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  • दिल्ली रेफर हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मेदांता अस्पताल में भर्ती; सड़क हादसे के बाद हालत खतरे से बाहर…

    दिल्ली रेफर हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मेदांता अस्पताल में भर्ती; सड़क हादसे के बाद हालत खतरे से बाहर…

    रायपुर। उत्तरप्रदेश के ललितपुर में हुए सड़क हादसे में घायल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव को बेहतर इलाज के लिए आज सुबह झांसी से दिल्ली रेफर किया गया। उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक किरण सिंह देव की हालत खतरे से बाहर है। उनके पैर और कमर में चोट आई है। भौगोलिकसंदर्भ

    बता दें कि छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण देव बुधवार को उत्तरप्रदेश में सड़क हादसे के शिकार हुए थे। हादसा झांसी-ललितपुर हाईवे पर उस समय हुआ था, जब वह परिवार के साथ बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रहे थे। उन्हें तत्काल झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर किरण देव अपने परिवार के साथ बागेश्वर धाम गए थे। वापसी के दौरान झांसी-ललितपुर मार्ग पर सामने से आ रहे एक वाहन को बचाने की कोशिश में उनके चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इससे कार का संतुलन बिगड़ गया और कार ट्रक में घुस गई।

    हादसे के वक्त किरण देव के साथ उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ भी वाहन में मौजूद थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार में सफर कर रहे थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। इस हादसे में किरण सिंह देव का चालक भी घायल हुआ है।

  • शराब के लिए पैसे मांगकर गैरेज संचालक पर हमला करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार…

    शराब के लिए पैसे मांगकर गैरेज संचालक पर हमला करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार…

    रायगढ़। जिले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत खरसिया पुलिस को एक और सफलता मिली है। मौहापाली मेन रोड पर शराब के लिए पैसे मांगकर गैरेज संचालक एवं उसके साथियों से मारपीट करने वाले फरार आरोपी फैज खान उर्फ फैजान अहमद (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी के मेमोरेंडम पर मारपीट में प्रयुक्त लोहे का कड़ा भी जब्त किया गया है, जबकि उसके दो अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम छोटे मुड़पार निवासी विनोद रायल (32 वर्ष) ने पुलिस चौकी खरसिया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 जनवरी 2026 की रात करीब 11 बजे वह अपने मित्र रोहन जांगड़े को कार से उसके घर मौहापाली छोड़ने गया था। वापस लौटते समय दो मोटरसाइकिलों पर सवार आरोपी फैज खान, अमनप्रीत, करतार और फरीद वहां पहुंचे। फैज खान ने कार रुकवाकर शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। पैसे नहीं होने की बात कहने पर उसने अपने साथियों को बुला लिया और तीनों ने शराब के नशे में गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी तथा हाथ-मुक्कों, लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस दौरान फैज खान ने अपने पास रखे लोहे के कड़े जैसे कठोर औजार से विनोद रायल के सिर पर वार किया, जिससे उसके सिर और आंख के पास गंभीर चोटें आईं और काफी रक्तस्राव हुआ। घटना में प्रार्थी के साथ रोहन जांगड़े और कुंज किशोर पटेल को भी चोटें आईं, जिनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।

    प्रकरण में पुलिस चौकी खरसिया द्वारा अपराध क्रमांक 34/2026 के तहत धारा 296, 351(2), 115(2), 119(1) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया। घटना के बाद तीनों मुख्य आरोपी फरार हो गए थे। चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के निर्देशन में आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर 28 जुलाई 2026 को आरोपी फैज खान उर्फ फैजान अहमद के घर आने की जानकारी मिली। एएसआई मनोज पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उसके मेमोरेंडम के आधार पर मारपीट में प्रयुक्त लोहे का कड़ा भी बरामद कर जब्त किया गया।

    गैर-जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार आरोपी फैजान अहमद उर्फ फैज खान, पिता मुस्ताक अहमद, उम्र 25 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 05, हनुमान चौक, पुरानी बस्ती, खरसिया को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। वहीं घटना में शामिल फरार आरोपी करतार और फरीद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है।

  • रायगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेज का पुराना नाम लौटा, फिर होगा ‘सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’

    रायगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेज का पुराना नाम लौटा, फिर होगा ‘सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन ने रायगढ़ स्थित छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का नाम पुनः “सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायगढ़” करने का आदेश जारी कर दिया है। लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद शासन के इस फैसले का अग्र समाज ने स्वागत करते हुए इसे जनभावनाओं के अनुरूप लिया गया निर्णय बताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दानवीर सेठ किरोड़ीमल शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनके सम्मान में रायगढ़ के इस तकनीकी संस्थान का नाम रखा गया था।

    बाद में नाम परिवर्तन किए जाने के बाद अग्र समाज की ओर से इसे पूर्ववत करने की मांग लगातार उठाई जाती रही। इस संबंध में समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न स्तरों पर शासन, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी थी। 28 जुलाई को जारी आदेश में राज्य शासन ने संस्थान का नाम पुनः “सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायगढ़” करने की स्वीकृति प्रदान की है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाम परिवर्तन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति प्राप्त हो चुकी है। आदेश जारी होने के साथ ही संस्थान का नाम आधिकारिक रूप से पुनर्स्थापित हो गया है। शासन के फैसले के बाद अग्र समाज के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

    समाज का कहना है कि यह निर्णय उठाई जा रही मांग के पूरा होने के साथ-साथ शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में दानवीर सेठ किरोड़ीमल के योगदान को सम्मान देने वाला कदम है। उनका मानना है कि इससे नई पीढ़ी को भी उनके व्यक्तित्व और समाज के प्रति किए गए कार्यों की जानकारी मिलेगी। अग्र समाज ने इस निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ शासन, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तथा इस विषय को शासन स्तर तक पहुंचाने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। समाज ने विशेष रूप से प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न स्तरों पर हुए सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप यह निर्णय संभव हो सका।

    समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सेठ किरोड़ीमल का योगदान केवल किसी एक समाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उनके कार्य पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान के नाम की पुनर्स्थापना से उनकी विरासत और योगदान आने वाली पीढ़ियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।

  • पहले महापौर ने शिकायत की, कार्रवाई हुई तो उसी ठेकेदार को बचाया, पलटी मारने के मामले में तोड़ा रिकॉर्ड…

    पहले महापौर ने शिकायत की, कार्रवाई हुई तो उसी ठेकेदार को बचाया, पलटी मारने के मामले में तोड़ा रिकॉर्ड…

    रायगढ़। राजनीति में कोई हमेशा दोस्त नहीं होता, और हमेशा दुश्मन भी नहीं होता। यह बात रायगढ़ नगर निगम महापौर के बारे में सार्थक होती है। जनवरी में जिस काम में मीनमेख निकालकर कार्रवाई के लिए आयुक्त से शिकायत की थी, उसी में ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने पर बचा लिया गया। बिना अधिकार के आयुक्त के आदेश को ओवरलैप करते हुए बहाली का प्रस्ताव पास कर दिया। ऐसा अनोखा मामला बेहद कम देखने में आता है। यह मामला जनवरी 2026 का है। वार्ड 44 में नाली निर्माण में गुणवत्ताहीन कार्य कराया जा रहा था। इसकी शिकायत वार्ड 44 के पार्षद ने महापौर जानकी काटजू से की।

    महापौर ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इसके बाद आयुक्त नगर निगम को पत्र लिखा। 22 जनवरी 2026 को लिखे पत्र में महापौर ने लिखा नाली के दोनों तरफ ढाले जा रहे रिटेनिंग वॉल का निर्माण घटिया स्तर का पाया गया जिसे छिपाने के लिए प्लास्टर किया गया था। ओवर साइज का बोल्डर उपयोग किया गया, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई। नाली का ढलान मेंटेन नहीं किया गया, जिससे जल भराव होगा। इस संबंध में उन्होंने आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था।
    आयुक्त ने निर्माण का निरीक्षण करने के बाद ठेकेदार एमएस कंस्ट्रक्शन संचालक यथार्थ षड़ंगी को नोटिस दिया।

