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  • नगरीय निकायों में अब राइट टू रिकॉल खत्म

    नगरीय निकायों में अब राइट टू रिकॉल खत्म

    जनता वापस नहीं बुला पाएगी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को

    रायपुर। राज्य शासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नगरीय निकायों में राइट टू रिकॉल को खत्म कर दिया है। ज्ञात हो कि राइट टू रिकॉल के तहत आम जनता को यह अधिकार दिया गया था कि, निर्वाचित महापौर व अध्यक्षों को उनके काम से असंतुष्ट होने पर वापस बुला सकती थी आज नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि राज्य में अब राइट टू रिकॉल खत्म कर दिया गया है इससे पहले राज्य ने महापौर व अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का निर्णय लिया था इसका मतलब यह है कि पार्षद अब महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। राइट टू रिकॉल को लेकर शासन के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह आम जनता के अधिकारों का हनन है, उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक पद्धति से छेड़छाड़ कर रही है। सुनील सोनी ने भी इस फैसले की निंदा की है। चंद्रशेखर साहू ने कहा है की कांग्रेस सरकार अधिकारों का बेजा उपयोग कर रही है।

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अहम बदलाव जल्द

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी जल्द ही बड़ा बदलाव करने जा रही हैं, खबर है कि जल्द ही प्रदेश के सभी 27 जिलों के संगठन प्रमुख बदले जाएंगे संगठन ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करेगी। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चर्चा हुई थी, उन्होंने हम बदलाव को मंजूरी दे दी है बताया जा रहा है कि नए जिला अध्यक्षों के नाम भी लगभग तय हैं औपचारिक रूप से इसका ऐलान ही बाकी है।

    गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद सही मोहन मरकाम ने अपनी नई टीम का गठन नहीं किया था, पूर्व टीम के साथ ही उन्होंने संगठन के कामकाज को न केवल आगे बढ़ाया बल्कि दंतेवाड़ा और चित्रकूट जैसे उप चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की।

    क्योंकि अब दिसंबर में निकाय चुनाव और जनवरी-फरवरी में पंचायत चुनाव होने हैं, लिहाजा संगठन में ताजगी डालने के लिहाज से कुछ अहम बदलाव किए जा रहे हैं। संगठन सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से प्रदेश स्तर पर बदलाव नहीं किए गए थे, संगठन में बदलाव के साथ ही नए चेहरों को मौका दिए जाने से गतिशीलता आएगी। हालांकि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम से हुई बातचीत में कहा है कि अभी इस मामले पर सिर्फ चर्चा चल रही है।

  • एयरटेल डिटीएच ठग रहा उपभोक्ताओं को

    एयरटेल डिटीएच ठग रहा उपभोक्ताओं को

    कंपनी के आदमी फर्जी प्लान बता कर करा रहे रिचार्ज


    खरसिया। डिजिटल क्रांति के इस युग ने जहां आम आदमी के जीवन मे आमूलचूल परिवर्तन ला दिया है वहीं ठगों के लिए ऐसे ऐसे रास्ते भी खोल दिये हैं जहां से वे बिना किसी से मिले उन्हें अपना शिकार बना सकते हैं, लाख सावधानियों के बाद भी उनका प्रतिदिन ऐसे मामले सुनाई दे ही जाते है जब किसी व्यक्ति या कंपनी ने ऑनलाइन ठगी कर ली हो। उपभोक्ता भी जागरूकता दिखाते हैं और ऐसे लोगों से बचने का प्रयास करते हैं लेकिन तब क्या हो जब एक प्रतिष्ठित कंपनी अपने उपभोक्ताओं से धोखा करे, उन्हें कोई और प्लान बता कर भुगतान करा लें और बाद में उस प्लान का लाभ ग्राहक को न मिले। ऑनलाइन ठगी का ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जब एयरटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी ने फर्जी प्लान बताकर अपने उपभोक्ता को चुना लगा दिया और कस्टमर केअर में भी उपभोक्ता की कोई मदद नहीं कि जा रही है।


