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  • तलाक के बाद पत्नी को देना था हिस्सा, इसलिए पति ने जला दिया 6 करोड़ का घर…

    तलाक के बाद पत्नी को देना था हिस्सा, इसलिए पति ने जला दिया 6 करोड़ का घर…

    लंदन। पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद इतना बढ़ जाता है कि बात तलाक तक पहुंच जाती है. जिसके बाद कायदे से पति को अपनी पत्नी को उसका हिस्सा देना पड़ता है. लेकिन एक शख्स तलाक के बाद अपनी पत्नी को उसका हिस्सा नहीं देना चाहता था, जिससे बचने के लिए उसने अपने करोड़ों के घर को ही आग के हवाले कर दिया।

    दरअसल, यह पूरा मामला Britain का है. यहां 75 वर्षीय John McCorry कोर्ट के आदेश से नाखुश थे, इस आदेश में घर बेचकर उससे मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा पत्नी को देने की बात कही गई थी. इसी के चलते उन्होंने अपने घर को ही आग लगा दी. घर की कीमत 550,000 पाउंड (करीब 5,66,45,225.69 रुपए) आंका गया था।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, John McCorry ने घर को आग के हवाले करने के बाद आराम से पास बैठकर शराब पिया और दमकल विभाग को भी फोन नहीं किया. इतना ही नहीं, आग से हुए नुकसान की भरपाई न हो सके, इसके लिए उन्होंने पत्नी को बिना बताए इंश्योरेंस के प्रीमियम का भुगतान करना भी बंद कर दिया था. इस पूरे मामले का खुलासा एक्सेटर क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ।

    आरोपी Auction के फैसले से था नाराज

    पुलिस और दमकल विभाग ने कोर्ट को बताया कि यह आग आकस्मिक नहीं लगी, बल्कि इसे जानबूझकर लगाया गया था. पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस अग्निकांड के लिए John McCorry दोषी हैं. वह एक्सेटर के पास केनफोर्ड में स्थित अपने घर की होने वाली नीलामी से बिलकुल भी नाखुश थे. उन्होंने नीलामी के ठीक 3 दिन पहले ही घर को आग के हवाले कर दिया, ताकि पत्नी को कोई हिस्सा न देना पड़े।

    McCorry ने पड़ोसियों से कही ये बात

    John McCorry और उनकी पत्नी हिलेरी इस घर में करीब 20 साल से एक साथ रहे थे. पुलिस का कहना है कि McCorry ने घर को आग लगाने से पहले और बाद में जमकर शराब पी. उन्होंने प्रोपेन गैस के सिलेंडरों में ब्लोटॉर्च की मदद से आग लगा दी. घर में लगी को आग देखकर जब पड़ोसी वहां जमा हो गए, तो मैककॉरी ने कहा कि मैं अपने घर को जलते हुए देख रहा हूं. जांचकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 17 जून को अग्निकांड की घटना हुई और इसके ठीक 3 दिन बाद इसे 550,000 पाउंड में बेचा जाना था।

    बता दें कि आग लगने के कारण घर इतना खराब हो गया है कि उसके 320,000 पाउंड ही मिल सके. यह बात भी सामने आई है कि आग लगने की घटना के ठीक पहले मैककॉरी ने अपनी पत्नी को घर से सामान निकालने से रोक दिया था. आरोपी John McCorry ने कोर्ट में आगजनी, जीवन को खतरे में डालने और लापरवाह होने की बात स्वीकार किया है. हालांकि, अपने बचाव में उन्होंने कहा है कि वर्कशाप में पीतल के दरवाजे के हैंडल को ब्लोटॉर्च से साफ करते समय दुर्घटनावश आग लगी थी।

  • अब 8.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का ब्यौरा, नियम नहीं माना तो प्रमोशन और इंक्रीमेंट में होगी परेशानी….

    अब 8.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का ब्यौरा, नियम नहीं माना तो प्रमोशन और इंक्रीमेंट में होगी परेशानी….

