Author: Sunil Agrawal

  • 19 मिनट देरी से गुजरी राष्ट्रपति की ट्रेन, प्रेसीडेंशियल ट्रेन गुजरने से पहले ट्रैक पर फंसा ट्रक ….

    19 मिनट देरी से गुजरी राष्ट्रपति की ट्रेन, प्रेसीडेंशियल ट्रेन गुजरने से पहले ट्रैक पर फंसा ट्रक ….

    कानपुर से लखनऊ जाने वाली प्रेसीडेंशियल ट्रेन गुजरने से एक घंटे पहले उन्नाव में जैतीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर सोमवार सुबह मौरंग लदा ट्रक फंसने से हड़कंप मच गया। रेल विभाग से लेकर प्रशासन तक ने ट्रक को ट्रैक से हटवाने में पूरी ताकत झोंक दी। पुलिस के जवानों और स्थानीय लोगों की मदद से मशक्कत के बाद ट्रक को क्रॉसिंग से हटाया जा सका। ट्रक हटने के बाद प्रशासनिक अफसरों और रेलवे अधिकारियों की जान में जान आई। हालांकि ट्रक फंसने से राष्ट्रपति की ट्रेन गुजरने में कोई बाधा नहीं आई। राष्ट्रपति की ट्रेन 19 मिनट देर से गुजरी। 

    राष्ट्रपति के ट्रेन से गुजरने के कार्यक्रम के तहत सोमवार सुबह से कानपुर-लखनऊ के बीच में पड़ने वाले सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम थे। हर स्टेशन, रेलवे क्रॉसिंग, ओवर ब्रिज और फुट ओवर ब्रिज पर जीआरपी, आरपीएफ के अलावा सिविल पुलिस कर्मी मुस्तैद रहे। सुबह साढ़े नौ बजे ओवरलोड मौरंग भरा ट्रक खराब होने से जैतीपुर रेलवे क्रॉसिंग नंबर 16 पर निकलते समय फंस गया। ट्रैक पर ट्रक फंसने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के हाथपांव फूल गए।
    जानकारी होते ही डीएम रवीन्द्र कुमार, एसपी आनंद कुलकर्णी व एएसपी शशि शेखर सिंह हरकत में आए। वायरलेस सेट पर सोहरामऊ थाना प्रभारी को संदेश दिया पर कोई जवाब नहीं आया। अफसरों के निर्देश पर जीआरपी व आरपीएफ और असोहा इंस्पेक्टर राजू राव मौके पर पहुंचे। मजदूरों की मदद से पहले मौरंग उतरवाकर ट्रक खाली कराया और फिर ट्रैक्टर मंगवा ट्रक हटवाकर ट्रैक क्लीयर कराया। इस दौरान कुछ देर के लिए कुसुम्भी रेलवे स्टेशन पर एडवांस पायलेट इंजन रुका रहा। ट्रैक साफ होने पर कुसुम्भी रेलवे स्टेशन पर खड़ी एडवांस पायलेट इंजन को जैतीपुर के लिए रवाना किया जा सका। घटनास्थल पर मौजूद एक युवक इसका वीडियो बना रहा था मगर पुलिस कर्मी ने उसका मोबाइल छीन लिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर कागजात जब्त कर लिए हैं। 

    प्लटेफॉर्म नंबर तीन से गुजरी प्रेसीडेंशियल ट्रेन
    सुबह सबसे पहले एडवांस स्पेशल इंजन के गुजरने के बाद प्रेसीडेंशियल स्पेशल ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर तीन के डाउन ट्रैक से निकाला गया। प्रेसेडेंशियल स्पेशल ट्रेन के गुजरने के दस मिनट बाद पीछे से बैकअप ट्रेन गुजरा गया। रेलवे के डाउन ट्रैक से तीनों ट्रेनों के गुजरने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। 

    19 मिनट लेट गुजरी ट्रेन
    राष्ट्रपति के कानपुर से लखनऊ जाने के निर्धारित समय से प्रेसीडेंशियल स्पेशल ट्रेन करीब 19 मिनट विलंब से उन्नाव रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। कार्यक्रम अनुसार एडवांस पॉयलेट इंजन 10:05 के बजाय 10:25 और प्रेसीडेंशियल स्पेशल ट्रेन 10:29 की जगह 10:48 और बैकअप ट्रेन 10:35 के बजाए 10:58 बजे उन्नाव रेलवे स्टेशन से निकाली।

