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  • कोरोना की दहशत के बीच IAS अफसर होम क्वारेंटाइन से भागे, पुलिस ने दर्ज किया मामला

    कोरोना की दहशत के बीच IAS अफसर होम क्वारेंटाइन से भागे, पुलिस ने दर्ज किया मामला

    नई दिल्ली। विदेश से लौटने के बाद होम क्वारेंटाइन में रखे गए केरल बैच के आईएएस अधिकारी अनुपम मिश्रा अवधि खत्म होने से पहले ही अपनी पत्नी के साथ भाग लिए. इस लापरवाही पर पुलिस आईएएस के खिलाफ मामला दर्जकर उनकी तलाश में जुटी है।

    केरल बैच के आईएएस कोल्लम सब-कलेक्टर अनुपम मिश्रा को उनकी पत्नी के साथ सिंगापुर से लौटने के बाद होम क्वारेंटाइन में रखा गया था. लेकिन इस आदेश को धत्ता बताते हुए वे अपनी पत्नी के साथ भाग निकले. उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले इस आईएएस अधिकारी की तलाश में पुलिस मामला दर्ज कर जुटी है।

  • सिर्फ हम ही नहीं दुनिया के दो दर्जन देशों में है लॉकडाउन, दुनिया के 2 अरब लोग हैं घरों में कैद तो आप भी घर से मत निकलिये हुजूर…

    सिर्फ हम ही नहीं दुनिया के दो दर्जन देशों में है लॉकडाउन, दुनिया के 2 अरब लोग हैं घरों में कैद तो आप भी घर से मत निकलिये हुजूर…

    सुनील अग्रवाल खरसिया । दुनियाभर में कोरोनावायरस का खौफ लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। कई लोगों को सरकार के लॉकडाउन से दिक्कत है लेकिन दुनियाभर के दो दर्जन से ज्यादा देशों ने लॉकडाउन कर रखा है ताकि वो अपने नागरिकों को इस बीमारी के कहर से बचा सकें।
    यूरोप और दुनिया के बेहद विकसित देशों में से एक फ्रांस में कोरोनावायरस से सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं। चीन, ईरान, इटली और स्पेन के बाद फ्रांस पांचवां ऐसा देश है, जहां कोरोना वायरस का कहर सबसे अधिक है। फ्रांस ने पूरे देश में 16 मार्च से लॉकडाउन कर रखा है और लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।

    उधर, कोरोनावायरस के कहर का केंद्र यूरोपीय देश इटली पूरे देश में 10 मार्च से ही लॉकडाउन का ऐलान कर चुका है। इटली में कोरोना वायरस का कहर इस कदर है कि यहां मरने वालों का आंकड़ा दस हजार के पास पहुंच गया है। सरकार ने घर से बाहर निकलने वालों पर तीन हजार यूरो यानि करीब ढाई लाख रुपये जुर्माने का ऐलान किया है। देश मेंं छह करोड़ लोग पंद्रह दिनों से घरों में कैद हैं। कोरोनावायरस के कहर का शिकार यूरोपीय देश स्पेन इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर चुका है और यहां 14 मार्च से लॉकडाउन कड़े प्रतिबंधों के साथ लागू हैं।

    दूसरे देशों की तरह अपने देश को कोरोना के कहर से बचाने के लिए दक्षिण अफ्रीका ने भी 26 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। सरकार ने लोगों के घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। पुलिस और सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है। न्यूजीलैंड में भी बुधवार से एक महीने का लॉकडाउन घोषित किया गया है। ब्रिटेन ने सोमवार से लॉकडाउन कर दिया है। कुवैत, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, डेनमार्क, कोलंबिया, आयरलैंड, पुर्तगाल, चेक गणराज्य, बेल्जियम, नार्वे, चीन, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, इटली, स्पेन, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी और स्लोवेनिया, जार्डन और इस्राइल में भी लॉकडाउन हैं। दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका ने पूरे देश में तो नहीं बल्कि कई राज्यों में लॉकडाउन कर दिया है।