    ट्राई के आदेश के बाद भी एयरटेल डिजिटल टीवी, डिश टीवी, टाटा स्काई जैसी कंपनियों के महंगे प्लान से बचने का उपभोक्ताओं का सपना सिर्फ सपना ही बनकर रह गया है क्योंकि सरकारी फरमान के बाद भी या कंपनियां उपभोक्ताओं को ठगकर अपनी जेब भरने का रास्ता निकाल ही लेती हैं और उपभोक्ता इनके झांसे में आकर अपनी खून पसीने की कमाई से हाथ धो बैठता है। ऐसे ही एक मामले मे 25 अक्टूबर को एयरटेल डिटीएच उपभोक्ता के पास एक फ़ोन आता है और वह व्यक्ति स्वयं को कंपनी का व्यक्ति बताते हुए एयरटेल के ग्राहक सेवा के नंबर से यूजर की आईडी उपभोक्ता से रजिस्टर्ड नंबर पे भेजता है और उपभोक्ता को कंपनी का स्पेशल ग्राहक बताकर प्लान बताता है, उपभोक्ता ने कंपनी का नंबर देखकर उसपे विश्वास करते हुए प्लान लेने के लिए कंपनी को भुगतान कर देने के बाद पता चलता है कि जो भुगतान किया गया है वह दूसरे प्लान के एवज में जमा कर दिया गया है मतलब कोई और स्कीम बता कर ग्राहक से पैसे लेकर उसे दूसरी स्कीम में डाल कर उपभोक्तओं को ठगा जा रहा है, कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र में बात करने पर उनके द्वारा बताया जाता है कि भुगतान कंपनी को मिला है लेकिन प्लान बताने वाला व्यक्ति कंपनी का नहीं था। कंपनी के इस कृत्य से कंपनी की प्रतिष्ठा धूमिल तो हो ही रही है साथ ही उपभोक्ता भी ऐसी ठग कंपनी से दूरी बनाकर दूसरी कंपनी की सेवा लेना ज्यादा मुनासिब समझ रहें है जहां उनके साथ धोखाधड़ी न हो।

  • हाईकोर्ट से सरकार को बड़ा झटका, भीमा मंडावी के मौत की फाइल 15 दिन के भीतर NIA को सौंपने का दिया आदेश

    हाईकोर्ट से सरकार को बड़ा झटका, भीमा मंडावी के मौत की फाइल 15 दिन के भीतर NIA को सौंपने का दिया आदेश

    बिलासपुर। हाईकोर्ट से सरकार को एक और बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने नक्सली ब्लास्ट में मारे गए भाजपा विधायक भीमा मंडावी की फाइल 15 दिन के भीतर एनआईए को सौंपने का आदेश दिया है. भीमा मंडावी की मौत के बाद भाजपा नेताओं ने सीबीआई जांच की मांग की थी, राज्य में सीबीआई बैन होने की वजह केन्द्र सरकार ने 17 मई को एनआईए को जांच का आदेश दिया था.

    वहीं राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर एनआईए जांच पर पुनर्विचार किये जाने का आग्रह किया था, राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को जानकारी दी थी कि मामले में विशेष न्यायिक आयोग का गठन कर जांच कराई जा रही है.
    एनआईए द्वारा मामला रजिस्टर कर राज्य सरकार से भीमा मंडावी की मौत से जुड़ी फाइल की डिमांड की जा रही थी लेकिन आयोग द्वारा जांच किये जाने की वजह से सरकार ने वह फाईल एनआईए को नहीं सौंपी थी. जिसके बाद एनआईए ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में राज्य सरकार के खिलाफ याचिका दाखिल की थी. याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस आरसी सामन्त की बेंच ने 15 दिन के भीतर एनआईए को फाइल सौंपे जाने का सरकार को आदेश दिया.