    दरअसल नाली का निर्माण पुराने नाले के लेबल में न करके ऊपर कर दिया जिससे पानी रुक रहा था। सुधार करने का निर्देश मिलने के बावजूद ठेकेदार ने ध्यान नहीं दिया। वार्ड पार्षद और महापौर की शिकायत पर आयुक्त ने चार बार नोटिस दिया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आयुक्त ने एमएस कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्ट कर दिया। इसके बाद महापौर का एक्शन शुरू हुआ। उन्होंने अपने चेम्बर में ही एक प्रस्ताव टाइप करवाकर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट से वापस बहाल कर दिया।

    हास्यास्पद स्थिति का जिम्मेदार कौन
    महापौर ने अपील समिति के जरिए प्रस्ताव एमआईसी में ले आए। वहां से प्रस्ताव पारित करवाकर ब्लैक लिस्ट से बहाल भी कर दिया। नियम के मुताबिक आयुक्त के आदेश को इस तरह नहीं पलटा जा सकता। महापौर के प्रस्तावित आदेश की वैधता ही नहीं है। इस तरह के प्रस्तावों को मंजूरी देना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। एक तरह से उन्होंने आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में प्रवेश कर लिया जो गलत है। इस घटना पर पूरे नगर निगम में चटखारे लेकर चर्चा की जा रही है। सवाल यह है कि जिस घटिया निर्माण की शिकायत खुद महापौर ने की, उसमें कार्रवाई होने पर पलटी क्यों मारी?

  • पाउडर से कैंसर! 76 हज़ार मुकदमे निपटाने के लिए कंपनी 52 हज़ार करोड़ देने को तैयार…

    पाउडर से कैंसर! 76 हज़ार मुकदमे निपटाने के लिए कंपनी 52 हज़ार करोड़ देने को तैयार…

    अमेरिका (United States of America) की मल्टीनेशनल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) ने करीब 76 हज़ार मुकदमों को निपटाने के लिए 5.5 बिलियन डॉलर (लगभग 52 हजार करोड़ रुपए) तक देने की पेशकश की है। इन मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के बेबी पाउडर और टैल्कम वाले दूसरे उत्पादों से ओवेरियन कैंसर (अंडाशय का कैंसर) होता है। हालांकि कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया है। साथ ही कंपनी ने अपने मशहूर बेबी पाउडर का फॉर्मूला भी बदल दिया है।

    पिछले कई सालों से कानून के पचड़ों में फंसी हुई है कंपनी

    अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पिछले कई साल से कानूनी पचड़ों में फंसी है। कंपनी के लिटिगेशन मामलों के वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास ने कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और कंपनी मुकदमेबाजी को हमेशा के लिए सुलझाने के मकसद से समझौता करने को तैयार है।

    कब से शुरू हुए थे मुकदमे?

    जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ 2009 से ही मुकदमे शुरू हो गए थे। करीब 17 साल से कंपनी इन मुकदमों का सामना कर रही है। कंपनी के मुआवजे से पाउडर से जुड़े ज़्यादातर दावें कवर हो जाएंगे। कंपनी के मुआवजे से पाउडर से जुड़े ज़्यादातर दावें कवर हो जाएंगे जिससे जॉनसन एंड जॉनसन को कुछ राहत मिल सकती है।

    अब क्या है उम्मीद?

    कंपनी ने कहा कि प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले उसे उन कानूनी फर्मों की मंजूरी मिलनी चाहिए जो ओवेरियन कैंसर के 95% दावों का प्रतिनिधित्व कर रही है। हास ने उम्मीद जताई कि इस समाधान के बाद कंपनी जीवन रक्षक दवाएं और उपकरण विकसित करने के मिशन पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जॉनसन एंड जॉनसन दवाओं, स्वास्थ्य से जुड़ी दूसरी चीज़ें और बच्चों के अन्य प्रोडक्ट्स भी बनाती है।

    क्या है टैल्क?

    टैल्क मैग्नीशियम, सिलिकॉन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से बना होता है। यह साबुन जैसा लगता है और एस्बेस्टस की खानों के पास मिलता है। एस्बेस्टस के कारण कैंसर का खतरा रहता है। टैल्क का बेबी पाउडर में इस्तेमाल किया जाता है। ग्राहकों का कहना है कि एस्बेस्टस की मिलावट के कारण कंपनी के टैल्क प्रोडक्ट से कैंसर हुआ था। इसी वजह से कंपनी को मुकदमे झेलने पड़ रहे हैं।

  • तेज नहीं दौड़ रही स्मार्ट मीटर, 18 घरों में टेस्ट में सभी निकले सही, उपभोक्ताओं की शिकायत पर विभाग ने शुरू की जांच….

