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  • भारत सरकार ने Smartphone Users को दी चेतावनी, कहा- इन 10 बातों पर ध्यान देना है बेहद जरूरी…

    भारत सरकार ने Smartphone Users को दी चेतावनी, कहा- इन 10 बातों पर ध्यान देना है बेहद जरूरी…

     साइबर अपराध (Cyber Crime) की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में इंटरनेट यूजर्स को साइबर अपराध के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ पर एक एडवाइजरी जारी की है जिसका पालन स्मार्टफोन यूजर्स ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-in) ने नागरिकों को अपने स्मार्टफोन पर ऐप डाउनलोड करने या ऑनलाइन ब्राउज करने के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए की एक सूची जारी करी है।

    इन 10 बातों पर ध्यान रखने की होगी जरूरत

    1. ऐप को हमेंशा वेरिफाइड सोर्स से ही डाउनलोड करें। कोशिश करें कि प्लेस्टोर और ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड हो सके।
    2. ऐप डाउनलोड करने से पहले हमेशा ऐप डिटेल, डाउनलोड की संख्या, रेटिंग और यूजर्स रिव्यू के साथ-साथ जरूरी एक्सेस देने से पहले डिटेल पढ़ लें।
    3. किसी भी गैर जरूरी ईमेल और एसएमएस में दिए गए लिंक पर क्लिक करते समय अविश्वसनीय वेबसाइटों को ब्राउज न करें।
    4. ऐसे संदिग्ध नंबरों की तलाश करें जो वास्तविक मोबाइल फोन नंबरों की तरह न दिखें। स्कैमर्स अक्सर अपने वास्तविक फोन नंबर का खुलासा करने से बचने के लिए ईमेल-टू-टेक्स्ट सेवाओं का उपयोग करके अपनी पहचान छुपाते हैं। 
    5. बैंकों से प्राप्त वास्तविक एसएमएस संदेशों में आमतौर पर प्रेषक सूचना क्षेत्र में फोन नंबर के बजाय प्रेषक आईडी (बैंक का संक्षिप्त नाम शामिल होता है) होता है। इसका विशेष ध्यान रखें।
    6. संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से पहले रिसर्च कर लें। ऐसी कई वेबसाइटें हैं जो किसी को भी फ़ोन नंबर के आधार पर जानकारी पता करने की अनुमति देती हैं।
    7. केवल उन URL पर क्लिक करें, जो वेबसाइट डोमेन को स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं। छोटे URL के प्रति सावधानी बरतें, जैसे कि bit.ly और tinyurl।
    8. एंटीवायरस और एंटी स्पायवेयर सॉफ्टवेयर अपने सिस्टम में जरूर इंस्टॉल कर लें। 
    9. व्यक्तिगत विवरण या खाता लॉगिन विवरण जैसी कोई संवेदनशील जानकारी प्रदान करने से पहले ब्राउजर के बारे में जानकारी ले लें। उसके लिए आपको वेबसाइट के शुरुआत में ताले के सिंबल को ध्यान से देखना चाहिए। अगर उस वेबसाइट पर ताले का सिंबल नहीं दिखता है तो अपना कोई भी जरूरी डिटेल ना शेयर करें।
    10. ग्राहक को अपने खाते में किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित बैंक को देनी चाहिए ताकि आगे की उचित कार्रवाई की जा सके।
  • फिर हुआ एनएच 49 में हादसा…

    फिर हुआ एनएच 49 में हादसा…

    राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के घटिया निर्माण से आए दिन हो रहे हादसे

    खरसिया। पलगढ़ा पहाड़ के नीचे एक अज्ञात तेज रफ्तार ट्रक और कार के बीच भिड़ंत हो गयी, भिड़ंत से कार चालक को मामूली चोट लगने पर अस्पताल ले जाया गया है।

