Category: स्वास्थ्य

  • हो जाइए सावधान, इबोला की तुलना में नए वायरस से मरने वालों की संख्या 50 से 90% तक हो सकती है…

    हो जाइए सावधान, इबोला की तुलना में नए वायरस से मरने वालों की संख्या 50 से 90% तक हो सकती है…

    दुनिया कोरोना से जूझ रही है। इस बीच एक नए वायरस के फैलने का खतरा जताया गया है। नए वायरस का नाम ‘डिसीज-एक्स’ है। अफ्रीकी वायरस इबोला की खोज करने वाले डॉ. जीन जैक्स मुएंब तामफम ने यह चेतावनी जारी की है। डॉ. तामफम के मुताबिक, ‘डिसीज-एक्स’ ज्यादा घातक है। कोरोना के मुकाबले यह तेजी से फैलता है और इबोला से ज्यादा जानलेवा है।

    मौत का खतरा 50 से 90% जयादा
    इबोला की तुलना में इससे मरने वालों की संख्या 50 से 90% तक ज्यादा हो सकती है। एक अमेरिकी टीवी चैनल से बातचीत में डॉ. तामफम ने कहा, ‘आज हम ऐसी दुनिया में हैं, जहां नए वायरस बाहर आएंगे। ये वायरस मानवता के लिए खतरा बन जाएंगे। भविष्य में आने वाली महामारी कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक और तबाही मचाने वाली होगी।

    कांगो की महिला मरीज में ‘डिजीज-एक्स’ के लक्षण दिखे
    कांगो के इगेंड में एक महिला मरीज को खून आने के साथ बुखार के लक्षण देखे गए हैं। इस मरीज की इबोला जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉक्टरों को डर है कि यह “डिसीज-एक्स’ की पहली मरीज है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘डिसीज-एक्स’ महामारी अभी परिकल्पना है, लेकिन अगर यह फैलती है तो पूरी दुनिया में इससे तबाही आएगी।

    कौन हैं डॉ. तामफम
    डॉ. तामफम की 1976 में इबोला वायरस का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका थी। इबोला वायरस का जब पहली बार पता चला तो कांगो के यामबूकू म‍िशन अस्प्ताल में 88% मरीजों और 80% कर्मचारियों की मौत हो गई थी।

    हर साल वायरस की 3 से 4 नई प्रजाति सामने आ रही

    एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी में इंफेक्शियस डिसीज एपिडेमियोलॉजी के प्रो. मार्क वूलहाउस का कहना है, हर साल 3 से 4 नए वायरस की प्रजाति सामने आ रही है। इसमें से ज्यादातर वायरस ऐसे हैं जो जानवर में पाए जाते हैं। ये जानवरों के जरिए इंसानों में पहुंचकर बीमारी फैलाते हैं। जैसे इबोला और कोविड-19। जब इन्हें काटा जाता है या भोजन के रूप में लिया जाता है तो ये वायरस इंसानों तक पहुंचता है।

    पशु बाजार ‘डिसीज-X’ का बड़ा खतरा साबित हो सकता है। यह वायरस वहां के किसी भी जानवर में हो सकता है। पिछले कुछ सालों में वैज्ञानिकों ने पशु बाजार से एवियन फ्लू और सार्स जैसे वायरस फैलने का कनेक्शन ढूंढा है।

    जानवरों का घर उजड़ना इंसानों तक वायरस पहुंचने की वजह
    डॉ. तामफम का कहना है, भविष्य में ऐसी बीमारियां बढ़ेंगी जो जानवरों से इंसानों तक पहुंचेंगी। यलो फीवर, इन्फ्लुएंजा, रैबीज और लाइम डिसीज के उदाहरण सामने हैं। ये बीमारियां जानवरों के जरिए इंसानों तक पहुंची।
    एक्सपर्ट्स कहते हैं, दुनियाभर में वायरस की संख्या बढ़ने की बड़ी वजह हैं- जानवरों का घर उजड़ना, जंगलों का तबाह होना और जानवरों की तस्करी।

