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  • Smart Meter क्या स्मार्ट मीटर लगाने से हैं नुकसान?

    Smart Meter क्या स्मार्ट मीटर लगाने से हैं नुकसान?

    सामना-प्रत्येक घर में स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी जोर शोर से चल रही है।इसी बीच लोगों के मन में भी अनेक प्रकार की दुविधाएं हैं.. जिनमें से बड़ा सवाल यह है कि क्या स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली का बिल अधिक आएगा,क्या स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ेगा..तो आज हम जानेंगे स्मार्ट मीटर लगाने के क्या हैं फायदे

    प्रीपेड स्मार्ट मीटर की खासियत
    प्रीपेड स्मार्ट मीटर में कई खासियतें हैं… जिनमें शून्य लागत पर स्मार्ट मीटर लगाना, रिचार्ज में 3 प्रतिशत का लाभ, पूर्व की भांति सरकार द्वारा घोषित सब्सिडी का लाभ, दैनिक खपत का आंकलन, बिजली बिल न मिलने की शिकायत नहीं, ऑफलाइन व ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा।

    2000 रुपए से ज्यादा बैलेंस रखने पर इतना मिलेगा ब्याज
    स्मार्ट मीटर लगाने से पूर्व विद्युत बकाया राशि को 300 दिनों में भुगतान करने की व्यवस्था की गई है. जिससे उपभोक्ताओं को बकाये राशि एक साथ जमा करने की वित्तीय भार से मुक्ति मिलेगी, उपभोक्ता यदि 2000 या इससे अधिक राशि अपने खाते में लगातार बरकरार रखते हैं तो उन्हें इन दोनों पर ब्याज देय होगा।

    साल में 3 महीने तक यह राशि बरकरार रखने पर बैंक दर से ब्याज देय है।

    3 महीने से 6 महीने तक रखने पर बैंक दर से प्लस 0. 25 प्रतिशत की दर से देय है।

    6 माह से अधिक समय तक रखने पर बैंक दर से प्लस 0.5 प्रतिशत की दर से देय है।

    नहीं देनी पड़ेगी सुरक्षा राशि
    स्मार्ट मीटर के माध्यम से नया बिजली कनेक्शन स्थापित करने के समय कोई सुरक्षा राशि नहीं ली जाती है। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद पहले से ली गई सुरक्षा राशि भी वापस कर दी जाती है। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद यदि स्वीकृत लोड से अधिकतम मांग बढ़ जाती है तो उपभोक्ता को 6 माह तक अधिकतम मांग शुल्क से राहत दी जाती है।स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के परिसर में सोलर पैनल लगाने के बाद स्मार्ट मीटर को नेट मीटर से बदल दिया जाता है,जिससे उपभोक्ताओं को अलग से नेट मीटर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है।

    मोबाइल पर मिलेगा बिल,नहीं लगाने पड़ेंगे कार्यालय के चक्कर
    स्मार्ट मीटर से प्राप्त सटीक और विस्तृत डेटा समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायक होता है।उपभोक्ताओं को मोबाइल ऐप के माध्यम से बिल प्राप्त होता है। वे कार्यालय जाए बिना भी अपने स्मार्ट मीटर को रिचार्ज कर सकते हैं। त्रुटि रहित बिलिंग के कारण उपभोक्ताओं को बिजली कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

  • डिप्टी कमिश्नर के बेटे पर छात्रा ने लगाया गंभीर आरोप, पीड़िता बोली- प्रपोज किया, मना की तो कर दी ये घटिया हरकत…

    डिप्टी कमिश्नर के बेटे पर छात्रा ने लगाया गंभीर आरोप, पीड़िता बोली- प्रपोज किया, मना की तो कर दी ये घटिया हरकत…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा की फोटो को एडिट कर वायरल करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि फोटो वायरल करने वाले छात्र की मां डिप्टी कमिश्नर और पिता प्रिंसिपल है। मामले में पीड़िता ने इसकी शिकायत भी थाना टिकरापारा में दर्ज कराई। लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने घटना के संबंध में जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।

    दरअसल, ये पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, वो जब स्कूल में थी। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर के बेटे ने कई बार उसे प्रपोज किया। लेकिन उसने मना कर दिया था। इसके बाद भी कई बार उसने ऐसी ही हरकत की। आखिर में उसने पीड़िता की एक पुरानी फोटो सोशल मीडिया से निकालकर उसे एडिट किया और फिर वायरल कर दिया।

