Author: Sunil Agrawal

  • पाटन चुनाव नतीजे पर संकट! भूपेश के खिलाफ विजय ने की दूबारा शिकायत…..

    पाटन चुनाव नतीजे पर संकट! भूपेश के खिलाफ विजय ने की दूबारा शिकायत…..

    पाटन विधानसभा में आचार संहिता के उल्लंघन मामले को लेकर विजय बघेल के तेवर तल्ख़ बने हुए हैं। विजय बघेल ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के हवाले से दूबारा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को शिकायत की है और शिकायत की जाँच दुर्ग प्रशासन से पृथक निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी से जाँच कराने की माँग की है। सासंद विजय बघेल बीजेपी से पाटन में विधानसभा प्रत्याशी थे।

    क्या है मसला
    विधानसभा चुनाव के दौरान पाटन विधानसभा में कांग्रेस से भूपेश बघेल प्रत्याशी थे, जबकि बीजेपी से विजय बघेल प्रत्याशी थे। विजय बघेल ने भूपेश बघेल पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया था।16 नवंबर और 24 नवंबर को राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को प्रेषित शिकायत में विजय बघेल ने आरोप लगाया कि, जबकि रैली लाउडस्पीकर के साथ प्रचार बंद हो चुका था, तब भी भूपेश बघेल ने गाजे बाजे के साथ प्रचार किया और रोड शो किया। बीजेपी प्रत्याशी विजय बघेल ने शिकायत के साथ सीडी भी सौंपी थी। इस मामले में जाँच रिपोर्ट एसडीओपी और नायब तहसीलदार ने सौंपी जिसमें यह निष्कर्ष दिया गया कि, आचार संहिता का उल्लंघन प्रतीत नहीं होता है।

    दिल्ली चुनाव आयोग और हाईकोर्ट पहुँचे विजय
    इस जाँच प्रतिवेदन से असंतुष्ट विजय बघेल ने मामले की शिकायत दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय में की और दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटा दिया। हाईकोर्ट ने इस पर व्यवस्था दी कि, शिकायत पुनः छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग पदाधिकारी कार्यालय को दी जाए। सांसद विजय बघेल ने हाईकोर्ट के उसी आदेश के आधार पर फिर से शिकायत की।

    क्या माँग की है विजय बघेल ने
    सांसद विजय बघेल ने हाईकोर्ट के हवाले से पेश शिकायत में यह माँग की है कि, उनकी मूल शिकायत में वीडियो में मौजूद तथ्यों/साक्ष्यों की जाँच नहीं की गई, उसकी जाँच हो। सांसद विजय बघेल ने यह माँग भी की है कि,इस शिकायत की जाँच दुर्ग प्रशासन से नहीं बल्कि निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थ किसी अधिकारी से कराई जाए।

    तब सीएम थे भूपेश बघेल
    2023 के जिस विधानसभा चुनाव का यह मामला है उस समय कांग्रेस प्रत्याशी भूपेश बघेल राज्य के सीएम भी थे। बीजेपी प्रत्याशी विजय बघेल यह चुनाव करीब 14 हजार मतों से हार गए थे।
    नहीं मिला न्याय तो फिर कोर्ट जाऊँगा- विजय बघेल 

    सांसद विजय बघेल ने राज्य निर्वाचन पदाधिकारी को शिकायत सौंपने के बाद बताया है कि,राज्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 48 घंटे के भीतर जाँच कराने का आश्वासन दिया है।सांसद विजय बघेल ने कहा

    “हमने माँग की है कि, जाँच दुर्ग जिला प्रशासन से पृथक् निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ और विशेष अधिकारी की टीम से जाँच कराई जाए।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जाँच के लिए 48 घंटे का समय तय किया है।अगर फिर भी न्याय नहीं मिला तो मैं फिर से कोर्ट जाऊँगा।”

  • शा. उ. मा. वि. कोंडतराई में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के विशेष शिविर का शुभारंभ…..

    शा. उ. मा. वि. कोंडतराई में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के विशेष शिविर का शुभारंभ…..

    शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंडतराई में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ ग्राम केराझर में 5 दिसम्बर को किया गया। शिविर में विद्यालय में अध्ययनरत कुल 40 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। शिविर 11 दिसम्बर तक जारी रहेगा।

    शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ से सम्बद्ध कोंडतराई विद्यालय का उक्त सात दिवसीय विशेष शिविर नशा मुक्त समाज के लिए युवा विषय पर आयोजित किया गया है। वनांचल ग्राम केराझर स्थित प्राथमिक शाला भवन में आयोजित इस शिविर में शामिल स्वयंसेवक प्रतिदिन सुबह 6 बजे योग, व्यायाम, प्रार्थना करेंगे। उसके पश्चात सुबह 8 बजे से 12 बजे तक परियोजना कार्य के तहत श्रमदान करेंगे। भोजन पश्चात दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक बौद्धिक परिचर्चा में भाग लेंगे। इसके तहत प्रतिदिन अलग अलग क्षेत्रों से जुड़े अनुभवी लोग स्वयंसेवकों के बीच उपस्थित होकर उनका मार्गदर्शन करेंगे। इसके बाद रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन शिविर स्थल में ही किया जायेगा जिसमें स्वयंसेवक अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

    रासेयो के उक्त सात दिवसीय विशेष शिविर का विधिवत शुभारंभ ग्राम पंचायत केराझर के सरपंच छबिलाल चौहान, पंच राजकुमार यादव, गजानन पटेल, प्रेमलाल सिदार, झनेन्द्र राठिया, गिरीश पटेल, विद्यालय के प्राचार्य श्री सुधीन राम भगत के विशेष उपस्थिति में हुआ। इस दौरान अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया और माल्यार्पण कर उनका पूण्य स्मरण किया।

    इस अवसर पर विद्यालय रासेयो इकाई के कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार पटेल, सहायक कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश कुमार मिश्रा, व्यायाम शिक्षक अनुप कुमार टोप्पो, सहायक शिक्षिका श्रीमती कामिनी पाण्डेय, भृत्य राजेन्द्र कुमार स्नेही एवं ग्राम केराझर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • नए नियम, UPI पेमेंट करने वाले यूजर के लिए बड़ी खबर….