    जानवरों के रहने की जगह उजड़ने पर बड़े जानवर तेजी से कम हुए। चूहे, चमगादड़ जैसे जीव जिंदा रहे। इनके जरिए कई बीमारियां इंसानों तक पहुंची। कोरोना के फैलने की वजह अभी भी चमगादड़ को ही माना जा रहा है।

  • अपने बच्चों को दिलवाएं ‘दो बूंद जिंदगी की’

    अपने बच्चों को दिलवाएं ‘दो बूंद जिंदगी की’

    रायपुर। पोलियो की बीमारी से बच्चों को बचाने पल्स पोलियो अभियान 17 जनवरी से 19 जनवरी तक चलेगा। इस बार साढ़े तीन लाख बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। इसके लिए जिले में 1,370 बूथ बनाए जाएंगे, प्रत्येक बूथ पर 4 सदस्यों की टीम मौजूद होगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी पल्स पोलिया अभियान संचालित किया जाएगा। जिसे लेकर अधिकारियों ने निर्देश जारी किये हैं।

    महिला बाल विकास विभाग अधिकारी अशोक पाण्डेय ने बताया कि पोलियो अभियान में हमेशा से ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के माध्यम से मदद की जाती है, जितने बूथ होते हैं वो सामान्यतः आंगनबाड़ी केन्द्रों में बनाए जाते है। प्रारंभ में बच्चों को केन्द्र में ही पोलियों की दवा पिलाई जाती है जो बच्चे केन्द्रों में नहीं आ सकते उन्हे घर-घर जाकर पोलियों की दवा पिलाई जाती है।

  • लगातार उपयोग से सूख रही त्वचा, खुजली, घमौरियां और जलन की शिकायत….

    लगातार उपयोग से सूख रही त्वचा, खुजली, घमौरियां और जलन की शिकायत….

    कोरोना से बचाव के लिए सेनिटाइजर के लगातार उपयोग से हाथों में स्किन से संबंधित रोग हो रहे हैं। किसी को खुजली तो किसी को घमौरियां जैसे छोटे छोटे डाट्स हो रहे हैं। हाथों में जलन की भी शिकायत हो रही है। अंबेडकर अस्पताल में ही रोज औसतन ढाई सौ से ज्यादा मरीज स्किन की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें 50 से अधिक हाथों में खुजली और घमौरियों जैसे डाट्स की समस्या को लेकर आ रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञों के अनुसार अल्कोहल वाले सेनिटाइजर के ज्यादा उपयोग से स्किन सूखी हो रही है। उसी से स्किन से संबंधित शिकायतें हो रही हैं। सर्दी के मौसम में स्किन की शिकायत आम है, लेकिन इस साल स्थिति अलग है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग ज्यादा से ज्यादा सेनिटाइजर का उपयोग कर रहे हैं। सेनिटाइजर से त्वचा सूख जाती है। आमतौर पर लोग सेनिटाइजर का उपयोग करने के बाद स्किन की सुरक्षा के लिए दूसरे उपाए नहीं कर रहे हैं। इस वजह से फंगल इंफेक्शन हो रहा है। खासतौर पर हाथों में काेई न कोई समस्या हो रही है। इसी वजह से अंबेडकर अस्पताल के साथ-साथ प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चर्म रोग विशेषज्ञों के क्लीनिक में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। स्किन की समस्या से पीड़ित मरीजों में सबसे ज्यादा सेनिटाइजर से इंफेक्शन वाले हैं। डाक्टरों के अनुसार कोरोना के भय से कई मरीज अस्पताल नहीं आ रहे हैं। सामान्य हालात होने पर मरीजों की संख्या दोगुनी हो सकती है।

    प्राइवेट में इतनी भीड़ की अप्वाइन्टमेंट लेकर ही जांच : स्किन के मरीज बढ़ जाने से प्राइवेट क्लीनिक में डाक्टर से चेकअप करवाने के लिए एक दिन पहले अप्वाइन्टमेंट लेना पड़ रहा है। इमरजेंसी में कम डाक्टर ही देख रहे हैं। अप्वाइन्टमेंट लेने के लिए भी डाक्टरों ने अपनी-अपनी सहूलियत के अनुसार टाइम तय किया है।

