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  • सुशासन तिहार का इफेक्ट: कलेक्टर ने लंबे समय से जमे पटवारियों के उखाड़े कदम….

    सुशासन तिहार का इफेक्ट: कलेक्टर ने लंबे समय से जमे पटवारियों के उखाड़े कदम….

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार को मद्देनजर रखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कलेक्टर ने पटवारियों की बड़ी सर्जरी की है। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने तहसीलों में अंगद के पांव की तरह जमे पटवारियों का तबादला किया है। एक साथ सभी तहसीलों में 169 पटवारियों को इधर से उधर कर दिया। बिना किसी को भनक लगे तबादले किए गए। सुशासन तिहार के पहले कसावट लाने के उद्देश्य से ऐसा फेरबदल किया गया है।

    प्रदेश में सुशासन तिहार शुरू हो गया है। राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए हैं। इतने सालों में जब भी कभी पटवारियों के प्रभार में फेरबदल करने की कोशिश की गई तो धाकड़ पटवारियों ने प्रशासन का रास्ता रोक दिया।ऐसे पटवारी जो तहसील कार्यालयों की नब्ज पकडक़र रखते हैं, उनको हटाना संभव ही नहीं था, लेकिन कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने किसी को भनक भी नहीं लगने दी और 169 पटवारियों को इधर से उधर कर दिया। रायगढ़ तहसील के 44, पुसौर के 26, लैलूंगा में 25, खरसिया के 24, तमनार के 19, घरघोड़ा के 17 और धरमजयगढ़ के 14 पटवारियों को दूसरे हल्के में भेज दिया गया है। रायगढ़ के 26 पटवारियों को पुसौर तहसील और पुसौर के 26 पटवारियों को रायगढ़ तहसील भेजा गया है। इसी तरह घरघोड़ा के 17 पटवारियों को तमनार तहसील और तमनार के 19 पटवारियों को घरघोड़ा में पदस्थापना दी गई है।


    रायगढ़ तहसील के भरत सिंह ठाकुर, किशन देवांगन, अनिल राम, राजेश नायक, विनय त्रिपाठी, रामनिवास पटेल, लक्ष्मण स्वर्णकार, जलंधर सिदार, चनिता इजारदार, बीना मानेकर, माधुरी गहलोत, दशरथ खडिय़ा, श्रीनिवास पटेल, धनुर्जय डनसेना, कुसमी सनमानी, प्रतिभा जायसवाल आदि को पुसौर भेजा गया है। पुसौर के सच्चिदानंद साहू, तरुणा साहू, सुरेंद्र नाथ चौधरी, नवीन पटेल, नितुन मिरी आदि को रायगढ़ तहसील के हल्के दिए गए हैं। तमनार और घरघोड़ा में लंबे समय से एक ही जगह पर कार्यरत पटवारियों के तहसील बदल गए हैं। तबादला आदेश बुधवार शाम को निकाला गया और साथ ही रिलीव भी कर दिया गया। सभी को 11 अप्रैल पूर्वान्ह तक नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। गुरुवार को अवकाश होने के कारण पटवारियों को हाथ-पैर मारने का अवसर भी नहीं मिल पाया है।

    एसडीएम ने बदले थे प्रभार

    एक महीने पहले एसडीएम रायगढ़ ने पांच पटवारियों को छांटकर उनके प्रभार बदले थे। अमरदास संजय को कुसमुरा से नंदेली, प्रतिभा जायसवाल को उर्दना से कुसमुरा, किशन देवांगन को जोरापाली से मौहापाली, मनहरण देवांगन को जगतपुर के साथ जोरापाली का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। हालांकि चार्ज नहीं लिया गया है। पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप को भी पूर्व में मुकडेगा भेजा गया था। आदेश को संशोधित करते हुए एसडीएम ने उर्दना में पदस्थ किया था। 

  • रायगढ़ से शक्ति अग्रवाल होंगे भारी बहुमत से विजयी: अशोक अग्रवाल

    रायगढ़ से शक्ति अग्रवाल होंगे भारी बहुमत से विजयी: अशोक अग्रवाल

    खरसिया। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के रायगढ़ जिला मंत्री पद हेतु 16 अप्रैल को मतदान होना है। जिसके लिए व्यापारियों में काफी उत्सुकता नजर आ रही है।

