Category: राजनीती

  • फोन टैपिंग पर रमन सिंह का कांग्रेस पर हमला, कहा- भूपेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टैपिंग की बात स्वीकारी, इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है…

    फोन टैपिंग पर रमन सिंह का कांग्रेस पर हमला, कहा- भूपेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टैपिंग की बात स्वीकारी, इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है…

    सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वीकार किया कि वह जासूसी करा रही है. फोन टैपिंग करने से बड़ा अपराध क्या हो सकता है? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने लिखकर दिया है कि हम फोन टैपिंग कर रहे थे, भविष्य में नहीं करेंगे. यह बात पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कही.

    रायपुर। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ जो आज तरक्की कर रहा है, यह भूपेश सरकार की वजह से नहीं है, ये बीते 15 सालों की कार्ययोजना का नतीजा है. 15 साल छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम दौर थे. 60 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया. इंफ्रास्ट्रक्चर में छत्तीसगढ़ ने काम किया. पावर हब बना. सरगुजा-बस्तर में नए मेडिकल कॉलेज बने. आदिवासी इलाकों को एजुकेशनल हब बनाया।

    उन्होंने कहा कि 15 सालों तक छत्तीसगढ़ को सजाया, संवारा गया. नगरीय निकायों, महिलाओं को अधिकार दिया. जब कहा जाता है कि 15 सालों में छत्तीसगढ़ पिछड़ गया है. मैं बता दूं कि आरबीआई गवर्नर ने ये कहा था कि सामाजिक क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दस महीनों के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ भय और आतंक में डूब गया है।

    डॉ. रमन सिंह ने नई उद्योग नीति पर कहा कि सिर्फ नीति बनाने से कुछ नहीं होता. बेहतर वातावरण बनाना होता है. मुझे नहीं लगता कि आने वाले तीन-चार सालों में छत्तीसगढ़ में कोई उद्योग आएगा. नक्सलवाद के मसले पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दौरान बस्तर से नक्सलवाद के खात्मा के लिए काम शुरू किया था. केंद्र का भी बहुत सहयोग मिला, यदि आज भी नक्सलवाद के खात्मा के लिए सरकार सकारात्मक प्रयास जारी रखेगी तो जल्द ही राज्य इससे मुक्त हो जाएगा।

    डॉ. सिंह ने कहा कि नक्सली हमेशा खिलाफ ही रहेंगे. चुनाव में इसका असर भी दिखा. पहले बीजेपी, कांग्रेस समेत सभी दलों का विरोध करते थे अब सिर्फ बीजेपी के खिलाफ वोट देने का फरमान देते हैं. वहीं सरदार पटेल को लेकर दिए भूपेश बघेल के बयान पर रमन सिंह ने कहा कि पहले भूपेश बघेल महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चले. उन्होने कहा था कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए. सरदार पटेल सच्चे राष्ट्रवादी थे.वहीं शराब से जुड़े मामलों में जेल में बंद आदिवासियों को छोड़े जाने के फैसले पर रमन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने यह पहले ही कर दिया था. डेढ़ लाख ऐसे मामलों में जेलों में बंद आदिवासियों के जुर्माने को सरकारी खजाने से भरा था.

  • वीडियो वायरल बोले दरोग़ा साहब – “देखो पाँच हज़ार रेट है मेरा.. नहीं दोगे खर्चा पानी तो.. जोड़ दूँगा धारा..” SP ने किया लाईन अटैच 

    वीडियो वायरल बोले दरोग़ा साहब – “देखो पाँच हज़ार रेट है मेरा.. नहीं दोगे खर्चा पानी तो.. जोड़ दूँगा धारा..” SP ने किया लाईन अटैच 

    दुर्ग। ज़िले के कुम्हारी थाने में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर साहब को अपना “रेट” बताना भारी पड़ गया है। विशेष सेवा शुल्क अदा करने वाले ने सेवा शुल्क तो अदा कर दिया पर पूरे संवाद और रक़म लेन देन का वीडियो बना कर उसे वायरल तो किया ही, साथ ही कप्तान के पास आवेदन मय सीडी पहुँच गया। प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए कप्तान दुर्ग प्रखर पांडेय ने सब इंस्पेक्टर को लाईन अटैच कर दिया है।

