खरसिया। खरसिया रेलवे के अधिकारियों की मनमाने रवैये और लापरवाही का भुगतान खरसिया तथा आसपास के यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, स्टेशन परिसर में स्थित पूछ़ताछ़ खिडकी हमेशा बंद रहती है, जिससे यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी तक नहीं मिल पाती।
मुम्बई हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित खरसिया रेल्वे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ़ नहीं है, वर्षो की मांग के बाद भी आज तक इस स्टेशन में ड़िस्प्ले तक नहीं लगाया गया है, ट्रेन के संबंध में जानकारी लेने के लिये जब यात्री पूछ़ताछ़ खिड़की में जाते हैं तो वह हमेशा बंद मिलता है, स्टेशन मास्टर शतेन्दु कुमार से जब इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि स्टॉफ की कमी है, टिकट खिड़की में ही जानकारी दी जायेगी। गौरतलब है कि रायगढ़ झारसुगुड़ा के मध्य रेललाईन विस्तार की वजह से कई दिनों से अधिकतर सवारी गाड़ियां विलंब अथवा रद्द चल रहीं है, स्थिति यह है कि जो ट्रेनें चल रही हैं उनको भी अंतिम समय पर रद्द या मार्ग परिवर्तन कर दिया जा रहा है, एैसे में यात्रियों को जानकारी देने वाला तक खरसिया स्टेशन में रेल्वे का कोई कर्मचारी नहीं है जिससे आसपास एवं दूरदराज के क्षेत्रों से आये हुये यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अंतिम समय में ट्रेन रद्द होने से यात्रिगण अत्यधिक परेशान हो रहे है एैसे में क्या रेलवे प्रबंधन की यह जिम्मदारी नहीं है कि कम से कम यात्रियों को जानकारी तो प्रदान कर सके।
खरसिया। टेलीकॉम सेक्टर में आज जियो के नाम से भला कौन अंजान है, एैसा शायद ही कोई शख्स होगा जो इस नाम से अंजान होगा। बहुत ही कम समय में जियो ने टेलीकॉम सेक्टर में अपनी पकड़ बनाई है और नाम कमाया है। आज के दौर में किसी भी कंपनी के लिये अपने नाम को बरबकरार रखना इसलिये भी जरूरी है क्योंकि ये नाम की विश्वसनीयता का ही असर है कि उपभोक्ता सिर्फ नाम देखकर उसके उत्पादों पर यकीन करता है और उपयोग करता है, अैर बाजार की समझ रखने वाली कंपनियां अपने ब्राण्ड़ और नाम की विश्वसनीयता को बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छ़ोड़ना चाहती लेकिन कहते है ना कि नाम कमाना आसान होता है , मुश्किल होता है तो उस कमाये गये नाम और अपने ब्राण्ड़ की विश्वसनीयता को कायम और बरकरार रखना, एैसा ही एक मामला छ़त्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया से प्रकाश में आया है जहां प्रसिद्ध टेलीकॉम कंपनी जियो के कर्मचारी ने अपनी कंपनी के नाम को मिट्टी में मिलाने वाली हरकत करते हुये कंपनी की महिला उपभोक्ता को फोन करके गालियां दी, महिला के पति ने कॉल रिकार्ड़िग जियो कंपनी के अधिकारियों को भेज दी है, और कंपनी के इस कृत्य के लिये जियों कंपनी के विरूद्व कानूनी कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खरसिया निवासी एक महिला के जियो नंबर में एक युवती ने फोन किया और खुद को कोरबा हेड़ आफिस की कर्मचारी बताते हुये रिचार्ज कराने की बात कही गयी, महिला ने जवाब दिया कि उनके पास एक और नंबर है और उसमें उन्होंने रिचार्ज करा लिया है तो कॉल करने वाली युवती भड़क गयी और महिला के साथ गाली गलौच करने लगी, महिला ने तत्काल इस संबंध में अपने पति को बताया तथा जियों कंपनी के कर्मचारी की कॉल रिकार्ड़िग अपने पति को सुनाई, जिसके बाद जियों कंपनी के कोरबा ब्रांच के अधिकारियों से संपर्क कर उन्हे वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया, जब महिला के पति ने अधिकारियों को कॉल रिकार्ड़िग भेज कर कंपनी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया तो पहले तो कंपनी के अधिकारियों ने कॉल करने वाली युवती को जियो कंपनी की कर्मचारी मानने से ही इंकार कर दिया गया, बाद में उस युवती को बर्खास्त कर अपने कर्तव्यों से इति श्री कर ली गयी। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की बकायदा ट्रेनिंग होती है उन्हे ग्राहकों से बात करने के तौर तरीके सिखाये जाते है लेकिन उपरोक्त घटनाक्रम से स्पष्ट है कि जियों कंपनी के द्वारा भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और बिना ट्रेनिंग के एैसे अनुभवहीन और अप्रशिक्षित लोगों से काम कराया जा रहा है जो कंपनी के नाम को खराब कर रहे है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिये जियों कंपनी के छ़त्तीसगढ़ हेड़ अभिनंनदन नायक से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो कॉल रिकार्ड़िग सुनने के बाद उनके द्वारा कहा कि इस संबंध में कुछ़ भी कहने के लिये मैं अधिकृत नहीं हूं आप हमारे मीड़िया मैनेजर से बात कर लीजिये।
कंपनी से भरोसा टूटा
वहीं इस पूरे मामले में पीड़ित महिला के पति ने कहा कि अधिकारियों के रवैये की वजह से जियो से उनका भरोसा टूटा है और वे कंपनी के विरूद्व न्यायालय तथा भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) में मामला दर्ज करायेंगे जिसके लिये वे अपने वकील से सलाह ले रहे है। इस पूरे मामले में देखा जाये तो जियो कंपनी के अधिकारी इस मामले में कुछ़ भी बोलने से बच रहे है, जिससे यह स्पष्ट है कि कंपनी अपने उपभोक्ताओं के हितों के प्रति कितनी समर्पित है।
पटना के एक कस्बे में एक बीमा एजेंट के फोन पर एक वीडियो कॉल आई. युवक ने वीडियो कॉल रिसीव की. दूसरी तरफ से एक लड़की स्क्रीन पर आई. थोड़ी देर मुस्कुराई और फिर उसने एक-एक कर अपने सारे कपड़े उतार दिए. लड़की पूरी तरह निवस्त्र हो गई. युवक हैरान रह गया. मोबाइल स्क्रिन पर लड़की के साथ एक कोने में युवक की तस्वीर दिख रही थी. युवक को पता नहीं था. वीडियो कॉल रिकॉर्ड हो रही थी. फिर युवक ने कॉल काट दी लेकिन वहीं उसके साथ ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो गया.
मामला पटना से सटे दानापुर का है. जहां सोमवार ये घटना सामने आई. जिसका शिकार दानापुर में रहने वाला एक बीमा कंपनी का एजेंट बना. पीड़ित युवक ने इस संबंध में पटना के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है. उसने पुलिस को बताया कि उसे एक लड़की ने कॉल किया. और बताया कि उसके पूरे परिवार को हेल्थ और टर्म इंश्यूरेंस का प्लान लेना है. फिर लड़की ने अपने परिवार की डिटेल भेजने के लिए बीमा एजेंट का व्हाट्सएप नंबर लिया. युवक ने नंबर दे दिया. फिर युवक को उस लड़की ने वीडियो कॉल की. कॉल रिसीव करने के बाद मोबाइल स्क्रीन पर युवती ने लाइव एक एक कर सारे कपड़े उतार दिए. फिर वह पूरी तरह नग्न हो गई. कंप्रोमाइज मुद्रा में लड़की बीमा एजेंट से अश्लील बातें करने लगी. थोड़ी देर बाद युवक ने कॉल काट दी. उसे अंदाजा नहीं था कि वो लड़की उसके साथ क्या करने वाली है. कॉल कटने के कुछ देर बाद बीमा एजेंट युवक के मोबाइल पर वीडियो कॉल के स्क्रीन शॉट की सैकड़ों तस्वीरें आई गई. जिसमें लड़की नग्न अवस्था में बीमा एजेंट से बात कर रही थी. स्क्रीनशॉट के कई छोटे वीडियो देखने के बाद युवक के होश उड़ गए. थोड़ी देर बाद लड़की ने फोन कर बीमा एजेंट से फौरन 50 हजार रुपये उसके अकाउंट में डालने के लिए कहा.
