Author: Sunil Agrawal

  • छत्तीसगढ़ की न्यायधनी में नाली बनाने के लिए खोदा बिल्डिंग की नींव से ज्यादा गढ्ढा, भरभरा कर गिरी 3 मंजिला इमारत, मकान मालिक ने रो-रो कर नगर निगम पर लगाया ये आरोप….

    छत्तीसगढ़ की न्यायधनी में नाली बनाने के लिए खोदा बिल्डिंग की नींव से ज्यादा गढ्ढा, भरभरा कर गिरी 3 मंजिला इमारत, मकान मालिक ने रो-रो कर नगर निगम पर लगाया ये आरोप….

    प्रदेश में बारिश ने रफ़्तार पकड़ ली है इसी बीच शहरों में जगह जगह पानी भरते है. इसके लिए नालियों को बेहतर किया जाता है. ताकि जल भराव न हो सके. लेकिन सिवरेज काम के दौरान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में बड़ा हादसा हो गया है. आज सुबह एक 3 मंजिला बिल्डिंग गिर गया है. हालाकि राहत की बात ये है कि कोई जनहानी नहीं हुई है. लेकिन नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है. चलिए बताते है आखिर कैसे 3 मंजिला इमारत लापरवाही की भेंट चढ़ गई।
     
    मिली जानकारी अनुसार आज सुबह 7 बजे के आस पास अचानक से भरभरा कर 3 मंजिल का बिल्डिंग जमीदोज हो गया. बिल्डिंग ऐसे गिरी जैसे कोई खिलौना हो और आवज ऐसे आई की आस पास के लोगों ने भूकंप जैसे महसूस किया. जब लोगों ने घर से बाहर आकर देखा तो ज्वैलरी शॉप और मेडिकल स्टोर चलने वाली बिल्डिंग का मलबा ही दिखाई दे रहा था. हादसे के बाद मौके पर बड़ी भीड़ जुट गई. मकान मालिक को फोन करके के सूचना दी गई. जीवन भर की पूंजी बिल्डिंग के साथ जमीदोज देख विशाल गुप्ता रोने लगे।

    मिली जानकारी अनुसार बिल्डिंग गिरने के पीछे मकान मालिक और आस पास के स्थानीय निवासियों का दावा है कि बिल्डिंग के ठीक सामने पिछले 2 दिन से नाली निर्माण के लिए खुदाई चल रही थी. नाली बनाने के खुदाई इतनी गहरी कर दी गई की बिल्डिंग के नीव से ज्यादा गहरा हो गया. इसके चलते बिल्डिंग की नींव कमजोर हो गई और बिल्डिंग भरभरा कर गिर गई. इसकी जानकारी लगी तो रोते हुए मकान मालिक विशाल गुप्ता ने कहा कि दो दिन पहले से नाली की खुदाई चल रही है. नाली की खुदाई करते करते मेरा बिल्डिंग ही गिरा दिए. 5 से 7 फीट का नींव है लेकिन 10 से 11 फीट का गड्ढा खोद रहे है. धीरे धीरे खिसक खिसक मेरी पूरी बिल्डिंग गिर गई. बिल्डिंग गिरने जानकारी सुबह मिली है. अंदर कोई नही था. मेरा सब कुछ चला गया, मेरा व्यापार और रोजी चला गया. मेरे दो दुकान थे दोनों दुकान चले गए. क्या कमाऊ क्या खाऊं अब मैं? पापा को गए 2 साल हो गए है उनकी कमी आज तक पूरी नहीं हो पाई . उनका बनाया हुआ ये बिल्डिंग था ये भी चला गया।

  • CG में ऑनलाइन सट्टे में करोड़ों का खेल, रायपुर से खाईवाल विनय अग्रवाल गिरफ्तार, खुल सकते हैं कई गहरे राज….

