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  • हॉस्टल में शिक्षिका के साथ रंगरेलियां मनाते अधीक्षक पकड़ाया….

    हॉस्टल में शिक्षिका के साथ रंगरेलियां मनाते अधीक्षक पकड़ाया….

    हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने ग्रामीणों को दी मामले की सूचना

    बलरामपुर। रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड में संचालित पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम का अधीक्षक 13 फरवरी की रात एक शिक्षिका के साथ रंगरेलियां मनाते पकड़ा गया। इसकी जानकारी हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने ग्रामीणों को दी। सूचना मिलते ही बीईओ व एसडीएम मौके पर पहुंचे। वहीं जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने शिक्षिका को जहां निलंबित कर दिया है, वहीं आश्रम अधीक्षक को पद से हटा दिया है।

    पुरी घटना 13 फरवरी की रात पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम के कमरे में एक अधीक्षक व शिक्षिका के होने की जानकारी जब ग्रामीणों को मिली तो ग्रामीणों ने हॉस्टल को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद मामले की सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलने के बाद शंकरगढ़ एसडीएम आनंद राम नेताम और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

    जब अधिकारियों ने जांच की तो पाया गया कि छात्रावास अधीक्षक महिला शिक्षिका के साथ एक कमरे में मौजूद था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छात्रावास अधीक्षक लंबे समय से महिला शिक्षिका को आश्रम में बुलाता था और पूरी रात साथ बिताता था।जब एसडीएम ने छात्रावास अधीक्षक से पूछताछ की तो उसने दावा किया कि शिक्षिका से कोर्ट मैरिज किया है। लेकिन जब इस मामले की विवेचना की गई तो पता चला कि अधीक्षक पहले से शादीशुदा है और उसके 2 बच्चे भी हैं। वहीं शिक्षिका अविवाहित निकली।

    जांच के दौरान मिले साक्ष्य के आधार पर बिना सूचना बालक छात्रावास में शिक्षिका का रहना तथा अधीक्षक द्वारा मामले की झूठी जानकारी देने की बात को अधिकारियों ने गंभीर व अनुशासनहीनता माना। इसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई।

    जाँच रिपोर्ट के आधार पर मामले में कलेक्टर ने शिक्षिका को जहां निलंबित कर लिया है, वहीं छात्रावास अधीक्षक को हटा दिया है।

  • आईपीएस अरुणदेव गौतम बने छत्तीसगढ़ के 12वें डीजीपी, सरकार ने जारी किया आदेश, जानिये उनके बारे में…

    आईपीएस अरुणदेव गौतम बने छत्तीसगढ़ के 12वें डीजीपी, सरकार ने जारी किया आदेश, जानिये उनके बारे में…

    छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुणदेव गौतम को राज्य का नया डीजीपी अपाइंट किया है। गौतम छत्तीसगढ़ के 12वें पुलिस महानिदेशक होंगे। उनसे पहले 11 डीजीपी रह चुके हैं। मोहन शुक्ला छत्तीसगढ़ के पहले पुलिस प्रमुख थे, जिनका हाल ही में देहावसान हुआ है।

    सरकार ने आईपीएस अरुणदेव गौतम को सूबे का नया
    डीजीपी नियुक्त कर दिया है। वे डीजीपी अशोक जुनेजा की जगह लेंगे। जुनेजा का छह महीने का एक्सटेंशन आज समाप्त हो जाएगा। इसके बाद अरुणदेव गौतम छत्तीसगढ़ पुलिस की कमान संभालेंगे।

    अरुणदेव गौतम मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में डिफरेंट तरह की पोस्टिंग किए हैं। वे भोपाल में एडिशनल एसपी रहे तो राजगढ़ के एसपी भी। छत्तीसगढ़ बनने के बाद उनका कैडर चेंज हो गया। छत्तीसगढ़ में वे छह जिलों के एसपी और दो रेंज के आईजी रहे। गृह सचिव के रूप में लंबे समय तक पोस्टेड रहने की वजह से उन्हें मंत्रालय की वर्किंग भी बखूबी पता है।

    अरुणदेव गौतम काफी सरल और सहज पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। लेकिन, पोलिसिंग में उतने ही सख्त भी। सीएसपी, एएसपी और एसपी के दौरान लोगों ने उनकी पोलिसिंग देखी है।

    1992 में आईपीएस की सर्विस ज्वाईन करने के बाद सीएसपी के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग बिलासपुर की मिली। ये मध्यप्रदेश के दौर की बात है। सीएसपी की

