Author: Sunil Agrawal

  • राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, ज्यादा देर बिजली कटी तो मिलेगा हर्जाना…. प्रति घंटे 5 रुपये से लेकर 50 रुपये मासिक तक मिलेगी क्षतिपूर्ति…आदेश लागू करने वाला देश का इकलौता राज्य

    राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, ज्यादा देर बिजली कटी तो मिलेगा हर्जाना…. प्रति घंटे 5 रुपये से लेकर 50 रुपये मासिक तक मिलेगी क्षतिपूर्ति…आदेश लागू करने वाला देश का इकलौता राज्य

    विद्युत अधिनियम, 2003 में उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त तथा बिना कटौती के विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी पूर्ति हेतु राज्य विद्युत नियामक आयोग को गुणवत्ता का मापदण्ड निर्धारित करने का दायित्व सौंपा गया है।इसी अनुक्रम में छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2006 में नियम लागू किया गया था लेकिन उसमें कटौती रहित विद्युत प्रदाय के लिए मापदण्ड तथा उसका पालन नहीं होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति का प्रावधान शामिल नहीं था। इसे ध्यान में रखते हुए पुराने नियम के स्थान पर आयोग द्वारा मई 2020 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (विद्युत वितरण निष्पादन हेतु मानक) विनियम, 2020 अधिसूचित किया गया है। नये नियमों के अधीन विद्युत प्रदाय कम्पनियों द्वारा विद्युत आपूर्ति बंद होने की मासिक अधिकतम समयावधि तथा प्रत्येक बार विद्युत प्रदाय बंद होने की अधिकतम समय-सीमा निर्धारित किय गया है। इसके साथ-साथ इन मापदण्डों के उल्लंघन की स्थिति में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली आर्थिक क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान रखा गया है। आयोग द्वारा पहली बार उपरोक्त नियम के अनुसार प्रत्येक विद्युत वितरण लाइसेंसी को गुणवत्तायुक्त विद्युत प्रदाय हेतु निर्धारित सूचकांक का पालन सुनिश्चित करना होगा।
    इन मापदण्डों के अनुसार 10 लाख तथा उससे अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिए अप्रैल से जून की अवधि में किसी भी माह में 10 घंटे से अधिक विद्युत प्रदाय बंद होने की स्थिति में वितरण कम्पनी द्वारा उपभोक्ताओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति देना होगा। इन्हीं माहों में अन्य नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह सीमा 20 घंटे रखा गया है।


    जुलाई से मार्च की अवधि में 10 लाख तथा उससे अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिए किसी भी माह में 6 घंटे, अन्य नगरीय क्षेत्रों में 15 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे से अधिक विद्युत प्रदाय बंद होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को क्षतिपूर्ति देना होगा।
    इसी प्रकार विभिन्न प्रकार के विद्युत सेवाओं के लिए भी गुणवत्ता के मापदण्डों तथा इन मापदण्डों के पालन न होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली आर्थिक क्षतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। विद्युत प्रदाय बंद होने पर उसे चालू करने के लिए षहरी क्षेत्रों में अधिकतम 4 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे की समय-सीमा निर्धारित किया गया है। इसके पालन न होने की स्थिति में वितरण कम्पनी को प्रति घंटा रू.5/- की दर से क्षतिपूर्ति देना होगा। इसी प्रकार लाइन में सामान्य खराबी के लिए क्रमश: 6 घंटे तथा 12 घंटे, ट्रांसफार्मर में खराबी के लिए 24 घंटे तथा 5 दिन, मीटर जलने की स्थिति में नये मीटर लगाने के लिए क्रमश: 8 घंटा एवं 2 दिन एवं इसका पालन न होने पर वितरण कम्पनी को उपभोक्ताओं को रू.50/- प्रति दिन के हिसाब से भुगतान करना होगा। नये घरेलू कनेक्शन के लिए समय-सीमा का पालन न करने की स्थिति में वितरण कम्पनी को उपभोक्ताओं को रू.50/- प्रतिदिन के हिसाब से क्षतिपूर्ति राशि देना होगा।


