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  • रेप पीड़िता के खिलाफ ये Action चाहता है BJP का चिन्मयानंद…

    रेप पीड़िता के खिलाफ ये Action चाहता है BJP का चिन्मयानंद…

    दिल्ली. यौन शोषण के मामले में जेल में बंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने जेल से सोमवार को एक पत्र भेजकर पुलिस अधीक्षक से मांग की कि उनसे पांच करोड़ की रंगदारी मांगने की आरोपी बलात्कार पीड़िता समेत चारों आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए. स्वामी चिन्मयानंद की सुप्रीम कोर्ट की वकील पूजा सिंह ने बताया कि सीजेएम ओमवीर सिंह की अदालत में उन्होंने गैंगस्टर एक्ट लगाने के लिए जो प्रार्थना पत्र दिया था, उस पर सुनवाई होने के बाद आदेश को सुरक्षित कर लिया गया है।

    वहीं, जेल अधिकारी ने बताया कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने उन्हें एक पत्र दिया है जिसमें उनसे पांच करोड़ की रंगदारी मांगने वाले आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई. यह पत्र विभागीय डाक से पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर के पास भेज दिया गया है. चिन्मयानंद ने लिखा है कि वह नौ अगस्त को अपने आवास पर बैठे थे तभी सचिन सेंगर उनके पास आया और उनसे कहा कि आपकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के उसके पास पूरे सबूत हैं, आप पांच करोड़ रुपए दे दो नहीं तो आपके विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।

    चिन्मयानंद द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आरोपी संजय विक्रम सचिन और पीड़िता को रंगदारी मामले में एसआईटी ने दोषी पाया है जिन्हें जेल भी भेजा जा चुका है. वहीं उन्होंने एसआईटी के प्रेस नोट का हवाला देते हुए कहा कि उक्त चारों आरोपियों के अलावा अन्य लोग भी गिरोह बनाकर इस मामले में संलिप्त होकर अपराध कर रहे हैं. पत्र में उन्होंने आरोपी की मां को भी अपराधिक एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त बताया गया है. साथ ही पीड़िता के पिता पर दो मुकदमे का विवरण दिया है।

    गौरतलब है कि स्वामी चिन्मयानंद पर उन्हीं के कालेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने वीडियो वायरल करके यौन शोषण का आरोप लगाया था. उसके बाद पीड़िता लापता हो गई थी. पीड़िता की ओर से चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. उधर, चिन्मयानंद के वकील ने पांच करोड़ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें पीड़िता समेत चार आरोपियों को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जेल भेज दिया है. यौन शोषण के मामले में चिन्मयानंद भी जेल में बंद हैं।

  • मंत्री कवासी लखमा बोले- किसानों का कर्जा एक बार किया माफ, अब नहीं होगा

    मंत्री कवासी लखमा बोले- किसानों का कर्जा एक बार किया माफ, अब नहीं होगा

    धमतरी। आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा के बयान ने राजनीतिक गलियारे में खलबली मचा दी है. धमतरी प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए लखमा ने कहा है कि एक बार किसानों का कर्जा माफ कर दिया है, अब आने वाले वर्षो में सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं करेगी.मंत्री लखमा ने कहा कि कर्जमाफी के बाद किसानों ने और अधिक मात्रा में बैंकों से कर्ज लिया है. भूपेश सरकार ने किसानों का धान 2500 रुपये में लेने का ऐलान किया था और जब तक यह सरकार है किसानों का धान इस कीमत पर खरीदेंगे. बता दें कि मंत्री कवासी लखमा अपने बयानों को लेकर लगातार मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं, कुछ दिनों पहले उन्होंने अपने गृहग्राम में बलि प्रथा फिर से प्रारंभ करने की बात कही थी. इस बयान को लेकर भी सियासी गलियारों में बवाल मचा हुआ है, हालांकि सीएम भूपेश बघेल ने मामले को शांत करते हुए कहा था कि उन्हें समझाया जाएगा. लेकिन यह मामला शांत होता उससे पहले ही फिर से बड़ा बयान सामने आ चुका है. कर्जमाफी की जिस घोषणा की बदौलत छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की बड़ी जीत हुई थी. उसी घोषणा पर दिए गए बयान ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारे में खलबली मचा दी है. चूंकि आने वाले दिनों में नगरीय निकाय चुनाव संपन्न होना है. ऐसे में विपक्षी दलों के लोग इस बयान को राजनीतिक मुद्दा भी बना सकते हैं.
  • अब इस बैंक में हुआ 11 हजार करोड़ का लोन घोटाला…पूर्व चेयरमैन समेत कई अधिकारियों पर मामला दर्ज…देशभर में 16 ठिकानों पर ACB का छापा…

