मुंडा। अंडर गारमेंट चड्डी बनियान धोने से मना करने वाले धोबी के पद पर कार्यरत सिपाही रामायण निर्मलकर को पुलिस अधिकारी के द्वारा प्रताड़ित किए जाने की धोबी समाज ने कड़े शब्दों में निंदा की है। समाज की बैठक सोशल मीडिया में हुई जिसमें विभिन्न सदस्यों ने उक्त अधिकारी के खिलाफ रोष व्यक्त किया जिन्होंने चड्डी बनियान नहीं धोने वाले धोबी के पद पर कार्यरत सिपाही रामचरण निर्मलकर को कारण बताओ नोटिस और बीजापुर तबादला कर दिया। सोशल मीडिया में समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार कनौजिया मुंबई ने प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर को जांच समिति गठित कर उक्त घटनाक्रम की जांच करने के लिए निर्देशित किया और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने आवाज बुलंद करने के लिए कहा जिस पर प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने पुलिस महानिदेशक दुर्गेश माधव अवस्थी से व्हाट्सएप में सूचना भेजकर कार्यवाही की मांग की है। डीजीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने कहा है की रामचरण निर्मलकर का तबादला निरस्त कर ससम्मान वापस नहीं लाया गया तो समाज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा और बूढ़ा तालाब से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक ध्यान आकर्षित करने के लिए पैदल मार्च भी कर सकते है क्योंकि उक्त अधिकारी के इस कृत्य से समाज के सम्मान को ठेस पहुंचा है। आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक भागबली निर्मलकर बिलासपुर के जिला अध्यक्ष राजेश रजक प्रादेशिक प्रवक्ता गंगा निर्मलकर रवि रजक बलौदाबजार जिला के अध्यक्ष कमलेश रजक छवि बरेट सत्यनारायण निर्मलकर युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल रजक राजेंद्र निर्मलकर प्रभात सोनक्षत्र नरेन्द्र दिवाकर अंबे बघमार अमन निर्मलकर, गंगा निर्मलकर कुंभ निर्मलकर नीरज निर्मलकर राजेश निर्मलकर दुखुराम बरेठ मधुर निर्मलकर मजदूर नेता गिरधारी बरेठ पीसी निर्मलकर धरमलाल निर्मलकर विकास निर्मलकर राजू नागे सहित समाज के लोगों ने कहा है की इस प्रकरण में ठोस निर्णय नहीं लिया गया और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो उग्र आंदोलन भी किया जा सकता है।
Author: Sunil Agrawal
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मंत्री, सांसद, विधायक और सरकारी अफसरों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी होने पर अब होगी कानूनी कार्यवाही…

पटना। सोशल मीडिया यानी फेसबुक टि्वटर व्हाट्सएप टेलीग्राम पर बिहार सरकार के किसी मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसरों के खिलाफ आपत्तिजनक या अभद्र टिप्पणी करने पर अब होगी कानूनी कार्यवाही. इतना ही नहीं झूठ या भ्रम फैलाने वाले पोस्ट करने वाले लोगों पर समूह और संस्था की कार्यवाही की जांच दायरे में आएगी. आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू ने बिहार सरकार के सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को पत्र लिखकर ऐसे किसी पोस्ट की शिकायत करने को कहा है. सोशल मीडिया पर गलत तरीके से सरकार या सरकार से जुड़े किसी भी व्यक्ति या कर्मचारी के खिलाफ अगर किसी ने गलत टिपण्णी की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार सरकार की ओर से जारी नए फरमान के मुताबिक प्रतिष्ठा हनन या छवि धूमिल करने के आरोप में ऐसा करने वाले लोगों के विरूद्ध आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और जांच की जाएगी. साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए राज्य में ईओयू को नोडल एजेंसी बनाया गया है. साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की जांच में वह स्थानीय पुलिस को भी सहयोग देती है. चूंकि भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साइबर क्राइम की श्रेणी में आएगा, लिहाजा ईओयू की ओर से यह पत्र लिखा गया है।
सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति या संस्थान के साथ सरकार की प्रतिष्ठा का हनन होता है या किसी की छवि धूमिल होती है, तो इसके लिए ऐसा करने वाले लोग खुद जवाबदेही होंगे और उनके खिलाफ अब कड़ा एक्शन लिया जायेगा. बिहार सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आपत्तिजनक या तथ्यहीन पोस्ट करने पर अब कार्रवाई होगी. माननीयों के साथ किसी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की प्रतिष्ठा का हनन या छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर किए जानेवाले आपत्तिजनक, भ्रामक या अभद्र टिप्पणी की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम अवस्थी की बड़ी कार्रवाई, टीआई को किया सस्पेंड, ASP और SDOP को जारी किया नोटिस….