    उपरोक्त व्यवस्था से विद्युत वितरण कम्पनी के कार्यप्रणाली में सुधार होगा तथा उपभोक्ता के प्रति जबावदेही बढ़ेगी। विद्युत प्रदाय की गुणवत्ता तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के नियम लागू करने वाला छत्तीसगढ़ भारतवर्ष का एकमात्र राज्य है।

  • छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक के कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद थाना को किया गया सील, सभी पुलिस कर्मी थाना के भीतर किये गए क्वारंटाइन….

    छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक के कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद थाना को किया गया सील, सभी पुलिस कर्मी थाना के भीतर किये गए क्वारंटाइन….

    मुंगेली। मुंगेली जिला में एक पुलिस आरक्षक के कोरोना संक्रमित होने के बाद अब पूरे थाना को सील कर क्वारंटाइन सेंटर बना दिया गया है. वहीं थाना में कार्यरत तमाम पुलिस कर्मियों को थाना के भीतर ही क्वारंटीन कर दिया गया है।

    बताया जा रहा है कि जिले के फास्टरपुर थाना में पदस्थ एक आरक्षक के संक्रमित पाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जिसके बाद थाना को ही क्वारंटाइन सेंटर बना दिया गया और तमाम स्टाफ को उसके अंदर क्वारंटाइन कर दिया गया. इसके साथ ही सभी 37 पुलिस कर्मियों का सेंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।
    उधर इस मामले में एडिश्नल एसपी कमलेश्वर चंदेल का कहना है कि पुलिस कर्मी के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद बड़े पैमाने पर पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारियों का सैम्पल जांच के लिए भेजा गया है. इसके अलावा ड्यूटी में तैनात पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सुरक्षा के संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था के साथ ही सोशल डिस्टेंसिग के साथ काम करने निर्देशित किया गया है।

    आपको बता दें मुंगली जिले में कोरोना संक्रमित 86 मरीजों की अब तक पहचान हुई है. जिसमें कि 39 मरीज कोविड हास्पिटल से डिस्चार्ज हो कर अपने घर जा चुके हैं. फिलहाल जिले में अभी एक्टिव मामलों की संख्या 47 है।

  • छत्तीसगढ़ में फेक वीडियो और खबरों से सावधान रहने की अपील, कोविड-19 पीड़ित हर व्यक्ति का निःशुल्क इलाज….. 

    छत्तीसगढ़ में फेक वीडियो और खबरों से सावधान रहने की अपील, कोविड-19 पीड़ित हर व्यक्ति का निःशुल्क इलाज….. 

    रायपुर। सोशल मीडिया में इन दिनों रायपुर के देवेन्द्र नगर का बताकर वायरल किया जा रहा स्वास्थ्य कर्मी युवती का वीडियो फेक है। यह वीडियो छत्तीसगढ़ का नहीं है। विभिन्न सोशल मीडिया में वायरल इस फेक वीडियो में एक युवती स्वयं को कोविड-19 पीड़ित बताती हुई मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इस तरह के फेक वीडियो और समाचारों से सावधान रहने की अपील की है। इस तरह के वीडियो और खबरों से भ्रम, डर और आपाधापी की स्थिति निर्मित होती है।

    प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा रहे हर व्यक्ति का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। इसके संभावित मरीजों के सैंपल संकलित कर तत्काल जांच के लिए भेजा जा रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा प्रदेश में कोविड-19 पीड़ितों और उनके परिवार को प्राथमिकता से चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ ही उन्हें हर तरह का सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