    छत्तीसगढ़ चेंबर के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल (पत्रकार) ने जिले के सभी व्यापारी मतदाता भाईयो से आग्रह किया है की चेंबर चुनाव में भारी मतदान कर व्यापारी एकता पैनल के सक्रिय एवं व्यापारियों के लिए हमेशा संघर्षरत भाई शक्ति अग्रवाल के पक्ष में कलश छाप पर मतदान कर भारी बहुमत से विजयी बनाएं।

    अशोक अग्रवाल ने बताया की व्यापारी एकता पैनल के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वर्तमान में निर्विरोध निर्वाचित उपाध्यक्ष भाई सुशील रामदास के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पूरे जिले में कार्यकर्ताओं का जोरदार जनसंपर्क अभियान जारी है तथा खरसिया में भी मुकेश मित्तल, अशोक दीपक ट्रेडर्स, राजेंद्र नूतन सहित कार्यकर्ताओं की पूरी टीम जोर-शोर से भारी बहुमत से शक्ति अग्रवाल को जिताने में लगी हुई है। जिसके उत्साहजनक परिणाम आएंगे। इन्होंने दावा किया की खरसिया सहित पूरे जिले में 80% से अधिक मत पाकर शक्ति अग्रवाल रिकॉर्ड मतो से जीत दर्ज करेंगे एवं पुनः व्यापारी भाईयो की सेवा में तत्पर रहेंगे।

  •  दुर्ग दुष्कर्म और क़त्ल का मामला.. हत्यारे का केस लड़ने से वक़ीलों का इंकार.. यादव समाज का प्रदर्शन, की फांसी की मांग…

     दुर्ग दुष्कर्म और क़त्ल का मामला.. हत्यारे का केस लड़ने से वक़ीलों का इंकार.. यादव समाज का प्रदर्शन, की फांसी की मांग…

    दुर्ग: जिले में सामने आये 6 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म और ह्त्या मामले में अधिवक्ताओं ने बड़ा फैसला लिया है। वकीलों ने निर्णय लिया है कि, उनका कोई भी साथी वकील हत्यारे के बचाव पक्ष के तौर पर केस नहीं लड़ेगा। अधिवक्ता संघ ने हत्यारोपी सोमेश यादव की पैरवी ना करने की शपथ ली है।

    वही इससे इतर यादव समाज भी पीड़ित परिवार के समर्थन उतर आया है। यादव समाज ने आज कलेक्टर दफ्तर का घेराव करते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआई जाँच कराने और आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग की है। यादव समाज के प्रदर्शनकारियों में पीड़ित परिवार के लोग भी शामिल है। उन्होंने मोहन नगर थाना के खिलाफ भी प्रदर्शन किया है। इस तरह देखा जाएँ तो हर किसी में इस घटना को लेकर बेहद गुस्सा है। सभी एक सुर में आरोपी को जल्द से जल्द और सख्त से सख्त और सजा दिए जाने की पुरजोर मांग कर रहे है।

     गौरतलब है कि, दुर्ग जिले में रामनवमी के दिन कन्या पूजन के लिए निकले मासूम के साथ जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया था। 6 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इससे पहले मासूम को तड़पाया भी गया था जबकि उसके नाजुक अंगो को नुकसान भी पहुँचाया गया था। जाँच, पड़ताल और पूछताछ में मालूम चला कि बच्ची के साथ दरिंदगी को अंजाम देने वाला कोई और चाचा ही है। आरोपों की पुष्टि होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

  • बिहार सरकार के मंत्रियों की हो गई बल्ले-बल्ले, इतनी बढ़ी सैलरी, नीतीश कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले

    बिहार सरकार के मंत्रियों की हो गई बल्ले-बल्ले, इतनी बढ़ी सैलरी, नीतीश कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले

    दैनिक भत्ता 3,000 से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया है. राज्य मंत्री के लिए आतिथ्य भत्ता जो पहले  24,000 रुपये था, अब बढ़ाकर 29,500 रुपये हो गया है. उप मंत्री के लिए ये भत्ता 23,500 से बढ़ाकर 29,000 रुपये कर दिया गया है.

    पटना:

    विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बिहार सरकार ने राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों के वेतन-भत्तों में जबरदस्त बढ़ोतरी की है. कैबिनेट सचिवालय विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलावर को बैठक हुई. इस बैठक में बिहार राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है. साथ ही विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 27 प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई है. कैबिनेट के आदेश के अनुसार राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों के मासिक वेतन 50,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये कर दिया गया है. जबकि क्षेत्रीय भत्ता 55,000 रुपये से बढ़ाकर 70,000 कर दिया है.