लेकिन बीमा एजेंट युवक ने पैसे देने से मना कर दिया. लड़की ने फिर उसे फोन किया और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी. बीमा एजेंट के इनकार करने के बाद लड़की के गैंग मेंबर क्राइम ऑफिसर और अधिकारी बनकर युवक को फोन करने लगे. उन लोगों ने युवक को धमकाया. दिल्ली के साइबर सेल में काम करने का हवाला देकर उससे पैसे की मांग की. फोन करने वाला बीमा एजेंट को बताता है कि उसके खिलाफ दिल्ली के साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया है. वो जल्द से जल्द लड़की से समझौता कर ले, अन्यथा उसे पुलिस दिल्ली से पटना पहुंचकर गिरफ्तार कर लेगी. उसे जेल जाना पड़ेगा. फिर भी बीमा एजेंट नहीं माना. इसके बाद लड़की बीमा एजेंट को अपना खाता नंबर देती है. तत्काल युवक को उसमें पैसे डालने के लिए कहती है.
इसके बाद लड़की और उसके गैंग के लोग करीब पचास बार युवक को फोन करते हैं. लेकिन युवक पैसे देने को राजी नहीं होता. परेशान होकर बीमा एजेंट युवक पटना साइबर सेल में लड़की और उसके गैंग के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. अब पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है. हाल में ही बिहार के कई इलाकों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें लोग अपनी इज्जत का ख्याल कर मामला दर्ज नहीं करवाते हैं और ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते हैं. फिलहाल पुलिस इस मामले में बीमा एजेंट की शिकायत दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई है. जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे.
बिलासपुर. प्रदेश मुखिया भूपेश बघेल ने सीएम निवास कार्यालय से डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली का शुभारंभ किया है। अनुज्ञा प्रणाली के शुभारम्भ से प्रदेशवासियों को अब चन्द सेकन्ड में ही भवन अनुज्ञा मिल जाएगी। इस दरौरान सीएम ने बताया कि डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली से 5382 वर्ग फीट तक के आवासीय भूखंडों के लिए लोगों को अब कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
बताते चलें कि कानूनी दांव पेंच के चलते आम लोगों को भवन अनुज्ञा को लेकर काफी परेशानियों का सामना करने को मजबूर होना पड़ता था। लगातार मिल रही शिकायतों और लोगों की परेशानियों को देखते हुए सीएम ने आज अपने आवास कार्यालय से नव वर्ष में प्रदेशवासियों को आशियाना बनाने वालों को तोहफा दिया है।
सीएम आवास में एक गरिमामयी सादगी भरे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होने बताया कि अब लोगों को आने वाली कानूनी प्रक्रियाओं से निजात मिलेगी। लोगों को अब कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। आवासीय जमीन के 5382 वर्ग फिट यानि 500 मीटर पर आशियाना बनाने के भवन अनुज्ञा एक क्लिक पर हासिल कर लेगा। अनुुज्ञा प्रणाली के लागू होने से आम जनता ने खुशी जाहिर की है।
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज एक अहम बैठक बुलाई गई। बैठक में मुख्य सचिव समेत सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। सीएम भूपेश ने जनता से जुड़ी सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई थी। सीएम भूपेश बघेल बैठक में मौजूद अधिकारियों से कार्यों का लेखा-जोखा लिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- प्रदेश में राशन कार्ड बनाने का अभियान चलाया जाएगा। एपीएल नागरिकों का भी राशन कार्ड बनेगा। समय सीमा में कार्यवाही होगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए जल संसाधन विभाग में 400 सब इंजीनियर्स की भर्ती करने की घोषणा की है। इन पदों के लिए योग्यता, वेतनमान एवं आयु सीमा छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग भर्ती पर आवेदन करने के लिए आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्था/विश्वविद्यालय से संबंधित विषय/क्षेत्र में Engineering Degree/समकक्ष होना अनिवार्य होगा।
दिल्ली. भारत में होटल्स (Hotel) रूम की बुकिंग के लिए लोकप्रिय एप ओयो (OYO) का एक नया विवाद सामने आया है. यह एप ऐसी होटल्स में भी रूम बुक कर रहा है जो मौजूद ही नहीं हैं. ऐसी होटल्स के बारे में परेशान ग्राहकों ने शिकायत भी की है, लेकिन इस गड़बड़ पर ओयो एप ने कोई कार्रवाई नहीं की है. ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर अपने कड़वे अनुभव शेयर किए हैं. दरअसल यह मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट (social media post) से सामने आया है. हालांंकि ओयो की तरफ से सीईओ रोहित कपूर का मैसेज भी है कि उन्होंने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं. हमारे ग्राहकोंं को दिक्कत हुई इसके लिए हम माफी मांगते हैं.