    पीड़िता को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने इसकी शिकायत टिकरापारा थाने में दर्ज कराई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शिकायत की जानकारी मिलते ही आरोपी युवक की डिप्टी कमीश्नर मां और प्रिंसिपल पिता ने पीड़िता से माफी भ मांगी थी। आरोपी के परिजनों ने कहा था कि उनका बेटा साइको है और आये दिन उसकी हरकतों से वे लोग परेशान रहते हैं।

    फिलहाल, पीड़ित युवती ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने पुलिस से गुहार लगाई है कि आरोपी युवक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाये। पुलिस मामले में आरोपी की पहचान होने के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।

  • नाइजीरिया को भारत से मिलेंगे प्रंचड लड़ाकू हेलीकॉप्टर, बदल जाएगी अफ्रीकी देश की सेना की किस्मत, जानें खासियत…

    नाइजीरिया को भारत से मिलेंगे प्रंचड लड़ाकू हेलीकॉप्टर, बदल जाएगी अफ्रीकी देश की सेना की किस्मत, जानें खासियत…

    अबुजा। नाइजीरिया की सरकार बेंगलुरू स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से चार लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) खरीदने की योजना बना रही है। नाइजीरिया सॉफ्ट क्रेडिट व्यवस्था के जरिए एलसीएच खरीदने वाला पहला देश बनने जा रहा है, जो उसकी सैन्य क्षमताओं में अहम बढ़ोतरी करेगा। यह अंतरराष्ट्रीय रक्षा साझेदारी के लिहाज से एक अहम कदम है। साथ ही नाइजीरिया की अपनी हवाई रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की कोशिश को भी दिखाता है। नाइजीरियाई सरकार की पहल के साथ-साथ ये एचएएल की रणनीतिक पहुंच भी इस समझौते से दिखती है।

    फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नाइजीरियाई सेना के अधिकारियों ने रोटरी विंग अकादमी में एचएएल के ध्रुव हेलीकॉप्टरों के लिए ट्रेनिंग पूरी कर ली है। फिलहाल एचएएल और नाइजीरियाई अधिकारियों के बीच चर्चा चल रही है और जल्द ही इससे जुड़े समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। एलसीएच, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव का एक वेरिएंट है। इसमें स्टील्थ तकनीक, बख्तरबंद सुरक्षा प्रणाली और क्रैश-योग्य लैंडिंग गियर जैसी कई मॉर्डन फैसिलिटी हैं।

    भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और भारतीय सेना ने पहले ही एलसीएच को अपने बेड़े में इंटीग्रेट कर लिया है। फिलहाल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और एचएएल के साथ चल रहे सहयोग का उद्देश्य हेलीकॉप्टर की हथियार और परिचालन क्षमताओं को बढ़ाना है। एलसीएच का समुद्र तल, रेगिस्तानी क्षेत्रों और सियाचिन के कठोर वातावरण सहित विभिन्न परिस्थितियों में कठोर परीक्षण किया गया है। इसे आधिकारिक तौर पर फरवरी 2020 में उत्पादन के लिए तैयार घोषित किया गया था।नाइजीरिया ने क्यों दिखाई एलसीएच में दिलचस्पी
    एलसीएच के लिए नाइजीरियाई सेना की रुचि उसकी मारक क्षमता और आतंकवाद विरोधी क्षमताओं की वजह से है। नाइजीरिया अपने सैन्य अभियानों के लिए 12 जुड़वां इंजन वाले लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की मांग कर रहा है। नाइजीरिया ने एचएएल, एयरबस और तुर्की के टीएआई सहित कई वैश्विक निर्माताओं से इसके लिए संपर्क किया। एचएएल का एलसीएच अपनी खूबियों की वजह से नाइजारिया को लुभा रहा है। हेलीकॉप्टरों की खरीद के अलावा एचएएल ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए भी नाइजीरियाई सेना को मदद कर रहा है।

  • आधी रात SSP ने की बड़ी रेड कार्रवाई: पुलिसकर्मियों के साथ कई कैफे एवं रेस्टॉरेंट में बोला धावा, रात्रि 1 बजे ग्राहक बनकर पहुंचे, फिर जो हुआ, मचा हड़कंप….