    पोस्टिंग में वे गश्त के मामले में काफी चर्चित हो गए थे। सुबह चार बजे तक जिप्सी गाड़ी में वे खुद शहर के चौक-चौराहों और थानों का चक्कर लगाते रहते थे।

    किसान परिवार से ताल्लुकात

    छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अरुण देव उत्तर प्रदेश के
    कानपुर के पास फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव के रहने वाले है। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को हुआ। वे किसान परिवार से ताल्लुकात रखते हैं। पिता कृषक है। गांव में अच्छी खेतीबाड़ी है। वे पांच भाई और एक बहन हैं। अभयपुर गांव फतेहपुर जिले में जरूर आता है मगर कानपुर से दूरी मात्र 30 किलोमीटर है।

    गांव से स्कूली शिक्षा

    अरुण देव गौतम ने आठवीं तक की स्कूली शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की। फिर आगे की पढ़ाई करने के लिए वे अपने बड़े भाई के पास प्रयागराज आ गए। उनके भाई वहां वकील थे। गौतम ने दसवीं और बारहवीं उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्टस लेकर बीए किया। इसके बाद राजनीति शास्त्र में एमए।

    यूपीएससी क्लियर करने का ठाना

    इलाहाबाद में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के दौरान उनके कई दोस्तों ने यूपीएससी क्लियर कर लिया। इसको देखते गौतम ने ठान लिया कि वे भी देश की सबसे बड़ी इस प्रतियोगी परीक्षा पास करेंगे। मन में संकल्प लेकर वे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली दाखिला ले लिया। वहां से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की। इसके बाद पीएचडी करना प्रारंभकिया। यूपीएससी परीक्षा में पहली बार असफल रहने के बाद अरुण देव गौतम ने ध्येय की प्राप्ति के लिए पढ़ाई में सब कुछ झोंक दिया। और दूसरी बार मे आईपीएस सलेक्ट हो गए।

    सात जिलों के एसपी

    अरुण देव गौतम यूपीएससी निकालकर 1992 बैच के आईपीएस बने। 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की। उन्हें पहले मध्यप्रदेश कैडर एलॉट हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई। फिर वे बिलासपुर के सीएसपी बने। बिलासपुर के बाद एसडीओपी कवर्धा और फिर एडिशनल एसपी भोपाल बने। मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रहे। एसपी के रूप में पहला जिला उनका राजगढ़ रहा।

    छत्तीसगढ़ में छह जिले के एसपी

    वर्ष 2000 में पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बनने पर अरुण देव गौतम ने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। छत्तीसगढ़ में वे कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और
    बिलासपुर जिले के एसपी रहे।

    एसपी की शहादत के बाद गौतम पर भरोसा
    डीआईजी बनने के बाद वे पुलिस हैडक्वाटर, सीआईडी,
    वित्त और योजना, प्रशासन और मुख्यमंत्री सुरक्षा के महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ रहे। चुनौती पूर्ण जिलों में अरुण देव गौतम को भेजा जाता था। वर्ष 2009 में राजनांदगांव में नक्सली हमले में 29 पुलिसकर्मियों व पुलिस अधीक्षक के शहीद होने के बाद अरुण देव गौतम को वहां का एसपी बन कर भेजा गया। जहां उन्होंने नक्सलियों से जमकर लोहा लिया।

    बस्तर समेत दो रेंज के आईजी

    आईजी के पद पर प्रमोशन होने के बाद छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स के प्रभार में रहे। फिर बिलासपुर रेंज के आईजी बने। झीरम नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं की मौत के बाद अरुण देव गौतम को बस्तर आईजी बना कर भेजा गया। 25 मई 2013 को झीरम कांड हुआ था। इसके कुछ ही माह बाद नवंबर में विधानसभा चुनाव हुए। तब सफलतापूर्वक चुनाव करवाने में अरुण देव गौतम की भूमिका रही और वोटिंग प्रतिशत में भी काफी इजाफा हुआ।

    गृह सचिव, आईजी रेल, ट्रैफिक, फायर ब्रिगेड आईपीएस अरुणदेव गौतम रेलवे, प्रशिक्षण, भर्ती और यातायात शाखाओं के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक रहें।
    लंबे समय तक वे छत्तीसगढ़ के गृह सचिव भी रहे। इसके अलावा उन्हें नगर सेना, अग्निशमन सेवाओं का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

  • मुकेश अंबानी की सलाह, AI का उपयोग करो, गुलाम मत बनो…

    मुकेश अंबानी की सलाह, AI का उपयोग करो, गुलाम मत बनो…

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बहस में अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कहा कि चैटजीपीटी का इस्तेमाल जरूर करो, लेकिन याद रखो कि खुद की बुद्धि से हम आगे बढ़ेंगे और आप आगे बढ़ सकते हैं न कि आर्टिफिशियल बुद्धि से । उन्होंने यह बात गुजरात के गांधीनगर में पंडित दीन दयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कही।