    दैनिक भत्ता में भी बढ़ोतरी की गई है, जो कि 3,000 से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया है.  राज्य मंत्री के लिए आतिथ्य भत्ता जो पहले  24,000 रुपये था, अब बढ़ाकर 29,500 रुपये हो गया है. उप मंत्री के लिए ये भत्ता 23,500 से बढ़ाकर 29,000 रुपये कर दिया गया है. सरकारी कार्यों के लिए यात्रा का भत्ता 15 रुपये प्रति किलोमीटर की जगह अब 25 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया है.

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    गौरतलब है कि इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रियों को ये बड़ा तोहफा दिया है.

  • भिलाई में कॉलेज छात्र पर हमला, बीजेपी जिला अध्यक्ष के बेटे पर आरोप…

    भिलाई में कॉलेज छात्र पर हमला, बीजेपी जिला अध्यक्ष के बेटे पर आरोप…

    भिलाई। शहर के एक कॉलेज छात्र पर हुए हमले ने सनसनी फैला दी है. पीड़ित छात्र ने बीजेपी जिला अध्यक्ष के बेटे पर आरोप लगाया है. छात्र ने बताया कि वह कॉलेज जा रहा था, तभी अचानक भिलाई जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन के बेटे वैभव देवांगन और उसके दोस्तों ने उस पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया. छात्र ने बताया कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई.

    छात्र ने जामुल थाने में की शिकायत:घटना के बाद पीड़ित ने जामुल थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई. छात्र का कहना है कि उसे छत्तीसगढ़ पुलिस पर पूरा भरोसा है और उसे उम्मीद है कि न्याय जरूर मिलेगा.

    सीएसपी ने दिया जांच का भरोसा: इस मामले को लेकर सीएसपी हरीश पाटिल ने बयान दिया है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष होगी. उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.

    जामुल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. यह मामला इसलिए भी संवेदनशील बन गया है क्योंकि इसमें सत्ताधारी दल के जिला अध्यक्ष के बेटे का नाम सामने आया है. अब देखना होगा कि पुलिस कितनी तेजी से और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है. फिलहाल छात्र के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.

  • CBI : रिश्वत लेने के आरोप में रेलवे के तीन अधिकारी गिरफ्तार, 63.85 लाख रुपये और सोना बरामद

    CBI : रिश्वत लेने के आरोप में रेलवे के तीन अधिकारी गिरफ्तार, 63.85 लाख रुपये और सोना बरामद

    केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 7 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में उत्तर रेलवे के तीन अधिकारियों और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीबीआई ने एक गहन जांच के बाद की, जिसमें आरोपियों ने रिश्वत के रूप में 7 लाख रुपये का आदान-प्रदान क‍िया।

    गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली स्थित डीआरएम कार्यालय में कार्यरत उत्तर रेलवे के वरिष्ठ डीईई (जनरल) साकेत चंद श्रीवास्तव और एसएसई (इलेक्ट्रिकल – जी शाखा) के अधिकारी तपेंद्र सिंह गुर्जर शामिल हैं

    सीबीआई ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान करीब 63.85 लाख रुपये नकद, लगभग 3.46 करोड़ रुपये के सोने की छड़ें और आभूषण बरामद किए गए।गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली स्थित डीआरएम कार्यालय में कार्यरत उत्तर रेलवे के वरिष्ठ डीईई (जनरल) साकेत चंद श्रीवास्तव और एसएसई (इलेक्ट्रिकल – जी शाखा) के अधिकारी तपेंद्र सिंह गुर्जर शामिल हैं। तीसरे आरोपी एसएसई (निविदा अनुभाग के प्रभारी) के रूप में कार्यरत अरुण जिंदल को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने निजी व्यक्ति और ठेकेदारों से रिश्वत ली।

    इसके अलावा, सीबीआई ने मेसर्स वत्सल इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली के गौतम चावला को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के संबंध में एक और नाम सामने आया है, जो साकेत कुमार हैं। वह मेसर्स शिवमणि एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं।

    इन नामों के साथ ही, एफआईआर में अन्य निजी व्यक्तियों और लोक सेवकों का भी उल्लेख किया गया है, जिनके खिलाफ जांच जारी है।

    सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों के आधार पर जांच और आगे बढ़ाई जाएगी। सीबीआई की प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि आरोपी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच एक संगठित तरीके से रिश्वत का लेनदेन किया जा रहा था, जो सरकारी खरीद और ठेकेदारी से जुड़ा हुआ था। सीबीआई ने इस मामले में अन्य आरोपियों और उनकी संपत्ति की जांच शुरू कर दी है।

  • शराब की बोतल, लिपस्टिक, मेल अंडरवियर, सेक्स वर्कर, मंदी का अंदाजा इनसे भी पता चलता है….