रायपुर। प्रदेश में अवैध शराब को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त नजर आ रही है। डीजीपी डीएम अवस्थी के निर्देश पर अलग अलग क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं डीजीपी भी अलग अलग थाना क्षेत्र के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई कर रहे है। इसी कड़ी में डीजीपी डीएम अवस्थी ने नवागढ़ टीआई अंबर सिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही एडिशनल एसपी विमल बैस और एसडीओपी राजीव शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल, बेमेतरा जिले के नवागढ़ थानांतर्गत ग्राम जेवरा में गुरुवार को अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गयी थी। जिसके बाद डीजीपी अवस्थी ने जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। डीजीपी अवस्थी ने इसके अतिरिक्त उक्त पूरे मामले की जांच के आदेश आईजी दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा को दिये हैं।डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया कि शराब की अवैध बिक्री, परिवहन एवं तस्करी होने पर सीधे टीआई जिम्मेदार होंगे। जिस इलाके में शराब का अवैध कारोबार होगा वहां के टीआई के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि तीन दिन पहले ही बिलासपुर के पचपेड़ी थाना प्रभारी सुनील तिर्की को शराब की अवैध बिक्री, परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण ना करने पर निलंबन की कार्रवाई की गयी थी।
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SDM और तहसीलदार अचानक लापता, पता बताने वाले को 11 सौ रुपये नकद इनाम देंगे विधायक….
आज दो अधिकारियों की लापता होने की सूचना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पोस्टर में लापता दोनों अधिकारियों के नाम और तस्वीर भी है।
दरअसल, विधायक बृहस्पत सिंह ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट डाली है, जो इस समय खासा चर्चा में आ गई है। विधायक ने अपने पोस्ट में बलरामपुर जिले के एसडीएम अभिषेक गुप्ता और तहसीलदार विवेकानंद चंद्रा को लापता बताया और उन्हें ढूंढने वालों को इनाम देने की घोषणा की।विधायक ने पोस्टर में लिखा है कि एसडीएम अभिषेक गुप्ता और तहसीलदार विवेकानंद चंद्रा आज दिनांक 21 जनवरी 2021 से अपने निवास से लापता हैं. सुबह 9 बजे के बाद इनकी कोई जानकारी न उनके परिजनों को है और न ही उनके अधिनस्थ कर्मचारियों को. दोनों के मोबाइल नंबर भी बंद है. अगर किसी को जानकारी मिले तो वे रामानुजगंज थाना को सूचित करें. सूचना देने वाले को 11 सौ का इनाम दिया जाएगा।
इस मामले को लेकर विधायक बृहस्पत सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारी निष्क्रिय हैं। वे काम ही नहीं करते। वे काम करते हुए नजर नहीं आते। उनके खिलाफ बहुत शिकायतें है। इससे ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।
दूसरी ओर हमने लापता अधिकारियों को भी फोन लगाया। इसमें एक अधिकारी से हमारा संपर्क हो गया। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। जिनसे संपर्क हुआ उन्होंने कहा कि मैं तो अपने कार्यक्षेत्र में हूं। इसकी जानकारी कार्यस्थल पर सभी को है। मैं नहीं जानता कि विधायक महोदय मुझसे क्यों नाराज हैं।सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिले में पदस्थ सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारियों के बीच सिर्फ इन दो अधिकारियों के लापता होने, मोबाइल बंद होने और सूचना देने वाले को इनाम देने की बात कहते हुए विधायक को पोस्टर जारी करना पड़ा. इस बारे में विधायक महोदय भी खुलकर कुछ कह नहीं रहे हैं।
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वॉट्सऐप को अब मोदी सरकार ने क्या चेतावनी दे डाली है?