    अब इस बैंक में हुआ 11 हजार करोड़ का लोन घोटाला…पूर्व चेयरमैन समेत कई अधिकारियों पर मामला दर्ज…देशभर में 16 ठिकानों पर ACB का छापा…

    जम्मू। जम्मू-कश्मीर बैंक में सामने आई 1,100 करोड़ रुपये की कथित लोन धोखाधड़ी के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उक्त राशि बैंक द्वारा राइस एक्सपोर्ट्स इंडिया एग्रो लिमिटेड को दी गई थी।
    एसीबी के एक प्रवक्ता ने यहां एक बयान में कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद, विभिन्न टीमों ने बैंक के पूर्व अध्यक्ष मुश्ताक अहमद शेख समेत 12 से अधिक आरोपी बैंक अधिकारियों के कश्मीर, जम्मू और दिल्ली स्थित घरों पर छापेमारी की। इनमें कश्मीर में 9, जम्मू में 4 और दिल्ली में 3 ठिकाने शामिल हैं।
    कंपनी ने अपना मुख्यालय कोलकाता और कॉरपोरेटर आफिस दिल्ली में बताया और लोन के लिए मुंबई महिम शाखा से संपर्क किया, जबकि मुंबई में उसका कोई कार्यालय नहीं था। मिलीभगत से महिम मुंबई शाखा ने 550 करोड़ रुपये का लोन मंजूर किया। इसी तरह कंपनी ने बैंक की वसंत विहार अंसल प्लाजा शाखा से 139 करोड़ रुपये का लोन मंजूर करवाया।


    जून में J&K बैंक के चेयरमैन परवेज़ अहमद हटाए गए
    बता दें कि जून महीने में जम्मू-कश्मीर सरकार ने जम्मू एंड कश्मीर बैंक के चेयरमैन परवेज अहमद को हटा दिया था। अहमद को 2016 में बैंक का चेयरमैन बनाया गया था। परवेज अहमद को जम्मू-कश्मीर बैंक के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के तुरंत बाद राज्य के विजिलेंस ब्यूरो ने शनिवार को श्रीनगर में बैंक के मुख्यालय पर छापेमारी की।
    अधिकारियों ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो करीब 1200 नियुक्तियों के रिकॉर्ड को देख रहा था। ये नियुक्तियां राज्य की पूर्ववर्ती पीडीपी- भाजपा सरकार के राजनीतिक आकाओं के कहने पर अहमद के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर की गई थीं।

  • राज्य सरकार का बड़ा फैसला, 2 से ज्यादा बच्चे, तो नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

    राज्य सरकार का बड़ा फैसला, 2 से ज्यादा बच्चे, तो नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

    देश की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, बढ़ती जनसंख्या पर पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बार 15 अगस्त के अवसर पर लाल किले से अपने संबोधन में चिंता व्यक्त की थी, अब इस सिलसिले में असम सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में 2020 के बाद किसी व्यक्ति के अगर दो से अधिक बच्चे होंगे तो उन्हें सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी।

    असम सरकार ने बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, प्रदेश में अब एक जनवरी 2021 के बाद से दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी, इस संबंध में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद असम जनसंपर्क विभाग की ओर से इस फैसले के संबंध में एक बयान भी जारी किया गया है।

    इसमें कहा गया है कि छोटे परिवार के मानक के अनुसार एक जनवरी 2021 से दो से अधिक बच्चे वालों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी, कैबिनेट की बैठक में अन्य मुद्दों पर भी फैसला लिया गया, इसके तहत नई भूमि नीति को भी मंजूरी दी गयी जिससे भूमिहीन लोगों को प्रदेश में तीन बीघा कृषि भूमि और मकान बनाने के लिए आधा बीघा जमीन मिलेगी।
    बता दें कि इस बार 15 अगस्त के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की थी, उन्होंने कहा था कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर हमें आने वाली पीढ़ी के लिए सोचना होगा. पीएम मोदी ने कहा था कि सीमित परिवार से परिवार के साथ देश का भी भला होगा।

  • समय पर एंबुलेंस ना मिलने की वजह से अभिनेत्री की मौत…

    समय पर एंबुलेंस ना मिलने की वजह से अभिनेत्री की मौत…

    महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में एंबुलेंस समय पर उपलब्ध ना होने के कारण, एक मराठी अभिनेत्री और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। मृतक अभिनेत्री की पहचान पूजा जुंजर के रूप में हुई। रिश्तेदारों के मुताबिक पूजा के डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ गई थी, और दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना था, लेकिन एंबुलेंस ना मिलने से देरी हो गई और पूजा की मौत हो गई। बता दें कि, पूजा ने दो मराठी फिल्मों में काम किया है।