    विदित हो कि खरसिया और सक्ती के मध्य में स्थित पलगढ़ा पहाड़ के समीप बने चेकपोस्ट के पास तकरीबन 2 बजे के पास एक तेज रफ़्तार ट्रक ने डस्टर वाहन को ठोकर मार दी, कार चालक पहाड़ से नीचे उतरने के बाद हाईवे पार कर रहा था तभी सक्ति तरफ से आ रही ट्रक पहाड़ गेट के पास कार को ठोकर मारी जिससे कार एक चक्कर घुम कर अपने पुराने दिशा की ओर खड़ी हो गई ट्रक मौका देख फरार हो गया। डस्टर वाहन क्रमांक CG10 X 7711का चालक जो की पेशे से डॉ है अपना ड्यूटी करके वापस घर की ओर जा रहा था तभी अज्ञात ट्रक ने जो कि सक्ति दिशा से आ रही थी कार को टक्कर मार दी इस दुर्घटना से चोटिल कार में सवार ड्राइवर को थोड़ी मोड़ी चोट लगी उसे हॉस्पिटल ले जाया गया है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के घटिया निर्माण से आए दिन हो रहे हादसे

    आपको बता दें कि जबसे राष्ट्रीय राजमार्ग 49 का निर्माण हुआ है तब से दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। कई सुरक्षा मानकों को अनदेखी कर बनाये गए राष्ट्रीय राजमार्ग में भारी खामियां हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिक को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।

  • इस साल शारदीय नवरात्रि पूरे 9 दिन… देखें नवरात्र का पूरा कैलेंडर

    इस साल शारदीय नवरात्रि पूरे 9 दिन… देखें नवरात्र का पूरा कैलेंडर

    अश्विन मास के अमावस्या के साथ पितृपक्ष का समापन हो जाएगा। इसके साथ ही प्रतिपदा तिथि के साथ नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जाएगी। इस साल 8 नहीं बल्कि पूरे नौ दिन के नवरात्रि पड़ रही हैं। इसके साथ ही काफी शुभ संयोग भी बन रहा है। आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि 2022 के कैलेंडर के बारे में.

    कब से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि 2022

    पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि 27 सिंतबर से शुरू हो रहे हैं और इनका समाप्त 5 अक्टूबर, बुधवार के दिन हो रहा है। इस बार के नवरात्रि काफी खास है। क्योंकि इस साल मां हाथी में सवार होकर आ रही हैं। जो अधिक वर्षा, संपन्नता और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही मां दुर्गा की नाव में बैठकर विदा होगी। नाव से जाना भी खुशहाली का प्रतीक माना जाता है.

    शारदीय नवरात्रि 2022 कैलेंडर

    26 सितंबर 2022, पहला दिन – प्रतिपदा, घटस्थापना, मां शैलपुत्री पूजा

    27 सितंबर 2022, दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी पूजा

    28 सितंबर 2022, तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा पूजा

    29 सितंबर, चौथा दिन – मां कुष्मांडा पूजा, विनायक चतुर्थी, उपांग ललिता व्रत

    30 सितंबर, पांचवां दिन – पंचमी, मां स्कंदमाता पूजा

    1 अक्टूबर, छठा दिन – षष्ठी, माता कात्यायनी पूजा

    2 अक्टूबर 2022, सातवां दिन – सप्तमी, मां कालरात्रि पूजा

    3 अक्टूबर 2022, आठवां दिन – दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा, महानवमी

    4 अक्टूबर 2022, नौवां दिन – महानवमी, शारदीय नवरात्रि का पारण

    5 अक्टूबर, दसवां दिन – दशमी, दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी (दशहरा)

  • विजय अग्रवाल की हुई घर वापसी कामदा जोल्हे ने भी थामा भाजपा का दामन, पांच और नेताओं को मिली जगह…

    विजय अग्रवाल की हुई घर वापसी कामदा जोल्हे ने भी थामा भाजपा का दामन, पांच और नेताओं को मिली जगह…

    रायगढ़। अंततः विजय अग्रवाल की घरवापसी हो ही गई। विजय अग्रवाल की घर वापसी से उनके समर्थको में जबर्दस्त उत्साह भर गया है। प्रदेश स्तर पर भाजपा की बैठक में आला नेताओं की उपस्थिति में निर्णय हुआ और विजय अग्रवाल की घर वापसी पर मुहर लग गई।

    इसके अलावा सारंगढ़ के जिला बनने के बाद यहां की राजनैतिक समीकरण भी बदलेंगे। इसे देखते हुए कई बसपा नेता भी बसपा छोड़ भाजपा का दामन थामने कतार में लग गए थे। इनमें सबसे प्रमुख पूर्व बसपा विधायक कामदा जोल्हे भी है इनके अलावा अन्य भी अब भाजपा के हो लिए हैं।

