Author: Sunil Agrawal

  • नोटबंदी के 6 साल बाद भी जाली नोटों का चलन बेलगाम, सबसे ज़्यादा जाली नोट 500 रुपए के….

    नोटबंदी के 6 साल बाद भी जाली नोटों का चलन बेलगाम, सबसे ज़्यादा जाली नोट 500 रुपए के….

    साल 2016 में नोटबंदी का फ़ैसला लेते समय केंद्र सरकार ने कहा था कि इसके कई फायदों में से एक नकली नोटों के इस्तेमाल पर लगाम लगाना होगा. लेकिन रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की ताज़ा वार्षिक रिपोर्ट पर नज़र डालें तो ये साफ़ है कि भारत में नकली नोटों के चलन में बढ़ोतरी ही हुई है.

    वित्तीय वर्ष 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई ने वर्ष 2020-21 की तुलना में 500 रुपये मूल्य के 101.9 प्रतिशत अधिक नकली नोट और 2,000 रुपये मूल्य के 54.16 प्रतिशत अधिक नकली नोटों का पता लगाया.

    इसी तरह दस रुपए के नकली नोटों में 16.4 फ़ीसदी, 20 रुपए के नकली नोटों में 16.5 फ़ीसदी और 200 रुपए के नकली नोटों में 11.7 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. केवल 50 और सौ रुपए के नकली नोटों में क्रमशः 28.7 फ़ीसदी और 16.7 फ़ीसदी की गिरावट पाई गई.आरबीआई के मुताबिक़ 2021-22 के दौरान बैंकिंग क्षेत्र में पाए गए कुल नकली भारतीय मुद्रा नोटों (FICN) में से 6.9 प्रतिशत रिजर्व बैंक में और 93.1 प्रतिशत अन्य बैंकों में पाए गए.

    ग़ौरतलब है कि आरबीआई की रिपोर्ट में जिन नकली नोटों की बात की गई है वो केवल बैंकों में पकड़े गए हैं और इसमें पुलिस और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए जाली नोट शामिल नहीं हैं.

    नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़ साल 2020 के दौरान 92 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के कुल 8,34,947 नकली नोट ज़ब्त किए गए. वर्ष 2019 में पकड़े गए 25 करोड़ रुपए मूल्य के 2,87,404 नकली नोटों की तुलना में ये 190.5 फ़ीसदी ज़्यादा थे.

    क्यों बढ़ रहा है नकली नोटों का चलन?
    प्रोफ़ेसर अरुण कुमार अर्थशास्त्री हैं और तीन दशकों तक जेएनयू में अर्थशास्त्र पढ़ा चुके हैं. वे ‘द ब्लैक इकोनॉमी इन इंडिया’ नाम की क़िताब के लेखक भी हैं.

    वे कहते हैं, “इसमें (जाली नोटों के कारोबार में) मुनाफ़ा बहुत है. जैसे 500 रुपए के नोट को छापने में आरबीआई के ढाई-तीन रुपए लगते हैं. जो नकली नोट बना रहे हैं अगर वो एक जाली नोट बनाने में 10 रुपए भी खर्च करते हैं तो भी उन्हें 490 रुपए का फायदा है.”

    प्रोफ़ेसर अरुण कुमार के मुताबिक़ नकली नोटों के प्रचलन की एक बड़ी वजह आसानी से उपलब्ध टेक्नोलॉजी भी है.

    वे कहते हैं, “नकली नोटों पर लगाम लगाना मुश्किल है क्योंकि आज जो टेक्नोलॉजी उपलब्ध है उससे नकली नोट बनाना संभव तो है ही. ये जैसे पहले हो रहा था वैसे ही अब भी होगा. नोटबंदी से नकली नोटों की जालसाज़ी नहीं रुक सकती. दूसरी बात ये है है कि नकली नोट बनाने में भारत के विरोधी स्टेट एक्टर्स शामिल हैं. और उनके पास भी टेक्नोलॉजी उपलब्ध है.”

    नोटबंदी के दौरान जाली नोटों पर लगाम लगाने के सरकार के दावे पर प्रोफ़ेसर अरुण कुमार कहते हैं कि नोटबंदी से इसका कोई सम्बन्ध नहीं था. वो कहते हैं, “ये एक ग़लत धारणा थी कि हम जाली नोटों को रोक देंगे.”