अभिशांत पंत ने ओयो एप के बारे में अपने कड़वे अनुभव को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट की है. इसमें उन्होंने बताया है कि 24 दिसंबर को वे दोस्तों के साथ पुडुचेरी घूमने के लिए प्लान कर रहे थे और उन्होंने ओयो की मदद से वहां एक होटल में रूम बुक किए थे. लेकिन जब वे पुडुचेरी पहुंचे तो मालूम हुआ कि ऐसा कोई होटल मौजूद ही नहीं है. अभिशांत कहते हैं कि रात 11 बजे अनजान शहर के सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद आपको पता लगता है कि आप ठगे जा चुके हैं. जब कोई होटल ही नहीं है तो फिर आप क्या करेंगे. और जब ओयो कस्टमर केयर से बात करने की कोशिश की गई तो वे मदद करने की बजाए, साफ कहा कि अब हम आपकी मदद नहीं कर सकते.
कोरोना के बढ़ती संक्रमण को देखते हुए इसके रोकथाम और नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन रायपुर द्वारा युक्तियुक्त प्रतिबंध लगाए गए है। कलेक्टर ने नाइट कर्फ्यू और धारा 144 के लिए आदेश जारी कर दिया है। राज्य शासन एवं भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश अनुसार कोरोना वायरस (कोविड- 19 ) के नियंत्रण के संबंध में पूर्व में लागू अधिकांश प्रतिबंधों में समय-समय पर सशर्त छूट प्रदान की गई थी उपरोक्त आंशिक प्रतिबंधों की समीक्षा की गई, जिससे वर्तमान में कोरोना वायरस पॉजिटिव प्रकरणों संख्या में लगातार वृद्धि होने के फलस्वरुप तथा जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर निम्नांकित अधिरोपित प्रतिबंधों/शर्तों का कड़ाई से पालन कराना एवं परिस्थिति अनुरुप युक्तियुक्त प्रतिबंध अधिरोपित किया जाना आवश्यक हो गया है। दण्ड प्रक्रिया सहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 34 सहपठित एपिडेमिक एक्ट, 1987 यथासंशोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये में सौरभ कुमार, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला रायपुर निम्नलिखित आदेश प्रसारित करता हूँ।
रायपुर जिला अंतर्गत रात्रि 9:00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया जाता है, परन्तु कोविड गाईडलाईन का पालन करते हुए थोक व्यापार, सब्जी मंडी, लोडिंग अनलोडिंग की अनुमति होगी। पेट्रोल पम्प, दवाई दुकान, दवाई की डिलीवरी, एम्बुलेंस प्रतिबंध से छूट होगा एवं पूर्ववत् नियमित समय अनुसार संचालित रहेगें। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बेकरी आईट्म, फूड कोर्ट एवं अन्य खाद्य संबंधी प्रतिष्ठान रात्रि 11.00 बजे तक संचालित होगें। फूड की होम डिलीवरी 11.00 बजे तक किया जा सकेगा। नगर निगम एवं अन्य नगरीय निकाय सीमा क्षेत्र के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा मुख्य सडक मार्ग में स्थित ढाये रात्रि 11.00 बजे के बाद भी ट्रक, बस एवं अन्य परिवहन वाहनों के लिए संचालित हो सकेंगें।
रायपुर जिला अंतर्गत समस्त प्रकार के धरना, रैली, जुलूस, सार्वजनिक / सामाजिक कार्यक्रम (विवाह एवं अंत्योष्टि को छोड़कर) सांस्कृतिक / धार्मिक कार्यक्रम, खेलकूद, मेला अथवा अन्य किसी प्रकार के सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। छत्तीसगढ़ शासन के आदेश कमांक 564 / ससाप्रवि / 2021 दिनांक 30.12.2021 के माध्यम से कार्यक्रम स्थलों पर अधिकतम एक तिहाई क्षमता की अनुमति होगी तथा 100 से 200 व्यक्तियो के सम्मिलित होने की स्थिति में एक दिन पूर्व निकटतम थाना / जोन कार्यालय / नगरीय निकाय को सूचना दिया जाना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम में 200 से व्यक्तियों की उपस्थिति होने की दशा में जिला कलेक्टर की लिखित पूर्वानुमति अनिवार्य होगी। समस्त कार्यक्रम स्थलों पर पंजी संधारित कर कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों का नाम, पता एवं मोबाईल नंबर संधारित किया जाना अनिवार्य होगा।