    सारंगढ़ के जिला बनने के बाद आने वाले समय मे नए परिसीमन के बाद यहां पुराने नेताओं को अपनी जमीन तलाशने में आसानी होगी और यही वजह है कि कामदा जोल्हे जैसे नेता बसपा में अपना वजूद खोते जा रहे थे जिला बनने के बाद इन्हें संजीवनी बूटी मिल गई है। आने वाले समय मे अपने राजनीतिक बिसात को अभी से मजबूत बनाने के लिए भाजपा में शामिल होना मुनासिब समझा। आज इनकी भाजपा में शामिल होने से नई सुबह की उजली किरण जैसी है।

    वही रायगढ़ के भाजपा से पूर्व विधायक बाद में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद भाजपा से निष्कासित और एक लंबी जद्दोजहद के बाद पुनः विजय की वापसी से उनके समर्थकों में जहां खुशी व्यापत हो गई वहीं उनसे अदावत रखने वालों को सांप जरूर सूंघ गया होगा। भाजपा के ऐसे कई नेता जो रायगढ़ से विधायकी का सपना संजोए रखे थे अब उनके पैर तले जमीन खिसकना तय है। विजय के भाजपा में वापसी से कई भाजपा नेता जो अपनी टिकट पक्की मानकर चल रहे थे उनके लिए अब टिकट की राह आसान नहीं होगी।

  • चीते और तेंदुए में क्या क्या फर्क होता है आइये जानते है….

    चीते और तेंदुए में क्या क्या फर्क होता है आइये जानते है….

    70 वर्षों बाद भारत में चीतों का आगमन हो गया है। नामीबिया से आए 8 चीतों को श्योपुर स्थित कूनो पार्क में छोड़ दिया गया है। पार्क में चीतों के लिए सभी तैयारियां की गई हैं। आपको बता दें कि भारत में 1948 तक चीते जिंदा थे। लेकिन इसी वर्ष छत्तीसगढ़ की कोरिया रियासत के राजा रामानुज प्रताप सिंहदेव ने बैकुंठपुर से लगे जंगल में तीन चीतों का शिकार किया था। इसके बाद 1952 भारत सरकार ने देश को चीता मुक्त घोषित कर दिया था। वहीं, अब भारत में 8 चीते फिर से आ गए हैं। ऐसे में लोगों को तेंदुए और चीते में अंतर जान लेना जरूरी है। क्योंकि बहुत से लोगों के मन में अभी भी तेंदुए और चीते को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है।

     

    बनावट में इस तरह अलग होते हैं चीते

    चीते की शरीरिक बनावट तेंदुए से अलग होती है। दोनों में अंतर लगाने का सबसे आसान तरीका कंधा है। एक तरफ जहां तेंदुए का कंधा कम लंबा होता है, वहीं चीते का कंधा अधिक लंबा होता है। इसके अलावा चीते, तेंदुए से ऊंचाई में भी अधिक होते हैं। वहीं, एक चीते का वजन औसतन 72 किलोग्राम होता है। साथ ही चीता 120 किमी प्रति घंटे के हिसाब से दौड़ भी सकता है। वहीं, अगर तेंदुए की बात करें तो ये बनावट में चीतों से छोटे होते हैं। हालांकि तेंदुए का वजन चीते से ज्यादा होता है।

     

    दोनों के खाल में भी होता है फर्क

    चीते और तेंदुए की खाल में भी अंतर होता है। अगर चीते को देखेंगे तो उसकी खाल हल्के पीले और ऑफ व्हाइट कलर की होती है। जबकि तेंदुए की खाल पीले रंग की होती है। चीते की खाल पर गोल या अंडाकार काले धब्बे होते हैं। इसके अलावा दोनों के पंचों में भी अंतर होता है। जिसकी मदद से आप तेंदुए और चीते में पहचान कर सकते हैं। चीते और तेंदुए के पंजे में होता है ये अंतर चीते के पंजे तेज गति से दौड़ने के हिसाब से होते हैं। चीते के पिछले पैर आगे के मुकाबले बड़े और मजबूत होते हैं, यही वजह है कि चीते ज्यादा तेजी से दौड़ते हैं। इसके अलावा चीते के पंचे कभी सिकुड़ते भी नहीं हैं। वहीं तेंदुए के पंचे की बात करें तो इनके आगे के पैर पीछे की तुलना में बड़े होते हैं। यही वजह है कि तेंदुए शिकार के बाद आसानी से शिकार को लेकर पेड़ पर चढ़ जाते हैं।