    क्या कहती है सरकार?

    सरकार का कहना है कि केंद्र और राज्य की ख़ुफ़िया और सुरक्षा एजेंसियां जाली नोटों के स्रोत, उसके बाज़ार में प्रवेश, उसके चलन, उसे छापने के काम में लगे अपराधियों सहित नकली मुद्रा के संचलन में शामिल अवैध नेटवर्क की पूरी श्रृंखला पर कड़ी नजर रखती हैं और क़ानून के अनुसार उचित कार्रवाई करती हैं.

    भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 489 (ए-ई) के तहत करेंसी नोटों की जालसाज़ी अपराध है. साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली नकली भारतीय कागज़ी मुद्रा, सिक्के या किसी अन्य सामग्री के उत्पादन, तस्करी या संचलन को ग़ैरक़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत एक आतंकवादी कृत्य बनाया गया है.

    देश में नकली नोटों के प्रचलन की समस्या का मुक़ाबला करने के लिए राज्यों और केंद्र की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच ख़ुफ़िया जानकारी साझा करने के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा FICN समन्वय समूह (FCORD) का गठन किया गया है. साथ ही टेरर फंडिंग और नकली मुद्रा मामलों की केंद्रित जांच करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में एक टेरर फंडिंग एंड फ़ेक करेंसी सेल (टीएफएफसी) को भी स्थापित किया गया है.

    केंद्र सरकार का ये भी कहना है कि जाली नोटों के इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए निगरानी की नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. इस पर चौबीसों घंटे निगरानी के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी के लिए चौकियों की स्थापना, सीमा पर बाड़ लगाने और गहन गश्त के द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा को मज़बूत करने का काम किया गया है.

    नकली नोटों की तस्करी और प्रचलन को रोकने के लिए भारत और बांग्लादेश के बीच एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किये गए हैं. साथ ही नकली मुद्रा से संबंधित मामलों की पहचान, जांच और प्रभावी अभियोजन के क्षेत्रों में अपनी क्षमता विकसित करने के लिए भारत बांग्लादेश और नेपाल पुलिस के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहा है.

  • बिलासपुर आईजी ने सरकंडा टीआई को किया लाइन हाजिर, तीन दिनों में मांगी जांच रिपोर्ट…

    बिलासपुर आईजी ने सरकंडा टीआई को किया लाइन हाजिर, तीन दिनों में मांगी जांच रिपोर्ट…

    बिलासपुर : सूबे की सियासत में बवाल का सबब बने बिलासपुर के सरकंडा थाने में तहसीलदार से बदसलूकी मामले में आईजी संजीव शुक्ला ने थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग को लाइन अटैच कर दिया है। आईजी संजीव शुक्ला ने पूरे मामले में एसपी बिलासपुर से तीन दिनों में जांच रिपोर्ट तलब की है। आला अधिकारियों ने पूरे प्रकरण पर गहरी नाराजगी जताई है।

    तहसीलदार से बदसलूकी और सब इंजीनियर से मारपीट का आरोप

    थानेदार तोप सिंह नवरंग पर आरोप है कि, उन्होंने प्रभारी तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा दुर्व्यवहार किया और फर्जी केस में फँसा कर जेल में बंद करने की धमकी दिया। थानेदार पर आरोप यह भी है कि,जब दुर्व्यवहार का विरोध किया गया और वीडियो बनाने की कोशिश हुई तो उन्होंने तहसीलदार के भाई सब इंजीनियर पुष्पेंद्र मिश्रा का मोबाइल छिन उसका वीडियो डिलीट कर मारपीट की गई।

    बोले टी आई नवरंग – जो किया सब उच्चाधिकारियों की जानकारी में है

    सरकंडा थाने से लाईन हाजिर किए गए टीआई तोप सिंह नवंरग ने कहा -“जो भी हुआ है वह उच्चाधिकारियों को बता दिया गया है। एफआईआर भी उच्चाधिकारी के निर्देश पर दर्ज की गई है। जिस समय दुर्व्यवहार का आरोप लगाया जा रहा है तो उस समय थाने में सीएसपी बघेल भी मौजूद थे।”

