Category: राजनीती

  • निगम-मंडलों की लिस्ट में कार्यकर्ताओं को जगह नहीं मिलने से विधानसभा अध्यक्ष महंत नाराज…. बोले, ‘मैं नाराज हूं, ये सही बात है’…

    निगम-मंडलों की लिस्ट में कार्यकर्ताओं को जगह नहीं मिलने से विधानसभा अध्यक्ष महंत नाराज…. बोले, ‘मैं नाराज हूं, ये सही बात है’…

    कोरिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत अपने तीन दिवसीय दौरे पर कोरिया पहुंचे हैं। मनेन्द्रगढ़ में पत्रकारों ने डॉ चरणदास महंत से ढाई ढाई साल के सीएम पर सवाल किया। ढाई-ढाई साल के सीएम पद के फार्मूले पर कहा कि ये सीएम और बाबा के बीच का मामला है। इसके बारे में राहुल गांधी ही अच्छे से बता सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि वो निगम-मंडलों में कोरिया जिले से किसी को जगह नहीं मिलने से नाराज हैं।

    मैं नाराज हूं


    निगम मंडल में कोरिया से किसी को पद नहीं मिलने के सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत बोले की कोरिया जिले से किसी को निगम मंडल में कोई पद नही मिलने से मैं नाराज हूं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मनेन्द्रगढ़ को जिला बनाए जाने के सवाल पर कहा कि कुछ अच्छा हो सकता है जो इतिहास बन जाएगा। मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक डॉ. विनय जायसवाल सहित अन्य बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे। 

    ढाई ढाई साल के सीएम पर बोले ये

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत से ढाई ढाई साल के सीएम पर सवाल किया गया। तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि जब मुख्यमंत्री के नाम का फाइनल हो रहा था तब हम चार लोग थे। सेमीफाइनल खेल रहे थे। दो लोगों का नाम फाइनल हुआ। मामला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बाबा के बीच का है। इसके संबंध में राहुल गांधी अच्छे से बता सकते हैं।

  • नौकरी लगाने के नाम पर 19 लाख रूपये की ठगी,मंत्री शिव डहरिया के खिलाफ एफ. आई. आर. दर्ज करने की मांग…

    नौकरी लगाने के नाम पर 19 लाख रूपये की ठगी,मंत्री शिव डहरिया के खिलाफ एफ. आई. आर. दर्ज करने की मांग…

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा का एक प्रतिनिधि मंडल ने सरस्वती नगर थाना पहुँचकर नौकरी दिलाने के नाम पर की गई 19 लाख रुपए की ठगी के मामले में प्रदेश सरकार के मंत्री शिव डहरिया को सह आरोपी बनाने की मांग कर ज्ञापन सौंपेगा।

    प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मार्कण्डेय करेंगे। भाजपा अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मार्कण्डेय ने बताया कि मंत्री डहरिया और बलरामपुर कलेक्टर का एकदम ख़ास बताकर जांजगीर-चाँपा ज़िला के मूल निवासी जीवमंगल सिंह टंडन ने सन 2018-19 के दरम्यान 06 बेरोज़गार युवकों से नौकरी लगाने के नाम पर 19 लाख रुपए की उगाही की थी।

    बाद में पीड़ित युवकों की शिकायत पर एसएसपी द्वारा आरोपी टंडन के ख़िलाफ़ सरस्वती नगर थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया। श्री मार्कण्डेय ने कहा कि आरोपी टंडन ने मंत्री डहरिया को 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले 40 लाख रुपये चुनाव जीतने के लिए देने का ख़ुलासा किया है। भाजपा अजा मोर्चा ने इसे गंभीर आपराधिक मामला बताते हुए इस मामले में मंत्री डहरिया को सह आरोपी बनाने की मांग की है।

  • तहसीलदार ने झट से छू लिए नए कलेक्टर के पांव, IAS अफसर ने भी कह दिया “खुश रहो”

    तहसीलदार ने झट से छू लिए नए कलेक्टर के पांव, IAS अफसर ने भी कह दिया “खुश रहो”

    छत्तीसगढ़ में एक अधिकारी की वायरल फोटो सुर्खियों में बनी हुई है । वायरल फोटो में अधिकारी अपने नए कलेक्टर का पैर छूकर स्वागत कर रहे हैं, जबकि स्वागत में पूरा जिला प्रशासन पुष्प गुच्छ के साथ खड़ा नजर आ रहा है । बुधवार की शाम से फोटो जमकर वायरल हो रही है, वायरल फोटो अब लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है ।