    भारत में १४ अप्रेल तक लॉक डाउन

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने २४ मार्च की रत १२ बजे से से आगामी २१ दिन के लिए भारत भर में लॉक डाउन की घोषणा कर दी है जिससे की इस महामारी पर काबू किया जा सके प्रज्ञा छत्तीसगढ़ परिवार आप सभी से अपील करता है की इस मुश्किल घडी में अपने देश का साथ दें , लॉक डाउन के दौरान घरों में ही रहे जिससे इस बीमारी के संक्रमण को फैलने से रोका  सके।

    केवल मरीज के लिए नहीं है सोशल डिस्टेंसिंग

    यहाँ हम बता दें की  कुछ लोग गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग केवल मरीज के लिए है. यह सोच गलत है. सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक, के लिए जरुरी है. कुछ लोगों की लापरवाही और गलत सोच आपको, आपके बच्चों, माता पिता, परिवार, दोस्तों और पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी. अगर ऐसी लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है. यह कीमत कितनी होगी इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

    लॉकडाउन क्या है, यह क्यों किया जाता है..

    कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है. चूंकि, यह मौका देश के लोगों के सामने पहली बार आया है, इसलिए इसके बारे में आपके लिए जानना बहुत जरूरी है. इसके बारे में सही जानकारी होने से आपको इससे निपटने में काफी मदद मिलेगी. लॉकडाउन होने पर आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर दूसरी सभी सेवा पर रोक लगा दी जाती है

    लॉकडाउन के बारे में पहले से ज्यादा जानकारी नहीं होने से कुछ लोग घबरा रहे हैं. खासकर इसकी कर्फ्यू से तुलना करने पर उनमें डर है. लेकिन, इससे आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. क्या होता है लॉकडाउन?

    लॉकडाउन का अर्थ है तालाबंदी. लॉकडाउन एक आपातकालीन व्यवस्था है जो किसी आपदा या महामारी के वक्त लागू की जाती है. जिस इलाके में लॉकडाउन किया गया है उस क्षेत्र के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है. उन्हें सिर्फ दवा और खाने-पीने जैसी जरूरी चीजों की खरीदारी के लिए ही बाहर आने की इजाजत मिलती है, इस दौरान वे बैंक से पैसे निकालने भी जा सकते हैं. जिस तरह किसी संस्थान या फैक्ट्री को बंद किया जाता है और वहां तालाबंदी हो जाती है उसी तरह लॉक डाउन का अर्थ है कि आप अनावश्यक कार्य के लिए सड़कों पर ना निकलें. अगर लॉकडाउन की वजह से किसी तरह की परेशानी हो तो आप संबंधित पुलिस थाने, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक अथवा अन्य उच्च अधिकारी को फोन कर सकते हैं. लॉकडाउन जनता की सहूलियत और सुरक्षा के लिए किया जाता है. सभी प्राइवेट और कॉन्ट्रेक्ट वाले दफ्तर बंद रहते हैं, सरकारी दफ्तर जो जरूरी श्रेणी में नहीं आते, वो भी बंद रहते हैं।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने की मेडिकल सुरक्षा उपकरणों और सर्जिकल मास्क के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील, कहा- मेडिकल स्टॉफ को अभी इनकी सबसे ज्यादा जरूरत, न करें गैरजरूरी उपयोग

    स्वास्थ्य मंत्री ने की मेडिकल सुरक्षा उपकरणों और सर्जिकल मास्क के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील, कहा- मेडिकल स्टॉफ को अभी इनकी सबसे ज्यादा जरूरत, न करें गैरजरूरी उपयोग

    रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के बीच मेडिकल सुरक्षा उपकरणों और सर्जिकल मास्क के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है. उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पुलिस और मीडिया से अपील की है कि बीमारी के लक्षण न होने पर सर्जिकल मास्क का उपयोग न करें. सिंहदेव ने कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों और सर्जिकल मास्क का बेहतर, तर्कपूर्ण एवं जहां जरूरत हो वहीं उपयोग किया जाना चाहिए।