    वीडियो में कुम्हारी थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर प्रकाश शुक्ला किसी वाहन पर चालानी कार्यवाही करते नजर आ रहे हैं। दरोग़ा साहब यह बता रहे हैं कि उनका रेट पाँच हज़ार है और यह “खर्चा पानी” नहीं देने पर वे ऐसी धारा जोड़ देंगे कि ड्रायवर की ज़मानत कराना पड़ेगी। वीडियो से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि, यह संवाद वे वाहन मालिक से कर रहे हैं।

    https://youtu.be/106sqVv_jpc

    कप्तान दुर्ग प्रखर पांडेय ने NPG से कहा
    “सुखवंत सिंह नामक एक व्यक्ति आवेदन और सीडी के साथ आए थे, मैंने सीएसपी छावनी को जाँच आदेशित किया है, प्रथम दृष्टया प्रकरण गंभीर लगने पर सब इंस्पेक्टर को लाईन अटैच किया गया है”

  • नगरीय निकायों में अब राइट टू रिकॉल खत्म

    नगरीय निकायों में अब राइट टू रिकॉल खत्म

    जनता वापस नहीं बुला पाएगी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को

    रायपुर। राज्य शासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नगरीय निकायों में राइट टू रिकॉल को खत्म कर दिया है। ज्ञात हो कि राइट टू रिकॉल के तहत आम जनता को यह अधिकार दिया गया था कि, निर्वाचित महापौर व अध्यक्षों को उनके काम से असंतुष्ट होने पर वापस बुला सकती थी आज नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि राज्य में अब राइट टू रिकॉल खत्म कर दिया गया है इससे पहले राज्य ने महापौर व अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का निर्णय लिया था इसका मतलब यह है कि पार्षद अब महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। राइट टू रिकॉल को लेकर शासन के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह आम जनता के अधिकारों का हनन है, उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक पद्धति से छेड़छाड़ कर रही है। सुनील सोनी ने भी इस फैसले की निंदा की है। चंद्रशेखर साहू ने कहा है की कांग्रेस सरकार अधिकारों का बेजा उपयोग कर रही है।

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अहम बदलाव जल्द

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी जल्द ही बड़ा बदलाव करने जा रही हैं, खबर है कि जल्द ही प्रदेश के सभी 27 जिलों के संगठन प्रमुख बदले जाएंगे संगठन ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करेगी। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चर्चा हुई थी, उन्होंने हम बदलाव को मंजूरी दे दी है बताया जा रहा है कि नए जिला अध्यक्षों के नाम भी लगभग तय हैं औपचारिक रूप से इसका ऐलान ही बाकी है।

    गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद सही मोहन मरकाम ने अपनी नई टीम का गठन नहीं किया था, पूर्व टीम के साथ ही उन्होंने संगठन के कामकाज को न केवल आगे बढ़ाया बल्कि दंतेवाड़ा और चित्रकूट जैसे उप चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की।

    क्योंकि अब दिसंबर में निकाय चुनाव और जनवरी-फरवरी में पंचायत चुनाव होने हैं, लिहाजा संगठन में ताजगी डालने के लिहाज से कुछ अहम बदलाव किए जा रहे हैं। संगठन सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से प्रदेश स्तर पर बदलाव नहीं किए गए थे, संगठन में बदलाव के साथ ही नए चेहरों को मौका दिए जाने से गतिशीलता आएगी। हालांकि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम से हुई बातचीत में कहा है कि अभी इस मामले पर सिर्फ चर्चा चल रही है।

  • चीफ सेक्रेटरी सुनील कुजूर को एक्सटेंशन देने डीओपीटी तैयार नहीं, जीएडी का लेटर खारिज किया, 31 को रिटायरमेंट है कुजूर का

    चीफ सेक्रेटरी सुनील कुजूर को एक्सटेंशन देने डीओपीटी तैयार नहीं, जीएडी का लेटर खारिज किया, 31 को रिटायरमेंट है कुजूर का

