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  • पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखवाने आए हुए व्यक्ति से अच्छा व्यवहार करें :-दुर्ग रेंज IG

    पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखवाने आए हुए व्यक्ति से अच्छा व्यवहार करें :-दुर्ग रेंज IG

    दिनांक 21.03.2025 को श्री राम गोपाल गर्ग, (भापुसे.), पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा रक्षित केन्द्र, दुर्ग का वार्षिक निरीक्षण किया गया एवं निरीक्षण परेड के दौरान उत्तम वेषभूषा धारण करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया। पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा प्रशासनिक भवन में विभिन्न शाखा क्रमशः गणवेश शाखा, सुरक्षा उपकरण शाखा, पुलिस साख सहकारी समिति बैंक, वाहन शाखा, महिला कल्याण केन्द्र, यात्रा भत्ता शाखा, वाहन शाखा, कैश शाखा, रोजनामचा शाखा का निरीक्षण कर सभी प्रभारी अधिकारी/कर्मचारियों से उनके कार्यो की जानकारी प्राप्त की जाकर समीक्षा किया गया तथा पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा अधिकारी/कर्मचारियों से रूबरू हुए जिसमें पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा कहा गया कि दुर्ग जिला पुलिस का राज्य में महत्वपूर्ण स्थान है, राजधानी रायपुर के बाद दुर्ग जिला दूसरे स्थान पर आता है, दुर्ग जिला पुलिस मुस्तैद एवं चुस्ती सेे काम करती है। लोक सभा चुनाव/नगर पालिका निगम/पंचायत चुनाव निर्विघ्न रूप से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। पुलिस मुख्यालय, रायपुर द्वारा निर्देष जारी कर राज्य के सभी पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को निष्ठापूर्वक कर्तव्य निर्वहन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। थाना प्रभारी/अधिनस्थ स्टाफ को नार्मल पुलिसिंग करते हुए गश्त, पेट्रोलिंग सभी निर्धारित वेश-भूषा ही धारण करें एवं वर्दी पहनने से आत्मसम्मान में वृद्वि होती है, जनता में अच्छी वेषभूषा धारण करने से पुलिस की छबि अच्छी बनती है। आप ड्यूटी में व्यस्तता के बावजूद अच्छी वेषभूषा धारण करें। आम जनता के साथ सद्व्यवहार करें। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जावेगा। थाने में यदि कोई व्यक्ति रिपोर्ट लिखवाने आता है तो उससे अच्छा व्यवहार किया जावे एवं आगन्तुक व्यक्ति को गाईड करें एवं इस सबंध में थाना प्रभारी को बताये। थाना प्रभारी थाने में जाये तो प्रथमतः डीओ/एनओ अधिकारी/मुंशी/मददगार से जानकारी प्राप्त करें कि उनकी अनुपस्थिति में कोई आया तो नहीं था, उसके अधार पर कार्यवाही करें। पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा वार्षिक निरीक्षण परेड में उपस्थित अधिकारी/कर्मचारियों की गुजारिश भी सुनी गई एवं तत्कालिक तौर पर उनका निराकरण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। उक्त निरीक्षण के दौरान श्री जितेन्द्र शुक्ला, (भापुसे.), पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग एवं श्री अभिषेक झा, अति.पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जिला दुर्ग, श्री सुखनंदन राठौर, अति.पुलिस अधीक्षक (शहर) जिला दुर्ग, श्री चिराग जैन, (भापुसे). नगर पुलिस अधीक्षक, दुर्ग, श्री राहुल बसंल,( भापुसे.), श्री सत्प्रकाश तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक, भिलाई नगर, श्री हरीश पाटिल, नगर पुलिस अधीक्षक छावनी, श्री अनुप लकड़ा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पाटन, श्री चन्द्रप्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक (लाईन) जिला दुर्ग, श्री हेमप्रकाश नायक, उप पुलिस अधीक्षक (पुलिस कार्यालय) जिला दुर्ग, श्री नीलकंठ वर्मा, रक्षित निरीक्षक, जिला-दुर्ग एवं जिले के समस्त थाना/चैकी प्रभारी एवं रक्षित केन्द्र, दुर्ग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

  • छात्रा का गंभीर आरोप: “प्रिंसिपल बना रही थीं धर्म बदलने का दबाव…

    छात्रा का गंभीर आरोप: “प्रिंसिपल बना रही थीं धर्म बदलने का दबाव…

    जिले के कुनकुरी में मतांतरण का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है. यहां मिशनरी संस्था की तरफ से संचालित किये जा रहे होली क्रॉस नर्सिंग कॉलेज की फाइनल ईयर की छात्रा ने प्रिंसीपल पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. छात्रा ने इसकी शिकायत कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी शशि मोहन सिंह से की है. प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया है.