    स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ भी वैश्विक महामारी कोविड-19 से लड़ रहा है. इस विकट परिस्थिति में महामारी नियंत्रण की जिम्मेदारी के एक अनिवार्य अंग होने के नाते मेरी आप सबसे अपील है कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और सर्जिकल मास्क मेडिकल टीमों के उपयोग के लिए सुरक्षित रखें. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग को इलाज और देखभाल के दौरान सर्जिकल मास्क एन-95 और व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरणों की बहुत जरूरत पड़ेगी. ये संक्रमण के लक्षण या संक्रमण ग्रस्त लोगों के सीधे संपर्क में आने वाले मेडिकल स्टॉफ द्वारा प्रयोग किए जाएंगे. बिना जरूरत के इनके बहुत अधिक उपयोग से इनकी मांग में अत्यधिक वृद्धि देखने मिल रही है। सिंहदेव ने सुरक्षात्मक उपकरणों के तौर पर कपड़े से बने मास्क का उपयोग करने कहा है. इसे घर पर भी बनाया जा सकता है और साबुन या डिटर्जेंट से धोकर कई बार प्रयोग किया जा सकता है, उन्होंने छत्तीसगढ़ में इस स्वास्थ्य आपातकाल को जल्दी नियंत्रित करने के लिए अपनी शुभकामना भी प्रेषित की है।

    एन – 95 मास्क केवल स्वास्थ्यकर्मी ही लगायें – निहारिका बारीक़ 

    गौरतलब है की इससे पहले छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक भी ये अपील कर चुकीं हैं , उन्होंने कहा  कि संक्रमण से बचने के लिए उपयोग में होने वाले मास्क की बाजार में हो रही कमी और अस्पतालकर्मियों को भी मास्क नहीं मिल पाने के कारण असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा है कि मास्क लगाने की जरूरत केवल अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों को है, इसके अतिरिक्त वे मरीज जिनको खांसी और है, इसके अलावा जो अस्पताल जा रहें हों, उन्हें भी लगाने की जरूरत है। यदि आप अस्पताल कोई अन्य परेशानी के लिए जा रहे हों, तो मास्क लगाने की कोई जरूरत नहीं है। एन-95 मास्क सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी जो लैब में काम कर रहे हों, वे ही लगाएं।

  • छत्तीसगढ़ के सभी कोरोना पॉजीटिव की हालत स्थिर, एम्स में अब हो सकेंगे प्रतिदिन 300 सेंपल टेस्ट

    छत्तीसगढ़ के सभी कोरोना पॉजीटिव की हालत स्थिर, एम्स में अब हो सकेंगे प्रतिदिन 300 सेंपल टेस्ट

    रायपुर। रायपुर एम्स में भर्ती सभी कोरोना पॉज़िटिव मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है. सभी 6 कोरोना पीड़ित एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में हैं. डॉक्टरों की टीम उन्हें नियमित रूप से काउंसलिंग प्रदान कर रही है. इसकी जानकारी देते हुए अधीक्षक करण पिपरी ने कहा कि अब एम्स में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की वीआरडी L लैब की क्षमता को दोगुना कर लिया है. अब यहाँ अधिकतम 300 सैंपल प्रतिदिन टेस्ट किए जा सकते हैं..
    वहीं एम्स के निदेशक डॉक्टर नितिन नागरकर ने बताया कि अभी तक एम्स में 350 सैंपल टेस्ट किए गए हैं, जिनमें छह पॉज़िटिव और बाक़ी निगेटिव आए हैं. हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं जिनकी मदद से वर्तमान रोगियों या अन्य किसी पॉज़िटिव रोगी को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की जा सकती है.
    उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के सैंपल टेस्ट के लिए आवश्यक 1 हज़ार टेस्टिंग किट भी एम्स में उपलब्ध है. डॉक्टर से लेकर तकनीकी कर्मचारियों तक को निर्देश दिया गया है कि आईसीएमआर के निर्देश के अनुसार  सुरक्षा किट का प्रयोग करें ….
  • कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत को 29 लाख डॉलर की मदद देगा अमेरिका

    कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत को 29 लाख डॉलर की मदद देगा अमेरिका

    कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के 64 देशों को 17.4 करोड़ डालर की सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। भारत को इस राशि से 29 लाख डालर (21.7 करोड़ रुपये) मिलेंगे। यह राशि अमेरिका द्वारा फरवरी में घोषित 10 करोड़ डालर की सहायता राशि से अलग होगी। अमेरिका ने यह कदम सेंटर्स फार डिसीज कंट्रोल व अन्य विभागों द्वारा विश्व के 64 देशों में कोरोना के व्यापक विस्तार के बाबत जताये गये खतरे को देखते हुए उठाया है।

    पिछले 20 वर्षों में भारत को 2.8 अरब डॉलर की सहायता दे चुका है अमेरिका 

    अमेरिकी विदेश विभाग ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इसमें से 29 लाख डॉलर भारत को दिए जाएंगे। इस राशि को नई लैब स्थापित करने, कोरोना वायरस के मामलों की जांच, निगरानी करने तकनीकी विशेषज्ञों को तैयार करने पर खर्च किया जायेगा। उल्लेखनीय है अमेरिका पिछले 20 वर्षों में भारत को 2.8 अरब डॉलर की सहायता दे चुका है। इसमें 1.4 अरब डॉलर की सहायता अकेले चिकित्सा क्षेत्र के लिए दी गई।

    अफगानिस्तान को 50 लाख, नेपाल को 18 लाख व श्रीलंका को 13 लाख डॉलर मिलेंगे

    यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएड) के उप प्रशासक बोनी ग्लिक ने बताया कि वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अमेरिका का शानदार रिकार्ड रहा है। दशकों तक अमेरिका स्वास्थ्य के मामले में सर्वाधिक द्विपक्षीय सहायता मुहैया कराने वाला देश रहा है। अमेरिका ने दुनिया भर के लोगों की जान बचाई, उनकी सेहत का खयाल रखा और अस्पताल बनवाए।

    दक्षिण एशिया में कोरोना महामारी की निगरानी और अन्य तैयारियों के लिए अमेरिकी विदेश विभाग मदद दे रहा है। इस सहायता राशि में श्रीलंका को 13 लाख डॉलर, नेपाल को 18 लाख डॉलर, बांग्‍लादेश को 34 लाख डॉलर और अफगानिस्तान को 50 लाख डॉलर मिलेंगे।

    अगले 100 दिनों में अमेरिका तैयार करेगा 100,000 से अधिक वेंटिलेटर 

    राष्‍ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अगले 100 दिनों में अमेरिका 100,000 से अधिक वेंटिलेटर तैयार करेगा। उन्‍होंने कहा कई देशों से वेंटिलेटर की मांग आई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपनी जरूरतों का ध्‍यान रखेगा, लेकिन हम भारत समेत अन्‍य देशों को मदद करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि बहुत सारे देशों को वेंटिलेटर की जरूरत है और ऐसे संकट की घड़ी में अपने मित्र राष्‍ट्रों की मदद करेंगे। उन्‍होंने कहा कि यह एक अच्‍छा मौका है कि हम किसी की जरूरत को पूरा कर सकते हैं।

  • रायगढ़ जिले में खाद्य वस्तुओं का रेट निर्धारित, इस रेट से ज्यादा में बेचा तो खैर नहीं…देखें पूरी लिस्ट

    रायगढ़। कलेक्टर यशवंत कुमार ने आवश्यक खाद्य वस्तुओं का अधिकतम मूल्य सूची जारी कर दिया है इस सूची में सभी खाद्य वस्तुओं की मात्रा के अनुसार उनका अधिकतम दर अंकित है।  जिले वासी इस मूल्य सूची को अपने पास रखें। यदि इससे रेट से ज्यादा कोई दुकानदार किसी सामग्री की बिक्री पर वसूलता है तो उस पर प्रशासन कड़ी कार्यवाही करेगी दुकान भी सील की जा सकती है। जारी की गई मूल्य सूची में किराना वस्तुओं सहित फल एवं सब्जियों के दाम निर्धारित किए गए हैं।

    देखें किस वस्तु डीके का क्या है दाम…

  • गरीब मजदूर एवं दैनिक श्रमिक व कर्मियों से एक महीने तक किराया नहीं मांग सकेंगे मकान मालिक कलेक्टर ने जारी किया आदेश, उल्लंघन पर सजा और जुर्माने का है प्रावधान..