     

    दोनों के सिर की बनावट भी होती है अलग

    चीते और तेंदुए के सिर की बनावट भी अलग होती है। चीते का सिर छोटा और गोल होता है। साथ ही चीते की छाती ऊंची और पेट पतला होता है। इसके अलावा चीते के चेहरे पर आंखों के कोने से मुंह तक एक काली लाइन भी बनी होती है। जबकि तेंदुए के आंखों के कोने से मुंह तक कोई काली लाइन नहीं होती है।

  • विजय अग्रवाल की घर वापसी से बीजेपी खुश, कांग्रेसियों ने कहा बागी से डरने की कोई जरूरत नहीं….

    विजय अग्रवाल की घर वापसी से बीजेपी खुश, कांग्रेसियों ने कहा बागी से डरने की कोई जरूरत नहीं….

    रायगढ़। पूर्व विधायक विजय अग्रवाल की बीजेपी में वापसी हो गई है। बीजेपी में वापसी से जहां कार्यकर्ताओं में खुशी है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि जब वे अपनी पार्टी से ही कभी ईमानदार नहीं रहे तो ऐसे व्यक्ति से उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। जबकि शहर के एक वरिष्ठ पत्रकार कांग्रेस के अगले चुनाव में विजयी होने में विजय को ही सबसे बड़ा रोड़ा बता रहे हैं।

    मंगलवार को रायपुर में बीजेपी में कई बागी नेताओं के साथ अन्य दलों के नेता ज्वाइन हुए। रायगढ़ जिले में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व विधायक विजय अग्रवाल की घर वापसी को लेकर हो रहे हैं।  शहर में ऐसी चर्चा आम हो गई है की विजय अग्रवाल आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता ऐसा बिलकुल भी नहीं मानते। उनका मानना है की कांग्रेस के कार्यों को जनता काफी पास से देख रही है। ऐसे में एक बागी विधायक से उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। जबकि बीजेपी के नेता और एक वरिष्ठ पत्रकार से भी मुनादी ने बातचीत की। उनका मानना है की विजय अग्रवाल बीजेपी के लिए काफी फायदेमंद होंगे वहीं कांग्रेस के लिए नुकसान दायक।

    पार्टी में फूट के कारण नहीं मिलेगा सपोर्ट – अनिल शुक्ला, जिला अध्यक्ष कांग्रेस

    कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने कहा कि वे इस बात से निश्चिंत है की विजय अग्रवाल से उन्हें डरने की कोई जरूरत है। बागी विधायक को लेकर बीजेपी में पहले से फूट पड़ी हुई है। शहर विधायक का काम भी बेहतर है। बीजेपी के कार्यकाल के गड्ढों को पाटने में ही कांग्रेस का समय निकल रहा है। इसलिए जनता जनार्दन जानती है की क्या करना है।

     

    बागी विधायकों से डरने की कोई जरूरत नहीं – राकेश पाण्डेय, नेता, युथ कांग्रेस

    कांग्रेस के युवा नेता राकेश पांडेय ने मुनादी से हुई बातचीत में कहा की बागी विधायक से उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। जो अपनी पार्टी के नहीं हो सके वे जनता के क्या होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक प्रकाश नायक के कार्यों पर भरोसा है। इसी के भरोसे चुनाव की लड़ाई लड़ी जाएगी।

    विजय अग्रवाल का हर काम जनता के सामने – मुकेश जैन, वरिष्ठ बीजेपी नेता

    बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता मुकेश जैन ने कहा की विजय अग्रवाल की घर वापसी उन्हें आने वाले विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। विजय अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण काम कराएं है जो जनता के सामने है। जबकि शहर विधायक के पास एक भी काम नहीं है जो उन्होंने रायगढ़ विधानसभा के लिए किया हो। शहर विधायक के लिए बीजेपी का कोई भी कार्यकर्ता खतरा बन सकता है क्योंकि उनकी निष्क्रियता ही उन्हें ले डूबेगी।

  • रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी…रेलवे ने रद्द की 66 ट्रेनें…ये है वजह

    रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी…रेलवे ने रद्द की 66 ट्रेनें…ये है वजह

    बिलासपुर।  सीजन में रेल यात्रियों की परेशान बढ़ने वाली है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक साथ 66 ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