    तेज नहीं दौड़ रही स्मार्ट मीटर, 18 घरों में टेस्ट में सभी निकले सही, उपभोक्ताओं की शिकायत पर विभाग ने शुरू की जांच….

    जांजगीर-चांपा। विद्युत वितरण व्यवस्था को आधुनिक व पारदर्शी बनाने जिले में भी घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए है। स्मार्ट मीटर में लगातार उपभोक्ताओं द्वारा की गई तेज चलने की शिकायत पर विभाग ने शहर में 18 लोगों के घरों में टेस्ट मीटर लगाए। टेस्ट के दौरान सभी में स्मार्ट मीटर सही निकले। इससे स्पष्ट है कि स्मार्ट मीटर की तेज चलने की बात केवल अफवाह है।
    विद्युत विभाग को भी लगातार हाइटेक व उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले में भी पिछले साल भर से स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया जा रहा है। शहर में लगभग सभी घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। इसमें लोगों की लगातार शिकायतें मिल रही है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रही है। इससे बिजली का बिल ज्यादा आ रहे हैं।
    शहर में स्मार्ट मीटर के तेज चलने और अधिक बिल आने की शिकायतों के बीच बिजली विभाग की जांच में राहत देने वाली तस्वीर सामने आई है। विभाग ने शहर के 18 उपभोक्ताओं के घरों में टेस्ट मीटर लगाकर स्मार्ट मीटर की सटीकता की जांच कराई। जांच में सभी मीटरों की रीडिंग मानक के अनुरूप सही पाई गई।
    इससे स्मार्ट मीटर के तेज चलने के आरोपों को विभाग ने निराधार बताया है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद प्रत्येक स्थान पर स्मार्ट मीटर के साथ टेस्ट मीटर लगाकर दोनों की रीडिंग का मिलान किया गया। जांच के दौरान किसी भी मीटर में निर्धारित सीमा से अधिक अंतर नहीं मिला।

     

    आप भी कर सकते हैं आसानी से टेस्ट
    स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायत आप भी कर सकते हैं। टेस्ट मीटर लगाने के लिए आपको कुछ शुल्क देना पड़ेगा। इसमें सिंगल फेज का 300 रुपए तो थ्री फेज का 450 रुपए देना होगा। इसके बाद आपके घरों में भी स्मार्ट मीटर के पास अलग से टेस्ट मीटर लगाए जाएंगे। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि आपके घरों में स्मार्ट व सामान्य मीटर में कितना अंतर आ रहा है।

  • आपदा प्रबंधन के 50 हजार घूस के नाग ने रायगढ कलेक्ट्रेट के बाबू की नौकरी को डसा…

    आपदा प्रबंधन के 50 हजार घूस के नाग ने रायगढ कलेक्ट्रेट के बाबू की नौकरी को डसा…

    रायगढ़ कलेक्ट्रेट में राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा के एक बाबू को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उस समय गिरफ्तार किया, जब वह सर्पदंश से मृत महिला के परिजन से रिश्वत की गारंटी के रूप में ₹50 हजार का हस्ताक्षरित चेक ले रहा था। ACB के अनुसार, रिश्वत की रकम की बजाय गारंटी के तौर पर हस्ताक्षरित चेक मांगकर रिश्वतखोरी का यह पहला मामला है।

    सर्पदंश मुआवजे के लिए मांगी थी रिश्वत

    पुसौर तहसील के ग्राम बुलाकी निवासी विजय सिदार ने ACB बिलासपुर से शिकायत की थी कि उनकी पत्नी रामकुमारी की वर्ष 2023 में सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। शासन की राहत योजना के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि के लिए उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन मामला कलेक्ट्रेट रायगढ़ में लंबित था। शिकायत के अनुसार, राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा में पदस्थ बाबू राजकुमार सिदार ने मुआवजा राशि जल्द बैंक खाते में जारी कराने के एवज में ₹50 हजार की रिश्वत मांगी। आरोपी ने यह भी कहा कि मुआवजा मिलने तक ₹50 हजार का हस्ताक्षरित चेक गारंटी के तौर पर जमा करना होगा।