    नर्सिंग कॉलेज पर धर्मांतरण के लिए दबाव का आरोप: कुनकुरी के शंकरनगर निवासी 21 वर्षीय छात्रा ने बताया कि वह होली क्रॉस में नर्सिंग का कोर्स कर रही है. इस साल उसका अंतिम वर्ष है. पीड़ित छात्रा का आरोप है कि लगभग 15 दिन पहले अंतिम परीक्षा के दौरान कॉलेज की प्राचार्य विंसी जोसेफ ने प्रेक्टिकल परीक्षा की फाइल पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया.

    छात्रा के अनुसार प्राचार्य ने प्रैक्टिकल क्लास में अनुपस्थिति का हवाला दिया था. जबकि छात्रा का दावा है कि उसने अस्पताल में नाइट ड्यूटी भी पूरी मुस्तैदी से की लेकिन कॉलेज के रिकार्ड में उसे जबरन अनुपस्थित दर्शाया गया है. हालांकि काफी वाद-विवाद के बाद वह प्रैक्टिकल परीक्षा सहित वार्षिक परीक्षा में शामिल हो सकी.

    छात्रा का होली क्रॉस की प्राचार्य पर आरोप: पीड़ित छात्रा का आरोप है कि नर्सिग कालेज में प्रवेश लेने के बाद से ही प्राचार्य सिस्टर जोसेफ उस पर नन बनने का दबाव डाल रही थी. शुरूआत में नन बनने पर विदेशों में नौकरी लगाने और मोटा वेतन मिलने का झांसा दिया गया लेकिन जब उसने अपने धर्म और परिवार को ना छोड़ने की बात कही तो उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा. एक साल पहले उसे छात्रावास से भी निष्कासित कर दिया गया. फिर उस पर जबरन अनुपस्थिति और अनुशासनहिनता का आरोप लगाया जाने लगा.

    नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य ने आरोपों को किया खारिज: विवाद के बीच कॉलेज की प्राचार्य सिस्टर विंसी जोसेफ ने छात्रा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है. प्रिंसीपल ने कहा कि छात्रा ने परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण पूरा नहीं किया था. इसलिए उसे अगले वर्ष परीक्षा देने की सलाह दी गई थी. उन्होंने कहा कि छात्रा अपनी कमी छुपाने के लिए इस प्रकार के झूठे आरोप लगा रही है.

    बजरंगदल ने दी आंदोलन की चेतावनी: शुक्रवार को बजरंग दल के जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव पीड़िता से मिलने कुनकुरी पहुंचे. उन्होंने पीड़िता से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और उसके स्वजनों से चर्चा की. विजय आदित्य ने मतांतरण के लिए शैक्षणिक संस्था और चिकित्सा संस्थाओं के दुरूपयोग पर चिंता जताते हुए इस तरह की सभी संस्थाओं की जांच की मांग की है.


    पीड़िता छात्रा से इस बात की भी जानकारी मिली है कि उसकी बड़ी बहन भी एक साल पहले इसी कॉलेज से नर्सिंग पास हुई है. लेकिन 15 हजार फीस बकाया होने का बात कहकर प्राचार्य ने उसे पंजीयन प्रमाण पत्र नहीं दिया. बड़ी बहन रायपुर के एक निजी नर्सिंग होम में नौकरी कर रही है. लेकिन पंजीयन प्रमाण पत्र ना होने से उसे कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.

