चीन दुनिया का सबसे बड़ा बांध तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाएगा। मगर भारत के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद चिंताजनक है। असम और अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने चीन के इस प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय चीन से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है। अरुणाचल प्रदेश के सीएम का मानना है कि चीन इस प्रोजेक्ट से नदियों को नियंत्रित कर सकता है।
चीन यारलुंग त्सांगपो नदी (ब्रह्मपुत्र) पर बांध बना रहा है
यह दुनिया का सबसे बड़ा बांध होगा इसे ‘वॉटर बम’ भी कहा जा रहा है
इस बांध से भारत को खतरा पैदा हो सकता है
अब भारत भी चीन को जवाब देने के लिए अरुणाचल प्रदेश में बांध बनाने जा रहा है
चीन का ‘वॉटर बम’ बांध 60 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा
भारत ने अरुणाचल प्रदेश में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया है
यह बांध चीन के ‘वॉटर बम’ बांध से पैदा होने वाले खतरे का मुकाबला करेगा
चीन यारलुंग त्सांगपो नदी पर हाइड्रोपावर (जलविद्युत) प्रोजेक्ट के लिए बांध बनाने जा रहा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा बांध होगा। चीन के इस बांध से 60 हजार मेगावाट बिजली पैदा होगी। इसे ‘वॉटर बम’ के नाम से भी जाना जा रहा है।
■ चीन के इस प्रोजेक्ट पर भारत समेत दुनिया के कई देश सवाल उठा चुके हैं। वहीं अब भारत ने भी चीन के बांध का जवाब बांध से देने की तैयारी कर ली है।
■ चीन की इस यारलुंग त्सांगपो नदी को अरुणाचल प्रदेश में सियांग और असम में ब्रह्मपुत्र नाम से जाना जाता है।
■ चीन को इस बांध का जवाब देने के लिए भारत अरुणाचल प्रदेश में अपना सबसे बड़ा हाइड्रोपावर बांध बनाने की तैयारी कर रहा है।
■ 1.5 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की जल भंडारण क्षमता 9.2 अरब क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है। 465 मीटर ऊंचे इस बांध को इसे सियांग नदी (ब्रह्मपुत्र) पर बनाया जाना है। इस बांध का उद्देश्य मैकमोहन रेखा के ठीक पार मेडोग में नदी पर चीन की ओर से बनाए जा रहे एक विशाल बांध का मुकाबला करना है।
■ अरुणाचल प्रदेश में बनने वाले इस बांध की तैयारी अगले महीने से शुरू होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले के एक गांव पारोंग को चुना गया है। अगले महीने स्टडी के लिए यहां ड्रिलिंग मशीन पहुंचने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक साइट प्री-फिजिबिलिटी स्टडी में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।
■ अरुणाचल प्रदेश में बनने वाले इस बांध का प्रस्ताव सबसे पहले साल 2017 में आया था। इसके बाद वहां कुछ विरोध-प्रदर्शन भी हुआ। इसके चलते इस प्रोजेक्ट की आगे की गति काफी धीमी हो गई। अब जब चीन तिब्बत में इस नदी पर बांध बना रहा है तो भारत ने भी अरुणाचल प्रदेश में बनाए जाने वाले इस बांध को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
■ इस बांध के बनने से 11 हजार मेगावाट बिजली पैदा होगी। वहीं सरकार का कहना है कि इस बांध का बड़ा जलाशय आगामी मेडोग बांध की ओर से नदी के प्रवाह को बेहतर करेगा। साथ ही अचानक आने वाली बाढ़ या पानी की कमी से सुरक्षा करेगा।
चीन के बांध को वॉटर बम इसलिए कहा जा रहा है कि अगर ड्रैगन ने इस बांध से पानी छोड़ दिया तो इससे भारत का उत्तर-पूर्वी हिस्सा काफी प्रभावित होगा। कई इलाके पूरी तरह डूब जाएंगे। चीन में बांध की अनुमानित भंडारण क्षमता 5.5 बीसीएम है, जबकि हमारी 9.2 बीसीएम है। इसलिए चीन अगर इस बांध का पूरा पानी भी छोड़ देता है तो हमारे बांध में उतना पानी सोखने की क्षमता होगी।*
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चीन को ईंट का जवाब पत्थर से देगा भारत, ‘वॉटर बम’ से मुकाबले के लिए अरुणाचल में बनाएगा बांध….