रायपुर जिला अंतर्गत समस्त स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, लाइब्रेरी स्वीमिंग पूल बंद रहेगें। वेक्सीनेशन कार्य हेतु वर्ष 15-18 आयु वर्ग के बच्चों को स्कूल परिसर में कोविड गाईडलाईन एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बुलाया जा सकता है कक्षाओं का संचालन ऑनलाईन माध्यम से किया जा सकता हैं। सार्वजनिक स्थलों में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा उल्लंघन की दशा में राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25.03.2021 में निर्धारित अर्थदण्ड अधिरोपित किया जा सकेगा। उक्त निर्देश का पालन करने हेतु तहसीलदार / नायब तहसीलदार / नगर निगम / थाना अधिकृत होगे अर्थदण्ड देने से इंकार करने पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। रायपुर जिले अंतर्गत सभी मॉल, जिम, सिनेमाघर, होटल, रेस्टोरेंट, ऑडिटोरियम, मैरिज हॉल एवं अन्य आयोजन स्थलों को आगामी आदेश तक एक तिहाई क्षमता साथ संचालित किया जा सकेगा।
रायपुर रेल्वे स्टेशन, अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड एवं एयरपोर्ट पर राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को पहुंचने पर 72 घंटे पूर्व का कोरोना टेस्ट आर.टी.पी.सी.आर. निगेटिव रिपोर्ट दिखाना आवश्यक होगा, अन्यथा उपरोक्त स्थानों पर सैम्पलिंग / टेस्टिंग की जावेगी एवं रिपोर्ट आने पर संबंधित यात्रियों को स्वयं के व्यय पर क्वारटाईंटन रहना पड़ेगा। यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खाँसी, बुखार, सॉस लेने में तकलीफ, स्वाद या गंध महसुस नहीं होना, दस्त, उल्टी या शरीर में दर्द की शिकायत हो, तो निकटतम केन्द्र में कोविड–19 जांच में कराना तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक होम क्वांरटाईन रहना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट पॉजिटिव होने तथा होम आईसोलेशन हेतु अनुमति प्रदान किये जाने पर अनुमति की शर्तों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। 11. यदि किसी क्षेत्र में कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों की सघनता पायी जाती है तो उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जावेगा तथा उक्त क्षेत्र के सभी व्यक्तियों को कंटेनमेंट जोन संबंधी समस्त दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। विदेश से आने वाले नागरिक आगमन की सूचना निकटस्थ स्वास्थ्य केन्द्र, जिला कंट्रोल रूम एवं राजस्व अधिकरी को आवश्यक रूप से देंगे तथा इस संबंध में राज्य शासन स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कोविड नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने रायपुर के एम्स (AIIMS) और पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में “जीनोम सिक्वेंसिंग” (Genome Sequencing) जांच की सुविधा शीघ्र शुरू करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा है। उन्होंने आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि कोविड-19 का नया वेरिएंट और उसका बदलता स्वरूप वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
भारत भी इससे अछूता नहीं है।देश के ज्यादातर राज्यों में कोविड के नए वेरिएंट के बढ़ते संक्रमण की खबरें लगातार आ रही हैं। छत्तीसगढ़ कई राज्यों की सीमाओं से घिरा हुआ है। इसलिए यहां भी कोरोना के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं।स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना के वेरियंट का पता लगाने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हमें इसके लिए सैंपल भुवनेश्वर (ओड़िशा) भेजकर रिपोर्ट मंगानी पड़ती है जिसमें काफी समय लगता है। जांच की गति धीमी होने के कारण यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि हमारे क्षेत्र में फैलने वाला कोरोना वेरिएंट ओमिक्रॉन, डेल्टा या अन्य कोई दूसरा है। इसके कारण कोरोना की रोकथाम, जांच और इलाज के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेने तथा रणनीतिक तैयारी करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने राज्य की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत एम्स रायपुर में जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा तत्काल प्रारंभ कराए जाने का आग्रह किया है। उन्होंने रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज में भी जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा जल्दी शुरू करने के लिए जरूरी आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।