  • सरगुजा आईजी को तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय रायपुर पदस्थ किया गया…

    सरगुजा आईजी को तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय रायपुर पदस्थ किया गया…

    रायपुर। प्रदेश में आईजी स्तर के अधिकारी का तबादला हुआ है. जारी आदेश के मुताबिक, सरगुजा आईजी आरपी साय को तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय रायपुर पदस्थ किया गया है.
    वहीं बिलासपुर आईजी रतन लाल डांगी को उनके वर्तमान जिम्मेदारी के साथ-साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।


  • प्रदेश में पहली बार किसी IPS के घर छापा, घर समेत 10 से ज्यादा ठिकानों पर ACB की छापेमारी जारी…

    प्रदेश में पहली बार किसी IPS के घर छापा, घर समेत 10 से ज्यादा ठिकानों पर ACB की छापेमारी जारी…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी महकमे से एक बड़ी खबर आ रही है। एन्टी करप्सन ब्यूरो ने छत्तीसगढ़ के ADGP जीपी सिंह के दस से अधिक ठिकानों पर छापा मारा है। ऐसी जानकारी मिल रही है कि उनके कुछ सहयोगी भी रडार पर हैं।


    बता दें कि एसीबी की दस अलग-अलग टीमों ने तड़के 6 बजे सीनियर IPS जीपी सिंह के घर समेत दस से अधिक ठिकानों पर दबिश दी। मिली जानकारी के अनुसार एसीबी को काफी समय से शिकायतें मिल रही थी। जिसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया गया।

    बहरहाल, छत्तीसगढ़ में किसी आईपीएस के खिलाफ एसीबी की ये पहली कार्रवाई होगी। राजस्थान समेत दूसरे राज्यों में जरूर कई आईएएस, आईपीएस के यहाँ एसीबी की कार्रवाई हुई है।

    जीपी सिंह छत्तीसगढ़ के कई जिलों के एसपी के साथ ही रायपुर और बिलासपुर रेंज के आईजी रह चुके हैं। वे एसीबी चीफ भी थे। पिछले साल एसीबी से हटाकर सरकार ने उन्हें पुलिस अकेडमी भेजा था।

  • पुलिस विभाग में बड़ी सर्जरी.. 40 अफसरों का हुआ तबादला, कई जिलों के SP बदले गए.. अभिषेक मीणा संभालेंगे रायगढ़ की कमान तो वहीं सन्तोष सिंह बने कोरिया SP..

    पुलिस विभाग में बड़ी सर्जरी.. 40 अफसरों का हुआ तबादला, कई जिलों के SP बदले गए.. अभिषेक मीणा संभालेंगे रायगढ़ की कमान तो वहीं सन्तोष सिंह बने कोरिया SP..

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आज 40 आईपीएस अफसरों का तबादला सूची जारी किया है जिसमें रायगढ़ के संतोष कुमार कोरिया के नए एसपी होंगे तो वही रायगढ़ जिले के एसपी अभिषेक मीणा होंगे। अभिषेक मीणा 2010 बैच के आईपीएस अफसर है। कोरबा में बतौर पुलिस अधीक्षक कार्य करने के बाद अब रायगढ़ आ रहें हैं।

    बिलासपुर, कोरबा, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बालोद, महासमुंद, दुर्ग, जांजगीर समेत कई जिलों के कप्तान बदल दिए गए हैं। एसपी प्रशांत ठाकुर को जांजगीर चांपा पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इस सूची में महासमुंद एसपी प्रफुल्ल ठाकुर का भी नाम शामिल हैं उन्हें धमतरी का नया एसपी बनाया गया है। बेमेतरा एसपी दिव्यांग पटेल को महासमुंद भेजा गया है। सूरजपुर एसपी राजेश कुकरेजा को रेलवे एसपी समेत अन्य अफसरों की नई पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। पूरी 40 अफसरों के नए पदस्थापना की पूरी सूची नीचे दी गयी है।

