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  • मुकेश अंबानी के घर के पास स्कॉर्पियों में मिली चिट्ठी, नीता भाभी और मुकेश भैय्या यह एक झलक है…इंतजाम हो गया है संभल जाना…

    मुकेश अंबानी के घर के पास स्कॉर्पियों में मिली चिट्ठी, नीता भाभी और मुकेश भैय्या यह एक झलक है…इंतजाम हो गया है संभल जाना…

    मुंबई में बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के घर के बाहर बीते दिन मिली संदिग्ध कार से जुड़े मामले की जांच की जा रही है. क्राइम ब्रांच और एटीएस इस मामले को खंगालने में जुटे हैं. इस बीच गाड़ी से जो चिट्ठी बरामद की गई थी, उससे बड़ा खुलासा हुआ है. संदिग्ध गाड़ी में मिली चिट्ठी में कहा गया है, ‘ये तो सिर्फ एक ट्रेलर है. नीता भाभी, मुकेश भैया, ये तो सिर्फ एक झलक है. अगली बार सामान पूरा होकर तुम्हारे पास आएगा और पूरा इंतजाम हो गया है।

    आपको बता दें कि मुंबई में मुकेश अंबानी के घर एंटिलिया के बाहर बीते दिन एक स्कॉर्पियो कार मिली थी, जिसमें जिलेटिन स्टिक पाई गई थी. इसी के बाद यहां पर जांच की गई, सुरक्षा को बढ़ा दिया गया था. हलचल पर थी नजर, मिला मुंबई इंडियंस का बैग सूत्रों के मुताबिक, इस गतिविधि को अंजाम देने के लिए लंबे वक्त से प्लानिंग की जा रही थी. आरोपी गाड़ी को घर के और भी करीब खड़ा करना चाहता था, लेकिन अधिक सुरक्षा के कारण ये नहीं हो सका. उसके द्वारा अंबानी परिवार की हलचल पर नज़र रखी जा रही थी, हर कॉन्वे को ट्रैक किया जा रहा था।

    जानकारी के मुताबिक, जो स्कॉर्पियो कार मिली है उसकी सीट पर मुंबई इंडियंस का बैग रखा था. मुंबई इंडियंस आईपीएल की क्रिकेट टीम है, जिसके मालिक मुकेश अंबानी ही हैं. इसी बैग में धमकी भरा लेटर रखा गया था. जिस व्यक्ति ने स्कॉर्पियो को यहां पार्क किया, वो गाड़ी खड़ी कर इनोवा कार में बैठकर चला गया. जिलेटिन का नागपुर कनेक्शन इस मामले को लेकर पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी चाहता था कि वो सभी की नज़रों में आए, इसी तरह से ये सब ऐसे प्लान किया गया है. जिस कंपनी का जिलेटिन इस गाड़ी में था, वो नागपुर की कंपनी है. मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम अब यहां जाकर मामले की जांच करेगी।

    मुंबई क्राइम ब्रांच की कुल 10 टीमें इस मामले की जांच करने में जुटी हैं. इस मामले में अभी तक 5 संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है, साथ ही एंटिलिया के आसपास की सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है. CRPF रिव्यू करेगी सुरक्षा आपको बता दें कि बीते दिन संदिग्ध गाड़ी मिलने के बाद ही मुंबई में एंटिलिया के बाहर सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है. मुंबई पुलिस ने घर के आसपास बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की है. इसके अलावा मुकेश अंबानी के पास जो CRPF की सुरक्षा है, उसका भी रिव्यू किया जा रहा है. CRPF के द्वारा मुकेश अंबानी के क्लोज प्रोटेक्शन में लगे जवानों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है. साथ ही मुंबई पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे सुरक्षा को और भी टाइट कर दिया जाएगा. बता दें कि इस मामले को लेकर बीते दिन ही मुंबई में केस दर्ज कर लिया गया है और मुंबई क्राइम ब्रांच, एटीएस और अन्य एजेंसियां जांच में जुटी हैं. साथ ही आतंकी एंगल को भी खंगाला जा रहा है।

  • Incognito Mode की सटीकता पर जताया जज ने संदेह, जानिए क्या कहा?

    Incognito Mode की सटीकता पर जताया जज ने संदेह, जानिए क्या कहा?

