Blog

  • विजय अग्रवाल की घर वापसी से बीजेपी खुश, कांग्रेसियों ने कहा बागी से डरने की कोई जरूरत नहीं….

    विजय अग्रवाल की घर वापसी से बीजेपी खुश, कांग्रेसियों ने कहा बागी से डरने की कोई जरूरत नहीं….

    रायगढ़। पूर्व विधायक विजय अग्रवाल की बीजेपी में वापसी हो गई है। बीजेपी में वापसी से जहां कार्यकर्ताओं में खुशी है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि जब वे अपनी पार्टी से ही कभी ईमानदार नहीं रहे तो ऐसे व्यक्ति से उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। जबकि शहर के एक वरिष्ठ पत्रकार कांग्रेस के अगले चुनाव में विजयी होने में विजय को ही सबसे बड़ा रोड़ा बता रहे हैं।

    मंगलवार को रायपुर में बीजेपी में कई बागी नेताओं के साथ अन्य दलों के नेता ज्वाइन हुए। रायगढ़ जिले में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व विधायक विजय अग्रवाल की घर वापसी को लेकर हो रहे हैं।  शहर में ऐसी चर्चा आम हो गई है की विजय अग्रवाल आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता ऐसा बिलकुल भी नहीं मानते। उनका मानना है की कांग्रेस के कार्यों को जनता काफी पास से देख रही है। ऐसे में एक बागी विधायक से उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। जबकि बीजेपी के नेता और एक वरिष्ठ पत्रकार से भी मुनादी ने बातचीत की। उनका मानना है की विजय अग्रवाल बीजेपी के लिए काफी फायदेमंद होंगे वहीं कांग्रेस के लिए नुकसान दायक।

    पार्टी में फूट के कारण नहीं मिलेगा सपोर्ट – अनिल शुक्ला, जिला अध्यक्ष कांग्रेस

    कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने कहा कि वे इस बात से निश्चिंत है की विजय अग्रवाल से उन्हें डरने की कोई जरूरत है। बागी विधायक को लेकर बीजेपी में पहले से फूट पड़ी हुई है। शहर विधायक का काम भी बेहतर है। बीजेपी के कार्यकाल के गड्ढों को पाटने में ही कांग्रेस का समय निकल रहा है। इसलिए जनता जनार्दन जानती है की क्या करना है।

     

    बागी विधायकों से डरने की कोई जरूरत नहीं – राकेश पाण्डेय, नेता, युथ कांग्रेस

    कांग्रेस के युवा नेता राकेश पांडेय ने मुनादी से हुई बातचीत में कहा की बागी विधायक से उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। जो अपनी पार्टी के नहीं हो सके वे जनता के क्या होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक प्रकाश नायक के कार्यों पर भरोसा है। इसी के भरोसे चुनाव की लड़ाई लड़ी जाएगी।

    विजय अग्रवाल का हर काम जनता के सामने – मुकेश जैन, वरिष्ठ बीजेपी नेता

    बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता मुकेश जैन ने कहा की विजय अग्रवाल की घर वापसी उन्हें आने वाले विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। विजय अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण काम कराएं है जो जनता के सामने है। जबकि शहर विधायक के पास एक भी काम नहीं है जो उन्होंने रायगढ़ विधानसभा के लिए किया हो। शहर विधायक के लिए बीजेपी का कोई भी कार्यकर्ता खतरा बन सकता है क्योंकि उनकी निष्क्रियता ही उन्हें ले डूबेगी।

  • रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी…रेलवे ने रद्द की 66 ट्रेनें…ये है वजह

    रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी…रेलवे ने रद्द की 66 ट्रेनें…ये है वजह

    बिलासपुर।  सीजन में रेल यात्रियों की परेशान बढ़ने वाली है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक साथ 66 ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

    बताया कि रायगढ़-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन का कार्य व ईब स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ने हावड़ा सेक्शन की 66 ट्रेनों को रद कर दिया गया। दोनों प्रमुख दिशाओं में परिचालन के लिए ट्रेनें ही नहीं बची हैं। आने वाले दिनों में यात्रियों को भारी परेशानियों से गुजरना होगा।