    नए नियम, UPI पेमेंट करने वाले यूजर के लिए बड़ी खबर….

    अगर आप गूगल पे, फोनपे, भारत पे, पेटीएम या अन्य किसी माध्यम से यूपीआई पेमेंट करते हैं तो केंद्र सरकार इसमें फ्रॉड रोकने के लिए एक कड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार यूपीआई पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर सकती है। इसके तहत पांच हजार रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए नई अलर्ट प्रणाली लाई सकती है। इसमें यदि उपभोक्ता या कारोबारी को इस राशि से ज्यादा पेमेंट यूपीआई से करता है तो उसे कॉल या एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजा जाएगा और इस लेनदेन को सत्यापित करने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन के बाद ही खाते से पैसा कटेगा।

    राष्ट्रीय पेमेंट निगम ने भी हाल में सभी बैंकों और पेमेंट सुविधा मुहैया कराने वाली पेटीएम, फोन-पे और गूगल-पे जैसी एप कंपनियों से कहा था कि वे उन ग्राहकों का सत्यापन करें, जिनके यूपीआई खाते से लंबे वक्त तक कोई डिजिटल लेनदेन नहीं किया गया है और खाता निष्क्रिय है।
    ऐसे ग्राहकों को फिर से केवाईसी करवाना होगा, जिसके तहत बैंक खाता नंबर और मोबाइल नंबर का सत्यापन किया जाएगा। यदि 31 दिसंबर 2023 तक सत्यापन पूरा नहीं होता है तो नए साल से संबंधित ग्राहक यूपीआई का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
    बताया जा रहा है कि हाल ही में साबइर धोखाधड़ी के मामलों की रोकथाम के लिए वित्त मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इसमें वित्त, राजस्व, वित्त सेवाएं, आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग और आईटी मंत्रालय तथा राष्ट्रीय पेमेंट निगम के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कई उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। खासकर यूपीआई के माध्यम से की जाने वाली ठगी को लेकर सरकार को कई प्रस्ताव मिले हैं, जिसमें नई अलर्ट प्रणाली भी शामिल है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस पर अमल किया जा सकता है।

  • चुनाव आयोग ने चुनावी राज्य के डीजीपी को किया निलंबित,जाने मामला…

    चुनाव आयोग ने चुनावी राज्य के डीजीपी को किया निलंबित,जाने मामला…

    नईदिल्ली। चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लेते हुए अब से कुछ देर पहले तेलंगाना के डीजीपी अंजनि कुमार को सस्पेंड कर दिया है। डीजीपी के खिलाफ आयोग को जानकारी मिली थी कि वे काउंटिंग के दौरान कांग्रेस की तरफ रुझान बढ़ते ही संभावित मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मिलने उनके बंगले पहुंच गए थे। उनके अलावा दो और आईपीएस रेड्डी से मिलने गए थे। आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अंजनि कुमार 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें केसीआर सरकार ने डीजीपी बनाया था। मगर कांग्रेस की सरकार बनते देख वे रेड्डी से मिल अपनी कुर्सी सुरक्षित करने पहुंच गए…यह उन्हें भारी पड़ गया। चुनाव आयोग ने उन्हें निलंबित कर दिया.

    फूलों के गुलदस्ते के साथ पहुंचे डीजीपी
    सूत्रों ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई की, क्योंकि डीजीपी ने दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हैदराबाद में अपने आवास पर फूलों के गुलदस्ते के साथ राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और एक उम्मीदवार अनुमुला रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। चुनावी रुझानों में कांग्रेस की बढ़त के दौरान ही डीजीपी ने कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर पहुंच गए।

    योग्य पुलिस अधिकारी को कार्यभार सौंपने का आदेश
    बैठक में डीजीपी के साथ राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी संजय कुमार जैन और नोडल अधिकारी (व्यय) महेश एम भागवत भी मौजूद थे। चुनाव आयोग ने आदेश दिया कि राज्य के अगले वरिष्ठतम योग्य पुलिस अधिकारी को तुरंत ही तेलंगाना पुलिस महानिदेशक का प्रभार सौंपा जाए। सूत्रों ने कहा कि चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया, क्योंकि डीजीपी की कार्रवाई चुनाव आचार संहिता और प्रासंगिक आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन थी और इससे अन्य कनिष्ठ अधिकारियों को गलत संदेश जाएगा।

  • छत्तीसगढ़ में अगला मुख्यमंत्री कौन? ये 7 चेहरें में से किसपर दांव लगाएगी BJP

    छत्तीसगढ़ में अगला मुख्यमंत्री कौन? ये 7 चेहरें में से किसपर दांव लगाएगी BJP

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज कर ली है। 54 सीटों पर जीत के साथ बहुमत दर्ज कर ली है। कांग्रेस 35 सीट पर सिमट गई है। अब इसी के साथ छत्तीसगढ़ में प्रारंभ हो गई है कि अब प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा?

    बतादें, छत्तीसगढ़ में 2003 से 2018 तक, 15 साल लंबी सरकार का नेतृत्व करने वाले पूर्व CM डॉक्टर रमन सिंह को ही BJP मुख्यमंत्री बनाएगी या किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी? यदि रमन सिंह CM नहीं बनते हैं तो छत्तीसगढ़ में सरकार की कमान संभालने के लिए BJP किसको आगे करेगी? छत्तीसगढ़ में बीजेपी की ओर से सीएम पद के लिए अरुण साव, सरोज पांडेय से लेकर लता उसेंडी तक, कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं. कौन-कौन से हैं वह चेहरे जिनके नाम छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री के लिए रेस में हैं?