    CG में ऑनलाइन सट्टे में करोड़ों का खेल, रायपुर से खाईवाल विनय अग्रवाल गिरफ्तार, खुल सकते हैं कई गहरे राज….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की कोरिया पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रायपुर के विनय अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। विनय अग्रवाल के खिलाफ कोरिया में राज्य शासन के जुआ एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद कोरिया पुलिस की स्पेशल टीम रायपुर पहुंचकर विनय अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की स्पेशल टीम आरोपी से खम्हारडीह थाने में प्रारंभिक पूछताछ के बाद कोरिया जिले लेकर रवाना हो गई.

    जानकारी के मुताबिक ऑनलाइन सट्टा के करोड़ो के लेन-देन में विनय अग्रवाल की संलिप्तता पाई गई थी. जिसके बाद आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लागतार तलाश जारी थी. बताया जा रहा है कि विनय अग्रवाल बीते कई सालों से ऑनलाइन सट्टे का काला कारोबार कर रहा था. गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे होने की आशंका जताई जा रही है.

    मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच शुरू


    कोरिया पुलिस पूरे मामले में विनय के मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है. पुलिस टीम गिरफ्तारी के बाद ही आरोपी से फोन जब्त कर पूछताछ में जुटी हुई थी. आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग हैं. ऑनलाइन सट्टे के व्यापार में अन्य सहयोगी कौन थे. सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. साथ ही आरोपी के बैंक खाते से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है. पुलिस को आशंका है, इस पूरे कारोबार में अन्य लोगों के हाथ जुड़े हुए हैं.
    कोरिया पुलिस ने बताया कि विनय अग्रवाल की गिरफ्तारी की गई है. आरोपी के विरुद्ध कोरिया में राज्य शासन के जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. जिसकी जांच की जा रही है.

    हंसराज सुसाइड केस से जुड़ सकते है तार

    दरअलस, कोरिया निवासी हंसराज अग्रवाल उर्फ हंसु ने पिछले हफ्ते सूरजपुर जिले के होटल आदित्य में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि हंसराज अग्रवाल ऑनलाइन सट्टे में करोड़ों के लेन-देन में फंस गया था. जिसके बाद कई खाईवालों के दबाव में आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया. पुलिस को मौके से सुसाइड नोट बरामद हुआ था. जिसमें रायपुर, दुर्ग, अंबिकापुर समेत महाराष्ट्र के आधा दर्जन खाईवालों के नाम का जिक्र किया गया था. इस मामले में विनय अग्रवाल के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष भूमिका की जांच कर रही है.

    खाईवालों के खिलाफ 306 का अपराध दर्ज

    हंसराज के सुसाइ़ड नोट के आधार पर पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 306, 34 के तहत अपराध दर्ज किया है. सुसाइ़ड नोट व मर्ग जांच के बाद मृतक युवक उत्प्रेरणा से व्यथित होकर आत्महत्या करने की पृष्टि की गई है. जिसके बाद सूरजपुर के कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी की है.

  • एम्स के HOD समेत 4 लोगों पर फिजिकली और मेंटली हरासमेंट का आरोप, महिला आयोग से युवती ने लगाई न्याय की गुहार…

    एम्स के HOD समेत 4 लोगों पर फिजिकली और मेंटली हरासमेंट का आरोप, महिला आयोग से युवती ने लगाई न्याय की गुहार…

    रायपुर। एम्स हॉस्पिटल के खिलाफ राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज हुई है. फॉर्मोकोलॉजी डिपार्टमेंट में काम कर रही युवती ने HOD पर मेंटली और फिजिकली हरासमेंट का आरोप लगाया है. पीड़ित फार्मासिस्ट का आरोप उसे मेंटली और फिजिकली हरासमेंट किया गया और जॉब से निकाला गया. फॉर्मोकोलॉजी के सीनियर प्रोफेसर, असिसेन्ट प्रोफेसर, टेक्निकल असिस्टेंट और क्लर्क 4 लोगों पर मेंटली और फिजिकली हरासमेंट का आरोप लगाया है।