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गलती से दूसरे अकाउंट में हो गया है पेमेंट? इस नंबर पर करें शिकायत, वापस मिल जाएगा पूरा पैसा…
आजकल दुनिया डिजिटल पेमेंट की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। छोटे गांव से लेकर बड़े दुकानों तक प्रायः सभी जगहों पर ज्यादातर लोग ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। अगर आप भी यूपीआई यूजर हैं तो ध्यान है। कभी अगर UPI या इंटरनेट बैंकिंग से पेमेंट करते समय आपका पैसा गलती से किसी दूसरे अकाउंट में चला जाए तो टेंशन न लें। आपका पैसा आपको सही सलामत वापस मिल जाएगा। आइए जानते हैं कैसे..
RBI ने जारी किया टोल फ्री नंबर
आरबीआई द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, पेमेंट करते समय आपका पैसा गलती से किसी दूसरे के अकाउंट में चले जाने की सथिति में आप तुरंत टोल फ्री नंबर 18001201740 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे आपका पैसा वापस आपके अकाउंट में आ जाएगा। ध्यान रहे कि यूपीआई और नेट बैंकिंग से गलत खाता नंबर पर पेमेंट हो जाए तो सबसे पहले उपरोक्त नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज कारें एवं इसके बाद संबंधित बैंक जाएं और फार्म भरकर इसकी जानकारी दें। अगर बैंक मदद करने से आनाकानी करे या मदद करने से मना करे तो उपरोक्त बैंक के खिलाफ http://bankingombudsman.rbi.org.in पर शिकायत करें।48 घंटे के भीतर मिलेगा रिफंड
मालूम हो कि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के मुताबिक, ऑनलाइन पेमेंट के दौरान गलती से किसी ग्राहक के खाते की रकम किसी और के पास चली जाती है तो बैंक की जिम्मेदारी है कि वह शिकायत पर गौर करके 48 घंटे के भीतर रिफंड करे। याद रखें हमेशा यूपीआई और नेट बैंकिंग से पेमेंट करने के बाद फोन पर मिलने वाले मैसेज को डिलीट नहीं करें। इस मैसेज में PPBL नंबर होता है, जिसकी शिकायत के समय जरूरत पड़ती है। गलत ऑनलाइन पेमेंट होने पर बैंक में कॉल कर सारी जानकारी के साथ PPBL नंबर दर्ज करवा कर 3 दिन के अंदर बैंक में जाएं और वहां अपनी लिखित शिकायत दर्ज करें। बैंक को दिए जाने वाला फार्म में ट्रांजेक्शन रेफरेंस नंबर, तारीख, रकम और जिस गलत खाते में पैसे गए उसकी जानकारी जरूर दें। -

रेलवे इंजीनियर बना सायबर ठगी का शिकार, गंवाए 31 लाख रुपये, थाने में मामला दर्ज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे इंजीनियर के साथ 31 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. साइबर जालसाजो ने इंजीनियर अनिल एक्का को शेयर मार्केट में मुनाफा कमाने का झांसा दिया था. पीड़ित ने साइबर रेंज थाना पुलिस में मामला दर्ज कराया है.