  • भारत का दिखाया गलत नक्शा, ट्विटर इंडिया के एमडी पर मामला दर्ज…

    भारत का दिखाया गलत नक्शा, ट्विटर इंडिया के एमडी पर मामला दर्ज…

    बुलंदशहर। लगता है कि ट्विटर के भारत में दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं, जब से नया आईटी कानून आया है, कोई न कोई विवाद सामने आ रहा है. ताजा घटनाक्रम भारत के नक्शे को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का है, जिस पर उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर में ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी पर आईपीसी की धारा 505 (2) और आईटी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 74 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    दरअसल, बीते सोमवार सुबह ही कंपनी की वेबसाइट पर यह नक्शा सामने आया था। वेबसाइट पर करियर सेक्शन में ‘ट्वीप लाइफ’ शीर्षक के अंदर यह आपत्तिजनक नक्शा दिखाया गया था. लोगों के विरोध दर्ज कराए जाने के बाद  इसे हटा लिया गया था, लेकिन मामला यही शांत होता नहीं हुआ. यूपी के बुलंदशहर में बजरंग दल के एक नेता की शिकायत पर पुलिस ने ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    एक पखवाड़े के भीतर दूसरा ऐसा वाकया है कि जिस पर ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज किया गया है. इसके पहले एक बुजुर्गवार की दाढ़ी काटे जाने को गलत तरीके से अपने प्लेटफार्म पर वायरल करने और जानकारी मिलने के बाद भी उसे हटाने में देर करने पर मनीष माहेश्वरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इस पर उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस के सामने पेश होने से बेंगलुरु स्थित उच्च न्यायालय से राहत दी है।

  • यहां के BMO साहब के अनुसार… छत्तीसगढ़ में दो-दो मुख्यमंत्री…

    यहां के BMO साहब के अनुसार… छत्तीसगढ़ में दो-दो मुख्यमंत्री…

    जांजगीर। वैसे तो हर प्रदेश में एक ही मुख्यमंत्री होता है। छत्तीसगढ़ में भी एक ही सीएम हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मानें तो यहाँ दो मुख्यमंत्री हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड टीकाकरण कार्ड में भूपेश बघेल के साथ ही टी एस सिंहदेव को भी मुख्यमंत्री बना दिया है।

    जिले के स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव को मुख्यमंत्री मान लिया है। सक्ती बीएमओ ने कोविड टीकाकरण का ऐसा कार्ड छपवाया है, जिसमें प्रदेश में दो मुख्यमंत्री बताए गए हैं। टीकाकरण कार्ड ( प्रमाण पत्र) में ऊपर भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव का फोटो लगाया गया है। फ़ोटो के नीचे नाम तो सही लिखा गया है, लेकिन दोनों का पदनाम मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ लिख दिया गया है। यह कार्ड टीका लगवाने वाले हितग्राहियों को बांट भी दिए गए है। कार्ड अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं। यह सब कुछ स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही से हुआ है।

    आनन फानन में छपवाए नए कार्ड

    सक्ती बीएमओ ने जो त्रुटिपूर्ण कार्ड छपवाए थे,उसे 26 जून को टीकाकरण केंद्रों में हितग्राहियों को बांट भी दिया गया। हालांकि बाद में गलती की जानकारी होने पर उन कार्डों को रोक दिया गया है। आनन फानन में नए कार्ड छपवाकर अब आने वाले हितग्राहियों को दिया जा रहा है। साथ ही जिन हितग्राहियों को त्रुटिपूर्ण कार्ड मिला है, उनसे भी सम्पर्क कर नए कार्ड देने की बात जिम्मेदारों द्वारा कही जा रही है।

    एक दूसरे पर थोप रहे गलती

    लापरवाही सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। गलती एक दूसरे पर थोपकर बचने का प्रयास किया जा रहा है। सीएमएचओ का कहना है कि कार्ड कम पड़ने पर स्थानीय स्तर पर छपवाने की सुविधा बीएमओ को दी गई है। सक्ती बीएमओ ने अपने स्तर पर कार्ड छपवाया था। इधर सक्ती बीएमओ का कहना है कि प्रिंटिंग प्रेस से छपने के बाद कर्मचारी कार्ड लेकर आए थे, और जल्दबाजी में सीधे टीकाकरण केंद्रों में बांट दिए।

  • तलाक के बाद पत्नी को देना था हिस्सा, इसलिए पति ने जला दिया 6 करोड़ का घर…

    तलाक के बाद पत्नी को देना था हिस्सा, इसलिए पति ने जला दिया 6 करोड़ का घर…

    लंदन। पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद इतना बढ़ जाता है कि बात तलाक तक पहुंच जाती है. जिसके बाद कायदे से पति को अपनी पत्नी को उसका हिस्सा देना पड़ता है. लेकिन एक शख्स तलाक के बाद अपनी पत्नी को उसका हिस्सा नहीं देना चाहता था, जिससे बचने के लिए उसने अपने करोड़ों के घर को ही आग के हवाले कर दिया।

