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  • छोटी छोटी सावधानियां रखकर कोरोना से बचा जा सकता है- नेहा अग्रवाल

    छोटी छोटी सावधानियां रखकर कोरोना से बचा जा सकता है- नेहा अग्रवाल

    खरसिया।  सामाजिक धार्मिक कार्यों में अग्रणी रहने वाली श्री मति नेहा अग्रवाल ने बताया कोरोना के प्रकोप से अपने आप को बचाने के लिए फिलहाल छोटे-छोटे उपाय करने होंगे। ये उपाय कारगर साबित हुए हैं और इन्हे अपना कर हम इस महामारी से सुरक्षित रह सकते हैं।

    घर से निकलते समय जैसे हम और आप चेक करते हैं कि मोबाइल रखा है कि नही और नही होने पर वापस आकर फोन लेकर जाते हैं। वैसा ही अब मास्क के साथ करना होगा। परिवार के सदस्यों की भी जिम्मेदारी है कि जो भी घर से बाहर जाए उसे मास्क की याद दिलाएं और सही तरीके से मुंह और नाक को ढंक कर पहनने को कहे। गले में मास्क लटकाने से जुर्माने से बच सकते है, लेकिन कोरोना से नहीं। कुछ समय तक मास्क हमारी जिंदगी का हिस्सा बना रहेगा और इससे  दोस्ती रखेंगे तो अच्छे दोस्त की तरह हम सबको यह बचाएगा भी। कपड़े के मास्क को हर बार उपयोग करने के बाद साबुन और एंटीसेप्टिक घोल से धोना जरूरी है। सर्जिकल मास्क एक बार ही पहना जाता है। इसे सही तरीके से डिस्पोज करना भी आवश्यक है। हाथ साबुन, सेनेटाइजर से धोते रहें। मास्क पहनने के बाद मुंह, नाक को बार-बार न छुएं। दरवाजे आदि खोलते समय उल्टे हाथ का अधिक प्रयोग करेें जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

  • राज्य सरकार ने 5 सीनियर IAS विभागों में किया फेरबदल… 

    रायपुर। राज्य सरकार ने प्रदेश के 5 सीनियर IAS अफसरों के विभागों मं बदलाव किया गया है। सीएम सेक्रिटिएट के सचिव परदेशी सिद्धार्थ कोमल को सचिव  पीडब्ल्यूडी, सचिव विमानन के साथ पीएचई विभाग का भी सचिव बनाया गया हैं। हालांकि 2003 बैच के आईएएस परदेशी से उनसे सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी ले ली गयी है।

    इधर 1999 बैच के IAS  सोनमणि बोरा से लेबर सिकरेट्री और राज्य नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी लेते हुए, उन्हें सचिव संसदीय कार्य विभाग बनाया गया है, साथ ही उन्हें राज्यपाल के सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गयी है।

    वहीं 2003 बैच के अविनाश चंपावत अब खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि अविनाश चंपावत के पास पहले से जो पीएचई सिकरेट्री की जिम्मेदारी थी, वो अब परदेशी सिद्धार्थ  कोमल के पास चली गयी है। चंपावत खेल विभाग के साथ-साथ एरिगेशन सिकरेट्री के जिम्मेदारी संभालेंगे।
    इधर 2004 बैच अंबलगन पी को माइनिंग सिकरेट्री के साथ-साथ पर्यटन,, संस्कृति, धार्मिक न्यास व धर्मस्व सचिव की जिम्मेदारी तो संभालेंगे ही सोनमणि बोरा से लिया गया लेबर सिकरेट्री का जिम्मा भी अब अंबलगन को ही दिया गया है।
    वहीं एलेक्स पॉल मेनन को खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के विशेष सचिव व उपभोक्ता संरक्षण विभाग को श्रमायुक्त के एडिश्नल चार्ज के साथ-साथ राज्य नोडल अधिकारी श्रम विभाग बनाया गया है।

    आपको बता दें कि सोनमणि बोरा को सेट्रल डिप्युटेशन पर जाना है। राज्य सरकार ने इसकी अनुमति भी दे दी है, सिर्फ केंद्र से आर्डर का इंतजार हो रहा है, लिहाजा उससे पहले राज्य सरकार ने उनके विभाग के सेटलमेंट की कोशिश इस फेरबदल के जरिये करने की कोशिश की है।

  • पाकिस्तान सरकार का अजब फैसला, अब टीवी चैनलों पर नहीं दिखाई जाएगी सामूहिक दुष्कर्म की खबरें….

