Author: Sunil Agrawal

  • मोदी सरकार का आम आदमी को तोहफा, 1 फरवरी 2020 से रेलवे करेगा किराया महंगा

    मोदी सरकार का आम आदमी को तोहफा, 1 फरवरी 2020 से रेलवे करेगा किराया महंगा

    दिल्ली. रेल से सफर करने वालों के लिए महंगाई के दौर में बुरी खबर है. अब रेलवे 1 फरवरी से सभी ट्रेनों का किराया महंगा करने जा रहा है।

    नए साल में सरकार ने आम आदमी को बड़ा झटका देने की योजना बनाई है. मोदी सरकार ट्रेन किराये में इजाफा करने का फैसला लिया है. जानकारी के मुताबिक 1 फरवरी 2020 से ट्रेन के किराये में करीब दस फीसदी तक बढ़ोतरी होगी।

    रेल मंत्रालय जल्द ही रेल किराये में बढ़ोतरी को लेकर ऐलान कर सकती है. रेल मंत्रालय संसद का सत्र खत्म होने के बाद किराये में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकता है. लंबे समय से रेलवे ने किराये में बढ़ोतरी नहीं की है. जिसका असर रेलवे की हालत पर पड़ रहा है. रेल मंत्रालय ने 8 से 10 फीसदी किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है।

  • एसपी बनकर वकील से ठगी, आरोपी राजनांदगांव से गिरफ्तार…

    एसपी बनकर वकील से ठगी, आरोपी राजनांदगांव से गिरफ्तार…

    रायपुर। एसपी बनकर बिलासपुर के एक वकील से हजारों रुपए की ठगी करने वाले बदमाश को पुलिस ने पकड़ लिया है. आरोपी ने वकील अमित खलखो से बैंक खाते में 25 हजार जमा करवाए थे।

    सिविल लाइन पुलिस ने बताया कि वकील की शिकायत के बाद केस दर्ज किया गया. इसके बाद आरोपी की तलाश की गई. पुलिस ने आरोपी ज्ञानेश्वर सिंह राजपूत को राजनांदगांव से गिरफ्तार किया. ज्ञानेश्वर सिंह पुणे में इवेंट ऑर्गनाइजर का काम करता है. धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में केस दर्जवकील ने एक महिला के मोबाइल पर व्हाट्सअप कर चैट किया था. वकील के दोस्त ने महिला का नंबर बताया था. तनाव में होने पर इस नंबर पर बात करने की सलाह दी थी. जिसके बाद वकील ने उक्त नंबर पर चैट किया था।

    इसी के बाद उससे हजारों रुपए खाता में ट्रांसफर करा दिया. मोबाइल नंबर के धारक ने स्वयं को रायपुर एसपी बताकर अमित खलखो को धमका कर दो बार में खाते में 25 हजार जमा करवाया था।

  • गौतम बने खरसिया चौंकी प्रभारी

    गौतम बने खरसिया चौंकी प्रभारी

    खरसिया। खरसिया पुलिस चौकी में नंद किशोर गौतम ने चौकी प्रभारी के रूप में पदभार संभाल लिया है।  नंद किशोर इससे पूर्व बस्तर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। चौकी प्रभारी के रूप में युवा अधिकारी की पदस्थापना से अपराध दरों में निश्चित तौर पर कमी आयेगी। इससे पूर्व सहायक उप निरीक्षक लखन लाल यादव चौकी प्रभारी थे, नगरीय निकाय चुनाव का बिगुल बजने के बाद एक पूर्णकालिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, आचार संहिता लगने के ठीक पहले पुलिस कप्तान ने बस्तर से रायगढ़ जिले में आये युवा अधिकारी को चौकी खरसिया की कमान देकर भेज दिया है।
    गौरतलब है कि पुलिस कप्तान ने बस्तर से रायगढ़ जिले में आये एस आई नंद किशोर गौतम को खरसिया चौकी की कमान सौंपी है। रायगढ़ जिले से पूर्व वे बस्तर में पदस्थ थे। मीड़िया से चर्चा करते हुये नव पदस्थ चौकी प्रभारी ने कहा की खरसिया मेरे लिये नयी जगह है, यहां आम जनता के सहयोग से उनके साथ मधुर संबंध बना कर कानून के प्रति व्याप्त भ्रम को दूर करना, पुराने लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के साथ साथ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन पर कार्य करते हुये अपराध तथा अपराधियों पर अंकुश लगाकर पूरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करना मेरी प्राथमिकता है, साथ ही जुआ, सट्टा, शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराईयों को भी बहुत शिद्दत के साथ समाप्त किया जायेगा।
  • शाबाश! टिकट बेच दिए लेकिन S-11 कोच ही लगाना भूल गई रेलवे