    दरअसल, यह पूरा मामला Britain का है. यहां 75 वर्षीय John McCorry कोर्ट के आदेश से नाखुश थे, इस आदेश में घर बेचकर उससे मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा पत्नी को देने की बात कही गई थी. इसी के चलते उन्होंने अपने घर को ही आग लगा दी. घर की कीमत 550,000 पाउंड (करीब 5,66,45,225.69 रुपए) आंका गया था।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, John McCorry ने घर को आग के हवाले करने के बाद आराम से पास बैठकर शराब पिया और दमकल विभाग को भी फोन नहीं किया. इतना ही नहीं, आग से हुए नुकसान की भरपाई न हो सके, इसके लिए उन्होंने पत्नी को बिना बताए इंश्योरेंस के प्रीमियम का भुगतान करना भी बंद कर दिया था. इस पूरे मामले का खुलासा एक्सेटर क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ।

    आरोपी Auction के फैसले से था नाराज

    पुलिस और दमकल विभाग ने कोर्ट को बताया कि यह आग आकस्मिक नहीं लगी, बल्कि इसे जानबूझकर लगाया गया था. पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस अग्निकांड के लिए John McCorry दोषी हैं. वह एक्सेटर के पास केनफोर्ड में स्थित अपने घर की होने वाली नीलामी से बिलकुल भी नाखुश थे. उन्होंने नीलामी के ठीक 3 दिन पहले ही घर को आग के हवाले कर दिया, ताकि पत्नी को कोई हिस्सा न देना पड़े।

    McCorry ने पड़ोसियों से कही ये बात

    John McCorry और उनकी पत्नी हिलेरी इस घर में करीब 20 साल से एक साथ रहे थे. पुलिस का कहना है कि McCorry ने घर को आग लगाने से पहले और बाद में जमकर शराब पी. उन्होंने प्रोपेन गैस के सिलेंडरों में ब्लोटॉर्च की मदद से आग लगा दी. घर में लगी को आग देखकर जब पड़ोसी वहां जमा हो गए, तो मैककॉरी ने कहा कि मैं अपने घर को जलते हुए देख रहा हूं. जांचकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 17 जून को अग्निकांड की घटना हुई और इसके ठीक 3 दिन बाद इसे 550,000 पाउंड में बेचा जाना था।

    बता दें कि आग लगने के कारण घर इतना खराब हो गया है कि उसके 320,000 पाउंड ही मिल सके. यह बात भी सामने आई है कि आग लगने की घटना के ठीक पहले मैककॉरी ने अपनी पत्नी को घर से सामान निकालने से रोक दिया था. आरोपी John McCorry ने कोर्ट में आगजनी, जीवन को खतरे में डालने और लापरवाह होने की बात स्वीकार किया है. हालांकि, अपने बचाव में उन्होंने कहा है कि वर्कशाप में पीतल के दरवाजे के हैंडल को ब्लोटॉर्च से साफ करते समय दुर्घटनावश आग लगी थी।

  • अब 8.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का ब्यौरा, नियम नहीं माना तो प्रमोशन और इंक्रीमेंट में होगी परेशानी….

    अब 8.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का ब्यौरा, नियम नहीं माना तो प्रमोशन और इंक्रीमेंट में होगी परेशानी….

    राजस्थान सरकार (Rajasthan Govt) ने बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य के करीब साढ़े 8 लाख कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा देना होगा. अब टॉप ब्यूरोक्रेट्स से लेकर एक चपरासी तक को अपनी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी होगा.अब तक सिर्फ गजेटेड अफसरों ही अपनी संपत्ति का व्यौरा सरकार को देते थे. लेकिन अब यह नियम सभी के लिए जरूरी कर दिया गया है.
    सरकार की तरफ से संपत्ति की जानकारी देने की आखिरी तारीख 31 अगस्त रखी गई है. इस तारीख तक सभी को डिटेल मुहैया कराना जरूरी होगा. जो भी कर्मचारी सरकार के ये नियम नहीं मानेगा उसको प्रमोशन और इंक्रीमेंट में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. 1 जनवरी 2021 से मौजूदा संपत्ति की जानकारी कर्मचारियों को अब सरकार को देनी होगी।