कैसे बनाया ठगी का शिकार
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित अनिल एक्का रेलवे में सहायक कार्यपालन अभियंता के पद पर कार्यरत हैं. इंजीनियर अनिल के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर शेयर बाजार में निवेश और अधिक मुनाफा कमाने का मैसेज आया. इंजीनियर को एक फॉर्म भरने और लिंक के जरिए एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया. जिसमें पैसे डालने पर छोटा-छोटा मुनाफा होने लगा. एप पर मुनाफा बढ़ते-बढ़ते कुछ महीनों में 81 लाख रुपये दिखाने लगा. जिसे निकालने के लिए अनिल ने कोशिश की तो उससे प्रोसेसिंग फीस 20 लाख रुपये मांगी गई.बड़ी रकम जमा होते ही अचानक एप बंद
लालच में इंजीनियर अनिल एक्का ने एप से रकम निकालने के लिए बैंक से लोन लिया. कुछ पैसे दोस्तों से भी उधार मांगे और 31 लाख रुपये एप में डाल दिए. लेकिन एप अचानक से बंद हो गया. पीड़ित अनिल एक्का ने रेंज साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस मामले की कार्रवाई में जुट गई है. -

हाइकोर्ट ने अरपा नदी को लेकर जताई चिंता आप कोई भी कानून बनाइये, वे अपनी ताकत दिखाने के लिए उसे तोड़ देंगे…
बिलासपुर। हाइकोर्ट ने अरपा नदी को लेकर जताई चिंता, अरपा में घास उग आई है, लोगों को पानी नहीं मिल रहा। अवैध उत्खनन से नदी हुई खोखली हो गई, समस्या यह है कि आप कोई भी कानून बनाइये, वे अपनी ताकत दिखाने के लिए उसे तोड़ देंगे और आप दर्शक बने रहेंगे।
अरपा नदी में प्रदूषण को रोकने और संरक्षण को लेकर लगाई गई जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने प्रदेश सरकार को कड़ी हिदायत दी है। अरपा नदी में प्रदूषण को रोकने, संरक्षण और संवर्धन को लेकर लगी याचिकाओं पर बुधवार को एक साथ सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नदी में अवैध उत्खनन को लेकर नाराजगी जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ये तक कहा कि इन लोगों के ऊपर मीसा की कार्रवाई करनी चाहिए..! उन्होंने कहा अरपा में घास उग आई है, लोगों को पानी नहीं मिल रहा। वहीं अवैध उत्खनन से नदी खोखली हो गई है..! बैरल लैंड है, पानी तो है नहीं, बाढ़ में पानी आता है। उन्होंने कहा समस्या यह है कि आप कोई भी कानून बनाइये, वे अपनी ताकत दिखाने के लिए उसे तोड़ देंगे और आप दर्शक बने रहेंगे।
वही सुनवाई के दौरान पूरे मामले में राज्य सरकार और नगर निगम की तरफ से अधिवक्ता आर एस मरहास ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा 12 फरवरी 2025 को आयुक्त की तरफ से शपथपत्र दाखिल दिया गया है। जिसमें बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड केवल 60% सीवरेज जल का उपचार करने की स्थिति में होगा। शेष 40% के लिए, सलाहकार अर्थात ब्लू स्ट्रीम इंफ्रा डेवलपमेंट कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड पुणे से परियोजना रिपोर्ट प्राप्त कर ली गई है। जो डीपीआर के सत्यापन के लिए मुख्य अभियंता पीएचई विभाग से तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई थी। जो अप्रूव्ड नहीं की गई है। वहीं कंपनी से रिवाइज प्लान 10 फरवरी 2025 को मिल गया है। जिसकी जांच करने 15 दिन का समय लगेगा। रिवाइज्ड प्लान सही होने पर प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। हाई कोर्ट ने 15 दिन का समय देते हुए बिलासपुर नगर निगम आयुक्त से शपथ पत्र में जवाब मांगा है। वहीं बिलासपुर में 12 जनवरी 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट, रायपुर को समाचार की प्रामाणिकता के संबंध में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। जिसपर पर शपथपत्र के माध्यम से कलेक्टर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जवाब पेश किया है। जिसमें साल 2022-23 से 2023-24 और 2025 तक का आंकड़ा दिया। जिसमें अवैध उत्खनन और परिवहन के मामले 2025 तक लगातार बढ़ रहे हैं। जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। वही अपने आदेश में कहा खनिजों के अवैध परिवहन और अवैध गतिविधियों में शामिल संबंधित व्यक्तियों पर जुर्माना लगाया गया है और उनके खिलाफ अपराध भी किए गए हैं और उन्हें दंडित भी किया गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि समय आ गया है कि राज्य को अपनी आंखें खोलनी होंगी और अभियोजन के लिए सख्त कानून लाना होगा। वहीं राज्य के खनिज विभाग के सचिव को निर्देश देते हुए कहा यदि ऐसी कोई घटना सामने आती है तो न्यायालय दोषी अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा। वहीं व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 24 मार्च 2025 को रखी गई है। -

