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  • साहिल शर्मा बने जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष…

    साहिल शर्मा बने जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष…

    प्रभारी मंत्री के निर्देश पर रायगढ़ जिले के 11 शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष मनोनीत

    खरसिया। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रायगढ़ ने प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम की अनुशंसा पर पर जिले के 11 शासकीय महाविद्यालयों की जनभागीदारी समिति के अध्यक्षों का मनोनयन किया है। इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय से आदेश जारी कर संबंधित महाविद्यालयों में अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है, इसी तारतम्य में खरसिया नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद साहिल शर्मा चीनू को शासकीय महात्मा गांधी स्नाताकोत्तर महाविद्यालय खरसिया में जन भागीदारी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साहिल शर्मा को जन भागीदारी समिति का अध्यक्ष बनाये जाने पर उन्हें बधाइयाँ देने वालों का तांता लगा हुआ है, वही इस संबंध में पार्षद साहिल शर्मा ने बताया कि जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है मैं उसका यथा शक्ति पालन करूंगा साथ ही जनभागीदारी समिति महाविद्यालय के विकास, जनसहभागिता बढ़ाने तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं आधारभूत गतिविधियों में सहयोग की भूमिका निभाएंगी।

  • ED की रिमांड में भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव:300 करोड़ के ट्रांजेक्शन, शेल कंपनियों, हवाला नेटवर्क की जांच; 8 दिनों तक पूछताछ होगी….

    ED की रिमांड में भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव:300 करोड़ के ट्रांजेक्शन, शेल कंपनियों, हवाला नेटवर्क की जांच; 8 दिनों तक पूछताछ होगी….

    बिलासपुर के कथित तांत्रिक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले कृष्ण कुमार उर्फ केके श्रीवास्तव को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 करोड़ रुपए की कथित कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है।

    कोर्ट ने उन्हें 7 अगस्त तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान अधिकारी उनसे कथित मनी ट्रेल, हवाला नेटवर्क और शैल कंपनियों के जरिए करीब 300 करोड़ रुपए के वित्तीय लेन-देन समेत मामले के अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ करेंगे।

    केके श्रीवास्तव के घर की तलाशी में ईओडब्ल्यू को ट्रांजेक्शन का ब्योरा भी मिला था।
    केके श्रीवास्तव के घर की तलाशी में ईओडब्ल्यू को ट्रांजेक्शन का ब्योरा भी मिला था।

    हवाला के जरिए विदेश भेजी गई रकम

    ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि कथित कमीशन की रकम हवाला के जरिए अमेरिका समेत कई देशों में भेजी गई। वहां शैल कंपनियों के जरिए धन को वैध दिखाया गया।

    इसके बाद भारत में केके श्रीवास्तव से जुड़े कथित नेटवर्क के जरिए जमीन, कंपनियों और अन्य कारोबार में निवेश किया गया। एजेंसी अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क और धन के लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।

    केके श्रीवास्तव के खिलाफ 15 करोड़ की कथित ठगी के मामले में EOW पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।
    केके श्रीवास्तव के खिलाफ 15 करोड़ की कथित ठगी के मामले में EOW पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।

    विधानसभा थाने में भी दर्ज हुआ मामला

    ED की कार्रवाई से पहले विधानसभा थाना पुलिस ने भी एक नया मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता संदीप सेठ ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक निजी कंपनी में डायरेक्टर बनाकर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया।

    इन दस्तावेजों के आधार पर मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खाते खोले गए। पुलिस को आशंका है कि इन्हीं बैंक खातों के जरिए विदेश से धन का लेन-देन किया गया और उनका इस्तेमाल केके श्रीवास्तव से जुड़े वित्तीय लेन-देन में किया गया।

    कारोबारी अशोक रावत, जिन्होंने केके श्रीवास्तव पर ठगी का आरोप लगाया है।
    कारोबारी अशोक रावत, जिन्होंने केके श्रीवास्तव पर ठगी का आरोप लगाया है।

    कारोबारी अशोक रावत की शिकायत से शुरू हुई जांच

    पूरा मामला दिल्ली के कारोबारी अशोक रावत की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि स्मार्ट सिटी और एनआरडीए के करीब 500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर केके श्रीवास्तव ने उनसे 15 करोड़ रुपए लिए थे।

    ठेका नहीं मिलने पर रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद शिकायत के आधार पर तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

    ईडी को आधा दर्जन से ज्यादा शैल कंपनियों की जानकारी

    बताया जा रहा है कि जांच के दौरान ईडी को केके श्रीवास्तव और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक शैल कंपनियों की जानकारी मिली है। इन कंपनियों के बैंक खातों में करीब 300 करोड़ रुपए के लेन-देन की जांच की जा रही है।

    मामले में ईडी, ईओडब्ल्यू और पुलिस जांच कर रही हैं।

  • मोबाइल चोरी कर आरक्षक के खाते से उड़ाए ₹4.87 लाख, साथी आरक्षक ही निकला साइबर ठग, आरोपी गिरफ्तार….

