Author: Sunil Agrawal

  • स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया अपने पद से इस्तीफा….

    स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया अपने पद से इस्तीफा….

    छत्तीसगढ़ में सियासी हलचल तेज हो गई है। वहीँ इस बीच खबर आ रही है कि स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है, हालाँकि अभी इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीँ खबरों की मानें तो टेकाम की जगह पूर्व पीसीसी चीफ मोहन मरकाम मंत्री बनाए जा सकते हैं।
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहन मरकाम कल साढ़े 11 बजे राजभवन में मंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीँ यह भी खबर है कि मंत्री अनिला भेड़िया, मंत्री रूद्र गुरु, कवासी लखमा से भी इस्तीफा लिया जा सकता है।

    कैबिनेट में बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जब सवाल किया गया तो उन्होंने इंतजार करते रहने की बात कह कर सस्पेंश और बढ़ा दिया। इसके बाद से बदलाव की चर्चा ने जोर पकड़ लिया। राजधानी के सियासी गलियारे में चर्चा इस बात की है कि दो से तीन मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है, उनके स्थान पर नए चेहरों को बघेल अपनी कैबिनेट ( cabinet reshuffle ) में शामिल कर सकते हैं। कैबिनेट से बहार किए जाने वाले नामों में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम का नाम सबसे ऊपर है। चर्चा है कि डॉ. टेकाम के स्थान पर मरकाम को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। दोनों ही आदिवासी वर्ग से हैं। कैबिनेट से बाहर किए जाने वाले नामों में राज्य कैबिनेट में एक मात्र महिला मंत्री अनिला भेंडिया और गुरु रुद्र कुमार का नाम भी शामिल है।

    इस वजह से मरकाम की कैबिनेट में इंट्री

    मरकाम को पीसीसी चीफ के पद से हटाए जाने के बाद से ही भाजपा इसे आदिवासियों के मान- सम्मान से जोड़ दिया। हालांकि मरकाम के स्थान पर बस्तर संभाग के ही आदिवासी नेता दीपक बैज को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके बावजूद मरकाम को हटाने से आदिवासियों के बीच अच्छा संदेश नहीं जाने की आशंका को देखते हुए उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला किया गया है।

  • लायंस क्लब खरसिया सिटी का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न….

    लायंस क्लब खरसिया सिटी का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न….

    खरसिया। लायंस क्लब का शपथ ग्रहण कार्यक्रम स्थानीय होटल में किया गया जिसमें शपथ अधिकारी लायन अनिल अग्रवाल द्वारा नवनिर्वाचित अध्यक्ष लायन सुंदर मल चंदवानी सचिव लायन हितेश गबेल कोषाध्यक्ष लायन दुर्गेश ठक्कर एवं सभी कार्यकारिणी सदस्यों को शपथ दिलाई गई एवं नए सत्र की अनंत शुभकामनाएं दी। नव निर्वाचित अध्यक्ष लायन सुंदरमल चंदवानी ने अपने उद्बोधन में कहा की शिक्षा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर क्लब को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करूंगा। कार्यक्रम में सचिव लायन हितेश गबेल कोषाध्यक्ष लायन दुर्गेश ठक्कर लायन ऋषि कुमार अग्रवाल लायन शिवकुमार अग्रवाल लायन मदन गर्ग लायन राम नारायण सोनी लायन जीयाल दास मेघानी लायन शरद अग्रवाल लायन अशोक ऐरन लायन मुकेश ग्रहणी मौजूद रहे। आभार प्रदर्शन लायन ऋषि कुमार अग्रवाल ने किया।

  • कांग्रेस में, वक्त है बदलाव का, अब किसकी बारी, आलाकमान के निर्णय से हड़कंप, कमजोर विधायकों के टिकट को लेकर कयास ….

    कांग्रेस में, वक्त है बदलाव का, अब किसकी बारी, आलाकमान के निर्णय से हड़कंप, कमजोर विधायकों के टिकट को लेकर कयास ….

