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  • इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का पत्रकार बताकर सचिव से लाखों रुपये ठगने की कोशिश, थाने में शिकायत, जाँच शुरू

    इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का पत्रकार बताकर सचिव से लाखों रुपये ठगने की कोशिश, थाने में शिकायत, जाँच शुरू

    अभनपुर। निजी चैलन का फर्जी पत्रकार बनकर पंचायत सचिव द्वारा दिए गए चेक में कूटरचना कर 2 लाख रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अभनपुर के चंपारण पंचायत में 15 दिन पूर्व अभिषेक तिवारी नामक शख्स पहुंचा और पंचायत में उपस्थित सचिव चंद्रहास साहू को अपना परिचय पत्रकार के रूप में देते हुए उनसे ग्राम के विकास कार्य को अपने चैनल में दिखाने के नाम पर विज्ञापन राशि की मांग की।

    काफी ना-नुकुर के बाद सचिव ने हामी भरते हुए आरोपी के कहे अनुसार उसे 3885 रुपए का चेक दिया. इसके बाद आरोपी ने सचिव से उक्त राशि अपने बताए खाते में आरटीजीएस करने कहा. इस पर सचिव ने आरोपी को यूनियन बैंक शाखा गोबरा नवापारा का आरटीजीएस फॉर्म भर कर दे दिया. इसके बाद आरोपी ने गुरुवार को बड़ी सफाई से चेक और आरटीजीएस फॉर्म में लिखी राशि 3885 के आगे 20 लिखकर राशि को 203885 बना दिया . इसी प्रकार अक्षरी राशि में भी हेरफेर करते हुए उसे बैंक में जमा कर दिया, परिणाम स्वरूप आरोपी के संबंधित खाते में तत्काल 203885 रुपए जमा हो गए. किस्मत से सचिव चंद्रहास साहू भी आधे घंटे बाद पंचायत के पासबुक में एंट्री कराने बैंक पहुंचे हुए थे।

    पासबुक एंट्री कराते ही उन्हें आरोपी की जालसाजी का पता चल गया. इसके बाद उन्होंने तत्काल बैंक मैनेजर को वस्तुस्थिति से अवगत कराया, जिस पर बैंक मैनेजर ने आरोपी के संबंधित खाते को ब्लॉक करते हुए रकम सुरक्षित होना सुनिश्चित किया. सचिव चंद्रहास साहू ने दोपहर को मामले की जानकारी अभनपुर सचिव संघ को दी, जिसके बाद सचिव संघ ने शाम को जनपद कार्यालय में बैठक करते हुए आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया. शाम 7 बजे संघ के सभी सदस्य गोबरा नवापारा थाने पहुंचे और आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करने का पत्र थाना प्रभारी राकेश ठाकुर को सौंपा . ठाकुर द्वारा बैंक से पूरी जानकारी और दस्तावेजी साक्ष्य लेकर एफआईआर करने का आश्वासन दिया गया है।

    इस मामले में टीआई राकेश ठाकुर ने बताया कि चंपारण पंचायत का मामला आया है, जिसमें अभिषेक तिवारी नामक व्यक्ति द्वारा स्वयं को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एबीपी न्यूज़ का पत्रकार बता कर विज्ञापन के लिए ₹3895 का चेक लिया था, जिसमें कूट रचना कर 203895 बनाकर आरटीजीएस करवाया गया था . मामले में सचिव से शिकायती पत्र लिया गया है. बैंक से पूरी जानकारी लेकर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

  • मुंबई जा रहे एयर इंडिया के विमान के बाएं इंजन में लगी आग, रायपुर में आपात लैंडिंग

    मुंबई जा रहे एयर इंडिया के विमान के बाएं इंजन में लगी आग, रायपुर में आपात लैंडिंग