    वॉशिंगटन। गूगल यूजर्स जब इन्काग्निटो मोड (Incognito Mode) में ब्राउजिंग करते हैं तो क्या वास्तव में उनकी एक्टिविटी छिपी रहती है? गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक की एक इकाई का कहना है कि क्रोम में इन्काग्निटो मोड में ब्राउजिंग या अन्य ब्राउज़र्स में ‘प्राइवेट ब्राउजिंग’ का मतलब है कि कंपनी ‘आपकी एक्टिवटी को का डेटा नहीं रखेगी.’ हालांकि एक जज ने गुरुवार को इस मामले में गूगल की सटीकता पर संदेह जाहिर किया।

    कैलिफोर्निया स्थित सैन होज़े में एक सुनवाई के दौरान अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज लुसी कोह ने कहा कि वह Google के डेटा कलेक्शन प्रैक्टिस से ‘परेशान’ हैं. कोह की कोर्ट के समक्ष आए एक मामले में कहा गया है कि कंपनी द्वारा प्राइवेट ब्राउजिंग के दावे सिर्फ छल हैं. इस मामले में उन लोगों के लिए 5,000 डॉलर का मुआवजे की मांग की गई है, जिनकी प्राइवेसी से कथित तौर पर जून 2016 से लेकर अब तक समझौता हुआ।

    गूगल की अपील दरकिनार

    इस मामले को खारिज करने की गूगल की अपील को दरकिनार करते हुए कोह ने कहा कि यह ‘असामान्य’ है कि कंपनी डेटा संग्रह का ‘अतिरिक्त प्रयास’ कर रही है. इस मामले में Google पर आरोप है कि वह वेबसाइटों के भीतर अपने कोड के पीस के आधार पर यूजर्स की कथित प्राइवेट ब्राउजिंग हिस्ट्री के लिए एनालिटिक्स और एड सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं. साथ ही इसकी कॉपी Google के सर्वर को भेजते हैं।

    यूजर्स की ओर से कोर्ट में मौजूद वकील अमांडा बॉन ने जज कोह को बताया Google के अनुसार प्राइवेट ब्राउंजिंग मोड यूजर्स को उनके डेटा पर अधिक नियंत्रण देता है. वास्तविकता यह है कि Google कह रहा है कि बहुत ही कम तरीकों से डेटा कलेक्ट करने से रोका जा सकता है।

    Google के वकीलों ने क्या कहा?

    Google के वकील एंड्रयू शापिरो ने कहा कि कंपनी की गोपनीयता नीति इसकी प्रैक्टिस के बारे में स्पष्ट जानकारी देती है. इस मामले में डेटा कलेक्शन का खुलासा किया गया है.’Google के ही एक अन्य वकील स्टीफन ब्रूम ने कहा एनालिटिक्स या अन्य सेवाओं का उपयोग करने के लिए कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट करने वाले वेबसाइट मालिक हमारे डेटा कलेक्शन के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं. कोह ने कंपनी के वकीलों से कहा, ‘मैं Google से एक घोषणापत्र चाहतीं हूं कि वे बतायें कि अदालत की वेबसाइट पर यूजर्स की कौन सी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं और इसका क्या उपयोग किया जा रहा है.’

  • होटल ट्रिनिटी ग्रैंड में हुए विधायक पुत्र और डॉक्टर पुत्र के बीच का हाई वोल्टेज ड्रामा आख़िरकार पहुंच ही गया थाना, एक पक्ष ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट..अब सीसीटीवी फुटेज पर अटकी निगाहें…

    होटल ट्रिनिटी ग्रैंड में हुए विधायक पुत्र और डॉक्टर पुत्र के बीच का हाई वोल्टेज ड्रामा आख़िरकार पहुंच ही गया थाना, एक पक्ष ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट..अब सीसीटीवी फुटेज पर अटकी निगाहें…