    वहीं यात्रियों के लिए राहत की खबर

    अनूपपुर-मनेंद्रगढ़, मनेंद्रगढ़-अंबिकापुर, और अंबिकापुर-शहडोल ट्रेन फिर से पटरी पर दौड़ेगी। रेल प्रबंधन ने बहाल हुई ट्रेनों के टाइम टेबल जारी किया है। ये ट्रेन 25 और 26 सितंबर से शुरू ट्रेनें होंगी।

    जबलपुर-इंदौर के बीच प्रतिदिन चलने वाली

    रेल मंत्रालय द्वारा गाड़ी संख्या 22191/22192 इंदौर-जबलपुर-इंदौर के बीच प्रतिदिन चलने वाली ओवर नाइट एक्सप्रेस का दिनांक 21.09.2022 से शुजालपुर स्टेशन पर प्रायोगिक तौर पर दोनो दिशाओं में छः माह के लिए ठहराव प्रदान किया गया है। गाड़ी की समय-सारणी- गाड़ी संख्या 22191 इंदौर-जबलपुर एक्सप्रेस शुजालपुर स्टेशन पर 21.42 बजे पहुँचकर, 21.44 बजे गन्तव्य के लिए प्रस्थान करेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 22192 जबलपुर-इंदौर एक्सप्रेस शुजालपुर स्टेशन पर 06.39 बजे पहुँचकर, 06.41 बजे गन्तव्य के लिये प्रस्थान करेगी।

  • ‘तुम्हें और तुम्हारे ठेकेदार को उल्टा टांग दूंगा’, कांग्रेस विधायक का वीडियो वायरल….

    ‘तुम्हें और तुम्हारे ठेकेदार को उल्टा टांग दूंगा’, कांग्रेस विधायक का वीडियो वायरल….

    मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर (Manendragarh Chirmiri Bharatpur) नवगठित जिले में दो विधानसभा हैं. दोनों पर कांग्रेस का कब्जा है. चुनाव की नजदीकियों को देखते हुए दोनों विधानसभा के विधायक इन दिनों आम लोगों पर अपनापन दिखाने की होड़ में जुटे हैं. एक विधायक जनसंपर्क में अपने वोटरों के साथ नाचते गाते दिख रहे हैं तो दूसरे विधायक जनता की समस्याओं पर आपा खोते नजर आ रहे हैं. इस बार भी मामला जिले के मनेन्द्रगढ (Manendragarh) विधायक डॉ विनय जायसवाल (Vinay jaiswal) से जुड़ा है. विधायक एक कर्मचारी और ठेकेदार को उल्टा टांग देने की धमकी देते सुने जा रहे हैं.

    उल्टा लटकाने की धमकी दी

    अपनी बदज़ुबानी और कारनामे के लिए मशहूर कांग्रेस विधायक डॉ विनय जायसवाल और विवादों का चोली दामन का साथ है. इस बार विधायक सफाई व्यवस्था को लेकर एसईसीएल के सफाई कर्मचारी पर नाराजगी जता रहे थे. नाराजगी जाहिर करने के तरीके में एक पढ़े लिखे डॉक्टर विधायक का व्यवहार नजर नहीं आया. विधायक विनय जायसवाल सफाई विभाग के कर्मचारी को फोन पर कहा कि “नाली भरी पड़ी है. शाम तक अगर सफाई नहीं हुई तो तेरे को और तेरे ठेकेदार को उल्टा टांग दूंगा तेरे को भी तेरे ठेकेदार को भी”.

    दरअसल जिस वक्त विधायक चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 31 में जनसंपर्क के लिए निकले थे उस वक्त उनकी पत्नी चिरमिरी महापौर कंचन जायसवाल भी उनके साथ थी. अगर विधायक एसईसीएल कर्मचारी और ठेकेदार को धमकी दे सकते हैं तो ऐसे में सफाई की जिम्मेदारी चिरमिरी नगर पालिक निगम के सफाई अमले की भी है. जिसके पास 100-150 सफ़ाई कर्मचारी हैं. नगर पालिका का कमान उनकी महापौर पत्नी के हाथों में है. जिस वार्ड में सफाई को लेकर विधायक नाराज हुए, उसी वार्ड में वो अपनी पत्नी के साथ रहते हैं.