  • छत्तीसगढ़ के इस जिले का नाम बदला…

    छत्तीसगढ़ के इस जिले का नाम बदला…

    छत्तीसगढ़ सरकार ने बलौदाबाजार जिले का नाम बदलने का फैसला लिया है। अब यह जिला संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा जी के नाम पर “गुरु घासीदास धाम” कहलाएगा। इसके साथ ही, इसे राष्ट्रीय तीर्थस्थल भी घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ सरकार इस क्षेत्र को राष्ट्रीय तीर्थस्थल के रूप में भी घोषित कर सकती है। अपर कलेक्टर को जारी आदेश में अधिकारियों से इस फैसले पर स्पष्ट राय देने को कहा गया है। प्रशासन से जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • बरौद विस्थापित परिवारों ने एसईसीएल सीएमडी मुख्यालय का किया घेराव…

    बरौद विस्थापित परिवारों ने एसईसीएल सीएमडी मुख्यालय का किया घेराव…

    रायगढ़। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार एसईसीएल बरौद के विस्थापित परिवारों द्वारा एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर का घेराव कर सीएमडी को अपनी एक सूत्रीय मांगो का ज्ञापन सौंपा गया। और जनवरी 2024 को हुए समझौते के आधार पर विस्थापन लाभ दिलाए जाने की मांग की गई । विस्थापित परिवार द्वारा ज्ञापन में स्पष्ट कर दिया है कि यदि पूर्व समझौते के अनुसार 15 दिवस के अंदर मामले का निराकरण नहीं किया गया तो 16 अप्रैल से बृहद अनिश्चित कालीन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
    जिले के एसईसीएल रायगढ़ अंतर्गत बरौद कोल माइंस प्रभावितों को लगातार मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा है। इन सबके बीच एक बार फिर से बरौद खदान के प्रभावितों द्वारा मोर्चा खोलते हुए एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर सीएमडी दफ्तर पहुंचे और अपनी एक सूत्रीय मांगो को लेकर दफ्तर के सामने डट गए और  ज्ञापन सौंपते हुए15 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया।
    दरअसल एसईसीएल रायगढ़ अंतर्गत बरौद कोयला खदान प्रभावित लंबे समय से पुनर्विस्थापन लाभ को एसईसीएल के अन्य कोयला खदान भू विस्थापितों की तरह समान लाभ प्रदान किया जाने को लेकर लंबे समय से जद्दोजहद कर रहे हैं। एक तरफ जिस भूमि पर पूर्वजों से जीवकोपार्जन करते चले आ रहे थे वह एसईसीएल के कोयला खदान प्रभावित क्षेत्र में ले लिया गया। और विस्थापन के नाम पर लॉलीपाप के सिवाय कुछ हासिल नहीं हो पाया। इसकी पीड़ा भू विस्थापित परिवार सालों से सहन करता चला आ रहा है। अपने अधिकार के लिए लंबी लड़ाई लड़ने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हो रहा है।
    साल 2023- 24 में इसी मांग को लेकर अनिश्चित कालीन आंदोलन के बाद एसईसीएल मुख्यालय रायगढ़ महाप्रबंधक की अध्यक्षता में जनवरी 2024 में एक दिपक्षीय बैठक हुई जिसमे एसईसीएल के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में विस्थापित परिवारों ग्रामीणों जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में समझौता हुआ था। लेकिन इस समझौते के एक साल बीत जाने के बाद भी अब तक कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला अपितु अब एसईसीएल के अधिकारी यह कहने लग गए की सरायपाली के बडबड गांव की परियोजना के आधार पर मूल्यांकन किया जायेगा और बूडबुड परियोजना की फाइल अधिकारियों के पास लंबित है। यानि एसईसीएल मुख्यालय रायगढ़ के अध्यक्ष के नेतृत्व में हुई जनवरी 2024 के समझौते पर भी अमल नहीं किया जायेगा।
    *इस तरह भू विस्थापितों के लिए बैठक समझौता और आश्वासन इसके बाद समझौते से मुकर जाना यह सब एक आम बात हो चुकी है,  इसका भू विस्थापित परिवार कितना दंश झेलता है और जिस भूमि की वजह से वे पूर्वजों से जीवको पार्जन करते चले आ रहे थे उसके छीन जाने के बाद उचित मुआवजे के लिए भी दर दर भटकने को मजबूर होना लड़ता है यह जमीनी स्तर पर देखा और समझा जा सकता है। प्रभावित ग्रामीणों ने सीएमडी दफ्तर घेराव के बाद ज्ञापन देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 15 जनवरी तक मामले का निराकरण नहीं किया जाता है तो एसईसीएल प्रबंधक को कुंभकर्ण की निद्रा से जगाने 16 अप्रैल से उत्पादन डिस्पेच बंद कर कर दी जाएगी आर्थिक नाकेबंदी कर इसके बाद आर पार की लड़ाई आरंभ किया जायेगा।