    आधी रात SSP ने की बड़ी रेड कार्रवाई: पुलिसकर्मियों के साथ कई कैफे एवं रेस्टॉरेंट में बोला धावा, रात्रि 1 बजे ग्राहक बनकर पहुंचे, फिर जो हुआ, मचा हड़कंप….

    रायपुर। बीती देर रात्रि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह द्वारा देर रात्रि स्वयं निकल कर व्हीआईपी रोड क्षेत्र में शिकायत प्राप्त हो रहे कई कैफे एवं रेस्टॉरेंट पर रेड कर कार्यवाही कराया गया। वह लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों के मद्देनजर सादी ड्रेस में रात्रि एक बजे ग्राहक बनकर कई रेस्टोरेंट में पहुंचे, आर्डर पर शराब सर्व करने पर पीछे इंतजार कर रही टीम से कार्यवाही कराया। निर्धारित अवधि से अधिक समय तक संचालित कैफे एवं रेस्टॉरेंट पर भी कार्यवाही हुई।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक उरला मणीशंकर चंद्रा द्वारा भी अन्य टीम बनाकर व्ही.आई.पी रोड स्थित रेस्टॉरेंट एवं कैैफे का मुआयना किया गया। इस दौरान थाना तेलीबांधा क्षेत्रांतर्गत द लिविंग रूम कैफे एवं थाना माना क्षेत्रंातर्गत एरिया 36 रेस्टॉरेंट एवं कैफे तथा द बर्न हाउस कैफे में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक कैफे संचालित करते एवं शराब बिक्री करते पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा दिये गये। मैनेजर के साथ मालिकों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज किया गया है।

    थाना माना में –

    01. एरिया 36 रेस्टॉरेंट कैफे से आरोपी कामता कश्यप को अवैध रूप से शराब के साथ पकड़े जाने पर आरोपी के विरूद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया।

    02. द बर्न हाउस रेस्टॉरेंट एवं कैफे से आरोपी सूरज जाटवार पिता दयाराम जाटवार उम्र 24 साल निवासी सरसींवा सारंगढ़ को अवैध रूप से शराब एवं तम्बाकू उत्पाद हुक्का एवं हुक्का का तम्बाकू के साथ गिरफ्तार कर आरोपी के विरूद्ध कोटपा एक्ट एवं आबकारी एक्ट के तहत की गई कार्यवाही।

    थाना तेलीबांधा

    01. होटल द लिविंग रूम कैफे के संचालक आरोपी राहुल धुप्पड़ पिता विनोद धुप्पड़ उम्र 21 साल निवासी प्रियदर्शनी नगर थाना न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर को अवैध रूप से शराब के साथ गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध थाना तेलीबांधा में आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

    साथ ही थाना तेलीबांधा क्षेत्रंातर्गत बबलू ढ़ाबा पास आरोपी अमनदीप पिता जितेन्द्र सिंह उम्र 28 साल निवाीस महावीर नगर थाना न्यू राजेन्द्र नगर को गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही की गई है।

    थाना मंदिर हसौद –

    01. पिन्टू ढ़ाबा होटल से आरोपी जतेेंन्रद सिंग पिता हरवंश सिंग उम्र 45 साल निवासी शंकर नगर थाना सिविल लाईन रायपुर को अवैध रूप से शराब के साथ गिरफ्तार कर आरोपी के विरूद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया।

    02. थाना मंदिर हसौद क्षेत्रांतर्गत सार्वजनिक स्थान पर शराब पिते आरोपी अभिषेक अग्रवाल पिता विनोद अग्रवाल उम्र 33 वर्ष साकिन सफ़ायर ग्रीन फेस 1 थाना विधानसभा जिला रायपुर को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध धारा 36(सी) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

    03. होटल पाजी द पिण्ड संचालक आरोपी मंजीत सिंह पिता त्रिलोचन सिंह उम्र 40 साल निवासी महावीर नगर थाना न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर को अवैध रूप से शराब के साथ गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया।