    शिकायत सही मिली, जाल बिछाकर पकड़ा

    ACB ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद मंगलवार 28 जुलाई को जाल बिछाया गया। जैसे ही आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता से ₹50 हजार का हस्ताक्षरित चेक लिया, ACB टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

    आरोपी राजकुमार सिदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    इसलिए असामान्य

    यह मामला इसलिए भी असामान्य है क्योंकि आरोपी ने नकद रिश्वत लेने के बजाय हस्ताक्षरित चेक को “गारंटी” के रूप में मांगा था। ACB का कहना है कि इस तरह की रिश्वतखोरी का यह अब तक का पहला मामला सामने आया है।

  • करेले के ढेर में छिपे कोबरा ने युवक को डसा, सिम्स में हालत नाजुक…

    करेले के ढेर में छिपे कोबरा ने युवक को डसा, सिम्स में हालत नाजुक…

    बिलासपुर। नेहरू नगर स्थित साप्ताहिक सब्जी बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब करेला खरीद रहे एक युवक को सब्जियों के ढेर में छिपे एक जहरीले कोबरा सांप ने डस लिया। इस घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और दहशत के मारे लोग इधर-उधर भागने लगे। घायल युवक को गंभीर अवस्था में सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

     

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहतराई निवासी बिहारी साहू नेहरू नगर के साप्ताहिक बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। जब वे एक दुकान पर करेला छांट रहे थे, तभी करेलों के बीच छिपा कोबरा अचानक फन फैलाकर बाहर निकला और उनके हाथ पर डस लिया। सांप के डसते ही युवक चीख पड़ा, जिसे सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।

     

    स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल बिहारी साहू को तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल युवक की स्थिति नाजुक बनी हुई है। वहीं, इस अप्रत्याशित घटना के बाद से सब्जी बाजार में व्यापारियों और ग्राहकों के बीच काफी दहशत का माहौल है।

  • साथी ट्रेनी IPS का किया शारीरिक शोषण, प्राइवेट वीडियो बना कर किया ब्लैकमेल, आरोपी ट्रेनी अफसर की तलाशी शुरू…

    साथी ट्रेनी IPS का किया शारीरिक शोषण, प्राइवेट वीडियो बना कर किया ब्लैकमेल, आरोपी ट्रेनी अफसर की तलाशी शुरू…

    तेलंगाना में ट्रेनी भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ट्रेनी IPS अधिकारी की शिकायत के बाद आरोपी ट्रेनी IPS अधिकारी मुलागानी उदय कृष्णा रेड्डी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। महिला अधिकारी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने लंबे समय तक उसका यौन उत्पीड़न किया, शारीरिक हमला किया, उसकी जानकारी के बिना प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड किया और उसी वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।

    हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद से फरार आरोपी

    तेलंगाना पुलिस के अनुसार, मुलागानी उदय कृष्णा रेड्डी ने हाई कोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने और गिरफ्तारी से राहत देने की मांग की थी। लेकिन अदालत से उसे अंतरिम राहत नहीं मिली। इसके बाद पुलिस जब पूछताछ के लिए नोटिस देने उसके दोनों बताए गए पतों पर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए मैनहंट शुरू कर दिया। इस मामले की जांच इंस्पेक्टर ज्योत्सना कर रही हैं, जबकि पूरी जांच की निगरानी SHE Teams की डीसीपी लावण्या नाइक जाधव कर रही हैं। डीसीपी ने महिला ट्रेनी IPS अधिकारी का बयान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अकादमी के अधिकारियों की मौजूदगी में दर्ज किया।

    महिला ट्रेनी IPS ने लगाए गंभीर आरोप

    करीब 30 वर्षीय महिला ट्रेनी IPS अधिकारी ने शिकायत में कहा कि 23 जून से आरोपी उसे इंस्टेंट मैसेजिंग एप पर अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेज रहा था। वह अकादमी में उसके बारे में अपमानजनक टिप्पणियां भी करता था। महिला अधिकारी का आरोप है कि आरोपी ने उस पर दूसरे ट्रेनी अधिकारी के साथ संबंध होने का झूठा आरोप लगाया और उसे इसे स्वीकार करने का दबाव बनाया। शिकायत के अनुसार, 9 जुलाई को आरोपी ने उसे जबरन अपने कमरे में ले जाकर बाल पकड़कर मारपीट की, गला दबाने की कोशिश की, चाकू गर्दन पर रखकर डराया और बाहर नहीं जाने दिया। अगले दिन भी उसके साथ मारपीट की गई। महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी जानकारी और सहमति के बिना उसका प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे उसके पति को भेजकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की।