    महिलाओं से पैर धुलवाने का वीडियो हुआ था वायरल

    मनेन्द्रगढ विधायक डॉ विनय जायसवाल समय-समय पर सुर्खियों में रहने के आदी हो चुके हैं. एक बार वो “भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार” है कहकर विवादों में आये थे. इसके अलावा कुछ दिनों पहले महिलाओं से पैर धुलवाने का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था जिसमें विधायक की जमकर किरकिरी हुई थी. इतना ही नहीं पिछले साल दीपावली मिलन में पत्रकारों और महिला कांग्रेस नेताओं को स्वेक्षानुदान की राशि बांटने के मामले में विधायक चर्चा में आ चुके हैं. इसके पहले भी कुछ नेता अधिकारियों और कर्मचारियों को उल्टा लटका चुके हैं जिसका अंजाम ये हुआ कि आम लोगों और उन्हीं कर्मचारियों ने उन्हें उल्टा लटका दिया.

    इस संबंध में विधायक डॉ विनय जायसवाल का कहना है कि एसईसीएल के प्रबंधन के स्वामित्व जो कॉलोनियां उसमें साफ-सफाई का 12 करोड़ रुपए का ठेका हुआ. वहां दो-तीन आदमी काम करते हैं. उन्होंने कहा कि इन्होंने आकंठ भ्रष्टाचार किया हुआ है. पूरी कालोनियों की नालियां बजबजा रही है. उन्होंने कहा कि कई बार संज्ञान देने के बाद, बात करने के बाद, चिट्ठी लिखने के बाद भी उनके कान में जूं नहीं रेंग रहा. कोल इंडिया जीएम से संचालित होता है इसलिए कड़े शब्दों में बोला गया कि साफ-सफाई करवाइए. उन्होंने कहा कि उल्टा टांगने का मतलब ये नहीं कि उल्टा टांग देंगे.

  • “क्रोध एवम क्राइम का रिश्ता”…….यदि व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने क्रोध पर काबू पा ले तो बहुत बड़े क्राइम को करने से बच जाता है- IG डांगी

    “क्रोध एवम क्राइम का रिश्ता”…….यदि व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने क्रोध पर काबू पा ले तो बहुत बड़े क्राइम को करने से बच जाता है- IG डांगी

    बिलासपुर| देखने में आया है की समाज में ज्यादातर क्राइम क्रोध के कारण होते हैं। यदि व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने क्रोध पर काबू पा ले तो बहुत बड़े क्राइम को करने से बच जाता है। देखने में आता है कि परिवारों में चाहे आपसी रिश्तों में खटास का कारण भी क्रोध ही होता है।छोटी छोटी बातों पर व्यक्ति क्रोधित होकर मारपीट पर उतर जाते है। कई बार तो क्रोधित व्यक्ति हत्या जैसे जघन्य अपराध भी कर बैठता है।

    आजकल युवाओं के बीच छोटी छोटी बातों को लेकर आपसी विवाद भी हत्या/हत्या का प्रयास /अपहरण जैसे अपराध घटित कर देते हैं। इसका एक ही कारण हैं उनमें क्रोध का उपजना। लोगों में सहन शक्ति खत्म सी हो गई है। इसके साथ चाहे आपसी झगड़े हो, कॉलेज-स्कूलों में होने वाले झगड़े हो, पड़ोसी के साथ झगड़ा हो, पार्किंग को लेकर,साइड नहीं देने के कारण,किसी कमेंट्स को लेकर आए दिन घटनाएं घटित होने की रिपोर्ट थानों में होती है।और इन सबका भी कारण भी लोगों में क्षणिक गुस्सा आना।

    क्रोध के कारण पता नहीं कितने घर, कितने परिवार नष्ट हो चुके हैं, क्योंकि क्रोध के समय बुद्धि का विनाश हो जाता है । पता नहीं इंसान क्या कर दे। इसने पता नहीं कितने घर जला दिए, कितनी खुशियां जला दी, अब तो हम इसे छोड़ ही दें।