    CM डॉक्टर रमन सिंह

    छत्तीसगढ़ में 2003 से 2018 तक, 15 साल लंबी सरकार का नेतृत्व करने वाले पूर्व CM डॉक्टर रमन सिंह को ही BJP मुख्यमंत्री बनाएगी या किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी? यदि रमन सिंह CM नहीं बनते हैं तो छत्तीसगढ़ में सरकार की कमान संभालने के लिए BJP किसको आगे करेगी? छत्तीसगढ़ में बीजेपी की ओर से सीएम पद के लिए अरुण साव, सरोज पांडेय से लेकर लता उसेंडी तक, कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं. कौन-कौन से हैं वह चेहरे जिनके नाम छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री के लिए रेस में हैं?

    अरुण साव

    छत्तीसगढ़ बीजेपी अरुण साव छत्तीसगढ़ बीजेपी के अध्यक्ष हैं और सूबे में BJP के चुनाव अभियान की अगुवाई की. साल 2003 में जब बीजेपी पहली बार छत्तीसगढ़ की सत्ता पर काबिज हुई थी, तब भी पार्टी बिना सीएम फेस घोषित किए लड़ी थी. तब चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने जब सरकार बनाई, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंप दी थी. इस बार भी हालात कमोबेश वैसे ही हैं. BJP अगर सरकार बनाती है तो मुख्यमंत्री पद पर प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का दावा मजबूत माना जा रहा है.

    सरोज पांडेय

    छत्तीसगढ़ सीएम के लिए सरोज पांडेय का नाम भी रेस में शामिल माना जा रहा है. सरोज पांडेय बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं. सरोज छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा चेहरा मानी जाती हैं. वह दो बार भिलाई की मेयर और विधायक भी रही है. सरोज 2009 के आम चुनाव में बीजेपी के टिकट पर लोकसभा के लिए निर्वाचित हुई थीं. हालांकि, 2014 की मोदी लहर में भी वह इस सीट से चुनाव हार गई थीं. वह बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं

    बृजमोहन अग्रवाल

    MLA बृजमोहन अग्रवाल रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से 8 बार के MLA हैं. इस बार वह आठवीं बार विधानसभा पहुंचने के लिए जोर लगा रहे हैं. बृजमोहन अग्रवाल, डॉक्टर रमन सिंह के नेतृत्व वाली बीजेपी की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. बृजमोहन को रायपुर दक्षिण सीट को बीजेपी के अभेद्य किले में तब्दील करने के लिए श्रेय दिया ही जाता है, इनकी गिनती स्वच्छ छवि के सरल-सहज नेताओं में भी होती है.

    डॉक्टर रेणुका सिंह

    छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य राज्य है और डॉक्टर रेणुका सिंह इसी समाज से आती हैं. केंद्र सरकार में राज्यमंत्री रेणुका 2003 में पहली बार MLA निर्वाचित हुई थीं. बीजेपी ने इस बार रेणुका को भरतपुर सोनहत सीट से चुनाव मैदान में उतारा है और चर्चा है कि पार्टी इन्हें मुख्यमंत्री बना सकती है. रेणुका सिंह जिला पंचायत सदस्य भी रही हैं और छत्तीसगढ़ बीजेपी की महिला मोर्चा में महामंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं. उन्हें संगठन में काम करने का भी अनुभव है.

    लता उसेंडी

    BJP का बड़ा लता उसेंडी छत्तीसगढ़ में आदिवासी चेहरा हैं. लता 2003 के चुनाव में कोंडागांव सीट से पहली बार विधायक निर्वाचित हुई थीं. महज 31 साल की उम्र में लता छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री बन गई थीं. वह दो बार विधायक रही हैं और दो ही बार चुनाव हारीं भी. अभी वह बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. लता भारतीय जनता युवा मोर्चा की भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुकी हैं. छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग भी समय-समय पर उठती रही है. राज्य गठन के बाद पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बाद कोई भी आदिवासी नेता सीएम नहीं बना. लोकसभा चुनाव भी करीब हैं, ऐसे में चर्चा है कि बीजेपी किसी आदिवासी को सीएम बनाने का दांव चल सकती है.

    ओपी चौधरी

    मुख्यमंत्री पद की रेस में चर्चा पूर्व आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी के नाम की भी है. इसकी वजह है चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह का एक बयान. रायगढ़ में अमित शाह ने ओपी चौधरी के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित किया था. उन्होंने तब कहा था कि आप ओपी चौधरी को जिता दीजिए, मैं इनको बड़ा आदमी बना दूंगा. अमित शाह के बड़ा आदमी बनाने वाले बयान को लेकर अटकलें हैं कि ये सीएम या डिप्टी सीएम का पद हो सकता है.

  • 126 वोट की लीड 16 पर…भड़के मनसुख मांडविया ने खड़का दिया चुनाव आयोग को फोन, कई अफसर नपते-नपते बचे…

    126 वोट की लीड 16 पर…भड़के मनसुख मांडविया ने खड़का दिया चुनाव आयोग को फोन, कई अफसर नपते-नपते बचे…

    रायपुर। कल शाम एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद कांकेर के रिटर्निंग आफिसर ने भाजपा के आशाराम नेताम को 16 वोटों से जीत घोषित कर दिया। छत्तीसगढ़ में यह सबसे छोटी जीत रही। इससे पहले सूबे में इतनी छोटी जीत किसी की भी नहीं रही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में धमतरी से बीजेपी की रंजना साहू ने 646मतों से सबसे छोटी जीत दर्ज की थी।