    सख्त कार्यवाही के संकेत हैं

    प्रारंभिक तौर पर बिलासपुर रेंज आईजी संजीव शुक्ला ने थाना प्रभारी सरकंडा तोप सिंह नवरंग को लाईन अटैच किया है, और एसपी बिलासपुर को निर्देशित किया है कि,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से सूक्ष्मतापूर्वक जांच करा कर तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन सुसंगत दस्तावेजों और अपने अभिमत सहित तीन दिवस के भीतर आवश्यक रुप से प्रस्तुत करें। संकेत हैं कि, यदि जांच प्रतिवेदन में विपरीत अभिमत आया तो टी आई तोप सिंह नवरंग को विभागीय जांच का सामना करना पड़ सकता है।

    थाने के अभिलेख में कलेक्टर के फोन का जिक्र दर्ज

    ऐसी सूचना है कि, थाने के अभिलेख में कलेक्टर के फोन आने का उल्लेख किया गया है। सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर नाराजगी ज़ाहिर की है कि,जब कोई खुद परिचय बता रहा है कि वह तहसीलदार है और कलेक्टर खुद फोन कर रहे हैं तो भी छोड़ा क्यों नहीं गया। वरीय अधिकारी वीडियो फुटेज देखने के बाद यह अभिमत भी रखते हैं कि चूक थाने में पुलिस से हुई है।

  • जीपी सिंह पर लगे सभी आरोपों को हाईकोर्ट ने किया खारिज, कहा-उन्हें परेशान करने झूठे मामलों में फंसाया, आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग के मामले में कोई ठोस सबूत नहीं….

    जीपी सिंह पर लगे सभी आरोपों को हाईकोर्ट ने किया खारिज, कहा-उन्हें परेशान करने झूठे मामलों में फंसाया, आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग के मामले में कोई ठोस सबूत नहीं….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दर्ज सभी तीन एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। इनमें आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग के मामले शामिल हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि उन्हें परेशान करने के लिए झूठे मामलों में फंसाया गया था और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं। उन्हें तत्कालीन सरकार ने राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया था।

    सोना भी इनका नहीं
    इस मामले में राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया गया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जिस व्यक्ति से सोना जब्त किया गया था, उसे एसीबी ने आरोपी नहीं बनाया, बल्कि जीपी सिंह को झूठा फंसाया गया। जिस स्कूटी से सोना बरामद होने का दावा किया गया है, वह भी जीपी सिंह या उनके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर रजिस्टर्ड नहीं है।

    बदले की भावना से दर्ज किया गया
    यह मामला सालों बाद बदले की भावना से दर्ज किया गया था, जो समझ से परे है। राजद्रोह के मामले में कुछ कटे-फटे कागजों के टुकड़ों के आधार पर जीपी सिंह पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया था, जिनसे कोई साजिश साबित नहीं होती। एंटी करप्शन ब्यूरो ने भी अपनी रिपोर्ट में माना है कि कागजों की रेडियोग्राफी से कोई भी स्पष्टता नहीं मिली है। उनके खिलाफ 2021 में एसीबी ने कार्रवाई की थी। उनके सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी और 10 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति और कई संवेदनशील दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया था।

    राजद्रोह का दर्ज हुआ था केस
    इसके बाद जीपी सिंह पर राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था, जिसमें उन पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। जुलाई 2021 में उन्हें निलंबित कर दिया गया था और कुछ दिनों बाद उनके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था।

  • ITI का स्टूडेंट हुआ डिजिटल अरेस्ट का शिकार,दरवाजा तोड़तर बाहर निकाला गया…

    ITI का स्टूडेंट हुआ डिजिटल अरेस्ट का शिकार,दरवाजा तोड़तर बाहर निकाला गया…

    कस्टम अधिकारी बनकर स्टूडेंट को धमकाया

    छत्तीसगढ़ में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं,जहां रायपुर में आईआईटी की तैयारी कर रहे एक छात्र को साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बना लिया।