    पाकिस्तान सरकार का अजब फैसला, अब टीवी चैनलों पर नहीं दिखाई जाएगी सामूहिक दुष्कर्म की खबरें….

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पेमरा) ने पिछले महीने यहां के पंजाब प्रांत में हुए एक बर्बर सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बारे में खबर दिखाए जाने को लेकर यहां के सभी टीवी चैनलों पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस के अनुरोध पर एक ट्रायल कोर्ट द्वारा यह आदेश पारित किया गया है।

    शुक्रवार को (पेमरा) के जनरल मैनेजर ऑपरेशंस ब्रॉडकास्ट मीडिया मुहम्मद ताहिर द्वारा जारी एक निर्देश के हवाले से डॉन न्यूज ने बताया, सभी उपग्रह टीवी चैनल (समाचार और करंट अफेयर) को यह निर्देश दिया जाता है कि वे सियालकोट मोटरवे की घटना के बारे में आतंकवादरोधी न्यायालय, लाहौर के आदेशों का पालन करें और आने वाले समय में तत्काल मामले के संबंध में किसी भी सामग्री को प्रसारित किए जाने से बचें।

    जांच अधिकारी (आईओ) जुल्फिकार चीमा ने एटीसी के समक्ष एक आवेदन दायर किया था, जिसमें घटना के मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।

    उन्होंने कहा कि यह घटना एक जघन्य अपराध है और मीडिया मामले को बड़ी ही लापरवाही के साथ दिखा रही है।

    चीमा ने अदालत को आगे बताया कि घटना के मीडिया कवरेज से प्रमुख संदिग्ध की गिरफ्तारी में बाधा पैदा हो रही है।

    अपने निर्णय में पीठासीन न्यायाधीश अरशद हुसैन भुट्टा ने आईओ की दलील को स्वीकार किया और कहा कि मीडिया कवरेज के चलते पीड़िता और उसके परिवार को भी अपमान का सामना करना पड़ सकता है।पाकिस्तान का मीडिया प्राधिकार ऐसे अजीब फैसलों के लिए चर्चा में आता रहा है। इससे पहले वह समय-समय पर भारतीय मीडिया के प्रसारण पर भी रोक लगाता रहा है और उसे कोर्ट से खारिज भी किया गया है।

  • आयुष मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, कोरोना में कारगर आयुष-64 दवा…

    आयुष मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, कोरोना में कारगर आयुष-64 दवा…

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Dr. Harshvardhan) ने कोविड-19 के मेडिकल प्रबंधन के लिए आयुर्वेदिक औषधियों और योग आधारित नया प्रोटोकॉल जारी किया.इसमें कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने और हल्के लक्षणों और बिनालक्षण वाले मामलों के उपचार के लिए अश्वगंधा और आयुष-64 जैसी औषधियां शामिल हैं.
    हर्षवर्धन ने आयुष मंत्री श्रीपद नाईक की मौजूदगी में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए आयुर्वेद और योग आधारित राष्ट्रीय चिकित्सकीय प्रबंधन प्रोटोकॉल जारी किया.स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से एक बयान में कहा गया, ‘रोग निरोधी कदमों वाला यह प्रोटोकॉल न सिर्फ कोविड-19 के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आधुनिक समय की समस्याओं के समाधान में पारंपरिक ज्ञान को प्रासंगिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

    नए प्रोटोकॉल में उन विशेष दवाओं की जानकारी दी गई है, जिनके इस्तेमाल से कोरोना मरीजों को लाभ मिलता है. इनमें सबसे प्रमुख अश्वगंधा समेत आयुष-64 को कोरोना वायरस के लिए सबसे ज्यादा कारगर बताया गया है. इसके अलावा नई गाइडलाइन में कोरोना से स्वस्थ हो चुके लोगों के लिए भी पोस्ट-कोविड 19 प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं।