नरेंद्र मोदी सरकार ने इन दिनों सवालों में घिरी कंपनी वॉट्सऐप से सख्ती से यह बात कही है कि वह अपने प्राइवेसी नियम-कायदों के बारे में फिर से सोचे. यूरोप और भारत के यूजर्स में भेदभाव न करे. इतना ही नहीं, वॉट्सऐप से प्राइवेसी को लेकर लाए गए नए अपडेट को वापस लेने को भी कहा गया है. इसके अलावा भी कई बातों को लेकर वॉट्सऐप को कड़ी चिट्ठी लिखी गई है.
‘भारतीय यूजर्स का सम्मान करें’
मंत्रालय ने वॉट्सऐप के CEO के नाम चिट्ठी में लिखा है कि इस नई पॉलिसी को वापस लिया जाए. नई पॉलिसी के तहत वॉट्सऐप यूजर्स का डाटा फेसबुक की दूसरी कंपनियों के साथ शेयर किया जाएगा. इससे यूजर्स के डाटा और प्राइवेसी को खतरा हो सकता है. वॉट्सऐप ने ग्राहकों को नई पॉलिसी को स्वीकार करने या न करने का विकल्प भी नहीं दिया है. यानी नई पॉलिसी अस्वीकार करने से यूजर वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. वॉट्सऐप यूरोप और बाकी देशों के यूजर्स में भेदभाव कर रहा है. चिट्ठी में ये भी पूछा गया है कि भारत इसके लिए डाटा प्रोटेक्शन कानून बनाने की तैयारी में है तो फिर वॉट्सऐप ऐसी नीति क्यों लेकर आया?
मंत्रालय ने चिट्ठी में वॉट्सऐप से प्रस्तावित बदलावों को वापस लेने और सूचना की गोपनीयता, चयन की आजादी तथा डेटा की सुरक्षा को लेकर अपने नजरिए पर फिर से विचार करने को कहा है. चिट्ठी में कहा गया कि भारतीयों का उचित सम्मान किया जाना चाहिए. वॉट्सऐप की सेवा, गोपनीयता की शर्तों में कोई भी एकतरफा बदलाव सही और मान्य नहीं है.null
रविशंकर प्रसाद बोले- बिजनेस करें, अतिक्रमण नहीं
चिट्ठी लिखे जाने के बाद आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने भी वॉट्सऐप को लेकर सख्त बयान दिया उन्होंने कहा,
चाहे वॉट्सएप हो, फेसबुक हो या कोई दूसरा डिजिटल प्लेटफॉर्म, आप भारत में बिजनेस करने को स्वतंत्र हैं, लेकिन भारतीयों के अधिकारों पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए. सभी को निजी संचार की शुचिता बनाए रखने की जरूरत है. भारत में 1.3 अरब लोगों की आबादी के साथ अरबों का डेटा है और हम अपनी डिजिटल संप्रभुता पर कभी समझौता नहीं करेंगे.
संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को 15 वें भारत डिजिटल शिखर सम्मेलन में आगे कहा कि वॉट्सएप के मुद्दे पर उनका मंत्रालय काम कर रहा है. इस पर निर्णायक प्राधिकारी होने के नाते फिलहाल टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. लेकिन एक बात स्पष्ट तौर पर कहना चाहूंगा कि चाहे कोई भी डिजिटल प्लेटफॉर्म हो, भारतीय नागरिकों की प्राइवेसी से समझौता नहीं किया जा सकता. डाटा को सहमति से हासिल करना चाहिए. इसका इस्तेमाल उसी काम के लिए करना चाहिए, जिसके लिए इसे एकत्र किया गया है. मैं चाहता हूं कि भविष्य में भारत डाटा अर्थव्यवस्था का बड़ा केंद्र बने. जब मैं डाटा अर्थव्यवस्था की बात करता हूं तो मेरा मतलब डाटा प्रोसेसिंग और इनोवेशन से है. दुनिया हमारे डाटा कानून की ओर देख रही है, जिसे हम बहुत जल्द लाने जा रहे हैं.
वॉट्सऐप को टालनी पड़ी नई पॉलिसी
बता दें कि वॉट्सऐप ने अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार करने के लिए यूजर्स को 8 फरवरी तक का समय दिया था. बड़ी संख्या में यूज़र्स इस अपडेट से नाखुश हैं और उन्होंने टेलीग्राम, (Telegram) सिग्नल (Signal) जैसे दूसरे मेसेजिंग प्लेटफॉर्म पर जा रहे है. हालांकि लोगों का कड़ा रिएक्शन देखते हुए कंपनी ने फिलहाल इसे टाल दिया है. बवाल होने के बाद वॉट्सऐप ने कॉलिंग, प्राइवेट मैसेज, लोकेशन और कॉन्टैक्ट जैसी बातों पर सफाई दी थी. वॉट्सऐप ने कहा था कि वह यूज़र्स की प्राइवेसी के लिए प्रतिबद्ध है. ये भी कहा कि कंपनी लोगों के पर्सनल चैट का रिकॉर्ड नहीं रखती है. वह यूज़र की बातों को नहीं सुनता है, क्योंकि ये एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती हैं. यानी दो लोगों के अलावा कोई भी बीच में उनकी चैट को पढ़ या सुन नहीं सकता।
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5 दिनों में बना डाला 1500 कमरों का हॉस्पिटल, कोरोना बढ़ा तो एक बार फिर चीन ने तैयार किया अस्पताल…
कोरोना (Corona) के बढ़ते मामलों को देखते हुए चीन ने एक बार फिर कम समय में एक अस्पताल का निर्माण किया है. चीन ने बीजिंग (Beijing) के दक्षिण में एक शहर में संक्रमण के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए कोविड-19 मरीजों के लिए 1,500 कमरों वाले एक अस्पताल का निर्माण कार्य शनिवार को पांच दिनों में पूरा कर लिया. समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार, यह अस्पताल हेबेई (Hebei) प्रांत के नांगोंग में बनाया गया है।
इस महीने नांगोंग और हेबेई प्रांत की राजधानी शिजियाझुआंग में संक्रमण के कई मामले सामने आए थे. इससे पहले भी चीन कम समय में अस्पताल का निर्माण कर चुका है. सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने अस्पताल का तेजी से निर्माण संबंधी इसी तरह का एक कार्यक्रम पिछले साल उस समय शुरू किया था जब यह महामारी फैली थी और वुहान में एक अलग अस्पताल बनाया गया था।
हेबेई में सामने आए 90 केस
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने देश में कोरोना वायरस के 130 नए मामलों की पुष्टि की है जिनमें से पिछले 24 घंटे में हेबेई में 90 मामले सामने आए है. शिन्हुआ की खबर के अनुसार, नांगोंग और शिजियाझुआंग में 645 मरीजों का इलाज किया गया है।
बता दें कि 2019 में कोरोना का पहला चीन के वुहान शहर में सामने आया था, जिसके बाद चीन में तेजी से मामले बढ़ने लगे थे. जब वायरस ने अन्य देशों को अपनी चपेट में लेना शुरू किया तो चीन ने इस पर काबू पा लिया. दिसंबर 2020 के बाद से चीन के कई क्षेत्रों में एक बार फिर मामले बढ़ने लगे।
कोरोना के नए वैरिएंट का खतरा भी चीन पर मंडरा रहा है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा है कि वायरस का नया स्ट्रेन पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलता है. इस पर काबू पाना काफी मुश्किल है. आयोग ने कहा कि नए स्ट्रेन के लिए विदेशों से आने वाले लोग और आयात होने वाला सामान जिम्मेदार हैं. हालांकि आयोग की तरफ से इन आरोपों के संबंध में किसी तरह के सबूत नहीं पेश किए गए हैं। -

कलेक्टर महोबे एक्शन मोड पर, बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने अधिकारियों को दिया निर्देश….