    थाना न्यू राजेन्द्र नगर

      होटल सरदार द किचन के पास विवाद करते कुल 05 आरोपी आकाश धु्रव, प्रफुल्ल भोयर, अनिल खुटे, मुकेश दास एवं पी.शिवा राव निवासी न्यू राजेन्द्र नगर के विरूद्ध थाना न्यू राजेन्द्र नगर में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही किया गया है। रायपुर पुलिस का चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।

  • पहली बार भारत में ऐसा होगा, टाटा विदेश में लगा रही है डिफेंस फैक्ट्री, जानिए क्या बनेगा…

    पहली बार भारत में ऐसा होगा, टाटा विदेश में लगा रही है डिफेंस फैक्ट्री, जानिए क्या बनेगा…

    नई दिल्ली। डिफेंस सेक्टर (Defense Sector) बड़ा ही स्पेशलाइज्ड सेक्टर है। इसमें अधिकतर विदेशी कंपनियों का दबदबा रहा है। लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई भारतीय कंपनी विदश में डिफेंस मैन्यूफैक्चिरंग लाइन (Defense Manufacturing Line) बनाएगी। जी हां, यह खबर टाटा ग्रुप (Tata Group) की तरफ से आई है। ग्रुप की एक कंपनी विदेश में एक मेजर डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग लाइन स्थापित करने की राह पर है।

    टाटा ग्रुप की कौन सी कंपनी है

    टाटा ग्रुप की एक कंपनी है टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (Tata Advanced Systems Ltd)। टीएएसल की तैयारी कैसाब्लांका (Casablanca) में यह प्लांट बनाने की है। यह प्लांट शुरू में रॉयल मोरक्कन सशस्त्र बलों (Royal Moroccan Armed Forces) के लिए बख्तरबंद वाहन (Armoured vehicles) बनाएगा। यह कंपनी लंबे समय में अफ्रीकी बाजार के बड़े हिस्से को सर्व करने की योजना बना रही है।


    डिफेंस सेक्टर बड़ा ही स्पेशलाइज्ड सेक्टर है। इसमें अधिकतर विदेशी कंपनियों का दबदबा रहा है। लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई भारतीय कंपनी विदश में डिफेंस मैन्यूफैक्चिरंग लाइन बनाएगी।

    टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड कैसाब्लांका में कारखाना लगाने जा रही है
    वहा लगने वाले इस प्लांट में बख्तरबंद गाड़ियां बनाई जाएंगी
    इन बख्तरबंद गाड़ियों की सप्लाई मोरक्कन आर्म्ड फोर्सेज को की जाएगी
    यह कंपनी लंबे समय में अफ्रीकी बाजार के बड़े हिस्से को सर्व करने की योजना बना रही है।

    टाटा ग्रुप की एक कंपनी है टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड। टीएएसल की तैयारी कैसाब्लांक में यह प्लांट बनाने की है। यह प्लांट शुरू में रॉयल मोरक्कन सशस्त्र बलों के लिए बख्तरबंद वाहन बनाएगा।

    ■  टाटा ग्रुप की इस यूनिट में व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (WhAP) का उत्पादन होगा। यह प्लेटफार्म एक उभयचर पैदल सेना लड़ाकू वाहन (Amphibious infantry combat vehicle) होता है। यह सभी प्रकार के इलाकों में नेविगेट करने में सक्षम होता है।
    ■  उस कारखाने में हर साल 100 कैम्बेट व्हीकल्स का उत्पादन करने में सक्षम होगा। प्लांट एक साल के भीतर काम करना शुरू कर देगा, जिसमें पहला WhAP 18 महीनों के भीतर शुरू होने का अनुमान है।
    ■  टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड इस तरह के कैम्बेट व्हीकल की सप्लाई भारतीय सेना को भी करती है। ये वाहन सीमित संख्या में भारतीय सेना के साथ सेवा में हैं। इन वाहनों को लद्दाख सीमा पर तैनात किए गए हैं।
    ■  व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म को TASL और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। मोरक्को द्वारा चुने जाने से पहले अफ्रीका के रेगिस्तानों में इसके कई गहन परीक्षण किए गए हैं।
    ■  टाटा व्हैप में Amphibious Drive Mode (एम्फीबियम ड्राइव मोड) दिया गया है, जिससे यह जमीन और पानी दोनों जगहों पर आसानी से चलाए जा सकते हैं। इसके साथ ही इसमें हाइड्रो-न्यूमैटिक स्ट्रट्स और स्वतंत्र सस्पेंशन मिलता है।
    ■  टाटा व्हैप में 10 से 12 लोग सफर कर सकते हैं। इसे टोही वाहन, पैदल सेना वाहक, या रसद वाहक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
    ■  टाटा व्हैप की खासियत ये है कि ये दलदली इलाकों में भी चल सकता है और मजबूत इतना है कि लैंड माइन के विस्फोट को भी झेल सकता है।