    बताया कि रायगढ़-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन का कार्य व ईब स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ने हावड़ा सेक्शन की 66 ट्रेनों को रद कर दिया गया। दोनों प्रमुख दिशाओं में परिचालन के लिए ट्रेनें ही नहीं बची हैं। आने वाले दिनों में यात्रियों को भारी परेशानियों से गुजरना होगा।

    वहीं यात्रियों के लिए राहत की खबर

    अनूपपुर-मनेंद्रगढ़, मनेंद्रगढ़-अंबिकापुर, और अंबिकापुर-शहडोल ट्रेन फिर से पटरी पर दौड़ेगी। रेल प्रबंधन ने बहाल हुई ट्रेनों के टाइम टेबल जारी किया है। ये ट्रेन 25 और 26 सितंबर से शुरू ट्रेनें होंगी।

    जबलपुर-इंदौर के बीच प्रतिदिन चलने वाली

    रेल मंत्रालय द्वारा गाड़ी संख्या 22191/22192 इंदौर-जबलपुर-इंदौर के बीच प्रतिदिन चलने वाली ओवर नाइट एक्सप्रेस का दिनांक 21.09.2022 से शुजालपुर स्टेशन पर प्रायोगिक तौर पर दोनो दिशाओं में छः माह के लिए ठहराव प्रदान किया गया है। गाड़ी की समय-सारणी- गाड़ी संख्या 22191 इंदौर-जबलपुर एक्सप्रेस शुजालपुर स्टेशन पर 21.42 बजे पहुँचकर, 21.44 बजे गन्तव्य के लिए प्रस्थान करेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 22192 जबलपुर-इंदौर एक्सप्रेस शुजालपुर स्टेशन पर 06.39 बजे पहुँचकर, 06.41 बजे गन्तव्य के लिये प्रस्थान करेगी।

  • ‘तुम्हें और तुम्हारे ठेकेदार को उल्टा टांग दूंगा’, कांग्रेस विधायक का वीडियो वायरल….

    ‘तुम्हें और तुम्हारे ठेकेदार को उल्टा टांग दूंगा’, कांग्रेस विधायक का वीडियो वायरल….

    मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर (Manendragarh Chirmiri Bharatpur) नवगठित जिले में दो विधानसभा हैं. दोनों पर कांग्रेस का कब्जा है. चुनाव की नजदीकियों को देखते हुए दोनों विधानसभा के विधायक इन दिनों आम लोगों पर अपनापन दिखाने की होड़ में जुटे हैं. एक विधायक जनसंपर्क में अपने वोटरों के साथ नाचते गाते दिख रहे हैं तो दूसरे विधायक जनता की समस्याओं पर आपा खोते नजर आ रहे हैं. इस बार भी मामला जिले के मनेन्द्रगढ (Manendragarh) विधायक डॉ विनय जायसवाल (Vinay jaiswal) से जुड़ा है. विधायक एक कर्मचारी और ठेकेदार को उल्टा टांग देने की धमकी देते सुने जा रहे हैं.

    उल्टा लटकाने की धमकी दी

    अपनी बदज़ुबानी और कारनामे के लिए मशहूर कांग्रेस विधायक डॉ विनय जायसवाल और विवादों का चोली दामन का साथ है. इस बार विधायक सफाई व्यवस्था को लेकर एसईसीएल के सफाई कर्मचारी पर नाराजगी जता रहे थे. नाराजगी जाहिर करने के तरीके में एक पढ़े लिखे डॉक्टर विधायक का व्यवहार नजर नहीं आया. विधायक विनय जायसवाल सफाई विभाग के कर्मचारी को फोन पर कहा कि “नाली भरी पड़ी है. शाम तक अगर सफाई नहीं हुई तो तेरे को और तेरे ठेकेदार को उल्टा टांग दूंगा तेरे को भी तेरे ठेकेदार को भी”.

    दरअसल जिस वक्त विधायक चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 31 में जनसंपर्क के लिए निकले थे उस वक्त उनकी पत्नी चिरमिरी महापौर कंचन जायसवाल भी उनके साथ थी. अगर विधायक एसईसीएल कर्मचारी और ठेकेदार को धमकी दे सकते हैं तो ऐसे में सफाई की जिम्मेदारी चिरमिरी नगर पालिक निगम के सफाई अमले की भी है. जिसके पास 100-150 सफ़ाई कर्मचारी हैं. नगर पालिका का कमान उनकी महापौर पत्नी के हाथों में है. जिस वार्ड में सफाई को लेकर विधायक नाराज हुए, उसी वार्ड में वो अपनी पत्नी के साथ रहते हैं.