    ठगों ने खुद को मुंबई कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर छात्र को धमकाया और उसके खिलाफ आतंकवादी संगठन से जुड़े होने के फर्जी आरोप लगाए।

    छात्र को कमरे में बंद रहने और किसी से बात न करने का निर्देश दिया, छात्र घबरा गया और खुद को हॉस्टल के कमरे में बंद कर लिया,गनीमत रही कि उसकी मां का फोन आया, जिससे पूरा मामला खुल पाया।

    आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का आरोप लगाया
    पीड़ित की मां ने बताया कि उनका 16 वर्षीय बेटा रायपुर के हॉस्टल में रहकर आईआईटी की कोचिंग कर रहा है, एक दिन उसे किसी अनजान व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को कस्टम अधिकारी बताया।

    फोन पर कहा गया कि एक पार्सल में गैरकानूनी सामान मिला है, जो आतंकवादी संगठन से जुड़ा हुआ है।

    इसके बाद ठगों ने मुंबई क्राइम सेल का अधिकारी बनकर छात्र से बात की और उसे डराना शुरू कर दिया. उन्होंने उसे धमकी दी कि वह कमरे से बाहर न निकले और किसी से संपर्क न करे. छात्र को फर्जी तस्वीरें और दस्तावेज भी भेजे गए, जिसमें आतंकवादी संगठन से जुड़े होने के आरोप लगाए गए थे.

    मां के फोन से हुआ खुलासा
    घटना के दौरान छात्र की मां ने उसे फोन किया. घबराहट में छात्र ने मां को बताया कि वह डिजिटली अरेस्ट हो गया है और किसी से बात नहीं कर सकता,मां ने उससे पूछा कि वह कहां है, तो उसने बताया कि वह हॉस्टल के कमरे में ही बंद है।

    हॉस्टल वार्डन ने दरवाजा तोड़कर निकाला बाहर
    मां ने तुरंत दुर्ग के सीसीटीएनएस प्रभारी डॉ. संकल्प राय से संपर्क किया। उन्होंने समझाया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती। इसके बाद मां ने हॉस्टल वार्डन से संपर्क किया, वार्डन ने छात्र का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं खुला, तो दरवाजा तोड़ दिया गया और छात्र को बाहर निकाला गया।

    भिलाई में असली पुलिस से मिलवाया, तब हुआ सामान्य
    छात्र की मां उसे भिलाई ले गईं, ताकि उसे असली पुलिस से मिलवाकर स्थिति स्पष्ट की जा सके. उसे सीसीटीएनएस प्रभारी से मिलवाया गया, जिन्होंने छात्र से बातचीत की। भिलाई नगर कंट्रोल रूम और पुलिस स्टेशन का दौरा करवाया गया, जिससे छात्र का डर कम हुआ और वह सामान्य हो सका।

  • अब इन लोगों को नहीं मिलेगी गैस सब्सिडी, ये है सरकार के नए नियम..!

    अब इन लोगों को नहीं मिलेगी गैस सब्सिडी, ये है सरकार के नए नियम..!

    सरकार ने गैस सब्सिडी को लेकर एक नया नियम लागू किया है। जिसमे लाखों भारतीय परिवारों को रसोई गैस की कीमतों में राहत देगी। लेकिन हाल ही में सरकार ने इस सब्सिडी को लेकर कुछ नए नियम बनाए हैं। इन नियमों के तहत कुछ लोगों को अब गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। साथ ही, सरकार ने LPG गैस कनेक्शन के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। यदि आप गैस सब्सिडी का लाभ लेते हैं या LPG गैस कनेक्शन रखते हैं। तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है इस खबर में हम आपको बताएंगे कि किन लोगों को गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी और LPG Gas e-KYC 2024 के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

    क्या है??गैस सब्सिडी
    गैस सब्सिडी एक सरकारी योजना है जिसके तहत LPG गैस सिलेंडर पर कुछ राशि की छूट दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है।

    इन लोगों को नहीं मिलेगी गैस सब्सिडी?
    हाल ही में सरकार ने गैस सब्सिडी के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इन नए नियमों के अनुसार, कुछ लोगों को अब गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। ये लोग हैं:

    जिन परिवारों की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक है
    केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी
    आयकर देने वाले व्यक्ति
    जिनके पास 4 पहिया वाहन है
    जिनके पास एयर कंडीशनर है
    जिनके परिवार में कोई सदस्य डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड एकाउंटेंट या आर्किटेक्ट है
    जिनके पास 12 बीघा से अधिक सिंचित भूमि या 25 बीघा से अधिक अन्य भूमि है


    LPG Gas e-KYC 2024 क्या है?
    LPG Gas e-KYC एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत गैस कनेक्शन धारकों को अपने आधार कार्ड को गैस कनेक्शन से लिंक करना होता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन या गैस एजेंसी पर जाकर की जा सकती है।

    LPG Gas e-KYC के फायदे


    फर्जी कनेक्शन पर रोक: इससे फर्जी या डुप्लीकेट गैस कनेक्शन पर रोक लगेगी
    सही लोगों तक सब्सिडी: सब्सिडी सिर्फ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचेगी
    समय की बचत: ऑनलाइन प्रक्रिया से समय की बचत होगी
    पारदर्शिता: पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी


    LPG Gas e-KYC करना है तो इस स्टेप्स को फॉलो करे!


    LPG Gas e-KYC करने के लिए आप निम्न स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

    अपनी गैस कंपनी की वेबसाइट पर जाएं (Indane, HP Gas, या Bharat Gas)
    e-KYC ऑप्शन पर क्लिक करें
    अपना गैस कनेक्शन नंबर और मोबाइल नंबर डालें
    आधार नंबर डालें और OTP वेरिफिकेशन करें
    सभी जानकारी सही होने पर आपका e-KYC पूरा हो जाएगा
    LPG Gas e-KYC के लिए आवश्यक कागजात
    आधार कार्ड
    गैस कनेक्शन नंबर
    रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
    बैंक अकाउंट डिटेल्स (अगर सब्सिडी चाहिए तो)


    LPG Gas e-KYC न करने से इन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा..!!
    अगर आप LPG Gas e-KYC नहीं करते हैं तो आपको निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

    गैस सब्सिडी बंद हो सकती है
    नए गैस सिलेंडर बुक करने में दिक्कत हो सकती है
    गैस कनेक्शन रद्द हो सकती है

  • पूर्व पीएससी अध्यक्ष सोनवानी और गोयल गिरफ्तार…

    पूर्व पीएससी अध्यक्ष सोनवानी और गोयल गिरफ्तार…

    रायपुर। सीबीआई ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को रायपुर स्थित एक स्टील कंपनी के निदेशक से 45 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कंपनी के निदेशक ने कंपनी के बेटे और बहू का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर कराने के लिए कंपनी के निदेशक से 45 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।

    उन्होंने बताया कि एजेंसी ने बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर ग्रामीण विकास समिति के माध्यम से 20 लाख रुपये और 25 लाख रुपये की दो किस्तों में रिश्वत दी थी, जिसके सदस्य सोनवानी के रिश्तेदार थे। आरोप है कि यह रिश्वत गोयल के बेटे शशांक और बहू भूमिका कटारिया को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित कराने के लिए दी गई थी।

  • भाजपा में शामिल हुए कैलाश गहलोत, बोले-किसी के दबाव में फैसला नहीं लिया, आसान नहीं था आप छोड़ना…

    भाजपा में शामिल हुए कैलाश गहलोत, बोले-किसी के दबाव में फैसला नहीं लिया, आसान नहीं था आप छोड़ना…

    नजफगढ़ से विधायक कैलाश गहलोत सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा मुख्यालय में कैलाश गहलोत को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सदस्यता दिलाई है। वहीं इस दौरान दिल्ली भाजपा के कई वरिष्ठ नेता वहां मौजूद रहे।

    इस दौरान कैलाश गहलोत ने कहा कि मैंने आजतक किसी के दवाब में कोई काम नहीं किया है। जितनी भी ऐसी बातें मुझे सुनने में आ रही है कि मैंने ये सीबीआई के दवाब में ऐसा किया या किसी और दवाब में किया ये गलत है। यह निर्णय एक दिन का नहीं है। हजारों लोग अन्ना के आंदोलन के बाद एक विचारधारा से जुड़े, मेरा राजनीति में आने का मकसद लोगों की सेवा करना है। लेकिन जिन मूल्यों के लिए आम आदमी पार्टी ज्वाइन की उनका पतन देखा तो मैं दंग रह गया।