नगर पालिका परिषद चुनाव में खरसिया में कांग्रेस का सुपड़ा साफ, नगरवासियों ने भाजपा पे दिखाया भरोसा…
18 वार्डों में से 15 में खिला कमल
भाजपा के कमल गर्ग अध्यक्ष
खरसिया। नगर पालिका परिषद चुनाव में खरसिया में खिला कमल छत्तीसगढ़ प्रदेश के खरसिया नगर पालिका परिषद 2025 का चुनाव परिणाम घोषित हो गया है। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्री कमल गर्ग ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी श्री रमेश अग्रवाल को 2822 वोट से हराकर दूसरी बार नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में जीत दर्ज की है।
कमल गर्ग को कुल 7698 मत प्राप्त हुए, जबकि रमेश अग्रवाल को 4876 मत मिले। इसके अलावा, अन्य प्रत्याशियों को 371 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 01 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती निर्मला देवी शर्मा ने कांग्रेस की गुरुबारी बाई यादव को 30 वोट से हराया। निर्मला देवी शर्मा को 318 मत मिले, जबकि गुरुबारी बाई यादव को 288 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 02 से कांग्रेस प्रत्याशी श्री सुनील विश्वकर्मा ने भाजपा की श्रीमती ललिता अग्रवाल को 37 वोट से हराया। सुनील विश्वकर्मा को 225 मत मिले, जबकि ललिता अग्रवाल को 188 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 03 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती कुमारी महंत ने कांग्रेस की श्रीमती प्रभावती राधेलाल वर्मा को 191 वोट से हराया। कुमारी महंत को 348 मत मिले, जबकि प्रभावती राधेलाल वर्मा को 157 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 04 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती पूर्णिमा सहिस ने कांग्रेस की रितिका श्याम सारथी को 134 वोट से हराया। पूर्णिमा सहिस को 487 मत मिले, जबकि रितिका श्याम सारथी को 353 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 05 से भाजपा प्रत्याशी श्री दीपक अग्रवाल ने कांग्रेस की मंजू लोकेश शर्मा को 211 वोट से हराया। दीपक अग्रवाल को 318 मत मिले, जबकि मंजू लोकेश शर्मा को 107 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 06 से कांग्रेस प्रत्याशी श्री विनोद लाला राठौर ने भाजपा प्रत्याशी श्री कैलाश जयसवाल को 32 वोट से हराया। विनोद लाला राठौर को 469 मत मिले, जबकि कैलाश जयसवाल को 437 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 07 से भाजपा प्रत्याशी श्री ललित राठौर ने कांग्रेस की श्रीमती शकुंतला प्रशिक्षित राठौर को 289 वोट से हराया। ललित राठौर को 473 मत मिले, जबकि शकुंतला प्रशिक्षित राठौर को 184 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 08 से भाजपा प्रत्याशी श्री राधेश्याम राठौर ने कांग्रेस के राजेश्वर राठौर को 317 वोट से हराया। राधेश्याम राठौर को 623 मत मिले, जबकि राजेश्वर राठौर को 306 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 09 से भाजपा प्रत्याशी श्री विनोद सिदार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के बजरंग सिदार को 191 वोट से हराकर जीत दर्ज की। विनोद सिदार को 315 मत मिले, जबकि बजरंग सिदार को 124 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 10 से भाजपा प्रत्याशी श्री देवप्रसाद चौहान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के गोपाल सन्यासी मेहर को 33 वोट से हराकर जीत दर्ज की। देवप्रसाद चौहान को 366 मत मिले जबकि गोपाल सन्यासी मेहर को 333 मत प्राप्त हुए।वार्ड नंबर 11 से भाजपा प्रत्याशी श्री अरुण अग्रवाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के विनय पंडा को 285 वोट से हराकर जीत दर्ज की। अरुण अग्रवाल को 601 मत मिले, जबकि विनय पंडा को 316 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 12 से भाजपा प्रत्याशी श्री दीपक अग्रवाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के नटवर कालु को 162 वोट से हराकर जीत दर्ज की। दीपक अग्रवाल को 301 मत मिले, जबकि नटवर कालु को 139 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 13 से भाजपा प्रत्याशी श्री शिव कुमार अग्रवाल और कांग्रेस के श्री राम शर्मा के बीच टक्कर बराबरी का रहा। श्री शिव अग्रवाल को 278 मत मिले, जबकि श्री राम शर्मा को भी 278 मत ही प्राप्त हुए। हार जीत का फैसला टॉस से हुआ और श्री राम शर्मा विजय हुए।