    महिलाओं से पैर धुलवाने का वीडियो हुआ था वायरल

    मनेन्द्रगढ विधायक डॉ विनय जायसवाल समय-समय पर सुर्खियों में रहने के आदी हो चुके हैं. एक बार वो “भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार” है कहकर विवादों में आये थे. इसके अलावा कुछ दिनों पहले महिलाओं से पैर धुलवाने का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था जिसमें विधायक की जमकर किरकिरी हुई थी. इतना ही नहीं पिछले साल दीपावली मिलन में पत्रकारों और महिला कांग्रेस नेताओं को स्वेक्षानुदान की राशि बांटने के मामले में विधायक चर्चा में आ चुके हैं. इसके पहले भी कुछ नेता अधिकारियों और कर्मचारियों को उल्टा लटका चुके हैं जिसका अंजाम ये हुआ कि आम लोगों और उन्हीं कर्मचारियों ने उन्हें उल्टा लटका दिया.

    इस संबंध में विधायक डॉ विनय जायसवाल का कहना है कि एसईसीएल के प्रबंधन के स्वामित्व जो कॉलोनियां उसमें साफ-सफाई का 12 करोड़ रुपए का ठेका हुआ. वहां दो-तीन आदमी काम करते हैं. उन्होंने कहा कि इन्होंने आकंठ भ्रष्टाचार किया हुआ है. पूरी कालोनियों की नालियां बजबजा रही है. उन्होंने कहा कि कई बार संज्ञान देने के बाद, बात करने के बाद, चिट्ठी लिखने के बाद भी उनके कान में जूं नहीं रेंग रहा. कोल इंडिया जीएम से संचालित होता है इसलिए कड़े शब्दों में बोला गया कि साफ-सफाई करवाइए. उन्होंने कहा कि उल्टा टांगने का मतलब ये नहीं कि उल्टा टांग देंगे.

  • “क्रोध एवम क्राइम का रिश्ता”…….यदि व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने क्रोध पर काबू पा ले तो बहुत बड़े क्राइम को करने से बच जाता है- IG डांगी

    “क्रोध एवम क्राइम का रिश्ता”…….यदि व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने क्रोध पर काबू पा ले तो बहुत बड़े क्राइम को करने से बच जाता है- IG डांगी

    बिलासपुर| देखने में आया है की समाज में ज्यादातर क्राइम क्रोध के कारण होते हैं। यदि व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने क्रोध पर काबू पा ले तो बहुत बड़े क्राइम को करने से बच जाता है। देखने में आता है कि परिवारों में चाहे आपसी रिश्तों में खटास का कारण भी क्रोध ही होता है।छोटी छोटी बातों पर व्यक्ति क्रोधित होकर मारपीट पर उतर जाते है। कई बार तो क्रोधित व्यक्ति हत्या जैसे जघन्य अपराध भी कर बैठता है।

    आजकल युवाओं के बीच छोटी छोटी बातों को लेकर आपसी विवाद भी हत्या/हत्या का प्रयास /अपहरण जैसे अपराध घटित कर देते हैं। इसका एक ही कारण हैं उनमें क्रोध का उपजना। लोगों में सहन शक्ति खत्म सी हो गई है। इसके साथ चाहे आपसी झगड़े हो, कॉलेज-स्कूलों में होने वाले झगड़े हो, पड़ोसी के साथ झगड़ा हो, पार्किंग को लेकर,साइड नहीं देने के कारण,किसी कमेंट्स को लेकर आए दिन घटनाएं घटित होने की रिपोर्ट थानों में होती है।और इन सबका भी कारण भी लोगों में क्षणिक गुस्सा आना।

    क्रोध के कारण पता नहीं कितने घर, कितने परिवार नष्ट हो चुके हैं, क्योंकि क्रोध के समय बुद्धि का विनाश हो जाता है । पता नहीं इंसान क्या कर दे। इसने पता नहीं कितने घर जला दिए, कितनी खुशियां जला दी, अब तो हम इसे छोड़ ही दें।