    आपको बता दें दंतेवाड़ा में लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों ने विधायक भीमा मंडावी के काफिले में ब्लास्ट किया था. नक्सलियों के इस हमले में भाजपा विधायक भीमा मंडावी सहित पांच पुलिस कर्मियों की मौत हुई थी.

  • चीफ सेक्रेटरी सुनील कुजूर को एक्सटेंशन देने डीओपीटी तैयार नहीं, जीएडी का लेटर खारिज किया, 31 को रिटायरमेंट है कुजूर का

    चीफ सेक्रेटरी सुनील कुजूर को एक्सटेंशन देने डीओपीटी तैयार नहीं, जीएडी का लेटर खारिज किया, 31 को रिटायरमेंट है कुजूर का

    केंद्र ने ठुकराया एक्सटेंशन का प्रस्ताव
    दावेदारों में खेतान,मंड़ल सबसे आगे

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर का सेवाकार 6 महीने के लिए बढ़ाने का राज्य सरकार का प्रस्ताव केंद्र ने नामंजूर कर दिया है। अब श्री कुजूर इसी माह के अंत में रिटायर हो जाएंगे। सरकार को उनके स्थान पर नए सीएस की नियुक्ति करनी होगी।
    राज्य सरकार ने करीब 3 माह पहले केंद्र के कार्मिक मंत्रालय को पत्र लिखकर श्री कुजूर का सेवाकाल बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं आया। हाल ही में केंद्र ने सेवावृद्धि देने से इनकार कर दिया है।

    खेतान रैंक में नंबर 1, मंडल 2

    बताया गया है कि 1987 बैच के आईएएस सीके खेतान तथा आरपी मंडल दोनों ही एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन रैकिंग में श्री खेतान आगे हैं। लिहाजा वरिष्ठता क्रम में उनका नबंर पहले आएगा। इसी तरह यह भी उल्लेखनीय है कि श्री मंडल का सेवाकाल भी श्री खेतान के मुकाबले कम है। उन्हें सीएस बनाने के पहले इस बात पर भी विचार किया जा सकता है। कम अवधि के लिए सीएस बनाने से की अपेक्षा अधिक अवधि वाले अधिकारी के रूप में श्री खेतान को प्रमुखता दी जा सकती है।

    अब लग सकता है इनका नंबर

    राज्य में एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे 1987 बैच के आईएएस सीके खेतान तथा उनके ही समकक्ष आरपी मंडल राज्य में सीएस पद के प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। अन्य अधिकारियों में वरिष्ठता क्रम में सबसे आगे 1983 बैच के अजय सिंह है, लेकिन कांग्रेस सरकार जनवरी 2019 में उन्हें सीएस पद से हटाकर लूप लाईऩ में भेज चुकी है। 1985 बैच के एन बैजेंद्र कुमार केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर एनएमडीसी में सीएमडी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी वापसी की संभावना कम है। बीवीआर सुब्रमण्यम 1987 बैच के अधिकरी हैे लेकिन वे केंद्र की प्रतिनियुक्ति पर जम्मू-कश्मीर के सीएस के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी वापसी की संभावना बेहद कम है। एक अन्य वरिष्ठ आईएएस केडीपी राव इसी माह के अंत में रिटायर हो रहे हैं। 1989 बैच के अधिकारी अमिताभ जैन एसीएस के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वे भी दावेदारों में शामिल हैं। लेकिन वरिष्ठता क्रम में पीछे हैं।

  • दिवाली में नकली मिठाइयों की होगी जांच, स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने खाद्य विभाग को पत्र लिखकर दिए निर्देश

    दिवाली में नकली मिठाइयों की होगी जांच, स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने खाद्य विभाग को पत्र लिखकर दिए निर्देश