    मुकेश अंबानी ने छात्रों से बातचीत में कहा, मैं हमारे युवा छात्रों को एक सलाह देना चाहता हूं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक उपकरण के रूप में उपयोग करने में माहिर होना चाहिए। लेकिन, अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करना न छोड़ें। इस विश्वविद्यालय के बाहर निकलते ही आपको इससे भी बड़ी ‘यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ’ में एडमिशन लेना पड़ेगा। जहां न कैंपस होगा, न क्लासरूम और न ही पढ़ाने वाले टीचर्स। आप अपने दम पर ही जीवन में आगे बढ़ सकेंगे।

  • CG – 90 साल से संचालित चार हड्डी गोदामों पर लगा प्रतिबंध, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला……

    CG – 90 साल से संचालित चार हड्डी गोदामों पर लगा प्रतिबंध, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला……

    भाटापारा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा में हड्डी गोदामों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। 90 वर्षों से दो ग्रामों में संचालित 4 हड्डी गोदामों को पुलिस ने बंद करवाया है। ये कार्रवाई एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में हुई है। बता दें कि हड्डी गोदामों में प्रतिबंध के बाद वायु प्रदूषण में भी कमी आयेगी। हड्डी गोदामों की वजह से क्षेत्र में अस्वास्थ्यकर माहौल बन रहा था।

    दरअसल, थाना सिमगा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर बिलासपुर नेशनल हाईवे के किनारे ग्राम विश्रामपुर एवं गणेशपुर स्थित है। उक्त दोनों ग्राम में गौवंश का वध कर गौमांस की बिक्री एवं गौवंश को अवैध रूप से कत्लखाना ले जाने की सूचना पुलिस को प्राप्त होती रहती है। इस संबंध में थाना सिमगा पुलिस द्वारा संबंधित आरोपियों के विरूद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई भी की जा रही है। सांथ ही संबंधित थाना सिमगा की पेट्रोलिंग टीम द्वारा दोनों ग्रामों में लगातार पेट्रोलिंग भी की जा रही है।

    विशेषकर उक्त दोनों ग्रामों की गतिविधियों पर सतत् निगाह रखी जाने एवं अपराध नियंत्रण हेतु वर्ष 2022 में पुलिस सहायता केन्द्र लिमतरा भी प्रारंभ किया गया है। पुलिस सहायता केन्द्र लिमतरा के माध्यम से गौवंश की तस्करी एवं गौमांस विक्रय में लिप्त आरोपियों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस द्वारा पिछले 90 वर्षों से ग्राम गणेशपुर एवं विश्रामपुर में संचालित 4 अवैध हड्डी गोदामों को बंद कराया गया है। इसके साथ ही गौ तस्करी एवं गौ मांस के अवैध कार्य में लिप्त आरोपी ईलू उर्फ साहिल निवासी ग्राम गणेशपुर के विरूद्ध लगातार कार्रवाई कर उसे जिलाबदर किया गया है।

    इसके अतिरिक्त गौमांस की बिकी एवं गौवंश की तस्करी करने वालें आरोपियों के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में कार्यवाही कर उन्हें जेल दाखिल भी किया गया है।

  • Chhattisgarh में अदालत का आदेश- दो थानेदारों के खिलाफ FIR करो

    Chhattisgarh में अदालत का आदेश- दो थानेदारों के खिलाफ FIR करो

    दुर्ग में प्रोफेसर पर हमला मामले के आरोपी प्रोबीर शर्मा की पत्नी द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में पेश आवेदन की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अमिता जायसवाल ने आईजी दुर्ग को निर्देशित किया है कि, थाना प्रभारी पुरानी भिलाई महेश ध्रुव और थाना प्रभारी महिला थाना सेक्टर 6 श्रद्धा पाठक के विरुध्द विभागीय कार्यवाही के साथ साथ आपराधिक दायित्व धारा 127(1) के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की जाए। इस मसले पर एसपी दुर्ग जितेंद्र शुक्ला ने कहा है कि, अभी उन्हें न्यायालय का आदेश नहीं मिला है।

    क्या है मसला

    दुर्ग कोर्ट में डॉ पूर्णिमा शर्मा की ओर से आवेदन/शपथ पत्र पेश कर आरोप लगाया गया कि, उन्हे बगैर किसी अपराध के लगभग 15 घंटे थाने में बैठाकर रखा गया। डॉ पूर्णिमा शर्मा, सुपेला में हुए प्रोफेसर हमला कांड के आरोपी प्रोबीर शर्मा की पत्नी हैं।