  • महिला कर्मी के साथ दुर्व्यवहार, अभद्रतापूर्ण बर्ताव अश्लील टिप्पणियां, अब जेल का रास्ता, कानून व महिला को कमजोर आंकने वाले वाहियात डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कश्यप पर गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज…

    महिला कर्मी के साथ दुर्व्यवहार, अभद्रतापूर्ण बर्ताव अश्लील टिप्पणियां, अब जेल का रास्ता, कानून व महिला को कमजोर आंकने वाले वाहियात डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कश्यप पर गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज…

    महासमुंद। जिले के पिथौरा में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक महिला वन कर्मी ने तेंदूपत्ता प्रभारी और डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कुमार कश्यप पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डिप्टी रेंजर के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। घटनाक्रम के अनुसार महिला वन कर्मी ने आरोप लगाया है कि डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कुमार कश्यप ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, महासमुंद के पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए। 24 मार्च को, महिला वन कर्मी की रिपोर्ट के आधार पर पिथौरा थाने में डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कुमार कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 और 75(2/3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं गैर-जमानती हैं, जिसका मतलब है कि आरोपी को अदालत से ही जमानत मिल सकती है।

    आईपीसी की धारा 354 महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ और आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित है। धारा 75(2/) विशेष रूप से महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार से संबंधित है। गैर-जमानतीय धाराओं में मामला दर्ज होने का मतलब है कि आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और अदालत ही जमानत पर फैसला करेगी। वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। आरोपी डिप्टी रेंजर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। इस घटना से वन विभाग की कार्यप्रणाली और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना वन विभाग में महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार के मामलों को उजागर करती है।
    तेन्दूपत्ता प्रभारी पर अश्लील टिप्पणी का आरोप: 5 बड़ी बातें
    1️⃣ महिला कर्मचारी का आरोप: तेन्दूपत्ता प्रभारी सत्येन्द्र कुमार कश्यप ने कार्यालय बुलाकर अश्लील और अभद्र बातचीत की, अनुचित संबंध बनाने का दबाव डाला।
    2️⃣ अनुचित प्रस्ताव: महिला कर्मचारी के अनुसार, कश्यप ने कहा, “मुझे समय बिताने के लिए एक महिला सहयोगी चाहिए, क्या आप 8-15 दिनों में एक बार मेरे साथ संबंध बना सकती हैं?”मेरी पत्नी से अनबन है।
    3️⃣ भविष्य में धमकी: आरोपी अधिकारी ने कहा कि वह जल्द ही ऊंचे पद पर पहुंचेगा और तब महिला को उसके अधीन कार्य करना पड़ेगा।
    4️⃣ सुरक्षा की चिंता: शिकायतकर्ता ने कहा कि अगर इस शिकायत के बाद उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सत्येन्द्र कश्यप की होगी।
    5️⃣ जांच की मांग: महिला ने वन परिक्षेत्र अधिकारी और जिला यूनियन महासमुंद से तत्काल कार्रवाई की अपील की, महिला संगठनों के हस्तक्षेप की संभावना।