    रायपुर। भुवनेश्वर से मुंबई जा रहे एयर इंडिया के विमान के एक इंजन में आग लगने पर रायपुर एयरपोर्ट में फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है. रायपुर एयरपोर्ट में विमान के सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को सकुशल टर्मिनल में लाया गया है। रायपुर एटीसी को पौने छह बजे कोलकाता एटीसी से संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें ओडिसा भुवनेश्वर से मुंबई जा रही एयर इंडिया के विमान AIC 670 के बांये इंजन में आग लग गई है. आपात स्थिति को देखते हुए तीन मिनट के भीतर विमान रायपुर एयरपोर्ट में लैंड करेंगी. इस सूचना के तत्काल बाद रायपुर एयरपोर्ट प्रबंधन हरकत में आ गया, और तत्काल फायरफाइटिंग की पूरी व्यवस्था की गई।
    रायपुर एयरपोर्ट में विमान के उतरने के बाद आपातकाल में विमान में सवार सभी 189 यात्रियों को उतारा गया. और उन्हें टर्मिनल में लाया गया. वहीं विमान की जांच में इंजन में आग लगना नहीं पाया गया. विमान विशेषज्ञ पूरे विमान की जांच करने के बाद अब रवाना करने की तैयारी कर रहे हैं।
  • ई.ओ.डव्ल्यू. में लंबित शिकायतों, जांच एवं अपराधों का होगा त्वरित निराकरण – एडीजी श्री जीपी सिंह

    ई.ओ.डव्ल्यू. में लंबित शिकायतों, जांच एवं अपराधों का होगा त्वरित निराकरण – एडीजी श्री जीपी सिंह

    रायपुर। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री जीपी सिंह द्वारा राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यरो में लंबित शिकायतों, जांच एवं अपराधों के शीघ्र निराकण हेतु व्यूरो मुख्यालय के सभागार कक्ष में दिनांक 08 नवंबर 2019 को समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें ईओडब्ल्यु के पुलिस अधीक्षक श्री सदानंद कुमार सहित समस्त विवेचना अधिकारी मौजूद रहे।

    समीक्षा बैठक के दौरान श्री सिंह ने निम्नांकित निर्देश दिए:-

    1. अपराधों की वरियता सूची तैयार कर समय-सीमा के भीतर लंबित अपराधों को चालान में तब्दील करें।

    2. ऐसे प्राथमिक जांच जिन्हें अपराध में परिवर्तित किया गया है, उसकेे विवेचना में गति लाएं।

    3. व्यूरो में प्राप्त शिकायत पत्रों की संख्या को देखते हुए विवेचकों को निर्देशित किया गया है कि शिकायतों के गंभीरता के आधार पर जांच अथवा अपराध में परिवर्तित कर शीघ्र निराकरण करें।

    4. जिन प्रकरणों में 17(क) के तहत् अनुमति प्राप्त नही हुई है, ऐसे प्रकरण में संबंधित विभाग से अनुमति प्राप्त कर शीघ्र निराकरण करें।

  • छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा बुलबुल चक्रवात, तूफ़ान के साथ होगी भारी बारिश, किसानों के लिए बुरी खबर…

    छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा बुलबुल चक्रवात, तूफ़ान के साथ होगी भारी बारिश, किसानों के लिए बुरी खबर…

    जगदलपुर। नवंबर आ चुका है लेकिन अभी भी लोगों को ठंड का अहसास नहीं हो रहा। इधर मानसून की विदाई हो चुकी है। तब भी मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसके पीछे की वजह पूर्व और उत्तर दिशा से नमीयुक्त हवा का आना है। ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि कभी भी बारिश हो सकती है।
    मौसम विभाग की माने तो बुलबुल तूफान के चलते मौसम में बदलाव होगा। 9 नवंबर को तूफान असर दिखाएगा। वहीं बुलबुल तूफान के चलते मौसम में बदलाव के साथ बौछारें पड़ सकती है। बारिश होने का डर सबसे ज्यादा किसानों को सता रहा है। किसानों की धान की फसल खड़ी है। अगर बारिश हुई तो उन्हें नुकसान झेलना पड़ सकता है।
    मौसम विभाग के मुताबिक बुलबुल सक्रिय हो रहा है। यह तूफान हिंद महासागर में बन रहा है। ऐसा अनुमान है कि यह तूफान 8-9 नवंबर को विशाखापट्टनम के समुद्री तट से टकराएगा। बता दें कि इस तूफान का सबसे ज्यादा असर विशाखापट्टनम और पड़ोसी जिलों में होगा। यह दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग को भी खासा प्रभावित करेगा।
  • सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की बेंच सुबह 10.30 बजे सुनाएगी फैसला, इस ऐतिहासिक फैसले के लिए खोला जायेगा कोर्ट नंबर एक… 

    सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की बेंच सुबह 10.30 बजे सुनाएगी फैसला, इस ऐतिहासिक फैसले के लिए खोला जायेगा कोर्ट नंबर एक… 

    नई दिल्ली । आज यानी शनिवार को अयोध्या विवाद पर फैसला आएगा आज सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कोर्ट इसपर फैसला सुनाएगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच इसपर फैसला सुनाएगी इस बेंच में पांच जज शामिल हैं फैसले के लिए कल 1-नंबर कोर्ट खुलेगा, कोर्ट में सिर्फ मामले से जुड़े लोगों को आने की अनुमति मिलेगी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस धनंजय वाई चन्द्रचूड़ , जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय संविधान पीठ शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे यह फैसला सुनाएगी। 16 अक्टूबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर सुनवाई पूरी कर ली थी, 6 अगस्त से लगातार 40 दिनों तक इसपर सुनवाई हुई थी, गृह मंत्रालय अयोध्या मामले में फैसले को लेकर राज्यों को सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

    भारत के सबसे संवेदनशील, धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों में से एक राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी। ये फैसला मुख्य न्यायाधीश गोगोई द्वारा उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों से राज्य में कानून-व्यवस्था की तैयारियों को पूरा करने के घंटों बाद किया गया। गोगोई के अलावा इस संविधानिक पीठ में एसए बोबडे, डी वाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एसए नाज़ेर जैसे न्यायाधीश शामिल हैं।
    अयोध्या विवाद (Ayodhya Case) के फैसले के मद्देनज़र शुक्रवार को अयोध्या में सुरक्षा और कड़ी हो गई। राम जन्मभूमि मंदिर की तरफ जाने वाले सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं। अब वहां से सिर्फ़ पैदल गुज़रा जा सकेगा. सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में एक कंट्रोल रूम बनाने और लखनऊ और अयोध्या में दो हेलीकॉप्टर तैयार रखने के आदेश दिए हैं। पूरे यूपी में पुलिस दंगों से निपटने के लिए रिहर्सल कर रही है। टेंपरेरी जेलें बना दी गई हैं। वहां जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार लोगों को रखा जा सकेगा।

    वहीं इस मामले में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, ‘हमारी अपील है, लोग शांति बनाए रखें। हम लोग साथ होंगे आज हम पूरी दुनिया को संदेश दे रहे हैं। हम भारत के वासी हैं, जो फैसला कोर्ट करेगा वह हम मानेंगे। हम हिन्दुस्तान को बड़ा देखना चाहते हैं. हमारे यहां कोई विवाद नहीं है, किसी के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं, तमाम साधू और मुस्लिम साथ दिखाई पड़ते हैं। पूरी दुनिया देख रही है हम एक हैं।

  • अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट कल सुना सकती है फैसला,छत्तीसगढ़ में भी पुलिस अलर्ट…पुलिस की छुट्टियाँ निरस्त

    अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट कल सुना सकती है फैसला,छत्तीसगढ़ में भी पुलिस अलर्ट…
    पुलिस की छुट्टियाँ निरस्त