    केंद्र ने ठुकराया एक्सटेंशन का प्रस्ताव
    दावेदारों में खेतान,मंड़ल सबसे आगे

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर का सेवाकार 6 महीने के लिए बढ़ाने का राज्य सरकार का प्रस्ताव केंद्र ने नामंजूर कर दिया है। अब श्री कुजूर इसी माह के अंत में रिटायर हो जाएंगे। सरकार को उनके स्थान पर नए सीएस की नियुक्ति करनी होगी।
    राज्य सरकार ने करीब 3 माह पहले केंद्र के कार्मिक मंत्रालय को पत्र लिखकर श्री कुजूर का सेवाकाल बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं आया। हाल ही में केंद्र ने सेवावृद्धि देने से इनकार कर दिया है।

    खेतान रैंक में नंबर 1, मंडल 2

    बताया गया है कि 1987 बैच के आईएएस सीके खेतान तथा आरपी मंडल दोनों ही एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन रैकिंग में श्री खेतान आगे हैं। लिहाजा वरिष्ठता क्रम में उनका नबंर पहले आएगा। इसी तरह यह भी उल्लेखनीय है कि श्री मंडल का सेवाकाल भी श्री खेतान के मुकाबले कम है। उन्हें सीएस बनाने के पहले इस बात पर भी विचार किया जा सकता है। कम अवधि के लिए सीएस बनाने से की अपेक्षा अधिक अवधि वाले अधिकारी के रूप में श्री खेतान को प्रमुखता दी जा सकती है।

    अब लग सकता है इनका नंबर

    राज्य में एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे 1987 बैच के आईएएस सीके खेतान तथा उनके ही समकक्ष आरपी मंडल राज्य में सीएस पद के प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। अन्य अधिकारियों में वरिष्ठता क्रम में सबसे आगे 1983 बैच के अजय सिंह है, लेकिन कांग्रेस सरकार जनवरी 2019 में उन्हें सीएस पद से हटाकर लूप लाईऩ में भेज चुकी है। 1985 बैच के एन बैजेंद्र कुमार केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर एनएमडीसी में सीएमडी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी वापसी की संभावना कम है। बीवीआर सुब्रमण्यम 1987 बैच के अधिकरी हैे लेकिन वे केंद्र की प्रतिनियुक्ति पर जम्मू-कश्मीर के सीएस के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी वापसी की संभावना बेहद कम है। एक अन्य वरिष्ठ आईएएस केडीपी राव इसी माह के अंत में रिटायर हो रहे हैं। 1989 बैच के अधिकारी अमिताभ जैन एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वे भी दावेदारों में शामिल हैं। लेकिन वरिष्ठता क्रम में पीछे हैं।

  • हाथ में डिग्री लिए भटक रहे लोग 8वीं पास विधायक खा रहे छप्पन भोग

    हाथ में डिग्री लिए भटक रहे लोग 8वीं पास विधायक खा रहे छप्पन भोग

    आम नागरिक के मुकाबले हर साल 22 गुना ज्यादा कमाते हैं माननीय

    4086 में से 3145 विधायकों के हलफनामे के आधार पर रिपोर्ट, सबसे कम कमाई वालों राज्यों में छत्तीसगढ़, आठवीं पास नेताओं की औसत सालाना आय 90 लाख रुपए

    एसोसिएशन आॅफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म ने चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक देश में हर विधायक औसतन 24.59 लाख रुपए सालाना कमाता है। रिपोर्ट के मुताबिक विधायकों की सैलरी और अन्य स्रोतों से आई कमाई को जोड़ दें तो यह देश की प्रति व्यक्ति आय से भी करीब 22 गुना बैठता है। यहां बता दें कि यह रिपोर्ट देश के कुल 4086 में से 3145 विधायकों के हलफनामे के आधार पर है। इसमें सबसे दिलचस्प आंकड़ा यह है कि आठवीं पास नेताओं की औसत सालाना आय करीब 90 लाख रुपये है। इसमें एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वह यह है कि ज्यादा पढ़े-लिखे विधायकों की तुलना में कम पढ़े-लिखे विधायकों की आय ज्यादा है। स्वघोषित शपथपत्र के मुताबिक, 5वीं से 12वीं क्लास तक पढ़े 33 फीसदी विधायकों की औसत सालाना आय 31.03 लाख रुपए है जबकि 63 फीसदी ग्रेजुएट और उससे ऊपर पढ़े विधायकों की आय 20.87 लाख रुपए है। अनपढ़ विधायकों की औसत सालाना आय 9.3 लाख रुपए है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 941 विधायकों ने अपनी आय का खुलासा नहीं किया, इसलिए उनकी आय का विश्लेषण नहीं हो पाया। -शेष पेज 9 पर