    मोबाइल चोरी कर आरक्षक के खाते से उड़ाए ₹4.87 लाख, साथी आरक्षक ही निकला साइबर ठग, आरोपी गिरफ्तार….

    जांजगीर-चांपा : जांजगीर-चांपा में साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए 11वीं बटालियन में पदस्थ एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने ही साथी पुलिसकर्मी का मोबाइल चोरी कर उसके बैंक खाते से करीब 4 लाख 87 हजार 911 रुपए ऑनलाइन निकाल लिए। पुलिस के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और चोरी की रकम गेम में खर्च कर दी।

    मामला 11वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक सुधीर कुमार सिंह से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 की रात उन्होंने अपना वीवो वाई-21 मोबाइल बैरक में चार्जिंग पर लगाया था, लेकिन ड्यूटी पर जाने से पहले मोबाइल गायब मिला। कुछ दिनों बाद बैंक पहुंचने पर पता चला कि उनके खाते से 24 अप्रैल से 3 मई के बीच विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से ₹4 लाख 87 हजार 911 की अनाधिकृत निकासी हो चुकी है।

    शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान संदेह 11वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार यादव पर गया, जो घटना के बाद से बटालियन परिसर से भी गायब था। पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल चोरी करने और मोबाइल में मौजूद आधार नंबर की मदद से यूपीआई आईडी बनाकर खाते से रकम निकालने की बात स्वीकार कर ली।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-सी और 66-डी के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। साइबर थाना पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।

  • नाम सामने, फिर भी सिंडिकेट के आगे बेबस अफसरशाह! ‘बीजनिगम बरमकेला धान घोटाले’ में कार्रवाई से क्यों कांप रहे जिम्मेदारों के हाथ-पांव?

    नाम सामने, फिर भी सिंडिकेट के आगे बेबस अफसरशाह! ‘बीजनिगम बरमकेला धान घोटाले’ में कार्रवाई से क्यों कांप रहे जिम्मेदारों के हाथ-पांव?

    सारंगढ़-बिलाईगढ़। ‘सांच को आंच क्या’… यह कहावत शायद सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रशासनिक गलियारों में आकर उल्टी पड़ जाती है। जिले के बहुचर्चित ‘बीजनिगम धान घोटाले’ में जब कागजी सबूत, खसरा नंबर और 18 रसूखदार नाम उजागर होकर टेबल पर रखे जा चुके हैं, तब भी कार्रवाई के नाम पर प्रशासनिक सन्नाटा पसरा हुआ है। सबूत सामने होने के बावजूद भ्रष्ट सिंडिकेट पर हाथ डालने में जिम्मेदार अधिकारियों के ‘हाथ-पांव फूल रहे हैं’।

    सवाल उठना लाजमी है कि आखिर वह कौन सी अनदेखी ताकत या राजनीतिक आका का हाथ इन आरोपियों के सिर पर है, जिसके दबाव में नियम-कानूनों का चाबुक चलाने वाले अफसर अचानक लाचार और बेबस नजर आने लगे हैं?

    सबूत पक्के, फिर भी ‘तारीख पर तारीख’ का खेल!

    एक ही जमीन के रकबे और खसरा नंबर का इस्तेमाल कर बीजनिगम (बरमकेला) और प्राथमिक सहकारी समितियों से दोहरा भुगतान उठाना कोई मामूली चूक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘डिजिटल डकैती’ है।

    कागजों पर 18 नाम उजागर: 18 संदिग्धों की सूची और उनके बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियां साफ-साफ घोटाले की गवाही दे रही हैं।
    सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग: बिना ऑपरेटरों और प्रबंधकों के पासवर्ड/क्रेडेंशियल के यह दोहरा खेल संभव ही नहीं था।
    कार्रवाई के नाम पर लीपापोती: जांच के नाम पर सिर्फ फाइलें इधर से उधर खिसकाई जा रही हैं, जबकि कायदे से अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज हो जानी चाहिए थी।