    राजस्थान सरकार (Rajasthan Govt) ने बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य के करीब साढ़े 8 लाख कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा देना होगा. अब टॉप ब्यूरोक्रेट्स से लेकर एक चपरासी तक को अपनी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी होगा.अब तक सिर्फ गजेटेड अफसरों ही अपनी संपत्ति का व्यौरा सरकार को देते थे. लेकिन अब यह नियम सभी के लिए जरूरी कर दिया गया है.
    सरकार की तरफ से संपत्ति की जानकारी देने की आखिरी तारीख 31 अगस्त रखी गई है. इस तारीख तक सभी को डिटेल मुहैया कराना जरूरी होगा. जो भी कर्मचारी सरकार के ये नियम नहीं मानेगा उसको प्रमोशन और इंक्रीमेंट में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. 1 जनवरी 2021 से मौजूदा संपत्ति की जानकारी कर्मचारियों को अब सरकार को देनी होगी।

    कर्मचारियों को देनी होगी संपत्ति की जानकारी

    राजस्थान के पर्सनल डिपार्टमेंट के मुताबिक राज्य सरकार के भीतर आने वाले सभी नियंत्रण बोर्ड, निगम संस्थाओं और राजकीय उपक्रमों पर यह नियम लागू होंगे. उन्हें भी अब गजेटेड एम्पलॉयी की तरह ही अपनी चल-अचल संपत्ति का व्यौरा सरकार को देना होगा. गहलोत सरकार की तरफ से सभी डिपार्टमेट्स को निर्देश दिया गया है कि वह अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा मुहैया करने का निर्देश दें।

    प्रमोशन-इंक्रीमेंट में हो सकती है दिक्कत

    सरकारी कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा राजकाज सॉफ्टवेयर पर देना होगा. इस दौरान उनके पास ऑनलाइन आईपीआर भरने का भी ऑप्शन होगा. सरकार ने सख्त नियन बनाया है कि जो भी कर्मचारी अपनी संपत्ति की जानकरी नहीं देंगे इसका प्रभाव उनके सालाना इंक्रीमेंट, प्रमोशन, क्लीयरंस, विजिलेंस पर पड़ेगा।

  • 26 डीएसपी बने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,पीताम्बर सिंह पटेल, गरिमा द्विवेदी हुए प्रमोट…

    26 डीएसपी बने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,पीताम्बर सिंह पटेल, गरिमा द्विवेदी हुए प्रमोट…

    रायपुर। राज्य पुलिस सेवा के 26 डीएसपी काे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। बलौदा बाजार के डीएसपी आदित्य पांडेय, विवेक शुक्ला और अभिषेक महेश्वरी एएसपी पदोन्नत हुए है। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से एएसपी के पद खाली पड़े थे. एसीएस गृह सुब्रत साहू के अध्यक्षता में डीपीसी की 22 मई को बैठक हुई थी। इन नामों को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के अनुमोदन के बाद गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया। जिन लोगों को पदोन्नत किया गया उनकी सूची इस प्रकार है।

  • पांच हजार में बनवाई एमबीबीएस की डिग्री,कालाबाजारी में पकड़े गए डॉक्टर का हुआ खुलासा…

    पांच हजार में बनवाई एमबीबीएस की डिग्री,कालाबाजारी में पकड़े गए डॉक्टर का हुआ खुलासा…

    • मध्यप्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में लगातार नई परतें खुल रही हैं। इस मामले में शहर के निजी अस्पतालों में जांच करने वाले डॉक्टर ही फर्जी निकले हैं।
    • उन्होंने महज पांच हजार रुपये खर्च करके एमबीबीएस की डिग्री ली थी, जिसके बाद जबलपुर एसटीएफ ने फर्जी डिग्री बनाने वाले मास्टरमाइंड को दमोह से गिरफ्तार कर लिया।
    • आरोपी के कब्जे से दो प्रिंटर, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