    ऐसा कुछ ना करें जिससे किसी का क्रोध बढ़े, हम किसी की कमजोरी का नाजायज लाभ ना उठाएं। जो भूल एक बार हो चुकी हो उसे न दोहराएं। वातावरण को शांत बनाने सहयोग दें। इंसान है, तो इंसान ही बने रहे ,हैवान न बने ,क्रोध इंसान को हैवान बना देता है। वैसे भी जहां क्रोध होता है वहां कभी सुख नहीं होता।

    जितना हो सके इससे बचें। क्रोध घर में कभी सुख शांति नहीं आने देता। क्रोध से दूसरों को तो कष्ट पहुंचता ही है,हमें भी अंदर से खोखला कर देता है । क्रोध में मानव कई बार ऐसा अनर्थ कर देता है जिससे उसे जीवन पर्यंत पछताना पड़ता है। क्यों न इस क्रोध रूपी हानि अथवा कष्ट से बचने का प्रयास किया जाए जिसके रहते शांति और तनाव बढ़ता है और कभी शांति प्राप्त नहीं हो सकती ।

    जब भी क्रोध आता है वह किसी न किसी पर तो उतरता ही है । इससे हमारा हमारे अपनों का मन दुखी तो होता ही है साथ में घर का वातावरण भी खराब हो जाता है । यदि उस क्षण स्वयं को संभालने और सही समय पर उस मुद्दे को उठाए तो बात का वजन बढ़ जाएगा। यदि आप सचमुच क्रोध को स्वयं से दूर रखना चाहते हैं तो इसके लिए प्रयत्न भी स्वयं ही करने पड़ेंगे।

    क्रोध पर नियंत्रण पाना कठिन है परंतु असंभव नहीं। यदि हमने अपना शेष जीवन सुख शांति से व्यतीत करना है तो एकांत में बैठकर सोचे कि अपने क्रोध पर कैसे नियंत्रण पाया जाए, कौन से तरीके अपनाए। क्योंकि अपने आपको अपने आप से अधिक कौन जानता है ?

    आपके सोचने पर इसका उपाय अवश्य मिल जाएगा। इसी प्रकार हमें अपने त्रुटियों तथा कमजोरियों का भी पता चल सकता है। छोटी-छोटी बातों पर क्रोध कर हम अपने बहुमूल्य क्षण नष्ट ना करें । समय और स्थिति को समझते हुए स्वयं पर नियंत्रण करना सीखें ।

    अभी क्रोध करने की आदत बनी हुई है कल इसे छोड़ने की आदत भी बनते बनते बन जाएगी। क्रोध पर नियंत्रण कैसे किया जाए इसके लिए भगवान बुद्ध की एक कहानी प्रासंगिक है । एक बार भगवान बुद्ध अपने प्रिय शिष्य आनंद के साथ वन गमन कर रहे थे ।

    रास्ते में एक बहुत बड़ा तालाब दिखाई दिया जिसमें बहुत सारे जानवर पानी पी रहे थे और कुछ जानवर उस पानी में अंदर तक जाकर नहा भी रहे थे। भगवान बुद्ध ने अपने आनंद को बोला कि मुझे प्यास लगी है क्यों ना पास के पेड़ के नीचे बैठ कर पानी पिया जाए। इसके लिए तुम जो सामने तालाब दिखाई दे रहा है उससे पानी लेकर आ जाओ।

    आनंद ने भगवान बुद्ध के आदेशानुसार तालाब के पास पानी लेने के लिए पहुंचता है , वहां देखता है कि तालाब का पानी बहुत ही गंदा हो रखा है, क्योंकि उसे जानवरों ने गंदा कर दिया है । गंदे पानी को देखकर आनंद खाली पात्र लेकर लौटता है और बोलता है तथागत इस तालाब का पानी पीने लायक नहीं है, क्योंकि जानवरों ने इस को गंदा कर दिया है।

    कुछ समय इंतजार करने के बाद भगवान बुद्ध पुनः आनंद को बोलते हैं कि अब फिर से जा कर पानी लेकर आ जाओ । आनंद आज्ञा अनुसार तालाब के किनारे जा कर देखता है कि पानी अभी भी गंदा लग रहा है जो कि पीने लायक नहीं है, फिर लौटकर आ जाता है ।