वार्ड नंबर 14 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती रेखा कैथरिया ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की जया दीपक महंत को 107 वोट से हराकर जीत दर्ज की। रेखा कैथरिया को 496 मत मिले, जबकि जया महंत को 389 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 15 से भाजपा प्रत्याशी साहिल शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के संजय अग्रवाल को 18 वोट से हराकर जीत दर्ज की। साहिल शर्मा को 360 मत मिले, जबकि संजय अग्रवाल को 342 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 16 से भाजपा प्रत्याशी श्री अवधनारायण सोनी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के ऋषि यादव को 130 वोट से हराकर जीत दर्ज की। अवधनारायण सोनी को 589 मत मिले, जबकि ऋषि यादव को 459 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 17 से भाजपा प्रत्याशी मुरली राठौर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के राजु सारथी को 25 वोट से हराकर जीत दर्ज की। मुरली राठौर को 375 मत मिले, जबकि राजु सारथी को 350 मत प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 18 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती जुगेश्वरी देवी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के बसंती आकाश पटेल को 4 वोट से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। जुगेश्वरी देवी को 425 मत मिले, जबकि बसंती पटेल को 421 मत प्राप्त हुए।
खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष और सभी विजयी प्रत्याशियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं! आपकी जीत खरसिया के विकास के लिए एक नए युग की शुरुआत है। -

एंबुलेंस के नाम पर टैक्स चोरी, IT के छापे में 30 करोड़ सरेंडर; फर्जीवाड़े की कहानी…
छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयकर विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने प्रदेश में 108 एम्बुलेंस सर्विस देने वाली जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज कंपनी की बड़े पैमाने पर आयकर चोरी पकड़ी है. जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज ने 30 करोड़ की कर चोरी को स्वीकार किया है.
कंपनी के संचालकों ने नौकरी करने वाले कर्मचारियों के वेतन भत्ते आदि में गड़बड़ी की बात भी स्वीकार की है. साथ ही सरेंडर भी कर दिया है. इसके अलावा विभाग ने बताया कि कंपनी में आईटीआर व अन्य रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर खर्च दिखाकर प्रॉफिट कम दर्शाते हैं.
फर्जी बिलिंग बनाकर हो रही थी चोरी
विभाग ने सामने आया था कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि कंपनी ने अपनी स्थापना लागत और खचों को अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था. कर की देनदारी से बचने के लिए फर्जी बिलिंग की जा रही थी. आईटीआर व अन्य रिकार्ड में बड़े पैमाने पर खर्च दिखाकर प्रॉफिट कम दर्शाने का खुलासा हुआ. इसके अलावा कंपनी अपने स्थाई कर्मचारियों की संख्या को कम दर्शाता था और आयकर की धारा 80 TTAA के तहत लगातार कर चोरी कर रही थी.दो लोगों की हो गई है गिरफ्तारी
मुख्य आयकर आयुक्त (सीसीआईटी) अपर्णा करन और प्रधान आयकर आयुक्त (पीसीआईटी) प्रदीप हेड़ाऊ की निगरानी में संयुक्त आयुक्त बीरेंद्र कुमार और उप आयुक्त राहुल मिश्रा समेत 20 कर अधिकारियों ने कार्रवाई पूरी की. विभाग की टीम ने संचालकों के घरों साथ-साथ टावर के दूसरी मंजिल पर स्थित कंपनी के कार्यालय पर भी छापेमारी की. इस दौरान कंपनी के तीन निदेशकों में से दो धर्मेंद्र सिंह और जोगेंद्र सिंह को पकड़ लिया लेकिन तीसरे निदेशक अमरेंद्र सिंह मौके से फरार हो गया था.