    अदालत ने क्या कहा है

    अदालत ने आदेश में उल्लेख किया है कि, प्रथम यह साबित है कि, थाना प्रभारी पुरानी भिलाई महेश ध्रुव के द्वारा डॉ पूर्णिमा शर्मा को लगभग 15 घंटे थाने में बैठाकर निरुद्ध रखा गया, जिसमें सक्रिय सहभागिता महिला थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक की भी थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अमिता जायसवाल ने इस निष्कर्ष के आधार हेतु सीसीटीवी फुटेज का जिक्र किया है। इन शब्दों में आदेश लिखा गया है-“प्रशांत मिश्रा थाना भिलाई नगर के द्वारा अपने जवाब में यह बताया गया है कि, थाना प्रभारी पुरानी भिलाई महेश ध्रुव के द्वारा डॉ पूर्णिमा शर्मा को महिला थाना में बैठाया गया था, जिसे थाना प्रभारी महेश ध्रुव के द्वारा 14 जनवरी को अदालत में स्वीकार किया। महिला थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक के द्वारा अपने जवाब में यह उल्लेखित किया गया कि थाना प्रभारी महेश ध्रुव के द्वारा डॉक्टर पूर्णिमा को थाने में नहीं बैठाया गया है, जबकि सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट है कि पूर्णिमा को लगभग 15 घंटे थाने में बैठाकर रखा गया था।”

    कार्यवाही के लिए आईजी को निर्देशित किया

    अदालत ने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि, अभिरक्षा शब्द से यह अर्थ नहीं निकलता कि लॉकअप में ही रखा जाए। एक स्थान में निगरानी में रखना भी अभिरक्षा/हिरासत / निरुद्ध की श्रेणी में आता है। बीएनएसएस की धारा 179 के तहत किसी महिला को थाने में पूछताछ के नाम पर उपस्थित होने की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। महिला को उसके निवास स्थान के अतिरिक्त भिन्न स्थान पर पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जाएगा जब तक कि वह अपनी सहमति ना दे। पूछताछ के नाम पर बिना किसी अपराध के डॉ पूर्णिमा शर्मा को निरंतर 15 घंटे सूर्यास्त के पश्चात तक महिला थाने में बैठाकर निरुद्ध रखा गया जो कि विधि के प्रावधानों के विपरीत है, जो विभागीय कार्यवाही के साथ साथ आपराधिक दायित्व भी बनता है। अदालत ने विभागीय कार्यवाही और एफआईआर के लिए आईजी रेंज दुर्ग रामगोपाल गर्ग को निर्देशित किया है।

    एसपी बोले- अभी आदेश मिला नहीं है

    इस पूरे मसले पर एसपी जितेंद्र शुक्ला ने यह कहा है कि, अभी उन तक आदेश की कॉपी नहीं पहुँची है। एसपी जितेंद्र शुक्ला ने कहा -“हमें मीडिया एवं अन्य स्त्रोतों से कुछ सूचना जरुर आई है लेकिन अभी आदेश की कॉपी नहीं मिली है। यदि आदेश वैसा ही है जैसा कि मीडिया से मिली सूचना है तो यह आदेश ना केवल अवैधानिक है बल्कि दुर्भावनापूर्ण है। दुर्ग पुलिस इस आदेश की वैधानिकता को चुनौती देगी।”

    आईजी बोले- मैंने एसपी को पत्र भेज दिया है

    इस पूरे मसले पर आईजी दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग ने कहा है कि, अदालत का आदेश फ़िलहाल नहीं है लेकिन एसपी को इस संबंध में उनके कार्यालय से पत्र भेज दिया गया है।

  • Chhattisgarh में 1 लाख की रिश्वत के साथ पटवारी धराया…

    Chhattisgarh में 1 लाख की रिश्वत के साथ पटवारी धराया…

    राज्य के मुंगेली में एंटी करप्शन ब्यूरो ने पटवारी सुशील जायसवाल और उसके सहायक गुलाब दास मानिकपुरी को एक लाख रुपए रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में एसीबी आर आई नरेश साहू की भूमिका को भी संदिग्ध मान रही है।