    बता दें कि, पीड़ित युवती फार्मासिस्ट है. 2019 से जॉब कर रही. पीड़िता का आरोप है कि, उसके साथ मेंटली और फिजीकली हरासमेंट हुआ है. फॉर्मोकोलॉजी विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए बताया कि, फाइल देते वक्त उसके हाथों को टच करते थे. फिजीकली उसे टच करते थे, कमेंट्स करते थे. एक बार HOD ने उनका फोन खींचा था और 2021 में युवती को जॉब से निकाल दिया था।

    हालांकि, मामला लेबर कोर्ट पहुंचा. जहां दोबारा उसे जॉब में रखा गया और उसके बाद फिर मई 2023 में पीड़िता को जॉब से निकाल दिया गया. HOD ने युवती के सभी आरोपों को गलत बताए हुए कहा कि, ऑफिस में CCTV कैमरे लगे हैं. वे हर जांच के लिए तैयार हैं. युवती की इंग्लिश अच्छी नहीं है और हमारे डिपार्टमेंट में सारा काम इंग्लिश में होता है, इसलिए हमने युवती को किसी अन्य विभाग में ट्रांसफर करने के लिए आवदेन लिखा है. जॉब से नहीं निकाला।

    महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि, हॉस्पिटल में इंटरनल कंप्लेन कमेटी की जो रिपोर्ट होगी उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि, महिला आयोग में जनसुनवाई के दौरान आज रायपुर एम्स हॉस्पिटल के 2 शिकायतें दर्ज हुई है. दूसरा मामला इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत का है, जहां एक समाज सेविका ने शिकायत दर्ज कराई है।

  • राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई, 4 आबकारी अफसरों समेत कई शराब कंपनियों को नोटिस, बड़ी कार्रवाई की तैयारी…

    राज्य सरकार ने चार आबकारी उपायुक्त को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। चार आबकारी उपायुक्त के साथ-साथ तीन डिस्टलरी के खिलाफ भी नोटिस जारी किया गया है, सभी से 10 जुलाई तक जवाब मांगा गया है। जिन आबकारी उपायुक्त को नोटिस जारी किया गाय है, उसमें बिलासपुर की आबकारी उपायुक्त नीतू नोतानी, बलौदाबाजार भाटापारा के सहायक आयुक्त आबकारी विकास कुमार गोस्वामी, रायपुर के जिला आबकारी अधिकारी इकबाल अहमद खान और दुर्ग के जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार सिंह को नोटिस जारी कर 10 जुलाई को 11 बजे तक जवाब मांगा गया है। 
    नीतू नोतानी पर आरोप है कि 5 जून 2017 से लेकर 18 जून 2020 तक राजनांदगांव और बिलासपुर में 12 जून 2020 से अब तक अवैध तौर पर शराब की निकासी करायी गयी। जिसका ना तो आबकारी शुल्क और ना ही अन्य करों का भुगतान किया गया। इसके एवज में संबंधित अधिकारी को रिश्वत भी दिया गया है। 
    वहीं सहायक आयुक्त आबकारी विकास कुमार गोस्वामी ने बिलासपुर में 28 जून 2019 से 10 जून 2020 तक बिलासपुर, जांजगीर-चांपा में 22 जून 2021 से 29 जनवरी 2022 तक और मुंगेली में 5 जून 2017 से 27 जून 2019 तक अवैध तरीके से शराब की निकासी करायी गयी और इसके एवज में रिश्वत ली।

    जिला आबकारी अधिकारी इकबाल अहमद खान पर आरोप है कि उन्होंने प्रभार वाले जिले रायपुर में 27 जुलाई 2019 से लेकर अभ तक अवैध तरीके से आबकारी शुल्क और अन्य करों का भुगतान किये बगैर शराब की निकासी करायी गयी। इसके एवज में इकबाल अहमद खान को बड़ी रिश्वत की राशि मिली है।

    वहीं दुर्ग जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बालोद में 2 जून 2020 से लेकर 7 अक्टूबर 2021 तक, बलौदाबाजार में 15 जनवरी 2022 से 6 अक्टूबर 2022 तक आसवनियों से अवैध रूप से आबकारी शुल्क और अन्य करों का भुगतान किये बगैर मदिरा की निकासी गयी। इसके एवज में उन्हें भी रिश्वत मिला है।