    रायपुर। दीपावली त्यौहार आते ही बाजारों में नकली मिठाइयों को खेप पहुंचने लगता है. यह नकली मिठाई दुकान के माध्यम से घर-घर तक पहुंचता है. जिसका बुरा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि है कि दीपावली त्यौहार में नकली मिठाई की सघन जांच कराए।
    स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने यह देखा जाता है कि दीपावली की त्यौहार में नकली खोवा और गुणवत्ताहीन मिठाई की बिक्री की जाती है. जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. जिसकी सभी जिलों में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से सघन जांच कराई जाए. जिससे नकली मिठाई पर रोक लग सके. दुकानों से ली गई मिठाई की सेम्पल को मोबाइल यूनिट से प्रतिदिन जांच कराई जाए. इसकी जानकारी प्रतिदिन अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें.
  • आल इंडिया रेडियो के सभी 43 चैनल्स (विविध भारती, FM गोल्ड इत्यादि) अब आपके फोन पर…

    आल इंडिया रेडियो के सभी 43 चैनल्स (विविध भारती, FM गोल्ड इत्यादि) अब आपके फोन पर…

    आज से आल इंडिया रेडियो के सभी 43 चैनल्स (विविध भारती, FM गोल्ड इत्यादि) अपने फोन पर बिना हेडफोन के सुन सकेंगे जिसकी लिंक नीचे दी गई है।।

    http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=43


  • एक और बैंक दिवालिया होने की कगार पर, अगर आपका भी अकाउंट है तो सतर्क हो जाएं

    एक और बैंक दिवालिया होने की कगार पर, अगर आपका भी अकाउंट है तो सतर्क हो जाएं

    दिल्ली. देश में जोर शोर से साल भर पहले सरकार ने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की शुरुआत की थी लेकिन शुरु होने के सालभर के भीतर ही बैंक की हालत खस्ता हो गई है.
    अब हाल ये है कि बैंक के पास अपने कर्मचारियों को सेलरी देने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं. दरअसल बैंक का बिजनेस उस तरह  नहीं हो रहा है जितने की उम्मीद की गई थी. अब डाक विभाग ने आरबीआई से इसको स्मॉल फाइनेंस बैंक में बदलने की इजाजत मांगी है.


    दरअसल नियमों के मुताबिक इस पेमेंट बैंक में एक लाख रुपये से ज्यादा का जमा नहीं हो सकता है औऱ न ही बैंक किसी को कर्ज दे सकता है. ऐसे में बैंकिंग के दोनों आकर्षक फीचर्स न होने की वजह से बैंक को उतनी कमाई नहीं हो रही है जितनी की उम्मीद थी. अब बैंक ने आरबीआई से खुद को स्मॉल फाइनेंस बैंक में बदलने की मंजूरी मांगी है.

  • सुब्रमण्यम स्वामी बोले- जीएसटी काे लागू करना सरकार का पागलपन, इसे खत्म करना चाहिए

    सुब्रमण्यम स्वामी बोले- जीएसटी काे लागू करना सरकार का पागलपन, इसे खत्म करना चाहिए

    केंद्र सरकार सेठों को रियायतें देने के अलावा आम आदमी को राहत देने के लिए काम करें

    पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद हैं डाॅ. सुब्रमण्यम स्वामी