    ऐसे हुआ था मामले का खुलासा

    जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ ने 20 अप्रैल को चार रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पांच आरोपियों राहुल उर्फ अरुण विश्वकर्मा, राकेश मालवीय, डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर, डॉ. नीरज साहू और सुधीर सोनी को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा नरेंद्र ठाकुर समेत उसके साथियों को भी कुछ दिन पहले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में पकड़ा गया। एसटीएफ ने जब मामले की जांच की तो आशीष अस्पताल में कार्यरत आरएमओ डॉ. नीरज साहू की डिग्री संदिग्ध लगी। एमईएच कॉलेज से उसका सत्यापन कराया गया तो वह फर्जी निकली।

    नरेंद्र ठाकुर से बनवाई थी फर्जी डिग्री

    पूछताछ के दौरान नीरज साहू ने बताया कि उसकी फर्जी डिग्री नरेंद्र ठाकुर ने पांच हजार रुपये में बनवाई थी। नरेंद्र से जब इस मामले में पूछताछ की गई तो उसने अपनी और नीरज साहू की फर्जी डिग्री व मार्कशीट अपने दोस्त दमोह निवासी रवि पटेल से बनवाने की बात कबूली। इसके बाद एसटीएफ ने रवि पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया। रवि ने बताया कि उसने एक डिग्री बनाने की एवज में पांच हजार रुपये लिए थे। वह फोटोशॉप के माध्यम से फर्जी डिग्री बनाता था। आरोपी की निशानदेही पर एक लैपटॉप, दो प्रिंटर जब्त किए गए।

  • IAS अफसर से 35 लाख की ठगी, आरोपी ने बैंक कर्मी बनकर लगाया चूना….

    IAS अफसर से 35 लाख की ठगी, आरोपी ने बैंक कर्मी बनकर लगाया चूना….

    झारखंड। नागालैंड के एक आईएएस अधिकारी के बैंक एकाउंट से 35 लाख की ठगी मामले में आरोपी बलराम मंडल को जामताड़ा पुलिस ने देवघर जिला से गिरफ्तार किया है। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने आरोपी बलराम को करौं से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बलराम सिम का सप्लायर बताया जा रहा है। पुलिस टीम ने बलराम को करौं थाना क्षेत्र अवस्थित उसके घर पर छापेमारी कर पकड़ा है। पुलिस की ओर से की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपी बलराम ने अपनी संलिप्ता स्वीकार कर ली है। पूछताछ के क्रम में ही उसने पूरी कहानी बतायी कि कैसे आईएएस अधिकारी से लाखों की ठगी कर ली। गिरफ्तार साइबर आरोपी बलराम मंडल ने आईएएस अधिकारी के बैंक खाते से 35 लाख रुपए निकाले हैं।

    बलराम मंडल ने बताया कि उसने पहले आईएएस अधिकारी को खाता अपडेट करने के नाम पर झांसे में ले लिया और उसी क्रम में एक-एक जानकारी लेते-लेते अकाउंट से बड़ी राशि निकाल ली। आईएएस अधिकारी के साथ हुई इस वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की नींद उड़ गयी। मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन के क्रम में आरोपी का मोबाइल लोकेशन झारखंड मिलने पर जामताड़ा साइबर थाना की पुलिस को सक्रिय किया गया। बताया जा रहा है कि एक हफ्ते से दोनों जिलों की साइबर पुलिस आरोपी के पीछे पड़ी थी। उसी क्रम में गुरुवार रात जामताड़ा साइबर पुलिस को सफलता हाथ लग गयी। जामताड़ा साइबर थाना के इंस्पेक्टर इंचार्ज हरेंद्र राय ने पुलिस टीम के साथ गुरुवार शाम जामताड़ा जिले के करमाटांड़ व देवघर जिले के करौं सीमा से उसे धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल व छह सिम कार्ड बरामद किए हैं।

    पूछताछ में आरोपी बलराम ने पुलिस को बताया कि बैंक अधिकारी बनकर उसने आईएएस अधिकारी को फोन कर बताया कि वह मुंबई ब्रांच का वरीय बैंक अधिकारी है। उनका बैंक खाता अपडेट करना है, इसके लिए कुछ जानकारी दें, अन्यथा खाता बंद कर दिए जाने की भी बात बतायी। उसके बाद उसने आईएएस अधिकारी को एक लिंक भेजकर संबंधित जानकारी मांगी। आईएएस अधिकारी ने इसे सही मानकर भेजे गए लिंक के जरिए सारी जानकारी दे दी। उसके बाद बलराम व उसके सहयोगियों ने कई बार ट्रांजेक्शन कर 35 लाख रुपए उनके खाते से उड़ा लिए।