    रायपुर। अयोध्या विवाद मामले में कल यानी शनिवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकती है, जिसे देखते हुए रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में रेड अलर्ट डीजीपी डीएम अवस्थी द्वारा जारी किया गया है, साथ ही पुलिस की छुट्टियाँ भी निरस्त कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट अयोध्या विवाद पर शनिवार को सुबह 10.30 बजे फैसला आने की उम्मीद है।  बता दें कि अयोध्या मामले के संभावित फैसले के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने की हिदायत दी है. गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक सामान्य सलाह दी गई है.अधिकारी ने बताया कि राज्यों को सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि देश में कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो।

    अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य सरकार की सहायता के लिए उत्तर प्रदेश में अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियों (प्रत्येक में लगभग 100 कर्मी) को भी उतारा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने सभी मंत्रियों को अयोध्या फैसले के संबंध में अनावश्यक बयान देने से बचने के लिए भी कहा था।

    गृह मंत्रालय ने बुधवार को योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार को अयोध्या में सभी सुरक्षा तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए आगाह किया था. अयोध्या को सुरक्षा तैयारियों के साथ किसी भी अप्रिय घटना को विफल करने के लिए एक किले की तरह बदल दिया जाएगा।आईएएनएस के मुताबिक एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि अयोध्या में एक सार्वजनिक संबोधन प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) को भी संचालित करने को कहा गया है।

    ऐसी आशंका है कि असामाजिक तत्व लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं. इसलिए परिपत्र में उप्र सरकार को राज्य में अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और विशिष्ट स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं।बता दें कि आज ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से मुलाकात की. इस मुलाकात में चीफ जस्टिस के साथ अयोध्या मामले पर सुनवाई करने वाले अन्य जज भी शामिल थे. जजों ने इस दौरान यूपी में सुरक्षा इंतजाम की जानकारी ली. साथ ही अधिकारियों से पूछा कि कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए क्या उन्हें कोर्ट से किसी सहयोग की जरूरत है?

    छत्तीसगढ़ माता कौशल्य का जन्मस्थली और राम का ननिहाल इसलिए यहाँ भी फैसले को लेकर यहाँ लोगों बड़ी बेकरारी है. पुलिस ने किसी भी अपात स्थिति निपटने की पूरी तैयारी कर ली है. हालांकि छत्तीसगढ़ शांत प्रदेश है. छत्तीसगढ़ हमेशा अपने सामाजिक सौहार्द के लिए देश में मिसाल कायम करने वाला राज्य है. छत्तीसगढ़ में हिंदू-मुस्लिम एकता का हमेशा कायम रही है. इसलिए जो भी फैसला आएगा उसका यहाँ की धरा के लोग स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

  • अयोध्या केस सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नहीं निकलेगा विजय जुलूस

    अयोध्या केस सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नहीं निकलेगा विजय जुलूस

    दिल्ली। अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम का फैसला आने से पूर्व पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने धर्म गुरुओं व मौलानाओं के साथ बैठक कर जिले का सौहार्द्र बनाए रखने पर गहन मंथन किया। एडीजी ने धर्म गुरुओं को बताया कि सभी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना है, फैसला किसी के पक्ष में भी आए ना तो कोई विजय जुलूस निकाले का और ना ही विरोध करेगा। शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए सभी धर्म गुरुओं को मंदिरों और मौलानाओं को मस्जिदों में आने वालों को जागरूक करना होगा।

    एडीजी जोन सुजीत पांडे, कमिश्नर आशीष गोयल, डीआईजी के पी सिंह, डीएम भानु गोस्वामी व एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बुधवार को पुलिस लाइन में धर्म गुरुओं के साथ बैठक की। बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि, जूना अखाड़ा के रविशंकर, महानिर्वाणी के महंत यमुना पूरी, आचार्य छोटेलाल समेत एक दर्जन से अधिक संत महात्मा मौजूद थे। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने उनसे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसला का सब को सम्मान करना चाहिए, फैसला किसके पक्ष में आए कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

    आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए जरूरी है कि धर्म गुरु ऐसे नवयुवकों को काबू में रखें जिसकी जरा सी बात पर भावनाएं आहत हो जाती है। अगर कोई आदेश नहीं मानेगा तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने से परहेज नहीं करेगी।

    मस्जिदों में ध्यान रखेंगे मौलाना

    शाम को पुलिस लाइन में मौलाना व अन्य लोगों के साथ एडीजी ने बैठक की। इस दौरान चौक जामा मस्जिद के सचिव पूर्व कर्नल सैयद अबरार, सिया जामा मस्जिद के मौलाना मेहंदी रजा, वसीउल्ला मस्जिद के मौलाना असद उल्लाह कासिम, समाजसेवी नदीम अली और फरहान सिद्दीकी समेत दर्जनों संभ्रांत व्यक्ति मौजूद थे। पुलिस अफसरों ने कहा कि मस्जिद में अनाउंस कर के लोगों को बताएं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं चाहिए। मस्जिद में अगर कोई नया चेहरा नजर आता है, तो उसके बारे में पूछताछ करें। मोहल्ले में कोई भड़काऊ बयान देता है या सोशल साइट्स पर आपत्तिजनक मैसेज भेजता है, तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें। इस दौरान समाजसेवी व अन्य लोगों ने पुलिस से भी कहा कि, उन्हें पुलिस मित्र का कारण दें ताकि भीड़ में पुलिस के साथ रह कर मदद कर सके। धर्मगुरु और मौलाना के साथ पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक हुई है। सभी को बता दिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा अगर किसी ने अफवाह फैलाने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्ती की जाएगी।

    अयोध्या पर कभी भी आ सकता है फैसला

    अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 10 दिनों के अंदर कभी भी आ सकता है। इसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। खासकर शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, इस बीच बुधवार को मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अयोध्या भूमि विवाद पर शीर्ष अदालत का जो भी फैसला होगा उसे माना जाएगा, हालांकि उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सबूतों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आएगा। साथ ही मदनी ने सभी से न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की अपील की है, मदनी ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा है कि हम ने सुप्रीम कोर्ट में अपने सबूत पेश किए हैं। उम्मीद है कि शीर्ष अदालत कानून के आधार पर फैसला देगी, ना की आस्था के आधार पर। उन्होंने कहा कि देश में सांप्रदायिक सौहार्द्र हर हाल में कायम रहना चाहिए।

    कुछ महीने पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत से उनकी मुलाकात भी इस मुद्दे को लेकर हुई थी, हम अपने अपने नजरिये पर रहकर इस बात पर सहमत हुए हैं कि देश में हिंदू मुस्लिम एकता हर हाल में बनी रहनी चाहिए। इसके लिए भागवत भी कोशिश कर रहे हैं, और हम भी कोशिश कर रहे हैं मदनी ने कहा कि मस्जिद को लेकर मुसलमानों का मामला पूरी तरह से ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। बाबरी मस्जिद का निर्माण किस मंदिर को तोड़कर नहीं कराया गया है अदालत के फैसले से पहले किसी तरह की मध्यस्थता की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद सरिया के मुताबिक एक मस्जिद है और कयामत तक मस्जिद रहेगी। किसी शख्स के पास यह अधिकार नहीं है कि वह किसी विकल्प की उम्मीद में मस्जिद के दावे से पीछे हट जाए। जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने दावा किया कि उन्होंने मध्यस्थता समिति से कहा था कि भूमि विवाद मामले में मुस्लिम पक्षकार राम चबूतरा, सीता रसोई और सहन आंगन के हिस्से पर अपना दावा छोड़ने को तैयार हैं और तीन गुम्बदों के नीचे की जगह मांग रहा है। कहा कि मध्यसत्थता की कोशिश 11 12 बार नाकाम हो चुकी थी, लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए कहा तो मैं मध्यस्थता के लिए सहमत हो गया मध्यस्थता का मतलब है कि सभी पक्ष कार अपने अपने रुख में थोड़ा नरमी लाए।