    ऐसा कुछ ना करें जिससे किसी का क्रोध बढ़े, हम किसी की कमजोरी का नाजायज लाभ ना उठाएं। जो भूल एक बार हो चुकी हो उसे न दोहराएं। वातावरण को शांत बनाने सहयोग दें। इंसान है, तो इंसान ही बने रहे ,हैवान न बने ,क्रोध इंसान को हैवान बना देता है। वैसे भी जहां क्रोध होता है वहां कभी सुख नहीं होता।

    जितना हो सके इससे बचें। क्रोध घर में कभी सुख शांति नहीं आने देता। क्रोध से दूसरों को तो कष्ट पहुंचता ही है,हमें भी अंदर से खोखला कर देता है । क्रोध में मानव कई बार ऐसा अनर्थ कर देता है जिससे उसे जीवन पर्यंत पछताना पड़ता है। क्यों न इस क्रोध रूपी हानि अथवा कष्ट से बचने का प्रयास किया जाए जिसके रहते शांति और तनाव बढ़ता है और कभी शांति प्राप्त नहीं हो सकती ।

    जब भी क्रोध आता है वह किसी न किसी पर तो उतरता ही है । इससे हमारा हमारे अपनों का मन दुखी तो होता ही है साथ में घर का वातावरण भी खराब हो जाता है । यदि उस क्षण स्वयं को संभालने और सही समय पर उस मुद्दे को उठाए तो बात का वजन बढ़ जाएगा। यदि आप सचमुच क्रोध को स्वयं से दूर रखना चाहते हैं तो इसके लिए प्रयत्न भी स्वयं ही करने पड़ेंगे।

    क्रोध पर नियंत्रण पाना कठिन है परंतु असंभव नहीं। यदि हमने अपना शेष जीवन सुख शांति से व्यतीत करना है तो एकांत में बैठकर सोचे कि अपने क्रोध पर कैसे नियंत्रण पाया जाए, कौन से तरीके अपनाए। क्योंकि अपने आपको अपने आप से अधिक कौन जानता है ?

    आपके सोचने पर इसका उपाय अवश्य मिल जाएगा। इसी प्रकार हमें अपने त्रुटियों तथा कमजोरियों का भी पता चल सकता है। छोटी-छोटी बातों पर क्रोध कर हम अपने बहुमूल्य क्षण नष्ट ना करें । समय और स्थिति को समझते हुए स्वयं पर नियंत्रण करना सीखें ।

    अभी क्रोध करने की आदत बनी हुई है कल इसे छोड़ने की आदत भी बनते बनते बन जाएगी। क्रोध पर नियंत्रण कैसे किया जाए इसके लिए भगवान बुद्ध की एक कहानी प्रासंगिक है । एक बार भगवान बुद्ध अपने प्रिय शिष्य आनंद के साथ वन गमन कर रहे थे ।

    रास्ते में एक बहुत बड़ा तालाब दिखाई दिया जिसमें बहुत सारे जानवर पानी पी रहे थे और कुछ जानवर उस पानी में अंदर तक जाकर नहा भी रहे थे। भगवान बुद्ध ने अपने आनंद को बोला कि मुझे प्यास लगी है क्यों ना पास के पेड़ के नीचे बैठ कर पानी पिया जाए। इसके लिए तुम जो सामने तालाब दिखाई दे रहा है उससे पानी लेकर आ जाओ।

    आनंद ने भगवान बुद्ध के आदेशानुसार तालाब के पास पानी लेने के लिए पहुंचता है , वहां देखता है कि तालाब का पानी बहुत ही गंदा हो रखा है, क्योंकि उसे जानवरों ने गंदा कर दिया है । गंदे पानी को देखकर आनंद खाली पात्र लेकर लौटता है और बोलता है तथागत इस तालाब का पानी पीने लायक नहीं है, क्योंकि जानवरों ने इस को गंदा कर दिया है।