    शराब की बोतल, लिपस्टिक, मेल अंडरवियर, सेक्स वर्कर, मंदी का अंदाजा इनसे भी पता चलता है….

    देश और दुनिया में कोई भी हलचल हो, सबसे पहले बोला जाता है कि मंदी आने वाली है. रूस और यूक्रेन लड़े तो मंदी की बात कही जाती है. शेयर मार्केट भरभराया तो मंदी का राग अलापा जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ‘आता माझी सटकली’ वाले मूड में हों, मतलब टैरिफ-टैरिफ (trump traffic) खेल रहे हों, तब भी मंदी का नाम आने लगता है. वी ऑल हेट मंदी मगर मंदी का क्या है. अगर उसे आना होगा तो आएगी ही सही. 2008 में यही हुआ था. ‘डैडी अमेरिका’ भी कुछ नहीं कर पाया था. मगर एक सवाल है.

    आखिर मंदी की आहट का पता चलता कैसे है? घंटी बजाकर तो आती नहीं है. दरअसल इसका पता हमारी और आपकी जीवनशैली, छोटी बोतल, ऑफिस के फ्रिज से लेकर पुरुषों के अंडरवियर और महिलाओं की लिपस्टिक से चलता है. कैसे….

    मंदी आने वाली है, इसका पता मार्केट के बड़े-बड़े दिग्गजों से पहले सेक्स वर्कर्स को चलता है. स्ट्रिप क्लब से लेकर वेश्यालय में काम करने वाले लोग सबसे पहले अंदाजा लगा लेते हैं कि हालत अच्छी नहीं. माना जाता है कि पैसे की आमद कम होते ही इंसान इस जगह जाना सबसे पहले बंद करता है या कम कर देता है. यहां दी जाने वाली टिप एक बड़ा इन्डिकेटर है. अगर टिप ज्यादा तो बाजार में सब ठीक है. और कम हो जाए तो मतलब दिक्कत आने वाली है. हालांकि ये कोई मीटर नहीं है, मगर इसे Stripper Index कहा जाता है. छात्रों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन बिजनेस रिव्यू एट बर्कले (BRB) ने साल 2024 में बाकायदा सेक्स वर्कर्स से बात करके इसके बारे में जाना था. उनकी गिरती कमाई मंदी का संकेत समझ लीजिए.

    भरा फ्रिज-जेब खाली 

    हमारे और आपके ऑफिस में एक फ्रिज होता है. इसे वेंडिंग मशीन कहते हैं. पैसे डालो और खाने-पीने का सामान बाहर निकालो. विदेशों में ऐसे फ्रिज बड़े आम होते हैं. जो ये खाली हैं या जल्दी-जल्दी खाली हो रहे तो मार्केट में मौज चल रही है. अगर कर्मचारी इनसे खाना लेने के बजाय घर से लाया हुआ खाना खा रहे तो समझ लीजिए. बाजार में दिक्कत है. चीजें शायद काफी महंगी हैं और कर्मचारी उनको खरीदने में झिझक रहा है.

    छोटी बोतल, बड़ा संकेत

    जरूरी नहीं कि बाजार में बिक्री कम होगी तो मंदी का पता चलेगा. शराब की बड़ी बोतल की बिक्री अचानक से कम होना और छोटी बोतल या कहें मिनिएचर की बिक्री में एकाएक बढ़ोतरी भी मंदी की आहट बताती है. अब जेब में पैसा भले नहीं है मगर शौक पूरा करना है या गंदी आदत है, तो बोतल ना सही मिनिएचर ही सही.      लिपस्टिक में मंदी ‘स्टिक’

    ऐसे ही जब महिलाएं महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट की जगह सिर्फ लिपस्टिक ज्यादा खरदीने लगें तो पता चल जाता है कि बुरा समय आने वाला है. लिपस्टिक महिला की खूबसूरती बढ़ाने का आम जरिया है. ये हमेशा बजट में भी मिल जाती है. जबकि बाकी प्रोडक्ट मसलन फुटवियर से लेकर ड्रेस के लिए ज्यादा दाम देना होता है. मतलब अचानक से लिपस्टिक की बिक्री बढ़ना कोई अच्छा संकेत नहीं.