    कुछ दिनों में ही कांग्रेस में कई फेरबदल हो गए। इस फेरबदल के कई मायने सियासी हलकों में निकले जाने लगे हैं। खासकर उन विधायकों की हालत पतली है जिनका रिपोर्ट कमतर कहा जा रहा था। कांग्रेस पार्टी ने जिस तरह का स्टैंड लिया है उससे यह लगने लगा है कि आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव के प्रति कांग्रेस गंभीर है और आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है। 

    जो लोग कल तक यह कहते थे कि कांग्रेस में ऐसा नहीं होता उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा है कि ऐसा क्यों हो रहा है। चुनाव में परफॉर्मेंस एक बड़ा फैक्टर होगा यह बात सांकेतिक रूप से बताने का प्रयास कांग्रेस आलाकमान दे रही है। यह भी संदेश है कि यदि आपके परफॉर्मेंस में कमी है तो सुधारो अन्यथा कोई आपके।पक्ष में हो आपके साथ खड़ा नहीं होगा। शिकायत से लेकर काम तक पर चर्चा होगी और टिकट वितरण में यह बड़ा आधार होगा। कांग्रेस संभवतः पहली बार बैकअप प्लान के साथ चुनाव में आ रही है। बताया जाता है कि वह किसी भी कीमत पर छत्तीसगढ़ खोने के मूड में नहीं है। 

    कांग्रेस सूत्रों की मानें तो प्रेम सिंह टेकाम का कमतर परफार्मेंस और ढेरों शिकायत दोनों थी। बताया तो यहां तक जाता है कि उनपर कुछ आप भी पार्टी के अंदर लगाए गए, हालांकि वह सतह पर नहीं आ सका। इसके अलावा उनके काम काज पर कई सवाल उठते रहे हैं। हालांकि उनके इस्तीफा का कारण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया जा सका है । पार्टी अध्यक्ष को लेकर भी यही बात सामने आ रही है कि उनके परफॉर्मेंस से पार्टी के।लोग और मुख्यमंत्री तक संतुष्ट नहीं थे लिहाजा उन्हें भी बदल दिया गया। 

    आगामी विधानसभा चुनाव की दृष्टि से अगर हम इस बदलाव को देखें तो यह स्पष्ट होता है कि परफॉर्मेंस के आधार पर पार्टी इस बार कई लोगों का टिकट काट सकती है। बताया जाता है कि पार्टी इस बार काम से कम 22 एमएलए का टिकट काट सकती है जिनका परफॉर्मेंस कमजोर है, जिनका सर्वे में नेगेटिव मार्किंग की गई है, जिनसे ज्यादातर आम कार्यकर्ता नाराज हैं। कई विधायक ऐसे भी हैं जिनसे संगठन के सारे लोग नाराज हैं ऐसे में पार्टी सावधानी से कदम उठा रही है और ऐसे लोगों को टिकट काटने वाली है। 

    पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ माहौल था। पूरे राज्य में एक लहर थी। हर कोई भाजपा सरकार को अपदस्थ करना चाहता था। इस लहर में कई लोगों का बेड़ा पार तो हो गया लेकिन जो लोग अपनी कामयाबी को सहेजकर नहीं रख सके उनके लिए मुश्किल तो आयेगी। दरअसल इस बार कांग्रेस के पक्ष में वैसी लहर नहीं होगी, जनता विधायक के कार्यों का आंकलन करेगी, सरकार के समर्थक विधायक के भी समर्थक हों जरूरी नहीं है। हालांकि पूरे प्रदेश में कोई  anti incumbency भी नहीं है लेकिन कई सर्वे में बताया गया है स्थानीय विधायकों के प्रति कई जगह लोगों में आक्रोश है। ऐसे में पार्टी बड़ा निर्णय जरूर लेगी और उसी का संकेत देने की कोशिश पार्टी कर रही है।