    सिर्फ 50 हजार कैश, फिर भी करोड़पति हैं पीएम मोदी
    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जारी किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी के पास लगभग 50 हजार रुपए ही कैश में हैं। पिछले साल पीएम मोदी के पास करीब डेढ़ लाख का कैश मौजूद था, जो अब सिर्फ 48 हजार 944 रुपए ही है। हालांकि, अगर कुल चल-अचल संपत्ति की बात करें तो ये लगभग 2.28 करोड़ है। इसमें एक करोड़ 28 लाख रुपए की चल और गांधीनगर में कुछ अचल संपत्ति है। प्रधानमंत्री ने 2002 में एक लाख रुपए की कीमत से 3531.45 स्क्वायर फीट की संपत्ति भी खरीदी थी। अगर प्रधानमंत्री के बैंक बैलेंस की बात करें तो गुजरात के गांधीनगर में स्थित एसबीआई की ब्रांच में उनका खाता है। जिसमें कुल 11, 29, 690 रुपए जमा हैं। साथ ही पीएम ने कुल 1 करोड़ रुपए से अधिक के फिक्स्ड डिपोजिट करवाए हुए हैं।

    शिवराज सिंह चौहान के पास 6.27 करोड़ की संपत्ति

    एडीआर की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में 31 मुख्यमंत्रियों में से 25 सीएम करोड़पति बन गए हैं। एडीआर की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बारे में बताया गया है कि उनके पास 6.27 करोड़ की संपत्ति है। और वे करोड़पति मुख्यमंत्रियों में 14वें स्थान पर हैं।
    मप्र में 148 एमएलए स्नातक
    मप्र में 2013 में जीते 230 विधायकों में से 67 प्रतिशत यानी 148 स्नातक या इससे ऊपर थे। 2013 में 2496 प्रत्याशियों में से 879 यानी 35 प्रतिशत स्नातक या इससे ऊपर थे।
    मध्यप्रदेश के 75 विधायक लखपति से बने करोड़पति
    अगर मप्र की बात करें तो यहां 2013 में जीते 230 विधायकों में से 70 फीसदी यानी 155 करोड़पति थे। लेकिन अब वे 75 विधायक भी करोड़ पति बन गए जो चुनाव के समय लखपति थे।
    कर्नाटक टॉप पर
    सबसे अमीर विधायकों की लिस्ट में कर्नाटक टॉप पर

    यहां 203 विधायकों की औसत सालाना आय 1 करोड़ 11 लाख रुपए है। क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी क्षेत्र के 614 विधायकों की इनकम सबसे कम 8.5 लाख, जबकि दक्षिणी राज्यों के 711 विधायकों की सालाना कमाई 51.99 लाख रुपए है। यह आंकड़ा देश के किसी भी राज्य के विधायकों से अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम कमाई वालों राज्यों में छत्तीसगढ़ है। यहां विधायकों की औसत आय महज 5.4 लाख रुपए सालाना है।

  • “किस्मत रेप जैसी होती है,रोक नही सकते तो इसे एन्जॉय कीजिए”

    “किस्मत रेप जैसी होती है,रोक नही सकते तो इसे एन्जॉय कीजिए”

    केरल से कांग्रेस सांसद हिबी इडेन की पत्नी अन्ना ने रेप को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिस पर बवाल मच गया है।

    दरअसल सांसद ईडन की पत्नी अन्ना ने एक फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा “किस्मत रेप जैसी होती है,अगर आप इसे रोक नही सकते तो एन्जॉय कीजिए” हालांकि कुछ देर बाद ही उन्होंने उस पोस्ट को डिलीट कर दिया।