    दरअसल, ये पूरा मामला कोरिया जिला कलेक्टर कार्यालय का है, जहां बुधवार को पुराने कलेक्टर SN राठौर को विदाई दी जा रही थी और नए कलेक्टर श्याम धावड़े को पदभार ग्रहण करना था।

    बड़ा भाई मानता हूं

    तहसीलदार मनोज पैकरा ने बताया कि श्याम धावड़े जी के साथ हम पहले भी काम कर चुके हैं। इसलिए मैं उनको अच्छी तरह जानता हूं। मैं उन्हें बड़ा भाई मानता हूं। इसलिए मैंने उनका पैर छू लिया। मनोज ने बताया कि हमने गरियाबंद जिले में साथ काम किया है, इसलिए उनका पैर छू लिया।


    कुछ दिन पहले हुई थी प्रशासनिक सर्जरी


    राज्य सरकार ने पिछले दिनों बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की थी। जिसमें कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यहां से वहां किए गए थे। जिसके चलते ही एसएन राठौर को मंत्रालय भेजा गया है और श्याम धावड़े जिले के नए कलेक्टर बनाए गए हैं। धावड़े ने बुधवार को कोरिया जिले के 16वें कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किया है। धावड़े इससे पहले बलरामपुर जिले के कलेक्टर थे।

  • बिना तामझाम के होगा समारोह, बतौर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस दिन लेंगी शपथ…

    बिना तामझाम के होगा समारोह, बतौर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस दिन लेंगी शपथ…

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद ममता बनर्जी 5 मई को सुबह 10.45 बजे बतौर मुख्यमंत्री तीसरी बार शपथ लेंगी. कोरोना काल में हो रहा शपथ ग्रहण समारोह बिना किसी तामझाम के सामान्य होगा।

    नंदीग्राम में पूर्व टीएमसी के नेता शुवेंदु अधिकारी के साथ कांटे की टक्कर में 956 मतों से हारने के बाद ममता बनर्जी के शपथ को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन राज्यपाल जगदीश धनकर से मुलाकात के बाद आ रही जानकारी में उनके 5 मई को सुबह 10.45 बजे शपथ लेने की बात कही जा रही है।

    बंगाल चुनाव में तमाम धारणाओं को धराशाई करते हुए ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 292 सीटों में से 209 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं चार सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं भाजपा की बात कहें तो 76 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं एक सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं. सरकार बनाने के लिए विधानसभा में 147 सीटों का सामान्य बहुमत होना जरूरी है।

  • चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिवों को लिखा पत्र, जीत के बाद जश्न मनाने वालों के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर…

    चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिवों को लिखा पत्र, जीत के बाद जश्न मनाने वालों के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर…

    दिल्ली। चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए चुनाव में जीत हासिल करने के बाद उत्साह और उमंग से भरे राजनीतिक दल के कार्यकर्ता कोरोना गाइड लाइन को एक तरह से भूल गए हैं. स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने पाचों राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करते हुए संबंधित पुलिस थाने के एसएचओ को निलंबित कर कार्रवाई की जानकारी तत्काल देने के लिए निर्देशित किया है।

    चुनाव में मिली जीत के बाद सबसे ज्यादा उत्साह में बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं, जहां पार्टी कार्यालय के बाहर जहां एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जुलूस की शक्ल में घूम रहे तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश की. इलेक्ट्रानिक मीडिया के अलावा अन्य माध्यमों से मिली रही जानकारी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने पांचों राज्यों के मुख्य सचिव तो पत्र लिखा है. आयोग ने प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी जुलूस निकाले जाने पर  पार्टी कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करने के साथ संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी को निलंबित करने को कहा है।

  • ट्विटर वॉर…मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलटवार, “रमन सिंह का आजकल घर से निकलना नहीं हो पाता, तो उनको पता भी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।”

    ट्विटर वॉर…मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलटवार, “रमन सिंह का आजकल घर से निकलना नहीं हो पाता, तो उनको पता भी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।”

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चुनावी साल में दिए गए एक भाषण को ट्वीट कर भूपेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, आधा समय तो आत्ममुग्धता में निकल गया, अब तो कुछ काम कीजिए, जवाब में आक्रामक पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आजकल रमन सिंह का घर से बाहर निकलता बंद है, इसलिए उन्हें पता भी नहीं कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।

    दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने चुनावी प्रचार के दौरान एक सभा में राहुल गांधी के दिए गए उस भाषण की वीडियो क्लिपिंग ट्वीट की, जिसमें उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के अलावा बड़ी तादात में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का वादा किया था. रमन सिंह ने ट्वीट के जरिए टिप्पणी दर्ज करते हुए कहा कि, राहुल गांधी जी वादा करके गए थे, 2500 रूपए धान का समर्थन मूल्य देंगे, 15 क्विंटल की लिमिट खत्म कर देंगे, हर जिला, हर ब्लाॅक में फूड प्रोसेसिंग का कारखाना लगाएंगे. भूपेश सरकार का आधा समय तो आत्ममुग्धता में निकल गया, अब तो कुछ काम कीजिए।

    इस ट्वीट के बाद सियासी पलटवार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, रमन सिंह ने पहले भी ट्वीट किया था कि 60 लाख मीट्रिक टन चावल भारत सरकार खरीद रही है. राज्य सरकार को प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहिए. अब भारत सरकार नहीं खरीद रही है, तो उन्हें इसकी मांग करनी चाहिए. अभी 24 लाख मीट्रिक टन चावल की अनुमति दी गई है, तो 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की अनुमति देने के लिए उन्हें चिट्ठी लिखने से कौन रोक रहा है. भूपेश बघेल ने कहा कि, दूसरी बात इथेनाल प्लांट लगाने के लिए हमने कहा कि हमारे पास अधिशेष धान बचेगा. उसका इथेनाल बनाने की मंजूरी दे दी जाए. अनुमति मिली होती, तो अब तक प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती. चार एमओयू हम कर चुके हैं. भारत सरकार इसमें रोक लगाई हुई है कि धान से इथेनाल नहीं बना सकते. जबकि हम उनसे कोई सहायता नहीं मांग रहे हैं. केवल अनुमति मांग रहे हैं. वह अनुमति भी नहीं दे रहे, तो क्या रमन सिंह को यह नहीं लगता कि वह केंद्र से अनुमति दिलाने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बहुत से फूड प्रोसेसिंग प्लांग खुल चुके हैं. सैकड़ों की तादात में हम प्रोसेसिंग प्लांट खोल चुके हैं. रमन सिंह का आजकल घर से निकलता नहीं हो पाता, तो उनको पता भी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।

  • ममता के किले में शाह की सियासी स्ट्राइक, दस MLA, 1 सांसद और 1 मंत्री ने थामा BJP का हाथ, अमित शाह बोले, चुनाव तक ममता अकेली रह जाएंगी….

    ममता के किले में शाह की सियासी स्ट्राइक, दस MLA, 1 सांसद और 1 मंत्री ने थामा BJP का हाथ, अमित शाह बोले, चुनाव तक ममता अकेली रह जाएंगी….

    पश्चिम बंगाल। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. आज मिदनापुर की रैली में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में टीएमसी से लंबे वक्त से नाराज़ चल रहे मंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बीजेपी का दामन थाम लिया. उनके अलावा टीएमसी सांसद सुनील मंडल और टीएमसी, लेफ्ट और कांग्रेस के 10 अन्य विधायकों ने भी बीजेपी में आधिकारिक तौर पर एंट्री की।
    ममता के किले में सेंध लगाने के बाद गृह मंत्री अमित शाह रैली में उन पर जमकर बरसे. अमित शाह ने कहा, “कुछ बड़बोले नेताओं ने कहा कि बंगाल में तृणमूल को कोई हरा नहीं सकता।

    मैं उनको याद कराना चाहता हूं कि सांसद के चुनाव के अंदर कहते थे कि बीजेपी का खाता नहीं खुलेगा. हमारे दिलीप घोष की आध्यक्षता और मोदी जी के नेतृत्व में 18 सीटें बीजेपी ने जीती हैं.” उन्होंने कहा कि चुनाव तक ममता अकेली रह जाएंगी।

    अमित शाह ने ममता पर आरोप लगाया, “बीजेपी में जो लोग आज आ रहे हैं वो मां माटी मानुष के नारे के साथ निकले थे. लेकिन ममता दीदी की सरकार ने मां माटी मानुष के नारे को टोलबाजी, तुष्टीकरण और भतीजावाद में परिवर्तित कर दिया.”