    अंडरवियर इंडेक्स

    पुरुष अपने अंडरवियर को लेकर कोई ज्यादा फोकस नहीं होते हैं. आमदनी कम हो या ज्यादा. पुरुष के अंडरवियर में छेद होना कोई बड़ी बात नहीं. वो उसे पहनते रहेंगे जब तक टोका ना जाए. मगर जब टोकने के बाद भी वो नई नहीं खरीद रहे तो समझ आने लगता है कि इकोनॉमी में भी छेद हो चुका है. बाजार की भाषा में इसे MUI (Men’s underwear index) कहा जाता है. Federal Reserve  के पूर्व चेयरमेन Alan Greenspan ने तो इसे मंदी पता करने का सबसे बड़ा टूल तक कहा था.

    र्केट के एक्सपर्ट ऐसी कई चीजों पर नजर रखते हैं ताकि मंदी का समय रहते पता चल सके. उदाहरण के लिए सिगरेट का डिब्बा कम बिकना और खुली सिगरेट की बिक्री में उछाल भी बताता है कि पब्लिक पैसा खर्च करने में झिझक रही है. 

    वैसे एक सच ये भी है कि सारे इंडेक्स एक्सपर्ट की डेस्क पर पड़े रहने के बाद भी मंदी आ ही जाती है. जैसे 2008 में Lehman Brothers के डूब जाने से पूरे विश्व में मंदी का दौर आया. हालांकि तब भारत पर उसका गहरा असर नहीं पड़ा था.

  • राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना, IG नहीं अब ये होंगे EOW के प्रमुख, देखें विभाग प्रमुखों की पूरी लिस्ट…

    राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना, IG नहीं अब ये होंगे EOW के प्रमुख, देखें विभाग प्रमुखों की पूरी लिस्ट…

    रायपुर। राज्य सरकार ने तमाम शासकीय विभाग प्रमुख को लेकर अधिसूचना जारी की है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के प्रमुख को लेकर किया गया है, जिसमें अब महानिदेशक स्तर के अधिकारी प्रमुख होंगे। वर्तमान में आईजी स्तर के अधिकारी ब्यूरो के प्रमुख हैं।

  • DGP ने अचानक थानों में दी दस्तक, पुलिस कर्मियों में मचा हड़कंप, फिर जो हुआ…..

    DGP ने अचानक थानों में दी दस्तक, पुलिस कर्मियों में मचा हड़कंप, फिर जो हुआ…..

    दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DG) अरुण देव गौतम आकस्मिक निरीक्षण पर भिलाई पहुंचे। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ थाने का विस्तृत भ्रमण किया,बल्कि वहां तैनात पुलिस स्टाफ और अधिकारियों से भी बातचीत की। डीजीपी को अचानक थानों में पहुंचे देख पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।

    इस दौरान उन्होंने 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या मामले में जानकारी ली और साक्ष्य जुटाने, जांच में तेजी के साथ आरोपी को जल्द सजा दिलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा नशे पर थाना स्तर पर ही नियंत्रण करने के निर्देश दिए गए हैं।

    डीजीपी अरुण देव गौतम ने 6 साल की मासूम के साथ रेप कर हत्या मामले को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में पूरी तेजी से काम कर रही है। ताकि पीड़िता के परिजनों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। न्याय दिलाने के लिए ही हम काम करते हैं उन्होंने कहा इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा, जिससे आरोपी को जल्द से जल्द सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

    डीजीपी गौतम ने नशे के बढ़ते चलन को छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बताया. विशेष रूप से युवाओं और बच्चों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग लगातार नशे के कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इस लड़ाई में आम जनता की भी भागीदारी जरूरी है। डिमांड को रोकने का काम परिवार स्तर पर समाज करे और सप्लाई को रोकने का काम पुलिस कर रही है।

    इस 6 महीने नशे के व्यापारियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। उन्होंने समाज से अपील की कि नशा मुक्ति के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और बच्चों को इस बुराई से दूर रखने में सहयोग करें।