  • त्योहारी सीजन में सस्ते होम लोन से पूरा करें घर का सपना…ये रहे 10 बैंकों के ऑफर…

    त्योहारी सीजन में सस्ते होम लोन से पूरा करें घर का सपना…ये रहे 10 बैंकों के ऑफर…

    लगभग हर आदमी के लिए घर खरीदना एक बड़ा सपना होता है और होम लोन इसे पूरा करना आसान बना देता है। इसीलिए ज्यादातर लोग सपनों का घर खरीदने के लिए यह कर्ज को जरूर लेते हैं।
    इन दिनों वैसे भी उधारी दरें खासी कम हैं, साथ में त्योहारों के मौसम में बैंक और बिल्डर कई तरह की पेशकश भी कर रहे हैं। अगर आपने अभी तक घर नहीं खरीदा है तो आपके लिए अच्छा मौका है।
    दरअसल, मांग बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक (आरबीआई) वर्ष 2019 में प्रमुख नीतिगत दरो यानी रेपो दरों में 1.35 फीसदी की कटौती कर चुका है। वहीं, सरकारी और निजी बैंकों ने भी इसका फायदा ग्राहकों को देने का रास्ता साफ कर दिया है।

    ज्यादातर बैंक या तो अपनी बेंचमार्क उधारी दर में कटौती कर चुके हैं या फिर अपने हर तरह के कर्ज को बाह्य बेंचमार्क से जोड़ चुके हैं। इस प्रकार होमलोन की औसत उधारी दर लगभग 8.50 फीसदी के आसपास बनी हुई है। सुरक्षित होने के कारण बैंकों द्वारा खुदरा कर्जों में होमलोन पर ब्याज भी सबसे कम रखी जाती है।


    ईएमआई को समझें कल का निवेश
    हालांकि, होमलोन लेने के बाद आपके ऊपर भारी-भरकम ईएमआई का बोझ पड़ सकता है, जो कई मामलों में आपके मकान के किराये से भी ज्यादा हो सकता है। ऐसे में आपको अपनी ईएमआई को निवेश के तौर पर लेना चाहिए।
    भले ही इन दिनों प्रॉपर्टी की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन दीर्घावधि में इस बाजार में कीमतें बढ़ने की पूरी संभावना है। यह निवेश आपके लिए फायदेमंद भी होगा। खास बात यह है कि इस निवेश में जोखिम भी नहीं है।

    कौन-सा बैंक दे रहा प्रोसेसिंग फीस पर छूट
    पंजाब एंड सिंध बैंक होम लोन के लिए ग्राहकों से किसी प्रकार का प्रोसेसिंग शुल्क नहीं वसूल रहा है। वहीं सिंडिकेट बैंक 25 लाख तक के होमलोन पर महज 0.125 फीसदी या न्यूनतम 500 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क वसूल रहा है। वहीं यूनियन बैंक और सिंडिकेट बैंक का लोन सबसे सस्ता है। यूनियन बैंक 8.15 से 8.30 फीसदी तक और सिंडिकेट बैंक 8.15 से 8.40 फीसदी तक ब्याज दर वसूल रहा है।

    सस्ता लोन देने वाले टॉप 10 बैंक
    बैंक ब्याज दर (फीसदी में)
    1. यूनियन बैंक 8.15-8.30
    2. सिंडिकेट बैंक 8.15-8.40
    3. एसबीआई 8.20-8.55
    4. सेंट्रल बैंक 8.25-8.55
    5. पीएनबी 8.25-8.55
    6. बैंक ऑफ इंडिया 8.35
    7. ओबीसी 8.35-8.55
    8. एचडीएफसी बैंक 8.35-9.15
    9. बीओबी 8.35-9.35
    10. आंध्र बैंक 8.35-9.50

  • सिक्का नहीं लेना राजद्रोह है, करें 144040 पर शिकायत

    सिक्का नहीं लेना राजद्रोह है, करें 144040 पर शिकायत

    कोई दुकानदार या व्यक्ति आरबीआई द्वारा जारी सिक्कों नहीं लेता हैं, या लेने से इंकार करता हैं, तो उस पर राजद्रोह का मामला दर्ज कराया जा सकता हैं। भारत में वैध मुद्रा लेने से इनकार करने वालो पर आईपीसी की धारा 124(1) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। मुद्रा या नोट लेने का वचन भारत सरकार की तरफ से दिया जाता है। शिकायत दर्ज करवाने के लिए आरबीआई ने टॉल फ्री नम्बर 144040 भी जारी किया है। ग्राहक शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से सिक्कों को लेकर भ्रामक सूचना को दूर करने के लिए लोगों को मोबाइल पर मैसेज भेजकर जानकारी दी जा रही है। जिसमें बताया जा रहा है कि किसी भी तरह के सिक्के बंद नहीं किए गए हैं। सभी तरह के सिक्के मान्य हैं।