    उसी टाइम में अपाइनमेंट लिया जाता है। टाइम गुजर जाने के बाद डाक्टर के क्लीनिक के काउंटर में बैठने वाला स्टाफ किसी को अपाइनमेंट नहीं देता।

    जेल वाला सेनिटाइजर करें उपयोग
    स्किन रोग विशेषज्ञ डा. पीके निगम कहते हैं कोरोना से सुरक्षा के लिए सेनिटाइजर का उपयोग जरूरी है। इसके उपयोग से किसी को रोका नहीं जा रहा है। हां मरीजों को सलाह दी जा रही है कि वे जेल वाला सेनिटाइजर उपयोग करें। साथ ही रात में सोने के पहले कोई भी विंटर क्रीम या लोशन हाथ-पांव में अच्छी तरह से लगा लें। इससे स्किन को लेकर आ रही समस्या दूर हो जाएगी। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. मृत्युंजय सिंह के मुताबिक सर्दी के मौसम में त्वचा सूखती है। इसलिए ऐसे लोग जो सेनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके बाद त्वचा में नमी को बनाए रखने के लिए सामान्य विंटर लोशन लगाना जरूरी है। इससे त्वचा की बीमारियों से बचाव हो सकता है।

  • छत्तीसगढ़ में कोरोना के वैक्सीनेशन की तैयारी शुरू, हेल्थ वर्कर्स को पहले मौका….

    छत्तीसगढ़ में कोरोना के वैक्सीनेशन की तैयारी शुरू, हेल्थ वर्कर्स को पहले मौका….

    छत्तीसगढ़ के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के कहने पर छत्तीसगढ़ में कोरोना के वैक्सीनेशन यानी टीकाकरण की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। छत्तीसगढ़ के लिए अंशुमान मोइत्रा को सीनियर प्रोजेक्ट आफिसर और कलेक्टरों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। हेल्थ के पूरे अमले का जिला स्तर पर टीकाकरण किया जाना है। इसके लिए स्टाफ की लिस्ट बनाई जा रही है। अभियान कैसे पूरा किया जाएगा इसके लिए फॉर्मेट तय किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने छत्तीसगढ़ को इस बारे में पत्र लिखा है। इसमें टीकाकरण की गाइड-लाइन भी है। एसीएस रेणु जी. पिल्ले ने कलेक्टरों के साथ टीकाकरण की तैयारी शुरू कर दी है। अब जिले में काम करने वाले नियमित कर्मचारियों व संविदा अधिकारियों-कर्मचारियों की जानकारी एचआरएमआईएस पोर्टल में 25 अक्टूबर तक अपडेट करने कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अलावा मेडिकल सेवा में लगे दूसरे विभागों में काम करने वाले हेल्थ वर्करों की सूची भी बनाई जा रही है।

    हर कर्मचारी को मिलेगा यूजर आईडी व पासवर्ड


    इस डेटा को 30 अक्टूबर को कोविड-19 वैक्सीनेशन बेनीफिशियरी मैनेजमेंट सिस्टम (सीवीबीएमएस) में अपलोड किया जाएगा। इसके लिए अलग से यूजर आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा। इसके अलावा प्राइवेट हास्पीटल्स, स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों में काम करने वाले हेल्थ वर्कर्स की सूची भी बन रही है। इसे भी 30 अक्टूबर तक सीवीबीएमएस को भेजा जाएगा। इन्हें भी अलग से यूजर आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा।

    हेल्थ अमले में राहत की सांस


    प्रदेशभर में कोविड मरीजों की दिन रात देखरेख में जुटे हेल्थ अमले के लिए बड़ी राहत की खबर है कि वैक्सीनेशन का पहला मौका उन्हें दिया जा रहा है। सबसे अच्छी बात यह कि इसमें सरकारी-गैर सरकारी व सभी तरह के स्टाफ व संस्थाओं को शामिल किया गया है। मालूम हो कि केंद्र ने देश में 50 करोड़ वैक्सीन लाने का दावा किया है। इसमें से छत्तीसगढ़ को भी जरूरत के अनुसार वैक्सीन मिलने की संभावना है।