    रायगढ़। शनिवार की रात तीन सितारा होटल ट्रिनिटी ग्रैंड में विधायक पुत्र और डॉक्टर पुत्र के बीच हुई मारपीट का मामला अब थाना पहुंच गया है। जानकारी मिल रही है की रितिक नायक और शुभम शर्मा(घायल) के मित्र अखिलेश मिश्रा ने इस घटना की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज करवाया है। बता दें की उस दिन हुई मारपीट में शुभम शर्मा के सर में चोट आ गई थी। लेकिन जो रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। उसमें किसी के नाम का उल्लेख नही है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध भादवि की धारा 294,323,506,34 के तहत मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया है।


    सीसीटीवी फुटेज की जांच है अहम…
    चूंकि इस मामले में अब कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हो चुका है। ऐसे में अब पुलिस पूरी गंभीरता से इस मामले की तह तक जाने की कोशिश करेगी। लेकिन प्रार्थी ने हमलावरों को अब तक पहचाना नही है। तो ऐसे में पुलिस की मुश्किलें बढ़ सकती है। अब पुलिस को मामले की छानबीन के लिए होटल के सीसीटीवी फुटेज की जांच करनी होगी,तभी असलियत सामने आएगी। और किसने किसकी खातिरदारी की है। और किस-किस की ख़ातिरदारी हुई है। इस बात का भी ख़ुलासा हो पायेगा। बहरहाल पुलिस इसमें कार्यवाही के लिए अपने आप मे पूरी तरह सक्षम है।अब देखना ये होगा की पुलिस इस मामले में किस तरह विवेचना करती है।


    दूसरे पक्ष की खामोशी के क्या है मायने…?
    दूसरे पक्ष की खामोशी को लेकर भी अब शहर में कई तरह की चर्चाएं हो रही है।एक पक्ष विधायक के पुत्र से जुड़ा हुआ है। तो दूसरा पक्ष भी आईएमए से जुड़े बड़े पदाधिकारी से जुड़ा हुआ है और शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर्स हैं। ऐसे में अब दूसरे पक्ष की खामोशी कब टूटती है। ये देखने वाली बात होगी।

  • सख्ती बरतने ‘नो मनी नो वेस्टेज’ का फार्मूला हुआ लागूरायपुर निगम के 20 करोड़ के लक्ष्य में 1 करोड़ की भी नहीं हुई वसूली….

    सख्ती बरतने ‘नो मनी नो वेस्टेज’ का फार्मूला हुआ लागूरायपुर निगम के 20 करोड़ के लक्ष्य में 1 करोड़ की भी नहीं हुई वसूली….

    रायपुर। आज रायपुर नगर निगम कार्यालय में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन अभियान और यूजर चार्ज की वसूली को लेकर समीक्षा बैठक हुई. समीक्षा बैठक में जानकारी आई कि वार्डों में यूजर चार्ज की वसूली नहीं के बराबर हुई है. इसके मद्देनजर निगम ने अब सख्ती बरतने के निर्देश दिए है. इस बार नगर निगम ने 20 करोड़ वसूली का लक्ष्य रखा था, लेकिन 1 करोड़ की भी वसूली नहीं हो सकी है. अब ‘नो मनी नो वेस्टेज’ का फार्मूला लागू किया गया है।

    अपर आयुक्त पुलक भट्टाचार्य ने बताया कि बैठक में निर्देश दिए गए है कि होटल, विवाह भवन, मॉल, रेसीडेंस एंड वेलफेयर एसोसिएशन, हॉस्पिटल, दुकान, होटल, रेसटोरेंट समेत कई दुकान जो निगम को बकाया राशि सहित सम्पूर्ण यूजर चार्ज नहीं दिए है, उनके यहां से वेस्टेज नहीं लिया जाएगा. बैठक में यूजर चार्ज की अत्यंत कम वसूली को लेकर अपर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की है. सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता दीदियों को तत्काल सभी 10 जोन से 70 वार्डों में यूजर चार्ज की वसूली बकाया राशि सहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
    इसके अलावा आयुक्त ने आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों में सभी आवासीय कॉलोनियों, होटलों, सिनेमाघरों, मैरिज पैलेस, शॉपिंग माल, व्यवसायिक काम्प्लेक्स, रहवासी संघ से तत्काल यूजर चार्ज की बकाया सहित सम्पूर्ण वसूली मार्च तक प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कर लेने के निर्देश दिए है. अपर आयुक्त ने जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को छत्तीसगढ़ शासन के गजट नोटिफिकेशन में निर्धारित दर के अनुसार आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों में सघन अभियान चलाकर यूजर चार्ज की वसूली करने के निर्देश दिए है।

    अपर आयुक्त ने कहा कि यूजर चार्ज की सम्पूर्ण बकाया सहित वसूली करने के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही कदापि सहन नहीं की जाएगी. सभी सम्बंधित पूरी गंभीरता से निगम हित में मार्च तक बकाया के साथ शत प्रतिशत यूजर चार्ज वसूलना हर हाल में सुनिश्चित करेंगे।

  • डीजीपी ने अधिकारियों की बैठक लेकर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने दिए निर्देश….