    भारत ने अतीत में प्रमुख रक्षा प्लेटफार्मों का निर्यात किया है और घरेलू स्तर पर वैश्विक खिलाड़ियों के साथ उत्पादों का निर्माण कर रहा है। लेकिन, किसी भारतीय कंपनी ने अब तक विदेशों में ऐसा नहीं किया है। यह मोरक्को में एक पूर्ण प्रमुख प्लेटफॉर्म का निर्माण करने में सक्षम पहला रक्षा संयंत्र भी होगा। इस संयंत्र में लगभग 350 लोग कार्यरत होंगे और काम का एक बड़ा हिस्सा भारत में भी किया जाएगा।

  • जिला अस्पताल से कुआकोंडा सीएससी तक दवाओं व अन्य सामग्री को ड्रोन के माध्यम से पहुंचाने का किया गया ट्रायल…

    जिला अस्पताल से कुआकोंडा सीएससी तक दवाओं व अन्य सामग्री को ड्रोन के माध्यम से पहुंचाने का किया गया ट्रायल…

    दंतेवाड़ा। जिला अस्पताल और कुआकोंडा सीएससी के बीच दवाओं व अन्य सामग्री को ड्रोन के माध्यम से पहुंचाने का ट्रायल किया जा रहा है। कुआकोंडा सीएससी से 8 ब्लड सेंपल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजकर स्वास्थ्य विभाग को दो ड्रोन का डेमो दिखाया गया, जिसमें आरएफटीएलएफटी, थाइराइड जैसे खून के नमूने कुआकोंडा सीएससी से जिला अस्पताल भेजे गए। जिले में इसकी कितनी जरूरत है अब इसका आंकलन अधिकारी करेंगे। दरअसल जिले में ऐसे कई अस्पताल हैं जहां से मरीज को जिला अस्पताल पहुंचाने में डेढ़ से 2 घंटे लगते हैं, तब तक मरीज की हालत बिगड़ जाती है, कई बार नक्सल क्षेत्र के अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाएं नहीं मिल पाने से भी कई लोगों की जान चली जाती है, खासकर सर्पदंश के मामलों में, ऐसे केस में दवाओं को पहुंचाने में ड्रोन कारगर साबित होगा, अभी हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ड्रोन का इस्तेमाल करता है, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश जैसे और राज्यों में भी इसका ट्रायल किया जा रहा है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को दो ड्रोन का डेमो दिखाया गया एक 50 किलोमीटर रेंज और दूसरा 120 किलोमीटर रेंज, 50 किलोमीटर रेंज वाले ड्रोन से पूरे जिले भर के अस्पतालों तक दवा पहुंच सकेगी, जरूरी और एमरजेंसी जांच के लिए मेडिकल कालेज जगदलपुर भी ब्लड सेंपल जांच के लिए जगदलपुर भेजे जा सकेंगे। ड्रोन की 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है, जमीन से 300 मीटर ऊंचाई तक यह उड़ान भर सकता है।
    डॉ देश दीपक ने बताया ड्रोन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में एमरजेंसी में जरूरी दवा भेज सकेंगे, काफी कारगर साबित होगा, ड्रोन का अभी सिर्फ इसका ट्रायल किया जा रहा है। जिला अस्पताल के सामने हाईस्कूल ग्राउंड से कुआकोंडा सीएससी के सामने हाईस्कूल ग्राउंड में ड्रोन दवा लेकर 15 मिनट में 23 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचा।
    ड्रोन ऑपरेट कर रहे मिलन, यूसुफ ने बताया पहली बार यहां इसका डेमो किया जा रहा है, इसलिए कुछ समय ज्यादा लग रहा है। पूरे समय चाहे 10 किलोमीटर हो या 120 किलोमीटर हम ड्रोन पर नजर रखते हैं।

  • लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों के ट्रांसफर के आदेश…

    लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों के ट्रांसफर के आदेश…

    रायपुर। मैं साल 1990 में नया-नया विधायक बना, तब साधु की तरह दिखने वाले लंबी कद काठी का एक व्यक्ति मेरे पास आवेदन लेकर आया। वे मेरे जन्म यानी साल से राजस्व के एक मामले को लेकर राजस्व कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। उन्हें अपने मामले की सारी जानकारियां याद थी और कागज पलटने तक की जरूरत नहीं पड़ती थी। मैं उन्हें अपनी गाड़ी से एसडीएम कार्यालय लेकर गया और मामले का निराकरण कराया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज निवास कार्यालय में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह प्रसंग सुनाया और कहा कि हमें राजस्व अमले की पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करना है। राजस्व विभाग सीधे आम आदमी से जुड़ा है और हमें इसकी छवि सुधारने के लिए काम करना है। बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भी उपस्थित थे।

                  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय से एक ही जगह पर पर जमे हुए पटवारियों को हटाया जाए और एक ऐसी व्यवस्था तैयार करें जिसमें नियत समय के बाद पटवारी का अनिवार्य रूप से उस हल्के और तहसील क्षेत्र से स्थानांतरण हो जाए। उन्होंने कहा कि आम जनों को दैनिक सरकारी कामकाज में पटवारी के सहयोग की जरूरत पड़ती है।  साय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पटवारी अपने मुख्यालय में रहकर कार्य करें, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश के विभिन्न शासकीय कार्यालयों की भूमि का शासन के पक्ष में नामांतरण का काम अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में शहरी पट्टों के वितरण के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फौती नामांतरण, बंटवारा, अविवादित नामांतरण सहित राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी लाई जाए और इसे समय सीमा में ही पूरा करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजिटल नवाचारों पर भी तेजी के साथ काम करें।

      राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने मुख्यमंत्री को राजस्व विभाग की योजनाओं, गतिविधियों और विभागीय आवश्यकताओं से अवगत कराया। उन्होंने राजस्व विभाग के प्रशासनिक इकाई की मूलभूत जानकारी के साथ ही स्वामित्व योजना, राहत कार्यालय के कार्य, राजस्व न्यायालय, जिओ रिफ्रेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अद्यतन जानकारी साझा की।

               बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद,  राहुल भगत और आयुक्त भू अभिलेख  रमेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • सीएम साय के निर्देश पर सीतापुर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी की मध्यस्थता के बाद मान गए संदीप के परिजन,25 लाख मुआवजा और कलेक्टर दर पर नौकरी समेत चार वायदों पर माने परिजन

    सीएम साय के निर्देश पर सीतापुर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी की मध्यस्थता के बाद मान गए संदीप के परिजन,25 लाख मुआवजा और कलेक्टर दर पर नौकरी समेत चार वायदों पर माने परिजन

    23 दिनों से पोस्टमार्टम कक्ष में रखे संदीप लकड़ा के शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। शुक्रवार याने 27 सितंबर को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की मध्यस्थता के बाद परिजनों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। संदीप की पत्नी की ओर से आत्मदाह करने की चेतावनी दी गई थी।

    कौन था संदीप

    नल जल योजना में अभिषेक पांडेय नाम क ठेकेदार के यहाँ संदीप कर्मचारी था। ठेकेदार के छड़ सीमेंट की चोरी हुई थी। सीतापुर पुलिस थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ठेकेदार और उनके सहयोगियों ने संदीप की पिटाई की थी। सात जून को संदीप की पिटाई से मौत हो गई थी। संदीप का शव मैनपाट के कमलेश्वरपुर थाने से छ किलोमीटर आगे लुरैना तिब्बती कैंप के पास मौजूद बड़कापारा में निर्माणाधीन पानी टंकी के फाउंडेशन (नींव) में संदीप के शव को डाला और नींव को पाटकर उस पर पानी टंकी बना दी गई। पुलिस को भ्रम में डालने संदीप के मोबाइल को मुंबई और गोवा में चालू किया गया और फिर बंद कर दिया गया था। आरोपी ठेकेदार के सहयोगी के बयान से मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने शव बरामद किया लेकिन फिर गतिरोध आ गया।