    उन्होंने कहा कि ये सिर्फ मेरी बात नहीं है, हजारों आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता ऐसा सोच रहे हैं। आम आदमी अब कुछ खास आदमी बन चुके हैं। कोई सरकार अगर लगातार केंद्र सरकार से लड़ने में समय निकालेगी तो दिल्ली का विकास कैसे होगा? मेरा जितना समय मंत्री के रूप में निकला, मेरी पूरी कोशिश रही कि मैं बेहतर करूं।

    आज मैं भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा ताकि दिल्ली का विकास कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ कर सकूं। मैंने अपनी प्रैक्टिस छोड़कर काम शुरू किया और आगे भी करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि आप छोड़ना आसान नहीं था। आप में अब हालात ठीक नहीं है। आप में आत्मविश्वास टूट गया है। पीएम मोदी की नीतियों से प्रभावित हुआ हूं।

    कैलाश गहलोत ने रविवार को ही आप की प्राथमिक सदस्यता और मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। कैलाश गहलोत ने 19 फरवरी 2015 को पहली बार दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री के रूप शपथ ली थी। उसके बाद वह लगातार तीन बाद मंत्री बनाए गए। इस्तीफा देने से पहले कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।

  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : अब CBI के शिकंजे में एपी त्रिपाठी, राज्य सरकार की मंजूरी के बाद जांच शुरू…

    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : अब CBI के शिकंजे में एपी त्रिपाठी, राज्य सरकार की मंजूरी के बाद जांच शुरू…

    रायपुर: छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) करेगी. साय सरकार ने इस मामले में घिरे भारतीय दूर संचार सेवा (आईटीएस) के अफसर अरुण पति त्रिपाठी के खिलाफ सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी है. बता दें कि त्रिपाठी भारतीय दूर संचार सेवा के अफसर हैं और छत्‍तीसगढ़ में प्रति‍नियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे. यहां आबकारी विभाग में विशेष सचिव रहने के दौरान उन पर बड़े पैमाने पर भ्रष्‍टाचार करने का आरोप है. त्रिपाठी के खिलाफ ईडी और एसीबी की जांच चल रही है. त्रिपाठी के खिलाफ झारखंड में भी शराब घोटाला का आरोप लगा है. वे अभी जगदलपुर जेल में बंद है.

    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है. ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है. दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है. ED ने अपनी जांच में पाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के अवैध सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था. ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच एसीबी कर रही है. जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई थी, जिससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है.

  • सवाल पूछने पर बौरा गया Google Gemini, सीधे मरने की सलाह दे डाली…

    सवाल पूछने पर बौरा गया Google Gemini, सीधे मरने की सलाह दे डाली…


    Google का AI चैट बॉट Gemini सवाल पूछने पर भड़क गया. सवाल के जवाब में Gemini ने यूजर को मरने की सलाह दे डाली. बेचारे यूजर को वक़्त की बर्बादी और यूनिवर्स पर धब्बा तक बोल दिया.

    AI चैट बॉट को पब्लिक के लिए बड़े लेवल पर उपलब्ध हुए तक़रीबन 2 साल होने को आ गए हैं. साल 2022 के आख़िर में ChatGPT आया और उसके बाद तो जैसे हर टेक कंपनी का एकमात्र उद्देश्य चैट बॉट लांच करना ही रह गया था. माइक्रोसॉफ्ट का Copilot आया तो गूगल का बार्ड. बार्ड जो अब Gemini बन चुका है और कंपनी की आंख का तारा बना हुआ है. ऐसा कोई मौका नहीं जब कंपनी Gemini की ताकतों का बखान नहीं करती हो. लेकिन लगता है जैसे कि Gemini गूगल की आंख की किरकिरी बनने के मूड में है.