    डीजीपी ने अधिकारियों की बैठक लेकर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने दिए निर्देश….

    रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने 5 मार्च से 21 मार्च तक होने आयोजित होने वाले रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि क्रिकेट टूर्नामेंट राज्य के लिये प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है. टूर्नामेंट में सभी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर आ रहे हैं. इसलिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।

    अवस्थी ने निर्देश दिए है कि आयोजन के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता में होना चाहिए. चूंकि कुछ टीमों के खिलाड़ियों का आगमन 26 फरवरी से हो रहा है. इसलिए सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे कर लें. खिलाड़ियों के एयरपोर्ट से निकलने से लेकर होटल तक पहुंचने में पूरे रूट में सुरक्षा के विशेष इंतेजाम करने के निर्देश दिये गए।

    खिलाड़ी पूरे समय बायो बबल में रहेंगे

    उन्होंने निर्देश दिए कि रूट में अनुभवी पुलिस अधिकारियों को रखा जाए. खिलाड़ियों के लिए होटल से स्टेडियम तक पहुंचने में भी ऐसी ही सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. कोविड के चलते खिलाड़ी पूरे समय बायो बबल में रहेंगे. इस दौरान किसी को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. होटल में खिलाड़ियों और वहां के चुनिंदा स्टाफ के अतिरिक्त अन्य किसी को रूकने की इजाजत नहीं होगी।

    स्टेडियम नहीं पहुंचा चाहिए शराब

    डीजीपी ने निर्देश दिए है कि स्टेडियम में कोई को भी व्यक्ति शराब पीकर या लेकर ना आने पाए. आगुंतकों की गेट पर ही ब्रीथ एनिलायजर से जांच की जाए. इस बात की भी व्यवस्था करें कि दर्शक दीर्घा से कोई भी दौड़कर ग्राउंड में ना जाने पाए।

  • छत्तीसगढ़ में मास्क नहीं लगाने पर देना होगा जुर्माना, लोग भूल गए मास्क पहनना….

    छत्तीसगढ़ में मास्क नहीं लगाने पर देना होगा जुर्माना, लोग भूल गए मास्क पहनना….

    कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। प्रशासन द्वारा लगातार समझाया जा रहा है कि व्यापारियों, ग्राहकों व अन्य लोगों को मास्क पहनने के साथ ही शारीरिक दूरी का पालन करना है। लेकिन लोग न तो मास्क पहन रहे हैं और न ही शारीरिक दूरी पालन कर रहे हैं। पड़ोसी राज्य में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद फिर से कड़ाई की जरूरत महसूस की जाने लगी है। शहर में बिना मास्क लोग बाजार में पहुंच रहे हैं। वाहन चालकों में भी यही लापरवाही देखी जा रही है। भीड़ वाले इलाकों में भी लोग बेखौफ आ-जा रहे हैं। इससे संक्रमण का खतरा बना ही है। दरअसल, टीकाकरण के बाद से लोगों में बेपरवाही बढ़ी है। मरीज मिलने की संख्या घटने के साथ ही लोगों ने यह मानकर सावधानी बरतनी बंद कर दी कि कोरोना का खतरा टल गया है। यह भारी पड़ सकती है। पहले प्रशासन ने मास्क की अनिवार्यता के लिए अभियान चलाया जाता था। बिना मास्क के घूमने वाले लोगों पर कारवाई भी की जाती थी, जुर्माना किया जाता था। लेकिन कुछ माह से कार्रवाई बंद है, जिससे लोग बेखैफ हो गए हैं।