    कुछ समय इंतजार करने के बाद भगवान बुद्ध पुनः आनंद को बोलते हैं कि अब फिर से जा कर पानी लेकर आ जाओ । आनंद आज्ञा अनुसार तालाब के किनारे जा कर देखता है कि पानी अभी भी गंदा लग रहा है जो कि पीने लायक नहीं है, फिर लौटकर आ जाता है ।

    कुछ समय बाद भगवान आनंद फिर से पानी लेने के लिए भेजते हैं । अब आनंद देखता है कि तालाब का पानी अब साफ सुथरा दिखाई दे रहा है। आनंद पानी को पात्र में भरकर तथागत को पीने के लिए देते हैं । तथागत पानी को देखकर आनंद से पूछते हैं की क्या यह वही पानी है, जिसको तुमने पहली बार जाकर के तालाब में देखा था ।

    आनंद कहता हां तथागत पानी तो वही है लेकिन उस समय यह बहुत ही गंदा था और पीने लायक भी नहीं था। तथागत पूछते हैं तो अब यह साफ कैसे हो गया ? आनंद जवाब देते हैं की जो गंदगी पानी के साथ मिली हुई थी वह अब नीचे बैठ गई है जिससे यह पानी साफ सुथरा हो गया है।

    इसी बात पर तथागत आनंद को कहते हैं ऐसे ही जब कोई व्यक्ति क्रोध से भरा रहता है । उस समय उसके मस्तिष्क में एक तरह की गंदगी जमा हो जाती है और उस समय वह व्यक्ति किसी भी प्रकार का कोई निर्णय लेता है तो वह गलत ही होता है या यूं कह सकते हैं कि उसके सोचने की क्षमता कम हो जाती है। कई बार इस क्रोध में वह कोई अपराध भी घटित कर देता है लेकिन यदि वह व्यक्ति कुछ समय के लिए चुप हो जाए या कोई बात ना करें, कोई काम ना करें तो उसका दिमाग शांत हो जाता है ।

    जैसे कि उस गंदे पानी में मिली हुई गंदगी कुछ समय के बाद नीचे बैठ जाती है और पानी साफ हो जाता है। वैसे ही दिमाग को कुछ समय देने पर दिमाग में फैली हुई गंदगी यानी क्रोध/ आक्रोश शांत हो जाता है और वह व्यक्ति कोई भी गलत निर्णय लेने से बच जाता है। कहने का मतलब यह है कि यदि क्रोध आए तो कुछ समय के लिए अपने दिमाग को समय दो एवं शांत हो जाए किसी से कोई बात ना करें।

    ऐसा करके हम ना तो किसी का नुक़सान कर पाएंगे और ना ही अपना खुद का भी।

     

    रतन लाल डांगी,

    आई जी बिलासपुर रेंज, छत्तीसगढ़

  • नवरात्रि, दशहरा, दिवाली में सड़कों पर पंडाल और स्वागत द्वार लगाने पर लगी रोक, लगेगा जुर्माना

    नवरात्रि, दशहरा, दिवाली में सड़कों पर पंडाल और स्वागत द्वार लगाने पर लगी रोक, लगेगा जुर्माना

    गौरेला पेंड्रा मरवाही: नवरात्रि, दशहरा एवं दीपावली उत्सव के दौरान सड़कों पर यातायात में अवरोध को ध्यान में रखते हुए सड़कों पर पंडाल एवं स्वागत द्वार नहीं लगाए जाएंगे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम गोरेला में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं दुर्गा उत्सव समितियों की बैठक हुई।

    बैठक में बताया गया कि आने वाले त्योहार नवरात्रि, दशहरा, दीपावली के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इन त्योहारों में सड़कों पर पंडाल और स्वागत द्वार नहीं लगाए जा सकेंगे। इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी किया है। कलेक्टर और एसपी को जारी परिपत्र में कहा गया है कि अब सड़कों पर पंडाल या स्वागत द्वार नहीं लगाए जा सकेंगे। प्रशासन की अनुमति के बिना यदि कोई पंडाल या स्वागत द्वार सड़क पर लगाया जाता है, तो इसे फौरन हटाया जाएगा।