    वहीं मेसर्स वेलकम डिस्टलरी प्रा लिमिटेड छेरकाबांधा बिलासपुर, मेसर्स भाटिया वाईन मर्चेंट प्रा लिमिटेड धूमा मुंगेली और छत्तीसगढ़ डिस्टलरी लिमिटेड कुम्हारी दुर्ग को भी नोटिस जारी किया गया है। डिस्टलरी  पर आरोप है उन्होंने अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर गड़बड़ियां की गयी है। अधिकारियों को रिश्वत देने का भी आरोप कंपनियों पर है।

  • डिग्री लाल सिदार बने छत्तीसगढ़ संयोजक

    डिग्री लाल सिदार बने छत्तीसगढ़ संयोजक

    जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने डिग्री लाल सिदार को दी बड़ी जिम्मेदारी

    खरसिया जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आर. सी. श्रीवास्तव द्वारा सलाहकार समिति की अनुशंसा तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सक्सेना की सहमति से मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में संगठनात्मक गठन करने के लिए प्रदेश संयोजक पद पर नियुक्ति की गई है । जिसमें छत्तीसगढ़ संयोजक पद पर डिग्रीलाल सिदार की नियुक्ति की गई है। इस संबंध में जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में संगठनात्मक संरचना तैयार की जाएगी ।
    बता दें कि डिग्रीलाल सिदार के द्वारा लगातार जनहित के मुद्दे को अपनी अखबार न्याय की बात में स्थान देकर उसे शासन तक पहुंचाते रहे हैं। जिससे जिससे समस्या का समाधान समय से पहले सुधार कर लिया जा रहा है। पत्रकार सिदार के इस कार्यों की आम जनताओं ने भी खूब सराहना कर रहे हैं। सिदार के ईमानदारी पूर्वक कार्यों को देखते हुए संगठन ने उनको अनेक दायित्वों से नवाजा गया है इसी कड़ी में जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने डिग्री लाल सिदार को छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक के पद पर नियुक्त किया है। संगठन ने उनसे अपेक्षा जताई है कि पत्रकारों के हितार्थ में अपना योगदान देंगे व कदम से कदम मिलाकर साथ चलने का आह्वान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक डिग्रिलाल सिदार ने कहा कि मैं संगठन के द्वारा दी गई दायित्वों को ईमानदारी व निष्ठापूर्वक निभाउंगा। मैं जनहित के मुद्दों को सरकार तक पहुंचाकर जनताओं के सुविधाओं को पूर्ण कराऊंगा। डिग्रिलाल सिदार के इस नियुक्ति से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है साथ ही उनके परिवार, दोस्तों व पत्रकार साथियों ने बधाई व शुभकामनाएं दिए हैं।

  • भारत पूर्व उपमुख्यमंत्री गिरफ्तार, विजिलेंस की टीम ने की कार्रवाई….

    भारत पूर्व उपमुख्यमंत्री गिरफ्तार, विजिलेंस की टीम ने की कार्रवाई….

    पंजाब। पंजाब के पूर्व डिप्टी CM ओमप्रकाश सोनी को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 2016 से 2022 के बीच आय से अधिक संपत्ति केस में पकड़ा गया है। विजिलेंस सोमवार को उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। शिकायत मिलने के बाद सोनी को 25 नवंबर 2022 को पहले बार विजिलेंस ने तलब किया था। तकरीबन 8 महीनों की इंक्वायरी के बाद विजिलेंस ऑफिस अमृतसर में रविवार को FIR दर्ज की गई। सोनी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) (B) और 13 (2) लगाई गई है। 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2022 तक पूर्व डिप्टी सीएम और उनके परिवार की आय 4.52 करोड़ थी। जबकि खर्च 12.48 करोड़ था। उनका खर्च आय के अज्ञात सोर्स से 7.96 करोड़ ज्यादा था। इस दौरान आरोपी ओपी सोनी ने अपनी पत्नी सुमन सोनी और बेटे राघव सोनी के नाम पर संपत्तियां बनाईं।