    आयुष मंत्रालय ने अश्वगंधा और च्यवनप्राश खाने की दी सलाह

    आयुष मंत्रालय की ओर से जारी प्रोटोकॉल में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए रोजाना अश्वगंधा का 1-3 ग्राम पाउडर या 500 एमजी एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.इसके अलावा गर्म पानी या दूध के साथ प्रतिदिन 10 ग्राम च्यवनप्राश का उपयोग करने के लिए कहा गया है.वहीं कोरोना के बिना लक्षणों वाले मरीजों के लिए आयुष-64 नाम की दवा देने की भी सलाह दी गई है।

    कोरोना से दूर करेगा योग

    श्वसन और हृदय क्षमता में सुधार, तनाव और चिंता को कम करने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार के लिए मंत्रालय ने कोविड-19 के पूर्व नियंत्रण प्रोटोकॉल में योग को शामिल किया है।

    आयुष मंत्रालय के प्रोटोकॉल के मुताबिक कोविड-19 से उबरने के बाद श्वसन तंत्र और फेफड़ों की क्षमता में सुधार तथा तनाव और चिंता कम करने के लिए भी योग मददगार है।

    क्या खाएं
    प्रोटोकॉल में आहार संबंधी कदमों में अदरक, धनिया, तुलसी और जीरे के साथ गरम पानी पीने की सलाह दी गई है. इसके अलावा 150 मिलीलीटर दूध में रात में एक बार आधा चम्मच हल्दी लेने और दिन में एक बार आयुष काढ़ा पीने की सलाह दी गई है।

    मंत्रालय ने कहा कि इस गाइडलाइन या प्रोटोकॉल को सर्वसम्मत से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान दिल्ली, स्नातकोत्तर आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान जामनगर, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर, केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद, केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद तथा अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों की समिति ने तैयार किया है।

  • राजधानी में फैला ऑनलाइन ठगी का जाल

    राजधानी में फैला ऑनलाइन ठगी का जाल

    रायपुर। राजधानी में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ने लगे है। लोगों से कस्टमर केयर नंबरों की आड़ में आरोपी ठगी को अंजाम दे रहे है।

    ताजा मामला राजधानी के डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। यहां न्यू चंगोराभाठा निवासी हरीश कुमार देवांगन ने 2 अक्टूबर को अपने दोस्त के गूगल पे एकाउंट में 16, 600 रुपए ट्रांसफर कर रहा था। इस दौरान गलती से किसी अन्य खाते में चले गए। दोस्त ने कॉल कर बताया कि रुपए उसके खाते में नहीं आए हैं। इस पर वह अगले दिन राजकुमार कॉलेज के पास एसबीआई की शाखा में गया। वहां उससे कहा गया कि गूगल-पे से ही बात करें।

    इसके बाद हरीश घर आ गया और गूगल पर सर्च कर गूगल-पे का कस्टमर केयर नंबर निकाला। उससे तीन अलग-अलग नंबरों के जरिए बात की गई। बात करने के दौरान ही उसके एसबीआई के खाते में बचे बाकी 94,400 रुपए भी निकल गए। कॉल कटने के बाद जब उसके मोबाइल पर मैसेज आया तो उसे ठगी का पता चला। इसके बाद उसने थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया है।

    इससे पहले देवेंद्र नगर में कारोबारी से 5.35 लाख रुपए, बूढ़ापारा निवासी युवती 25 हजार रुपए और मौदहापारा में स्पोर्ट्स टीचर 12 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी हो चुकी है।