  • एफआईआर के चौबीस घण्टे बाद ही,आईएएस पाठक हुए निलंबित…

    एफआईआर के चौबीस घण्टे बाद ही,आईएएस पाठक हुए निलंबित…

    जांजगीर। जांजगीर के पूर्व कलेक्टर जेपी पाठक को एफआईआर दर्ज होने के बाद निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए,प्रमुख सचिव को उच्चस्तरीय जांच कराने के आदेश भी दे दिए हैं।
    बता दें की कल ही एक महिला ने पूर्व कलेक्टर पाठक के ख़िलाफ़ रेप का मुक़दमा जांजगीर सिटी कोतवाली में दर्ज करवाया था। मामले के चौबीस घण्टे के भीतर ही राज्य सरकार ने एक्शन लेते हुए,पाठक को निलंबित कर दिया है।

    कल ही इस प्रकरण में महिला ने एसपी पारूल माथुर से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत की थी। महिला का आरोप था कि कलेक्टर ने 15 मई को उसके साथ चैबर में ही रेप किया था।

    इस मामले में महिला ने ये आरोप भी लगाया था कि जब वो कलेक्टर से पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, तो उसके शिक्षाकर्मी पति को बर्खास्त करने की धमकी दी गयी।

  • छत्तीसगढ़ में कलेक्टर द्वारा रेप की दूसरी घटना पाठक से पहले एमआर सारथी को रेप केस में हुई थी जेल….

    छत्तीसगढ़ में कलेक्टर द्वारा रेप की दूसरी घटना पाठक से पहले एमआर सारथी को रेप केस में हुई थी जेल….

    जशपुर कलेक्टर एमआर सारथी को रेप के मामले में 7 बरस की सजा हुई थी,जेल में ही उनकी मौत हो गई।

    बिलासपुर के एडिशनल कलेक्टर विनोद का काटेला पर भी नौकरानी ने लगाया था रेप का आरोप


    रायपुर। ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी आज एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जांजगीर के पूर्व कलेक्टर जनक राम पाठक पर एक एनजीओ संचालिका ने अपने चेंबर में रेप करने का आरोप लगाया है। पाठक को हफ्ते भर पहले 27 मई को सरकार ने कलेक्टर से हटाकर राजधानी बुला लिया था। एनजीओ संचालिका पूर्व जनपद सदस्य रह चुकी है, उनका पति शिक्षाकर्मी है। एनजीओ के काम के सिलसिले में जांजगीर कलेक्टर से अक्सर उनकी मुलाकात होती थी, इस दौरान कलेक्टर से उसके ताल्लुकात बढ़ते गए।

    महिला का आरोप है कि कलेक्टर ने एनजीओ का काम दिलाने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया, उसके पति को भी ट्रांसफर कर जांजगीर में पोस्टिंग देने का आश्वासन दिया था। महिला का आरोप है कि कलेक्टर ने धोखा दिया न ही एनजीओ का काम दिलाया और ना ही उसके पति की पोस्टिंग कराई, ऊपर से उसे वे प्रताड़ित करने लगे। महिला ने पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर के पास पहुंचकर अपनी फरियाद की। आईएएस पर रेप के आरोप से ब्यूरोक्रेसी स्तब्ध हो गई। कलेक्टर न केवल जिले का मुखिया होता है, बल्कि जिला दंडाधिकारी भी होता है। ब्यूरोक्रेट्स भी मानते हैं कि यह एक शर्मनाक घटना है इसकी जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए। उधर एसपी ने उच्च अधिकारियों से परामर्श लेकर जांच के निर्देश दिए हैं।