    शिमला पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद डाॅ. सुब्रमण्यम स्वामी ने जीएसटी लागू करने के निर्णय काे पागलपन बताया। विराट हिंदाेस्तान संगम की राज्य कार्यकारिणी के गठन के बाद प्रेस कांफ्रेंस काे संबोधित करते हुए डा. स्वामी ने कहा कि जीएसटी लागू हाेने से कुछ हाेने वाला नहीं है ऐसे में इसे खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सेठों को रियायतें देने के अलावा आम आदमी को राहत देने के लिए कार्य करना चाहिए। बैंकों में ब्याज दर को बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि लोग बैंकाें में पैसा जमा करने के लिए आगे आए।
    उन्होंने लोगोंको दिए जाने वाले ऋण की ब्याज दर को कम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेठों को आयकर में छूट देने के विरोधी नहीं है, लेकिन आम आदमी के हाथ तक अधिक पैसा पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमाेहन सिंह अच्छे आदमी हैं, ईमानदार हैं, लेकिन वे राष्ट्रवादी चरित्र नहीं निभाते। वे इटली की महिला से डरते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश के इतिहास से बहुत खिलवाड़ हुआ है। देश के युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना जरूरी है।
    राज्यसभा सांसद वरिष्ठ नेता डाॅ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि गोडसे के बारे में, मैं शोध कर रहा हूं कि क्या उन्होंने गांधी की हत्या की या उनके खिलाफ एक साजिश रची गई थी। जेएनयू के प्रोफेसर झूठ बोलने और लिखने में माहिर हैं। देश के गौरवशाली इतिहास और विजयनगर जैसे साम्राज्य का इतिहास और हिंदुओं के इतिहास काे छुपाया गया है। पंडित नेहरू पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी की मौत का फायदा उन्होंने उठाया और आरएसएस पर बैन लगाया। इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य बंडारू दत्तात्रेय ने भी अपने विचार प्रकट किए।

  • फर्जी शिक्षाकर्मी भर्ती मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 शिक्षाकर्मियों को ढाई-ढाई साल की सजा

    फर्जी शिक्षाकर्मी भर्ती मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 शिक्षाकर्मियों को ढाई-ढाई साल की सजा

    जिले में फर्जी शिक्षाकर्मियों के खिलाफ प्रथम श्रेणी व्यवहार न्यायालय कुरूद ने बड़ा फैसला सुनाया है. मगरलोड जनपद पंचायत में वर्ष 2008 में हुए शिक्षाकर्मी भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में 11 फर्जी शिक्षाकर्मियों को ढाई-ढाई साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

    बता दें कि वर्ष 2008 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 की नौकरी के लिए अभ्यर्थियों की भर्ती की गई थी. मगरलोड जनपद पंचायत में भी विज्ञान एवं कला विषय के लिए 211 पदों पर भर्ती हुई थी. इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का आरोप ग्राम चंदना निवासी आरटीआई कार्यकर्ता कृष्ण कुमार साहू ने लगाया था. उसने सूचना के अधिकार के तहत तमाम दस्तावेज हासिल करने के बाद 3 जून 2006 को धमतरी कलेक्टर और एसपी के समक्ष शिकायत प्रस्तुत किया था.
    शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर मगरलोड थाना में 11 शिक्षाकर्मियों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध हुआ था. शिकायत करने के करीब 9 साल बाद 6 अगस्त 2018 को न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कुरूद में शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार साहू का बयान दर्ज किया गया. सभी पक्ष को सुनने के बाद न्यायाधीश महेश बाबू ने आरोप को सही पाते हुए सभी 11 शिक्षाकर्मियों को धारा 420 के तहत 2 वर्ष कठोर कारावास व 500 रुपये अर्थदंड, धारा 467 के तहत 2 वर्ष 6 माह कठोर कारावास व 1000 रुपये अर्थदंड, धारा 468 के तहत 2 वर्ष कठोर कारावास व 500 रुपये अर्थदंड और धारा 471 के तहत 1 वर्ष कठोर कारावास व 500 अर्थदंड की सजा सुनाया है.

    इन फर्जी शिक्षाकर्मियों को हुई सजा

    जिन अभ्यर्थियों ने फर्जी दस्तावेज के जरिए शिक्षाकर्मी वर्ग 3 की नौकरी हासिल की थी, उनमें सुबोध कुमार साहू, शिवकुमार सोनकर, देवेंद्र कुमार साहू, गीता साहू, योगेश कुमार साहू, देवबती साहू, बसंत पटेल, टेमन लाल विश्वकर्मा, हीरालाल साहू, मनोज कुमार सिन्हा, तोरण सिन्हा शामिल हैं, जिन्हें न्यायालय ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