  • छत्तीसगढ़ के 10 जिलों के 5.56 प्रतिशत लोगों में मिली एंटीबॉडी

    छत्तीसगढ़ के 10 जिलों के 5.56 प्रतिशत लोगों में मिली एंटीबॉडी

    रायपुर, तीन अक्टूबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के 10 जिलों के 5.56 प्रतिशत लोगों में कोरोना संक्रमण के विरुद्ध लड़ने वाली एंटीबॉडी मिली है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में संपन्न ‘सीरो सर्विलेंस’ की रिपोर्ट जारी की है। इसमें 5.56 प्रतिशत लोगों के शरीर में कोरोना संक्रमण के विरुद्ध लड़ने वाली एंटीबॉडी मिली है। अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण के लिए आईसीएमआर की टीम द्वारा कुल 5083 नमूने एकत्र किए गए थे। इनमें से 283 नमूनों में एंटीबॉडी मिली है। इनमें आम लोगों के 97 और उच्च जोखिम समूह के 186 नमूने शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हर जिले से आम नागरिकों के औसतन 240 और उच्च जोखिम वाले वर्गों से 260 नमूने लिए गए थे। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों से नमूने लिए गए थे। ‘सीरो सर्विलेंस’ की रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले के 13.06 प्रतिशत, राजनांदगांव के 3.75 प्रतिशत, दुर्ग के 8.61 प्रतिशत, बिलासपुर के 7.2 प्रतिशत, जशपुर के 1.51 प्रतिशत, बलौदाबाजार-भाटापारा के 5.57 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुजगंज के 1.74 प्रतिशत, कोरबा के 2.79 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा के 8.2 प्रतिशत और मुंगेली के 3.64 प्रतिशत लोगों के शरीर में एंटीबॉडी मिली है। अधिकारियों ने बताया कि ‘सीरो सर्विलेंस’ के दौरान रायपुर जिले के दो विकासखंडों के तीन-तीन क्षेत्रों से एकत्र कुल 505 नमूनों में से 66 ‘पॉजिटिव’ पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अविभाजित बिलासपुर जिले के 500 नमूनों में से 36 में एंडीबॉडी मिली है जबकि जशपुर जिले के 524 नमूनों से आठ में, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 502 नमूनों में से 28 में एंटीबॉडी मिली हैं। इसी प्रकार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 515 नमूनों में में से नौ में एंटीबॉडी मिली है।

  • अक्षय ने बॉलीवुड और ड्रग्स कनेक्शन पर तोड़ी चुप्पी, बोले- इंडस्ट्री में भी ड्रग्स प्रॉब्लम है, लेकिन पूरी इंडस्ट्री को एक नजर से मत देखिए

    अक्षय ने बॉलीवुड और ड्रग्स कनेक्शन पर तोड़ी चुप्पी, बोले- इंडस्ट्री में भी ड्रग्स प्रॉब्लम है, लेकिन पूरी इंडस्ट्री को एक नजर से मत देखिए

    आखिरकार अक्षय कुमार ने सुशांत सिंह राजपूत केस में लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। अक्षय ने एक वीडियो शेयर किया और बताया कि वो इतने लंबे समय तक चुप क्यों रहे और अब क्यों बोल रहे हैं। अक्षय ने माना कि इंडस्ट्री में ड्रग्स की समस्या है, पर उन्होंने यह भी कहा कि हर आदमी इस समस्या से जुड़ा हो, ऐसा नहीं है।

    पहले अक्षय ने बताया अपने दिल का हाल

    अक्षय कुमार ने कहा- आज बड़े भारी दिल से आपसे बात कर रहा हूं। पिछले कुछ हफ्तों से बहुत सारी बातें आईं मन में कहने के लिए। समझ में नहीं आया, क्या बोलूं, किससे बोलूं। स्टार्स भले ही हम कहलाते हैं, लेकिन बॉलीवुड को आपने अपने हाथ से बनाया है। हमने फिल्मों के जरिए हमारे देश की संस्कृति और मूल्यों को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाया है। जब-जब देश की जनता के सेंटिमेंट्स की बात आएगी। जो आप महसूस कर रहे हैं, उन्हें फिल्मों ने इतने सालों में दिखाने की कोशिश की है। चाहे वो एंग्री यंग मैन वाला आक्रोश हो, करप्शन हो, गरीबी हो, बेरोजगारी हो। हर मुद्दे को सिनेमा ने अपने तरीके से दिखाने की कोशिश की है।