    अधिकारियों की ‘सांप सूंघने’ जैसी खामोशी पर उबल रहे किसान

    जब एक आम गरीब किसान का एक कट्टा धान ज्यादा हो जाता है, तो उस पर जब्ती की तुरंत कार्रवाई करने वाला प्रशासन, इतने बड़े संगठित फर्जीवाड़े पर मौनव्रत धारण किए बैठा है। जिले के ईमानदार किसानों और ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है।

    सीधा सवाल: क्या अधिकारियों को डर है कि अगर इन 18 नामों पर शिकंजा कसा गया, तो वे उन ‘बड़े चेहरों’ के नाम उगल देंगे जो परदे के पीछे बैठकर इस सिंडिकेट को चला रहे थे? क्या यही डर अफसरों के कदम रोक रहा है?

    जनता मांग रही जवाब: अब जांच नहीं, जेल और रिकवरी चाहिए!

    प्रशासनिक सुस्ती को देखते हुए मांगें अब जांच के आश्वसनों तक सीमित नहीं हैं:

    1.तत्काल FIR: 18 संदिग्धों समेत फर्जीवाड़े में शामिल कंप्यूटर ऑपरेटरों और समिति प्रबंधकों पर तुरंत आपराधिक मामला दर्ज हो।

    3.संरक्षणदाताओं का पर्दाफाश: उन आला अधिकारियों और राजनीतिक चेहरों के नाम सार्वजनिक किए जाएं जो इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने का दबाव बना रहे हैं।

    यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही इन ‘रसूखदारों’ पर सख्त कानूनी डंडा नहीं चलाया, तो यह साफ हो जाएगा कि यह घोटाला सिर्फ बिचौलियों का नहीं, बल्कि व्यवस्था की मौन सहमति से हुआ महा-फर्जीवाड़ा था!

  • सोनू बनकर रायपुर के सुफरान ने हिन्दू लड़की से शादी की, लव जिहाद का मामला…

    सोनू बनकर रायपुर के सुफरान ने हिन्दू लड़की से शादी की, लव जिहाद का मामला…

    रायपुर। राजधानी रायपुर में एक लव जिहाद का मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने मुस्लिम युवक पर नाम बदलकर दोस्ती करने और शादी करने का आरोप लगाया है। यह पूरा मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता पंडरी थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 6 साल पहले आरोपी सुफरान शेख ने अपना नाम सोनू बताया और शादी कर एक साल अपने पंडरी स्थित घर में नानी और बहनों के साथ रखा। इस दौरान पीड़िता ने गर्भवती होने के बाद एक बेटे को भी जन्म दिया। इस बीच आरोपी सुफरान शेख हत्या के प्रयास के मामले में जेल चला गया और एक साल से अधिक समय तक जेल में रहा। पीड़िता का आरोप है कि जेल से वापस आने के बाद सुफरान शेख उसे उसका बच्चा नहीं दे रहा था, जिसकी शिकायत करने वह आज पहुंची है।

     

    वहीं आरोपी युवक के परिजनों का कहना है कि युवती को हम लोगों ने स्वीकार करते हुए अपने साथ रखा और वहीं भाई के जेल जाने के बाद आधार सेंटर जाकर खुद अपना नाम बदलवाया। जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पंडरी थाने पहुंचे और युवती की शिकायत पर FIR दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार करने की मांग की। वहीं पंडरी थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच की बात कह रही है। इस पूरे मामले पर पुलिस आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

  • बदसलूकी से परेशान किसान ने बैंक मैनेजर को जड़ा तमाचा, FIR दर्ज….

    बदसलूकी से परेशान किसान ने बैंक मैनेजर को जड़ा तमाचा, FIR दर्ज….

    महाराष्ट्र। बुलढाणा में एक बैंक मैनेजर को स्वाभिमानी किसान संगठन के जिलाध्यक्ष ने उनके ही केबिन में जाकर थप्पड़ जड़ दिए. बैंक कर्मियों के विरोध के बाद पुलिस ने किसान नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. ये मामला 30 जुलाई का बताया जा रहा है. खामगांव शहर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर शिवाजी कड़ अपने केबिन में काम कर रहे थे. उसी दौरान स्वाभिमानी किसान संगठन के जिलाध्यक्ष अमोल पाटिल वहां पहुंचे और मैनेजर को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया.