    2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के रिजाइन और चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद ओपी सोनी को उप-मुख्यमंत्री पद दिया गया था। पंजाब विधानसभा के पांच बार के विधायक रहे ओपी सोनी 1997, 2002, 2007, 2012 और 2017 में चुनाव जीत चुके हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में सोनी ने अमृतसर सेंट्रल सीट से भाजपा के तरुण चुग को 21 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। वे 1991 में अमृतसर के पहले मेयर बने थे। वे पंजाब कांग्रेस पब्लिक कमिटी के महासचिव और दो वर्ष तक ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर के चेयरमैन भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे विधानसभा में पब्लिक अकाउंट कमिटी के सदस्य और 2017-18 में पंजाब विधानसभा के लोकल बॉडीज और कमिटी ऑन पब्लिक अंडरटेकिंग्स के भी चेयरमैन रह चुके हैं। ओपी सोनी के मंत्री बनने के बाद से ही वह विवादों में रहे। शिक्षामंत्री बने तो टीचर्स एसोसिएशन उनके खिलाफ लड़ती रही। सेहत मंत्री बने तो ब्यूरोकैट्स के साथ उनका विवाद रहा। वहीं दो घोटालों में भी उनका नाम बार-बार उछला।

  • सुप्रीम कोर्ट की नाफरमानी , रायगढ़ जिले के विभाग कर रहे मनमानी….

    सुप्रीम कोर्ट की नाफरमानी , रायगढ़ जिले के विभाग कर रहे मनमानी….

    रायगढ़ । रायगढ़ जिले के विभिन्न विभागों की मनमानी चरम पर है । और अब यह मनमानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना तक पहुंच गई है । आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सूचना का अधिकार आवेदन को ऑनलाइन स्वीकार करने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया था । छत्तीसगढ़ में यह सुविधा 12 अक्टूबर, 2022 से प्रारंभ हो गई । आर टी आई का पोर्टल प्रदेश में शुरू कर दिया गया है जिसमें सभी जनसूचना अधिकारियों को इसमें रजिस्ट्रेशन करवाना है। पर रायगढ़ जिले के विभिन्न विभागों के जनसूचना अधिकारियों की सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कोई परवाह नहीं है।

    किन विभागों ने की है नाफरमानी और नही कराया है पंजीयन, जानें

    जिले में खनिज विभाग, महिला एवम बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, खाद्य विभाग, परिवहन विभाग, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला पंचायत, वन विभाग, मत्स्य पालन, जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विभागों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। मजे की बात तो यह है कि राज्य सूचना आयुक्त ने भी सभी जनसूचना अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन करने हेतु आदेशित किया था और इसके लिए बाकायदा उनकी ट्रेनिंग भी करवाई गई थी ।

    यहां लाख टके का सवाल यह है कि जा इन जनसूचना अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर दी तो राज्य सूचना आयोग के आदेश की क्या बिसात !

    क्या फायदा होगा सूचना चाहनेवालों को , ऑनलाइन आवेदन से ?

    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी लेने की प्रक्रिया को a ज्यादा सरल , सुगम और समय बचानेवाला बनाने के लिए ऑनलाइन करने का आदेश जारी किया था। इसमें यह प्रावधान है कि सूचना चाहनेवाला वांछित जानकारी का आवेदन ऑनलाइन डालकर संबंधित विभाग को अटैच कर देगा । मालूम हो कि यह ऑनलाइन पोर्टल 24×7 काम करता है । इससे सबसे बड़ी सहूलियत यह हुई है कि विभागीय कार्यालयों और डाकघरों में जा कर आवेदन जमा करने की जरूरत खत्म हो गई है।

    क्या है प्रक्रिया ?