    बहरहाल, आशाराम की जीत को लेकर कल शाम बड़ा बवाल हुआ। रायपुर से लेकर चुनाव आयोग तक हिल गया। दरअसल, कांकेर सीट से बीजेपी के आशाराम नेताम ने कांग्रेस के शंकर ध्रुवा से 126 मतों से बढ़त बना ली थी। मगर शंकर ध्रुवा ने रिटर्निंग आफिसर से डाकमतों की मेंडेटरी रीवेरिफिकेशन की अपील की। मेंडेटरी रीवेरिफिकेशन में आश्चर्यजनक तौर पर बीजेपी प्रत्याशी का जीत का मार्जिन 126 से घटकर 16 पर आ गया। इतना होने के बावजूद कांकेर का रिटर्निंग आफिसर आशाराम का रिजल्ट रोक दिया। बीजेपी नेताओं के बार-बार अनुरोध के बाद भी जीत घोषित नहीं की जा रही थी। बात रायपुर में प्रदेश भाजपा मुख्‍यालय कुशाभाऊ ठाकरे भवन तक पहुंची। यहां से सीनियर नेताओं ने कांकेर जिला प्रशासन के अधिकारियों को फोन लगाया। फिर भी बात नहीं बनी। फिर चुनाव प्रभारी मनसुख मांडविया को फोन किया गया। मनसुख उस समय दिल्ली में थे। उन्होंने चुनाव आयोग में फोन लगाकर इसकी शिकायत करते हस्तक्षेप की मांग की। मनसुख ने इस पर भी हैरानी जताई कि 126 की लीड डाक मत पत्रों की मेंडेटरी रीवेरिफिकेशन में 16 पर कैसे आ सकती है। इस पर हंगामा मच गया। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग से लगातार छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा कंगाले को फोन आने लगा। हालांकि, बताते हैं रीना ने चार बजे ही रिजल्ट घोषित करने का निर्देश दे दिया था। मगर उस पर अमल नहीं हुआ। आयोग का जब फोन आने लगा तो रीना बाबा ने तेवर दिखाते हुए कहा कि 10 मिनट के भीतर अगर रिजल्ट घोषित नहीं हुआ तो उपर से लेकर नीचे सभी को सस्पेंड कर दूंगी। इसके बाद शाम साढ़े छह बजे कांकेर का रिजल्ट घोषित हो पाया।

    हालांकि, इसी तरह का एपीसोड अंबिकापुर में भी हुआ। डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव 157 मतों से पिछड़ गए थे। उन्होंने ने डाक मतपत्रों की मेंडेटरी रीवेरिफिकेशन का आग्रह किया। उनका मार्जिन भी घटकर 94 पर आ गया। मगर रिजल्ट घोषित नहीं किया जा रहा था। सीईओ ने आरओ को फोन लगाया तो फौरन नतीजे जारी हो गए। सत्ता और ब्यूरोक्रसी के गलियारों में इन दोनों घटनाओं की बड़ी चर्चा है।

    नो कमेंट्स…इस खबर की पुष्टि के लिए एनपीजी न्यूज ने सीईओ रीना बाबा से संपर्क किया। उन्होंने न इसकी पुष्टि की और न ही खंडन किया। उन्होंने कहा…नो कमेंट्स।