    रेंजर प्रत्युष पाण्डे
    हमने DFO को मामला भेज दिया है आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा हूं DFO ने विशाखा कमेटी को दिया
    हल्ला बोल यूनियन अभी तक मौन उपवास, थानेदार रवैया पूर्व में नकारात्मक क्यों रहा किसका दबाव था।
    रेंजर प्रत्युष पाण्डे का रवैया पीड़िता के प्रति सकारात्मक
    दो बार पत्र लिखकर अवगत करवाया। DFO को लेटर की कापी है। इस प्रतिनिधि के पास है। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक आज शाम महिला हवलदार उत्तरा दीवान आनलाईन महिला मजिस्ट्रेट को बयां पीड़िता का लिया जा रहा था।
    पीड़िता ने बताई कि चालान कटेगा तब धारा 74तब लगेगा ऐसा कहा गया। 20 व 21मार्च को भी थाना से बैरंग लौटे। 20 मार्च को टीआई उमेश वर्मा ने यह कहकर लौटाया कि अधिकारी से पुछुगा तब होगा दर्ज मामला। 21 को भी गोलमोल जवाब जांच करेंगे। 22 को हवलदार दीवान ने एक कागज में बयां लिया। लेकिन नहीं हुआ FIR। 23 मार्च को 4 बजे शाम फिर काल करके थाना बुलवाया गया पीड़िता बोली FIR होगी तब आऊंगी। फिर वो थाना गई। टीआई उमेश वर्मा ने कहा विशाखा कमेटी से जांच नहीं चाहती ऐसा लिखवा कर DFO से लाओ और SP से कहना कि TI FIR नही कर रहे पर उसने यह नहीं कि 23 को कुछ विशिष्ट जनप्रतिनिधियो, पत्रकारों मीडिया को बताई कि IG DGP से मिलूंगी नहीं जाऊंगी पिथौरा थाना तब यह खबर थाना तक पहुंची तो आज काल करके बुलवाया गया और FIR किया गया। अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ आदतन शराबी है सत्येन्द्र कश्यप पत्नी से भी झगड़ा की बात कहता है अन्य महिलाओं से। सुत्रो के मुताबिक अपने बंगले में आराम फरमाते हुए घर पर सरकारी काम निपटा रहा, सोशल मीडिया में हल्ला के बाद कार्यालय नहीं आ रहा। फारेस्ट गार्ड से डिप्टी रेंजर बना है बलौदाबाजार जिला का है। आज 10 से 12 बजे के बीच हुआ मामला दर्ज। उल्लेखनीय महासमुन्द व प्रान्त के युनियन कुछ बड़े पदाधिकारी बात-बात में नेतागिरी दिखाने वाले मुंह में गुपचुप डाल के मौन व्रत में हैजो कि शर्मनाक पहलू हैं। चौंकाने वाली बात है कि पीड़िता के साथ जो रवैया अपनाया गया क्या वो सुशासन का नक्शा है। पिथौरा थानेदार पर किसका दबाव था। इतनी लेट लतीफी क्यों? DFO ने विशाखा कमेटी को देकर पलड़ा झाड़ा, थानेदार ने वापस लेने क्यों कहां? बेटी बचाओ कानून महिला सशक्तिकरण की कानूनी बानगी ऐसी की मानसिक प्रताडना भी साथ मे चप्पल घिस जाए। कानून किसी की बपौती नहीं। यह प्रतिनिधि शाम 6 बजे थाना पहुंची पर थानाप्रभारी नहीं थे तो रू-ब-रू बयान नहीं हो पाया।
    मामले में महासमुन्द डीएफओ पंकज राजपूत ने कहा, पिथौरा वन विभाग में बरसों से कार्यरत महिला कर्मचारी ने डिप्टी रेंजर पर अश्लील बातें करने सहित और भी गंभीर आरोप लगाया है। वन विभाग में पदस्थ डिप्टी रेंजर के खिलाफ हमारे विभाग को पीड़ित महिला कर्मचारी से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महासमुंद प्रतिभा पाण्डेय ने कहा कि पीड़ित महिला की शिकायत पर मामला पंजीबद्ध किया गया है. अभी किसी प्रकार की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है। ये डिप्टी रेंजर जहां जाता है वहां विवाद में रहता है अपने कारनामों से न महासमुंद जिला अछूता रहा है न ही बलौदाबाजार जिला अछूता रहा है हमेशा विवादों में घिरा रहा है। इसकी इस बत्तमीजी अश्लीलता की हदें पार कर देने वाली अश्लील TALKS पर अभी तक निलंबन ना होना, चर्चा के दायरे में हैं अनेक संदेह पैदा कर रहे अभी तक गिरफ्तार भी नहीं हुआ।

  • 1 अप्रैल से बदल जाएंगे टैक्स और बैंकिंग से जुड़े ये 10 बड़े नियम, जानिए आपके जेब पर कितना पड़ेगा असर…

    1 अप्रैल से बदल जाएंगे टैक्स और बैंकिंग से जुड़े ये 10 बड़े नियम, जानिए आपके जेब पर कितना पड़ेगा असर…

    1 अप्रैल 2025 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग, इनकम टैक्स, एफडी और UPI जैसी सेवाओं से जुड़े कई नियम बदले जाएंगे।




    इनमें विदेश में पैसे भेजने पर TDS छूट, सीनियर सिटिजन के लिए FD पर बढ़ी हुई टैक्स राहत, PAN-आधार लिंकिंग का अनिवार्य नियम है।



    इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड्स में कटौती जैसे बदलाव शामिल हैं। ये नए नियम आम लोगों की जेब, निवेश और दैनिक लेनदेन पर सीधा प्रभाव डालेंगे।