    ऑनलाइन आवेदन के इस सिस्टम में पोर्टल के मुख्य पेज पर ही एक लिंक दिया गया है ।एक ई मेल आई डी से उसमें पंजीयन करने पर एक वेरिफिकेशन लिंक प्राप्त होता है जिसका उपयोग कर आवेदक अपने लॉग इन के लिए पासवर्ड बना सकता है । इसके बाद अगले चरण में आवेदक को अपना नाम , पता , फोन नंबर जैसी जानकारियां देनी होंगी । फिर दिए गए निर्देशों के अंतर्गत अपना आवेदन अपलोड करना होगा । शुल्क नेट बैंकिंग, डेबिट क्रेडिट कार्ड या क्यू आर कोड के मार्फत जमा कर सकते हैं ।
    वास्तव में शासन द्वारा आम लोगों के लिए किफायती और सहूलियत से भरी योजनाएं चलाई तो जाती हैं पर सुस्त प्रशासनिक अधिकारियों की वजह से इसका फायदा आम लोगों को नहीं मिलता है । ऑनलाइन सूचना का अधिकार इसकी एक बेमिसाल मिसाल है ।

  • आईपीएस अधिकारी ने की आत्महत्या, DIG की मौत से हड़कंप…

    आईपीएस अधिकारी ने की आत्महत्या, DIG की मौत से हड़कंप…

    चेन्नई: तमिलनाडु के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) विजयकुमार ने शुक्रवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपने आवास पर खुद को गोली मार ली। पुलिस के मुताबिक घटना सुबह 6.15 बजे हुई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। विजयकुमार को सुबह की सैर के बाद उनके गनमैन ने आवास परिसर में उनके कैंप कार्यालय में उन्‍हें खून से लथपथ पाया। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने गनमैन से सर्विस पिस्टल ली और अपने कमरे के अंदर चले गए। डीआइजी के कमरे से गोलीबारी की आवाज सुनकर बंदूकधारी अंदर भागा और पाया कि वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी खून से लथपथ पड़े थे।

    45 वर्षीय आईपीएस अधिकारी अपने परिवार के साथ आवास पर रहते थे। इस घटना से पूरे राज्य और पुलिस विभाग में शोक की लहर है। मृतक अधिकारी ने इस साल जनवरी में कोयंबटूर रेंज के डीआईजी के रूप में कार्यभार संभाला था। वह 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया था। गुरुवार शाम को डीआईजी एक जन्मदिन की पार्टी में भी शामिल हुए थे। डीआईजी की आत्‍महत्‍या को लेेेकर अभी कोई खुलासा नहीं हुआ है। उनकी मौत पर संदेह जताया जा रहा है। पुलिस आगे की जांच में जुट गई है।

  • छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने 5 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन….

    छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने 5 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन….