बालोद। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कहा कि अधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें। आवश्यक कार्य होने पर ही अनुमति पश्चात् मुख्यालय से बाहर जाए। इस संबंध में कोई भी लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। श्री महोबे सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में गरम भोजन प्रदाय की प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित दिव्यांग शिविरों में प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की जानकारी ली और लंबित प्रकरणों के शतप्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने हाथियों के विचरण से प्रभावित ग्रामों में मुआवजा राशि वितरण की जानकारी ली। उन्होंने जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्य और कार्यरत मजदूरों की जानकारी ली। कलेक्टर ने शासन की सुराजी गाॅव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय चयनित उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने समय सीमा के लंबित प्रकरणों का अभियान चलाकर निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री जनचौपाल, मुख्यमंत्री निवास, राज्य सचिवालय, पीजीएन, कमिश्नर कार्यालय आदि से प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा विभागवार की और लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर एके बाजपेयी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर, एसडीएम बालोद आरएस ठाकुर, एसडीएम गुण्डरदेही बीएल अग्रवाल, एसडीएम गुरूर अमित श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थामस, श्रीमती प्रेमलता चंदेल, अभिषेक दीवान, सुब्रत प्रधान सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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अब सांसदो को भी चुकाना होगा पूरा दाम,नहीं मिलेगी 35 रुपये की थाली….
दिल्ली। सांसदों को अब संसद भवन परिसर की कैंटीन में सब्सिडी वाला खाना नहीं मिलेगा. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसकी जानकारी दी है. ओम बिरला ने कहा, ”सांसदों, अन्य को संसद में कैंटीन के भोजन पर दी जाने वाली सब्सिडी रोक दी गई है.”
उन्होंने बताया कि संसद की कैंटीन को अब ITDC (इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) चलाएगा. इससे पहले उत्तरी रेलवे के पास ये जिम्मेदारी थी. कैंटीन में एक थाली की कीमत 35 रुपये थी।पढ़ें पुराना रेट लिस्ट-

ओम बिरला ने कहा, ”29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक होगी, लोकसभा की कार्यवाही शाम चार से रात आठ बजे तक होगी.”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ”29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक होगी, लोकसभा की कार्यवाही शाम चार से रात आठ बजे तक होगी.”
उन्होंने कहा कि संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों से कोविड-19 जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा. सांसदों के आवास के निकट भी उनके आरटी-पीसीआर कोविड-19 परीक्षण किए जाने के प्रबंध किए गए हैं.