    बता दें कि, हिबी ईडन एनारकुलम लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर सांसद बने हैं।

  • रेप पीड़िता के खिलाफ ये Action चाहता है BJP का चिन्मयानंद…

    रेप पीड़िता के खिलाफ ये Action चाहता है BJP का चिन्मयानंद…

    दिल्ली. यौन शोषण के मामले में जेल में बंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने जेल से सोमवार को एक पत्र भेजकर पुलिस अधीक्षक से मांग की कि उनसे पांच करोड़ की रंगदारी मांगने की आरोपी बलात्कार पीड़िता समेत चारों आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए. स्वामी चिन्मयानंद की सुप्रीम कोर्ट की वकील पूजा सिंह ने बताया कि सीजेएम ओमवीर सिंह की अदालत में उन्होंने गैंगस्टर एक्ट लगाने के लिए जो प्रार्थना पत्र दिया था, उस पर सुनवाई होने के बाद आदेश को सुरक्षित कर लिया गया है।

    वहीं, जेल अधिकारी ने बताया कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने उन्हें एक पत्र दिया है जिसमें उनसे पांच करोड़ की रंगदारी मांगने वाले आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई. यह पत्र विभागीय डाक से पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर के पास भेज दिया गया है. चिन्मयानंद ने लिखा है कि वह नौ अगस्त को अपने आवास पर बैठे थे तभी सचिन सेंगर उनके पास आया और उनसे कहा कि आपकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के उसके पास पूरे सबूत हैं, आप पांच करोड़ रुपए दे दो नहीं तो आपके विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।

    चिन्मयानंद द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आरोपी संजय विक्रम सचिन और पीड़िता को रंगदारी मामले में एसआईटी ने दोषी पाया है जिन्हें जेल भी भेजा जा चुका है. वहीं उन्होंने एसआईटी के प्रेस नोट का हवाला देते हुए कहा कि उक्त चारों आरोपियों के अलावा अन्य लोग भी गिरोह बनाकर इस मामले में संलिप्त होकर अपराध कर रहे हैं. पत्र में उन्होंने आरोपी की मां को भी अपराधिक एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त बताया गया है. साथ ही पीड़िता के पिता पर दो मुकदमे का विवरण दिया है।

    गौरतलब है कि स्वामी चिन्मयानंद पर उन्हीं के कालेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने वीडियो वायरल करके यौन शोषण का आरोप लगाया था. उसके बाद पीड़िता लापता हो गई थी. पीड़िता की ओर से चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. उधर, चिन्मयानंद के वकील ने पांच करोड़ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें पीड़िता समेत चार आरोपियों को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जेल भेज दिया है. यौन शोषण के मामले में चिन्मयानंद भी जेल में बंद हैं।

  • मंत्री कवासी लखमा बोले- किसानों का कर्जा एक बार किया माफ, अब नहीं होगा

    मंत्री कवासी लखमा बोले- किसानों का कर्जा एक बार किया माफ, अब नहीं होगा

    धमतरी। आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा के बयान ने राजनीतिक गलियारे में खलबली मचा दी है. धमतरी प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए लखमा ने कहा है कि एक बार किसानों का कर्जा माफ कर दिया है, अब आने वाले वर्षो में सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं करेगी.मंत्री लखमा ने कहा कि कर्जमाफी के बाद किसानों ने और अधिक मात्रा में बैंकों से कर्ज लिया है. भूपेश सरकार ने किसानों का धान 2500 रुपये में लेने का ऐलान किया था और जब तक यह सरकार है किसानों का धान इस कीमत पर खरीदेंगे. बता दें कि मंत्री कवासी लखमा अपने बयानों को लेकर लगातार मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं, कुछ दिनों पहले उन्होंने अपने गृहग्राम में बलि प्रथा फिर से प्रारंभ करने की बात कही थी. इस बयान को लेकर भी सियासी गलियारों में बवाल मचा हुआ है, हालांकि सीएम भूपेश बघेल ने मामले को शांत करते हुए कहा था कि उन्हें समझाया जाएगा. लेकिन यह मामला शांत होता उससे पहले ही फिर से बड़ा बयान सामने आ चुका है. कर्जमाफी की जिस घोषणा की बदौलत छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की बड़ी जीत हुई थी. उसी घोषणा पर दिए गए बयान ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारे में खलबली मचा दी है. चूंकि आने वाले दिनों में नगरीय निकाय चुनाव संपन्न होना है. ऐसे में विपक्षी दलों के लोग इस बयान को राजनीतिक मुद्दा भी बना सकते हैं.
  • जब इस नगर पंचायत के कारनामे की खुली पोल तो सीएमओ ने कहा -गलती हो गयी…जशपुर में टेंडर का नया कारनामा उजागर