शिकायत के बाद मारे थे छापे
आयकर विभाग ने शिकायत व आंकलन के बाद छापे मारे थे. जांच के दौरान संदिग्ध लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों-बिलों की जांच में खुलासा हुआ कि संस्थान किराए के भवन में संचालित होने के बावजूद असामान्य रूप से ज्यादा खर्च दर्शा रहा था. जांच टीम ने अकाउंट्स डिपार्टमेंट से तीन डेस्कटॉप, चार लैपटॉप की एंट्रियों की गहन जांच की. -

पीएम आवास के नाम पर रिश्वतखोरी, वन विभाग का रेंजर 15 हजार की घूस लेते एसीबी के हत्थे चढ़ा…
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। रायगढ़ जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र के रेंजर टी.पी. वस्त्रकार को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत भूमि उपलब्ध कराने के नाम पर 15,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई तब की गई जब ग्राम पंचायत खड़गांव के सरपंच बजरंग सिदार ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।सरपंच बजरंग सिदार से रेंजर ने 25,000 रुपये की मांग की थी। लेकिन सरपंच ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को इसकी सूचना दी। शिकायत के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और रेंजर को मदनपुर डीपो में 15,000 रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
रेंजर वस्त्रकार का हाल ही में हुआ था तबादला :-
ताम्रध्वज वस्त्रकार को कुछ महीने पहले ही धरमजयगढ़ वन मंडल से रायगढ़ वन मंडल के खरसिया रेंज में स्थानांतरित किया गया था। नई पोस्टिंग के कुछ ही समय बाद वह भ्रष्टाचार के मामले में फंस गया।
रेस्ट हाउस बना था घूसखोरी का अड्डा :-
बताया जा रहा है कि रेंजर वस्त्रकार ने खरसिया के रेस्ट हाउस में बैठकर कई लोगों से अवैध लेन-देन किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जमीन आबंटन कराने के नाम पर गांव वालों से रिश्वत मांगने का यह पहला मामला नहीं हो सकता। एसीबी अब इससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर सकती है।
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेशी :-
गिरफ्तारी के बाद रेंजर वस्त्रकार को रायगढ़ न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल, एसीबी उससे पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस भ्रष्टाचार में अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
वन विभाग में हड़कंप, अन्य अधिकारियों की भी हो सकती है जांच :-
इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। सूत्रों की मानें तो ACB अब उन अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर सकती है, जो भ्रष्टाचार में लिप्त हो सकते हैं।
भ्रष्टाचार पर एसीबी का कड़ा रुख :-
छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन एसीबी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि रिश्वतखोरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जनता से अपील: रिश्वतखोरी की सूचना दें :-
ACB अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत करें। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके। -

रिटायरमेंट से महज 14 दिन पहले रिश्वतखोरी में फंसे जिला शिक्षा अधिकारी, ACB ने रंगे हाथों दबोचा…
सूरजपुर। जिले में रिटायरमेंट से महज 14 दिन पहले जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रामललित पटेल रिश्वत लेते गिरफ्तार हो गए। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने उन्हें एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। शिक्षा विभाग में प्रतिपूर्ति राशि जारी करने के एवज में वह निजी स्कूल संचालकों से कमीशन वसूल रहे थे। यह मामला सिर्फ एक घूसखोरी की घटना नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के एक लंबे इतिहास का हिस्सा है। पटेल पर पहले भी 34 लाख के मिलेट घोटाले और किताब घोटाले में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। लेकिन अब, जब वह सेवानिवृत्त होने वाले थे, तो उनकी अंतिम कमाई की यह कोशिश उनके पूरे करियर को सवालों के घेरे में खड़ा कर गई।