  • कौन प्रत्याशी कहा से जीता देखिए…

    कौन प्रत्याशी कहा से जीता देखिए…

    • रायपुर पश्चिम – राजेश मूणत (भाजपा) / विकास उपाध्याय (कांग्रेस) – 41229 वोट से विजयी
    • रायपुर उत्तर – पुरंदर मिश्रा (भाजपा) / कुलदीप जुनेजा (कांग्रेस) – भाजपा 23054 वोट से जीती
    • रायपुर दक्षिण – बृजमोहन अग्रवाल (भाजपा) / महंत रामसुंदर दास (कांग्रेस) – भाजपा 67851 वोट से विजयी
    • रायपुर ग्रामीण – मोतीलाल साहू (भाजपा) / पंकज शर्मा (कांग्रेस) – भाजपा 35500 वोट से विजयी
    • धरसींवा – अनुज शर्मा (भाजपा) / छाया वर्मा (कांग्रेस) – भाजपा 44343 वोट विजयी
    • आरंग – खुशवंत साहेब (भाजपा) / डॉ. शिव कुमार डहरिया (कांग्रेस) -भाजपा 16638 वोट से जीती
    • अभनपुर – इंद्रकुमार साहू (भाजपा) / धनेद्र साहू (कांग्रेस) – 15553 वोट से भाजपा जीती
    • भरतपुर-सोनहत – गुलाब सिंह कमरो (कांग्रेस) / रेणुका सिंह (भाजपा ) – भाजपा की जीत
    • मनेंद्रगढ़ – रमेश सिंह (कांग्रेस) / श्याम बिहारी (भाजपा ) – भाजपा 11880 वोट से जीती
    • बैकुंठपुर – अम्बिका सिंहदेव (कांग्रेस) / भैयालाल रजवाड़े (भाजपा ) – भाजपा 24717 वोटों से जीती
    • प्रेमनगर – खेलसाय सिंह (कांग्रेस) / भूलन सिंह मरावी (भाजपा ) – भाजपा 33290 वोट से जीती
    • भटगांव – पारसनाथ रजवाड़े (कांग्रेस) / लक्ष्मी रजवाड़े (भाजपा ) – भाजपा 41323 वोटों से विजयी
    • प्रतापपुर – राजकुमार मरावी (कांग्रेस) / शकुंतला सिंह (भाजपा ) – 12500 वोटों से भाजपा की जीत
    • रामानुजगंज – डॉ. अजय तिर्की (कांग्रेस) / रामविचार नेताम (भाजपा ) – भाजपा 29663 वोट से जीती
    • सामरी – विनय पैकरा (कांग्रेस) / उद्देश्वरी पैकरा (भाजपा ) – भाजपा 13965 वोट से जीती
    • लुंड्रा – डॉ. प्रीतम राम (कांग्रेस) / प्रबोध मिंज (भाजपा ) – भाजपा 24128 वोट से जीती
    • अंबिकापुर – टी एस सिंहदेव (कांग्रेस) / राजेश अग्रवाल (भाजपा ) – 122 वोट से भाजपा की जीत
    • सीतापुर – अमरजीत भगत (कांग्रेस) / रामकुमार टोप्पो (भाजपा ) – भाजपा की 21000 हजार वोट से जीत
    • जशपुर – विनय कुमार भगत (कांग्रेस) / रायमुनी भगत (भाजपा ) – भाजपा की 17645 हजार वोट से जीत
    • कुनकुरी – यूडी मिंज (कांग्रेस) / विष्णुदेव साय (भाजपा ) – 25541 हजार वोट से भाजपा की जीत
    • पत्थलगांव – रामपुकार सिंह (कांग्रेस) / गोमती साय (भाजपा ) – भाजपा 255 वोट से जीती
    • लैलूंगा – विद्यावती सिदार (कांग्रेस) / सुनीति सत्यानंद राठिया (भाजपा ) – कांग्रेस 5690 वोटों से जीती
    • रायगढ़
 – प्रकाश नायक (कांग्रेस) / ओपी चौधरी (भाजपा ) – भाजपा 66 हजार वोट से जीती
    • सारंगढ़ – उत्तरी जांगडे (कांग्रेस) / शिव कुमारी चौहान (भाजपा ) – कांग्रेस 29695 वोट से जीती
    • खरसिया – उमेश पटेल (कांग्रेस) / महेश साहू (भाजपा ) – कांग्रेस 21656 वोटों से जीती
    • धर्मजयगढ़ – लालजीत सिंह (कांग्रेस) / हरिश्चंद्र राठिया (भाजपा ) – कांग्रेस 9637 वोट से जीती
    • रामपुर – फुल सिंह राठिया (कांग्रेस) / ननकीराम कंवर (भाजपा ) – कांग्रेस 22859 वोट से जीती
    • कोरबा – जयसिंह अग्रवाल (कांग्रेस) / लखन लाल देवांगन (भाजपा ) – भाजपा 25629 वोट से जीती
    • कटघोरा – पुरुषोत्तम कंवर (कांग्रेस) / प्रेम चंद पटेल (भाजपा ) – भाजपा 16900 वोटों से जीती
    • पाली-तानाखार – दुलेश्वरी सिदार (कांग्रेस) / रामदयाल (भाजपा ), तुलेश्वर मरकाम (गोगपा) – गोगपा 516 वोट से विजयी
    • मरवाही – डॉ. के के ध्रुव (कांग्रेस) / प्रणव कुमार मरपच्ची (भाजपा ) – भाजपा की जीत तय
    • कोटा – अटल श्रीवास्तव (कांग्रेस) / प्रबल प्रताप सिंह जूदेव (भाजपा ) – कांग्रेस 7957 वोटों से विजयी
    • लोरमी – थानेश्वर साहू (कांग्रेस) / अरुण साव (भाजपा ) – 45891 मतों से भाजपा की जीत
    • मुंगेली – संजीत बनर्जी (कांग्रेस) / पुन्नूलाल मोहले (भाजपा ) – 11734 मतों से भाजपा जीती
    • तखतपुर – रश्मि आशीष सिंह (कांग्रेस) / धर्मजीत सिंह (भाजपा ) – भाजपा 14892 से जीती
    • बिल्हा – सियाराम कौशिक (कांग्रेस) / धरमलाल कौशिक (भाजपा ) – भाजपा 9090 मतों से जीती
    • बिलासपुर – शैलेश पाण्डेय (कांग्रेस) / अमर अग्रवाल (भाजपा ) – भाजपा 28959 से जीती
    • बेलतरा – विजय केसरवानी (कांग्रेस) / सुशांत शुक्ला (भाजपा ) – भाजपा 16963 वोट से जीती
    • मस्तुरी – दिलीप लहरिया (कांग्रेस) / कृष्ण मूर्ति बांधी (भाजपा ) – कांग्रेस 20141 वोट से जीती
    • अकलतरा
- राघवेन्द्र सिंह (कांग्रेस) / सौरभ सिंह (भाजपा ) – कांग्रेस 22758 वोट से विजयी
    • जाजंगीर – व्यास कश्यप (कांग्रेस) / नारायण चंदेल (भाजपा ) – कांग्रेस 6971 वोट से जीती
    • सक्ती – डॉ. चरण दास महंत (कांग्रेस) / डॉ. खिलावन साहू (भाजपा ) – कांग्रेस 12350 वोट से जीती
    • चंद्रपुर – राम कुमार यादव (कांग्रेस) / संयोगिता सिंह जूदेव (भाजपा ) – कांग्रेस 15969 वोट से जीती
    • जैजैपुर – बालेश्वर साहू (कांग्रेस) / कृष्णकांत चंद्रा (भाजपा ) – कांग्रेस 25835 वोट से विजयी
    • पामगढ़ – शेषराज हरबंश (कांग्रेस) / संतोष लहरे (भाजपा ) – कांग्रेस 16174 वोट से जीती
    • सराईपाली – चतुरी नंद (कांग्रेस) / सरला कोसरिया (भाजपा ) – कांग्रेस 41610 वोटों से विजयी