  • सौरभ द्विवेदी ने संभाली खरसिया थाने की कमान…

    सौरभ द्विवेदी ने संभाली खरसिया थाने की कमान…

    खरसिया। खरसिया थाने में थाना प्रभारी के रूप में निरीक्षक सौरभ द्विवेदी ने पदभार संभाल लिया है। नगर निरीक्षक सौरभ द्विवेदी इससे पूर्व कोरिया जिले में पदस्थ थेे। नगर निरीक्षक के रूप में अनुभवी अधिकारी की पदस्थापना से अपराध दरों में निश्चित तौर पर कमी आयेगी। नये थाना प्रभारी से उम्मीद जगी है कि वे आम जनता से मधुर संबंध बना कर अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने में सफल होंगे।
    गौरतलब है कि पुलिस कप्तान ने कोरिया से आये अनुभवी नगर निरीक्षक सौरभ द्विवेदी को खरसिया थाना की कमान सौंपी है। रायगढ़ जिले में यह उनकी पहली पदस्थापना है, 2013 बैच के सौरभ द्विवेदी ने नारायणपुर और कोरिया जिले में अपनी सेवाएं दी है। थानेदार सौरभ द्विवेदी खरसिया थाना की कमान संभालते हुये मीड़िया से रूबरू हुये तथा क्षेत्र तथा क्षेत्रवासियों के व्यवहार एवं पीड़ितों के कमजोर मनोबल के कारण बढ़ते अपराधों के संबंध में बेबाकी से चर्चा की। मीड़िया से चर्चा करते हुये नव पदस्थ नगर निरीक्षक ने कहा की खरसिया मेरे लिये नयी जगह है, यहां आम जनता के सहयोग से उनके साथ मधुर संबंध बना कर पुलिस और कानून के प्रति व्याप्त भ्रम को दूर करना, पुराने लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के साथ साथ वरिष्ठ अधिकारीयों के मार्गदर्शन पर कार्य करते हुये अपराध तथा अपराधियों पर अंकुश लगाकर पूरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करना मेरी प्राथमिकता है, साथ ही जुआ, सट्टा, शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराईयों को भी बहुत शिद्दत के साथ समाप्त किया जायेगा। नगर की चरमरायी यातायात व्यवस्था और जगह जगह लग रहे जाम के संबंध में उन्होंने कहा कि नगर पालिका से सामंजस्य कर नगर की बदहाल यातायात को सुधारने की कवायद की जायेगी। युवा और उर्जावान अधिकारी की पदस्थापना से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि नगर की बदहाल यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ साथ नगर में बढ़ रहे अपराधों में निश्चित तौर पर कमी आयेगी, अपराधियों के हौंसले पस्त होंगे और क्षेत्र में अमन चैन कायम होगा।

  • छत्तीसगढ़ के इस पुलिस कंट्रोल रूम में घुसे हाथी, भगवान भरोसे बैठे पुलिसकर्मियों ने ऐसे बचाई जान….

    छत्तीसगढ़ के इस पुलिस कंट्रोल रूम में घुसे हाथी, भगवान भरोसे बैठे पुलिसकर्मियों ने ऐसे बचाई जान….

    बालोद। छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक इस क़दर बढ़ गया है अब ये शहरी इलाकों में भी दस्तक देने लगे हैं. जंगली हाथी ने पुलिस कंट्रोल रूम को निशाना बनाया है. बालोद में ऐसा नजारा देखने को मिला जिसमें पुलिस वालों की जान आफत में आ गई. रात को बालोद के पुलिस कंट्रोल रूम में हाथी घुस गया. करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस की जान आफत में रही. पुलिस कर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए बाहर भागना पड़ा. वहीं अंदर रहने वाले पुलिसकर्मी जहां के वहीं जमे रहे. करीब दो घंटे बाद हाथी खुद ही चला गया तब जाकर पुलिस कर्मियों की जान में जान आई.
    बालोद पुलिस कंट्रोल रूम में जंगली हाथी ने जमकर मचाया उत्पात

    जानकारी के मुताबिक बालोद शहर में तांदुला जलाशय से होता हुआ एक जंगली दंतैल हाथी पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच गया. दंतैल हाथी को सामने देख पुलिसकर्मी जान बचाने के लिए मेज-कुर्सी के नीचे छिप गए. रात करीब 9 बजे से 10.30 बजे तक हाथी पुलिस कंट्रोल रूम में वहीं इधर- उधर घूमता रहा वहां से निकलने के बाद मुख्य मार्ग होते हुए हाथी जुर्टी पारा की ओर बढ़ गया. इसके चलते शहर में भी डर फैल गया. इस दौरान पुलिसकर्मी काफी दहशत में दिखे.