    आदेश में यह भी कहा गया है कि धार्मिक और सामाजिक स्तर पर निकाले जाने वाले जुलूस में ध्वनि और वायु प्रदूषण न हो इसका भी पूरी तरह से ध्यान रखना होगा। तेज आवाज में डीजे बजाकर निकलने वाले जुलूस पर भी कार्रवाई होगी। सड़कों पर पंडाल या स्वागत द्वार बनाए जाने वालों पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।

    बैठक में अपर कलेक्टर बी सी एक्का, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पुष्पेंद्र शर्मा, देव सिंह उईके, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, नगरी प्रशासन के अधिकारी और दुर्गा उत्सव समिति के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

  • कैश में लेन-देन कर रहे हैं? कहीं घर न आ जाए इनकम टैक्स का नोटिस, ऐसे ट्रांजैक्शन पर रहती है टैक्स अथॉरिटी की नजर

    कैश में लेन-देन कर रहे हैं? कहीं घर न आ जाए इनकम टैक्स का नोटिस, ऐसे ट्रांजैक्शन पर रहती है टैक्स अथॉरिटी की नजर

    आईटी डिपार्टमेंट एक खास लिमिट के ऊपर के वैल्यू के ट्रांजैक्शन पर नजर रखता है. इसमें बैंक डिपॉजिट, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री से जुड़ा लेन-देन, म्युचुअल फंड में निवेश या फिर शेयरों की ट्रेडिंग सहित कई अन्य ऐसे ट्रांजैक्शन हैं, जिनमें एक लिमिट के ऊपर का ट्रांजैक्शन नोटिस को बुलावा दे सकता है.

  • अवैध बेजा कब्जा हटाने को लेकर ग्राम पतरापाली के ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन…

    अवैध बेजा कब्जा हटाने को लेकर ग्राम पतरापाली के ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन…



    खरसिया । आज ग्राम पतरापाली के सैकड़ों ग्रामीण अवैध बेजा कब्जा हटाने की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय खरसिया पहुंचे, जहाँ उन्होंने खरसिया एसडीएम को ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने बताया की ग्राम पतरापाली स्थित खसरा नं. 322 / 2 व 322 / 1 उक्त भूमि (चुरैल झौरखा) श्मशान घाट के नाम से सुरक्षित हैं, जिसे अवैध रूप से कोई बाहरी व्यक्ति द्वारा ढावा (होटल) बनाकर चलाया जा रहा है । जिसे तत्काल हटाया जाये ताकि वहां ग्रामीणों के लिए मुक्तिधाम बनाया जा सके। वही
    ग्राम पतरापाली में (कोटवारी) सेवाभूमि जमीन पर अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा कब्जा करके होटल बनाकर संचालन किया जा रहा है। जिसे ग्रामवासियों के द्वारा पुछताछ किये जाने पर उक्त व्यक्ति द्वारा क्रय किया हूं बोला गया, जबकि सेवा भूमि को क्रय विक्रय या मद् परिवर्तन करने का अधिकार नही है तथा ग्राम पतरापाली में आदिवासियों को आंवटन के तहत शासन के द्वारा खेती करने के लिये दिया गया था, जिसे गैर आदिवासियों द्वारा खरीदी कर आदिवासियों के नाम से किया गया है। जिसे गैरआदिवासियों द्वारा कब्जा किया जाकर फलाईएस मिटटी मूरुम पाटा गया है। जिसे 170 ख के अंतर्गत कार्यवाही किया जाकर, गैरआदिवासियों द्वारा हो रहे, अतिक्रमण को हटाया जाए, ग्राम पतरापाली में ऐसा कई मामला है। जो आदिवासियों की जमीन को खरीदकर, अपन किसी परिचित आदिवासी व्यक्ति के नाम पर रजिस्ट्री कर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जिसे रोकना अति आवश्यक है। वही दिनांक 20.09.2022 को अन्य व्यक्ति के द्वारा ईटा गिराकर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

    उपरोक्त प्लाट पर बन रहे अवैध कालोनी होटल पर अगर उचित कार्यवाही नही किया गया तो ग्रामीण दिनांक 29.09.2022 को एन. एवं 49 राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम करेगे। इसके बाद भी अवैध प्लाट वालों के विरूद्ध कार्यवाही नही होता है। तो 1.10.2022 से एन.एच 49 राष्ट्रीय राजमार्ग को चक्का जाम किया जावेगा।