    उन्होंने कहा कि ममता ने कांग्रेस छोड़ी, क्या वो दल बदल नहीं था. उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों से आज अच्छे लोग बीजेपी में शामिल हुए. मां माटी मानुष के नारे को हफ्ता वसूली में बदल दिया. साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस बार 200 सीटों के साथ बीजेपी की सरकार बनेगी।

    अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी ने मां, मानुष और माटी के नारे को भ्रष्टाचार, तोलाबाजी और भतीजावाद में बदल दिया है. अमित शाह ने ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में भी टीएमसी के लोग कहते थे कि बीजेपी का खाता भी नहीं खुलेगा, लेकिन बीजेपी ने 18 सीटें जीतीं, अमित शाह ने कहा कि जब विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे तो बीजेपी 200 से अधिक सीटों के साथ सरकार बनाएगी। 

    अपने भाषण में शाह ने ममता बनर्जी को ही निशाने पर रखा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस महान भूमि को प्रणाम करता हूं, जहां शिक्षा शास्त्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर और शहीद खुदीराम बोस का जन्म हुआ। 18 साल का लड़का हाथ में गीता लेकर हंसते-हंसते फांसी पर झूल गया। उनकी शहादत के बाद लोगों में खुदीराम की धोती पहनने की होड़ लग गई थी।

  • रमन सिंह को CM बघेल का जवाब- इन्हीं अफसरों के दम पर 15 साल राज किया, अब धमकाइए मत….

    रमन सिंह को CM बघेल का जवाब- इन्हीं अफसरों के दम पर 15 साल राज किया, अब धमकाइए मत….

    पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के अधिकारियों को धमकी दी है। डॉ. रमन सिंह ने कहा, अधिकारियों को गिने-चुने दिन ही रहना है।
    दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री ने यह सब उस वक्त कहा जब कवर्धा में उनके कार्यक्रम के स्थल को अचानक अधिकारियों के द्वारा बदल दी थी।

    स्थानीय भाजपा नेताओं ने कवर्धा के गांधी मैदान में सभा की अनुमति मांगी थी। एसडीएम कवर्धा ने इसकी अनुमति भी दे दी। 17 दिसम्बर की सुबह प्रशासन ने गांधी मैदान की अनुमति रद्द कर भाजपा को राजीव गांधी पार्क में सभा करने को कहा।

    प्रशासन की इस हरकत से पूरी भाजपा भड़की हुई है। प्रशासन की अनुमति नहीं होने के बावजूद भाजपा ने शुक्रवार शाम गांधी मैदान में ही किसान महापंचायत का आयोजन किया।
    जिस तेवर में डॉ रमन सिंह ने कहा है वैसा तेवर उनका बहुत कम देखने को मिलता है. डॉ रमन ने अधिकारियों से कहा है कि वे ज्यादा गर्मी मत दिखाएं. सरकार को 2 साल हो गए है और 3 साल बाद उन्होंने पुनः अपनी सरकार लौटने का दावा करते हुए पूरा हिसाब करने की बात भी कही।

    https://youtu.be/WE0dEOm85EE


    डॉ रमन यही नहीं रुके. उन्होंने अधिकारियों को स्वामी के तलवे न चाटने के लिए भी कहा।
    कवर्धा में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ। रमन सिंह के अधिकारियों को तलवे नहीं चाटने की नसीहत पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि रमन सिंह इस प्रकार की भाषा का उपयोग न करे तो अच्छा है। वो डराने-धमकाने का काम न करें।
    सीएम बघेल ने कहा कि 15 साल तक इन्हीं अधिकारियों के भरोसे वो राज करते रहे। आज ये अधिकारी हमारी सरकार के हिसाब से काम कर रहे हैं। वहीं ट्रांसफर को लेकर कहा कि पिछली सरकार अधिकारियों के ट्रांसफर करने में 2 साल लगा देती थी। यहां तो यह हो रहा है कि कोई अधिकारी अगर ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो उसके बदले दूसरे को मौका मिलता है। ट्रांसफर कोई सजा थोड़ी है।

  • युद्धवीर का भुपेश प्रेम पूरे चरम पर ! कभी भी बीजेपी को बॉय कह सकते हैं युद्धवीर…..

    युद्धवीर का भुपेश प्रेम पूरे चरम पर ! कभी भी बीजेपी को बॉय कह सकते हैं युद्धवीर…..