  • 56 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन, देखिए पूरी लिस्ट…

    56 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन, देखिए पूरी लिस्ट…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने तहसीलदारों को बड़ा तोहफा दिया है. भूपेश सरकार ने तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन दिया है. भूपेश सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों का प्रमोशन लिस्ट जारी किया है।

    भूपेश सरकार ने 56 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन दिया है. डिप्टी कलेक्टरों को नई पोस्टिंग के साथ नए जिलों का कमान भी सौंपा गया है. आदेश के मुताबिक 6 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत करते हए जनपद CEO बनाया गया है।

    देखिए सूची-
  • नाराज हुए मोहन मरकाम, कांग्रेस मीडिया विभाग के दो प्रमुख लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी होने की खबर…

    नाराज हुए मोहन मरकाम, कांग्रेस मीडिया विभाग के दो प्रमुख लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी होने की खबर…

    रायपुर। कांग्रेस पार्टी के भीतरखाने से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम बेहद नाराज बताए जा रहे हैं. उनकी नाराजगी की वजह संगठन का मीडिया विभाग है. दरअसल मसला प्रवक्ताओं के प्रशिक्षण से जुड़ा हुआ है. बीते दिनों संगठन ने टीवी डिबेट में जाने वाले प्रवक्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा था।

    प्रशिक्षण के दौरान प्रवक्ताओं को मोहन मरकाम ने संबोधित किया था. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मोहन मरकाम के नाम का जिक्र करते हुए यह खबर प्रकाशित की गई कि उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस के प्रवक्ता बीजेपी प्रवक्ताओं से पिटकर आते हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स में आए इन तथ्यों पर ही मोहन मरकाम की नाराजगी फूट पड़ी. कांग्रेस संगठन के सूत्र इस बात की तस्दीक करते हैं कि मीडिया विभाग के दोनों प्रमुखों से मरकाम ने गहरी नाराजगी जाहिर की है. बताते हैं कि उन्होंने कहा है कि संबोधन में जिन बातों का जिक्र नहीं किया गया, ऐसे तथ्य मीडिया रिपोर्ट्स में आखिर कैसे आ गए?

    सूत्र कहते हैं कि मोहन मरकाम ने यहां तक कह दिया कि मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी खबरें कैसे छप गई, ये मीडिया विभाग की जिम्मेदारी है कि सही और तथ्यात्मक जानकारी मीडिया तक जाए. मोहन मरकाम का गुस्सा यहीं नहीं थमा. सूत्रों का दावा है कि मरकाम ने तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    क्या बोले कांग्रेस के नेता

    वहीं इस मामले में पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि राजनीति में ऐसी चर्चा होते रहती है. मैं तो अभी अपने क्षेत्र में हूं. मैं इस पर क्या कहूं।

  • व्हाट्सएप के जरिए ऑनलाइन कॉल गर्ल की होती थी सप्लाई…

    व्हाट्सएप के जरिए ऑनलाइन कॉल गर्ल की होती थी सप्लाई…

    नोएडा। पुलिस ने व्हाट्सएप के जरिए ऑनलाइन कॉल गर्ल सप्लाई कर के सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. ये लोग व्हाट्सएप के माध्यम से डील करके कॉल गर्ल सप्लाई करते थे. पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. वहीं दो लड़कियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

    नोएडा पुलिस की एएचटीयू टीम ने व्हाट्सए के जरिए डील ऑनलाइन डील कर कॉल गर्ल सप्लाई कर सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इन दो को सी-81 सेक्टर 56 के गेस्ट हाउस के पास से गिरफ्तार किया है. पुलिस के पूछताछ में आरोपियों ने बताया की हम लोग व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से लोगों से बात करके डील होने के बाद गाड़ी के माध्यम से लड़कियों को ग्राहकों के पास होटल या मकान में पहुंचा कर आते थे।