ACB ने ऐसे रची गिरफ्तारी की साजिश
ACB अंबिकापुर कार्यालय में रामरति पब्लिक स्कूल के संचालक उज्जवल प्रताप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जिला शिक्षा अधिकारी बिना रिश्वत के सरकारी सहायता राशि जारी नहीं कर रहे हैं। इस भ्रष्टाचार में छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल (दतिमा), सरस्वती बाल मंदिर (सोनपुर), प्रिया बाल मंदिर (भटगांव) और लक्ष्मी विद्या निकेतन (नरोला) के संचालकों को भी प्रताड़ित किया जा रहा था। पटेल ने इन स्कूलों से 10% कमीशन की मांग की थी, जो कुल 1.82 लाख रुपये तक पहुंच गई। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने जाल बिछाया। योजना के तहत, पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये कार्यालय में देने की व्यवस्था की गई। जैसे ही पटेल ने रिश्वत की राशि हाथ में ली, ACB की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
तलाशी में निकले अतिरिक्त 2 लाख रुपये, बढ़ सकती है जांच :-
गिरफ्तारी के बाद जब पटेल के कार्यालय और घर की तलाशी ली गई, तो वहां से 2 लाख रुपये नकद बरामद हुए। यह रकम भी अन्य स्कूल संचालकों से मिली रिश्वत की थी। इसके बाद अधिकारियों को शक है कि पटेल के पास आय से अधिक संपत्ति हो सकती है। अब उनके बैंक अकाउंट और संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
भ्रष्टाचार का लंबा इतिहास, पहले भी हो चुके हैं निलंबित :-
रामललित पटेल का नाम इससे पहले भी कई विवादों में रह चुका है-
34 लाख के मिलेट्स घोटाले – 2023 में उन्हें खाद्य विभाग की योजना में गड़बड़ी के कारण निलंबित किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद बहाल कर दिया गया।
पाठ्य पुस्तक घोटाला – सरकारी स्कूलों के लिए जरूरत से ज्यादा किताबें मंगवाकर अवैध बिक्री करने का आरोप।
अन्य रिश्वतखोरी के आरोप – कई बार स्कूल संचालकों से पैसे लेने की शिकायतें मिली थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब सवाल यह उठता है कि क्या शिक्षा विभाग में और भी अधिकारी इसी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं?
रिटायरमेंट से पहले गिरफ्तारी – करियर पर काला धब्बा :– पटेल 28 फरवरी 2025 को रिटायर होने वाले थे। लेकिन उनके तीन दशक लंबे करियर का अंत एक घोटाले और गिरफ्तारी के साथ हुआ। जहां आमतौर पर अधिकारी रिटायरमेंट से पहले खुद की छवि सुधारने में लगते हैं, वहीं पटेल ने इस मौके को अपनी अवैध कमाई के लिए इस्तेमाल किया। अब पटेल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act, 1988) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कार्रवाई होगी।
क्या यह कार्रवाई और बड़े भ्रष्टाचारियों तक पहुंचेगी:-
पटेल की गिरफ्तारी सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सवाल यह भी है कि क्या शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी इसी तरह रिश्वतखोरी में लिप्त हैं? क्या सरकार और प्रशासन इस मामले में अन्य भ्रष्ट अधिकारियों पर भी शिकंजा कसेंगे? इस घटना ने छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब यह देखना होगा कि ACB और प्रशासन इस मामले को कितना आगे तक ले जाते हैं। -

शराब से भरा ट्रक पलटा, ग्रामीणों में बोतल लूटने की मची होड़…