    छत्तीसगढ़ में कलेक्टर पर रेप का यह दूसरा मामला है, जसपुर के तत्कालीन कलेक्टर एमआर सारथी पर 2002 में वहां की आदिवासी होस्टल की अधीक्षिका ने रेप का आरोप लगाया था। तब छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की सरकार थी, सरकार ने इस घटना की जांच के लिए उस समय के डीआईजी डब्ल्यू एम अंसारी को जसपुर भेजा था। अंसारी ने 1 हफ्ते कैंप कर जांच की और अपनी रिपोर्ट में रेप की घटना को सही ठहराते हुए सारथी को दोषी ठहराया था। लेकिन सरकार को यह रिपोर्ट नागवार गुजरी किन्हीं कारणों से सरकार सारथी को बचाना चाहती थी। आईएएस लॉबी भी उस समय काफी स्ट्रांग थी। सरकार और आईएएस लॉबी के चलते सारथी पर निलंबन की भी कार्यवाही नहीं हुई, जबकि आदिवासी महिला न्याय की गुहार लगाती रही। सारथी के खिलाफ कड़ाई से जांच करने की कीमत डीआईजी अंसारी को चुकानी पड़ी, सरकार उन्हें उस नए जिले में दंतेवाड़ा का डीआईजी बनाकर भेज दिया जहां डीआईजी की कोई पोस्ट ही नहीं थी। उधर सारथी के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चला जसपुर की निचली अदालत ने दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा सुनाई थी। सारथी ने इसे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन दोनों अदालतों ने निचली अदालत की सजा बरकरार रखी। आखिरकार सारथी को रायपुर जेल जाना पड़ा जेल के दौरान ही बीमारी से उनकी मौत हो गई।

    इससे पहले अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान 1998 में बिलासपुर के अपर कलेक्टर विनोद काटेला पर उनकी नौकरानी ने रेप करने का आरोप लगाया था नौकरानी ने पुलिस में शिकायत की थी आईएएस ने शादी का झांसा देकर डेढ़ साल में अनेक बार दैहिक संबंध कायम किया। काटेला का बाद में जबलपुर ट्रांसफर हो गया था।

  • घर लौट रहे मजदूरों की सहायता के लिए आगे आए खरसिया नगर के हेल्पिंग हैंड्स,एनर्जी किट,भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा के अलावा दे रहे नंगे पाव को चरण-पादुका भीएनर्जी किट,भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा के अलावा दे रहे नंगे पाव को चरण-पादुका भी

    घर लौट रहे मजदूरों की सहायता के लिए आगे आए खरसिया नगर के हेल्पिंग हैंड्स,एनर्जी किट,भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा के अलावा दे रहे नंगे पाव को चरण-पादुका भीएनर्जी किट,भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा के अलावा दे रहे नंगे पाव को चरण-पादुका भी

    खरसिया। लंबे लॉकडाउन के कारण घर लौट रहे मजदूरों की सहायता के लिए यूं तो शासन प्रशासन और समाजसेवियों द्वारा पर्याप्त मदद की जा रही हैं। वहीं नगर के उत्साही युवाओं के द्वारा भी प्रवासी राहगीरों के लिए चोढ़ा चौक में विशाल सहायता कैंप लगाकर अपने घरों की ओर लौट रहे श्रमवीरों की हर जरूरतों को पूरा किया जा रहा है।


    ग्राम चौढ़ा के हाईवे पर लगाए गए इस विशाल कैंप में थकान से परेशान श्रमवीरों के लिए तत्काल एनर्जी देने वाले ग्लूकोज पाउडर बिस्किट पैकेट के अलावा उनकी सुरक्षा का ख्याल रखते हुए सैनिटाइजर मास्क एवं चरण पादुका प्रदान भी दी जा रही हैं। वहीं चिकित्सा संबंधित सुविधाएं भी मुहैया करवाई जा रही हैं। युवाओं की हौसला अफजाई के लिए एसडीओपी पीताम्बर पटेल सोमवार को सहायता कैंम्प पहुंचे एवम् सभी प्रकार की सावधानी को ध्यान में रखते हुए कार्य करने की कहा। गो सेवा में सदैव अग्रणी रहने वाले राकेश केसरवानी ने बताया कि यह कैंम्प तब तक संचालित किया जाएगा जब तक मजदूर आते रहेंगे।