    हम अपने गिरेबां में झांकने मजबूर हुए

    अक्षय ने कहा- आज अगर आपकी भावनाओं में गुस्सा है तो वो गुस्सा भी हमारे सिर माथे पर है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद ऐसे बहुत से इश्यू सामने आए हैं, जिन्होंने हमें भी उतना ही दर्द दिया है, जितना की आपको। इन मुद्दों में हमें अपने खुद के गिरेबां में झांकने पर मजबूर किया। इंडस्ट्री की खामियों को देखने पर मजबूर किया है, जिन पर ध्यान जाना जरूरी है।

    इंडस्ट्री हर चीज में सहयोग करेगी

    अक्षय ने कहा- नारकोटिक्स और ड्रग्स के बारे में आजकल बात हो रही है। दिल पर हाथ रखकर कैसे आपसे झूठ बोल दूं कि इंडस्ट्री में यह प्रॉब्लम नहीं है। वैसे ही हर इंडस्ट्री और हर प्रोफेशन में होती होगी, लेकिन हर प्रोफेशन का हर इंसान उसमें शामिल हो, ऐसा नहीं हो सकता। नारकोटिक्स बहुत गंभीर मसला है और मुझे भरोसा है कि कानून और एजेंसियां जो भी जांच करेंगी और जो भी एक्शन लेंगी, वो बिल्कुल सही होगा। मैं ये भी जानता हूं कि फिल्म इंडस्ट्री का हर इंसान उनके साथ पूरी तरह को-ऑपरेट करेगा।

    अक्षय ने हाथ जोड़कर की विनती

    अक्षय ने हाथ जोड़कर फैंस से कहा- ऐसा मत करो कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक ही बदनाम दुनिया की नजरों के साथ देखने लगो। ये सही नहीं, ये तो गलत है। मुझे मीडिया की ताकत पर बहुत विश्वास था। मीडिया सही मुद्दे, सही वक्त पर ना उठाए तो बहुत से लोगों को ना तो आवाज मिलेगी ना इंसाफ। मीडिया आवाज उठाना जारी रखे, पर थोड़ा संवेदनशील तरीके से।

  • हाथरस कांड की होगी सीबीआई जांच, सीएम योगी ने की सिफारिश

    हाथरस कांड की होगी सीबीआई जांच, सीएम योगी ने की सिफारिश

    उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाथरस कांड में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सीएम योगी के आदेश के बाद सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है। दलित युवती के साथ गैंगरेप और उसके बाद हुई उसकी मौत के मामले की जांच पहले से ही एसआईटी कर रही है। राज्य सरकार ने इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का फैसला लिया था। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने अब इस केस को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है।
    14 सितंबर को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक दलित युवती के साथ हैवानियत की घटना सामने आई थी। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप की धारा में मामला दर्ज कर लिया था। चारों आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं। घटना के बाद पीड़िता कई दिनों तक बेसुधी के हालत में रही। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां पर मंगलवार को उसकी मौत हो गई।

    मौत के बाद पीड़िता के शव को लेकर परिजन उसी दिन हाथरस चले गए। यहां पर मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि हमें अंतिम समय में अपनी बच्ची को देखने नहीं दिया गया और प्रशासन ने पुलिसिया पहरेदारी में रात 2.30 बजे अंतिम संस्कार कर दिया। गैंगरेप और पुलिस-प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन रात में अंतिम संस्कार किए जाने की घटना के बाद और तेज हो गया।

    विरोध बढ़ता देख सरकार ने एसआईटी जांच बिठा दी। शुक्रवार की शाम चार बजे तीन सदस्यीय एसआईटी ने मामले में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी। शुरुआती जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद यूपी सरकार ने हाथरस पुलिस अधीक्षक, डीएमसपी, इलाके के इंस्पेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अब सरकार ने मामले की जांच को सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया है।

  • बेहद उपयोगी है मोर बिजली एप्प,सौ फीसदी नि:शुल्क सेवा…

    बेहद उपयोगी है मोर बिजली एप्प,सौ फीसदी नि:शुल्क सेवा…

    छत्तीसगढ़। राज्य शासन की रीति नीति प्रदेश के सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को सस्ते दाम पर बिजली के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा सुविधा देने की है इस दिशा में आगे बढ़ते हुए न्यू टेक्नोलॉजी का उपयोग करके छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिसटीब्यूशन कंपनी ने मोर बिजली एप को निर्मित किया है, जिसके नए फीचर्स का लोकार्पण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कर कमलों से हुआ।


    छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार आरंभ की गई यह सुविधा बिजली उपभोक्ताओं को विद्युत विषयक कार्यों के लिए बिजली दफ्तर के चक्कर लगाने से लगभग सोलह आना बचा सकती है। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर जाकर कोई भी उपभोक्ता निशुल्क डाउनलोड कर सकता है, और बिजली संबंधित 16 प्रकार से अधिक कार्यो का निपटारा घर बैठे किसी भी समय कर सकता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का यही संदेश रहा है कि उपभोक्ता हमारे परिवार का एक अभिन्न सदस्य है उसकी सेवा में संपूर्ण त्याग और निष्ठा का परिचय देकर ही संस्था को आगे बढ़ाया जा सकता है।
    इसके अनुपालन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 अक्टूबर 2020 की शाम 6:00 बजे अपने निवास कार्यालय से मोर बिजली एप में शामिल नए फीचर्स का शुभारंभ करना निर्धारित किया गया था। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के चेयरमैन सुब्रत साहू, प्रबंध निदेशक श्रीहर्ष गौतम सहित अन्य अधिकारीयों की उपस्थिति का अनुमान है। मोर बिजली एप को एक बार मोबाइल पर डाउनलोड करने के बाद उपभोक्ता गण कभी भी किसी समय बिजली संबंधित 16 किस्म के कार्यो का निपटारा चुटकी बजाते कर सकते हैं ।
    यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है । पावर कंपनी प्रबंधन द्वारा अपील की गई है कि निशुल्क जनहितकारी मोर बिजली एप को अपनाएं साथ ही अधिकाधिक लोगों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।

  • नियम व शर्तों के साथ जल्द पटरी पर आ सकती हैं साउथ बिहार, पटना व सारनाथ एक्सप्रेस…

    नियम व शर्तों के साथ जल्द पटरी पर आ सकती हैं साउथ बिहार, पटना व सारनाथ एक्सप्रेस…

    बिलासपुर। दशहरा, दीपावली और छठ पर्व को देखते हुए दुर्ग-राजेंद्रनगर साउथ बिहार एक्सप्रेस, बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस और सारनाथ एक्सप्रेस चलाई जा सकती है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल मुख्यालय को पत्र लिखकर पिछले साल की भीड़ का आकलन करने के लिए कहा है।
    कोरोना के कारण भले ही यात्रियों की संख्या ट्रेनों में कम हो, लेकिन यह संख्या त्योहारी सीजन में बढ़ सकती है। 23 मार्च के बाद से रेलवे ने सारी ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया था। मई से स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत हुई, जिसमें बिलासपुर जोन को भी कुछ ट्रेनें दी गईं। इस महीने नवरात्र,दशहरा एवं नवंबर में दीपावली और छठ पर्व है। त्योहारी सीजन में रेलवे बोर्ड विशेष ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रहा है।
    इसके तहत बोर्ड ने निर्देशित किया है कि जोन अपने मंडल स्तर की ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़ और मांग को देखने के बाद उसकी सूची तैयार करे। वर्तमान में बिहार जाने वाली ट्रेनों के लिए बड़ी संख्या में यात्री मिल सकते हैं। जिसे देखते हुए ही साउथ बिहार एक्सप्रेस और बिलासपुर पटना एक्सप्रेस के चलने की उम्मीद बढ़ गई है। इन ट्रेनों को यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल बनाकर चलाने की उम्मीद है। हालांकि इससे पहले राज्य शासन से चर्चा भी की जाएगी।

    जितने बर्थ, उतने यात्री

    अभी कोरोना का कहर जारी है। ऐसे में ट्रेनों में भी अधिक भीड़ मुसीबत का कारण बन सकती है। इसलिए इन ट्रेनों के परिचालन के दौरान भी रेलवे नियम व शर्तो का पालन करेगी। इसके तहत जिन यात्रियों का बर्थ कंफर्म रहेगा। उन्हें ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। प्रतीक्षासूची के यात्रियों को स्टेशन में ही रोक दिया जाएगा।