    • बसना – देवेन्द्र बहादुर सिंह (कांग्रेस) / संपत अग्रवाल (भाजपा ) – भाजपा 36589 वोटों से विजयी
    • खल्लारी – द्वारिकाधीश यादव (कांग्रेस) / अलका चंद्राकर (भाजपा ) – कांग्रेस 37450 वोटों से जीती
    • महासमुंद – डॉ. रश्मि चंद्राकर (कांग्रेस) / योगेश्वर राजू सिन्हा (भाजपा ) – भाजपा 16101 वोटों से विजयी
    • बिलाईगढ़ – कविता प्राण लहरे (कांग्रेस) / डॉ. दिनेश लाल जांगड़े (भाजपा ) – कांग्रेस 17827 वोट से जीती
    • कसडोल – संदीप साहू (कांग्रेस) / धनीराम धीवर(भाजपा ) – कांग्रेस 33765 मतों से विजयी
    • बलौदाबाजार – शैलेश नितिन त्रिवेदी (कांग्रेस) / टंकराम वर्मा (भाजपा ) – भाजपा 14018 वोटों से जीती
    • भाटापारा – इंद्र कुमार साव (कांग्रेस) / शिवरतन शर्मा (भाजपा ) – कांग्रेस 11495 वोटों से जीती
    • राजिम – अमितेश शुक्ल (कांग्रेस) / रोहित साहू (भाजपा ) – भाजपा 11911 वोटों से विजयी
    • बिंद्रानवागढ़ – जनक लाल ध्रुव (कांग्रेस) / गोवर्धन सिंह मांझी(भाजपा ) – कांग्रेस 817 वोटों से जीती
    • सिहावा – अम्बिका मरकाम (कांग्रेस) / श्रवण मरकाम(भाजपा ) – कांग्रेस 13166 वोटों से जीती
    • कुरूद – तारिणी चंद्राकर (कांग्रेस) / अजय चंद्राकर (भाजपा ) – भाजपा 8090 वोटों से जीती
    • धमतरी – ओंकार साहू (कांग्रेस) / रंजना साहू (भाजपा ) – कांग्रेस 2644 वोट से जीती
    • संजारी बालोद – संगीता सिन्हा (कांग्रेस) / राजेश यादव (भाजपा ) – 17046 कांग्रेस की जीत तय
    • डौंडीलोहारा – अनिल भेड़िया (कांग्रेस) / देवलाल हलवा ठाकुर (भाजपा ) – कांग्रेस 35688 वोट से जीती
    • गुंडरदेही –कुंवर सिंह निषाद (कांग्रेस) / विरेंद्र कुमार साहू (भाजपा ) – कांग्रेस 41807 वोटों से जीती
    • पाटन – भूपेश बघेल (कांग्रेस) / विजय बघेल (भाजपा ) – कांग्रेस 19543 वोटों से जीती
    • दुर्ग ग्रामीण – ताम्रध्वज साहू (कांग्रेस) / ललित चंद्राकर (भाजपा ) – 16642 वोटों से भाजपा विजयी
    • दुर्ग शहर – अरुण वोरा (कांग्रेस) / गजेन्द्र यादव (भाजपा ) – 41960 वोटों से भाजपा की जीत
    • भिलाई नगर – देवेन्द्र यादव (कांग्रेस) / प्रेम प्रकाश पाण्डेय (भाजपा ) – कांग्रेस 1615 वोट से जीती
    • वैशाली नगर – मुकेश चंद्राकर (कांग्रेस) / रिकेश सेन (भाजपा ) – भाजपा 39756 वोटों से विजयी
    • अहिवारा – निर्मल कोसरे (कांग्रेस) / डोमन लाल कोर्सेवाड़ा (भाजपा ) – भाजपा 25263 वोटों से आगे, जीत तय
    • साजा – रविंद्र चौबे (कांग्रेस) / ईश्वर साहू (भाजपा ) – भाजपा 6200 वोट से जीती
    • बेमेतरा – आशीष कुमार छाबड़ा (कांग्रेस) / दीपेश साहू (भाजपा ) – भाजपा 9134 मतों से विजयी
    • नवागढ़ – गुरु रूद्र कुमार (कांग्रेस) / दयाल बघेल (भाजपा ) – 20000 से ज्यादा वोटों से भाजपा की जीत
    • पंडरिया – नीलकंठ चंद्रवंशी (कांग्रेस) / भावना बोहरा (भाजपा ) – भाजपा 23639 वोटों से जीती
    • कवर्धा – मोहम्मद अकबर (कांग्रेस) / विजय शर्मा (भाजपा ) – भाजपा 39592 वोटों से जीती
    • खैरागढ़ – यशोदा वर्मा (कांग्रेस) / विक्रांत सिंह (भाजपा ) – कांग्रेस 5000 वोटों से विजयी
    • डोंगरगढ़ – हर्षिता स्वामी बघेल (कांग्रेस) / विनोद खाण्डेकर (भाजपा ) – कांग्रेस 14367 वोट से विजयी
    • राजनांदगांव -गिरीश देवांगन (कांग्रेस) / डॉ. रमन सिंह (भाजपा ) – भाजपा 45084 से जीती
    • डोंगरगांव – दलेश्वर साहू (कांग्रेस) / भरत लाल वर्मा (भाजपा ) – 2100 वोटों से कांग्रेस की जीत
    • खुज्जी –भोलाराम साहू (कांग्रेस) / गीता घासी साहू (भाजपा ) – कांग्रेस 25944 वोट से विजयी
    • मोहला-मानपुर – इंद्र शाह मंडावी (कांग्रेस) / संजीव साहा (भाजपा ) – 31 हजार से अधिक मतों से कांग्रेस की जीत
    • अंतागढ़ – रूप सिंह पोटाई (कांग्रेस) / विक्रम उसेंडी (भाजपा ) – भाजपा 23710 वोट से विजयी
    • भानुप्रतापपुर – सावित्री मंडावी (कांग्रेस) / गौतम उइके (भाजपा ) -कांग्रेस 30932 वोट से जीती
    • कांकेर – शंकर ध्रुव (कांग्रेस) / आशाराम नेताम (भाजपा ) – भाजपा 16 वोट से विजयी
    • केशकाल – संतराम नेताम (कांग्रेस) / नीलकंठ टेकाम (भाजपा ) – 6143 मतों से भाजपा की जीत
    • कोंडागांव – मोहन लाल मरकाम (कांग्रेस) / लता उसेंडी (भाजपा ) – 19000 मतों से भाजपा जीती
    • नारायणपुर – चन्दन कश्यप (कांग्रेस) / केदारनाथ कश्यप (भाजपा ) – भाजपा 18930 वोटों से जीती
    • बस्तर – लखेश्वर बघेल (कांग्रेस) / मनीराम कश्यप (भाजपा ) – कांग्रेस 6434 वोट से जीती
    • जगदलपुर – जितिन जायसवाल (कांग्रेस) / किरण देव (भाजपा ) – भाजपा 29834 वोट से जीती
    • चित्रकोट – दीपक बैज (कांग्रेस) / विनायक गोयल (भाजपा ) – भाजपा 8370 वोट से जीती
    • दंतेवाड़ा – छविन्द्र कर्मा (कांग्रेस) / चैतराम अटामी (भाजपा ) – 16342 वोटों से भाजपा की जीत
    • बीजापुर – विक्रम मंडावी (कांग्रेस) / महेश गागड़ा (भाजपा ) – कांग्रेस 2706 वोट से विजयी
    • कोंटा – कवासी लखमा (कांग्रेस) / सोयम मुक्का (भाजपा ) – 1930 वोट से कांग्रेस की जीत
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को पक्षाघात, सीएम भूपेश ने मतदान के बाद मुलाकात की तस्वीर सार्वजनिक की….