    शाबाश! टिकट बेच दिए लेकिन S-11 कोच ही लगाना भूल गई रेलवे

    सुनने में आ रहा है कि भारत में जल्दी बुलेट ट्रेनें चलने लगेंगी. बहुत दिनों से सुन रहे हैं. अपार खुशी होगी जब ये ट्रेन असल में चलने, ओह सॉरी! सरपट भागने लगेंगी. लेकिन अभी तो फिलहाल बहुत दुख हो रहा है. दुख उन यात्रियों के लिए जो 18 नवंबर के दिन जबलपुर से नई दिल्ली जाना चाह रहे थे. महाकौशल एक्सप्रेस से.कन्फर्म टिकट था. टाइम पर स्टेशन भी पहुंच गए थे. ट्रेन भी आ गई थी. लेकिन फिर भी कुछ यात्री हैरान-निराश और परेशान हो गए. क्योंकि ट्रेन में एस-11 कोच ही नहीं था. एक पूरा कोच ट्रेन से गायब था. तो जिन यात्रियों के पास एस-11 की टिकटें थीं, उनके सामने बड़ी दिक्कत आ खड़ी हुई. ये कि अब क्या किया जाए?
    नेटवर्क 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिन-जिन यात्रियों के पास एस-11 कोच की टिकट थीं, उन्होंने जमकर हंगामा मचाया. वो लोग किसी तरह जैसे-तैसे दूसरी बोगियों में एडजस्ट होकर कटनी तक पहुंच गए. लेकिन वहां पहुंचकर उन्होंने जमकर हंगामा मचाया. क्योंकि टीसी ही वहां नहीं आया था. कटनी रेलवे स्टेशन में हंगामा होने के बाद टीसी यात्रियों के पास पहुंचा. लेकिन वो भी कोई समाधान नहीं कर सका. यात्रियों की मांग थी कि एस-11 कोच लगाया जाए. या फिर उनकी यात्रा के लिए कोई व्यवस्था की जाए. यात्री चीखते रहे, लेकिन कुछ नहीं हुआ. खैर, कुछ देर बाद ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना हो गई. एस-11 कोच नहीं लगा। कोच के लापता होने का ये पहला मामला नहीं है. इसके पहले भी ऐसा हो चुका है. साल 2014 में छिंदवाड़ा से दिल्ली आने वाली पातालकोट एक्सप्रेस में भी एक कोच नहीं था. तब भी किसी ने कुछ नहीं सुना. यात्रियों ने इधर-उधर एडजस्ट करते हुए सफर किया. उम्मीद करते हैं कि हमारी प्यारी बुलेट ट्रेन के साथ सब अच्छा होगा।
  • DGP अवस्थी का आकस्मिक निरीक्षण.. टीआई भावेश गौतम समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित

    DGP अवस्थी का आकस्मिक निरीक्षण.. टीआई भावेश गौतम समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित

    रायपुर। DGP डी एम अवस्थी ने आकस्मिक निरीक्षण की आज से शुरुआत की है। डीजीपी धमतरी ज़िले के भखारा थाना पहुँचे और इस आकस्मिक निरीक्षण का नतीजा यह रहा कि,TI समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित हो गए।DGP डीएम अवस्थी के साथ डीआईजी ओ पी पॉल, डीआईजी आर एस नायक और एआईजी देवनाथ मौजुद थे।

    DGP अवस्थी ने देर शाम अचानक कहा“चलिए, आज से आकस्मिक निरीक्षण शुरु करते हैं”

    DGP डीएम अवस्थी यह कहकर सहयोगी अधिकारियों के साथ रवाना हो गए और यह किसी को नहीं पता था कि, डीजीपी जाएंगे कहाँ। डीजीपी का क़ाफ़िला धमतरी से अचानक मुड़ा और सीधे भखारा थाना जा पहुँचा।डीजीपी डीएम अवस्थी ने पूरे थाने का निरीक्षण किया और जब तक कि थाने का अमला समझता या कि सम्हाल पाता तब तक अव्यवस्थाओं और गणवेश समेत कई लापरवाहीयों ने डीजीपी को सख़्त नाराज कर दिया।

    DGP डी एम अवस्थी ने कहा“यह लापरवाही और अव्यवस्था अक्षम्य है.. गणवेश का पता नहीं.. जिंस टी शर्ट में हैं.. थाने में अव्यवस्था अपने चरम पर है.. आप कैसे जनता के प्रति जवाबदेह माने जाएं या कि कैसे यह माना जाए कि, आप जनता को संतुष्ट कर पाते होंगे..”मौक़े पर ही DGP डीएम अवस्थी ने टीआई भावेश गौतम समेत सात पुलिसकर्मीयों को निलंबित कर दिया।

  • निकाय चुनाव के लिए ताऱीखों का ऐलान… 21 दिसंबर को वोटिंग और 24 को मतगणना… देखिये चुनाव का पूरा कार्यक्रम