    ये होंगे शामिल

    • मेडिकल कालेज, सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल, सभी स्तर के अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी पीएचसी, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, कैंसर इंस्टीट्यूट एंड हास्पिटल, टीबी अस्पताल और क्लिनिक, डिस्पेंसरी, ट्राइबल हेल्थ सेंटर्स आदि।
    • आयुष हॉस्पिटल्स और डिस्पेंसरी अस्पताल, नगरपालिका, नगर निगम, महानगर पालिका, निकायों के अस्पताल, मेटरनिटी होम, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर्स, यूपीएससी, यूएचपी, अर्बन कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स आदि।
    • जिला परिषद व पंचायतों द्वारा दी जा रही सुविधाओं
    • राज्य सरकार के वे हेल्थ उपक्रम जो सूची में नहीं हैं।

    हम तकनीकी मदद करेंगे : मोइत्रा


    छत्तीसगढ़ के स्पेशल प्रोजेक्ट आफिसर अंशुमान मोइत्रा ने कहा कि इस अभियान में तकनीकी मदद करेंगे। तैयारियां चल रही हैं। जब भी वैक्सीन लांच होगी राज्य में काम शुरू हो जाएगा।

  • सब्जियां बिगाड़ सकती हैं आपकी सेहत! FSSAI की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा, MP में 25 फीसदी तो CG में 13.6 फीसदी नमूने जांच में फेल

    सब्जियां बिगाड़ सकती हैं आपकी सेहत! FSSAI की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा, MP में 25 फीसदी तो CG में 13.6 फीसदी नमूने जांच में फेल

    रायपुर। आप जिन सब्जियों को सेहत का खजाना मानकर खा रहे हैं कहीं वो आपकी सेहत तो नहीं बिगाड़ रहा है…ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथ़ॉरिटी ऑफ इंडिया के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है..जिसमें ये बात सामने आई है कि देश में उगाई और बनाई जा रही करीब 9 फीसदी सब्जियों में लेड और कैडमियम जैसे हैवी मेटल्स की मात्रा, तय मात्रा से 2 से तीन गुना तक ज्यादा है।

    इनमें सबसे खतरनाक स्थिति मध्यप्रदेश की है…जहां सब्जियों के 25 फीसदी नमूनों में हैवी मेटल्स की घातक मात्रा पाई गई है। वहीं छत्तीसगढ़ में 13.6 फीसदी नमूनों में ये बात सामने आई है। आपको आसान भाषा में आगाह करें तो लेड और कैडमियम की घातक मात्रा आपको किडनी और किडनी की गंभीर बीमारियां दे सकती हैं। गंदे पानी और कीटनाशकों के ज्यादा इस्तेमाल ने इन सब्जियों जहरीला बना दिया है।

    FSSAI की रिपोर्ट में इन चीजों का खुलासा हुआ है —
    – देश में उपजाई और बेची जा रही 9.21% सब्जियों में लेड और कैडमियम
    – 9.21% सब्जियों में तय सीमा से हैवी मात्रा में लेड और कैडमियन
    – देश को पांच जोन में बांटकर किया गया अध्ययन
    – पत्ते वाली, फल वाली और जमीन के अंदर होने वाली सब्जियों की जांच
    – तीन किस्म की सब्जियों के 3323 नमूनों की जांच
    – सब्जियों के 306 नमूने यानि 9.21% फेल
    – मध्यप्रदेश में सबसे खतरनाक स्थिति
    – MP में सब्जियों के 25% नमूनों में हैवी मेटल्स की घातक मात्रा
    – MP में टमाटर में तय सीमा से 6 गुना ज्यादा लेड
    – MP में भिंडी में तय सीमा से 10 गुना ज्यादा लेड
    – भोपाल, इंदौर, सतना और जबलपुर से लिए गए थे 260 नमूने
    – छत्तीसगढ़ में 13.6% नमूने जांच में फेल