    विदेश में पैसे भेजने पर TDS में छूट

    1 अप्रैल 2025 से लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में पढ़ रहे बच्चों की फीस या अन्य खर्चों के लिए 10 लाख रुपये तक भेजने पर TDS नहीं लगेगा।




    पहले 7 लाख रुपये से अधिक की राशि पर 5% TDS देना पड़ता था। यह बदलाव विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।



    इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव

    नए टैक्स रिज़ीम के तहत 7 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही, 30% टैक्स स्लैब की सीमा 15 लाख से घटाकर 14 लाख रुपये कर दी गई है। यानी अब 14 लाख से अधिक कमाने वालों को 30% टैक्स देना होगा।



    सीनियर सिटिजन के लिए FD पर बड़ी राहत


    वरिष्ठ नागरिकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से मिलने वाले ब्याज पर TDS छूट की सीमा 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। अब सीनियर सिटिजन 1 लाख रुपये तक की ब्याज आय पर TDS नहीं देंगे।



    बैंकों में न्यूनतम बैलेंस नियम सख्त

    कई बैंकों ने बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस की शर्तें सख्त की हैं। शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नियम लागू होंगे। SBI, PNB और केनरा बैंक जैसे प्रमुख बैंकों ने पहले ही अपनी नीतियों में बदलाव किया है।



    50,000 रुपये से अधिक के चेक पर पॉजिटिव पे सिस्टम अनिवार्य


    अब 50,000 रुपये से अधिक के चेक भुगतान के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम अनिवार्य होगा। इसमें चेक की जानकारी पहले बैंक को देनी होगी, जिससे धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी।

    क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स में कटौती

    SBI, IDFC जैसे बैंकों ने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स और माइलस्टोन बेनिफिट्स में कटौती की है। अब फ्री वाउचर और डिस्काउंट ऑफर्स कम मिलेंगे।



    PAN-आधार लिंकिंग अनिवार्य, नहीं तो ज्यादा TDS


    अगर PAN और आधार कार्ड लिंक नहीं किए गए हैं, तो TDS की दर बढ़ सकती है और टैक्स रिफंड में देरी होगी।



    नई टैक्स व्यवस्था डिफॉल्ट रहेगी

    अब पुरानी टैक्स व्यवस्था (80C जैसी छूट) का लाभ लेने के लिए अलग से आवेदन करना होगा, वरना नई टैक्स स्कीम स्वतः लागू हो जाएगी।



    इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

    व्यवसायों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगेगा।




    UPI और डिजिटल पेमेंट्स पर नए नियम

    April New Rule लेनदेन से जुड़े नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, जिसमें लिमिट और सुरक्षा नियमों में बदलाव शामिल हो सकता है।

  • छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारियों का तबादला, वित्त विभाग ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…

    छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारियों का तबादला, वित्त विभाग ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…

    छत्तीसगढ़ में वित्त सेवा संवर्ग में बड़ा फेरबदल किया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य वित्त सेवा संवर्ग के अधिकारियों का तबादला (CG Officers Transfer) कर उनकी नई पदस्थापना की है। उच्चतर वेतनमान और क्रमोन्नति मिलने के बाद 16 राज्य वित्त सेवा संवर्ग के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    इसके अलावा, सात अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि दो अधिकारियों को उनके अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमें तत्काल प्रभाव से अधिकारियों को नए स्थान पर पदस्थ किया गया है।

    आदेश के तहत नई पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार
    वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन अधिकारियों को प्रमोशन मिला है, उनकी अलग से पदस्थापना (CG Officers Transfer) की गई है। आदेश संख्या F 1-10/2025 और अन्य विभागीय आदेशों के तहत, स्थानांतरण किए गए अधिकारियों की सूची जारी की गई है। राज्य शासन ने इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है।

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ FIR दर्ज, इस मामले में CBI ने की बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ FIR दर्ज, इस मामले में CBI ने की बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में 6,000 करोड़ के महादेव सट्टा एप घोटाले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ इस मामले में CBI ने FIR दर्ज कर दी है। यह FIR 18 दिसंबर 2024 को दिल्ली में CBI के इकोनॉमिक ऑफेंस सेक्शन-3 पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी।