  • गोगोई ने जस्टिस बोबड़े को सौंपी तत्काल सुनवाई के मामलों की लिस्टिंग…

    गोगोई ने जस्टिस बोबड़े को सौंपी तत्काल सुनवाई के मामलों की लिस्टिंग…

    दिल्ली। अयोध्या सबरीमाला और आरटीआई समेत कई अहम मामलों की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने नए चीफ जस्टिस नियुक्त हुए एस ए बोबडे को अहम मामलों की लिस्टिंग का काम दे दिया है।

    सीजेआई रंजन गोगोई के रिटायरमेंट में अब महज पांच कार्य दिवस ही बचे हैं, सीजेआई रंजन गोगोई ने अपने उत्तराधिकारी एस ए बोबडे को ऐसे सभी मामलों के लिस्टिंग सौंपी है जिनकी तत्काल सुनवाई की जानी है।ऐसे में स्पष्ट है कि अयोध्या जैसे संवेदनशील मामले पर जल्द फैसला आ सकता है, बता दे कि मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

    सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा था कि फैसला लिखने के लिए कम से कम 1 महीने की जरूरत है। वह 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं उससे पहले किसी भी दिन अयोध्या समेत अहम मामलों पर फैसला आ सकता है।

    अयोध्या, आर टी आई, सबरीमाला और राफेल डील जैसे कई अहम मामले हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य के लिहाज से काफी अहम होगा।

  • अब इस राज्य में कहीं नहीं लगेंगे पोस्टर और बैनर, CM ने लगाया बैन

    अब इस राज्य में कहीं नहीं लगेंगे पोस्टर और बैनर, CM ने लगाया बैन

    दिल्ली। पोस्टरों और बैनर से न सिर्फ जगहों की सुंदरता प्रभावित होती है बल्कि ये गंदगी का भी सबब बनते हैं. अब मध्य प्रदेश सरकार ने इनको लेकर कड़ा फैसला लिय़ा है।

    प्रदेश की सुंदरता को प्रभावित कर रहे अवैध होर्डिंग, पोस्टर और बैनरों के कारण जहां गंदगी तो होती ही है. हादसे व दुर्घटनाएँ भी होती रहती हैं. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन पर बैन लगा दिया है।

    सीएम ने इस बारे में साफ आदेश दिया कि अगर उनके पोस्टर लगे हों तो भी उन्हें तुरंत हटा दिया जाय व भविष्य में किसी भी तरह के पोस्टर औऱ बैनर न लगाएं जायं. इनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित हो।

  • हनीट्रेप मामले में गिरफ्तार प्रीति तिवारी की याचिका को हाईकोर्ट ने किया स्वीकार, तत्काल प्रभाव से मिली जमानत…

    हनीट्रेप मामले में गिरफ्तार प्रीति तिवारी की याचिका को हाईकोर्ट ने किया स्वीकार, तत्काल प्रभाव से मिली जमानत…

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार प्रीति तिवारी की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से लाभ दिया है. प्रीति तिवारी की तरफ से अधिवक्ता रजत अग्रवाल ने पैरवी की।

    बता दें कि सितंबर महीने में राजधानी में पुलिस ने आरोपी प्रीति तिवारी को कारोबारी से 50 लाख रुपए की डिलवरी लेते हुए कचना रेलवे क्रासिंग के पास धर दबोचा था. जांच में खुलासा हुआ कि मेडिकल की पढ़ाई कर रही प्रीति तिवारी अपने मंगेतर रिंकू शर्मा के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग का काम करती थी।

    पुलिस जांच में पता चला कि प्रीति खूबसूरती की जाल में फंसाकर कारोबारी चेतन शाह से करीब 1 करोड़ 38 लाख 51 हजार रुपए वसूल चुकी थी. इसके अलावा कारोबारी से दो कार भी ले चुकी थी. ब्लैकमेलिंग कर वसूले पैसों से खरीदी गई ज्वेलरी के साथ कार को भी जब्त कर लिया था।