    कर्मचारियों को देनी होगी संपत्ति की जानकारी

    राजस्थान के पर्सनल डिपार्टमेंट के मुताबिक राज्य सरकार के भीतर आने वाले सभी नियंत्रण बोर्ड, निगम संस्थाओं और राजकीय उपक्रमों पर यह नियम लागू होंगे. उन्हें भी अब गजेटेड एम्पलॉयी की तरह ही अपनी चल-अचल संपत्ति का व्यौरा सरकार को देना होगा. गहलोत सरकार की तरफ से सभी डिपार्टमेट्स को निर्देश दिया गया है कि वह अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा मुहैया करने का निर्देश दें।

    प्रमोशन-इंक्रीमेंट में हो सकती है दिक्कत

    सरकारी कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा राजकाज सॉफ्टवेयर पर देना होगा. इस दौरान उनके पास ऑनलाइन आईपीआर भरने का भी ऑप्शन होगा. सरकार ने सख्त नियन बनाया है कि जो भी कर्मचारी अपनी संपत्ति की जानकरी नहीं देंगे इसका प्रभाव उनके सालाना इंक्रीमेंट, प्रमोशन, क्लीयरंस, विजिलेंस पर पड़ेगा।

  • 26 डीएसपी बने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,पीताम्बर सिंह पटेल, गरिमा द्विवेदी हुए प्रमोट…

    26 डीएसपी बने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,पीताम्बर सिंह पटेल, गरिमा द्विवेदी हुए प्रमोट…

    रायपुर। राज्य पुलिस सेवा के 26 डीएसपी काे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। बलौदा बाजार के डीएसपी आदित्य पांडेय, विवेक शुक्ला और अभिषेक महेश्वरी एएसपी पदोन्नत हुए है। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से एएसपी के पद खाली पड़े थे. एसीएस गृह सुब्रत साहू के अध्यक्षता में डीपीसी की 22 मई को बैठक हुई थी। इन नामों को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के अनुमोदन के बाद गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया। जिन लोगों को पदोन्नत किया गया उनकी सूची इस प्रकार है।

  • पांच हजार में बनवाई एमबीबीएस की डिग्री,कालाबाजारी में पकड़े गए डॉक्टर का हुआ खुलासा…

    पांच हजार में बनवाई एमबीबीएस की डिग्री,कालाबाजारी में पकड़े गए डॉक्टर का हुआ खुलासा…

    • मध्यप्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में लगातार नई परतें खुल रही हैं। इस मामले में शहर के निजी अस्पतालों में जांच करने वाले डॉक्टर ही फर्जी निकले हैं।
    • उन्होंने महज पांच हजार रुपये खर्च करके एमबीबीएस की डिग्री ली थी, जिसके बाद जबलपुर एसटीएफ ने फर्जी डिग्री बनाने वाले मास्टरमाइंड को दमोह से गिरफ्तार कर लिया।
    • आरोपी के कब्जे से दो प्रिंटर, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

    ऐसे हुआ था मामले का खुलासा

    जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ ने 20 अप्रैल को चार रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पांच आरोपियों राहुल उर्फ अरुण विश्वकर्मा, राकेश मालवीय, डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर, डॉ. नीरज साहू और सुधीर सोनी को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा नरेंद्र ठाकुर समेत उसके साथियों को भी कुछ दिन पहले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में पकड़ा गया। एसटीएफ ने जब मामले की जांच की तो आशीष अस्पताल में कार्यरत आरएमओ डॉ. नीरज साहू की डिग्री संदिग्ध लगी। एमईएच कॉलेज से उसका सत्यापन कराया गया तो वह फर्जी निकली।

    नरेंद्र ठाकुर से बनवाई थी फर्जी डिग्री

    पूछताछ के दौरान नीरज साहू ने बताया कि उसकी फर्जी डिग्री नरेंद्र ठाकुर ने पांच हजार रुपये में बनवाई थी। नरेंद्र से जब इस मामले में पूछताछ की गई तो उसने अपनी और नीरज साहू की फर्जी डिग्री व मार्कशीट अपने दोस्त दमोह निवासी रवि पटेल से बनवाने की बात कबूली। इसके बाद एसटीएफ ने रवि पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया। रवि ने बताया कि उसने एक डिग्री बनाने की एवज में पांच हजार रुपये लिए थे। वह फोटोशॉप के माध्यम से फर्जी डिग्री बनाता था। आरोपी की निशानदेही पर एक लैपटॉप, दो प्रिंटर जब्त किए गए।