    इस घोटाले में महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार के मुख्यमंत्री और कई पुलिस अधिकारियों ने प्रोटेक्शन मनी लेकर इस सट्टेबाजी को संरक्षण दिया। CBI ने FIR दर्ज होने के बाद देशभर में कई जगहों पर छापेमारी की। दिल्ली, छत्तीसगढ़, भोपाल, और कोलकाता समेत कई स्थानों पर भूपेश बघेल और 60 अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे गए।

    FIR में इनके नाम हैं दर्ज

    FIR में भूपेश बघेल का नाम छठवें नंबर पर है। इस घोटाले में प्रमुख आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:

    सौरभ चंद्राकर
    रवि उप्पल
    शुभम सोनी
    चंद्रभूषण वर्मा
    असीम दास
    सतीश चंद्राकर
    भूपेश बघेल
    नितीश दीवान
    अनिल अग्रवाल
    विकास छापरिया
    रोहित गुलाटी
    विशाल आहूजा
    धीरज आहूजा
    अनिल कुमार दम्मानी
    सुनील कुमार दम्मानी
    भीम सिंह यादव
    हरीशंकर तिबरवाल
    सुरेंद्र बागड़ी
    सूरज चोखानी
    अज्ञात ब्यूरोक्रेट (2 अधिकारी)

    क्या है महादेव सट्टा एप घोटाला?

    महादेव बेटिंग एप एक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है जो भारत में अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की सट्टेबाजी को संचालित करता था। इस घोटाले के जरिए छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में हजारों करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। आरोप है कि नेताओं और पुलिस अधिकारियों को प्रोटेक्शन मनी देकर यह नेटवर्क चलाया जा रहा था।

  • दसवीं बोर्ड में फर्जीवाड़ा: जीजा की जगह साला देता पकड़ा गया परीक्षा, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

    दसवीं बोर्ड में फर्जीवाड़ा: जीजा की जगह साला देता पकड़ा गया परीक्षा, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

    रायगढ़। जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां पुसौर ब्लॉक के झलमला गांव में एक जीजा ने अपने साले की मदद के लिए ऐसा कारनामा कर डाला कि दोनों अब सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। 

    दरअसल, दसवीं बोर्ड की विज्ञान परीक्षा में यादराम सारथी नाम के शख्स ने अपने साले अमन सारथी को खुद के बदले परीक्षा देने के लिए भेजा था। परीक्षा केंद्र में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन प्रभारी की नजरें तेज निकलीं। फोटो मिलान के दौरान अमन पकड़ा गया, और सारा खेल खुल गया। जैसे ही यह बात सामने आई, हड़कंप मच गया। शिकायत मिलते ही पुसौर पुलिस हरकत में आई और जीजा-साले की जोड़ी को धर दबोचा।
    गांव में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है और लोग हैरान हैं कि कोई ऐसा जोखिम कैसे ले सकता है! बोर्ड परीक्षा में नकल का यह अनोखा तरीका अब सबके लिए सबक बन गया है। फिलहाल आरोपी जीजा और साले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

  • नगरीय प्रशासन विभाग ने संशोधित आदेश किया जारी, छत्तीसगढ़ में ई-टेंडरिंग से अब 20 नहीं इतने लाख से अधिक के होंगे कार्य, देखें आदेश…..

    नगरीय प्रशासन विभाग ने संशोधित आदेश किया जारी, छत्तीसगढ़ में ई-टेंडरिंग से अब 20 नहीं इतने लाख से अधिक के होंगे कार्य, देखें आदेश…..

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के निगमों और पंचायतों में अब 10 लाख रुपए या इससे अधिक की राशि वाले ही कार्य ई टेंडरिंग के माध्यम से हो सकेंगे। इस संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग ने संसोधित आदेश जारी किया है।

    पूर्व में ई टेंडरिंग से 20 लाख रुपए के कार्य होने का था आदेश

    पूर्व में जारी आदेश के अनुसार 20 लाख रुपए या उससे अधिक राशि के कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया लागू थी, जिसे अब संशोधित कर 10 लाख रुपए कर दिया गया है। यह निर्णय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने, कार्य आवंटन को अधिक सुचारु बनाने और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

    विकास कार्यों की गुणवत्ता में होगा सुधार

    सरकार के इस फैसले से नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और ठेका प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। आदेश जारी होने के बाद अब 10 लाख रुपए से अधिक के कार्यों के लिए अनिवार्य रूप से ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनानी होगी।