    मंगलवार को 10 लोगों ने कोरोना को मात दी और इतने ही नए मरीज मिले। राहत की बात यह है कि पिछले करीब 20 दिनों से कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। शहर के एक कनिजी स्कूल लमें काोरेराोेना का हफ्तेभर से कहर चल रहा था। हालांकि मंगलवार को जो 10 नए मरीीज मिले, उनमें से स्कूल काका कोईई नहीं है। शहर में कुल छह मरीज चिन्हित किए गए। उनमें दीनदयाल कालोनी, महेश नगर, लालबाग, ममतानगर में एक-एक व मानव मंदिर चौक के दो मरीज शामिल हैं। इसके अलावा राजनांदगांव ग्रामीण से दो, छुईखदान व अन्य क्षेत्र से एक-एक नए मरीज मिले हैं। जिले में कोरोना संक्रमण की दर एक बार फिर संतुलन में आ गई है। मंगलवार को यह मात्र 0.50 रही। दिनभर में कुल 1752 लोगों का सैंपल टेस्ट किया गया। रैपिड एंटीजन के रूप में 1179 जांच की गई। इसी में छह पाजिटिव पाए गए।

  • ठेकेदारों ने दिया अल्टीमेटम, 1 मार्च से शासकीय भवनों के निर्माण कार्य पर लग जाएगा ब्रेक…

    ठेकेदारों ने दिया अल्टीमेटम, 1 मार्च से शासकीय भवनों के निर्माण कार्य पर लग जाएगा ब्रेक…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने आज रायपुर के बूढ़ा तालाब में एक दिवसीय धरना दिया. एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बिरेश शुक्ला ने कहा कि हम चार सूत्रीय मांग को लेकर धरना दे रहे है. हमारी मांग है कि रॉयल्टी की कटौती बाजार दर पर हो रही है. जो नहीं होनी चाहिए. दूसरा परफॉर्मेंस गारंटी सभी निर्माण विभागों में अलग-अलग है, जिसमें अमेंडमेंट होना चाहिए. किसी भी निर्माण कार्य का 5 से 10 वर्ष तक रखरखाव कोई भी कांट्रेक्टर नहीं कर सकता।

    50 लाख तक के मैनुअल टेंडर पूरे प्रदेश में लागू किया जाए. थर्ड पार्टी चेकिंग के तहत तीन चार महीने से कांट्रेक्टरों का भुगतान नहीं हो सका है, जिस वजह से निर्माण कार्यों में देर हो रही है. समय पर निर्माण हो उसके लिए नियम और कंडीशन लगा दिए गए और ऐसे में निर्माण कार्य होना संभव ही नहीं है इसलिए आज पूरे प्रदेश के कांट्रेक्टर जिला मुख्यालयों पर धरने पर बैठे हैं। हम मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे.
    छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष सुरेश मिश्रा खनिज रॉयल्टी बहुत महत्वपूर्ण जिसे बाजार दर पर हम से वसूली जा रही है और अगर बाजार दर से वसूली जाती है तो हम काम बंद करने जा रहे हैं. कांट्रेक्टर को जो बिल में पेमेंट होता है, उसमें रॉयल्टी इतनी कट रही है कि पैसे ही खत्म हो रहे है.  हम 1 मार्च से काम बंद करने का ऐलान करेंगे. जिससे पूरे शासकीय निर्माण कार्य बंद हो जाएंगे।

    छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग द्वारा राजभवन और मुख्यमंत्री समेत तमाम मंत्रियों के आवास निर्माण का कार्य चल रहा है. वे काम प्रभावित होंगे, साथ ही जिले के अंदर जो बड़े-बड़े काम चल रहे हैं वह भी प्रभावित होंगे. शासन को इसमें गंभीरता से विचार करना चाहिए।

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने दो साल में लिया 36 हजार करोड़ का कर्ज, जानिए किस-किस से कब-कब लिया लोन…

    छत्तीसगढ़ सरकार ने दो साल में लिया 36 हजार करोड़ का कर्ज, जानिए किस-किस से कब-कब लिया लोन…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते दो सालों के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से बाजार ऋण, नाबार्ड की ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि, केन्द्र सरकार के माध्यम से जीएसटी ऋण और एशियन डेवलपमेंट/विश्व बैंक से कुल 36,170 करोड़ ऋण लिया है।

    विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह जानकारी भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा द्वारा दिसंबर 2018 से जनवरी 2021 तक राज्य सरकार के कितना-कितना ऋण किस-किस एजेंसी से कब-कब लिए जाने के सवाल पर दी. शिवरतन शर्मा ने इस पर कहा कि इस प्रश्नोतरी में नेता प्रतिपक्ष के सवाल के जवाब में सरकार ने कहा है कि 41 हज़ार 239 करोड़ का क़र्ज़ लिया गया? सरकार का सही जवाब कौन सा है? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सवालों को लेकर यदि कोई भ्रम है तो सदन की प्रश्न एवं संदर्भ समिति में जाए. मुख्यमंत्री के जवाब पर सदन में विपक्ष ने आपत्ति जताई।


    बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा राजस्व व्यय और पूँजीगत व्यय कितना किया गया? इस पर भूपेश बघेल ने अपने जवाब में कहा कि, यह बता पाना मुमकिन नहीं है. सरकार ज़रूरत के हिसाब से राशि खर्च करती है. शिवरतन शर्मा ने इस पर पूछा कि राज्य सरकार के क़र्ज़ लेने की अधिकतम सीमा क्या है? भूपेश बघेल में कहा कि जीएसडीपी का 25 फ़ीसदी तक क़र्ज़ लिया जा सकता है. राज्य सरकार ने अभी 20 फ़ीसदी तक क़र्ज़ लिया है।

  • जज ने अपने फैसले में कहा- “जो बेटियों को बुरी नजर से देखता है, उसका वध करने में कोई पाप नहीं” डेढ़ साल की बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले शख्स को अदालत ने सुनाई फांसी…

    जज ने अपने फैसले में कहा- “जो बेटियों को बुरी नजर से देखता है, उसका वध करने में कोई पाप नहीं” डेढ़ साल की बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले शख्स को अदालत ने सुनाई फांसी…

    यूपी के हरदोई जिले में लगभग 7 साल पूर्व एक डेढ़ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को तालाब में फेंक दिया गया था। मामले में आरोपी को अपर जिला जज ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये जुर्माने अदा करने का भी आदेश दिया है।
    दुष्कर्म के दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने पर बच्ची के पिता ने अदालत के निर्णय पर खुशी जाहिर की है। अभियोजन पक्ष ने इस मुकदमे को मिशन नारी शक्ति के तहत लिया था।

    यह है पूरा मामला

    हरदोई की पॉक्सो कोर्ट के अपर जिला जज चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में 60 वर्ष के आरोपी गुड्डू उर्फ गब्बू को मृत्युदंड और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मार्च 2014 में कोतवाली देहात में आरोपी के गांव के एक व्यक्ति ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पीड़ित ने बच्ची से साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या करने की बात कही थी। बच्ची का शव तालाब से बरामद किया गया था। पोस्टमार्टम में बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि हुई थी। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में करीब 7 साल चली कानूनी लड़ाई में गवाह और ठोस साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए।

    इसके आधार पर अदालत ने दुष्कर्म और हत्या के आरोपी गुड्डू उर्फ गब्बू को मृत्युदंड और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी पक्ष के वकील ने अदालत के निर्णय को मानते हुए ऊपरी अदालत में अपील करने की भी बात की है।

  • पुलिस ने तत्परता से अपहृत बालक को महज 8 घंटों में ढूंढा…                    आईजी और एसपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी जानकारी,कांग्रेस नेता के पोते के अपहरण का मामला….

    पुलिस ने तत्परता से अपहृत बालक को महज 8 घंटों में ढूंढा… आईजी और एसपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी जानकारी,कांग्रेस नेता के पोते के अपहरण का मामला….