    वहीं इस टीम के सक्रिय युवा अंकित अग्रवाल ने बताया कि सावधानी का पूरा ख्याल रखते हुए हर जरूरतमंदो की मदद कि जाएगी साथ ही साथ कोई भूखा ना रहे यही हमारा लक्ष्य है। युवाओं के इस कार्य की नगर भर में सराहना की जा रही है और लोग मुक्तकंठ से युवाओं के जज्बे को सलाम कर रहे है कि इस भरी गर्मी में जहां लोग अपने आवष्यक कार्यों के लिये घर से निकलना नही चाह रहे है वहीं ये युवा श्रमवीरों की सहायता के लिये तपती दुपहरी में भी मुस्तैदी से खड़े है।

  • चौपाटी क्षेत्र की फल दुकानों, ठेलो में लगी आग…फायर ब्रिगेड़ औऱ स्थानीय लोगों की मदद से आग पर पाया गया काबू

    चौपाटी क्षेत्र की फल दुकानों, ठेलो में लगी आग…फायर ब्रिगेड़ औऱ स्थानीय लोगों की मदद से आग पर पाया गया काबू


    खरसिया। सोमवार रात लगभग साढ़े आठ बजे स्टेशन चौक के पुराना एक्सचेंज के पास चौपाटी के नाम से प्रसिद्ध जगह पर लगने वाले फल, दाबेली आदि के ठेले व गुमटियों से अचानक, बड़े भयानक आग की ऊंची लपटे उठती देख शहर के लोग घटना स्थल की ओर दौड़े कुछ लोगो ने नगरपालिका को फोन कर नगरपालिका प्रशासन को इस घटना की जानकारी दी और फायर ब्रिगेड को बुलाया, सूचना मिलते ही नगर पालिका और पावर प्लान्टों की फायर ब्रिगेड तत्काल घटना स्थल पर पहुँची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया, आग लगने की बजह,वैसे तो साफ नही हो सकी है,लेकिन कुछ लोगो का मानना है,कि किसी के द्वारा जलती बीड़ी सिगरेट फेकने की वजह को इस अग्नि कांड का कारण बताया जा रहा है।

    अचानक हुए इस अग्निकांड की घटना में वहाँ लगने वाले गरीब लोगों की झोपडी नुमा फल की दुकाने जल कर राख हो गयी वही कुछ हाथ ठेले भी जलकर राख हो गए,बताया जाता है,की इनमें से एक चाइनीज फूड के एक ठेले में छोटा गैस सिलेंडर रखा था वह भी भीषण आग में लीक हो गया था,लेकिन स्थानीय लोगो की और नगरपालिका प्रशासन की सतर्कता एवं जागरूकता के चलते किसी तरह की जन हानि या कोई बड़ा नुकसान नही हुआ।


    कोई नहीं पहुंचे रिपोर्ट दर्ज कराने
    कहने को तो उक्त घटना में कई ठेले तथा गुमटिनुमा दुकानों में रखा सामान स्वाहा हो गया और नगर के बीचो बीच हुये इस दुर्घटना में कोई जन हानि नही हुई लेकिन सोचनेवाली बात यह है कि इस भीषण आगजनी की रिपोर्ट दर्ज कराने एक भी व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचने की जहमत नही उठायी, कोई प्रार्थिया न होने की वजह से समाचार लिखे जाने तक पुलिस के द्वारा कोई मामला दर्ज नही किया जा सका था।

  • बलात्कार पीड़ित नाबालिग और उसके परिवार के अपहरण मामले में फरार, पूर्व ओएसडी ओपी गुप्ता की पत्नी जवीता मंडावी गिरफ्तार….

    बलात्कार पीड़ित नाबालिग और उसके परिवार के अपहरण मामले में फरार, पूर्व ओएसडी ओपी गुप्ता की पत्नी जवीता मंडावी गिरफ्तार….

    राजनांदगांव। दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के अपहरण मामले में पुलिस ने पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह के पूर्व ओएसडी ओपी गुप्ता की फरार पत्नी जवीता मंडावी को गिरफ्तार कर लिया है. न्यायालय ने आरोपिया को ज्यूडिशियल रिमांड में जेल भेज दिया है।

    ये है मामला

    पुलिस के मुताबिक नाबालिग पीड़िता का उसके माता-पिता और भाई के लापता हो जाने की रिपोर्ट उसके बड़े पिता ने मोहला थाना में दर्ज कराई थी. जांच में पीड़िता से बलात्कार के आरोपी ओपी गुप्ता के कहने पर अपहरण किये जाने का खुलासा हुआ था. मामले में पुलिस को पीड़िता और उसके परिवार के उड़ीसा में होने की जानकारी मिली. जिसके बाद पुलिस ने उड़ीसा में आरोपियों के अड्डे में दबिश देकर पीड़िता और उसके परिवार को बरामद कर लिया. मामले में पुलिस ने आरोपी श्रीराम चौधरी, राजेश शर्मा, सुमीत शर्मा, शत्रुघन सपहा, शिवरतन गुप्ता को गिरफ्तार किया था. जिन्हें न्यायालय ने रिमांड में जेल भेज दिया था. वहीं गिरफ्तारी के डर से बलात्कार के आरोपी ओपी गुप्ता की पत्नी जवीता मंडावी फरार हो गई थी. जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

  • शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाकर किया शारीरिक शोषण

    शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाकर किया शारीरिक शोषण

    शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की को युवक घर से भगा ले गया और शारीरिक शोषण किया. लड़की के बयान पर पुलिस ने धारा 363,366, 376, पास्को 04,3 (2-5) एसटी एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज आरोपी को गिरफ्तार कर कर जेल भेज दिया है।

    मामला वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत बलंगी चौकी का है, जहां एक नाबालिग लड़की अपने घर से अचानक गायब हो गई. परेशान परिजनों ने इसकी सूचना बलंगी चौकी में दी. शंका के आधार पर गांव के ही 21 वर्षीय युवक मनीष रजक से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि लड़की को उसने ग्राम सरना में करीबी के घर छुपाकर रखा है।

    पुलिस ने ग्राम सरना पहुंचकर लड़की को बरामद कर पूछताछ की, जिसमें लड़की ने बताया कि युवक उसे शादी करने की बात कह कर काफी समय से शारीरिक शोषण कर रहा है, और आज शादी का वादा कर घर से भगा कर लाया है. लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

  • बालोद, बिलासपुर और कोरबा बने रेड जोन, आरेंज जोन में आया सीएम का विधानसभा क्षेत्र

    बालोद, बिलासपुर और कोरबा बने रेड जोन, आरेंज जोन में आया सीएम का विधानसभा क्षेत्र

    रायपुर। लॉकडाउन 4 में केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को रेड और आरेंज जोन की सूची जारी की है।

    रेड जोन में बालोद, बिलासपुर और कोरबा के क्षेत्रों को शामिल किया गया है, तो वहीं आरेंज जोन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन सहित अन्य जिलों के क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने स्पष्ट किया है कि सूची 22 मई की स्थिति को देखते हुए जारी किया गया है. यह स्थिति गतिमान है, जिसे प्रत्येक सोमवार को अपडेट किया जाएगा, विभागीय सूची के अनुसार, रेड जोन में बालौद का डौंडीलोहारा, बिलासपुर का तखतपुर व मस्तूरी और कोरबा का कोरबा शहर शामिल है. इसके अलावा दुर्ग जिले में पाटन और निकुम, राजनांदगांव में मोहला, घुमका, छुरिया, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, सरगुजा में मैनपाट, अंबिकापुर, बलौती, लखनपुर, लुन्ड्रा, उदयपुर, सीतापुर को शामिल किया गया है. इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के भी कोरोना संक्रमण के हिसाब से आरेंज जोन में रखा गया है. सूची में ग्रीन जोन को स्थान नहीं दिया गया है.