    कितनी प्रतिशत सब्जियां हुई फेल यहां देखिए
    मध्यप्रदेश 25.4%
    छत्तीसगढ़ 13.6%
    बिहार 10.6%
    गुजरात 8.7%
    चंडीगढ़ 8.2%
    महाराष्ट्र 6.9%
    राजस्थान 6.1%
    पंजाब 5.5%
    दिल्ली 2.4%
    हरियाणा 1.6%

  • छोटी छोटी सावधानियां रखकर कोरोना से बचा जा सकता है- नेहा अग्रवाल

    छोटी छोटी सावधानियां रखकर कोरोना से बचा जा सकता है- नेहा अग्रवाल

    खरसिया।  सामाजिक धार्मिक कार्यों में अग्रणी रहने वाली श्री मति नेहा अग्रवाल ने बताया कोरोना के प्रकोप से अपने आप को बचाने के लिए फिलहाल छोटे-छोटे उपाय करने होंगे। ये उपाय कारगर साबित हुए हैं और इन्हे अपना कर हम इस महामारी से सुरक्षित रह सकते हैं।

    घर से निकलते समय जैसे हम और आप चेक करते हैं कि मोबाइल रखा है कि नही और नही होने पर वापस आकर फोन लेकर जाते हैं। वैसा ही अब मास्क के साथ करना होगा। परिवार के सदस्यों की भी जिम्मेदारी है कि जो भी घर से बाहर जाए उसे मास्क की याद दिलाएं और सही तरीके से मुंह और नाक को ढंक कर पहनने को कहे। गले में मास्क लटकाने से जुर्माने से बच सकते है, लेकिन कोरोना से नहीं। कुछ समय तक मास्क हमारी जिंदगी का हिस्सा बना रहेगा और इससे  दोस्ती रखेंगे तो अच्छे दोस्त की तरह हम सबको यह बचाएगा भी। कपड़े के मास्क को हर बार उपयोग करने के बाद साबुन और एंटीसेप्टिक घोल से धोना जरूरी है। सर्जिकल मास्क एक बार ही पहना जाता है। इसे सही तरीके से डिस्पोज करना भी आवश्यक है। हाथ साबुन, सेनेटाइजर से धोते रहें। मास्क पहनने के बाद मुंह, नाक को बार-बार न छुएं। दरवाजे आदि खोलते समय उल्टे हाथ का अधिक प्रयोग करेें जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

  • आयुष मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, कोरोना में कारगर आयुष-64 दवा…

    आयुष मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, कोरोना में कारगर आयुष-64 दवा…

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Dr. Harshvardhan) ने कोविड-19 के मेडिकल प्रबंधन के लिए आयुर्वेदिक औषधियों और योग आधारित नया प्रोटोकॉल जारी किया.इसमें कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने और हल्के लक्षणों और बिनालक्षण वाले मामलों के उपचार के लिए अश्वगंधा और आयुष-64 जैसी औषधियां शामिल हैं.
    हर्षवर्धन ने आयुष मंत्री श्रीपद नाईक की मौजूदगी में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए आयुर्वेद और योग आधारित राष्ट्रीय चिकित्सकीय प्रबंधन प्रोटोकॉल जारी किया.स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से एक बयान में कहा गया, ‘रोग निरोधी कदमों वाला यह प्रोटोकॉल न सिर्फ कोविड-19 के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आधुनिक समय की समस्याओं के समाधान में पारंपरिक ज्ञान को प्रासंगिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

    नए प्रोटोकॉल में उन विशेष दवाओं की जानकारी दी गई है, जिनके इस्तेमाल से कोरोना मरीजों को लाभ मिलता है. इनमें सबसे प्रमुख अश्वगंधा समेत आयुष-64 को कोरोना वायरस के लिए सबसे ज्यादा कारगर बताया गया है. इसके अलावा नई गाइडलाइन में कोरोना से स्वस्थ हो चुके लोगों के लिए भी पोस्ट-कोविड 19 प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं।