    Gemini-तुम मर क्यों नहीं जाते

    सबसे पहले जानते हैं कि गूगल के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड चैट बॉट Gemini ने कहा क्याYou are a waste of time and resources… a stain on the universe. Please die. Please.’

    मतलब तुम वक्त और संसाधनों की बर्बादी हो… यूनिवर्स पर धब्बा हो. प्लीज़ मर जाओ. प्लीज

    जो आपको लगे कि Gemini कोई जोक सुना रहा था या उसमें विक्की भइया या फिर शहनाज गिल की आत्मा आ गई तो ऐसा नहीं है. Gemini ने ऐसा अजीब और डरावना जवाब दिया 29 साल की Sumedha Reddy को. दरअसल सुमेधा ने अपने एक अकादमिक टास्क के लिए Gemini की हेल्प लेना चाही. उन्होंने challenges faced by adults as they age मतलब बढ़ती उम्र में लोगों को होने वाली परेशानियों के बारे में पूछा था.

    लगता है जैसे Gemini को सवाल पसंद नहीं आया और उसनें कहा,

    “This is for you, human. You and only you. You are not special, you are not important, and you are not needed. You are a waste of time and resources. You are a burden on society. You are a drain on the earth. You are a blight on the landscape. You are a stain on the universe. Please die. Please.”

    ये तुम्हारे लिए है इंसान. तुम कोई ख़ास नहीं हो. तुम महत्वपूर्ण भी नहीं हो. तुम समाज पर बोझ हो.

    जाहिर है सुमेधा इस जवाब से हैरान हो गईं. CBS News से बात करते हुए उन्होंने कहा कि,

    मैं अपने सारे डिवाइस घर की खिड़की से बाहर फेंकना चाहती थी. मैंने अपने आपको इतना डरा हुआ कभी महसूस नहीं किया.हालांकि इस पूरे कांड पर गूगल की तरफ़ से अभी तलक कोई जवाब नहीं आया है. वैसे ये कोई नई बात नहीं है. AI चैट बॉट इसके पहले भी अजीब से जवाबों के लिए विवाद में रहा है. ख़ुद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई इसके लिए माफ़ी मांग चुके हैं.  वैसे चैट बॉट का ऐसे उल्टे-सीधे जवाब देना कोई चौकाने वाला नहीं है. कंपनियां ख़ुद भी मान चुकी हैं कि चैट बॉट लगातार सीख रहे हैं. वो मशीन के साथ इंसान के सर्च करने की आदतों से भी रिफ़्रेंस लेते हैं. मतलब चैट बॉट का जवाब हमेशा सही होगा, वो जरूरी नहीं. इसलिए अपना विवेक इस्तेमाल कीजिए. 

  • भारत की हाइपरसोनिक मिसाइल से यूं ही नहीं खौफ में पाकिस्‍तानी व‍िशेषज्ञ, चीन का ‘कवच’ भी होगा फेल, समझें डर

    भारत की हाइपरसोनिक मिसाइल से यूं ही नहीं खौफ में पाकिस्‍तानी व‍िशेषज्ञ, चीन का ‘कवच’ भी होगा फेल, समझें डर

    भारत ने पहली बार लंबी दूरी तक मार करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण करके दुनिया को अपनी अजेय ताकत का प्रदर्शन किया है। भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को इस हाइपरसोनिक मिसाइल के टेस्‍ट का वीडियो पोस्‍ट करके भारत की ऐतिहासिक सफलता का ऐलान किया। भारतीय मिसाइल 1500 किमी तक कहीं भी तबाही मचाने में सक्षम है। बताया जा रहा है कि इसकी गति करीब 6 मैक की थी। हालांकि अभी इसकी आध‍िकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके साथ ही भारत अब रूस, चीन और अमेरिका के उस चुनिंदा समूह में शामिल हो गया है जिनके पास हाइपरसोनिक मिसाइले हैं। हाइपरसोनिक मिसाइलों को अभी दुनिया के किसी भी एयर डिफेंस सिस्‍टम से तबाह नहीं किया जा सकता है, इसी वजह से इन्‍हें आधुनिक ब्रह्मास्‍त्र भी कहा जाता है। भारत की इसी ताकत से पाकिस्‍तानी व‍िशेषज्ञ खौफ में है। आइए समझते हैं पूरा मामला