  • डॉ राम विजय शर्मा के शोधपत्र की सराहना…

    डॉ राम विजय शर्मा के शोधपत्र की सराहना…


    खरसिया। विगत दिनों संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व छत्तीसगढ़ शासन के तत्वाधान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन 16 सितंबर से 18 सितंबर 2000 तक रायपुर में किया गया। संगोष्ठी का विषय छत्तीसगढ़ की संस्कृति संवाहक सरिताए था। तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, असम आदि राज्यों के इतिहासकार, पुरातत्ववेत्ता, शोधकर्ता एवं विद्वान शरीक हुए। इस संगोष्ठी में इतिहासकार एवं पूर्व तहसीलदार डॉ. राम विजय शर्मा भी शामिल हुए और उन्होंने अपना शोधपत्र इंद्रावती नदी और उसका ऐतिहासिक धार्मिक एवं आर्थिक महत्व प्रस्तुत किया इंद्रावती नदी पर प्रस्तुत शोध पत्र के विद्वानों ने सराहना की। उल्लेखनीय है कि डॉ राम विजय शर्मा ने इंद्रावती नदी और महानदी पर बहुत अच्छा काम किया है उन्होंने 1 मार्च 2010 को विश्व इंद्रावती सेवक समाज तथा 14 जनवरी 2012 को भारत महानदी सेवक समाज का गठन किया था।

  • रायगढ़ एडिशनल एसपी सहित राज्य के 39 पुलिस अधिकारियों का तबादला…

    रायगढ़ एडिशनल एसपी सहित राज्य के 39 पुलिस अधिकारियों का तबादला…

    राज्य सरकार ने राज्य पुलिस सेवा के 39 अधिकारियों का तबादला किया है। इसमें कुछ एडिशनल एसपी हैं तो कई डीएसपी भी हैं। रायगढ़ जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले का तबादला कर दिया गया है और उनकी जगह दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव को रायगढ़ लाया गया है।



    इसके अलावा रायगढ़ के खाली CSP पद पर अभिनव उपाध्याय को लाया गया है। यहां पर अभी तक धर्मजयगढ़ एसडीओपी दीपक मिश्रा इस पद के प्रभारी के बतौर कार्य कर रहे थे। इस पद के लिए आ रहे अभिनव उपाध्याय बीजापुर में पदस्थ थे।

  • पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग ,यात्रियों में मची अफरा तफरी…

    पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग ,यात्रियों में मची अफरा तफरी…

    रायगढ़ से बिलासपुर जाने वाली मेमू पैसेंजर के इंजन में आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही रेल प्रशासन ने इंजन के उपर लगी आग को बुझाकर उसे बोगी से अलग किया और दूसरे इंजन के साथ ट्रेन को बिलासपुर की तरफ रवाना किया। आगजनी की इस घटना से यह यात्री ट्रेन लगभग दो घंटे तक स्टेशन में खड़ी रही।



    रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह 9 बजे रायगढ़ से बिलासपुर जाने वाले रायगढ़ बिलासपुर मेमू लोकल के इंजन में आग लगने की जानकारी मिलते ही ट्रेन को तत्काल रोक लिया गया। यह घटना खरसिया स्टेशन में घटी। आगजनी की जानकारी मिलने के बाद कुछ देर तक यात्रियों में मची अफरा तफरी का माहौल बना रहा।



    जानकारी मिलने के बाद रेल विभाग के अधिकारियों ने मेमू के इंजन को अलग करके दूसरा इंजन पैसेंजर ट्रेन में लगाया तब कहीं जाकर ट्रेन को बिलासपुर रवाना किया गया। रेल इंजन में आगजनी की घटना समय पर मिल जाने से बड़ी घटना टल गई और इस दुर्घटना से करीब दो घंटे तक इस यात्री ट्रेन को रोके रखने के बाद दूसरा इंजन लगाकर आखिरकार आगे रवाना किया गया।