    गरीब मजदूर एवं दैनिक श्रमिक व कर्मियों से एक महीने तक किराया नहीं मांग सकेंगे मकान मालिक कलेक्टर ने जारी किया आदेश, उल्लंघन पर सजा और जुर्माने का है प्रावधान..

    रायगढ़। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी यशवंत कुमार ने आदेश जारी किया है। जिसके मुताबिक जिले के भवन स्वामी आवासीय भवन के किराये की मांग एक माह तक किसी भी दशा में नहीं करेंगे। रायगढ़ जिला कलेक्टर ने बड़ा ही अहम फैसला लेते हुए आज आदेश जारी किया है कि किराएदारों से आदेश तिथि के एक माह उपरांत ही किराये की मांग कर सकेंगे। साथ ही आदेश में उल्लेखित है कि आदेश का उल्लंघन यानि पालन नहीं करने पर एक वर्ष की सजा या अर्थदण्ड या फिर दोनों का प्रावधान निहित है। दरअसल भवन स्वामियों द्वारा भवन किराया लेने के लिए किरायेदारों पर अतिरिक्त दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही कल काव्या फाउंडेशन रायपुर द्वारा भी किरायेदारों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री, सीएमओ समेत सभी मंत्रियों व अधिकारियों को पत्र भेजकर ध्यानाकर्षण कराया गया था। कलेक्टर रायगढ़ के पास भी इस तरह के मामले पहुंचने के बाद कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान में लेकर आज आदेश जारी कर दिया है। रायगढ़ जिला के औद्योगिक/व्यवसायिक/वाणिज्यिक गतिविधियों के केन्द्र होने के कारण यहां पर लाखों की संख्या में कर्मचारी/मजदूर विभिन्न कम्पनियों में कार्यरत है जिनमें अधिकांश लोग किराये के घरों में रह रहे हैं |

    कोविड-19 महामारी के कारण जिला की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि ऐसे लोगों को पूरी आवासीय सुरक्षा मिलनी चाहिए किन्तु प्रशासन के संज्ञान में यह आ रहा है कि जिले के भवन स्वामियों द्वारा ऐसे लोगों से भवन का किराया लेने के लिये बाध्य किया जा रहा है जिसके कारण ये लोग अपने मकानों को छोड़कर अपने मूल स्थानों के लिये जाने को विवश हो रहे हैं। इस स्थिति से जिले में दो प्रकार की विकट स्थितियां उत्पन्न हो रही है। इसको देखते हुए कलेक्टर रायगढ़ यशवंत कुमार की सार्थक पहल से जिले में रह रहे हजारों किरायेदारों को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि देश भर में लॉक डाउन घोषित किया गया है। सभी काम धंधे ठप्प पड़े हैं। ऐसे में किराए का मकान लेकर रह रहे लोगों के लिए पहले से ही रोज़ी रोटी का संकट आन पड़ा है, किराया कैसे दे पाएंगे।

    हेल्पलाइन नंबर 07762-223750 किया गया जारी

    यदि किसी भवन स्वामी द्वारा उक्त आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो प्रभावित व्यक्ति द्वारा इसकी सूचना जिला स्तरीय नोवेल कोरोना वायरस नियंत्रण का के दूरभाष नंबर 07762-223750 पर दे सकते है।

  • पुलिसकर्मीयों से मारपीट और धमकी, विधायक पति और ससुर पर एफ आई आर दर्ज, दोनों आरोपी फरार …..