    दुकानदारों की ओर से सबसे ज्यादा भ्रम 10 के सिक्कों को लेकर भ्रामकता के बारे में पहले भी आरबीआई को शिकायतें मिल चुकी हैं। 10 के सिक्के का लेनदेन जारी रहेगा।

  • डेटा सुरक्षा कानून जल्द संसद में होगा पेश…रविशंकर प्रसाद

    डेटा सुरक्षा कानून जल्द संसद में होगा पेश…रविशंकर प्रसाद

    केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फिर एक बार डेटा सुरक्षा कानून को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, डेटा एक बड़ी सम्पत्ति के रूप में उभर रहा है। हम अपने डेटा सुरक्षा कानून पर काम कर रहे हैं और यह जल्द ही संसद में जाएगा।

    बता दें भारत में बड़े पैमाने पर डेटा चोरी के मामले हो चुके हैं, जैसे 2017 में याहू कम्पनी के करीब 3 अरब एकाउंट पर हैकर्स ने हाथ साफ कर दिया था।

  • सतर्क..मेडिकल स्टोर्स से दवा खरीदते वक्त ये लाल निशान जरूर देखें…

    सतर्क..मेडिकल स्टोर्स से दवा खरीदते वक्त ये लाल निशान जरूर देखें…

    डॉक्टर से बिना पूछे लोग अक्सर मेडिकल स्टोर से दवा खरीद लाते हैं, इसलिये सरकार इसको लेकर कई अहम जानकारियां दे रही है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दवा के पैकेट पर लाल निशान हो तो उस दवा का सेवन बिना डॉ के परामर्श के न करें। लाल निशान का मतलब होता है, ‘इस तरह की दवाए बिना डॉ. के पर्चे की नही दी जा सकती।’ एंटीबायोटिक दवाओ के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए ये लाल पट्टी दी जाती है।

  • झोलाछाप डॉक्टर्स के डिग्री-डिप्लोमा की होगी जाँच..स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की दो टूक.. जांच करें पर इलाज और दवाई की सलाह न दे..

    झोलाछाप डॉक्टर्स के डिग्री-डिप्लोमा की होगी जाँच..स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की दो टूक.. जांच करें पर इलाज और दवाई की सलाह न दे..

    रायपुर: प्रदेश में बढ़ रही मौसमी बीमारी के मद्देनजर जिलों में झोलाछाप चिकित्सको की बाढ़ सी आ गई. बिना किसी प्रैक्टिस और डिग्री-डिप्लोमा के यह कथित डॉक्टर्स घर-घर जाकर मरीजों का इलाज कर रहे है. बात करें कोरबा की तो पीछे कुछ महीने में दो ऐसे मामले सामने आये है जिनमे झोलाछाप डॉक्टर्स से इलाज कराने की कीमत मरीजों को अपने जान से हाथ धोकर चुकानी पड़ी है.
    इसी पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्री टीएस सिंहदेव से जानकारी प्राप्त हुई की झोलाछाप डॉक्टर्स पर उनकी सरकार उचित कार्रवाई कर रही है. उनका कहना था की यदि किसी के पास डिग्री या डिप्लोमा नहीं है तो वह मरीज की जाँच अपने अनुभव के आधार पर करता है लेकिन ऐसे हालत में उसे किसी तरह के इलाज करने या दवा दिए जाने का अधिकार नहीं है. उनका साफ़ कहना था की झोलाछाप डॉक्टर्स के इलाज से हो रहे नुकसान को लेकर वह चिंतित है और शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    डीएमएफ द्वारा भर्ती प्रक्रिया के सवाल पर उन्होंने बताया की उनका विभाग खनिज न्यास मद का सदुपयोग करते हुए बड़े जिलों के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर्स की भर्तियां कर रही है. इसका सीधा फायदा इलाके के शहरी और ग्रामीण दोनों ही वर्गों को होगा. उन्होंने बताया की बीजापुर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर में प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जबकि कोरबा, अंबिकापुर और सूरजपुर में भर्ती प्रक्रियाधीन है।