    पाँच लाख की माँगी थी रिश्वत

    एसीबी को शिकायत मिली कि, पटवारी सुशील जायसवाल और आर आई नरेश साहू ने ग्राम रामगढ़ निवासी वैभव सोनी से उसकी 26 एकड़ कृषि जमीन का सीमांकन करने के एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। वैभव ने इस बात की शिकायत एसीबी से 19 नवंबर को की थी। पटवारी ने चार लाख रुपए में सीमांकन करने की सहमति दे दी और पहली किश्त के रुप में एक लाख रुपये अपने सहायक गुलाब मानिकपुरी के ज़रिए लिए। एसीबी ने पटवारी और उनके सहयोगी को रिश्वत की रकम एक लाख रुपए के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

  • Chhattisgarh: जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने भेजा इस्तीफ़ा

    Chhattisgarh: जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने भेजा इस्तीफ़ा

    बेमेतरा के जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बंसी पटेल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिख कर बेमेतरा के पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा और पीसीसी के महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू पर अपमानित करने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब यह है कि, यह इस्तीफ़ा पत्र वायरल हो गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि, इसे इरादतन वायरल कराया जा रहा है या भूल से मीडिया के पास पहुँच गया है।

    तीन पन्नों का पत्र, आरोप ही आरोप

    जो इस्तीफ़ा पत्र वायरल है, वह कुल जमा तीन पन्नों का है। कमोबेश तीनों ही पन्नों में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर आरोप हैं। इस पत्र में जिस विषय को केंद्र बनाया गया है वह विषय नगरीय निकाय चुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में संगठन की ओर से भेजी गई सिफारिशों को नहीं मानने को लेकर है। पत्र में उल्लेख है कि “मैंने पूरी सूची जांगिड़ जी को सौंप दी, जिस पर सह प्रभारी द्वारा मुझे बताया गया कि, उम्मीदवारों का चयन पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा से पूछकर ही किया जाएगा, जिस पर मैंने संगठन का महत्व और जिला समन्वय समिति का महत्व जानना चाहा..! जब संगठन की इसमें कोई भूमिका नहीं है तो मुझे वहां रहना उचित नहीं लगा और मैं वापस आ गया। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बेमेतरा के पूर्व विधायक से संपर्क साधते हुए आशीष छाबड़ा को जिला समन्वयक नियुक्त करने का एक पक्षीय आदेश जारी कर दिया गया जो मुझे अपमानित करने के उद्देश्य से लिया गया निर्णय प्रतीत हुआ।”

    प्रत्याशियों को लेकर सवाल

    बंशी पटेल के हस्ताक्षर वाले इस्तीफ़ा पत्र में बेमेतरा नगर पालिका और कुसमी नगर पालिका में पार्टी प्रत्याशियों का जिक्र करते हुए सवाल उठाए गए हैं। पत्र में लिखा गया है “बेमेतरा में ऐसे व्यक्ति को आशीष छाबड़ा ने अध्यक्ष के लिए नामित किया गया है जो कि अभी ही 6 वर्ष के लिए कांग्रेस से निष्कासित हुआ था और जिसने ब्लॉक कांग्रेस भवन बेमेतरा के किराए में 54100 रुपये की हेराफेरी की है। कुसमी में अध्यक्ष पद के लिए जिसे टिकट दी गई है, वे दो दिन पहले तक बीजेपी से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे। इनका नाम बीजेपी के पैनल में दूसरे नंबर पर था। ये वनमंत्री केदार कश्यप के कट्टर समर्थक हैं। जबकि सच्चे सिपाहियों की उपेक्षा की गई है।”

    मैंने कभी सोचा नहीं था…

    कांग्रेस के क्षत्रप रविंद्र चौबे के करीबी या कि बेहद विश्वस्त माने जाने वाले बंसी पटेल के पत्र के आखिर में इस्तीफे का उल्लेख है। पत्र में उल्लेखित है -“मैंने कभी सोचा नहीं था कि मुझे इस जीवन में कभी कांग्रेस पार्टी में ऐसे भी अपमान भरे दिन देखने पड़ेंगे, अतः अत्यंत भारी मन से स्वयं को अपमानित महसूस करते हुए अपनी मातृ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से और अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूँ।”

  • छत्तीसगढ़ में दो कलेक्टरों पर कांग्रेस के गंभीर आरोप…

    छत्तीसगढ़ में दो कलेक्टरों पर कांग्रेस के गंभीर आरोप…

    छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान धमतरी में महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन रद्द किए जाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कलेक्टर धमतरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया है कि, कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन फ़ार्म षड्यंत्रपूर्वक सीएम के निर्देश पर रद्द किया गया। धमतरी कलेक्टर ने अवैधानिक तरीके से उनका नामांकन निरस्त कर दिया।