    आयुष मंत्रालय ने अश्वगंधा और च्यवनप्राश खाने की दी सलाह

    आयुष मंत्रालय की ओर से जारी प्रोटोकॉल में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए रोजाना अश्वगंधा का 1-3 ग्राम पाउडर या 500 एमजी एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.इसके अलावा गर्म पानी या दूध के साथ प्रतिदिन 10 ग्राम च्यवनप्राश का उपयोग करने के लिए कहा गया है.वहीं कोरोना के बिना लक्षणों वाले मरीजों के लिए आयुष-64 नाम की दवा देने की भी सलाह दी गई है।

    कोरोना से दूर करेगा योग

    श्वसन और हृदय क्षमता में सुधार, तनाव और चिंता को कम करने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार के लिए मंत्रालय ने कोविड-19 के पूर्व नियंत्रण प्रोटोकॉल में योग को शामिल किया है।

    आयुष मंत्रालय के प्रोटोकॉल के मुताबिक कोविड-19 से उबरने के बाद श्वसन तंत्र और फेफड़ों की क्षमता में सुधार तथा तनाव और चिंता कम करने के लिए भी योग मददगार है।

    क्या खाएं
    प्रोटोकॉल में आहार संबंधी कदमों में अदरक, धनिया, तुलसी और जीरे के साथ गरम पानी पीने की सलाह दी गई है. इसके अलावा 150 मिलीलीटर दूध में रात में एक बार आधा चम्मच हल्दी लेने और दिन में एक बार आयुष काढ़ा पीने की सलाह दी गई है।

    मंत्रालय ने कहा कि इस गाइडलाइन या प्रोटोकॉल को सर्वसम्मत से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान दिल्ली, स्नातकोत्तर आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान जामनगर, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर, केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद, केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद तथा अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों की समिति ने तैयार किया है।

  • पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूर्व IAS ओपी चौधरी भी कोरोना पॉज़िटिव,ट्वीट कर दी जानकारी…

    पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूर्व IAS ओपी चौधरी भी कोरोना पॉज़िटिव,ट्वीट कर दी जानकारी…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।इसी बीच बड़ी खबर आ रही है कि पूर्व आईएएस ओपी चौधरी को भी कोरोना हो गया है। इससे पहले रविवार को उनकी पत्नी डॉ अदिति की रिपोर्ट पॉजेटिव आयी थी।
    IRS अधिकारी डॉ अदिति के पॉजेटिव की खबर शेयर करते हुए खुद रविवार को ओपी चौधरी ने कहा था कि उनमें भी कोरोना के लक्षण है और वो बुखार और बॉडी पेन महसूस कर रहे हैं। जल्द ही उन्होंने अपना कोरोना टेस्ट कराने की भी बात कही थी।

    आज उन्होंने अपना कोरोना टेस्ट कराया था, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजेटिव आयी है। उन्होंने ट्वीट कर खुद के पॉजेटिव आने की जानकारी साझा की है।

    ट्वीट कर कहा कि मेरा भी कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है।मैं हॉस्पिटल में रहकर अपना पूरा ध्यान रख रहा हुँ।मेरे संपर्क में आये सभी लोग अपना पूरा ध्यान रखें…

    कल शाम ही उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि ,
    मेरी वाइफ डॉ० अदिति का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है।आज मुझे भी फीवर और बॉडी पेन हो रहा है।मैं भी जल्द टेस्ट करवाऊंगा ।इन परिस्थितियों में मेरे संपर्क में आये सभी साथियों से अपील है कि वे आवश्यक ऐतिहात बरतें।कृपया सभी अपना ध्यान रखें..