    सीईओ के खिलाफ भी हुई थी शिकायत

    आरटीआई कार्यकर्ता कृष्ण कुमार साहू का कहना है कि शिक्षाकर्मी फर्जीवाड़ा में जनपद सीईओ समेत छानबीन समिति की भी मुख्य भूमिका रही है, क्योंकि छानबीन समिति के द्वारा फर्जी दस्तावेजों को भी सही बताते हुए अपात्र अभ्यर्थियों को शिक्षाकर्मी की नौकरी दिलाने का काम किया गया. इस मामले में करीब 20 शिक्षाकर्मियों के अलावा जनपद सीईओ और छानबीन समिति के विरुद्ध भी थाना में शिकायत दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 11 शिक्षाकर्मियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया, बाकी लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करने के बजाय उन्हें छोड़ दिया गया. अब जब न्यायालय ने भी आरोप को सही पाते हुए फर्जी शिक्षाकर्मियों को सजा दे दी है, तब यह स्पष्ट हो चुका है कि छानबीन समिति में शामिल लोगों के द्वारा इस फर्जीवाड़े को अमलीजामा पहनाया गया था, लिहाजा उनके विरुद्ध भी कार्यवाही किया जाना चाहिए.

  • हनी ट्रेप कांड में एसआईटी के हाथ लगे अहम सबूत -मास्टर माइंड श्वेता जैन के लॉकर ने उगले राज़ !

    हनी ट्रेप कांड में एसआईटी के हाथ लगे अहम सबूत -मास्टर माइंड श्वेता जैन के लॉकर ने उगले राज़ !

    भोपाल। हनी ट्रैप मामले की जांच कर रही स्पेशनल इंवेस्टिगेशन टीम मंगलवार को मामले में आरोपित श्वेता जैन और आरती दयाल के लॉकरों की जांच करने पहुंची। एसआईटी की टीम ने इंद्रपुरी स्थित एचडीएफसी बैंक में लॉकर खंगाले। एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक एसआईटी को आरोपित श्वेता जैन के लॉकर से साढ़े तेरह लाख नगद बरामद हुए हैं जबकि आरोपित आरती दयाल का लॉकर खाली मिला है। एसआईटी ने मौके पर ही लॉकर से बरामद रूपए का जप्ती पंचनामा बनाकर अपने कब्जे में ले लिया है।

    एसआईटी की टीम ने मंगलवार शाम बैंक में करीब चार घंटे जांच की। सूत्र बताते हैं कि आरोपित आरती दयाल गिरफ्तारी से दो दिन पहले बैंक आई थी और उसने लॉकर खाली कर दिया था और पैसा आईसीआईसीआई बैंक में पहुंचाया था।

    एसआईटी इसी मामले में बुधवार को प्रभात पेट्रोल पम्प स्थित आईसीआईसीआई बैंक जाकर पड़ताल करेगी।

    गौरतलब है कि 19 सितंबर की दरम्यानी रात को एसटीएफ, एसआईटी, सीबीआई की टीमों ने मिलकर भोपाल की चार महिलाओं के यहां पर छापे मारकर उन्हें गिरफ्तार किया था। पुलिस की कार्रवाई में महिलाओं के पास से कई राजनैतिक नेताओं, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की सीडी, मोबाइल रिकार्डिंग व दस्तावेज बरामद हुए थे। मामले का खुलासा इंदौर स्थित पलासिया थाने में दर्ज उस रिपोर्ट से हुआ जिसमें नगर निगम के सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह ने आरोप लगाया था कि उसे कुछ महिलाओं द्वारा ब्लैकमेल करके दो करोड़ रुपए देने का दबाव बनाया जा रहा है।

    महिलाओं ने उसके अंतरंग दृश्यों का वीडियो बनाया है जिसे सार्वजनिक करने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने जांच के दौरान भोपाल की चार महिलाओं के नाम सामने आए थे। पूरे मामले में प्रदेश में सियासी हलचल पैदा कर दी थी। इन महिलाओं के पास से जिन लोगों के वीडियो मिले हैं, उसमें कई बड़े नेता और अफसर भी शामिल हैं।