    कुछ समय बाद भगवान आनंद फिर से पानी लेने के लिए भेजते हैं । अब आनंद देखता है कि तालाब का पानी अब साफ सुथरा दिखाई दे रहा है। आनंद पानी को पात्र में भरकर तथागत को पीने के लिए देते हैं । तथागत पानी को देखकर आनंद से पूछते हैं की क्या यह वही पानी है, जिसको तुमने पहली बार जाकर के तालाब में देखा था ।

    आनंद कहता हां तथागत पानी तो वही है लेकिन उस समय यह बहुत ही गंदा था और पीने लायक भी नहीं था। तथागत पूछते हैं तो अब यह साफ कैसे हो गया ? आनंद जवाब देते हैं की जो गंदगी पानी के साथ मिली हुई थी वह अब नीचे बैठ गई है जिससे यह पानी साफ सुथरा हो गया है।

    इसी बात पर तथागत आनंद को कहते हैं ऐसे ही जब कोई व्यक्ति क्रोध से भरा रहता है । उस समय उसके मस्तिष्क में एक तरह की गंदगी जमा हो जाती है और उस समय वह व्यक्ति किसी भी प्रकार का कोई निर्णय लेता है तो वह गलत ही होता है या यूं कह सकते हैं कि उसके सोचने की क्षमता कम हो जाती है। कई बार इस क्रोध में वह कोई अपराध भी घटित कर देता है लेकिन यदि वह व्यक्ति कुछ समय के लिए चुप हो जाए या कोई बात ना करें, कोई काम ना करें तो उसका दिमाग शांत हो जाता है ।

    जैसे कि उस गंदे पानी में मिली हुई गंदगी कुछ समय के बाद नीचे बैठ जाती है और पानी साफ हो जाता है। वैसे ही दिमाग को कुछ समय देने पर दिमाग में फैली हुई गंदगी यानी क्रोध/ आक्रोश शांत हो जाता है और वह व्यक्ति कोई भी गलत निर्णय लेने से बच जाता है। कहने का मतलब यह है कि यदि क्रोध आए तो कुछ समय के लिए अपने दिमाग को समय दो एवं शांत हो जाए किसी से कोई बात ना करें।

    ऐसा करके हम ना तो किसी का नुक़सान कर पाएंगे और ना ही अपना खुद का भी।

     

    रतन लाल डांगी,

    आई जी बिलासपुर रेंज, छत्तीसगढ़

  • नवरात्रि, दशहरा, दिवाली में सड़कों पर पंडाल और स्वागत द्वार लगाने पर लगी रोक, लगेगा जुर्माना

    नवरात्रि, दशहरा, दिवाली में सड़कों पर पंडाल और स्वागत द्वार लगाने पर लगी रोक, लगेगा जुर्माना

    गौरेला पेंड्रा मरवाही: नवरात्रि, दशहरा एवं दीपावली उत्सव के दौरान सड़कों पर यातायात में अवरोध को ध्यान में रखते हुए सड़कों पर पंडाल एवं स्वागत द्वार नहीं लगाए जाएंगे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम गोरेला में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं दुर्गा उत्सव समितियों की बैठक हुई।

    बैठक में बताया गया कि आने वाले त्योहार नवरात्रि, दशहरा, दीपावली के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इन त्योहारों में सड़कों पर पंडाल और स्वागत द्वार नहीं लगाए जा सकेंगे। इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी किया है। कलेक्टर और एसपी को जारी परिपत्र में कहा गया है कि अब सड़कों पर पंडाल या स्वागत द्वार नहीं लगाए जा सकेंगे। प्रशासन की अनुमति के बिना यदि कोई पंडाल या स्वागत द्वार सड़क पर लगाया जाता है, तो इसे फौरन हटाया जाएगा।

    आदेश में यह भी कहा गया है कि धार्मिक और सामाजिक स्तर पर निकाले जाने वाले जुलूस में ध्वनि और वायु प्रदूषण न हो इसका भी पूरी तरह से ध्यान रखना होगा। तेज आवाज में डीजे बजाकर निकलने वाले जुलूस पर भी कार्रवाई होगी। सड़कों पर पंडाल या स्वागत द्वार बनाए जाने वालों पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।

    बैठक में अपर कलेक्टर बी सी एक्का, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पुष्पेंद्र शर्मा, देव सिंह उईके, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, नगरी प्रशासन के अधिकारी और दुर्गा उत्सव समिति के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।