    निकाय चुनाव के लिए ताऱीखों का ऐलान… 21 दिसंबर को वोटिंग और 24 को मतगणना… देखिये चुनाव का पूरा कार्यक्रम

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कल से आचार संहिता लागू हो गयी है। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है।  30 तारीख को चुनाव की अधिसूचना जारी की जायेगी। 30 तारीख से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। 6 दिसंबर तक नामांकन फार्म भरे जायेंगे। 7 दिसंबर से स्क्रूटनी शुरू होगी। 10 बजे से 3 बजे तक सक्रूटनी होगी। 9 दिसंबर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। उसी दिन कंडीडेट की सूची का प्रकाशन कर दिया जायेगा। मतदान एक ही चरण में 21 दिसंबर को पूरे प्रदेश में होगा, वहीं 24 दिसंबर को मतगणना होगी। उसी दिन शाम में विजयी प्रत्याशी के नाम का ऐलान हो जायेगा। आपको बता दें कि प्रदेश में कुल 10 नगर निगम, 39 नगर पालिका, 103 नगर पंचायत और 2840 वार्डों के लिए वोटिंग होगी।ठाकुर राम सिंह ने कहा है कि इस बार आयोग ने कई नये प्रयोग किये हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य में नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी आनलाइन नामांकन फार्म भर सकेंगे। आयुक्त ने कहा है कि चुनाव की तैयारी पूरी कर ली गयी है। प्रशासनिक स्तर पर आयोग ने कई दफा समीक्षा की है और पूरा यकीन है कि चुनाव निर्विरोध संपन्न होगा। चुनाव खर्च का हिसाब रखना बड़ी चुनौती थी, 3000 वार्ड के प्रत्याशियों के राशि का हिसाब रखना था, हर वार्ड में 5 प्रत्याशी खड़ा होता है तो ये संख्या 15 हजार होती है।
  • अब ‘गाय’ पहनेगी ‘कोट’…

    अब ‘गाय’ पहनेगी ‘कोट’…

    दिल्ली। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या के नगर निगम ने एक नई पहल की है. जिसका स्वागत और विरोध दोनों किया जा रहा है. ये पहल गायों को ठंड से बचाने को लेकर है.नगर निगम गायों को ठंड और शीतलहर से बचाने के लिए काऊ कोट पहनाएगी. जिसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. नगर आयुक्त ने बताया कि गायों को ठंड से बचाने के लिए गोशाला को ‘काऊ कोट’  दिये जा रहे हैं।

    एक कोट की कीमत 300 रुपए के आसपास होगी

     तीन लेयर वाला ये कोट तीन परतों से बना होगा. पहले मुलायम कपड़ा होगा, उसके बाद फोम होगा फिर जूट लगाकर इसे बनाया जाएगा. पहले 100 गायों के लिए इसे लाया जाएगा. फिर धीरे धीरे सभी गायों को ये पहनाया जाएगा. अयोध्या के महापौर ऋषिकेष उपाध्याय ने कहा कि, गो माता की सेवा को लेकर हम कटिबद्ध हैं. उसके लिए हर मुमकिन कदम हम उठाएंगे।

  • केन्द्र सरकार ने कहा आधार और सोशल मीडिया प्रोफाइल को जोडऩे का कोई प्रस्ताव नहीं…सुप्रीम कोर्ट पहले ही कर चुकी है खारिज…आईटी डिपार्टमेंट तलाशेंगे समस्या का हल…

    केन्द्र सरकार ने कहा आधार और सोशल मीडिया प्रोफाइल को जोडऩे का कोई प्रस्ताव नहीं…सुप्रीम कोर्ट पहले ही कर चुकी है खारिज…आईटी डिपार्टमेंट तलाशेंगे समस्या का हल…

    दिल्ली। लोकसभा में केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधार और सोशल मीडिया प्रोफाइल को जोडऩे का कोई प्रस्ताव नहीं है। इससे पहले बीते अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करने की याचिका को खारिज कर दिया था।दरअसल सोशल मीडिया से आधार को लिंक करने का मामला लंबे वक्त से चर्चा में हैं। इसके पीछे दावा किया जाता रहा है कि इससे फेक न्यूज और पेड न्यूज पर लगाम लगेगी।

    लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस संबंध में पड़ी एक याचिका को खारिज कर दिया था।बीजेपी नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि आधार से सोशल मीडिया अकाउंट्स जोड़े जाने से डुप्लीकेट, फेक और घोस्ट अकाउंट पर लगाम कसा जा सकेगा।

    इससे पहले फेसबुक, ट्विटर समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आधार से लिंक मामले को लेकर हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि हमने सुना है कि सरकार सोशल मीडिया लिंकिंग को लेकर गाइडलाइन लेकर आ रही है।यह बहुत जरूरी है, लेकिन निजता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की बेंच मामले की सुनवाई की थी। जस्टिस गुप्ता ने कहा था कि कोर्ट के साथ सरकार और आईटी डिपार्टमेंट भी इसे देखे और समस्या का हल तलाशे।

