ट्विटर वॉर…मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलटवार, “रमन सिंह का आजकल घर से निकलना नहीं हो पाता, तो उनको पता भी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।”

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चुनावी साल में दिए गए एक भाषण को ट्वीट कर भूपेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, आधा समय तो आत्ममुग्धता में निकल गया, अब तो कुछ काम कीजिए, जवाब में आक्रामक पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आजकल रमन सिंह का घर से बाहर निकलता बंद है, इसलिए उन्हें पता भी नहीं कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने चुनावी प्रचार के दौरान एक सभा में राहुल गांधी के दिए गए उस भाषण की वीडियो क्लिपिंग ट्वीट की, जिसमें उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के अलावा बड़ी तादात में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का वादा किया था. रमन सिंह ने ट्वीट के जरिए टिप्पणी दर्ज करते हुए कहा कि, राहुल गांधी जी वादा करके गए थे, 2500 रूपए धान का समर्थन मूल्य देंगे, 15 क्विंटल की लिमिट खत्म कर देंगे, हर जिला, हर ब्लाॅक में फूड प्रोसेसिंग का कारखाना लगाएंगे. भूपेश सरकार का आधा समय तो आत्ममुग्धता में निकल गया, अब तो कुछ काम कीजिए।

इस ट्वीट के बाद सियासी पलटवार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, रमन सिंह ने पहले भी ट्वीट किया था कि 60 लाख मीट्रिक टन चावल भारत सरकार खरीद रही है. राज्य सरकार को प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहिए. अब भारत सरकार नहीं खरीद रही है, तो उन्हें इसकी मांग करनी चाहिए. अभी 24 लाख मीट्रिक टन चावल की अनुमति दी गई है, तो 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की अनुमति देने के लिए उन्हें चिट्ठी लिखने से कौन रोक रहा है. भूपेश बघेल ने कहा कि, दूसरी बात इथेनाल प्लांट लगाने के लिए हमने कहा कि हमारे पास अधिशेष धान बचेगा. उसका इथेनाल बनाने की मंजूरी दे दी जाए. अनुमति मिली होती, तो अब तक प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती. चार एमओयू हम कर चुके हैं. भारत सरकार इसमें रोक लगाई हुई है कि धान से इथेनाल नहीं बना सकते. जबकि हम उनसे कोई सहायता नहीं मांग रहे हैं. केवल अनुमति मांग रहे हैं. वह अनुमति भी नहीं दे रहे, तो क्या रमन सिंह को यह नहीं लगता कि वह केंद्र से अनुमति दिलाने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बहुत से फूड प्रोसेसिंग प्लांग खुल चुके हैं. सैकड़ों की तादात में हम प्रोसेसिंग प्लांट खोल चुके हैं. रमन सिंह का आजकल घर से निकलता नहीं हो पाता, तो उनको पता भी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।

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