धारित समय से अधिक समय तक अपनी टेबल से गायब है तो उसकी भी प्रमाण सहित सूचना आएगी। बिलाशक कड़ी कार्यवाही करेंगे।” -

महाकुंभ के दौरान बड़ा हादसा, प्रयागराज में श्रद्धालुओं में भगदड़ मची, सत्रह की मौत की खबरें, अखाड़ा परिषद ने आज का अमृत स्नान रद्द किया…
महाकुंभ के दौरान पवित्र माने जाने वाले मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान करने को लेकर मची भगदड़ में कई श्रद्धालुओं के हताहत होने की खबरें हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में सत्रह के भगदड़ की वजह से मारे जाने की खबरें हैं। लेकिन आशंका है कि, यह संख्या बढ़ सकती है। इधर अखाड़ा परिषद ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना को देखते हुए आज का अमृत स्नान रद्द कर दिया है।
कैसे हुई है घटना
मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं में संगम स्नान की होड़ है। इस होड़ में शामिल होने श्रद्धालुओं की संख्या कुंभ स्थल पर करोड़ों में तब्दील हो गई। भीड़ ने बैरिकेड तोड़ दिए और ठीक संगम स्थल के पास जमा हो गई। इसी दौरान भगदड़ मची और भयावह हादसा हो गया। जो खबरें आ रहीं हैं उसके अनुसार यह घटनाक्रम करीब दो बजे हुआ है।
बड़ी संख्या में घायलों को अस्पताल लाया गया
भगदड़ और मौत की खबरें आने के बाद मौके पर पैरामिलेट्री फोर्स समेत सुरक्षा बलों ने हालात सम्हालने की कोशिश की है। जागरण और अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हादसे के बाद पचास से अधिक एंबुलेंस पहुँचीं और बड़ी संख्या में शव वाहन भी पहुंचे हैं।