  • CM के निज सचिव अजीत मढ़रिया की छु्ट्टी…भेजा मूल विभाग में…जारी हुआ आदेश

    CM के निज सचिव अजीत मढ़रिया की छु्ट्टी…भेजा मूल विभाग में…जारी हुआ आदेश

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निज सचिव अजीत मढ़रिया (बजरंगी) को हटा दिया गया हैं। निजी स्थापना में पदस्थ मढ़रिया को उनकी सेवाएं मूल विभाग पीडब्ल्यूडी को लौटा दी गई हैं, जहां वह सहायक ग्रेड तीन के पद पर कार्यरत थे। सीएम के करीबी माने जाने वाले अजीत को हटाए जाने के बाद कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।
  • अब कलेक्टर देंगे 7500 वर्गफुट कब्जे वाली भूमि का पट्टा,छत्तीसगढ़ में 30 वर्षीय पट्टा देने के नियम में हुआ संसोधन….

    अब कलेक्टर देंगे 7500 वर्गफुट कब्जे वाली भूमि का पट्टा,छत्तीसगढ़ में 30 वर्षीय पट्टा देने के नियम में हुआ संसोधन….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राजस्व पुस्तक परिपत्र के खण्ड-4 (1) एवं 4(2) में उल्लेखित प्रावधानों में आंशिक संशोधन किया है। संशोधन में नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन और वार्षिक भू-भाटक निर्धारण/वसूली के संबंध में निर्देश जारी किया गया है। जिले में शासकीय भूमि का आबंटन व नियमितीकरण के 3 हजार 240 प्रकरण संभावित है। जिसका कुल रकबा 136.46 हेक्टेयर एवं बाजार मूल्य लगभग 99.66 करोड़ है। जारी संशोधन के अनुसार केन्द्र व राज्य सरकार के विभागों, निगम, मण्डल, आयोग को भू आंबटन का अधिकार कलेक्टर को होगा। इसके अलावा साढ़े सात हजार वर्गफुट तक 30 वर्षीय पट्टा आबंटन तथा अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन भी कलेक्टर कर सकेगें। साढ़े सात हजार वर्गफुट से अधिक भूमि का पट्टा देने या व्यवस्थापन का अधिकार राज्य सरकार को होगा। अन्य परिस्थितियों में भी व्यवस्थापन एवं पट्टे का अधिकार राज्य सरकार को होगा। लोकबाधा, स्वास्थ्य सुरक्षा, लोक प्रयोजन, पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सुरक्षित रखने की आवश्यकता न होने पर पट्टा आंबटन अथवा व्यवस्थापन किया जा सकेगा। इसके अलावा नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा अधिसूचित विकास प्रयोजन के अनुरूप होने पर ही व्यवस्थापन अथवा पट्टा आंबटन की जा सकेगी। राज्य शासन के क्षेत्राधिकार के मामले में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री की अध्यक्षता में गठित अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा पर यह आदेश राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। आंबटन अथवा पट्टा आबंटन में नोइयत में परिवर्तन की आवश्यकता होने पर छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 के प्रावधान के अनुसार नोइयत में परिवर्तन पहले किया जाएगा। भूमि आबंटन एवं व्यवस्थापन के समय प्रब्याजी एवं वार्षिक भू-भाटक के निर्धारण के संबंध में भी निर्देश जारी किया गया है। जारी निर्देश के अनुसार अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन के समय प्रचलित गाइड लाइन की 150 प्रतिशत प्रब्याजी की गणना की जाएगी। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में व्यवसायिक प्रयोजन के भूखण्ड आंबटन प्रचलित गाइड लाइन की दर से 25 प्रतिशत किया जाएगा। व्यवसायिक भू आंबटन में दो से अधिक आवेदन मिलने पर नीलामी के माध्यम से अधिक बोली वाली संस्था या व्यक्ति को आबंटित होगा। अन्य परिस्थितियों में राजस्व पुस्तक परिपत्र के खण्ड-4 (1) एवं 4(2) के प्रचलित प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। भूमि स्वामी और पट्टेदार द्वारा निर्धारित 15 वर्ष का भू-भाटक एक मुश्त जमा करता है तो, उसे 15 वर्ष (16 वें वर्ष से 30वें वर्ष तक) तक के भू-भाटक में छूट दी जाएगी। निर्देश के अनुसार 20 अगस्त 2017 के पूर्व अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन कलेक्टर द्वारा किया जा सकेगा। इसके लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। इसमे नगर तथा ग्राम निवेश के सहायक संचालक एवं नगरीय निकाय के अधिकारी का सदस्य बनाया गया है।