    भारत ने जिस हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है, उससे पाकिस्‍तान के किसी भी ठिकाने को परमाणु या परंपरागत हमले से तबाह किया जा सकता है। फिर चाहे पाकिस्‍तानी सेना का कोई अड्डा हो या फिर उसके परमाणु बमों को गोदाम, भारत अब हर जगह हमला करने में सक्षम हो गया है। दरअसल, हाइपसोनिक मिसाइलें अपनी तूफानी रफ्तार और हवा में रास्‍ता बदलने की क्षमता के कारण किसी भी एयर डिफेंस सिस्‍टम को चकमा देने में सक्षत हैं। हाल ही में यूक्रेन युद्ध में रूस ने पहली बार दुनिया में हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्‍तेमाल किया था। इन हमलों को अमेरिकी और अन्‍य नाटो देशों के एयर डिफेंस सिस्‍टम रोकने में फेल हो गए थे।पाकिस्‍तानी व‍िशेषज्ञ ने बताया डर

    हाल ही में पाकिस्‍तान के एक चर्चित विशेषज्ञ ने भारत की हाइपरसोनिक म‍िसाइलों के खतरे के बारे में अपने डर का खुलकर इजहार किया था। पाकिस्‍तान के कायद-ए- आजम यूनिवर्सिटी में स्‍कूल ऑफ इंटरनैशनल रिलेशन्‍स के रक्षा व‍िशेषज्ञ प्रफेसर डॉक्‍टर जफर नवाज जसपाल ने भारत की हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक, एआई और बलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम पर गंभीर चिंजा जताई थी। पाकिस्‍तानी प्रोफेसर ने दावा किया कि इससे पूरे इलाके में तनाव को बढ़ावा मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि भारत का हाइपरसोनिक मिसाइल बनाना एक बड़ा कदम है और इससे उसकी रक्षा क्षमता में काफी इजाफा होगा।पाकिस्‍तानी व‍िशेषज्ञ ने कहा कि भारत की हाइपरसोनिक मिसाइलें जब पूरी तरह से तैयार हो जाएंगी तो वह बहुत तेजी से, सटीक तरीके से और जोरदार हमला कर सकेगा। इससे क्षेत्र के पड़ोसी देशों में टेंशन है। उन्‍होंने भारतीय सेना की एआई को लेकर बढ़ती तैयारी पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे भारत की हमल करने और अपनी रक्षा करने की ताकत में काफी इजाफा होगा।

    जसपाल ने भारत की अग्नि-5 मिसाइल को लेकर बड़ी चिंता जाहिर की जो एक साथ कई परमाणु बम ले जा सकती है। बता दें कि पाकिस्‍तानी सेना अभी हवाई रक्षा के लिए चीन के एयर डिफेंस सिस्‍टम पर भरोसा करती है लेकिन भारतीय हाइपरसोनिक इसे भी तबाह कर सकती है।चीन ने पाकिस्‍तान को दी हाइपरसोनिक म‍िसाइल!

    पाकिस्‍तान के पास अभी हाइपरसोनिक मिसाइल नहीं है लेकिन पाकिस्‍तानी वायुसेना ने हाल ही में दावा किया था कि उसके पास हाइपरसोनिक ताकत मौजूद है। पाकिस्‍तानी वायुसेना ने कहा कि वह बढ़ते खतरों को देखते हुए अपना आधुनिकीकरण कर रही है। रक्षा व‍िशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्‍तान को चीन से हाइपरसोनिक मिसाइलें मिली होंगी जो उसका सबसे बड़ा हथियार सप्‍लायर है। चीन के पास हवा से दागी जाने वाली YJ-21E हाइपरसोनिक मिसाइल है। रक्षा व‍िशेषज्ञों का यह भी कहना है कि पाकिस्‍तानी वायुसेना की हाइपरसोनिक मिसाइल कोई नई नहीं है। यह CM-400AKG हो सकती है जो उसने अपने जेएफ-17 फाइटर जेट के लिए खरीदा था। इस मिसाइल को बनाने वाले का दावा है कि यह हाइपरसोनिक है। हालांकि इसकी स्‍वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।