     

    आरोपी किसान का आरोप है कि बैंक मैनेजर किसानों के साथ बदसलूकी करता था. हालांकि, बैंक मैनेजर ने किसान नेता के सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. केबिन में मौजूद दूसरे कर्मचारियों ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उनके साथ भी हाथापाई की.

    इस मामले को लेकर बैंक कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने देर रात खामगांव पुलिस स्टेशन में धरना दे दिया. कर्मचारियों ने थाने में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की. वहीं, बैंक मैनेजर के साथ मारपीट करने को लेकर आरोपी अमोल पाटिल ने सफाई दी. पाटिल ने कहा, ‘कर्ज माफी के बारे में जानकारी हासिल करने गए किसान को मैनेजर कहते हैं कि, तुम्हारे बाप का बैंक है क्या? कितनी बार कर्ज लोगे, कितनी बार तुम्हें कर्ज में सहूलत दी जाए? इस तरह बैंक मैनेजर किसानों को बोलते हैं. इसी वजह से उनको पीटा. अगर मैनेजर की भाषा नहीं सुधरी तो और सबक सिखाएंगे.’ खामगांव शहर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है. थानेदार सूर्यकांत अहिरकर ने बताया, ‘बैंक मैनेजर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. आरोपी की तलाश में टीमें बनाई गई हैं. आरोपी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. बैंक कर्मचारियों को भी आश्वस्त किया गया है, आगे की जांच चल रही है.’

  • WhatsApp: WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खबर! Status का Caption भी अब कर सकेंगे Edit…

    WhatsApp: WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खबर! Status का Caption भी अब कर सकेंगे Edit…

    WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक ऐसा फीचल लाने की तैयारी कर रहा है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था. अगर आपने स्टेटस पर फोटोवीडियो डालते समय कैप्शन में कोई गलती कर दी या बाद में उसे बदलना चाहा तो अब इसके लिए स्टेटस डिलीट करके दोबारा पोस्ट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कंपनी जल्द ऐसा फीचर ला रही है, जिससे स्टेटस पोस्ट करने के बाद भी उसका कैप्शन एडिट किया जा सकेगा.

    ऐसे कर सकेंगे एडिट

    WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया फीचर फिलहाल WhatsApp Beta for Android 2.26.30.1 वर्जन इस्तेमाल करने वाले कुछ बीटा टेस्टर्स के लिए जारी किया गया है. इस फीचर की मदद से यूजर स्टेटस पोस्ट करने के बाद 15 मिनट के अंदर उसके कैप्शन में बदलाव कर सकेंगे. इधर 15 मिनट के बाद कैप्शन एडिट नहीं किया जा सकेगा.

    WhatsApp इस फीचर के साथ कैप्शन बदलने के दो ऑप्शन देने वाला है. पहला तरीका ये कि यूजर अपने शेयर किए गए स्टेटस की लिस्ट में जाकर Status Menu से सीधे Edit Caption ऑप्शन सकेंगे. इससे स्टेटस खोले बिना ही कैप्श बदला जा सकेगा.

     

     

    दूसरा तरीका है स्टेटस के कैप्शन के पास एक पेंसिल आइकन दिखाई देगा. इस आइकन पर टैप करके यूजर तत्काल अपने कैप्श को एडिट कर पाएंगे. इससे टाइपिंग की गलती सुधारना या पूरा कैप्शन बदलना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा.

     

    दूसरे यूजर को नहीं चलेगा पता

    WhatsApp में जब किसी मैसेज को एडिट करते हैं तो उसके साथ Edited के लेबल दिखाई देता है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक स्टेटस के कैप्शन में बदलाव करने पर ऐसा कोई लेबल नहीं दिखेगा.

    फिलहाल बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध

    WhatsApp अभी ये फीचर सिर्फ कुछ बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध हुआ है, जिन्होंने Google Play Store से WhatsApp का लेटेस्ट बीटा वर्जन इंस्टॉल किया है. कंपनी इसे धीरे-धीरे सभई एड्रॉयड यूजर्स के लिए रोल आउट करेगी

  • रायगढ़ में सेक्स रैकेट के दो बड़े अड्डों का भंडाफोड़, पुलिस की रेड में दो संचालिका समेत 4 गिरफ्तार, देह व्यापार के दलदल से दो नाबालिग बच्चियां मुक्त…