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को पक्षाघात, सीएम भूपेश ने मतदान के बाद मुलाकात की तस्वीर सार्वजनिक की….

    सीएम भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल पक्षाघात के शिकार हो गए हैं। श्री बालाजी अस्पताल से जारी मेडिकल बुलेटिन में उनका स्वास्थ्य गंभीर बताया गया है॥नंद कुमार बघेल ब्राह्मणो और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम पर अप्रिय टिप्पणियों की वजह से विवादित रहे हैं। यह भी है कि, लंबे अरसे से उनका कोई बयान सामने नहीं आया है,जिससे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असहज स्थिति का सामना करना पड़े।श्री बालाजी अस्पताल की मेडिकल बुलेटिन के अनुसार नंद कुमार बघेल बीते एक महीने से अस्पताल में भर्ती हैं। सीएम भूपेश बघेल की अस्पताल में भर्ती अपने पिता के साथ मुलाकात के साथ तस्वीर तब ही सामने आई जबकि मतदान का अंतिम चरण निपट गया था।

    क्या लिखा गया है मेडिकल बुलेटिन में

    श्री बालाजी अस्पताल की मेडिकल बुलेटिन में नंद कुमार बघेल को लेकर बताया गया है कि, उन्हे अनियंत्रित मधुमेह है और मस्तिष्क तथा स्पाईन से संबंधित पुरानी बीमारी है। नंद कुमार बघेल बीते 21 अक्टूबर को भर्ती कराए गए थे। नंद कुमार के दिमाग मं खून का थक्का जमा था। उन्हे वेंटिलेटर पर भी रखा गया क्योंकि पूरे शरीर में सेप्टिसिमिया फैल गया था। करीब एक महीने की गहन चिकित्सा देखरेख के बाद सीएम भूपेश के पिता नंद कुमार की तबियत में थोड़ा सुधार आया है। ऑक्सीजन की मात्रा ब्लड में सामान्य हुई है। लेकिन उनके शरीर के दाहिने भाग में लकवा है और बांया भाग भी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। उनकी तबियत अभी गंभीर और चिंताजनक बनी हुई है।

    सीएम भूपेश ने लिखा आपकी जिजीविषा मेरे लिए प्रेरणा

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अस्पताल में अपने पिता के साथ तस्वीर मतदान के अगले दिन 18 नवंबर को ही सामने आई।सीएम भूपेश नामांकन दाखिल करने के पहले अपने पिता से मिलने गए थे, लेकिन तब ऐसी कोई तस्वीर सामने नहीं आई।सीएम भूपेश ने ट्विट (X) पर मुलाक़ात की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा

    “बाबूजी अस्वस्थ हैं। नामांकन से पहले उनसे अस्पताल में मिला था‌। चुनाव की गहमा-गहमी में उनसे मिलने नहीं आ पाया था। आज उनसे आशीर्वाद लेने पहुंचा‌। उनकी जिजीविषा मेरे लिए हमेशा प्रेरणा रही है।”

  • सी-विजिल एप से कर सकेंगे आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत

    सी-विजिल एप से कर सकेंगे आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत

    शिकायत प्राप्त होते ही उडऩदस्ता दल तुरंत मौके पर पहुँच कर करेगी कार्यवाही

    रायगढ़। स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने में नागरिकों की भागीदारी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन आयोग विधानसभा निर्वाचन-2023 में भी सी-विजिल (C-ViGil) मोबाइल एप लेकर आया है। इस एप के जरिए कोई भी व्यक्ति आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन की गतिविधियों या घटनाओं की शिकायत चंद मिनटों में दर्ज करा सकते है। इसके लिए अब किसी को निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर में आने की जरूरत नहीं होगी। जिले में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतें होने पर समय रहते कार्रवाई की जाएगी। सी-विजिल मोबाइल एप पर शिकायत प्राप्त होने पर उडऩदस्ता (एफ.एस.टी.) तुरंत मौके पर पहुँच कर जरूरी कार्रवाई करेगा।
    इस एप के माध्यम से आने वाली हर शिकायत पर 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाएगी। इसमें शिकायतकर्ता शराब, पैसे बांटने या आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत सी-विजिल ऐप पर कर सकते हैं। इसमें शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा। साथ ही बिना पहचान बताये भी शिकायत किया जा सकता है। 100 मिनट में शिकायत पर एक्शन होगा। ऐप पर फोटो अपलोड करना होगा। शिकायतकर्ता को यह भी लिखने की जरूरत नहीं होगी कि वह कहां है। यानी इस ऐप के जरिए मतदाता भी चुनाव में निगरानी के काम में सहयोग कर सकते हैं। ऐप के माध्यम से मतदाता फोटो और वीडियो के साथ जहां गड़बड़ी हो रही हो उस स्थान की लोकेशन भी भेज सकते हैं और लिखकर पूरी जानकारी उपलब्ध करवा सकते हैं। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की जानकारी एवं शिकायत हेतु टोल फ्री नंबर 1950 में भी कॉल कर सकते है।
    ऐसे काम करता है यह ऐप
    यह एप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। एंड्रॉयड यूजर इसे गूगल प्ले स्टोर से और एपल यूजर एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इंस्टॉल करने पर कैमरा, लोकेशन और ऑडियो और फाइल्स एक्सेस करने की अनुमति मांगी जाती है। इसके बाद भाषा चुनने का विकल्प मिलता है जहां आप हिंदी या अंग्रेजी भाषा का चयन कर सकते हैं। इसके बाद आपको फोन नंबर लिखना होगा, जिस पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करने के बाद आपको अपने नाम, पता, राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र और पिन कोड की जानकारी देनी होगी। ये जानकारियां देने के बाद आपको वेरिफाई पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एप का होम पेज खुल जाएगा, जहां आपको फोटो, वीडियो और ऑडियो के विकल्प मिलेंगे। आप जिस भी माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं, वह विकल्प चुन कर आप अपनी शिकायत आयोग तक पहुंचा सकते हैं।