  • भारत अपनी आर्थिक ग्रोथ (जीडीपी) के बारे में झूठ बोल रहा है : सबीर भाटिया

    भारत अपनी आर्थिक ग्रोथ (जीडीपी) के बारे में झूठ बोल रहा है : सबीर भाटिया

    सबीर भाटिया एक भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और तकनीकी नवप्रवर्तक हैं, जिन्हें हॉटमेल (Hotmail) के सह-संस्थापक के रूप में जाना जाता है। 1988 में बिट्स पिलानी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री लेकर वे आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए और कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैलटेक) से स्नातक किया।

    सबीर ने 1996 में जैक स्मिथ के साथ मिलकर हॉटमेल की स्थापना की, जो दुनिया की पहली मुफ्त वेब-आधारित ईमेल सेवा थी। यह विचार उस समय क्रांतिकारी था, क्योंकि लोगों को कहीं से भी ईमेल एक्सेस करने की सुविधा मिली। 1997 में, माइक्रोसॉफ्ट ने हॉटमेल को 400 मिलियन डॉलर में खरीद लिया, जो उस समय की बड़ी तकनीकी डील थी।

    हॉटमेल के बाद, सबीर ने कई अन्य उद्यम शुरू किए, जैसे अरज़ू (Arzoo) । उनकी सफलता ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। आज भी उनकी गिनती इंटरनेट क्रांति के अग्रदूतों में होती है।

    उनके अनुसार भारत की GDP के आँकड़े झूठे हैं ग़लत हैं ।ऐसा अब देश और दुनिया के अनेक अर्थशास्त्री और उद्योगपति कहने लगे हैं । वजह यह है कि न तो निर्यात बढ़ा है और न घरेलू माँग बढ़ी है तो अर्थव्यवस्था कहाँ और कैसे बढ़ रही है? यह सिर्फ़ आँकड़ों की हेराफेरी से ही संभव है!

    Hotmail के फाउंडर Sabeer Bhatia ने कहा है कि:

    1. भारत GDP के बारे में झूठ बोल रहा है – यानी उनका कहना है कि भारत जो अपनी आर्थिक ग्रोथ (GDP) के आंकड़े दिखा रहा है, वे सही नहीं हैं या उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है।

    2. भारत को अपनी काम करने की आदतों (work ethic) पर दोबारा विचार करना चाहिए – यानी अगर भारत को चीन जैसी आर्थिक शक्ति से मुकाबला करना है, तो यहां के लोगों को अपनी काम करने की शैली, मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म में सुधार लाना होगा।

    सीधे शब्दों में: Sabeer Bhatia का मानना है कि अगर भारत वाकई में वैश्विक स्तर पर खासकर चीन से टक्कर लेना चाहता है, तो सिर्फ आंकड़े दिखाने से नहीं चलेगा। लोगों की काम करने की सोच, मेहनत और प्रैक्टिकल अप्रोच को भी बदलना होगा।

    हाल ही में, हॉटमेल के सह-संस्थापक सबीर भाटिया ने भारत की GDP गणना और कार्य संस्कृति पर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ की हैं। उनके मुख्य विचार निम्नलिखित हैं:

    GDP गणना में खामियाँ:

    भाटिया के अनुसार, भारत की GDP गणना प्रणाली में त्रुटियाँ हैं। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक उत्पादन का आकलन करते समय केवल वित्तीय लेन-देन को कार्य के रूप में गिना जाता है, जिससे वास्तविक उत्पादकता का सही आकलन नहीं हो पाता। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अन्य देशों में आर्थिक उत्पादन को कार्य किए गए घंटों और उनके मूल्य के आधार पर मापा जाता है। 

    कार्य संस्कृति और शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता:

    भाटिया ने भारत की कार्य संस्कृति और शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश इंजीनियरिंग स्नातक प्रबंधन क्षेत्र में चले जाते हैं और वास्तविक उत्पाद निर्माण में शामिल नहीं होते। उन्होंने यह भी बताया कि चीन में शिक्षा सभी के लिए सुलभ है, जबकि भारत में यह मुख्य रूप से अमीरों तक सीमित है। 

    चीन के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए सुझाव:

    चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए, भाटिया ने सुझाव दिया कि भारत को अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा कि चीन में लोग अपने हाथों से काम करने वालों को महत्व देते हैं, जबकि भारत में इस सोच में बदलाव की आवश्यकता है। 

    इन विचारों को विस्तार से समझने के लिए, आप यह वीडियो देख सकते हैं जिसमें सबीर भाटिया ने इन मुद्दों पर चर्चा की है: