Author: Sunil Agrawal

  • जिनपिंग को जापान ने दिया पहला झटका, कंपनियों से कहा चीन से समेटो बोरिया बिस्‍तर

    जिनपिंग को जापान ने दिया पहला झटका, कंपनियों से कहा चीन से समेटो बोरिया बिस्‍तर

    टोक्‍यो। कोरोना वायरस की मार झेल रही दुनिया बड़े आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रही है। लोग चीन को इन हालातों के लिए जिम्‍मेदार ठहरा रहे हैं। इस महामारी का असर चीन की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ेगा, इस बात की आशंका तो विशेषज्ञों ने जताई थी मगर इतनी जल्दी यह आशंका सच साबित होने लगेगी, कोई नहीं जानता था। जापान शायद दुनिया का पहला देश है जिसने चीन में मौजूद अपनी मैन्‍यूफैक्‍चरिंग कंपनियों को बाहर निकालने के आदेश दे दिए हैं।

    2.2 बिलियन डॉलर के पैकेज की पेशकश

    जापान के प्राइम मिनिस्‍टर शिंजो आबे ने उन कंपनियों को 2.2 बिलियन डॉलर के पैकेज का ऐलान किया है, जिनकी यूनिट चीन में हैं। यह पैकेज उन्‍हें चीन से प्रॉडक्‍शन शिफ्ट करने के लिए दिया जाएगा। ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। मैगजीन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि चीन में कोरोना वायरस की वजह से सप्‍लाई परद खासा असर पड़ रहा है। ऐसे में जापान की सरकार ने कंपनियों से कहा है कि वह वापस जापान में प्रोडक्‍शन यूनिट लगाएं।

    चीन के लिए नीति बदल रहा है जापान

    कंपनियों को इसके लिए दो बिलियन डॉलर जापान में प्रोडक्‍शन वापस शुरू करने और बाकी रकम दूसरे देशों में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग शुरू करने के लिए देने की पेशकश की है। पीएम शिंजो आबे की सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग इस माह जापान के दौरे पर जाने वाले थे। माना जा रहा है कि इसके साथ ही जापान ने चीन के लिए अपनी नीति में परिवर्तन के संकेत दे दिया है। साथ ही इस नए फैसले से चीन और जापान के रिश्‍तों पर भी असर पड़ेगा।

    सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर

    जापान, चीन का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। सात अप्रैल को शिंजो आबे सरकार ने टोक्‍यो के साथ ही सात और जगहों पर आपातकाल की घोषणा की थी। इन सभी जगहों पर शहरी आबादी काफी ज्‍यादा है और यहां पर कोरोना के केसेज में तेजी से इजाफा देखा जा रहा था। शिेंजो आबे की सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था की सुरक्षा करने और लोगों के जीवन-यापन के लिलए 992 बिलियन डॉलर के पैकेज का ऐलान किया था।

    तो क्‍या भारत आएंगी कंपनियां?

    इस खबर के आने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी पीएम आबे से फोन पर बात की थी। जापान और भारत के बीच पिछले कुछ वर्षों में रिश्‍ते बेहतर हुए हैं। माना जा रहा है कि जापान की कुछ कंपनियां भारत में निवेश कर सकती हैं। पीएम मोदी ने जापान के पीएम आबे से फोन पर बात करने के बाद बताया था कि भारत और जापान के खास रणनीतिक रिश्‍ते और वैश्विक साझेदारी कोविड-19 के बाद की दुनिया में नई टेक्‍नोलॉजी और सोल्‍यूशंस को विकसित करने में मदद कर सकते हैं।

  • कोरोना से कितना बचाएगी मास्क, क्या कहता है मास्क पर विज्ञान ?

    कोरोना से कितना बचाएगी मास्क, क्या कहता है मास्क पर विज्ञान ?

    जैसा कि आप जानते हैं कि सरकार ने सभी लोगों को राष्ट्रीय आपदा अधिनियम के तहत मास्क, गमछा या कुछ कपड़ा पहनने का आदेश दिया है। सवाल यह है कि यह कितना वैज्ञानिक है ? आइए जांच करते हैं, भारत या दुनिया में अनुसंधान का कोई वैज्ञानिक डेटा नहीं है जो यह साबित करता है कि किसी भी विधि में किसी भी चीज को पहनने से संक्रमण दर कम हो सकती है।

    डॉक्टर बिप्लव बंधोपाध्याय से जानते हैं कितना कारगर है मास्क…

    पहला- हम मानते हैं कि सभी मास्क समान हैं ?

    नहीं. सरकार द्वारा सुझाया गया तीन स्तर का मास्क कुछ बैक्टीरिया को कुछ हद तक रोक सकती है. लेकिन वायरस को नहीं। यदि हम इसे ठीक से नहीं पहनते हैं तो हवा लीक हो सकती है और अधिकांश लोग इसे सही तरीके से नहीं पहन रहे हैं।

    दूसरा- एक तीन स्तरित मास्क एक रूमाल या गमछा के बराबर है?

    नहीं. क्योंकि तीन स्तरित मास्क में बैक्टीरिया और कुछ बूंदों के खिलाफ अधिक सुरक्षात्मक शक्ति होती है. आम जनता में इसे लेकर कोई समझ नहीं है न ही उन्हें प्रशिक्षित किया गया है कि कैसे इसका उपयोग करें।

    तीसरा- लोग भ्रमित हो सकते हैं कि वे जिस तरह से भी कपड़ा बंधेंगे, उससे उनकी और दूसरों की रक्षा होगी, ये भ्रामक सोच इस संक्रमण में अधिक खतरनाक है.

    चौथा- इस बात का खतरा ज़्यादा है कि लोग कपड़े बांधकर अन्य प्रभावी तरीकों के पालन में लापरवाही करे। क्योंकि वे सोच रहे होंगे कि कपड़ा बंधने के बाद अब कुछ कुछ नहीं होगा। इसलिए इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि वे केवल अपने चेहरे पर एक कपड़ा पहनकर, ठीक से हाथ न धोएं और एक मीटर की दूरी रखना बंद कर दें। कपड़े पहनकर सर्वथा सुरक्षित मानने की भावना सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने के तरीके के अनुपालन न करने को प्रेरित कर सकती है जो घातक है।

    चूंकि यह सरकार का आदेश है इसलिए आपको राष्ट्रीय आपदा अधिनियम के तहत इस आदेश का पालन करना है। लेकिन आपको खुद से और अधिकारियों से ये सवाल पूछने चाहिए। ताकि हम अपने लोकतंत्र को प्रोत्साहित और समृद्ध कर सकें।

  • 3 मई तक देश बंद, लॉकडाउन पर नई गाइडलाइन जारी,सिर्फ इन्हें मिली है छूट….

    3 मई तक देश बंद, लॉकडाउन पर नई गाइडलाइन जारी,सिर्फ इन्हें मिली है छूट….

    दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में कोरोना की वजह से लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है. बुधवार को गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर नई विस्तृत गाइडलाइन जारी की है. इसमें सभी मंत्रालयों/ विभागों, भारत सरकार, राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों और राज्य/केन्द्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले उपायों पर समेकित संशोधित दिशानिर्देश जारी किया गया है.

    3 मई तक बंद

    जारी गाइडलाइन के अनुसार बस, रेल, हवाई सफर पर रोक जारी रहेगी. स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, व्यायामशाला, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल, फैक्ट्रियां और मॉल सभी बंद रहेंगे. सभी मंदिर और पूजा स्थल और सार्वजनिक धार्मिक स्तल भी बंद कर दिए गए हैं. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी रोक लगा दी गई है. औद्योगिक गतिविधियों पर रोक जारी रहेगी. हॉटस्पॉट वाले इलाकों में कोई छूट नहीं मिलेगी. सभी तरह के परिवहन पर रोक जारी रहेगी. जरूरी सेवाओं को छोड़कर यातायात पर रोक लगा दी गई है. एक राज्य से दूसरे राज्य और एक जिले से दूसरे जिले में लोगों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है. सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, धार्मिक कार्य, धार्मिक स्थल, पूजा स्थल 3 मई तक बंद रहेंगे.

    इन्हें मिली है छूट

    गाइडलाइन के अनुसार खाने-पीने और दवा बनाने वाली तमाम इंडस्ट्रीज़ खुली रहेंगी. इसके साथ ही ग्रामीण भारत में सारे कल-कारखाने खोलने का निर्देश दिया गया है. कृषि, मनरेगा और खेती किसानी से जुड़े कामों को इजाजत दी गई है. जिसके तहत सिंचाई और जल संरक्षण को प्राथमिकता दें. आवश्यक सेवाओं के लिए वाहनों के आने-जाने की इजाजत दी गई है. 20 अप्रैल के बाद ग्रामीण इलाकों में सड़क और मकान बनाने में छूट, वो भी जहां कोरोना का केस न हो.

    थूकने पर जुर्माना

    गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक जगहों में पान और गुटका खाकर थूकने पर जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर सजा भी दी जाएगी. मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है यानी अब सभी को मास्क लगाना जरूरी है.

  • CM से लेकर डिप्टी CM और मंत्रियों से घूम घूमकर मिलते रहे कोरोना से संक्रमित विधायक….

    CM से लेकर डिप्टी CM और मंत्रियों से घूम घूमकर मिलते रहे कोरोना से संक्रमित विधायक….

    दिल्ली। गुजरात में एक विधायक जी का कारनामा सबपर भारी पड़ गया है। कोरोना से संक्रमित होने के बाद विधायक जी घूम घूमकर सीएम और मंत्रियों से मिलते रहे। अब खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है।

    अहमदाबाद के खाड़िया जमालपुर से कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला कोरोना संक्रमित पाए गए। उन्होंने इसके बाद भी इसका खुलासा नहीं किया और लापरवाही के साथ राज्य के सीएम समेत कई मंंत्रियों से मिलते रहे। अब खुलासे के बाद हड़कंप मचा गया है। खास बात ये है कि मंगलवार को ही उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और राज्य के गृह मंत्री से मुलाकात की थी।

    विधायक इमरान खेड़ावाल को कोरोना के बाद भी उन्होंने सीएम विजय रुपाणी से मुलाकात की। जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस बात पर नाराजगी जाहिर की गई है कि जब उनमें लक्षण दिख रहे थे तो वह सीएम से मिलने क्यों आ गए। उधर, जिले के सीएमओ ने कहा है कि इमरान इस बैठक में जब पहुंचे थे तो उससे पहले अपना कोरोना टेस्ट करवाया था। ऐसे में उन्हें बाहर नहीं निकलना चाहिए था। अब विधायक की हरकत के बाद सूबे की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

  • लॉकडाउन की अवधि के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में तेजी से इजाफा, परेशान CM ने अधिकारियों को दिया ये आदेश….

    लॉकडाउन की अवधि के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में तेजी से इजाफा, परेशान CM ने अधिकारियों को दिया ये आदेश….

     दिल्ली। लॉकडाउन में एकसाथ रहते रहते मियां बीवी के बीच मारपीट की घटनाओं में खूब इजाफा हुआ है। इसको देखते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पुलिस अधिकारियों को बुलाकर विशेष आदेश दिये।
    दरअसल, पूरे देश के साथ साथ ओडिशा में भी लॉकडाउन की अवधि के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। मियां बीवी के बीच बढ़ती मारपीट की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पुलिस अधिकारियों से इन घटनाओं से सख्ती से निपटने को कहा। उन्होंने कहाकि पुलिस हर हाल में इन घटनाओं को सख्ती से रोके।
    मुख्यमंत्री ने डीजीपी को घरेलू हिंसा में लिप्त अपराधियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ओडिशा पुलिस को ऐसे अपराधियों की पहचान करनी चाहिए और फोन पर ही शिकायत दर्ज करने की सुविधा का विस्तार करना चाहिए। उन्होंने आदेश दिया कि पुलिस घरेलू हिंसा की शिकायत फोन पर ही दर्ज करे और ऐसा करने वालों को दंडित करे ताकि लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में कमी आ सके।
  • सरिया में कोरोना से भी ज्यादा हैं चर्चित एक प्रतिष्ठान? मामला गाली गलौज धक्का-मुक्की की शिकायत के साथ थाने तक पहुंचा….

    सरिया में कोरोना से भी ज्यादा हैं चर्चित एक प्रतिष्ठान? मामला गाली गलौज धक्का-मुक्की की शिकायत के साथ थाने तक पहुंचा….

    रायगढ़। लॉक डाउन के बीच बीते कुछ दिनों से रायगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में लॉक डाउन और कोरोना से ज्यादा एक और मामला चर्चित है। मामला उलझा है। एक मिष्ठान एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठान, एक एनजीओ और नगर पंचायत अध्यक्ष के बीच। बात इतनी बढ़ गई कि मामला गाली गलौज धक्का-मुक्की की शिकायत के साथ थाने तक पहुंच गया।

    दरअसल लॉक डाउन की घोषणा होने के बाद आवश्यक वस्तु को छोड़कर लगभग सभी दुकानों को बंद करने का आदेश आया था। नगर पंचायत सरिया द्वारा भी लॉक डाउन से पहले एक आदेश जारी किया गया 19 मार्च को। इस आदेश के अनुसार सरिया नगर पंचायत क्षेत्र में वायरस की संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए हाट बाजार, चौक चौराहे में फूट चौपाटी, चाट गुपचुप, फास्ट फूड, चाट पकौड़ी तथा अन्य खाद्य वस्तुओं जो खुले या ठेला लगाकर अस्थाई निर्माण कर बेचा जाता है। अगले आदेश आने तक पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

    यहीं से मामला शुरू होता है। मंजरी सेवा वाहिनी समिति जो कि एक स्वयंसेवी संस्था है। समिति के अध्यक्ष नरोत्तम कुमार इजारदार ने सरिया चौक स्थित प्रतिष्ठान प्रवीण स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट पर 144 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सरिया थाना प्रभारी और रायगढ़ जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की। उनका आरोप था कि यह प्रतिष्ठान लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए खुला है एवं इसमें बड़ा भजिया समोसा भी बेचा जा रहा है। जिसके कारण लोगों की अनावश्यक भीड़ वहां लग रही है, सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो रहा है और उक्त संस्थान के खुला रहने पर अन्य संस्थानों में आक्रोश पनप रहा है।

    इस पूरे मामले में सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता ने हमें बताया कि उक्त फर्म को दुग्ध एवं खाद्य सामग्री का वैद्य लाइसेंस प्राप्त है। किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन जांच में नहीं पाया गया है। छूट की अवधि दुकान का संचालन होना पाया गया है। दुग्ध बेकरी एवं अन्य सामानों की नगर पंचायत द्वारा जारी नियमों के तहत ही पार्सल सुविधा दी जाती है।

    लेकिन इस मामले में बड़ा नाटकीय मोड़ तब आता है। जब प्रवीण स्वीट्स को क्लीन चिट के बाद 10 अप्रैल की शाम को नरोत्तम इजारदार द्वारा एक सनसनीखेज आरोप लगाया जाता है। सरिया के नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता पर। नरोत्तम ने सरिया पुलिस में अपनी लिखित शिकायत में लिखा है कि 10 अप्रैल की शाम को जब पशु औषधालय के पास वह हमेशा की तरह पौधों में पानी देने जा रहा था। तब सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता एवं अन्य के द्वारा उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की गई।

    अपनी लिखित शिकायत में उन्होंने अधिकारी के ऊपर उक्त प्रतिष्ठान के साथ सांठगांठ का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी लिखित शिकायत में रायगढ़ जिले के बहुचर्चित सरिया नगर पंचायत कांड जिसमें पार्षद अरुण सराफ और नगर पंचायत अधिकारी के बीच हुए मामले का भी जिक्र किया और उस मामले में अधिकारी की शिकायत को फर्जी बताया। बहरहाल इस मामले में उनके आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। लेकिन उनके अंडर ग्राउंड होने से मामला अधर में फस गया हैं।

    इन सबके बीच नरोत्तम ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो बयान भी जारी किया। जो कि काफी वायरल भी हुआ। जिसमें उन्होंने काफी सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। लेकिन उनके आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

    CMO ने भी की थाने में शिकायत

    10 अप्रैल की घटना के बारे में में जब हमने सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता से जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल की शाम को नरोत्तम इजारदार द्वारा बिना किसी अधिकारिक पास के लॉक डाउन का उल्लंघन करते हुए बाहर घूमते पाया गया। कारण पूछने पर उन्होंने कोई वाजिब और संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उनके द्वारा धारा 144 और 188 के उल्लंघन की जानकारी दी गई। जिसके बाद से वह अभद्र व्यवहार करने लगे। अपने आपको किसी एनजीओ का अध्यक्ष बताते हुए हुज्जत बाजी भी की। जिसकी शिकायत हमने सरिया थाना में दर्ज कराई है।

    इस पूरे मामले की पड़ताल के दौरान एक बात और सामने आई कि एनजीओ के अध्यक्ष नरोत्तम के किसी एक करीबी रिश्तेदार का भी होटल/ढाबा व्यवसाय है। जो लॉक डाउन उनके तहत बंद है।

    बहरहाल अभी तक इस मामले में भी सरिया पुलिस की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी है। सरिया पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी नरोत्तम का संपर्क पुलिस से नहीं हो पा रहा है। उनका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है और घर पर भी नही हैं। जिसके कारण कार्रवाई अधर में लटकी है।

     

  • बिलासपुर में करोना टेस्टिंग लैब शुरू करने की पहल, आरबी लैब को अधिग्रहित करने के निर्देश….

    रायपुर।  मान. उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के परिपालन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिलासपुर में कोरोना टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए तेजी से कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह जानकारी आज यहां स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह की अध्यक्षता में कोविड-19 के स्टेट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आयोजित बैठक में दी गई।
    स्वास्थ्य सचिव श्रीमती सिंह ने संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ को बिलासपुर में कोविड-19 टेस्ट के लिए आरबी लेब्रोटरी को तत्काल अधिग्रहित किए जाने का आदेश जारी करने के साथ ही वहां टेस्टिंग की अनुमति हेतु भारत सरकार और एम्स रायपुर को पत्र भिजवाने के निर्देश दिए। बैठक में बिलासपुर स्थित आरबी लेब्रोटरी में उपलब्ध मानव संसाधन सहित अन्य आवश्यक उपकरण आदि के सम्बन्ध में भी चर्चा की गई। आरबी लेब्रोटरी में विशेषज्ञ चिकित्सक सहित चार लैब टेक्नीशियन, रेफ्रिजरेटर आरटीपीसीआर मशीन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। सचिव श्रीमती सिंह ने बिलासपुर दौरे पर गए डीएमई डॉ. आदिले को आरबी लैब का मौका मुआयना करने और वहां की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए।
    बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई ।कोरोना संक्रमण के संबंध में जानकारी एवं शिकायत हेतु टोल फ्री नंबर 104 पर प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार लक्षण वाले केसेस का कोरोना सैंपल टेस्ट कराए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में होम क्वारें टाइन किये गए लोगों के स्वास्थ्य की सघन एवं सतत मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग की भी समीक्षा की गई स्वास्थ्य सचिव ने सर्विलेंस टीम के काम एवं रिपोर्टिंग पर निगरानी रखने के लिए पृथक से एक वरिष्ठ अधिकारी की ड्यूटी लगाने हेतु सभी कलेक्टर को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
    बैठक में जानकारी दी गई कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सी एसआर से 20000 नग पीपीई किट प्रदान करने की सहमति दी है। इसी तरह अन्य बैंकों से भी आवश्यक सामग्री प्रदान करने हेतु सहयोग का आग्रह किया गया। बिलासपुर में स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध ट्रूू-नेट मशीन से संभावित लोगों की स्क्रीनिंग कराकर लक्षण वाले मरीजों का कोरोना टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया।
    बैठक में रायपुर नगर निगम के विभिन्न इलाको में पीलिया के प्रकोप की रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की गई। नोडल अधिकारी ने बताया कि सभी प्रभावित इलाकों में शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। सचिव श्रीमती सिंह ने पीलिया से बचाव हेतु प्रभावित इलाकों में नगर निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वय से प्रभावी के कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉक्टर शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टेस्ट मुफ्त किये जाने के फैसले को पलटते हुए दिया नया आदेश, गरीबों का ही हो पाएगा मुफ्त टेस्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टेस्ट मुफ्त किये जाने के फैसले को पलटते हुए दिया नया आदेश, गरीबों का ही हो पाएगा मुफ्त टेस्ट

    बिलासपुर। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते सभी को मुफ्त में कोरोना टेस्ट प्राइवेट लैब में कराने को लेकर दिए गए आदेश को पलटते हुए नया संशोधित आदेश दिया है कि सिर्फ गरीबों को ही प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्ट मुफ्त में कराने की सुविधा दी जाए। दरअसल दो जजों की बेंच जस्टिस अशोक भूषण और एस. रविन्द्र भट्ट ने नया आदेश दिया कि जो लोग टेस्ट के लिए 4,500 रुपये नहीं चुका सकते हैं, सिर्फ उन्हीं को प्राइवेट लैब में मुफ्त जांच कराए जाने की सुविधा दी जानी चाहिए। उदाहरण देते हुए अदालत ने कहा कि जो लोग आयुष्मान भारत योजना के तहत योग्य हैं उन्हें तो इस टेस्ट के लिए पैसे देने की जरूरत भी नहीं है। जजों ने केन्द्र से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि अन्य श्रेणी के कमजोर तबकों के बारे में नोटिफाई करें जो बिना पैसे दिए प्राइवेट लैब में कोरोना का टेस्ट करा सकें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अलावा अन्य कम आय वर्ग की श्रेणी में आने वाले लोगों के बारे में सरकार विचार कर सकती है कि क्या उनकी मुफ्त कोविड-19 जांच की जाए और इस बारे में एक हफ्ते के अंदर गाइडलाइंस जारी करे।” इसके साथ ही, कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे केस में मुफ्त जांच का वित्तीय बोझ प्राइवेट लैब नहीं उठा पाते हैं तो ऐसे लैब की तरफ से होने वाली मुफ्त जांच पर खर्च की सरकार भरपाई करने के लिए गाइडलाइंस के साथ लेकर आए। इससे पहले, वकील शशांक देव शुद्धि की तरफ से दायर याचिका में यह कहा गया था कि सरकारी अस्पतालों में क्षमता से ज्यादा लोग पहले से ही है, ऐसी स्थिति में प्राइवेट लैब में जाने के लिए लोगों को मजबूर किया गया। इसके बाद कोर्ट ने सभी के लिए प्राइवेट लैब में मुफ्त कोरोना जांचकराने का आदेश दिया था।

    फ़िलहाल देश की गरीब जनता अपना कोरोना टेस्ट कराने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही है। इस बीच खबर आ रही है कि कानून के कई जानकार अदालत के इस फैसले को भी चुनौती देने का मन बना रहे है। उनकी दलील है कि अमीर गरीब के भेद में ना पड़ते हुए देश के सभी नागरिकों के लिए मुफ्त कोरोना टेस्ट का बंदोबस्त करना सरकार का दायित्व है।

  • कटघोरा में 2 और पॉजिटिव मरीज मिले, एक पुरूष एक महिला

    कोरबा । कटघोरा से फिर दो पॉजिटिव रिपोर्ट की खबर आई है। जिसमे ,एक पुरुष, एक महिला शामिल। पहले ही वहाँ 21 लोग कोरोना संक्रमित थे अब संख्या बढ़कर 23 ही गई है।आज स्वास्थ सचिव भी कोरबा जिले में मौजूद थे ।लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा संपेलिंग भी किया जा रहा है।

  • हाई कोर्ट ने तीन दिन के भीतर बिलासपुर में कोरोना टेस्ट सेंटर खोलने कार्रवाई करने को कहा

    हाई कोर्ट ने तीन दिन के भीतर बिलासपुर में कोरोना टेस्ट सेंटर खोलने कार्रवाई करने को कहा

    बिलासपुर। कटघोरा में मिलने वाले कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए कोर्ट ने राज्य शासन को बिलासपुर में टेस्ट सेंटर खोलने के लिए तीन दिन के अंदर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मरकज मामले में जुड़े लोगों की पहचान व् प्रभावितों के उपचार के सम्बन्ध में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी एवं डीजीपी को शपथ पत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रेल को होगी।
    कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने देश भर में लॉक डाउन किया गया है। लॉक डाउन के दौरान आमजनों की समस्या एवं प्रभावितों के उपचार जांच की व्यवस्था को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया है। सभी याचिकाओं में सोमवार को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा एवं जस्टिस गौतम भादुडी की डीबी में सुनवाई हुई। वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने जवाब पेश कर तबलिगी जमात एवं मरकज से जुड़े लोगो की तलाश एवं पहचान किये जाने के सम्बन्ध में जानकारी दी। न्यायमित्र ने कटघोरा में कोरोना वायरस पीड़ितों के मिलने एवं उनके जांच की कोई व्यवस्था नही होने के मुद्दे को कोर्ट के समक्ष रखा। कोर्ट ने कटघोरा की स्थिति को देखते हुए शासन को बिलासपुर में तीन दिन के अंदर आवश्यक कार्रवाई कर बिलासपुर में कोरोना टेस्ट सेंटर खोलने का निर्देश दिया ताकी कोरबा, कटघोरा, जांजगीर, रायगढ़ के मरीजों की जल्दी जांच हो।कोर्ट ने स्वास्थ्य अधिकारी व् डीजीपी को मरकज मामले में शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया है।