    जंगली हाथी को देखकर जवानों ने छुपकर बचाई अपनी जान

    हाथी के डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर में आने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. यहां ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी हाथी को देखकर डर गए. वह साइबर सेल के कार्यालय में दुबकर बैठ गए. काफी देर तक जिला मुख्यालय के कर्मचारी और लोग हाथी को भगाने का प्रयास करते रहे. लेकिन कोई हाथी के पास नहीं जा सका. हर कोई इस घटना से डरा हुआ था. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और वन अमले को तैनात किया गया. लेकिन हाथी को भगाने में कोई कामयाबी हासिल नहीं हो पाई. 

    सरकार को ठोस कदम उठाने की है जरूरत

    बालोद जिला का अधिकतम इलाका जंगलों से घिरा हुआ है  कई रहवासी इलाके जंगलों से सटे हुए हैं. यही वजह है कि यहां हाथियों का उत्पात हमेशा कायम रहता है. इस बार जंगली हाथी ने बालोद जिला मुख्यालय में ही दस्तक दे दी. यहां बढ़ते हाथी और मानव के संघर्ष को लेकर और घटते जंगल की वजह से हुआ है. ऐसे में अब हाथियों के सुरक्षित रहवास को लेकर सरकार को कोई ठोस कदम उठाने की अब जरूरत है.

  • न्यू विवेकानंद स्कूल में किया गया वृक्षारोपण….

    न्यू विवेकानंद स्कूल में किया गया वृक्षारोपण….





    खरसिया। न्यू विवेकानंद कान्वेंट हाई/हायर सेकंडरी स्कूल में स्कूल के छात्र छात्राओं द्वारा वृक्षारोपण किया गया और लोगों को बढ़ते प्रदूषण एवं घटते पेड़ के प्रति जागरूक किया। विद्यालय के छात्र छात्राओं ने एक -एक पौधे लगाकर उसको संरक्षण करने का संकल्प लिया। और समाज के लोगों को भी वृक्षारोपण करने के लिए भी प्रेरित किया।

    वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नैना गवेल ने किया विद्यालय के प्रधानाचार्य सुकदेव दंडोपाध्याय ने बच्चों के इस वृक्षारोपण की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालय के बच्चों के द्वारा लगाए हुए पौधों को पल्लवित करने का संकल्प लिया है। वास्तव में यह अत्यंत प्रशंसनीय एवं सराहनीय है । उन्होंने वृक्षों की रक्षा एवं उनके रख-रखाव पर जोर देते हुए कहा कि आज वृक्ष तो कई लोग लगाते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से भी प्रयास किये जा रहें हैं किन्तु अफ़सोस यह है कि वे बिना किसी संरक्षण के अभाव में सूख जाते हैं अतः आज आवश्यकता है वृक्षों के रख रखाव की । उन्होंने बच्चों को वृक्षों के संरक्षण के लिए प्रेरित भी किया।



    सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश ने वृक्षारोपण कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि वृक्ष और मनुष्य का अटूट रिश्ता है आजकल लोग अपने फायदे के लिए वृक्षों के महत्व को ना समझते हुए काट दे रहे हैं तो हम इस महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हम सभी अग्रसर हैं । वृक्षारोपण के दौरान नीम, बरगद, करंज, पीपल, आम, अमरूद, अशोक एवं अन्य फूल फल के पौधे भी लगाए गए।

  • राहुल गांधी को गुजरात हाईकोर्ट से बड़ा झटका, मानहानि मामले में सजा पर रोक से इनकार….

    राहुल गांधी को गुजरात हाईकोर्ट से बड़ा झटका, मानहानि मामले में सजा पर रोक से इनकार….