खरसिया में शुक्रवार की देर शाम को मदनपुर चौकी के देहजरी गांवों में शराब से भरा ट्रक पलट गया, इसके बाद ट्रक में भरे शराब की बोतलें सड़क में गिर गई। ट्रक पलटने की खबर आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। उसके बाद ग्रामीण शराब लूटने के लिए वहां पहुंच गए। आसपास के ग्रामीण वहां से शराब लूट कर अपने घर ले जाने लगे। बाद में वहां पुलिस को पहुंच कर स्थिति संभालनी पड़ी। ग्रामीणों में शराब लूटने को लेकर होड़ मची हुई थी। यह पूरी घटना रात 8 बजे करीब की बताई जा रही है।
आम लोगों को मुफ्त में शराब की बोतलें मिलने से आसपास के लोगों की भीड़ वहीं पर जमा हो गई। इसकी वजह से देर रात 11 बजे तक सड़क में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई थी। पुलिस वहां पर ट्रैफिक व्यवस्था को दूरस्त करने में लगी हुई थी।
खरसिया टीआई गौरव साहू ने बताया कि पुलिस बल के साथ वह खुद देहजरी में ट्रक के आसपास जमे लोगों को हटाने के लिए मशक्कत में जुटे हुए थे। भीड़ इतनी अधिक थी कि देर रात 11 बजे के बाद भी इस मामले की पुलिस जांच शुरु नहीं कर पा रही थी, अभी पंचायत चुनाव शुरु हो रही है, जिसमें पंचायत चुनाव को लेकर 17 फरवरी को पहले चरण का मतदान होना है। इसके पहले इतनी बड़ी मात्रा में शराब का खेप आने को लेकर कई तरह चर्चाएं चल रही थी। यह ट्रक यूपी 78 डीएन 3531 नंबर की ट्रक में शराब भरी हुई थी। यह ट्रक उत्तरप्रदेश के कानपुर की है। -

आज से फास्टैग के ये नियम होंगे लागू, अगर देरी हुई तो कटेगा दोगुना टैक्स…
अगर आप फास्टैग यूजर हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। कल यानी 17 फरवरी, 2025 से फास्टैग से जुड़े कुछ नियम बदल रहे हैं। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने टोल टैक्स और फास्टैग के नियमों को लेकर कुछ बदलाव किए हैं। ये बदलाव टोल टैक्स वसूली को सरल बनाने के लिए लागू किये जा रहे हैं, जिससे लोगों को दिक्कत ना हो। अगर फास्टैग यूजर्स ने इन नियमों पर ध्यान नहीं दिया तो, उन्हें दोगुना टैक्स भी देना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि ये नए नियम क्या हैं। कब नहीं होगा पेमेंट? NPCI द्वारा 28 जनवरी, 2025 को जारी एक सर्कुलेशन के अनुसार, अगर फास्टैग रीड होने से एक घंटे पहले तक या रीड होने के 10 मिनट बाद तक ब्लैक लिस्टेड रहता है तो पेमेंट नहीं होगा। वहीं, फास्टैग बैलेंस कम है या फास्टैग किन्हीं कारणों ब्लॉक है तो भी ट्रांजैक्शन रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
New FASTag Rules ऐसे में वाहन मालिक से जुर्माने के रूप में दोगुना टोल शुल्क लिया जाएगा। 17 फरवरी से फास्टैग के ये नियम होंगे लागू टैग रीड से 60 मिनट पहले तक फास्टैग ब्लैकलिस्ट रहा है, तो पेमेंट नहीं होगा। अपने फास्टैग स्टेटस में सुधार के लिए यूजर्स को 70 मिनट की विंडो मिलेगी। कम बैलेंस या तकनीकी कारणों से ब्लैकलिस्ट होने पर रिचार्ज के लिए 70 मिनट का समय मिलेगा। फास्टैग में निगेटिव बैलेंस होने पर भी गाड़ी टोल प्लाजा से गुजर जाएगी। गाड़ी गुजरने के बाद फास्टैग के सिक्योरिटी डिपॉजिट से टोल चार्ज काटा जाएगा। अगला रिचार्ज कराने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट से काटी गई रकम लौटा दी जाएगी।
कब ब्लैकलिस्ट हो सकता है फास्टैग
कम बैलेंस होने पर टोल टैक्स का भुगतान नहीं करने पर पेमेंट फेल होने पर केवाईसी अपडेट न होने पर गाड़ी के चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर में गड़बड़ी होने पर जरूर ध्यान रखें ये बातें फास्टैग वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस रखें।
New FASTag Rules 100 रुपये का मिनिमम बैलेंस जरूर रखें। बैंक से आने वाले एसएमएस और नोटिफिकेशन को इग्नोर ना करें। MyFASTag ऐप से बैलेंस और स्टेटस चेक करते रहें। फास्टैग में ऑटो रिचार्ज का फीचर ऑन करें। फास्टैग अकाउंट से जुड़ा मोबाइल नंबर अपडेट रखें। टैग को विंडस्क्रीन पर सही तरीके से चिपकाएं। एक वाहन के लिए एक ही फास्टैग का इस्तेमाल करें