    मामले को गांधी वध से जोड़ा कांग्रेस ने

    धमतरी में कांग्रेस के मेयर उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने के फैसले को कांग्रेस ने महात्मा गांधी की हत्या से जोड़ा है। पीसीसी चीफ बैज ने कहा -“30 जनवरी को जिस विचारधारा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या किया था, उसी विचारधारा ने एक बार फिर से 30 जनवरी को ही धमतरी में लोकतंत्र की हत्या की है।” दीपक बैज ने आरोप लगाया है किरण बीजेपी सत्ता का दुरपयोग करते हुए स्थानीय निकाय चुनावों को भरपूर प्रभावित कर रही है। दीपक बैज ने कहा- “29 जनवरी की रात का धमतरी कलेक्टर के मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल सार्वजनिक किया जाए, स्पष्ट हो जाएगा कि सीएम हाउस से उन्हें फ़ोन गया था या नहीं गया था। धमतरी कलेक्टर बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। कांग्रेस की निर्वाचन आयोग से मांग है कि, धमतरी कलेक्टर को तत्काल हटाया जाए।”

    बीजेपी ने शिकायत की थी

    बीजेपी की ओर से यह शिकायत की गई थी कि, विजय गोलछा निगम में पंजीकृत ठेकेदार हैं और उनको जो काम आबंटित हुआ था वह अब मेनटेनेंस की परिधि में है, जिसके लिए दस प्रतिशत की राशि भी निगम में जमा रखी गई है। इस शिकायत के आधार पर निर्वाचन अधिकारी इंदिरा नवीन सिंह ने मामले की सुनवाई की और विजय गोलछा का नामांकन पत्र नियमों के विपरीत पाते हुए निरस्त कर दिया।

    कांग्रेस की दलील

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस फ़ैसले को दूषित और प्रायोजित बताते हुए कहा है कि विजय गोलछा नगर निगम धमतरी के पंजीकृत ठेकेदार नहीं है, वे पीडब्ल्यूडी के पंजीकृत ठेकेदार हैं। जहां तक निगम के काम का सवाल है, वह काम एक वर्ष पूर्व लिया गया था जो कि पूरा हो चुका है, और उसकी एनओसी भी निगम दे चुकी है।

    कांग्रेस ने बिलासपुर कलेक्टर को भी घेरा

    कांग्रेस ने बिलासपुर निगम के लिए बीजेपी की मेयर प्रत्याशी पूजा विधानी के मुद्दे को उठाते हुए कलेक्टर बिलासपुर पर भी आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि, बीजेपी प्रत्याशी पूजा विधानी का मूल नाम एल पद्मजा है। उन्हें तेलुगु समाज का माना जाता था। उन्होंने उड़िया समाज का होने और खुद को ओबीसी वर्ग का बताते हुए नामांकन भरा। पूजा विधानी पास ओबीसी समुदाय का प्रमाणपत्र और दस्तावेज छत्तीसगढ़ का नहीं है। कांग्रेस की ओर से इस विषय पर आपत्ति की गई लेकिन तथ्य और तर्कपूर्ण आपत्ति को सरकार और बीजेपी नेताओं के दबाव में बिलासपुर कलेक्टर ने दरकिनार कर दिया। पीसीसी चीफ बैज ने कहा- “राज्य के बाहर के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर न चुनाव लड़ा जा सकता है और ना ही नौकरी के लिए पात्र माना जाता है, लेकिन चूंकि पूजा विधानी बीजेपी प्रत्याशी हैं इसलिए उनका जाति प्रमाण पत्र अवैध तरीके से स्वीकार कर लिया गया।”

    बिलासपुर के रिटर्निंग ऑफ़िसर ने कहा

    बिलासपुर की बीजेपी प्रत्याशी पूजा विधानी के मसले पर कांग्रेस की आपत्ति को रिटर्निंग अधिकारी आर ए कुरुवंशी ने यह कहते हुए खारिज किया कि, कांग्रेस आपत्ति के समर्थन में कोई लिखित आधार पेश नहीं कर पाई, साथ ही जाति प्रमाण पत्र का मसला छानबीन समिति का होता है।