    खरसिया। नगर के छपरीगंज निवासी कांग्रेस नेता रमेश अग्रवाल के घर से शनिवार की शाम छह बजे उनके पुत्र राहुल अग्रवाल के छह वर्षीय बेटे शिवांश के अपहरण की सूचना से नगर में सनसनी फैल गई। रमेश अग्रवाल की रिपोर्ट पर उनके घर मे रसोइये का काम करने वाले निखिल महंत उर्फ खिलावन पिता एतवारी महंत 28 वर्ष निवाशी सरवानी बाराद्वार मोटरसाइकिल में शिवांश को बैठाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया। खरसिया पुलिस संदेही निखिल महंत पर अप. क्र. 104/2021 धारा 364-ए भादवि दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
    अपहरण की सूचना मिलते ही रायगढ़ एसपी संतोष सिंह ने खरसिया एसडीओपी पीताम्बर पटेल की टीम को अलर्ट करते हुए दिशा निर्देश देकर सात टीमें लगाकर अलग अलग दिशा में भेजा और एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा को सायबर टीम के साथ संदेही को लोकेशन ट्रेस करने व सीमावर्ती जिलों के थाना प्रभारियों से संपर्क करने जिम्मेदारी सौपी और खुद एसपी संतोष सिंह खरसिया पहुँचकर इस पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग खरसिया चौकी से की, रात में ही आईजी रतनलाल डांगी भी खरसिया पहुंच गए। डीजीपी डीएम अवस्थी द्वारा मामले में आवश्यक निर्देश दिए जाते रहे। पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस की अन्य टीमो को राज्य के अन्य हिस्से में लगाकर खोजबीन की जा रही थी। सीसीटीवी में आए डिटेल के अनुसार पहचान कर व कुछ अन्य क्लू के आधार पर दो टीमें झारखंड की तरफ तुरन्त रवाना की गई। झारखंड के रास्ते में आने वाले सभी जिलों के एसपी को अलर्ट कर डिटेल शेयर किया गया और उनसे नाकेबंदी के लिए अनुरोध किया गया।

    आरोपी लगातार आगे बढ़ते रहे और रायगढ़ पुलिस टीम दो इंस्पेक्टर की टीम के साथ पीछा करती रही। इसी बीच आरोपियों के अर्टिगा कार से झारखंड के खूंटी जिले की और जाने की जानकारी मिली खूंटी पुलिस द्वारा आरोपियों की कार को रोका गया पीछे पीछे रायगढ़ पुलिस की टीम भी पहुंची अंततः अपहरण के आठ घंटे के अंदर ही तीनों आरोपी सहित बालक सकुशल झारखंड के खूंटी जिले में वहां की पुलिस के सहयोग से बरामद किया गया।

    खरसिया पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मारुति अर्टिगा कार सीजी 13 ए ई-7025 की तलाशी लेने पर प्लास्टिक बोरी गमछा एक छोटी सीसी में क्लोरोफार्म रस्सी मिक्चर बिस्किट चिप्स पानी बोतल जप्त और आरोपी से गाड़ी में छिपाकर रखा गया एक चाकू किया जप्त किया है। घटना में साक्ष्य अनुरूप धारा 368, 120 (बी), 34 आईपीसी , 25 आर्म्स एक्ट जोड़ी गई है। 1 आरोपी खिलावन दास महंत उर्फ निखिल उम्र 28 वर्ष निवासी सरवानी थाना बाराद्वार द्वारा जिला जांजगीर चांपा 2 अमर दास महंत पिता सुरती दास महंत उम्र 23 वर्ष नवापारा खरसिया झारखंड के रांची में आना-जाना करता था 3 संजय सिदार पिता छेदीलाल सितार 30 वर्ष नवापारा खरसिया खरसिया पुलिस आरोपियों को पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ कर रही है।

    अपहरणकर्ताओं द्वारा ट्रांसपोर्टर व्यवसाई से बहुत बड़ी फिरौती की रकम वसूलने की योजना बनाई थी। संभवत वह बच्चे को रांची के किसी बड़े गैंग को सौंपने की तैयारी में थे। तीनों आरोपियों से पूछताछ करते हुए पुलिस की टीम बालक को लेकर खरसिया पहुँची।


    प्रेस क्लब ने दी टीम को बधाई
    खरसिया प्रेस क्लब के सदस्यों ने पुलिस टीम की इस चमकीली सफलता पर आईजी रतनलाल डांगी, एसपी संतोश कुमार सिंह, एडिश्नल एसपी अभिशेक वर्मा सहित खरसिया पुलिस को बधाईयां दी तथा पुष्प गुच्छ़ देकर उनका आभार व्यक्त किया गया।