    रायगढ़ में सेक्स रैकेट के दो बड़े अड्डों का भंडाफोड़, पुलिस की रेड में दो संचालिका समेत 4 गिरफ्तार, देह व्यापार के दलदल से दो नाबालिग बच्चियां मुक्त…

    • लालटंकी की रेड में संचालिका महिला लक्ष्मी शर्मा और ग्राहक ऋषभ शर्मा गिरफ्तार
    • मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक रेड में संचालिका महिला सुनीता मेहर और ग्राहक अभय सिंह पर कार्रवाई

    रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक एवं साइबर डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में थाना साइबर, कोतवाली एवं जूटमिल पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई कर अनैतिक देह व्यापार के दो अड्डों का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो नाबालिग बालिकाओं को संरक्षण में लेकर काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया। दोनों मामलों में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    पहली कार्रवाई : लालटंकी दानीपारा में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़

    कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लालटंकी दानीपारा स्थित लक्ष्मी शर्मा के मकान में लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से एक पाइंटर ग्राहक को 1,500 रुपये देकर मकान भेजा। पूर्व निर्धारित संकेत मिलते ही प्रभारी सीएसपी एवं साइबर डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में थाना प्रभारी साइबर विजय चेलक, उप निरीक्षक संजय नाग, ऐनु देवांगन, विजय एक्का एवं संयुक्त पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी।

    छापेमारी के दौरान मकान में संचालिका लक्ष्मी शर्मा (46 वर्ष) पति मौजूद मिली। उसके कब्जे से पाइंटर को दिए गए 500-500 रुपये के तीन नोट (कुल 1,500 रुपये) एवं एक सैमसंग मोबाइल बरामद किया गया। तलाशी के दौरान मकान के एक कमरे में एक नाबालिग बालिका के साथ ऋषभ शर्मा (24 वर्ष) तथा दूसरे कमरे में एक अन्य नाबालिग बालिका मिली। मकान से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पूछताछ में लक्ष्मी शर्मा ने स्वीकार किया कि वह पिछले एक-दो वर्षों से लड़कियों को बुलाकर अपने मकान में देह व्यापार करा रही थी तथा ग्राहकों से प्राप्त राशि में से लड़कियों को प्रतिदिन भुगतान करती थी।

    जांच में आरोपियों द्वारा अवैध रूप से देह व्यापार कराकर आर्थिक लाभ अर्जित करना पाया गया। थाना कोतवाली में आरोपिया (1) लक्ष्मी शर्मा पति साजीव वर्गीस उम्र 46 वर्ष निवासी लाल टंकी दानीपारा वार्ड नम्बर 12 रायगढ़ (2) ऋषभ शर्मा पिता राजेश शर्मा उम्र 24 वर्ष निवासी लाल टंकी दानीपारा वार्ड नम्बर 12 रायगढ़ के विरूद्ध अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 एवं 5 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 की धारा 14 के तहत कार्रवाई की गई है । रेस्क्यु करायी गई दोनों नाबालिगों का कॉउंसलिंग कराया जा रहा है ।

    दूसरी कार्रवाई : मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक में भी चल रहा था देह व्यापार

    इसी दौरान थाना साइबर एवं थाना जूटमिल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक स्थित सुनीता मेहर के मकान पर भी योजनाबद्ध कार्रवाई की। यहां भी पुलिस ने पहले पाइंटर ग्राहक भेजा और संकेत मिलते ही टीम ने मकान में दबिश दी। छापेमारी के दौरान सुनीता मेहर मौके पर मिली। मकान के एक कमरे में एक महिला तथा अभय सिंह (42 वर्ष) निवासी मूलतः जिला सिवान (बिहार), वर्तमान निवासी चिराईपानी लेबर कॉलोनी, पूंजीपथरा, संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ में दोनों ने अनैतिक कार्य के उद्देश्य से कमरे में होना स्वीकार किया।

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    तलाशी में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। मकान में मौजूद दो अन्य महिलाओं ने भी बताया कि वे सुनीता मेहर के बुलावे पर देह व्यापार के लिए वहां आई थीं। आरोपिया 1- सुनीता मेहर पति बिहारी लाल उर्फ राकेश मेहर उम्र 48 साल निवासी छातामुडा वर्तमान पता बाझीनपाली थाना जूटमिल रायगढ़ 2- अभय सिंह (42 वर्ष) निवासी मूलतः जिला सिवान (बिहार), वर्तमान निवासी चिराईपानी लेबर कॉलोनी, पूंजीपथरा पर थाना जूटमिल में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत कार्रवाई की गई है। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अनैतिक गतिविधियों, महिलाओं एवं बच्चों के शोषण तथा संगठित अपराधों के विरुद्ध इसी प्रकार की सघन कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

    एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश

    “महिलाओं और बच्चों के शोषण से जुड़े अपराधों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अनैतिक देह व्यापार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या गिरोह को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। नागरिकों से अपील है कि ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, उनकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।”

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  • बच्चों को वाहन देना पड़ा भारी: रायगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने 16 अभिभावकों पर की कार्रवाई, दी सख्त हिदायत…

    बच्चों को वाहन देना पड़ा भारी: रायगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने 16 अभिभावकों पर की कार्रवाई, दी सख्त हिदायत…

    रायगढ़। शहर की सड़कों पर नाबालिगों और स्कूली छात्रों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के बढ़ते मामलों पर रायगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के निर्देशन में यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर ऐसे 16 अभिभावकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की, जिन्होंने अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति दी थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों और स्कूलों के आसपास विशेष चेकिंग अभियान चलाया।

    इस दौरान कई स्कूली छात्र और नाबालिग बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहन चलाते मिले। पुलिस ने नाबालिग चालकों के साथ उनके अभिभावकों को भी मौके पर बुलाकर आवश्यक कार्रवाई की। चेकिंग के दौरान पकड़े गए 16 नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि नाबालिग को वाहन चलाने देना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है।

    अधिकारियों ने मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों, आर्थिक दंड और इससे जुड़े अन्य कानूनी परिणामों की जानकारी देते हुए भविष्य में बच्चों को वाहन नहीं सौंपने की सख्त हिदायत दी। यातायात पुलिस का कहना है कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि उनकी अपनी और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। इसे देखते हुए शहर में आगे भी ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    यातायात पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की जिद या सुविधा के कारण उन्हें वाहन चलाने की अनुमति न दें। जिम्मेदार अभिभावक की भूमिका निभाते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहें और सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

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  • बिलासपुर सेंट्रल जेल में कैदी की मौत, जलती भट्ठी में कूद गया था, दोहरे हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद की सजा…

    बिलासपुर सेंट्रल जेल में कैदी की मौत, जलती भट्ठी में कूद गया था, दोहरे हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद की सजा…

    बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में केंद्रीय जेल में दोहरे हत्याकांड का सजायाफ्ता एक कैदी ने आत्महत्या कर ली। कैदी गैसीफायर प्लांट की भट्ठी में कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। पिछले डेढ़ महीने के दौरान केंद्रीय जेल में किसी कैदी की मौत का पांचवां मामला है।

    मामले की जानकारी देते हुए जेल के एक अधिकारी ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह निवासी राहुल कंवर उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसे 2016 से दोहरे हत्याकांड के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

    बुधवार शाम की है घटना

    एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को केंद्रीय जेल की रसोई से जुड़ा लकड़ी और बायोमास-आधारित गैसीफायर प्लांट चालू था, तभी राहुल कंवर अचानक उस जगह की ओर भागा और भट्टी में कूद गया। उन्होंने बताया कि जब तक जेलकर्मी और अन्य कैदी उसे बाहर निकाल पाते, तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था और उसकी मौत हो गई।

    उन्होंने बताया कि घटना के बाद बिलासपुर के जिलाधिकारी संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और जेल के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल केंद्रीय जेल पहुंचे। पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए।

    आत्महत्या का मामला

    उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका सटीक पता लगाने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस और जेल प्रशासन इस घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में बिलासपुर केंद्रीय जेल के भीतर किसी कैदी की मौत का यह पांचवां मामला है।

    • बिलासपुर केंद्रीय जेल में कैदी ने की आत्महत्या
    • जलती हुई भट्टी में कूद गया कैदी
    • दोहरे हत्याकांड में काट रहा था उम्र कैद की सजा
    • जेल प्रशासन ने न्यायिक जांच के दिए आदेश

     

    23 जून को भी एक कैदी ने की थी आत्महत्या

    अधिकारियों ने बताया कि 23 जून को एक सजायाफ्ता कैदी ने जेल के भीतर एक अन्य कैदी की हत्या कर दी थी। इसके बाद तीन अन्य कैदियों की अलग-अलग घटनाओं में बीमारी और दुर्घटनावश लगी चोटों के कारण मौत हो गई थी।