    ग्राहकों से इसके बदले 5 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक वसूली की जाती थी, वहीं लड़कियों को इसमें से 1500 प्रति ग्राहक दिया जाता था, पुलिस को इनके कब्जे से घटनाओं प्रयुक्त की जाने वाली एक कार, मोबाइल फोन और 24930 नगद रुपए बरामद हुए हैं।

  • पूर्व IG के सी अग्रवाल के खिलाफ सबूत खंगालने फिर पहुंची CID, करप्शन समेत लगे हैं कई गंभीर आरोप…

    पूर्व IG के सी अग्रवाल के खिलाफ सबूत खंगालने फिर पहुंची CID, करप्शन समेत लगे हैं कई गंभीर आरोप…

    अंबिकापुर। पूर्व IG आईपीएस केसी अग्रवाल के खिलाफ CID की टीम एक बार फिर सबूत खंगालने पहुंची है. सूत्रों के मुताबिक KC अग्रवाल के खिलाफ कई गंभीर शिकायत दर्ज हैं, जिसकी जांच की जा रही है. इसी जांच के सिलसिले में CID की टीम अंबिकापुर पहुंची है।

    KC अग्रवाल की बढ़ी मुश्किलें

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीआईडी की 2 सदस्यीय टीम अंबिकापुर कोतवाली पहुंची हुई है. जहां KC अग्रवाल के खिलाफ साक्ष्य और दस्तावेज खंगाली.  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ देर तक कोतवाली में रही. थाना प्रभारी से कई विषयों पर चर्चा भी की.

    सबूत खंगालने फिर पहुंची CID

    सरगुजा के पूर्व IG आईपीएस केसी अग्रवाल के खिलाफ सीआईडी की टीम पूर्व में लंबित विभागीय और ग़ैर विभागीय जांच करने सरगुजा पहुंची है. IPS केसी अग्रवाल के खिलाफ विभागीय और गैर विभागीय गंभीर शिकायतें लंबे अरसे से लंबित हैं, जिसकी जांच जारी है.
    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके बाद सीआईडी की टीम सरगुजा संभाग के अन्य जिलों में भी जांच करने जाएगी. जहां से IG आईपीएस केसी अग्रवाल के खिलाफ जांच करेगी।


    बता दें कि KC अग्रवाल कई विवादों में फंस चुके हैं. उन्हें मार्च 2019 में सरगुजा का आईजी बनाया गया था. 9 महीने तक सेवा देने के बाद वे 31 मार्च 2020 को रिटायर हुए थे. आईजी जब जनवरी में रिटायर हुए तो शहर के महामाया पहाड़ स्थित ऑक्सीजोन पार्क में पार्टी दी गई थी. इसमें शराबखोरी की तस्वीरें भी वायरल हुई थीं. इस पार्टी में भी डीएफओ समेत कई पुलिसकर्मी शामिल हुए थे.
    गौरतलब है कि पूर्व की रमन सरकार ने पूर्व आईजी केसी अग्रवाल को कई भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त होने पर जबरन रिटायर कर दिया था. राज्य सरकार के इस फैसले को चुनौती देने पर हाई कोर्ट ने उन्हें राहत दी थी. उन्होंने फिर नौकरी ज्वाइन की थी।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र हो सकता है 26 जुलाई से शुरू, जल्द जारी होगी अधिसूचना…

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र हो सकता है 26 जुलाई से शुरू, जल्द जारी होगी अधिसूचना…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 26 जुलाई से शुरू हो सकता है. विधानसभा का यह सत्र 5 दिनों तक चल सकता है. फिलहाल इस संबंध में सचिवालय की ओर कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है।लेकिन इसको लेकर अधिसूचना जल्द जारी हो सकती है।

    बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते बजट सत्र को 12 दिन पहले ही स्थगित करना पड़ा था. अभी प्रदेश संक्रमण कमजोर स्थिति में है, जिसको देखते हुए विधानसभा का मानसून सत्र बुलानी की तैयारी चल रही है. मानसून सत्र में कोविड गाइडलान का पूर्णत: पालन कराया जाएगा।