  • कन्या भोज के साथ की गयी मां दुर्गा की विदाई…

    कन्या भोज के साथ की गयी मां दुर्गा की विदाई


    खरसिया । धर्म नगरी खरसिया की धन्य धरा पर नगर की विभिन्न मोहल्ले में समितियां बनाकर मां दुर्गा को विराजमान कर जगत जननी मां जगदंबे की पूजा अर्चना में समूचा नगर मां की भक्ति में डूबा हुआ है दुर्गा पूजा मेला के दौरान खरसिया ही नहीं खरसिया नगर के आसपास के ग्रामीण अंचलों से हजारों की संख्या में माता के भक्तों द्वारा नगर में 2 दर्जन से अधिक पंडालों के माध्यम से माताओं के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद लेने के लिए खरसिया नगर में आते हैं । इस वर्ष भी खरसिया नगर में दुर्गा उत्सव नव दुर्गा उत्सव समिति गंज बाजार, गजिया पंडा दुर्गा उत्सव समिति पीपल गली, अग्रवाल दुर्गा उत्सव समिति पोस्ट ऑफिस के पास, नव दुर्गा उत्सव समिति मोहापाली रोड, जय दुर्गा उत्सव समिति गोपीराम गर्ग गली, गंज पीछे सर्वोत्तम दुर्गा उत्सव समिति माधव प्रिया होटल के पीछे, नव दुर्गा उत्सव समिति अजय विजय गली के पास, नव दुर्गा उत्सव समिति हमालपारा, अग्रसेन दुर्गा उत्सव समिति अग्रसेन चौक के पास, नव दुर्गा उत्सव समिति गुरुद्वारा के पास, नव दुर्गा उत्सव समिति शनि मंदिर रोड, नव दुर्गा उत्सव समिति स्टेट बैंक के सामने, शिव दुर्गा उत्सव समिति, रानी सती दादी दुर्गा उत्सव समिति छपरी गंज, नव दुर्गा उत्सव समिति रामनाथ गली, नवदुर्गा उत्सव समिति पुराना सब्जी मार्केट, हनुमान चौक दुर्गा उत्सव समिति, पुरानी बस्ती, संजय नगर, ठाकुर दिया, रायगढ़ चौक, पुरानी बस्ती के अंदर आदि अनेक स्थानों पर जगत जननी मां दुर्गा की पूजा अर्चना नगर के मोहल्ला समितियों द्वारा विशाल पंडाल एवं साज-सज्जा कर की गयी। संपूर्ण खरसिया नगर रंग बिरंगी झालरों से पटा हुआ है, भक्तों द्वारा प्रत्येक समितियों के माध्यम से प्रतिदिन प्रत्येक पंडालों में अनेक प्रकार की सवामणी प्रसाद माता को अर्पण कर भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया जाता है खरसिया का दुर्गा मेला देखने एवं माता का आशीर्वाद लेने के लिए चंद्रपुर सरिया बरमकेला सारंगढ़ रायगढ़ शक्ति बाराद्वार डभरा धर्मजयगढ़ पत्थलगांव आदि कई स्थानों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में खरसिया नगर पहुंचते हैं।

    माता के दरबार में प्रतिदिन लगता है सब्जी पूरी का भंडारा

    नगर में नवरात्र मेला के दौरान जगत जननी मां जगदंबे के दरबार में समितियों द्वारा आए हुए श्रद्धालुओं के लिए सवामणि प्रसाद के अलावा पूरी सब्जी का भी भंडारा विशाल रूप से लगाया जाता है भक्तों द्वारा सब्जी पूड़ी का भंडारा को विशेष रूप से ग्रहण कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं नगर का प्रमुख नवरात्र मेला खरसिया नगर में दुर्गा उत्सव का मेला देशभर में खास पहचान बना चुका है यहां का दुर्गा उत्सव का मेला छत्तीसगढ़ का शान है यही वजह है कि यहां स्थापित माताओं की प्रतिमा का दर्शन करने के लिए अनेक स्थानों से दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
    शहर में शारदीय नवरात्र पर्व को धूमधाम से मनाया गया और मॉ जगत जननी के विविध रूपों की पूर्ण भक्तिभाव से पूरे नौ दिनों तक पूजा अर्चना की गयी। नगरवासियों द्वारा नगर के अनेक स्थानों पर भव्य पंडाल बनाकर मॉ जगत जननी की जींवत प्रतिमा की स्थापना पूर्ण विधि विधान से करते हुए सुबह शाम माता की अराधना की जा रही है, जिससे पूरा शहर माता के भक्ति में रमा हुआ है। वही इस पूरे नौ दिनों में खरसिया नगर का वातावरण पूर्ण रूपेण माता के रंगो में रंगा हुआ है। पूरे प्रदेश में खरसिया का नवरात्र पर्व प्रसिद्ध है और इस प्रसिद्धी को निरंतर बनाये रखने में नगरवासियों ने कोई कोर कसर नहीं छोडा है। जगह जगह भव्य एवं विशाल पंडाल बनाये गये है जहां मनमोहक झांकियॉं बनाई गई वहीं रंग बिरंगी झालरों से पूरे नगर को सजाया गया है।
    इस वर्ष 23 अक्टूबर को नगर के लगभग सभी पण्डालों में हवन तथा कन्या भोजन करा कर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित कर दी गयी है। कुछ़ पण्डालों में दशहरा के बाद प्रतिमाओं को विसर्जित किया जाता है। ताशा, ढ़ोल नगाड़ों तथा कर्मा पार्टी के साथ मां दुर्गा को विदाई दी गयी। इस वर्ष नगर में चन्द्रयान, स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी, कैलाश मानसरोवर की थीम पर पण्डालों को सजाया गया था, जो कि श्रद्वालुओं के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ था वहीं अनोखे थीम तथा सजावट के लिये प्रसिद्व हमालपारा के पण्डाल में चांद तारे के साथ टाईटेनिक सेल्फि जोन लोगों को खूब लुभा रहा था।