    परिजनों ने आंदोलन शुरु किया

    मृतक संदीप की हत्या के खुलासे के बाद आक्रोशित संदीप लकड़ा के परिजन धरने पर बैठ गए जिसे सर्व आदिवासी समाज ने समर्थन दे दिया था। संदीप लकड़ा के परिजनों की मांग थी कि, प्रमुख आरोपी के साथ साथ सहयोग करने वालों की सूक्ष्मता से जांच हो। परिजन दो करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की माँग कर रहे थे। आंदोलन को कांग्रेस ने भी समर्थन दे दिया था। परिजनों ने मांग पूरी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था।

    यूं माने परिजन

    संदीप लकड़ा की पत्नी ने मांग पूरी ना होने पर आत्मदाह की धमकी दी थी। आत्मदाह की चेतावनी से मसला और गंभीर हो गया। गंभीर रुख की ओर बदलते घटनाक्रम को देख सीएम साय ने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को भेजा। आंदोलन को समाप्त कराने के साथ साथ परिजनों को पूरी तरह संतुष्ट करना जिसमें नियमों की भी अवहेलना ना हो, यह लक्ष्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को देकर भेजा गया था। करीब तीन घंटे की चर्चा के बाद गतिरोध हटा और मंत्री श्यामबिहारी परिजनों को संतुष्ट करने और आंदोलन ख़त्म करने के लिए सहमत करा गए। सर्व आदिवासी समाज के अकबर राम कोर्राम (रिटायर डीआईजी) की उपस्थिति से सरकार को अपेक्षाकृत सुविधा हुई और यह बेहतर तरीके से समझाया जा सका कि, शासन अपने नियमों में कितनी ढील देकर जिस अधिकतम सीमा तक राहत दे सकता है वह दे रहा है। मौके पर ही मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने मृतक संदीप की पत्नी सलीमा लकड़ा को 8.25 लाख का चेक और छात्रावास में कलेक्टर दर पर नियुक्ति का पत्र सौंपा। मंच से घोषणा की गई कि, मृतक की पत्नी को कुल 25 लाख रुपए दिए जाएँगे, और मृतक के दोनों बच्चों को हायर सेकेंडरी तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ संदीप हत्याकांड की जांच के लिए राज्य स्तर पर टीम गठित कर पृथक से जांच कराने की घोषणा भी की गई।

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश, चुनावी बॉन्ड से उगाही करने का आरोप…

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश, चुनावी बॉन्ड से उगाही करने का आरोप…

    बेंगलुरु की एक विशेष लोक अदालत ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया। उनके खिलाफ चुनावी बॉन्ड के जरिए उगाही करने का आरोप लगाया गया है। विशेष लोक अदालत ने इस शिकायत पर सुनवाई करते हुए वित्त मंत्री के अलावा कई दूसरे नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

    जनाधिकार संघर्ष परिषद (जेएसपी) के सह-अध्यक्ष आदर्श अय्यर ने बेंगलुरु में जनप्रतिनिधियों की विशेष अदालत में शिकायत दर्ज कर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी।

    उन्होंने शिकायत की थी कि चुनावी बॉन्ड के जरिए डरा-धमकाकर जबरन वसूली की गई। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बेंगलुरु के तिलक नगर पुलिस स्टेशन को चुनावी बॉन्ड के जरिए जबरन वसूली के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

    एसीएमएम कोर्ट ने एक आदेश जारी कर शिकायत की एक प्रति और रिकॉर्ड थाने को भेजने का निर्देश भी दिया है। एफआईआर लंबित होने के कारण सुनवाई 10 तारीख तक के लिए टाल दी गई है।कोर्ट ने तिलकनगर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ-साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपीनड्डा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, बीजेपी नेता नलिन कुमार कतील, केंद्रीय और राज्य बीजेपी कार्यालय और ईडी विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गई है।

    Finance Minister Nirmala Sitharaman: में कहा गया है कि अप्रैल 2019 से अगस्त 2022 तक व्यवसायी अनिल अग्रवाल की फर्म से लगभग 230 करोड़ रुपए और अरबिंदो फार्मेसी से 49 करोड़ रुपये चुनावी बॉन्ड के माध्यम से वसूले गए।

    जनाधिकार संघर्ष परिषद (JSP) ने वित्त मंत्री के खिलाफ अदालत में जो आरोप लगाए उसमें कहा गया है कि चुनावी बॉन्ड के जरिए देश की वित्त मंत्री ने जबरन पैसे की जबरन वसूली की गई है. हालांकि अभी इस मामले की सुनवाई को 10 अक्टूबर तक के लिए स्थगित किया गया है, लेकिन ये मामला कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले देश की केंद्रीय मंत्री के खिलाफ मुद्दा बन सकता है.