    कांग्रेस को लगातार झटके

    नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को उसके अपने पार्षद प्रत्याशियों से करारे झटके मिले हैं। कटघोरा के वार्ड नंबर 15 में कांग्रेस प्रत्याशी समेत किसी ने भी नामांकन ही दाखिल नहीं किया जिससे बीजेपी निर्विरोध जीत गई। यही मसला दंतेवाड़ा के बारसूर में हो गया, बिलासपुर के वार्ड 13 में कांग्रेस और आप प्रत्याशियों का नामांकन निरस्त हो गया और यहां से बीजेपी निर्विरोध निर्वाचित हो गई। कोरबा के वार्ड नंबर 18 में बीजेपी पार्षद तब निर्विरोध निर्वाचित हो गए जब कांग्रेस प्रत्याशी ने अचानक नाम वापस ले लिया। कोरबा के इस वार्ड क्रमांक 18 से बीजेपी सरकार में मंत्री लखनलाल देवांगन के भाई बीजेपी के प्रत्याशी थे जो अब पार्षद हो चुके हैं।

  • ग्रीनलैंड बनेगा जंग का मैदान? ट्रंप की धमकी के बाद EU के मिल‍िट्री चीफ का ऐलान- तैनात करेंगे आर्मी, चीन कनेक्‍शन आया सामने…

    ग्रीनलैंड बनेगा जंग का मैदान? ट्रंप की धमकी के बाद EU के मिल‍िट्री चीफ का ऐलान- तैनात करेंगे आर्मी, चीन कनेक्‍शन आया सामने…


    ग्रीनलैंड पर अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप की धमकी के बाद EU मिलिट्री जनरल रॉबर्ट ब्रिगर ने सेना तैनात करने की बात कही है. उनके मुताबिक, चीन और रूस की नजर इस क्षेत्र पर है, जिससे तनाव और जंग की स्थिति बन सकती है.

    जनरल रॉबर्ट ब्रिगर ग्रीनलैंड को सिक्‍योरिटी देने वाल सैन्‍य समित‍ि के प्रमुख हैं.
    रॉबर्ट ब्रिगर ने कहा, ऐसा करने से चीन और रूस को दो टूक संदेश मिलेगा.
    ग्रीनलैंड इलाके में प‍िघलती बर्फ की चोटियों के नीचे कई महत्‍वपूर्ण खन‍िज हैं.

    अमेर‍िका के राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेर‍िका में मिलाने की धमकी दी है. डेनमार्क के पीएम के साथ बातचीत में भी उन्‍होंने यही बात दोहराई. लेकिन अब यूरोपीय यून‍ियन (EU Military Chief) के मिल‍िट्री चीफ रॉबर्ट ब्रिगर ने कहा क‍ि हम भी ग्रीनलैंड में सेना तैनात करेंगे. ऑस्ट्रियाई जनरल रॉबर्ट ब्रिगर ग्रीनलैंड को सिक्‍योरिटी देने वाल सैन्‍य समित‍ि के प्रमुख हैं.

    ■  जनरल रॉबर्ट ब्रिगर ने कहा, ऐसा करने से चीन और रूस को दो टूक संदेश मिलेगा और वे ग्रीनलैंड को बुरी नजर से नहीं देख पाएंगे.
    ■  ग्रीनलैंड अमेर‍िका के ल‍िए काफी मायने रखता है. यहां पिटुफिक स्पेस बेस पर 200 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. ये मिसाइलों पर नजर रखते हैं. यहां एक स्‍पेस कमांड सेंटर भी है, जिससे सैटेलाइट पर नजर रखी जाती है.
    ■  इस इलाके में प‍िघलती बर्फ की चोटियों के नीचे कई महत्‍वपूर्ण खन‍िज हैं. रूस और चीन की इस पर नजर है. वे क‍िसी भी तरह से इसे हथ‍ियाना चाहते हैं. इससे तनाव पैदा हो सकता है. जंग के हालात भी बन सकते हैं. इसल‍िए ग्रीनलैंड को बचाने के ल‍िए हमें अमेर‍िका के साथ यूरोपीय यूनियन के सैनिकों की भी तैनाती करनी होगी.

    ग्रीनलैंड यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है. डेनमार्क इसकी सुरक्षा करता है, जो EU के 27 मेंबर में से एक है. ट्रंप ने कुछ द‍िनों पहले कहा था क‍ि वे ग्रीनलैंड को हर हाल में अपने साथ रखना चाहेंगे. डेनमार्क पर हमला करते हुए उन्‍होंने कहा क‍ि आपके पास रूसी जहाज हैं, आपके पास चीनी जहाज हैं, आपके पास विभिन्न देशों के जहाज हैं. यह एक अच्छी स्थिति नहीं है. मुझे लगता है कि ग्रीनलैंड हमारे साथ काम करेगा. मुझे लगता है कि हम इसे हासिल करेंगे.