    जांजगीर चाम्पा जिले के पामगढ़ विधायक इंदु बंजारे के पति पर ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा है। पीड़ित आरक्षक की शिकायत पर पामगढ़ थाने में एफ आई आर भी दर्ज कर ली गई है। दरअसल रक्षित केंद्र जांजगीर के आरक्षक नरेंद्र बंजारे की ड्यूटी थाना पामगढ़ क्षेत्र में लगाई गई है। घटना के दौरान आरक्षक नरेंद्र बंजारे ससहा बैरियर की ओर  अपने सहकर्मी के साथ जा रहा था जिस दौरान भिलौनी गांव में लॉक डाउन और धारा 144 का उल्लंघन करते हुए उत्तम भरद्वाज एवं ईश्वरी भारद्वाज के द्वारा समय पूर्व दुकान खोलकर भीड़ इकट्ठा की गई थी जिसे बंद करने के लिए आरक्षक नरेंद्र बंजारे ने समझाया,समझाइश के दौरान  उत्तम भारद्वाज और ईश्वरी भारद्वाज आवेश में आ गए और  आरक्षक नरेंद्र बंजारे को अश्लील गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई साथ ही उसके साथ धक्का-मुक्की भी की गई जिसकी शिकायत आरक्षक के द्वारा पामगढ़ थाने में दर्ज कराई गई है। जिस पर पामगढ़ थाने में IPC की धाराओं 34, 188,353, 294,506, 332 के तहत FIR दर्ज दर्ज कर लिया गया है।

    पामगढ़ पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी उत्तम भारद्वाज और ईश्वरी भारद्वाज अभी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है जानकारी अभी मिली है कि उत्तम भारद्वाज पामगढ़ विधायक इंदु बंजारे के पति हैं और ईश्वरी भारद्वाज पामगढ़ विधायक के ससुर है।
    जितेन्द्र चन्द्राकर(एसडीओपी जांजगीर)

  • विश्व मे फ़ैली महामारी कोरोना से मात्र 5 रुपये में बचाव का दावा करने वाले पर मामला दर्ज…

    विश्व मे फ़ैली महामारी कोरोना से मात्र 5 रुपये में बचाव का दावा करने वाले पर मामला दर्ज…

    जांजगीर। दुनिया के साइंटिस्ट कड़ी मशक्कत के बाद भी आज तक कोरोना महामारी की दवा खोज नहीं पाए हैं, वही जांजगीर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भैंसों के सरपंच आकाश सिंह के द्वारा सोशल मीडिया में ₹5 में कोरोना की दवा देने की भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही थी।

    जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और झूठी खबर पाए जाने पर सरपंच के खिलाफ धारा 188 तथा महामारी अधिनियम धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भैंसों के सरपंच आकाश सिंह के द्वारा सोशल मीडिया में यह दावा किया जा रहा था कि उनके पंचायत में कोरोनावायरस से बचाव की दवा उपलब्ध है,जिसकी कीमत सिर्फ 5 रुपये है।

  • कोरोना की रोकथाम में रुचि नहीं लेना दो अधिकारियों को पड़ा महंगा, शिकायत के बाद किये गए सस्पेंड

    कोरोना की रोकथाम में रुचि नहीं लेना दो अधिकारियों को पड़ा महंगा, शिकायत के बाद किये गए सस्पेंड

    रायपुर। राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को कोरोना वायरस से संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के कार्यों में लापरवाही और जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    इनमें नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ जिला कोरिया के मुख्य नगरपालिका अधिकारी खेल कुमार पटेल और नगर पंचायत गौरेला, जिला गौरेला- पेंड्रा -मरवाही के मुख्य नगर पालिका अधिकारी आई.पी. सोनी शामिल हैं. निलंबन की अवधि में पटेल का मुख्यालय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय सरगुजा और सोनी का निलंबन अवधि में मुख्यालय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर नियत किया गया है. पटेल और सोनी को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

    आपको बता दें दोनों अधिकारियों के खिलाफ स्थानीय विधायक विनय जायसवाल ने नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया को पत्र लिखकर शिकायत की थी. जिसमें उन्होंने दोनों अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार करने और कोरोना की रोकथाम के कार्य में लापरवाही करने का आरोप लगाया था. विधायक डॉक्टर जयसवाल ने पत्र में लिखा था कि कोरोना वायरस के संक्रमण एवं नियंत्रण के लिए 27 मार्च को पार्षदों के साथ बैठक आयोजित कर जान -जागरूकता एवं नियंत्रण की दशा -दिशा के संबंध में विचार विमर्श की जा रही थी. लेकिन खेल कुमार पटेल द्वारा इस दुखद घड़ी में कर्तव्यों अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही की जा रही है।

    मंत्री शिव डहरिया ने विधायक की शिकायत पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अधिकारियों को निर्देश दिया गया था।