    शिकायत में क्या- जानिए पूरा मामला

    जेएसपी के सह-अध्यक्ष आदर्श अय्यर ने याचिका में कहा कि वित्त मंत्री ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से डरा-धमकाकर जबरन वसूली की है. अब इसी मामले से जुड़ी एक याचिका के बाद वित्त मंत्री के खिलाफ बेंगलुरू की पीपुल्स रिप्रेजेंटेटिव कोर्ट ने एक्शन ले लिया है. साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट के पास चुनावी बॉन्ड योजना को चुनौती दी गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने चार याचिकाकर्ता की बात सुनने और उनका पक्ष जानने के बाद इस पर फैसला दिया. उच्चतम न्यायालय ने चुनावी बॉन्ड योजना को ना सिर्फ असंवैधानिक माना, बल्कि इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी. चुनावी बॉन्ड या इलेक्ट्रोरल बॉन्ड की शुरुआत साल 2018 में की गई थी और 2024 में इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया.

    कहां दायर होगी वित्त मंत्री के खिलाफ एफआईआर

    आदर्श अय्यर की याचिका पर सुनवाई करते हुए बेंगलुरु की पीपुल्स रिप्रेजेंटेटिव कोर्ट ने बेंगलुरू के तिलक नगर पुलिस स्टेशन को वित्त मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. चुनावी बॉन्ड के जरिए जबरन वसूली के मामले में जेएसपी के सह-अध्यक्ष आदर्श अय्यर ने पिछले साल यानी अप्रैल 2023 में 42वें एसीएमएम कोर्ट का रुख किया था.

    वित्त मंत्री के साथ और भी नेताओं के खिलाफ की गई थी शिकायत

    याचिकाकर्ता ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बीजेपी के तत्कालीन कर्नाटक अध्यक्ष नलिन कुमार कटील, बी वाई विजयेंद्र के खिलाफ शिकायत की थी. इसके साथ ही उन्होंने ईडी अधिकारियों के खिलाफ भी आरोप लगाए थे.

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    रायपुर। रक्षित केन्द्र रायपुर में पदस्थ निरीक्षक राकेश चौबे को ’’सेवा से पदच्युत’’ किया गया है। न्यायालय द्वारा निर्णय पारित करते हुए निरीक्षक को दोष सिद्ध पाते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर क्षेत्र रायपुर अमरेश मिश्रा ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई की। निरीक्षक ने शराब के नशे में धुत होकर महिला हॉस्टल में जबरदस्ती घुसकर छोड़छाड़ की थी।

    रक्षित केन्द्र रायपुर में पदस्थ निरीक्षक राकेश चौबे के विरुद्ध थाना अजाक रायपुर में पंजीबद्ध अपराध क्र 04/2023 धारा 451, 294, 323(दो बार), 506 बी, 354 ए भादवि. एवं 3(1)W)(i), 3(1)(r), 3(2)(va) अनुसूचित जाति जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में न्यायालय विशेष न्यायाधीश अंतर्गत एस.सी. एवं एस.टी. (अत्याचार निवारण) अधिनियम रायपुर द्वारा निर्णय पारित करते हुए निरीक्षक को दोष सिद्ध पाते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

    पुलिस महानिरीक्षक रायपुर क्षेत्र रायपुर अमरेश मिश्रा द्वारा प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए निरीक्षक राकेश चौबे, रक्षित केन्द्र रायपुर को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध पाये जाने से जो उसके नैतिक अधःपन का द्योतक एवं लोकहित मे शासकीय सेवा में रखने योग्य नही पाये जाने पर सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1996 एवं पुलिस रेग्युलेशन के प्रावधान के अंतर्गत ’’सेवा से पदच्युत’’ किया गया है।