बिरला ने कहा कि संसद परिसर में 27-28 जनवरी को आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी, सांसदों के परिवार, कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच के भी प्रबंध किए गए हैं। -

अब हर साल नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाएगा- केंद्र सरकार
दिल्ली। महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती से पहले भारत सरकार ने बड़ा एलान किया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया है। संस्कृति मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि नेताजी की 125वीं जयंती को केंद्र सरकार ने अब और भी ज्यादा भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया है। इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि इसे लेकर गठित उच्च स्तरीय कमेटी की अगुआई खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।
85 सदस्यों वाली इस कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों के साथ पक्ष-विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं और नेताजी के परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया गया है। नेताजी से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत 23 जनवरी को उनकी जयंती से होगी। कार्यक्रमों का आयोजन सालभर किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125वें जयंती समारोहों की शुरुआत 23 जनवरी को कोलकाता के ऐतिहासिक विक्टोरिया मेमोरियल हॉल से करेंगे।
संस्कृति मंत्रालय ने हाल ही में नेताजी की 125वीं जयंती के आयोजन को लेकर उच्च स्तरीय कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी की थी। इसमें राजनेताओं के अलावा लेखक, इतिहासकार सहित आजाद हिंद फौज से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों को भी शामिल किया गया है। इनमें जो प्रमुख नाम हें, उनमें नेताजी सुभाषचंद्र बोस आइएनए ट्रस्ट के अध्यक्ष बिग्रेडियर आरएस चिकारा, इतिहासकार और लेखिका पूरबी राय, भारतीय किक्रेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, संगीतकार एआर रहमान, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, अभिनेत्री काजोल आदि शामिल हैं।
नेताजी के परिवार के सदस्यों में उनकी बेटी अनिता बोस, भतीजे अर्धेंदु बोस, प्रपौत्र चंद कुमार बोस आदि को शामिल किया गया है। नेताजी की यादों से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन कोलकाता, दिल्ली सहित नेताजी और आजाद हिंस फौज से जुड़े देश-विदेश के अन्य स्थलों पर किया जाएगा। नेताजी के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने का केंद्र सरकार का यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले वह आजाद हिंस फौज के 75वें स्थापना दिवस को भी भव्य तरीके से मना चुकी है, जिसमें खुद प्रधानमंत्री शामिल हुए थे। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने नेताजी से जुड़ी गोपनीय फाइलों को भी सार्वजनिक किया था, जिसकी मांग उनके प्रशंसकों और परिजनों की ओर से काफी समय से की जा रही थी। हालांकि बंगाल में इस साल मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिहाज से इसकी अहमियत ज्यादा है, जहां भाजपा पूरा जोर लगाए हुए है।
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कांस्टेबल ने कॉल गर्ल के साथ सेटिंग कर शुरू किया ब्लैकमेलिंग का धंधा… पुलिस चौकी को ही बना लिया था अय्याशी का अड्डा,ग्राहकों से वसूला करते थे हजारों-लाखोें रुपए…
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से पुलिसकर्मियों की ऐसी करतूत सामने आई है, जिसने खाकी को आजीवन कलंकित कर दिया है. पूरा मामला सेहरामऊ उत्तरी थाने के गडवाखेड़ा चौकी का है. यहां तैनात दो कॉन्स्टेबलों ने मिलकर गडवाखेड़ा पुलिस चौकी को ही अय्याशी का अड्डा बना लिया. वितिन मिश्रा और पवन मिश्रा नाम के दो कॉन्स्टेबल नजदीक की ही एक कॉलगर्ल के साथ मिलकर लड़कों को ब्लैकमेल कर वसूली करते थे।
कॉलगर्ल जब लड़कों के साथ संबंध बना रही होती थी तो ये दोनों वहां पहुंचकर फर्जी रेड मार देते थे. जिसके बाद ये दोनों पकड़े गए लड़कों को छोड़ने के लिए मोटी रकम वसूल कर लेते थे. इस पूरे मामले से पर्दा उठने के बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं।इस पूरे जंजाल का खुलासा तब हुआ जब चौकी में तैनात एक अन्य कॉन्स्टेबल ने कॉलगर्ल को अपने भरोसे में लिया और उससे फोन पर मामले से जुड़ी सारी जानकारी इकट्ठा कर ली. कॉन्स्टेबल ने कॉलगर्ल से की गई बात का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया. जो देखते ही देखते वायरल हो गया और मीडिया से लेकर बड़े-बड़े अधिकारियों तक पहुंच गया।
वायरल ऑडिया में सामने आया कि दोनों आरोपी कॉन्स्टेबल भी कॉलगर्ल के साथ समय-समय पर संबंध बनाया करते थे. इतना ही नहीं, ये दोनों लड़की पर लड़कों को फंसाकर लाने का दबाव भी बनाते थे. इस पूरे मामले ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश पुलिस को शर्मसार किया है बल्कि पूरी खाकी को ही कलंकित कर दिया है।