इनके शुरू हो जाने से समय पूर्व प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव और बेहतर इलाज की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी। उन्होंने जन-जीवन से जुड़े इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शीघ्र समुचित निर्णय लेकर तत्परतापूर्वक कार्यवाही की अपेक्षा की है।
भारत में Gold की खरीदारी तकरीबन पूरे साल चलती रहती है। कभी शादी विवाह तो कभी त्योहारी सीजन में सोने की बिक्री जमकर होती है। ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह होती है कि सोने की शुद्धता कैसे परखी जाए। कहीं पैसे पूरे देकर भी नकली सोना न खरीद लें।
मगर आपकी इन सब चिंताओं पर अब विराम लगने वाला है क्योंकि सरकार ने इसे रोकने के लिए बड़े तैयारी कर ली है। साल 2022 में ग्राहकों को शुद्ध Gold मिल सके इसके लिए सरकार पूरी तरीके से तत्पर है। इसी क्रम में साल 2022 में Gold बेचने और खरीदने का नियम भी चेंज हो जाएगा। साल 2022 में कोई भी ग्राहक बगैर हाल मार्क वाला गोल्ड नहीं खरीद सकता है। इसके अलावा ज्वेलर्स बीआईएस हॉलमार्क वाला Gold भी बेच नहीं सकेंगे।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक साल 2022 से देश भर में Gold की हाल मार्किंग को अनिवार्य बनाया जाएगा। अभी मौजूदा समय में देश के तकरीबन 256 जिलों में Gold ज्वेलरी पर अनिवार्य हॉल मार्किंग लागू होता है। इसके बाद अब साल 2022 में सरकार पूरे देश में इसका विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है।आपको बता दें कि हॉल मार्क एक गुणवत्ता प्रमाण पत्र है। जो आपको गोल्ड की प्योरिटी की गारंटी देता है।
23 जून साल 2021 को इसे देश भर के 256 जिलों में लागू किया गया था। इन 256 जिलों में से हर जिले में लगभग एक हॉलमार्किंग केंद्र जरूर है। मगर आप साल 2022 में सरकार इस योजना का विस्तार कर रही है। इसी साल से देशभर में गोल्ड पर हॉल मार्किंग अनिवार्य कर दी जाएगी।गौरतलब है कि Gold हॉल मार्किंग एक यूनिक आईडी होती है। जिस भी गोल्ड पर हॉलमार्क का निशान होता है। तो समझिए कि वह सोना पूरी तरह से शुद्ध है। गोल्ड हॉलमार्क एक नंबर होता है। इसे BiS निशान वाली ज्वेलरी को यूनिक आईडी नंबर दिया जाता है।
आभूषण में Gold की मात्रा के मुताबिक उसे कैरेट की रैंकिंग दी जाती है। 24 कैरेट से लेकर 14 कैरेट तक गोल्ड की मात्रा के मुताबिक उसे अलग-अलग कैटेगरी में भारतीय जाता है। हॉल मार्किंग के जरिए सोने की शुद्धता के अलावा इस बात की भी पुष्टि करने में आसानी होती है कि गोल्ड कब और कहां पर बिका। गौर करने वाली बात है कि भारत दुनिया भर में सोने का सबसे बड़ा आयात करने वाला देश है।
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गए। रायगढ़ के सारंगढ़ नगर पालिका में भी वोटर्स ने वोट डाला। इसके साथ ही सांरगढ़ के 42 उम्मीदवारों की किस्मत बैलेट पेपर में कैद हो गई। यहां अब तक आई जानकारी के मुताबिक 79.34 प्रतिशत मतदान हुआ है। रायगढ़ नगर निगम के 02 वार्डों के लिए भी वोट डाले गए हैं। रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 09 के लिए 63.52% और वार्ड क्रमांक 25 में 54.16% मतदान हुआ। वोट करने लोग सुबह से यहां के मतदान केंद्रों में पहुंच गए थे। ये दोनों सीट बीजेपी और कांग्रेस पार्षद के निधन के बाद खाली हुई थी।
सारंगढ़ के 15 वार्डों के लिए कुल 42 उम्मीदवार मैदान में थे। बीजेपी-कांग्रेस के अलावा जेसीसीजे और कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे थे। बीजेपी कांग्रेस ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इस नगर पालिका में बीजेपी-कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला था। इससे पहले भी इस नगर पालिका में बीजेपी का ही कब्जा था।
सुबह 8 बजे से ही शहर के अलग अलग 24 मतदान केंद्रों में वोटर्स वोट डालने पहुंचे थे। कुछ मतदान केंद्रों में अच्छी भीड़ भी देखने को मिली। सारंगढ़ नगर पालिका में कुल मतदाता की संख्या 19,789 है।अब 23 दिसंबर को वोटों की गिनती की जाएगी।