    खरसिया। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले खरसिया के सरकारी कर्मचारियों ने अपनी 5 सूत्रीय मांगो को लेकर 7 जुलाई को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया एवं बाद में रैली के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम का ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को सौंपा। इस दौरान संयुक्त मोर्चा से जुड़े कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों की भारी उपस्थिति रही।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा की प्रमुख पांच सूत्रीय मांगों छठवें वेतनमान के आधार पर देय गृह भाड़ा भत्ता को सातवें वेतनमान के आधार पर केंद्रीय दर पर पुनरीक्षित किये जाने, राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता स्वीकृत किये जाने, प्रदेश के कर्मचारियों के विभिन्न मांगों को लेकर गठित पिंगुआ कमेटी एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगति हेतु गठित समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक किये जाने, कांग्रेस पार्टी के जन घोषणा पत्र के क्रियान्वयन हेतु राज्य के समस्त कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान क्रमशः 8,16,24,एवं 30 वर्ष की सेवा अवधि उपरांत किये जाने, एवं अनियमित संविदा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को नियमित किया जाए,पुरानी पेंशन का लाभ दिलाने हेतु प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना किये जाने एवं पूर्ण पेंशन का लाभ अहर्कारी सेवा 33 वर्ष के स्थान पर 25 वर्ष किये जाने आदि मांगों के समर्थन में 7 जुलाई को प्रदेश भर में एकदिवसीय आंदोलन किया गया। इसी तारतम्य में खरसिया तहसील के सरकारी कर्मचारियों ने भी पहले मदनपुर चौक स्थित बीआरसी कार्यालय के पास एकत्रित होकर सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा से जुड़े कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि शासन द्वारा 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है, जिसका हम स्वागत करते है। किंतु देय तिथ मांगों पर शासन की ओर से कोई चर्चा नही किया जाना दुर्भाग्य पूर्ण है। इसके लिए समय-समय पर ज्ञापन धरना प्रदर्शन एवं आंदोलनो के माध्यम से अपनी 5 सूत्रीय मांगों के संबंध में लगातार शासन प्रशासन को ध्यान आकृष्ट कराया जाता रहा है किंतु शासन द्वारा आज पर्यन्त मांगों के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिए जाने के कारण प्रदेश के शासकीय कर्मचारी अधिकारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है ।अपनी लंबित मांगों के निराकरण एवं समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा से संबंधित संगठन छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ, छत्तीसगढ़ मंत्रालय कर्मचारी संघ एवं प्रदेश के समस्त कर्मचारी अधिकारी संगठनों के द्वारा चरणबद्ध आंदोलन करने के निर्णय अंतर्गत प्रथम चरण में 7 जुलाई 2023 को प्रदेश के समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी एक दिवस का सामूहिक अवकाश लेकर तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है, अगर इसके बाद भी सरकार अगर हमारी मांगों पर विचार नहीं करती गया तो द्वितीय चरण के तहत 1 अगस्त 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।

    इसके बाद सभी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में तहसील कार्यालय पहुंचे जहां अपनी 5 सूत्रीय मांगों से सम्बंधित माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम का ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को सौंपा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति रही।

  • होटल में मिलने के लिए प्रेमी ने कर दिया इनकार, अपने बस में करने के लिए प्रेमिका ने कर दी हदें पार….

    होटल में मिलने के लिए प्रेमी ने कर दिया इनकार, अपने बस में करने के लिए प्रेमिका ने कर दी हदें पार….

    ग्वालियर में प्रेमी को पाने की चाहत में 80 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। दरअसल लड़की प्रेमी से झगड़ा होने के बाद उसे वशीकरण करना चाहती थी, जिसके चलते उसने इंटरनेट से एस्ट्रोलॉजर का नंबर सर्च किया और अपने प्रेमी को वश में करने की मांग की। इस पर फर्जी एस्ट्रोलॉजर ने उसे विश्वास कराया और वशीकरण पूजा के नाम पर पैसे ठग लिए।

    दरसल, लड़की दिल्ली के सरकारी हॉस्पिटल में नर्स है और ग्वालियर निवासी एक युवक उसका प्रेमी है। कुछ दिन पहले वह अपने प्रेमी से मिलने ग्वालियर आई थी। तब उस लड़के ने लड़की से ना तो अच्छे से बात की ना ही उससे मिलने आया। इस सब के चलते लड़की ने युवक को वश में करने की ठानी और एस्ट्रोलॉजर को ऑनलाइन इंटरनेट में खोजना शुरू किया।

    फर्जी एस्ट्रोलॉजर का नंबर मिलने पर उससे बात की और वशिकरण पूजा पाठ करने के लिए तकरीबन 18 हजार रूपये आरोपी के अकाउंट में डाले। इस प्रकार से आरोपी ने महिला से लगभग 80 हजार रूपये ठग लिए।

    ठगी का खुलासा तब हुआ जब 80 हजार रुपए देने के बाद भी और पैसों की मांग करता रहा। युवती ने अपने पैसे वापिस मांगे तो आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया।

    इस मामले की जानकारी महिला ने तुरंत साइबर सेल को दी। शिकायत मिलते ही साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी को ट्रेस कर खुलासा करने की बात कही है।