    कई गंभीर धाराओं में केस, अकादमी से किया गया सस्पेंड

    शिकायत के आधार पर अत्तापुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें महिला की मर्यादा भंग करने की कोशिश, यौन उत्पीड़न, पीछा करना, गलत तरीके से बंधक बनाना, चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी और महिला का अपमान करने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की गोपनीयता के उल्लंघन और यौन स्पष्ट सामग्री से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) ने आरोपी ट्रेनी अधिकारी को प्रशिक्षण से निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है।

    शिकायत के बाद आत्महत्या करने का किया गया दावा

    मामला दर्ज होने के अगले दिन आरोपी ने कथित तौर पर अधिक मात्रा में शराब पी ली और बेहोश हो गया था। उसके भाई और दोस्तों ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। शुरुआत में आत्महत्या की कोशिश की आशंका जताई गई, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि गैस्ट्रिक जांच में कोई असामान्य चीज नहीं मिली। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल कथित सुसाइड नोट को लेकर पुलिस ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है। दूसरी ओर आरोपी ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताते हुए कहा है कि उसे न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और उसे विश्वास है कि सच सामने आएगा। अस्पताल से आरोपी को दो दिन बाद छुट्टी दे दी गई थी। बाद में कोर्ट ने उसकी अंतरिम जमानत की याचिका खारिज की जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाशी कर रही है।

  • कार के साथ बह गए कारोबारी पति-पत्नी, मूसलाधार बारिश में पार कर रहे थे नाला, रायगढ़ में तलाश जारी…

    कार के साथ बह गए कारोबारी पति-पत्नी, मूसलाधार बारिश में पार कर रहे थे नाला, रायगढ़ में तलाश जारी…

     रविवार शाम सारंगढ़ के एक व्यवसायी दंपत्ति की कार अनियंत्रित होकर नाला में गिर गई और तेज बहाव से गहरे पानी में जाने से पति-पत्नी लापता हो गए। घटना की सूचना पर पुलिस व रेस्क्यू टीम देर शाम तक तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला है। वहीं आज सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू की। बता दें कि सुबह से टीम शव की खोजबीन में जुटी हुई है।

     अनियंत्रित होकर नाले में गिरी कार

    इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ थाना क्षेत्र के घोटला बड़े निवासी देवनारायण पटेल पत्नी सविता पटेल के साथ रविवार सुबह किसी व्यवसायिक काम से सारंगढ़ गए थे। दोपहर में मूसलाधार बारिश होने से शाम को दोनों कार में सवार होकर घर लौट रहे थे। शाम करीब 6 बजे माधोपाली-बांधापाली के बीच बहने वाला लात नाला के पुराने पुल को पार कर रहे थे, तभी पुल पर एक बड़ी लकड़ी होने के कारण उससे बचते हुए आगे निकले तो कार अनियंत्रित होकर नाला में गिर गई। तेज बारिश के कारण नाला में अधिक बहाव होने से कार काफी दूर बह गई।

    देर शाम तक रेस्क्यू टीम करती रही तलाश

    आस-पास के लोगों ने कुछ देर बाद देखा कि नाला के गहरे पानी में कार तैर रही है तो इसकी सूचना सारंगढ़ पुलिस को दी। इससे पुलिस व रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कार कार को बाहर निकाला गया, लेकिन उसमें सवार देवनारायण पटेल व उनकी पत्नी सविता पटेल का पता नहीं सका। पुलिस का कहना है कि अंधेरा होने व पानी का बहाव तेज होने से तलाश रोकी गई है। सुबह में फिर से खोज बीन की जाएगी।

    प्रशासन ने लोगों से की अपील

    हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनते नालों और पुलों को पार करने का जोखिम न उठाएं तथा जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गोताखोरों की मदद से लापता दंपती की तलाश जारी है।