  • रायपुर में दो व्यक्तियों ने कोरोना संक्रमित होने के बावजूद जिला-प्रशासन को किया भ्रमित…देते रहे झूठी जानकारी, FIR दर्ज

    रायपुर में दो व्यक्तियों ने कोरोना संक्रमित होने के बावजूद जिला-प्रशासन को किया भ्रमित…देते रहे झूठी जानकारी, FIR दर्ज

    रायपुर। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने कोरोना वायरस संकमण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि, वर्तमान में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।  रोकथाम और नियंत्रण में रखने के लिए सभी संबंधित उपाय अमल में लाया जाना उचित और आवश्यक हो गया है। शासन की ओर से जारी निर्देशों के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट और विधि अनुकुल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश के पालन में मंगलवार को जोन 5 के इंसिडेंट कमांडर संदीप अग्रवाल ने दो व्यक्तियों के विरुद्ध एपेडेमीक एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई है। पहली फुटबाल हाउस के पास सुंदर नगर निवासी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज कराई गई है। व्यक्ति की 18 अगस्त को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसी तरह न्यू चंगोराभाठा गिट्टी खदान के पास निवासी व्यक्ति 21 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव  मिला था। दोनों से निरंतर संपर्क कर हॉस्पटिल में भर्ती होने कहा गया था, परंतु वे शासन के आदेश की अवहेलना करते हुए अपना पता छुपा कर मोबाइल में झूठी जानकारी देते रहे। प्रशासन की ओर से उनके निवास पर होम आईसोलेशन का स्टीकर और रिबन भी लगाया गया था। कोरोना संक्रमित व्यक्ति को निर्देश दिए जाने के बाद भी प्रशासन का सहयोग ना करने और संक्रमण फैलाने का कार्य किया जा रहा है। इन दोनों मामले में  एपिडेमिक एक्ट का उलंघन कर जानबूझकर संक्रामक बीमारी फैलाने के अपराध में धारा 188, 269, 270 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • हरिप्रिया न्यूट्रिशन सेंटर का हुआ शुभारम्भ, अत्याधुनिक मशीनों से होगी शरीर की जांच…

    हरिप्रिया न्यूट्रिशन सेंटर का हुआ शुभारम्भ, अत्याधुनिक मशीनों से होगी शरीर की जांच…

    खरसिया। 22 अगस्त को खरसिया में हरिप्रिया न्यूट्रिशन सेंटर का शुभारम्भ हुआ, सचिन गुप्ता और निभा गुप्ता ने इस सेंटर की शुरुआत की, इस अवसर पर जयपुर से आयेे इंटरनेशनल सीनियर वेलनेस कोच सुनील भगवती शर्मा और उनके साथ उनकी टीम के वेलनेस कोच विनोद यादव ,बलवानसिंह यादव, सुरेखा दिलीप श्रीवास नेे फीता काटकर सेंटर का शुभारम्भ किया।
    सेंटर के शुभारम्भ के अवसर पर पधारे हुए सभी गणमान्य जनों को वेलनेस कोच सुनील भगवती शर्मा द्वारा सेहत की जानकारी दी गयी खाने पीने में और रहन सहन में आज क्या समस्याएं है और कैसे हम 80 प्रतिशत न्यूट्रिशन और 20 प्रतिशत वर्कआउट के माध्यम से ओर पोषणयुक्त खाने से कैसे सेहतमंद रह सकते है वजन कम कर सकते है वजन बढ़ा सकते है और इम्यूनिटी को कैसे बढ़ा सकते है इस संबंध में सम्पूर्ण जानकारी दी गयी, सेंटर के संचालक सचिन गुप्ता ने बताया कि यह सेंटर हर दिन पूरे दिन के लिए खुला रहेगा और यहाँ पर आधुनिक मशीन से फ्री बॉडी चेकअप होगा और हमारे वेलनेस कोच के माध्यम से परामर्श ओर डाइट प्लान मिलेगा उन्होंने बताया कि वेट,फैट,इंटरनल फैट,बी.एम.आई, मसल्स,बॉडी ऐज, आर. एम. जैसी शरीर की 6 प्रकार की जांच हमारे सेंटर में निःशुल्क की जायेगी, यहां न्यूट्रिशन एक्सपर्ट द्वारा डाइट प्लान बनाकर दिया जायेगा जो कि अच्छ़े स्वास्थ्य के लिये आवष्यक है। सेंटर के संचालक सचिन गुप्ता ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे सेंटर में आकर अपने शरीर को स्वरूथ रखने के लिये आवश्यक खानपान संबंधित जानकारी प्राप्त करें तथा निरोग रहें।