    जब इस नगर पंचायत के कारनामे की खुली पोल तो सीएमओ ने कहा -गलती हो गयी…जशपुर में टेंडर का नया कारनामा उजागर

    नगर पंचायतों में टेंडर का कैसा खेल चलता है इसका खुलाशा आज एक सरकारी नोटिस ने ही कर दिया। पूरा मामला जशपुर जिले के बगीचा नगर पंचायत का है।बिगत 19 सितंबर को जारी एक टेंडर गत 16 अक्टूबर को खुलना था लेकिन ऐन टाईम पर टेंडर लेने वाले आवेदकों और उच्चाधिकारियों को नोटिस जारी कर यह बता दिया कि 16 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से टेंडर नही खुल सकता और इसी नोटिस ने नगर पंचायत की पूरी चोरी उजागर कर दी। नोटिस जारी करने की तारीख 14 .10.2019 है लेकिन उस नोटिस में लिखा है कि आज दिनांक 16 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से टेंडर नही खोला जाएगा। जब नोटिस 14 अक्टूबर को जारी हुआ फिर नोटिस में आज दिनांक 16 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से टेंडर नही खोला जाएगा लिखा जाना कई सवालों को जन्म तो देता ही, साथ ही साथ इस नोटिस को लेकर ठेकेदार सवाल भी खड़े कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि 16 तारीख को आनन फानन में बैक डेट से नोटिस बनाया गया और टेंडर खोलने में जानबूझकर बहाना बनाया गया ।इस मामले में जब नगर पंचायत बगीचा के सीएमओ प्रवीण उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने लिखावट में गलती होना बताया और कहा कि इस गलती के लिए उन्होंने सम्बन्धित बाबू को डांट भी लगायी है।
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुलाई आपात बैठक, DGP डी एम अवस्थी, आईजी समेत कई आला अधिकारी मौजूद

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुलाई आपात बैठक, DGP डी एम अवस्थी, आईजी समेत कई आला अधिकारी मौजूद

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब से थोड़ी देर पहले ही सीएम हाउस में आपात बैठक बुलाई है. इस बैठक में डीजीपी डी एम अवस्थी, रायपुर आईजी आनंद छाबड़ा समेत कई आला अधिकारी मौजूद हैं. सूत्र बताते हैं कि कथित सेक्स सीडी कांड मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह बैठक बुलाई गई है. हालांकि बैठक में किन एजेंडों पर चर्चा होगी, इसका खुलासा नहीं हुआ है।

    बता दें कि आज ही सुप्रीम कोर्ट ने सेक्स सीडी कांड मामले में सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला दिया था, जिसमें सीबीआई ने राज्य से बाहर केस ट्रांसफर किए जाने की मांग की थी. सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तमाम ट्रायल पर रोक लगाते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

    इधर बैठक कितना महत्वपूर्ण है, इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि राजधानी की सुरक्षा में उठ रहे सवालों के बाद डीजीपी ने सभी थाना प्रभारियों को तलब किया था. कंट्रोल रूम में डीजीपी खुद बैठक लेने वाले थे, लेकिन आनन-फानन में उन्हें सीएम हाउस जाना पड़ा. इसके बाद रायपुर के प्रभारी एसएसपी अजय यादव थाना प्रभारियों की बैठक ले रहे हैं।