    रायपुर। छग की सियासत में बहुत जल्द बड़ा भूचाल आ सकता है ।छग भाजपा के आईकॉन कहै जाने वाले जशपुर जुदेव परिवार के छोटे सरकार याने चंद्रपुर से 2-2बार भाजपा की ओर से विधायक रहे युद्धवीर सिंह जूदेव के भाजपा छोड़ने की चर्चा तेज हो गई है। युद्धवीर ने मीडिया को एक बयान देकर पूरे प्रदेश की सियासत में खलबली मचा दी है ।उन्होंने मीडिया को दिये एक वन टू वन साक्षत्कार में भाजपा को वयापरियो की पार्टी और प्रदेश के मुखिया भुपेश बघेल को मेहनतकश और छत्तीसगढ़िया संस्कृति और माटी से प्रेम करने वाला मुख्य्मंत्री बताया है। उन्होंने अपने साक्षत्कार में कहा कि उन्होंने मेहनत करना भुपेश बघेल से सीखा है ।

    यह पहली दफा नही है कि युद्धवीर अपनी ही पार्टी के विरुद्ध तंज कस रहे हैं।इससे पहले भी वो कई बार पार्टी के बड़े नेताओं को अपने निशाने में ले चुके है और पार्टी को जवाब देना मुश्किल हो गया है लेकिन इस बार जो उन्होंने अपनी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जिस तरह से मीडिया के सामने व्यापारियों की पार्टी कहा और मुख्य्मंत्री भुपेश बघेल की खुलकर तारीफ की उससे कहीं न कहीं यह लगने लगा है कि अब पानी सिर के उपर से जा गुजरा है और युद्धवीर कभी भी बड़ा निर्णय लेकर बीजेपी के सामने सियासी संकट खड़ा कर सकते हैं।

    यह भी बता दें कि युद्धवीर 2018 के विधानसभा चुनाव से पूर्व भी अपनी पार्टी भारतीय जनता पार्टी से खुलकर नाराज चल रहे थे और उनकी नाराजगी का नतीजा यह हुआ कि जशपुर जिले में भाजपा का सुपडा साफ हो गया ।जिले की एक भी सीट भाजपा को हाथ नही लगी और भाजपा के तीनों विधायक चुनाव हार गए।करीब 35 वर्षों बाद जिले की तीनों सीटो पर काँग्रेस का कब्जा हो गया। हांलाकि युद्धवीर को नाराज करके हार की सजा भुगतने के बाद पार्टी की आँख खुली और पार्टी ने इन्हें लोकसभा चुनाव में इनके कहने पर गोमती साय को लोकसभा का टिकट दिया और इन्हें जीताने की जिम्मेदारी भी दी ।पार्टी द्वारा दी गयी जिम्मेदारी को युद्धवीर ने बखूबी निभाया ।गोमती साय को रायगढ़ लोकसभा में बड़ी जीत हासिल हुई और यह कहा जाने लगा कि जिस युद्धवीर के चलते भाजपा को जिले में 3 सीट गंवाने पड़े उसी युद्धवीर ने लोकसभा में भाजपा को वापस लिया दिया बल्कि पंचायत चुनाव में काँग्रेस को जीत के लिए नाकों चने चबाने पड़े । कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि युद्धवीर और बीजेपी के बीच की खाई खत्म हो गयी और सब कुछ बेहतर हो गया लेकिन इन सब कयासों के बीच फिर से युद्धवीर की नाराजगी सामने आ गयी और इस बार ऐसा लग रहा है कि यह नाराजगी आर पार की है। आरपार की नाराजगी केवल इसलिए नही कि उन्होंने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल की तारीफ कर दी बल्कि इसलिए कि उन्होंने मुख्यमंत्री को मेहनतकश इंसान और छत्तीसगढ़िया संस्कृति के सबसे बड़े हिमायती कहने के साथ साथ भाजपा को सीधे तौर पर वयापरियो की पार्टी कह दिया ।इतना ही नही जब मीडिया ने बेहतर मुख्य्मंत्री कौन साबित हुआ डॉ रमन या भुपेश बघेल इस सवाल का जवाब भी उन्होंने कुछ ऐसा दिया कि उनकी पार्टी से नाराजगी और पार्टी से बाहर जाने के कयास तेज हो गए ।उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब तो नही दिया लेकिन टेढ़ा मेढ़ा ही सही उन्होंने भुपेश बघेल को ही श्रेष्ठ मुख्य्मंत्री बता दिया ।

    एक डेढ़ माह पूर्व भी युद्धवीर ने सोशल मीडिया पर मुख्य्मंत्री भुपेश बघेल की तारीफ की थी और उन्हें एक पत्र का त्वरित जवाब ढिये जाने को लेकर धन्यवाद कहा था और ठीक इसके कुछ दिन बाद ही उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय को लेकर सोशल मीडिया में बड़ा बयान जारी कर खलबली मचा दी थी । उन्होंने अपने फेसबुक वॉल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को कुनकुरी से चुनाव लड़ने की मंशा त्यागकर मारवाहि से चुनाव लड़ने की सलाह दे डाली थी इसके अलावे उन्हीने काफी कुछ ऐसा कहा जिसे पढ़कर और सुनकर यह तो साफ हो गया कि बीजेपी और युद्धवीर के बीच खाई पटने के बजाय और गहरी होती जा रही है और कभी भी कुछ भी हो सकता है ।

    राजनीति से ताल्लुक रखने वाले स्वतंत्र राजनीतिक विश्लेषकों को याद होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव से पूर्व युद्धवीर काँग्रेस के कद्दावर मंत्री टीएस सिंहदेव को कई बार कुशल नेतृत्व वाला नेता बताया था और टीएस सिंहदेव ने भी यह साफ कर दिया था कि युद्दवीर के चुनाव क्षेत्र में वह काँग्रेस का प्रचार करने नहीं जाएँगे ।दो पार्टी जे दो दिग्गज नेताओं के ऐसे बड़े बयानों के बाद से ही अनुमान लगाया जाने लगा था कि युद्धवीर और काँग्रेस याने टीएस बाबा के बीच पोलटिकल फिक्सिंग हो गयी है और चुनाव के बाद अनुमान सच भी साबित हो गया जब भाजपा का जशपुर में पूरी तरह सफाया हो गया ।
    बहरहाल भाजपा और युद्दवीर के बीच यह कोई पहली बार ऐसा द्वंद नही देखा जा रहा ।इससे पूर्व भी युद्धवीर कई बार पार्टी के बड़े नेताओं के बारे में सोशल मीडिया में कई ऐसे बयान जारी किए जिससे पार्टी के अंदर अस्थिरता की स्थिति उतपन्न हो चुकी है ।हालात उस वक़्त भी बिगड़ते नजर आए थे जब इन्होंने अपना एक अलग से हिन्दू संगठन तैयार कर लिया जिसका नाम “बहुजन हिन्दू परिषद” है लेकिन यह भी सच है कि जब जब पार्टी से इनकी नाराजगी उभरकर सामने आयी इन्हें मनाने की भी कोशिश की गई और कुछ दिनों के लिए फिर से सब कुछ ठीक हो गया परन्तु इस बार की नाराजगी पूरे सतह पर दिखाई दे रही है क्योंकि इससे पहले युद्धवीर ने पार्टी को इशारों में भले ही कुछ कह हो परन्तु मीडिया के सामने सीधा तंज नही कसा था इसलिए कुछ भी संभव है ,बात कहीं तक भी जा सकती है ।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के निज सचिव नियुक्त हुए, सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर अशोक कुमार धृतलहरे…

    छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के निज सचिव नियुक्त हुए, सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर अशोक कुमार धृतलहरे…

    सक्ती। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के निज सचिव बनाये गए है सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर अशोक कुमार लहरे। विगत कई वर्षों से जांजगीर जिला में पदस्थ थे, इसलिए जांजगीर जिला सहित छत्तीसगढ़ ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की पूरी जानकारी उन्हें है। श्री लहरे के निज सचिव बनने से शक्ति विधानसभा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों का समस्याओं का निराकरण तत्काल हो सकता है, इसी आशा के साथ इन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष का निज सचिव बनाया गया है। श्री लहरें जी को ऐच्छिक पद वेतनमान केडर पे × 250 विशेष वेतनमान प्रतिमाह डॉ. चरणदास महंत विधानसभा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ की पद अवधी तक (कोटर्मिनस) अथवा आगामी आदेश तक जो भी पहले हो अस्थाई रूप से नियुक्त किया गया है।

    यह जानकारी वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता गिरधर जायसवाल के द्वारा दी गई। श्री धृतलहरे की इस नियुक्ति पर शक्ति विधानसभा क्षेत्र के समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा उन्हें बधाई दी गई, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष त्रिलोकचंद जायसवाल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल, अमित राठौर,उगेंद्र अग्रवाल पप्पू,सुरेश अग्रवाल, पिंटू ठाकुर, भाई महबूब खान, पप्पू अग्रवाल, सुदेश शर्मा, राजेश शर्मा, मुकेश अग्रवाल डीएम, अश्वनी देवांगन,एवम सोनू कुरैशी ने बधाई दी है।