    अहमदाबाद। गुजरात हाई कोर्ट ने शुक्रवार को आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की दो साल की जेल की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके कारण उनकी संसद की सदस्यता चली गई थी।

    अदालत ने फैसला सुनाया कि दोषसिद्धि पर रोक लगाना एक अपवाद है, नियम नहीं। मानहानि का मामला 2019 के लोकसभा चुनाव अभियान से जुड़ा है, जब राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे है।”

    गांधी के वकील ने तर्क दिया था कि उनके मुवक्किल अपनी लोकसभा सीट “स्थायी और अपरिवर्तनीय रूप से” खो सकते हैं, क्योंकि अपराध में अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है। वकील ने आगे तर्क दिया कि इस तरह के नुकसान के चलते “उस व्यक्ति और जिस निर्वाचन क्षेत्र का वह प्रतिनिधित्व करता है, उसके लिए बहुत गंभीर परिणाम होंगे।” इससे पहले मई में गुजरात उच्च न्यायालय ने इस मानहानि मामले में सजा पर रोक लगाने के लिए राहुल गांधी की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

  • कारोबारी मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, ED ने देर रात उठाया….

    कारोबारी मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, ED ने देर रात उठाया….

    दिल्ली। दिल्ली के आबकारी नीति केस में ईडी ने गुरुवार को एक और शख्स की गिरफ्तारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी दिनेश अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच किए जा रहे इसी मामले में अरोड़ा को सरकारी गवाह घोषित किया गया है। जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसोदिया के करीबी माने जाने वाले अरोड़ा प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मामले में अब तक गिरफ्तार किए जाने वाले 13वें व्यक्ति हैं। पिछले साल शहर की एक अदालत ने इस मामले में अरोड़ा को सरकारी गवाह बनाने के सीबीआई के अनुरोध को स्वीकार कर लिया था।

    ईडी ने अब तक इस मामले में पांच आरोप पत्र दायर किए हैं, जिनमें दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप पत्र भी शामिल है। 2022 में ईडी ने मामले में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी ने कहा कि उसने एफआईआर दर्ज करने और सीबीआई मामले का संज्ञान लेने के बाद अब तक इस मामले में 200 से अधिक तलाशी अभियान चलाए हैं। यह मामला दिल्ली के उपराज्यपाल की सिफारिश पर दर्ज किया गया था।

    अक्टूबर में ईडी ने इस मामले में दिल्ली के जोर बाग स्थित शराब वितरक, इंडोस्पिरिट ग्रुप के प्रबंध निदेशक समीर महेंद्रू की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली और पंजाब में लगभग तीन दर्जन स्थानों पर छापामारी की थी। बाद में महेंद्रू को गिरफ्तार कर लिया गया था। सीबीआई ने भी इस सप्ताह की शुरुआत में इस मामले में अपना पहला आरोपपत्र दायर किया है। इससे पहले 15 मई को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने शराब घोटाले मामले में आप प्रचार संचालक को 17 करोड़ रुपये देने के आरोप में निजी चैनल के वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया था कि एक समाचार चैनल के वाणिज्यिक प्रमुख और प्रोडक्शन कंट्रोलर अरविंद कुमार सिंह को हवाला के माध्यम से गोवा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के प्रचार अभियान को संभालने वाली एक कंपनी को 17 करोड़ रुपये देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

  • एस्मा का आदेश : राज्य सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों पर लगाया एस्मा, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

    एस्मा का आदेश : राज्य सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों पर लगाया एस्मा, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

    राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 की धारा 4 की उपधारा 1 तथा 2 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबद्ध समस्त कार्यों और स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यक सेवाओं में कार्य करने से इंकार किए जाने को प्रतिषेध कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। दरअसल प्रदेश के संविदा स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर हैं। हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गयी है। लिहाजा राज्य सरकार ने ये सख्त निर्देश जारी किया है। इधर राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में संविदा कर्मचारियों ने जल सत्याग्रह का ऐलान किया है।

    राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा मंत्रालय से आज जारी आदेश के अनुसार ‘लोक स्वास्थ्य’ (छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग) से संबद्ध समस्त कार्यों और स्वास्थ्य सुविधाओं की अत्यावश्यक सेवाओं में कार्यरत डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी तथा एम्बुलेंस सेवाओं में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा कार्य करने से इंकार किये जाने को प्रतिषेध कर दिया है।

  • चांपा नगरपालिका में सीएमओ की कुर्सी को लेकर राजनीति पूरे शबाब पर, पंसदीदा सीएमओ को चांपा में बैठाने को लेकर दो गुट आमने-सामने…

    चांपा नगरपालिका में सीएमओ की कुर्सी को लेकर राजनीति पूरे शबाब पर, पंसदीदा सीएमओ को चांपा में बैठाने को लेकर दो गुट आमने-सामने…

    जांजगीर-चांपा। चांपा नगरपालिका में सीएमओ की कुर्सी को लेकर राजनीति पूरे शबाब पर है। एक गुट जहां शासन के आदेशानुसार नए सीएमओ को यहां पदस्थ कराना चाहता है तो दूसरा गुट पुराने सीएमओ से ही यहां काम लेने के लिए एढ़ी चोटी का जोर लगा रहा है। इन सबके बीच हाईकोर्ट ने एक गुट के सारे उपक्रम पर सीएमओ के ट्रांसफर आदेश पर रोक लगाकर पानी फेर दिया है। इससे आने वाले दिनों में नगरपालिका की राजनीति और उफान मारने की संभावना है।

    छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग रायपुर ने बीते 24 मई को आदेश जारी करते हुए विभिन्न सीएमओ का तबादला कर दिया। आदेश के अनुसार चांपा के मौजूदा सीएमओ प्रहलाद पांडेय का तबादला खरसिया किया गया। तो वहीं विक्रण भगत को पथरिया से हटाकर चांपा नगरपालिका सीएमओ के रूप में पदस्थ होने को कहा गया। नगरपालिका में विक्रण भगत पहले भी सीएमओ के रूप में कुछ दिन कार्य कर चुके हैं, जिन्हें ट्रांसफर किया गया था। उस समय भी सीएमओ के तबादले और नए सीएमओ को यहां लाने को लेकर खूब राजनीति हुई थी। उस समय भी कहा यह जा रहा था कि नए सीएमओ प्रहलाद पाण्डेय को चांपा लाने के लिए एक गुट का अहम योगदान था। लेकिन नए सीएमओ प्रहलाद पांडेय के पदभार संभालने के बाद अंदर ही अंदर आग सुलग रही थी। इधर, फिर कहा गया कि कांग्रेस के एक बड़े नेता के पास जाकर प्रहलाद पांडेय का ट्रांसफर खरसिया कराया गया है, तो वहीं यहां काम कर चुके पुराने सीएमओ विक्रण भगत को यहां पदस्थ करने आदेश जारी कराया गया है। इस बीच नगरपालिका के वार्ड नंबर 24 में उपचुनाव हुआ, जिसे बड़ी वजह बताते हुए प्रहलाद पांडेय यहां काम निपटाते रहे। चुनाव के बाद ट्रांसफर का मुद्दा ज्वलंत होते गया। इस बीच एक गुट जहां नए सीएमओ को यहां पदस्थ कराने के लिए जोर लगाता रहा तो दूसरा गुट मौजूदा सीएमओ के ट्रांसफर आदेश को रूकवाने भाग दौड़ करता रहा। इन सबके बीच हाईकोर्ट ने गुरूवार को आदेश जारी करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग रायपुर के सीएमओ प्रहलाद पांडेय संबंधी ट्रांसफर आदेश को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।

    हाईकोर्ट ने यह दिया हवाला
    हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह मामला बगैर कोई संभावित आधार और औचित्य के बार-बार सीएमओ प्रहलाद पांडेय का स्थानांतरण करना लगता है। इसलिए अंतरिम राहत देने का एक मजबूत मामला बनाया जाता है। मसलन सुनवाई की अगली तारीख तक 24 मई 2023 को जारी ट्रांसफर संबंधी आदेश के संचालन और प्रभाव पर रोक रहेगी।