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    अपना टाइम आ गया, ‘एक राष्ट्र, एक समय’ की ओर बढ़ा देश, देसी वैज्ञानिकों ने किया कमाल…


    कारगिल युद्ध के दौरान अमेरिका ने भारत को जीपीएस की सेवा देने से मना कर दिया था. इसके बाद भारत ने अपना नेविगेशन सिस्टम NavIC बनाया. NavIC का फ़ुल फ़ॉर्म है – भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम. यह भारत का अपना GPS सिस्टम है.

    भारत ने NavIC और NPL को जोड़कर ‘एक देश, एक समय’ व्यवस्था बनाई.
    एटॉमिक घड़ियों से सटीक समय मिलेगा, विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता कम होगी.
    प्रोजेक्ट से पावर ग्रिड्स, टेलीकम्यूनिकेशन, बैंकिंग, रक्षा सेक्टर को लाभ मिलेगा.

    समंदर की गहराइयों से लेकर आसमां की ऊंचाइयों तक भारत के वैज्ञानिक हर जगह अपनी धाक जमा रहे हैं. हम चांद पर पहुंच गए हैं. मंगल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. सूर्य को समझने की योजना पर काम कर रहे हैं. इस बीच सीना चौड़ा करने वाली एक और खबर आई है.

    ■  मौजूदा वक्त में अपने देश में भारतीय मानक समय (IST) है, लेकिन वास्तविक समय जीपीएस सैटेलाइट्स से निर्धारित होता है, जो मिलीसेकंड तक सटीक होता है और यह कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम (UTC) से जुड़ा होता है.
    ■  लेकिन अगले कुछ महीनों में यह बदलने वाला है. अब नेविगेशन विद इंडियन कंसटलेशन (NavIC) को राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL) से जोड़ा जाएगा, जो समय का संदर्भ प्रदान करेगा.
    ■  फरीदाबाद में स्थित NPL को NavIC से समय मिलेगा, जिसे ऑप्टिक फाइबर लिंक के माध्यम से अहमदाबाद, बेंगलुरु, भुवनेश्वर और गुवाहाटी जैसे चार अन्य केंद्रों तक भेजा जाएगा. इन जगहों पर एटॉमिक घड़ी स्थापित की जाएंगी.
    ■  एटॉमिक घड़ियों के इस्तेमाल से यह सुनिश्चित होगा कि डिजिटल घड़ी, स्मार्टफोन और लैपटॉप पर जो समय दिखे, वह एटॉमिक घड़ियों से लिया गया हो, न कि सर्विस प्रोवाइडर्स से जीपीएस आधारित डेटा से. जल्द ही ये क्षेत्रीय केंद्र सभी उपयोगकर्ताओं तक समय पहुंचाएंगे, जिससे ‘एक देश, एक समय’ की व्यवस्था लागू होगी.
    ■  रणनीतिक और गैर-रणनीतिक क्षेत्रों में नैनोसेकंड की सटीकता के साथ समय का होना जरूरी है। दूरसंचार, बैंकिंग, रक्षा और 5जी और एआई जैसी तकनीक में सटीक समय का पालन अहम है। समय में थोड़ा हेरफेर से बड़ा नुकसान हो सकता है। इस वजह से केंद्र सरकार पूरे देश में एक जैसी समय प्रणाली लागू कर रही है।
    ■  कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक एक टाइम जोन लागू है। पूर्वोत्तर के कई राज्यों ने अलग टाइम जोन की मांग की है। उनका तर्क है कि इन प्रदेशों में सूर्योदय और सूर्यास्त जल्दी हो जाता है। इस वजह से स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक समय का निर्धारण किया जाए। अभी भारत के मध्य से गुजरती रेखा के आधार पर टाइम का निर्धारण होता है। मध्य से निर्धारण इसलिए किया जाता है ताकि यह पूरे देश के समय को कवर कर ले।
    ■  किसी भी देश का मानक समय अक्षांश-देशांतर में अंतर के आधार पर तय होता है। भारत में समय का निर्धारत दिल्ली स्थिति राष्ट्रीय भौतिकी प्रयोगशाला करती है। अभी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज को केंद्र मानकर समय का निर्धारण होता है।

    कई बड़े देशों में अलग-अलग टाइम जोन होते हैं। मसलन, अमेरिका और रूस में 11-11 टाइम जोन हैं। कनाडा में छह टाइम जोन हैं। फ्रांस एक छोटा देश है। मगर वहां 12 टाइम जोन हैं। भारत समेत दुनिया के अधिकांश देशों में एक ही टाइम जोन है। मगर अभी तक व्यापारिक, प्रशासनिक और अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग टाइम मानक का इस्तेमाल होता रहा है। मगर नए नियम से अनिवार्य रूप से सभी को एक टाइम जोन आईएसटी को चुनना होगा।